टीम एबीएन, रांची। वंदे मातरम को 150 सौ वर्ष पूर्ण होने पर सांसद सांस्कृतिक महोत्सव व स्वदेशी मेला- 2026 का तीन दिवसीय आयोजन 1 से 3 मई तक आड्रे हाउस में होने जा रहा है। उक्त बातें रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने शुक्रवार को आड्रे हाउस के सभागार में कही। आज आड्रे हाउस के सभागार में हिंदी विश्व आयोजन के प्रारंभिक प्रवेश में कर्टेन रेजर के तहत दीप प्रज्ज्वलित व गणेश वंदना के साथ सांस्कृतिक आयोजन के संयोजक अजय मलकानी टीम के सदस्य कलाकारो ने सुंदर प्रस्तुति रखी।
वहीं झारखंड रत्न पुरस्कृत विपुल नायक के कलाकारों ने वंदे मातरम की प्रस्तुति से सभी का मन मोह लिया। सांसद सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने बताया कांके रोड स्थित आड्रे हाउस में 1 से 3 मई यानी तीन दिनों तक सासद सांस्कृतिक महोत्सव व स्वदेशी मेला का आयोजन रखा गया है। श्री सेठ ने बताया कि सांसद सांस्कृतिक महोत्सव में मुख्य अतिथि राज्यपाल रहेंगे, वहीं उद्घाटन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन करेंगे।
125 से भी ज्यादा स्टॉल के माध्यम से स्वदेशी उत्पाद, लोक संस्कृति यहां के खानपान में रागी, जवार, बाजरा, मक्का से बने सामग्री सहित यहां के लोक विख्यात कलाकृति को हम देख सकेंगे। उन्होंने बताया कि प्रात: 9 से शाम 6 तक विभिन्न स्कूलों के दस हजार से भी ज्यादा बच्चों की यहां उपस्थित होगी। वहीं सायं 6 से रात्रि 10 बजे तक झारखंड सहित देश भर के विशेष कलाकार सांस्कृतिक आयोजन के माध्यम से खास प्रस्तुति देंगे। श्री सेठ ने कहा कि प्रतिभावान जिन बच्चों को मंच नहीं मिलता है उन्हें भी सांसद महोत्सव के मंच पर अपनी कला की प्रस्तुति का अवसर दिया जायेगा।
पीएम मोदी के सोच आत्मनिर्भर भारत को साकार करने के लिए स्वदेशी वस्त्र, स्वदेशी सामान, स्वदेशी खाद्य पदार्थों सहित स्वदेशी मेला में सांस्कृतिक कलाओं को देखने का समझने का अवसर प्रदान होगा। श्री सेठ ने कहा कि जो हमारे लोकल उत्पादन बन रहे हैं। सांसद सांस्कृतिक महोत्सव के माध्यम से उनको एक मंच दिया जा रहा है। 125 स्टॉल लगाये जायेंगे, जो बिल्कुल नि:शुल्क दिये जायेंगे। पूरे आयोजन में बाहर से भी कई केंद्रीय मंत्री सहित कई विशिष्ट कलाकारों का आगमन होगा जो महोत्सव की शोभा बढ़ायेंगे।
आयोजन की सफलता के लिए अलग अलग टीम बनायी गयी है। जिसमें स्वदेशी मेला के संयोजक मुकेश काबरा ने संस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला में शामिल होकर कार्यक्रम का लाभ लेने का आग्रह किया है। सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक अजय मलकानी ने बताया कि प्रतिदिन सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से झारखंड के कलाकारों द्वारा यहां के संस्कृतिक आयोजन की प्रस्तुति दी जायेगी। यहां की भूसंपदा जल, जंगल, जमीन के पहचान को उत्सव के माध्यम से झारखंड की समृद्ध संस्कृति परंपरा और स्वदेशी आत्मनिर्भरता का भब्य संगम जो राज्य में पहली बार हो रहा है।
हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को साकार करते हुए हमारे प्रिय सांसद सह केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ के मार्गदर्शन एवं अगुवाई में सांसद स्वदेशी मेला- 2026 का यह आयोजन भव्य रूप से मनाना चाहते हैं। जिसका लाभ यहां के मूलवासी को प्राप्त हो क्योंकि विकसित भारत का उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना झारखंड की लोक संस्कृति परंपरा एवं आदिवासियों के गौरव को मंच प्रदान कर उनको भरपूर सम्मान देना हमारा उद्देश्य है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम संग विभिन्न प्रतियोगिता झारखंड की पारंपरिक कलाकृतियों का प्रदर्शन सांस्कृतिक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया जायेगा। साथ ही आपको यहां की संस्कृति की याद भी दिलायेगा। यह आयोजन आदिवासी गौरव को भी बढ़ावा देगी। स्वदेशी परम्पराओ को सशक्त बनाते हुए इस आयोजन का हम सभी हिस्सा बने और इसे सफल बनावे। राज्य के सभी लोगों से आग्रह होगा कि आप तीन दिवसीय सांसद स्वदेशी मेला 2026 आयोजन में सपरिवार पहुंचकर आयोजन को सफल बनायें।
आज के कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, महापौर रोशनी खलको, उप महापौर नीरज कुमार, सांस्कृतिक महोत्सव के संयोजक अजय मलकानी, स्वदेशी मेला के संयोजक मुकेश काबरा, ऐश्वर्य सेठ, नीरज चौधरी, संजीव विजयवर्गीय, रमिंद्र कुमार, पवन बजाज, ललित ओझा, संजय जयसवाल, शंकर दुबे, बलराम, सन्नी, आशीष सत्यब्रत साहू, कमलजीत सिंह (संटी), शंकर पाठक, राजीव सहाय, अमित चौधरी, पूनम आनंद, नीतू सिंह, एसडी सिंह, आनंद श्रीवास्तव, संजीव साहू, नयन मयूर, आनंद कुमार, पवन जोडन, प्रमोद सारस्वत, संजय पोद्दार, ललन श्रीवास्तव, उषा जालन, रवि कुमार, सतीश सिन्हा सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत और संजय पोद्दार ने दी।
टीम एबीएन, रांची। रांची के जगन्नाथपुर मंदिर में तैनात गार्ड की हत्या कर चोरी की वारदात को अंजाम देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अज्ञात चोर देर रात मंदिर परिसर में घुसे और दान पेटी समेत कई सामान चुरा लिये। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने ड्यूटी पर मौजूद गार्ड बिरसा मुंडा की हत्या कर दी।
घटना के बाद मृतक के परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे मुआवजे की मांग कर रहे हैं। मंदिर समिति की ओर से प्रारंभिक तौर पर पांच लाख रुपये की सहायता राशि देने की बात कही गयी है, ताकि परिवार और बच्चों के भरण-पोषण में मदद मिल सके।
रांची के एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि गार्ड मंदिर परिसर में सो रहा था, तभी चोर अंदर घुसे और उसकी हत्या कर दी। इसके बाद उन्होंने दान पेटी का ताला तोड़कर उसमें रखी नकदी लेकर फरार हो गये। शुक्रवार सुबह जब श्रद्धालु पूजा के लिए मंदिर पहुंचे तो उन्होंने गार्ड का शव देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल, पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में आशंका जतायी जा रही है कि स्थानीय अपराधियों ने ही इस वारदात को अंजाम दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
टीम एबीएन, रांची। रांची में पड़ रही तेज गर्मी का असर इंसानों के साथ-साथ वन्यजीवों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। लगातार बढ़ते तापमान और लू के बीच ओरमांझी स्थित भगवान बिरसा मुंडा जैविक उद्यान में जानवरों को सुरक्षित और स्वस्थ रखने के लिए विशेष इंतजाम किये गये हैं। उद्यान प्रबंधन और वन विभाग ने मिलकर कई ऐसे उपाय किये हैं, जिनसे जानवरों को गर्मी से राहत मिल सके।
उद्यान के पशु चिकित्सक डॉ. ओम प्रकाश साहू के अनुसार, गर्मी को ध्यान में रखते हुए शेर, बाघ और तेंदुए जैसे मांसाहारी जानवरों के बाड़ों में कूलर लगाये गये हैं, ताकि उन्हें ठंडा वातावरण मिल सके। वहीं हाथियों और हिमालयन भालुओं के लिए बड़े-बड़े पानी के टब बनाये गये हैं, जिनमें उन्हें नियमित रूप से नहलाया जाता है। इससे उनके शरीर का तापमान नियंत्रित रहता है और वे सक्रिय बने रहते हैं।
जानवरों को गर्मी से बचाने के लिए बाड़ों के आसपास पुआल की दीवारें तैयार की गयी हैं, जो प्राकृतिक रूप से ठंडक बनाये रखने में मदद करती हैं। इसके साथ ही उनके खानपान में भी बदलाव किया गया है। शाकाहारी जानवरों को मौसमी फल, विशेष रूप से आम दिये जा रहे हैं, जबकि सभी जानवरों को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए समय-समय पर ग्लूकोज का घोल उपलब्ध कराया जा रहा है।
घने पेड़-पौधों और प्राकृतिक हरियाली के कारण यह जैविक उद्यान अपेक्षाकृत ठंडा रहता है, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों को भी राहत महसूस होती है। कई पर्यटकों ने बताया कि गर्मी के बावजूद उद्यान का माहौल काफी आरामदायक है और अधिकांश जानवर सामान्य रूप से सक्रिय नजर आये।
भीषण गर्मी के इस दौर में उद्यान प्रशासन द्वारा किये गये इंतजाम न केवल जानवरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित कर रहे हैं, बल्कि पर्यटकों के अनुभव को भी बेहतर बना रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की व्यवस्थाएं वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन के लिए एक सकारात्मक उदाहरण हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क (हैदराबाद)। नेशनल यूनियन आॅफ जर्नलिस्ट्स (इंडिया) की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक का आयोजन तेलंगाना स्टेट जर्नलिस्ट यूनियन (टीएसजेयू) के तत्वावधान में हैदराबाद में भव्य रूप से आरंभ हुआ। गुरुवार को शहर के चिक्कडपल्ली स्थित होटल श्री वेदा प्रीमियम में आयोजित इस बैठक में तेलंगाना राज्य के श्रम एवं खान विभाग के मंत्री डॉ. गड्डम विवेक वेंकटस्वामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मंत्री विवेक ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा में मीडिया चौथा स्तंभ के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में देशभर के पत्रकार कई समस्याओं का सामना कर रहे हैं और इन समस्याओं पर चर्चा के लिए इस तरह की राष्ट्रीय स्तर की बैठक का आयोजन एक शुभ संकेत है।
उन्होंने बताया कि देश के विभिन्न हिस्सों से आए मीडिया प्रतिनिधि पत्रकारों की समस्याओं पर दो दिनों तक विस्तृत चर्चा करेंगे। इस बैठक में आमंत्रित किये जाने पर मंत्री ने आयोजकों का आभार व्यक्त किया।
मंत्री ने कहा कि योग्य पत्रकारों को जल्द ही तेलंगाना सरकार की ओर से एक्रिडिटेशन कार्ड जारी किए जाएंगे। साथ ही भविष्य में पत्रकारों के लिए और अधिक कल्याणकारी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि पत्रकार समाज को जागरूक करने में अहम भूमिका निभाते हैं और उनके कल्याण के लिए कांग्रेस सरकार विशेष कदम उठा रही है।
इस बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की उपाध्यक्ष हनुमान्ला झांसी रेड्डी, एनयूजे (आई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश शर्मा, राष्ट्रीय महासचिव त्रियुग नारायण, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दीपक मुखर्जी व बडे प्रभाकर पूर्व अध्यक्ष अशोक मल्लिक बलदेव प्रसाद शर्मा बलबीर ठाकुर, हरियाणा के दीपक, मध्यप्रदेश से आभा निगम उडिसा के कैलाश नायक जेटीएसजेयू के राज्य अध्यक्ष नागेश्वर एवं महासचिव पुरुषोत्तम नारगौनी और तोकला अनिल कुमार, स्कूल आॅफ जर्नलिज्म के चेयरमैन नागेश्वर राव, एनयूजे (आई) के सचिव मेरुगु चंद्रमोहन, राजू पटेल, अरुण कुमार, पावुशेट्टी श्रीनिवास, कंदिकोंडा मोहन, चिर्रगोनी उदय दीर, उप्पलांची नरेंद्र, पोचमपल्ली रजिता, नागराजु, श्रीनाथ, अवुनुरी संपत, गट्टू महेश गौड़ सहित पंद्रह राज्यों के सदस्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। रांची खेलगांव स्थित ओरियेंट क्राफ्ट फैशन इंडस्ट्रीज लिमिटेड में कार्यरत मजदूरों के द्वारा वेतन देरी, प्रति पीस वेतन, बकाया मजदूरी और अपमानजनक व्यवहार के खिलाफ छेड़े गये आंदोलन के परिणामस्वरूप कंपनी प्रबंधन ने आॅन द स्पोर्ट कटौती की गई मासिक वेतन राशि वापस लौटाते हुए बकाया वेतन भुगतान करने की गयी। प्रत्येक माह के 10 तारीख तक मासिक वेतन भुगतान करने की सहमति बनी।
इसके साथ साथ मजदूरों के साथ गाली-गलौज और अपमानजनक भाषा का उपयोग करने वाले अधिकारी को प्रबंधन से निष्काशित किया गया एवं मजदूरों की मुख्य माँग प्रति पीस दर वेतन पर नहीं बल्कि झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मासिक मजदूरी के अनुसार वेतन देने की मांग भी पूरी कर ली गयी। मौके पर जेएलकेएम केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि मजदूर के साथ हो रही अन्याय बर्दास्त नहीं किया जायेगा।
आंदोलन का सार्थन देने पहुंचे जेएलकेएम आंदोलनकारी नेता देवेन्द्र नाथ महतो, महासचिव मार्शल महतो, रांची महानगर अध्यक्ष संजय महतो, विराट महतो, महिला मोर्चा उपाध्यक्ष शिल्पा महतो, युवा मोर्चा राजू महतो, जेएलकेएम रामगढ़ नेता संतोष महतो, आजसू नेता बबलू महतो के अलावा अन्य नेता उपस्थित थे। आंदोलन में हजारों की संख्या में मजदूर शामिल हुए थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सिजुआ क्षेत्र अंतर्गत कनकनी कोलियरी में संचालित राम अवतार आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा ओबी डंपिंग के दौरान फैल रहे प्रदूषण, हाई डंपिंग और कई अन्य अनियमितताओं को लेकर 25 अप्रैल 2026 को चक्का जाम करने का पत्र दिया गया है।
बताया जा रहा है कि 20 अप्रैल को ही इस मुद्दे को लेकर कंपनी को आगाह किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण संघ बाध्य होकर कम्पनी का चक्का जाम किया जाएगा । रत्नेश कुमार ने कहा कि ओबी डंपिंग के दौरान अत्यधिक धूलकण उड़ रहे हैं, जिससे आसपास का वातावरण प्रदूषित हो गया है और लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है।
वहीं, कंपनी पर डीजीएमएस के नियमों की अनदेखी कर मनमाने तरीके से कार्य करने का भी आरोप लगाया गया है। इसके अलावा हाई डंपिंग के कारण क्षेत्र में बड़े हादसे की आशंका जताई जा रही है। कि उन्हें हाई कमेटी द्वारा निर्धारित वेतन नहीं दिया जा रहा है और अब तक पहचान पत्र (आई कार्ड) भी उपलब्ध नहीं कराया गया है।
मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। उन्हें हेलमेट, जूते और अन्य आवश्यक सेफ्टी किट नहीं दिए गए हैं, साथ ही वीटीसी सेंटर का प्रशिक्षण भी नहीं कराया गया है। लोयाबाद 5 नंबर क्षेत्र में रोड क्रॉसिंग कर डंपिंग किए जाने से भी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। सड़क पर पर्याप्त लाइट की व्यवस्था नहीं होने के कारण स्थिति और गंभीर हो गई है।
पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया गया है। पूर्व में लगाये गये पेड़ों के ऊपर गर्म ओबी गिराकर उन्हें नष्ट किया जा रहा है। वहीं, डंपिंग स्थल पर जमीन में आई दरारों को भी नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
संघ की ओर से बताया गया कि इस संबंध में 16 अप्रैल 2026 को कनकनी कोलियरी के परियोजना पदाधिकारी को पत्र (संख्या 203/026) देकर समस्या से अवगत कराया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। ऐसे में अब संघ ने साफ कर दिया है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो 25 अप्रैल को कंपनी का चक्का जाम कर आंदोलन किया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एसआईआर पर झारखंड के मतदाताओं को दिग्भ्रमित और गुमराह कर अपनी राजनीति रोटी सेंकने का काम कर रहे हैं। गरीब गुरबा, आदिवासी, मूलवासी का नाम लेकर मुख्यमंत्री अपने हिडन एजेंडा को साध रहे हैं।
श्री साहू ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस बयान को पूरी तरह भ्रामक और आधारहीन बतलाया है जिसमें उन्होंने बीजेपी पर एसआईआर की आड़ में आदिवासी, मूलवासी, पिछड़ों को उनके मताधिकार एवं राशन और पेंशन से वंचित करने की बात कही है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरी तरह बौखला गये हैं। अपने कार्यकाल में फर्जी तरीके से बसाए गए मतदाताओं का पत्ता साफ हो जाने के ख्याल मात्र से ही उनकी नींद उड़ी हुई है। इसलिए वे अनाप शनाप बयानबाजी कर रहे हैं। श्री साहू ने कहा कि देश में एसआईआर कोई पहली बार नहीं हो रहा है। देश की चुनाव सुधार प्रक्रिया में एसआईआर एक पार्ट है।
जो देश की आजादी के बाद से अब तक 13 बार किया जा चुका है। अंतिम बार 2004 में किया गया है। मोदी सरकार तो 2014 में बनी। इसके पूर्व जितने बार एसआईआर हुए, एक बार को छोड़कर सदैव देश में कांग्रेस या उनकी गठबंधन की सरकार रही। तब इस नियमित एसआईआर पर किसी ने कभी आपत्ति नहीं जताई।
आखिर अब केंद्र में मोदी सरकार के दौरान प्रक्रिया पर किसी को आपत्ति क्यों? उस पर भी यह पूरी तरह चुनाव आयोग का काम है, इसमें किसी राजनीतिक पार्टी का कोई भी दखल नहीं होता। चुनाव आयोग इस गहन पुनरीक्षण के तहत यह सुनिश्चित करता है कि देश में कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई भी अपात्र मतदाता, इस में सूची में फर्जीवाड़ा कर अपना नाम नहीं शामिल कर सके।
इसके लिए मतदाता सूची में 18 साल पूरा करने वाले मतदाताओं का नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, नाम हटवाने के लिए फॉर्म 7 तथा सुधार अथवा करेक्शन के लिए फॉर्म 8 भरना आवश्यक किया गया है। श्री साहू ने कहा कि बिहार और बंगाल में विपक्षी दलों द्वारा भ्रामक बयान की सारी कलई खुल चुकी है। इन राज्यों में किसी वास्तविक व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं कटा।
स्वाभाविक है कि झारखंड में भी किसी वास्तविक वोटर का नहीं कटेगा। जो वास्तविक वोटर हैं, जो देश की नागरिकता होने की अहर्ता रखते हैं उनमें कहीं कोई घबराहट नहीं है। सारा भ्रम विपक्षी पार्टियां फैला रही हैं। श्री साहू ने कहा कि दरअसल हेमंत सोरेन की बेचैनी और चिंता अपने कथित कोर घुसपैठिए वोटर को लेकर है जो इनके कार्यकाल में फर्जी तरीके से बसाए गए हैं।
यह किसी से छिपा नहीं है कि इस सरकार के कार्यकाल में पूरे झारखंड की डेमोग्राफी चेंज हुई है। विपक्ष ने अपने वोट बैंक के लिए इन घुसपैठियों को देश और राज्य के विभिन्न हिस्सों में बसाया, लेकिन अब एसआईआर उनकी पहचान कर रहा है तो कांग्रेस, झामुमो, राजद सहित अन्य विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि इससे उनका वोट बैंक दांव पर है। हेमंत सोरेन इसी कारण भयभीत हैं कि अब उनकी पोल पट्टी खुलने वाली है।
राज्य में जो लोग अपनी वास्तविक पहचान छिपाकर फर्जी वोटर बने हुए हैं और वास्तविक लाभुकों की हकमारी कर रहे हैं। उन्हें ही फिल्टर कर हटाना तो एसआईआर का उद्देश्य है। श्री साहू ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने पहले भी कहा है कि हेमंत सरकार बांग्लादेशी, रोहंगिया को बसा रही है। अपने वोट बैंक की खातिर यहां के आदिवासी मूलवासी का हक इन्हें दे रही है।
साल 2014 से 2019 के बीच देश भर में मतदाताओं में 9.3% की वृद्धि के मुकाबले झारखंड में 6.2 प्रतिशत की वृद्धि होती है। जबकि 2019 से 2024 के बीच देश में मत प्रतिशत में 10.1% वृद्धि के मुकाबले झारखंड में यह वृद्धि 16.7% होती है। इस दौरान झारखंड में राष्ट्रीय ग्रोथ से भी अधिक मत प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह बतलाने की जरूरत नहीं कि 2019 से 2024 के बीच यहां किसकी सरकार थी।
भाजपा के शासनकाल में अवैध घुसपैठियों के लिए कोई जगह होती। जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में फर्जी लोगों को वोटर बनाकर बसाया जा रहा है। श्री साहू ने कहा कि एक और उदाहरण देखिए कि झारखंड के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के हैदरजोड़ी पंचायत में एक भी मुस्लिम आबादी नहीं है। लेकिन यहां मंईयां सम्मान योजना के तहत 174 मुस्लिम महिलाओं के नाम पर 2500 रुपए की राशि दी गयी।
इसी प्रकार पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया स्थित एक गांव में एक भी मुस्लिम परिवार नहीं रहता, फिर भी वहां 3000 मुस्लिम बच्चों का आधार कार्ड बन जाता है। कहने का तात्पर्य यह है कि किस बेदर्दी तरीके से हेमंत सरकार आदिवासियों मूलवासियों का हक बांग्लादेशी घुसपैठियों पर लूटा रही है। इसलिए प्रदेश में एसआईआर रूपी फिल्टर होना आवश्यक है।
अब घुसपैठियों को पालने पोसने वाले ऐसे दलों की बैचेनी को साफ समझा जा सकता है। यह एक ऐसा फिल्टर है जो हर राज्य में होना जरूरी है। लोकतांत्रिक प्रक्रिया को और भी मजबूत बनाने के लिए यह बहुत ही आवश्यक है। एसआईआर से यहां के वास्तविक अल्पसंख्यक भी खुश हैं क्योंकि उनके हिस्से का लाभ बांग्लादेशी, रोहंगिया जो अब तक डकारते रहे हैं, उस पर लगाम लगेगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के बहुचर्चित ट्रेजरी घोटाले को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर हेमंत सरकार पर तीखा हमला बोला है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने इस पूरे मामले में चल रही जांच प्रक्रिया और सरकार द्वारा दिये जा रहे आश्वासनों पर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे जनता को गुमराह करने की कोशिश बताया है।
अजय साह ने कहा कि मुख्यमंत्री के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद अब तक सीआईडी जांच शुरू नहीं होना अपने आप में कई संदेह पैदा करता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जिस एजेंसी को जांच सौंपी जानी है, उसकी निष्पक्षता पर ही प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है।
उनके अनुसार, यह घोटाला शुरूआत में करीब 3.5 करोड़ रुपये का था, जो धीरे-धीरे 14 जिलों में फैलते हुए आधिकारिक रूप से 350 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। उन्होंने आशंका जतायी कि जिस तेजी से यह आंकड़ा बढ़ रहा है, वह भविष्य में हजारों करोड़ के घोटाले का रूप ले सकता है और यह स्थिति कहीं न कहीं चारा घोटाले के दूसरे संस्करण जैसी प्रतीत हो रही है।
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि इस महाघोटाले की जांच झारखंड पुलिस के बजाय सीआईडी को इसलिए सौंपी जानी है ताकि एक निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित की जा सके। लेकिन वर्तमान परिस्थितियां इस उद्देश्य के विपरीत नजर आती हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अनुराग गुप्ता मॉडल के तहत सीआईडी और झारखंड पुलिस की कमान एक ही अधिकारी के हाथों में केंद्रित कर दी गई है। वर्तमान में एडीजी सीआईडी मनोज कौशिक को एडीजी मुख्यालय और रांची के आईजी का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है, जिससे निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं।
अजय साह ने यह भी बताया कि ट्रेजरी घोटाला मूल रूप से पुलिस ट्रेजरी से जुड़ा मामला है, जिसकी जवाबदेही डीडीओ यानी संबंधित जिलों के एसपी पर होती है। उन्होंने उल्लेख किया कि मनोज कौशिक वर्ष 2012 से 2014 के बीच हजारीबाग के एसपी (डीडीओ) रह चुके हैं।
ऐसे में यदि वही अधिकारी इस मामले की जांच का नेतृत्व करते हैं, तो यह हितों के टकराव और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन होगा। साथ ही, जिन जिलों में यह घोटाला संदिग्ध है, वे वर्तमान में भी उनके अधिकार क्षेत्र में आते हैं, जिससे निष्पक्ष जांच की संभावना और भी कम हो जाती है।
भाजपा ने मांग की है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए मनोज कौशिक को सीआईडी प्रमुख के पद से हटाकर किसी ऐसे अधिकारी को जिम्मेदारी दी जाए, जिसका इन जिलों या ट्रेजरी मामलों से पूर्व में कोई प्रत्यक्ष संबंध न रहा हो।
अंत में अजय साह ने दोहराया कि यदि राज्य सरकार वास्तव में इस मामले को लेकर गंभीर है, तो उसे तुरंत न्यायिक जांच के आदेश देने चाहिए या फिर इस पूरे प्रकरण को सीबीआई को सौंप देना चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो सके।
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