टीम एबीएन, रांची। सांस्कृतिक विविधता में भी एकता ही हमारी पहचान है यह पहचान सदैव जीवंत रहे, इस हेतू पीएम नरेंद्र मोदी का भी मार्गदर्शन और चिंतन रहता है। उनकी प्रेरणा से ही वंदे मातरम के गौरवशाली 150 वर्ष पर रांची में कला, संस्कृति और स्वदेशी के संगम के रूप में सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला 2026 का आयोजन किया गया है।
यह महोत्सव भारत की विविधता, परंपरा और लोक कला का अद्भुत उत्सव बनने जा रहा है। यह हर रांचीवासी के लिए भारत की संस्कृति आत्मा से जुड़ने का अवसर है जहां हर रंग, हर ताल और हर परंपरा एक भारत श्रेष्ठ भारत की झलक दिखायेगी। दिनांक 1 से 3 मई 2026 तक आड्रे हाउस में सुबह 9 से रात्रि के 10 बजे तक यह महोत्सव आयोजित है। सुबह 9 से शाम के 6 बजे तक विभिन्न स्कूल, कॉलेज और यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों के बीच सांस्कृतिक प्रतियोगिता होगी।
शाम 6 बजे से देश भर के कलाकार विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। सभी प्रस्तुतियां आड्रे हाउस में अलग-अलग तीन मंचों पर होगी। स्वदेशी मेला सुबह के 9 से रात्रि 10 बजे तक चलेगा इस मेल में 125 स्टॉल निशुल्क उपलब्ध कराये गये हैं, जो पूर्णत स्वदेशी को समर्पित है। मेला में हस्तशिल्प, पारंपरिक भोजन, हाथों सबने खिलौने, स्वदेशी उत्पाद, सोहराय पेंटिंग जैसी वस्तुओं को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य है।
विशेष रूप से श्री अन्न यानी मोटे अनाज से बने व्यंजन और उनके उत्पादों को भी प्रोत्साहित किया जायेगा। मोटे अनाज से बने चॉकलेट, केक, बिस्किट जैसे खाद्य पदार्थ आकर्षण के केंद्र होंगे। इस महोत्सव में आॅपरेशन सिंदूर पर रांची के बच्चों के द्वारा बनायी गयी पेंटिंग की भी प्रदर्शनी लगायी जायेगी। बच्चों ने आॅपरेशन सिंदूर की शौर्यगाथा को कैनवास पर उतारने का काम किया है।
उन बच्चों को भी इससे प्रोत्साहन मिलेगा और आॅपरेशन सिंदूर में हमारे सैन्य बलों को आम जनता करीब से देख सकेगी। दिनांक 1 मई 2026 को 11 बजे स्वदेशी मेला का शुभारंभ होगा। शाम 5 बजे आड्रे हाउस में महोत्सव का विधिवत उद्घाटन होगा। इस उद्घाटन कार्यक्रम में राज्यपाल संतोष गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यसभा सांसद सह भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुध सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे।
2 मई को होने वाले संस्कृत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में केंद्रीय कला, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की गरिमामयी उपस्थित रहेगी। 3 मई की प्रस्तुतियों में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल की गरिमायि उपस्थित रहेगी। इन सभी कार्यक्रमों में प्रवेश निशुल्क है।
उपरोक्त महोत्सव की जानकारी देते हुए आज प्रेस को संबोधित करते हुए संजय सेठ, केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री ने कही। उन्होंने राज्य की सभी जनता से आग्रह किया है तीन दिवसीय सांसद संस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला में पधार कर झारखंड की स्थानीय उत्पादकों, शिल्पकारों और झारखंड के खानपान सहित प्रतिभान बच्चों को अवश्य प्रोत्साहित करें।
प्रेस को मुख्य रूप से रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने संबोधित किया। प्रेस वार्ता में अजय मारू, अजय मलकानी, मुकेश काबरा, ऐश्वर्य सेठ, आशीष सत्यब्रत, पूनम आनंद, रमेंद्र कुमार, शंकर दुबे, बलराम, कमलजीत सिंह (संटी), नीतू सिंह, आनंद, संजीव साहू, नयन मयूर परमार, आनंद कुंवर, प्रमोद सारस्वत, संजय पोद्दार, ललन श्रीवास्तव, रवि कुमार वर्मा, संजय गोयल, प्रदीप रवि, भीष्म सिंह, मनोज कुमार, गौरव मित्तल, राजू रजक सहित काफी संख्या में आयोजन समिति के सदस्य मौजूद थे। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत और संजय पोद्दार ने दी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। मौसम केंद्र, रांची के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आज राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
सुबह होते ही रांची में इसका असर देखने को मिला, जहां बादल छाये रहे, तेज हवा चली और सुबह 7 से 8 बजे के बीच कई इलाकों में मध्यम बारिश दर्ज की गयी। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। मध्य झारखंड के जिलों-बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा, कोडरमा और धनबाद-में आज मौसम बदला हुआ रहेगा।
दक्षिणी इलाकों जैसे पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा और सरायकेला-खरसावां में भी बारिश के आसार हैं। वहीं उत्तर-पश्चिमी हिस्सों-पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार-में बादल छाए रहने और बारिश की संभावना जतायी गयी है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी जिलों देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा।
मौसम केंद्र, रांची ने येलो अलर्ट जारी करते हुए चेतावनी दी है कि कुछ स्थानों पर 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि अन्य इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है।
साथ ही वज्रपात का भी खतरा बना हुआ है, जिसे लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गयी है। आने वाले दिनों में भी मौसम का यह रुख जारी रहेगा। 29 अप्रैल से 1 मई तक आंशिक बादल छाये रहेंगे और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होती रहेगी।
वहीं 2 और 3 मई को भी गरज-चमक के साथ बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इस बदलाव से तापमान में भी गिरावट आयेगी और अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम होने की संभावना है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। जिले के बरकट्ठा प्रखंड के सक्रेज गांव के पास जीटी रोड पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार शिक्षक चंद्रशेखर आजाद (52) की मौके पर ही मौत हो गयी। वे प्राथमिक विद्यालय सोकी में पदस्थापित थे और वर्तमान में गौरिया करमा चौक स्थित एक भाड़े के मकान में रह रहे थे।
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शिक्षक अपनी बेटी की शादी का निमंत्रण कार्ड बांटने के लिए बाईक से घर से निकले थे। इसी दौरान सरिया लदे ट्रेलर ने उनकी बाइक (जेएच 02टी 9532) को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गयी। घटनास्थल से उनकी बाइक की डिक्की में रखे शादी के निमंत्रण कार्ड भी बरामद हुए, जिनमें 7 मई को शादी की तिथि अंकित थी।
इस दर्दनाक हादसे के बाद परिवार में जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं, वहीं अब मातम का माहौल पसरा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रेलर को जब्त कर लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिमी सिंहभूम। जिले के कोल्हान वन क्षेत्र में बुधवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच रुक-रुक कर फायरिंग जारी है। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने पीटीआई को बताया कि यह मुठभेड़ गोइलकेरा और टोंटो थाना क्षेत्रों की सीमा पर जंगल में चल रहे सर्च आॅपरेशन के दौरान शुरू हुई। यह अभियान जिला पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम नक्सलियों के खिलाफ चला रहा था।
उन्होंने कहा कि गोइलकेरा और टोंटो थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित बोरोई के पास रुक-रुक कर फायरिंग हो रही है। फिलहाल, यह स्पष्ट नहीं है कि मुठभेड़ में नक्सलियों का कौन सा गुट शामिल है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस साल की शुरूआत में कई शीर्ष नक्सली नेताओं के मुठभेड़ों में मारे जाने के बाद अब क्षेत्र में केवल सीपीआई (माओवादी) के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा ही अपने दस्ते के साथ सक्रिय है, जिस पर एक करोड़ रुपये का इनाम घोषित है। एसपी अमित रेणु ने कहा कि क्षेत्र से नक्सलियों का पूरी तरह सफाया होने तक सुरक्षाबलों का अभियान लगातार जारी रहेगा।
टीम एबीएन, रांची। वंदे मातरम के 150 सौ वर्ष पूर्ण होने पर सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला -2026 का तीन दिवसीय आयोजन 1 मई से 3 मई तक आड्रे हाउस में होने जा रहा है।
आयोजन की सफलता के लिए सांसद सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सहित प्रभारी संयोजक एवं आयोजन समिति के सदस्य अपने अपने कार्यो को बेहतर ढंग से संपादित करने के लिए आयोजन स्थल में लगे हुए है। स्थानीय उत्पादकों, शिल्पकारों और झारखंड के खान-पान को प्रोत्साहित करने के लिए 125 से भी ज्यादा स्टॉल नि:शुल्क उपलब्ध कराये जा रहे हैं। सभी स्टॉल धारकों के संग आज आड्रे हाउस में बैठक बुलाकर उन्हें स्टाल की जानकारी दी गयी। स्टॉल धारकों को दिशा निर्देश भी दिया गया। प्रवेश प्रात: 9 बजे से रात्रि 10 बजे तक नि:शुल्क रहेगा।
प्रात: 9 बजे से चलने वाले कई कार्यक्रम के अलावा सायं 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक झारखंड सहित देश भर के विशेष कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक आयोजन के माध्यम से कलाकार अपनी प्रतिभाओं के संग प्रस्तुति देंगे, जिसमें झारखंड के प्रतिभावान बच्चों को मंच के साथ प्रोत्साहित और प्रेरित भी किया जायेगा। वोकल फॉर लोकल सहित आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए स्वदेशी वस्त्र, जनजातीय नृत्य, सामूहिक नृत्य, लघु नाटिका, शास्त्रीय संगीत, पश्च्यात सामूहिक संगीत सहित पारंपरिक गीतों की प्रस्तुतियां भी कलाकारों के माध्यम से रखी जायेगी।
मौके पर शिवराज सिंह चौहान कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री सहित गजेंद्र सिंह शेखावत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, भारत सरकार सहित कई केंद्रीय मंत्री एवं विशिष्ट कलाकारों का आगमन होगा। कार्यक्रम की तैयारी जोरो से चल रही है। स्वदेशी मेला के संयोजक मुकेश काबरा, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक अजय मलकानी, मेला प्रबंधक ऐश्वर्य सेठ, आशीष सत्यव्रत सहित 100 से भी ज्यादा सदस्य आयोजन को सफल बनाने में लगे है।
तीन दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से झारखंड के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जायेगी। झारखंड की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वदेशी आत्मनिर्भरता का भब्य संगम राज्य में पहली बार हो रहा है हमारा उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना झारखंड की लोक संस्कृति परंपरा एवं आदिवासियों के गौरव को मंच प्रदान कर उनको भरपूर सम्मान देना है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के संग स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कला और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना लक्ष्य है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, महापौर रोशनी खलको, उप महापौर नीरज कुमार, सांस्कृतिक महोत्सव के संयोजक अजय मलकानी, स्वदेशी मेला के संयोजक मुकेश काबरा, ऐश्वर्य सेठ, आशीष सत्यब्रत,नीरज चौधरी, रमेंद्र कुमार, शंकर दुबे, बलराम, कमलजीत सिंह (संटी), राजीव सहाय, अमित चौधरी, मनीष लोधा, पूनम आनंद, नीतू सिंह,सीमा, एस डी सिंह, आनंद संजीव साहू, नयन मयूर परमार,आनंद कुंवर, रोहित कटारुका, पवन जोडन, प्रमोद सारस्वत, संजय पोद्दार, ललन श्रीवास्तव ,रवि कुमार वर्मा, संजय गोयल, प्रदीप कुमार,भीष्म सिंह, मनोज कुमार,नीलम चौधरी , राजीव वर्मा, गौरव मित्तल, राहुल सिंहा, सहित काफी संख्या में आयोजन समिति के सदस्य लगे है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत और संजय पोद्दार ने दी।
टीम एबीएन, रांची । धुर्वा डैम से अमन नाम के युवक का शव बरामद हुआ है। अमन सोमवार से ही लापता था। उसके शव को आज मंगलवार को एनडीआरएफ की टीम ने डैम से बरामद किया। शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया है। अमन कुमार धुर्वा के आदर्श नगर का निवासी था।
नगड़ी पुलिस के मुताबिक सोमवार देर शाम धुर्वा डैम के पास एक स्कूटी और चप्पल लावारिस हालत में पड़े होने की सूचना मिली थी। इस आधार पर पुलिस की एक टीम छानबीन करने गई लेकिन ज्यादा अंधेरा होने की वजह से युवक का कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
नगड़ी थाना प्रभारी प्रवीण कुमार ने एबीएन को बताया कि इसकी सूचना एनडीआरएफ की टीम को दे दी गई थी। आज एनडीआरएफ की टीम ने डैम में तलाशी अभियान चलाया। इसी दौरान कुछ दूरी पर युवक का शव पानी पर नजर आया। शव को पोस्टमार्टम के लिए रिम्स भेज दिया गया है।
थाना प्रभारी ने बताया कि अभी तक युवक के परिजनों की ओर से किसी तरह की लिखित शिकायत नहीं की गई है। अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि युवक की मौत डैम में नहाने के दौरान हुई है या उसने आत्महत्या की है।
उन्होंने यह भी बताया कि युवक के परिजन स्कूटी को लेकर जा चुके हैं। उन्होंने इस बात पर आश्चर्य जताया कि युवक की मौत के बाद भी अबतक परिजनों ने थाना में आकर किसी तरह की लिखित शिकायत क्यों नहीं दर्ज करायी। इस बात की भी चर्चा है कि कल रात युवक ने ध्रुव डैम में खुद छलांग लगायी थी।
टीम एबीएन, रांची। वंदे मातरम के 150 सौ वर्ष पूर्ण होने पर सांसद सांस्कृतिक महोत्सव सह स्वदेशी मेला -2026 का तीन दिवसीय आयोजन 1 मई से 3 मई तक आड्रे हाउस में होने जा रहा है। आयोजन की सफलता के लिए सांसद सह रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ सहित प्रभारी संयोजक एवं आयोजन समिति के सदस्य अपने अपने कार्यों को बेहतर ढंग से संपादित करने के लिए आयोजन स्थल में लगे हुए हैं।
श्री सेठ ने बताया की स्थानीय उत्पादकों, शिल्पकारों और झारखंड के खान-पान को प्रोत्साहित करने के लिए 125 से भी ज्यादा स्टॉल नि:शुल्क उपलब्ध कराये जा रहे है। महोत्सव में प्रवेश प्रात: 9 बजे से रात्रि 10 बजे तक नि:शुल्क रहेगा। तीन दिवसीय महोत्सव में कई स्कूलों से दस हजार बच्चों की यहां सहभागिता होगी।
प्रात: 9 बजे से चलने वाले कई कार्यक्रम के अलावा सायं 6 बजे से रात्रि 10 बजे तक झारखंड सहित देश भर के विशेष कलाकारों के द्वारा सांस्कृतिक आयोजन के माध्यम से कलाकार अपनी प्रतिभाओ के संग प्रस्तुति देंगे जिसमे झारखंड के प्रतिभावान बच्चों को मंच के साथ प्रोत्साहित और प्रेरित भी किया जायेगा।
वोकल फॉर लोकल सहित आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने के लिए स्वदेशी वस्त्र, स्वदेशी सामान, स्वदेशी खाद्य पदार्थों को स्वदेशी मेला के माध्यम से सांस्कृतिक कलाओ को देखने का सुनहरा अवसर प्रदान होगा। जनजातीय नृत्य, सामूहिक नृत्य, लघु नाटिका, शास्त्रीय संगीत, पश्च्यात सामूहिक संगीत, सहित पारंपरिक गीतों की प्रस्तुतियां भी कलाकारों के माध्यम से रखी जायेगी।
इस अवसर पर शिवराज सिंह चौहान कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री सहित गजेंद्र सिंह शेखावत पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री, भारत सरकार सहित कई केंद्रीय मंत्री एवम विशिष्ट कलाकारों का आगमन होगा। संजय सेठ ने बताया कि आपरेशन सिंदूर का मई माह में एक साल पूर्ण हो रहा है आॅपरेशन सिंदूर के विजयी श्री पर रांची के बच्चों द्वारा बनायी गयी 400 पेंटिंग की प्रदर्शनी स्वदेशी मेला में लगायी जायेगी। स्वदेशी मेला के संयोजक मुकेश काबरा, सांस्कृतिक कार्यक्रम संयोजक अजय मलकानी, मेला प्रबंधक ऐश्वर्य सेठ, आशीष सत्यव्रत सहित 100 से भी ज्यादा सदस्य आयोजन को सफल बनाने में लगे हैं।
तीन दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से झारखंड के कलाकारों द्वारा प्रस्तुति दी जाएगी। झारखंड की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और स्वदेशी आत्मनिर्भरता का भब्य संगम राज्य में पहली बार हो रहा है। हमारा उद्देश्य स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना झारखंड की लोक संस्कृति परंपरा एवं आदिवासीयो के गौरव को मंच प्रदान कर उनको भरपूर सम्मान देना है। सांस्कृतिक कार्यक्रम के संग स्थानीय उत्पादों, पारंपरिक कला, और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देना लक्ष्य है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य रूप से रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ, महापौर रोशनी खलको, उप महापौर नीरज कुमार ,सांस्कृतिक महोत्सव के संयोजक अजय मलकानी, स्वदेशी मेला के संयोजक मुकेश काबरा, ऐश्वर्य सेठ, आशीष सत्यब्रत,नीरज चौधरी, रमेंद्र कुमार, शंकर दुबे, बलराम, कमलजीत सिंह (संटी), राजीव सहाय, अमित चौधरी, मनीष लोधा, पूनम आनंद, नीतू सिंह, सीमा, एस डी सिंह, आनंद संजीव साहू, नयन मयूर, आनंद कुमार, पवन जोडन, प्रमोद सारस्वत, संजय पोद्दार, ललन श्रीवास्तव, रवि कुमार वर्मा, संजय गोयल, प्रदीप कुमार, भीष्म सिंह, मनोज कुमार, नीलम चौधरी, राजीव वर्मा, राहुल सिंहा सहित काफी संख्या में आयोजन समिति के सदस्य लगे है। उक्त जानकारी समिति के मीडिया प्रभारी प्रमोद सारस्वत और संजय पोद्दार ने दी।
टीम एबीएन, रांची। रांची जिला बार एसोसिएशन (आरडीबीए) के वर्तमान उपाध्यक्ष बीके राय के आकस्मिक निधन से अधिवक्ता जगत में गहरा शोक व्याप्त है। उनके निधन की खबर मिलते ही कोर्ट परिसर और बार भवन में शोक की लहर दौड़ गई। सोमवार को आरडीबीए की ओर से बार भवन में शोक सभा का आयोजन किया गया, जहां अधिवक्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
स्व. बीके राय (76) ने वर्ष 1973 में वकालत की शुरुआत की थी और अपने पांच दशक से अधिक लंबे पेशेवर जीवन में उन्होंने न केवल एक सफल अधिवक्ता के रूप में पहचान बनायी, बल्कि युवा वकीलों के मार्गदर्शक के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। वे अपने सरल स्वभाव, अनुशासन और न्याय के प्रति समर्पण के लिए जाने जाते थे। अधिवक्ताओं के बीच उनकी छवि एक सुलझे हुए और मददगार वरिष्ठ के रूप में थी।
उनके सम्मान में आयोजित फुलकोर्ट रेफरेंस के तहत सोमवार को अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों से खुद को अलग रखा। इस दौरान न्यायालय परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और सभी ने उनके योगदान को याद किया। रविवार सुबह धुर्वा स्थित उनके आवास पर उनका निधन हो गया था। इसके बाद उनका अंतिम संस्कार वाराणसी में संपन्न किया गया, जहां परिजनों और शुभचिंतकों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
शोक सभा में आरडीबीए के अध्यक्ष एसपी अग्रवाल, महासचिव संजय कुमार विद्रोही, संयुक्त सचिव अभिषेक कुमार भारती, पुस्तकालय सचिव प्रदीप कुमार चौरसिया, कोषाध्यक्ष मुकेश कुमार केसरी, सहायक कोषाध्यक्ष दीनदयाल सिंह समेत कार्यकारिणी सदस्य शंकर कुमार शर्मा, बीरेंद्र प्रताप, मनीष कुमार, बबलू सिंह, रामकृष्ण भगत, असीम कच्चप और सोसन नाग के साथ डॉ रबिंद्र कुमार, अनिल कुमार सिंह महाराणा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। सभी ने स्व. राय के व्यक्तित्व और उनके योगदान को याद करते हुए इसे अधिवक्ता समाज के लिए अपूरणीय क्षति बतायी।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse