झारखंड

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Published / 2026-03-06 20:55:56
रांची : सिविल कोर्ट के बाद अब गैलेक्सीया मॉल उड़ाने की धमकी

  • सिविल कोर्ट के बाद अब पासपोर्ट ऑफिस को मिली बम से उड़ाने की धमकी, गैलेक्सिया मॉल में सर्च ऑपरेशन शुरू

टीम एबीएन, रांची। रांची में सुरक्षा एजेंसियां एक बार फिर अलर्ट पर आ गई हैं। रातू रोड स्थित गैलेक्सिया मॉल में बने पासपोर्ट ऑफिस को उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस ने इलाके में जांच तेज कर दी है।

अलर्ट मोड पर पुलिस

जिले के रातू रोड स्थित गैलेक्सिया मॉल में बने पासपोर्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। इस धमकी के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। 

जानकारी के मुताबिक, कुछ दिन पहले रांची सिविल कोर्ट को भी इसी तरह की धमकी मिली थी। अब पासपोर्ट ऑफिस को मिली धमकी के बाद पुलिस और भी ज्यादा सतर्क हो गई है।

पुलिस ने लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील

कोतवाली डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम और बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) मौके पर पहुंचकर जांच कर रहा है। पुलिस की टीम पासपोर्ट ऑफिस के हर हिस्से की बारीकी से तलाशी ले रही है। इसके साथ ही मॉल और आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही कहा है कि अगर किसी को कोई संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखाई दे तो तुरंत पुलिस को इसकी सूचना दें। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

Published / 2026-03-06 20:48:09
फाल्गुन रंग पंचमी उत्सव 8 को, रंग, आनंद और भक्ति का पावन पर्व

  • फाल्गुन रंग पंचमी उत्सव 8 मार्च को, रंग, आनंद और भक्ति का पावन पर्व
  • रंग पंचमी भारतीय संस्कृति की रंगीन परंपराओं और आध्यात्मिक भावनाओं का है सुंदर प्रतीक: संजय सर्राफ

टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट एवं विश्व हिंदू परिषद झारखंड सेवा विभाग के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में फाल्गुन मास का विशेष महत्व माना जाता है। 

इसी पावन मास में होली के उत्सवों की श्रृंखला के अंतर्गत रंग पंचमी का पर्व बड़े हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष रंग पंचमी का पर्व 8 मार्च दिन रविवार को मनाया जाएगा। यह पर्व होली के पाँचवें दिन आता है और इसे विशेष रूप से रंगों के उत्सव के रूप में जाना जाता है।रंग पंचमी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व अत्यंत गहरा है। 

मान्यता है कि होलिका दहन और धूलंडी के बाद इस दिन वातावरण पूरी तरह से शुद्ध और पवित्र हो जाता है। इसलिए रंग पंचमी के दिन रंग-गुलाल के माध्यम से आनंद और उल्लास का उत्सव मनाया जाता है। कई धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन देवी-देवता भी पृथ्वी पर आकर रंगोत्सव में सम्मिलित होते हैं और भक्तों को आशीर्वाद प्रदान करते हैं।

भारत के कई क्षेत्रों विशेषकर मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और ब्रज क्षेत्र में रंग पंचमी का विशेष उत्साह देखने को मिलता है। मंदिरों में भगवान के साथ रंग-गुलाल की होली खेली जाती है, भजन-कीर्तन होते हैं और भक्तजन आपस में रंग लगाकर प्रेम और सौहार्द का संदेश देते हैं। कई स्थानों पर शोभायात्रा, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामूहिक उत्सव भी आयोजित किए जाते हैं।

रंग पंचमी का संबंध आध्यात्मिक और सामाजिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह पर्व समाज में आपसी प्रेम, भाईचारा और सद्भाव को बढ़ावा देता है। रंगों के माध्यम से लोग अपने मन के सभी भेदभाव और कटुता को समाप्त कर एक-दूसरे को गले लगाते हैं। इस दिन लोग एक-दूसरे को रंग लगाकर शुभकामनाएं देते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

इस पर्व की एक विशेषता यह भी है कि यह केवल रंग खेलने का उत्सव नहीं बल्कि सकारात्मक ऊर्जा और उल्लास का प्रतीक है। रंग जीवन में उत्साह, उमंग और नई ऊर्जा का संदेश देते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार रंग पंचमी के दिन गुलाल उड़ाने से वातावरण में सकारात्मकता फैलती है और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव समाप्त होता है।

इसके अलावा रंग पंचमी का उद्देश्य समाज में प्रेम, सद्भाव और एकता की भावना को मजबूत करना भी है। आधुनिक समय में जब जीवन की व्यस्तता और तनाव बढ़ रहे हैं, ऐसे में यह पर्व लोगों को आपसी मेल-मिलाप और खुशियों को साझा करने का अवसर प्रदान करता है। इस प्रकार फाल्गुन मास में मनाया जाने वाला रंग पंचमी उत्सव भारतीय संस्कृति की रंगीन परंपराओं और आध्यात्मिक भावनाओं का सुंदर प्रतीक है। 

यह पर्व हमें प्रेम, आनंद और भाईचारे के रंगों से जीवन को सजाने की प्रेरणा देता है। रंग पंचमी के अवसर पर सभी लोग मिलकर समाज में सद्भाव, खुशी और सकारात्मकता का संदेश फैलाते हैं, जिससे यह पर्व केवल उत्सव ही नहीं बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समृद्धि का भी प्रतीक बन जाता है।

Published / 2026-03-05 22:56:14
नेमरा गांव में सीएम ने किया बाहा पर्व

CM हेमंत ने नेमरा गांव में बाहा पूजा का किया निरीक्षण

तालाब और विकास कार्यों की ली जानकारी

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पैतृक गांव नेमरा (गोला प्रखंड, रामगढ़ जिले) में बाहा पूजा के अवसर पर विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों के साथ तालाब का दौरा किया और जल संरक्षण व सफाई से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की।

तालाबों का संरक्षण जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों का संरक्षण ग्रामीण जीवन और पर्यावरण के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को काम में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। इस मौके पर उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अंचल अधिकारी समेत कई विभागीय अधिकारी मौजूद थे। 

तालाब निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री सामुदायिक भवन पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में बाहा पूजा के आयोजन, सुरक्षा, यातायात और अतिथियों के ठहरने की व्यवस्थाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने निर्देश दिए कि पूजा के दौरान ग्रामीणों को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

पूर्व विधायक और अन्य अतिथियों का आगमन

बाहा पूजा में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री एक दिन पहले बुधवार शाम को नेमरा पहुंचे थे। इस दौरान पूर्व विधायक सीता सोरेन भी कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने गांव पहुंचीं। मुख्यमंत्री की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। 

गांव में पुलिस बल तैनात किया गया है और सामुदायिक भवन में अतिथियों के बैठने की व्यवस्था की गई है। ट्रैफिक व्यवस्था बीएसएनएल टावर के पास नियंत्रित की जा रही है ताकि आवागमन सुचारू रहे।

गांव में उत्साह का माहौल

बाहा पूजा के अवसर पर नेमरा गांव में उत्साह और खुशी का माहौल है। प्रशासनिक तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं के बीच पारंपरिक समारोह को शांतिपूर्ण और भव्य बनाने के लिए सभी कदम उठाए जा रहे हैं।

Published / 2026-03-05 18:29:05
राजनीतिक दबाव में राज्यसभा जा रहे हैं नीतीश कुमार : डॉ इरफान अंसारी

  • इतिहास उसी का सम्मान करता है जो दबाव में नहीं, बल्कि अपने विवेक से निर्णय लेता है: डॉ इरफान अंसारी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर अपने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को छोड़कर राज्यसभा जाने का कदम कहीं न कहीं हमें आत्मघाती राजनीतिक फैसला प्रतीत हो रहा है।

डॉक्टर अंसारी ने कहा कि हम समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसी क्या परिस्थिति उत्पन्न हुई कि आपको यह निर्णय लेना पड़ा।क्या आप पर किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव है? क्या आपको किसी प्रकार से मजबूर किया जा रहा है? यदि ऐसा है तो यह न केवल आपके लिए, बल्कि लोकतंत्र की भावना के लिए भी गंभीर विषय है।

Published / 2026-03-05 18:23:24
कई कमियों से जूझ रहा है रिम्स का क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में फैकल्टी

  • रिम्स का क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में फैकल्टी की गंभीर कमी
  • मरीजों को बेहतर इलाज की उम्मीद पर पानी

टीम एबीएन, रांची। रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) परिसर में झारखंड की बड़ी आबादी को गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित क्षेत्रीय नेत्र संस्थान आज प्रबंधन की अदूरदर्शिता का शिकार बनता नजर आ रहा है।

11 साल बाद पूरा हुआ भवन, लेकिन डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा संस्थान
2014 में भवन निर्माण शुरू हुआ था, जो देरी के कारण 2025 में पूरा हुआ। जनवरी 2026 से नेत्र रोग विभाग मुख्य भवन से शिफ्ट होकर इस आधुनिक भवन में संचालित हो रहा है। निर्माण में लगभग 85 करोड़ रुपये की लागत आई, जबकि अन्य खर्चों को मिलाकर कुल राशि 100 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।

जनता की गाढ़ी कमाई से बने इस भवन में अब आंखों से जुड़ी कई एडवांस सुविधाएं उपलब्ध हैं, जैसे कॉर्निया ट्रांसप्लांट, रेटिना सर्जरी, ग्लूकोमा (काला मोतियाबिंद) का इलाज आदि। संस्थान के प्रमुख प्रो डॉ सुनील कुमार के अनुसार, यहां रोजाना ओपीडी में 200 से अधिक नेत्र रोगी पहुंच रहे हैं, और मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।

आवश्यकता के मुकाबले सिर्फ तीन सीनियर डॉक्टर

क्षेत्रीय नेत्र संस्थान को एक उच्च स्तरीय संस्थान के रूप में विकसित करने का लक्ष्य था, लेकिन फैकल्टी की कमी ने इसे प्रभावित किया है।

डॉ सुनील कुमार ने बताया कि जिस क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में कम से कम 04 प्रोफेसर होने चाहिए थे, वहां सिर्फ एक प्रोफेसर के बल पर पूरा संस्थान चल रहा है, इसी तरह 06 एडिशनल प्रोफेसर की जगह क्षेत्रीय नेत्र संस्थान ने 01 एडिशनल प्रोफेसर और 08 एसोसिएट प्रोफेसर की जगह भी मात्र 01 एसोसिएट प्रोफेसर हैं। कुल मिलाकर कहें तो क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में आने वाले नेत्र रोग के मरीजों को बेहतरीन इलाज के लिए जहां कुल मिलाकर 18 प्रोफेसर, एडिशनल प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर होने चाहिए थे, वहां इनकी कुल संख्या सिर्फ तीन है।

इसी तरह किसी भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को 24*7 चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सीनियर रेजिडेंट भी RIO में जरूरत से काफी कम है। रिम्स के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में कम से कम 10 सीनियर रेजिडेंट होने चाहिए लेकिन वर्तमान में किसी तरह 04 सीनियर रेजिडेंट के भरोसे काम चलाया जा रहा है। कुल मिलाकर, जहां 18 प्रोफेसर/एडिशनल/एसोसिएट प्रोफेसर होने चाहिए थे, वहां मात्र 3 हैं।

Published / 2026-03-05 13:11:45
परिवार सन नेमरा पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन

टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री बुधवार देर रात अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी कल्पना सोरेन, उनकी मां रूपी सोरेन और परिवार के दूसरे सदस्य भी थे. जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। 

सीएम के आगमन से पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया. हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव में समाज के लोगों के साथ बाहा त्योहार में हिस्सा लेने आए हैं। हर साल, होली के दिन या उसके बाद, मुख्यमंत्री गांव वालों से मिलने और जाहेर स्थान पर होने वाली बाहा पूजा में हिस्सा लेने अपने पैतृक गांव आते हैं। 

इस साल भी वे आदिवासी समाज के साथ बाहा पर्व मनाने और पारंपरिक पूजा-अर्चना में भाग लेने आए हैं। गुरुवार को वे विधि-विधान के साथ गांववालों के साथ वह बाहा पूजा करेंगे। पूजा संपन्न कराने का दायित्व पाहन निभाएंगे। ग्रामीणों ने जाहेर स्थान की साफ-सफाई की है, जहां बाहा पर्व में मुख्यमंत्री के साथ ग्रामीण पूजा में धूमधाम से शामिल होंगे।

16 फरवरी को बाहा पूजा के लिए नाइके बाबा का चयन किया गया। चेतन टुडू को सर्वसम्मति से नाइके बाबा चुना गया, जो इस साल की पूजा का संचालन करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किए गए हैं। डीसी फैज अहमद मुमताज और पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने खुद व्यवस्थाओं की निगरानी की।

Published / 2026-03-05 13:07:48
धनबाद : होली के जश्न के दौरान फायरिंग, दो युवकों को लगी गोली

  • धनबाद में होली के रंग में पड़ा भंग, जश्न के दौरान फायरिंग में दो युवकों को लगी गोली

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले के धनसार थाना इलाके के बरमसिया फुटबॉल ग्राउंड में होली के जश्न के दौरान अचानक हुई फायरिंग की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। डीजे बजाने और पैसे को लेकर हुआ विवाद देखते ही देखते फायरिंग में बदल गया। इस घटना में दो युवक घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया है। विष्णु कुमार के पैर में गोली लगी, जबकि पुष्पक के पेट में गोली लगी है।

बरमसिया त्रिमूर्ति सदन के पास रहने वाले घायल विष्णु कुमार ने बताया कि वह ठेकेदार विकास लाला के लिए पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करते थे। गोधरा में एक अस्पताल निर्माण के दौरान उस पर करीब 2.5 लाख रुपये बकाया थे। इसी पैसे की मांग को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद विकास लाला और उसके साथियों ने फायरिंग कर दी। विष्णु के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दोस्त पुष्पक मिश्रा के पेट में गोली लगी है।

घायल पुष्पक मिश्रा ने बताया कि होली के जश्न के लिए लोग फुटबॉल ग्राउंड में जमा हुए थे। इसी दौरान मारपीट और फायरिंग हुई। उसने आरोप लगाया कि विकास लाला ने गोली चलाई। पुष्पक ने बताया कि वह अपने दादा के घर बरमसिया शनि मंदिर में उनकी तेरहवीं में शामिल होने आया था। वह दिल्ली में पढ़ाई करता है।

धनसार थाना प्रभारी मनोहर करमाली ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद गोली चली। दो लोगों को गोली लगी है और उनका एसएनएमएमसीएच में इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि एक पक्ष पैसे के बकाया का मामला बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष जमीन की खरीद-बिक्री के विवाद को वजह बता रहा है।

Published / 2026-03-05 13:03:47
धनबाद : शहर की नई सरकार को खाली मिलेगा खजाना

धनबाद : शहर की नई सरकार को खाली मिलेगा खजाना, खाते में सिर्फ 337 करोड़

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। नगर निगम के नव निर्वाचित मेयर और पार्षदों का शपथ ग्रहण 18 मार्च को होगा। इसके साथ ही नगर निगम का नया बोर्ड अस्तित्व में आ जाएगा। नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक भी शपथ ग्रहण के एक हफ्ते के अंदर बुलाई जाएगी। शहर की नई सरकार को निगम का खजाना खाली मिलेगा। नगर निगम के पास अभी मात्र 337 करोड़ रुपए ही खाते में पड़े हैं। 

इसमें भी कई राशि केंद्र से मिली है, जिसके लिए योजनाएं पहले से ही तय हैं। नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक में गर्मी को देखते हुए पानी की योजनाएं सबसे अधिक आएंगी, लेकिन इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम के पास फंड नहीं होगा।

शहर में सबसे अधिक जरूरी सड़क, नाली है। इसमें मात्र 30 करोड़ रुपए हैं। नगर निगम बोर्ड को फंड के लिए या तो सरकार से गुहार लगानी होगी या फिर डीएमएफटी से मांगनी होगी। डीएमएफटी से फंड लेने के लिए सांसद-विधायक की स्वीकृति होनी जरूरी है।

ऐसे में चुनाव जीतकर पहुंचे निगम के नए जनप्रतिनिधियों को फंड की कमी झेलनी पड़ेगी। अब नगर निगम को मार्च क्लोजिंग के समय सरकार से कुछ फंड मिल सकता है। नए वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल के बाद फंड आने की संभावना है।

आमदनी दो करोड़, खर्चा पांच करोड़ महीने नगर निगम के आंतरिक स्रोत से इतनी कम राशि आती है कि नगर निगम बोर्ड चाहकर भी कोई नई योजना इस राशि से नहीं बना सकता है। नगर निगम को हर माह टैक्स समेत अन्य स्रोतों से महीने में दो करोड़ रुपए आते हैं।

वहीं खर्चा लगभग पांच करोड़ रुपए है। इसमें डोर टू डोर में 2.5 करोड़, वेतन में दो करोड़ और मिसलेनियस के रूप में लगभग 40-50 लाख रुपए का खर्च आता है। निगम अपना खुद का खर्चा भी टैक्स के रूप में नहीं कमा पा रहा है।

किस मद में कितनी पड़ी है राशि

  • सड़क निर्माण : 30 करोड़
  • 15वें वित्त आयोग की राशि : 150 करोड़ (तालाब निर्माण, पार्क निर्माण, बिटुमिनस की बड़ी सड़क)
  • 14वें वित्त आयेाग की राशि : 80 करोड़
  • पीएम आवास योजना : 01 करोड़ शहरी
  • जलापूर्ति योजना : 06 करोड़

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