टीम एबीएन, रांची। नगर निकाय चुनाव को लेकर सभी पार्टिया तैयारी में जुट गई है। इसी बीच भाजपा ने रांची नगर निगम के मेयर पद के लिए रोशनी खलखो को समर्थन देने का फैसला किया है।
हालांकि अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। थोड़ी ही देर में घोषणा किए जाने की बात कही जा रही है। मालूम हो कि रांची नगर निगम के वार्ड संख्या 19 से वह पार्षद भी रही है। वह रांची नगर निगम क्षेत्र में अकेली निर्विरोध पार्षद बनी थी। यहां मालूम हो कि रांची नगर निगम के मेयर पद के लिए भाजपा के भीतर कई दावेदार थे।
उनमें अशोक बड़ाईक, रामकुमार पाहन समेत कई अन्य दावेदार थे। लेकिन भाजपा ने रोशनी खलखो को बेहतर प्रत्याशी समझा। इसके पीछे उनका नगर निकाय चुनाव को लेकर किए गए संघर्ष को महत्व मिला है। मालूम हो कि रोशनी खलखो नगर निकाय चुनाव को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसको लेकर वह हाईकोर्ट में लंबी लड़ाई लड़ी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा समर्थित प्रत्याशी रितेश पातर ने आज बुंडु नगर पंचायत के अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया। राँची समाहरणालय में आयोजित नामांकन प्रक्रिया के दौरान उन्होंने विधिवत रूप से दो सेटों में अपना नामांकन भरा।
नामांकन के अवसर पर बड़ी संख्या में समर्थकों की उपस्थिति रही। इस दौरान रितेश पातर के समर्थक हेमंत कुमार, प्रस्तावक दिनेश महतो, मुख्तार खान, राजू सेठ, तिजु महतो, राजन सींह सहित सैकड़ों कार्यकर्ता एवं शुभचिंतक मौजूद रहे। समर्थकों में भारी उत्साह देखा गया और सभी ने पूरे जोश के साथ प्रत्याशी का हौसला बढ़ाया।
इस अवसर पर संगठन के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने जानकारी देते हुए कहा कि संगठन पूरी मजबूती के साथ इस चुनाव में उतर रहा है और जनता के सहयोग से बुंडु नगर पंचायत में ऐतिहासिक जीत दर्ज की जायेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे घर-घर जाकर टाईगर जयराम महतो के विचार धारा व प्रत्याशी की छवि को जनता तक पहुँचाएँ तथा अनुशासित और संगठित होकर चुनाव अभियान को आगे बढ़ाएँ।
श्री पातर ने भी उपस्थित जनसमूह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे बुंडु नगर पंचायत के समग्र विकास, जनसमस्याओं के समाधान और पारदर्शी प्रशासन के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने भरोसा जताया है कि बुंडु की जनता परिवर्तन के पक्ष में मतदान कर संगठन समर्थित प्रत्याशी को अपना आशीर्वाद देगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लरका आंदोलन के प्रणेता अमर शहीद वीर बुधु भगत की जयंती प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी भव्य रूप से मनाने के लिए नव युवक सरना समिति नदिया एवं आयोजन समिति की सदस्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक सुधीर टोप्पो की अध्यक्षता में हुई।
बैठक में लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद सह आयोजन समिति के संरक्षण श्री सुखदेव भगत ने तैयारी को जायजा लेते हुए आयोजन समिति के सदस्यों को आवश्यक दिशा निर्देश दिये। बैठक में वीर बुधु भगत की जयंती 17 फरवरी को मैंना बगीचा लोहरदगा में भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया गया।
जयंती के अवसर पर जतरा एवं विकास मेला का आयोजन किया जायेगा। जतरा सह विकास मेला में झारखंड के प्रभारी, मंत्री, सांसद, विधायक, प्रशासनिक पदाधिकारी, गणमान्य अतिथि, पाहन पूजार समाज के अगुवा के साथ-साथ प्रत्येक वर्ष की तरह पारंपरिक गाजे बाजे के साथ खोड़हा दल भी शामिल होंगे।
खोड़हा दलों को आयोजन समिति की ओर से झंडा देकर सम्मानित किया जाएगा साथ ही साथ पाहन पुजार को भी सम्मानित किया जायेगा। विकास मेला में जिला प्रशासन के द्वारा स्टॉल लगाया जायेगा जिसमें जिले के विकास के प्रस्तुति दिखलाया जायेगा तथा परिसंपत्ति भी वितरण किया जायेगा।
2006 में तत्कालीन विधायक सुखदेव भगत ने मैंना बगीचा में वीर बुद्ध भगत की प्रतिमा का स्थापना करवाये थे तब से आज तक सुखदेव भगत के अगुवाई में जतरा सह विकास मेला का भव्य आयोजन होते आ रहा है। बैठक में सदस्यों ने वीर योद्धा अमर शहीद वीर बुधु भगत को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु हजारों हजार की संख्या में लोगों से भाग लेने की अपील की गयी।
बैठक में अभिनव सिद्धार्थ, मनोज सोन तिर्की, मनोज भगत, सुरेंद्र लोहारा, विनोद उरांव, अनिल उरांव ,सुनील उरांव ,संदीप उरांव, गौरव कुजूर, विनय उरांव, फागू भगत, आलोक कुमार साहू साजिद अहमद चंगू सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे।
टीम एबीएन, हजारीबाग/ रांची। केंद्र सरकार के बजट को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्व विधायक और कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सह पश्चिम बंगाल की सह प्रभारी अंबा प्रसाद ने बजट को आम जनता के हितों से दूर बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट में न रोजगार की चिंता दिखती है और न ही औद्योगिक विकास की ठोस योजना।
पूर्व विधायक और कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव सह बंगाल की सह प्रभारी अंबा प्रसाद ने केंद्र सरकार के बजट पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पूरे बजट में सिर्फ कॉरिडोर ही नजर आते हैं, जबकि आम आदमी के रोजगार और औद्योगीकरण को लेकर कोई ठोस बात नहीं की गयी है।
अंबा प्रसाद ने कहा कि बजट में तीन नये एम्स खोलने का प्रस्ताव जरूर रखा गया है, लेकिन सच्चाई यह है कि दिल्ली को छोड़कर देश के अन्य एम्स की हालत किसी सदर अस्पताल जैसी ही बनी हुई है। वहां न पर्याप्त सुविधाएं हैं और न ही डॉक्टरों व संसाधनों की व्यवस्था।
अंबा प्रसाद ने केंद्रीय वित्त मंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि जिस राज्य की साड़ी पहनकर वित्त मंत्री बजट पेश करती हैं, बजट में भी वही राज्य दिखाई देता है। अब तक वे आठ अलग-अलग राज्यों की साड़ियां पहनकर आठ बजट पेश कर चुकी हैं और जिस साल जिस राज्य की साड़ी पहनती हैं, उसी राज्य को विकास के लिए अधिक फंड मिलता है।
अंबा प्रसाद ने यह भी आरोप लगाया कि इस बजट में झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे पूर्वी राज्यों के लिए कुछ भी लाभदायक नहीं है। साथ ही आम जनता के रोजमर्रा के इस्तेमाल के सामान पर भी कोई राहत नहीं दी गयी है, जिससे महंगाई से जूझ रही जनता को निराशा हाथ लगी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता सह झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री संजय सर्राफ ने केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा संसद में प्रस्तुत वर्ष 2026 का आम बजट को संतुलित बताते हुए कहा कि समावेशी विकास, आर्थिक सुदृढ़ता और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया बजट कहा जा सकता है।
इस बजट में विशेष रूप से युवाओं, शिक्षा, रोजगार और व्यापार को प्राथमिकता दी गयी है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है। बजट में युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप प्रोत्साहन और रोजगार सृजन से जुड़ी योजनाओं पर जोर दिया गया है। नयी तकनीकों, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में निवेश बढ़ाने की घोषणा से युवाओं को नये अवसर मिलने की संभावना है।
शिक्षा क्षेत्र में उच्च शिक्षा, डिजिटल लर्निंग, शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने हेतु बजट प्रावधान किये गये हैं, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का विस्तार होगा। रोजगार सृजन के लिए एमएसएमई सेक्टर को मजबूती देने, उद्योगों को प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।
व्यापार जगत के लिए कर प्रणाली को सरल बनाने और निवेश अनुकूल माहौल तैयार करने की पहल बजट की सकारात्मक विशेषता रही। झारखंड के लिए बजट निराशाजनक रहा सिर्फ सीआईपी के अपग्रेडेशन का सौगात मिला। कुल मिलाकर केंद्रीय बजट 2026 एक संतुलित, विकासोन्मुखी और भविष्य पर केंद्रित बजट रहा है, जो देश के विभिन्न वर्गों की अपेक्षाओं को काफी हद तक पूरा करता है।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग, रांची स्थित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम परिसर में स्थापित सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह का आगमन हुआ। मंत्री के आगमन पर ट्रस्ट पदाधिकारियों एवं आश्रम परिवार द्वारा उनका आत्मीय स्वागत किया गया।
मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने आश्रम का भ्रमण कर वहां रह रहे निराश्रितजनों, दिव्यांगों एवं मंदबुद्धि लोगों के लिए ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे मानव सेवा कार्यों की भूरी-भूरी प्रशंसा की। उन्होंने आश्रम की स्वच्छता व्यवस्था, रहन-सहन, भोजन, चिकित्सा, वस्त्र एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को देखकर गहरी प्रसन्नता व्यक्त की। मंत्री ने कहा कि समाज के उपेक्षित वर्गों के लिए इस प्रकार की सेवा सच्चे अर्थों में मानवता की सेवा है और यह अन्य संस्थाओं के लिए प्रेरणास्रोत है।
मंत्री ने आश्रम में निवास कर रहे सभी निराश्रितजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की, उनका हालचाल जाना तथा उनके साथ बैठकर भोजन भी किया। इस अवसर पर मंत्री ने आश्रम प्रबंधन को हर संभव सरकारी सहयोग देने का आश्वासन दिया, ताकि सेवा कार्यों को और अधिक व्यापक एवं सुदृढ़ बनाया जा सके।
ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि स्वामी सदानंद जी महाराज के सानिध्य में वर्तमान समय में आश्रम में कुल 42 निराश्रितजनों को समुचित आवास, पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य सेवा एवं सम्मानजनक जीवन की सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह आश्रम पूर्णत: सेवा एवं समर्पण की भावना से संचालित है।
अपने दौरे के क्रम में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने श्री कृष्ण प्रणामी सदानंद सेवा धाम में संचालित गौशाला का भी भ्रमण किया। उन्होंने गौमाता की सेवा कर गौशाला में की जा रही व्यवस्थाओं की सराहना की तथा गौ संरक्षण एवं गौ सेवा को भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग बताया। उन्होंने ट्रस्ट के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक सहायता पहुंचाना ही सरकार और समाज दोनों का साझा दायित्व है।
मौके पर ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज चौधरी, पूरणमल सर्राफ, सुरेश अग्रवाल, सज्जन पाड़िया, सुनील पोद्दार, संजय सर्राफ, मधुसूदन जाजोदिया, दीपेश निराला, विष्णु सोनी, अंजनी अग्रवाल, सुरेश चौधरी, मनीष सोनी, सुरेश भगत, ज्ञान प्रकाश शर्मा, संजय साहू, मुकुंद मिश्रा सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता सह इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य संजय सर्राफ ने कहा है कि विश्व कैंसर दिवस प्रतिवर्ष 4 फरवरी को पूरे विश्व में मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना, इसके कारणों, लक्षणों, रोकथाम और उपचार की सही जानकारी देना तथा कैंसर से पीड़ित लोगों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना विकसित करना है।
यह दिवस विश्व स्तर पर सरकारों, स्वास्थ्य संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों को एक मंच पर लाकर कैंसर के खिलाफ सामूहिक प्रयास को मजबूत करता है। विश्व कैंसर दिवस की शुरुआत वर्ष 2000 में पेरिस में हुई थी, जब वर्ल्ड कैंसर समिट के दौरान यूनियन फॉर इंटरनेशनल कैंसर कंट्रोल के नेतृत्व में इसे औपचारिक रूप से अपनाया गया। तब से लेकर आज तक यह दिवस कैंसर नियंत्रण के लिए वैश्विक आंदोलन का प्रतीक बन चुका है।
कैंसर वर्तमान समय की सबसे बड़ी स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार, हर वर्ष लाखों लोग कैंसर से प्रभावित होते हैं और समय पर जांच व उपचार न मिलने के कारण बड़ी संख्या में मौतें हो जाती हैं। भारत जैसे विकासशील देशों में स्थिति और भी गंभीर है जहां जागरूकता की कमी, देर से निदान, आर्थिक कठिनाइयां और सीमित स्वास्थ्य सुविधाएं कैंसर से लड़ाई को और कठिन बना देती हैं।
विश्व कैंसर दिवस का महत्व इस बात में निहित है कि यह लोगों को यह समझाने का प्रयास करता है कि कैंसर कोई अभिशाप नहीं है, बल्कि समय पर पहचान, सही जीवनशैली और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से इसे काफी हद तक रोका और नियंत्रित किया जा सकता है। यह दिवस यह संदेश देता है कि तंबाकू और शराब का सेवन न करना, संतुलित आहार लेना, नियमित व्यायाम करना, मोटापे से बचना और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना कैंसर के खतरे को कम कर सकता है।
कैंसर के प्रति सामाजिक जागरूकता बढ़ाना। प्रारंभिक जांच और समय पर उपचार के महत्व को समझाना। कैंसर से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को दूर करना। कैंसर रोगियों और उनके परिवारों को मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक सहयोग देना। सरकारों और नीति निर्माताओं को कैंसर नियंत्रण के लिए प्रभावी नीतियां बनाने हेतु प्रेरित करना। हर वर्ष विश्व कैंसर दिवस एक विशेष थीम के साथ मनाया जाता है, जो कैंसर के किसी महत्वपूर्ण पहलू पर ध्यान केंद्रित करती है, जैसे-रोगी-केंद्रित देखभाल, समान स्वास्थ्य सेवाएं, या मैं हूं और मैं कर सकता हूं जैसी प्रेरक अवधारणाएं।
ये थीम आम लोगों को व्यक्तिगत स्तर पर भी इस लड़ाई से जुड़ने के लिए प्रेरित करती हैं। विश्व कैंसर दिवस केवल एक दिवस नहीं, बल्कि एक सतत अभियान है, जो हमें यह याद दिलाता है कि सही जानकारी, सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास से कैंसर को हराया जा सकता है। यह दिवस आशा, साहस और एकजुटता का प्रतीक है, जो एक स्वस्थ और कैंसर-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
टीम एबीएन, रांची। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कहा है कि केंद्र सरकार के द्वारा आज जो बजट पेश किया गया है इस बजट में देश के हर वर्ग को ध्यान में रख कर विकाश पर जोर दिया गया है।
यह बजट युवा, गरीब, महिला किसान की आकांक्षाओं वाला बजट है। यह बजट बहुमुखी विकास वाला बजट है। सबका साथ सबका विकास वाली बजट है विकसित भारत बनाने वाला बजट है। इस बजट में गांव, गरीब, किसान, महिला युवा सभी वर्गो उत्थान करने वाला बजट है इस बजट में छात्रों एवं युवा वर्ग को काफी कुछ ध्यान में रख कर तैयार किया गया है।
ये बजट लोगो के जीवन में सुधार होगी ,पूरे देश के लोगो के आकांक्षा वाला बजट है। इस बजट से युवाओं को ताकत एवं रोजगार को बढ़ाने वाला बजट है। देश के प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का धन्यवाद एवं आभार।
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