झारखंड

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Published / 2026-05-07 21:59:36
परिजनों को ढाढ़स बंधाने पहुंचे कांग्रेस नेता आलोक साहू

कांग्रेस नेता आलोक साहू ने शोक संतप्त परिवार से की मुलाकात, सांसद सुखदेव भगत ने भेजी संवेदना 

कांग्रेस नेताओं ने शोकाकुल परिवार से मिलकर जतायी गहरी संवेदना 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, भंडरा/लोहरदगा। भंडरा प्रखंड अंतर्गत कुम्हरिया अंबा टोली निवासी कांग्रेस नेता इम्तियाज अंसारी के पिता मुस्तकीम अंसारी के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है। उनके निधन की खबर मिलते ही कांग्रेस पार्टी एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने गहरा दुख व्यक्त किया। 

इस दु:खद सूचना पर लोहरदगा इंटक अध्यक्ष सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक कुमार साहू, भंडरा प्रखंड सांसद प्रतिनिधि विजय चौहान तथा राधेश्याम साहू कुम्हरिया अंबा टोली स्थित उनके आवास पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की।

नेताओं ने दिवंगत मुस्तकीम अंसारी के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। मौके पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक कुमार साहू ने कहा कि मुस्तकीम अंसारी एक सरल, मिलनसार एवं सामाजिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। उनके निधन से न केवल परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। 

उन्होंने कहा कि दु:ख की इस घड़ी में कांग्रेस परिवार पूरी मजबूती के साथ शोक संतप्त परिवार के साथ खड़ा है। वहीं सांसद प्रतिनिधि विजय चौहान ने कहा कि स्वर्गीय मुस्तकीम अंसारी का सामाजिक व्यवहार लोगों के बीच हमेशा याद किया जायेगा। उन्होंने परिवार को ढांढस बंधाते हुए कहा कि हर परिस्थिति में कांग्रेस परिवार उनके साथ है। इस दौरान आलोक कुमार साहू ने जानकारी दी कि लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत वर्तमान में हैदराबाद में हैं। 

उन्होंने दूरभाष के माध्यम से शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है तथा दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की है। शोक संवेदना व्यक्त करने वालों में स्थानीय ग्रामीण, कांग्रेस कार्यकर्ता एवं क्षेत्र के कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Published / 2026-05-07 18:06:21
सरायकेला : बिजली करंट से हाथी की मौत

सरायकेला में करंट से जंगली हाथी की मौत, अवैध बालू खनन और बिजली तार पर उठे सवाल 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, सरायकेला। जिला अंतर्गत कुकड़ू प्रखंड के तिरुलडीह और सपारूम गांव के बीच स्थित जंगल में मंगलवार रात करंट लगने से एक जंगली हाथी की मौत हो गयी। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर जांच में जुट गयी।

बताया जा रहा है कि यह इलाका हाथियों का पारंपरिक आवाजाही मार्ग और ठहराव स्थल रहा है।  ग्रामीणों के अनुसार, हाथी का शव सपारूम गांव के जंगल में मिला, जहां बड़े पैमाने पर अवैध रूप से बालू का भंडारण किया गया है। खनन विभाग द्वारा इस क्षेत्र से पूर्व में कई बार बालू जब्त भी किया जा चुका है।  

अवैध खनन के कारण हाथी बाहर आ रहे  

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अवैध बालू के ढेर और ट्रकों की लगातार आवाजाही से हाथियों का कॉरिडोर बाधित हो गया है, जिससे वे भटककर खतरनाक क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि हाथी करंट की चपेट में कैसे आया। 

आशंका जतायी जा रही है कि अवैध बालू कारोबारियों ने हाथियों को भगाने के लिए अवैध रूप से बिजली का तार बिछाया हो सकता है। यदि यह आशंका सही पायी जाती है, तो यह गंभीर आपराधिक लापरवाही के साथ वन्यजीव संरक्षण कानून का उल्लंघन माना जायेगा। 

वन विभाग पर मिलीभगत का आरोप  

ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि वन विभाग को कॉरिडोर में अवैध बालू भंडारण की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गयी। न ही इलाके में एलिफेंट ड्राइव टीम की तैनाती की गयी और न ही बिजली विभाग से समन्वय कर अवैध तारों की जांच करायी गयी। 

बिजली विभाग से मांगी रिपोर्ट  

इस संबंध में मधुश्री महतो, जिला परिषद उपाध्यक्ष ने कहा कि प्रथम दृष्टया हाथी की मौत करंट से प्रतीत होती है। बिजली विभाग से रिपोर्ट मांगी गयी है। यदि अवैध तार से मौत की पुष्टि होती है, तो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गैर-जमानती मामला दर्ज कर दोषियों की गिरफ्तारी की जानी चाहिए। साथ ही अवैध बालू भंडारण की भी जांच होनी चाहिए।  

गौरतलब है कि लगभग एक वर्ष पूर्व तुलीनडीह के जंगल में एक हाथी के बच्चे की भी मौत हुई थी। पिछले तीन महीनों में जिले में यह तीसरे हाथी की मौत बतायी जा रही है। लगातार हो रही इन घटनाओं से दलमा कॉरिडोर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। 

स्थानीय लोगों ने मांग की है कि घटना की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए, साथ ही हाथियों के कॉरिडोर को अतिक्रमण और अवैध गतिविधियों से मुक्त कर सुरक्षित बनाया जाए, ताकि मानव और वन्यजीव दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

Published / 2026-05-07 17:57:02
दस थैलेसीमिया बच्चों को गोद लेकर हर महीने रक्त उपलब्ध कराते हैं राजेश मार्डी

08 मई विश्व थैलेसीमिया दिवस विशेषांक 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। जमशेदपुर में ट्राइबल ब्लड मैन के नाम से मशहूर राजेश मार्डी अब तक अपने जीवन काल में 80वीं बार रक्तदान कर चुके हैं और आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों में रक्तदान शिविर आयोजित करने के लिए प्रसिद्ध हैं तथा नये-नये युवाओं को रक्तदान के लिए प्रेरित करते रहते हैं। राजेश मार्डी कोल्हान प्रमंडल के पहले आदिवासी युवा हैं जिन्होंने अब तक सबसे अधिक बार रक्तदान किया हैं। 

वर्ष 2019 में पहली बार पोटका प्रखंड के रासुनचोपा निवासी मंगल सोरेन की एकमात्र थैलेसीमिया पीड़ित बच्ची आरोही सोरेन को गोद लिया था और उन्हें हर माह ब्लड उपलब्ध करा रहे हैं। राजेश मार्डी का यह प्रयास अब भी जारी है और अब तक इन्होंने कुल दस थैलेसीमिया पीड़ित आदिवासी बच्चों को गोद लिया है और इनके प्रयास से इन बच्चों को हर महीने जमशेदपुर ब्लड सेंटर से नि: शुल्क ब्लड उपलब्ध कराया जाता है। 

इनके इस साहसिक फैसले से कई संगठनों के द्वारा राजेश मार्डी को कई बार सम्मानित भी किया जा चुका है। इसपर राजेश मार्डी ने कहा कि उन्हें अपने आप पर गर्व महसूस होता है कि उनके प्रयास से कई बच्चों को समय पर ब्लड उपलब्ध हो रहा है।  

राजेश मार्डी द्वारा गोद लिये गये बच्चे 

  1. आरोही सोरेन, रासुनचोपा, पोटका 
  2. सुमन टुडू, महेशडूबा, घाटशिला 
  3. सचिन मुर्मू, चिरुगोड़ा, घाटशिला 
  4. अरुण तापे, नादुंप, सुंदरनगर 
  5. आर्यन मुर्मू, कुईलीसूता, मुसाबनी 
  6. प्रिया टुडू, मोड़दा, डुमरिया 
  7. निशा कंसारी, राजदोहा, नरवा 
  8. बिमला सोरेन, रुगड़ीडीह ओड़िशा 
  9. लिजा मुर्मू, कुमीरमुडी, ओड़िशा 
  10. सुमन टुडू, सीनी सिदमा सराईकेला

Published / 2026-05-07 17:55:47
विश्व रेड क्रॉस दिवस मानवता की सेवा का प्रतीक : संजय सर्राफ

टीम एबीएन, रांची। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता सह इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य संजय सर्राफ ने कहा है कि विश्व भर में मानवता, सेवा और करुणा के आदर्श को समर्पित विश्व रेडक्रॉस दिवस प्रत्येक वर्ष 8 मई को मनाया जाता है। 

विश्व रेड क्रॉस दिवस मनाने की शुरूआत 1948 में की गयी थी ताकि रेडक्रॉस के संस्थापक हेनरी डुनेट की स्मृति में हर वर्ष उनके जन्म दिवस 8 मई को इस दिन को समर्पित किया जा सके। उन्होंने युद्ध और आपदा के समय घायल एवं पीड़ित लोगों की सहायता के लिए पहल किया था। विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को मानव सेवा, आपदा राहत और स्वास्थ्य सहायता के प्रति जागरूक करना है। 

यह दिवस हमें याद दिलाता है कि जाति, धर्म, भाषा और सीमाओं से परे जाकर जरूरतमंदों की सहायता करना ही सच्ची मानवता है। रेडक्रॉस संगठन युद्ध, प्राकृतिक आपदाओं, महामारी और अन्य संकटों में निष्पक्ष होकर सहायता प्रदान करता है। इस दिवस की महत्ता अत्यंत व्यापक है। 

रेडक्रॉस ने विश्वभर में लाखों लोगों की जान बचायी है और संकट के समय उन्हें राहत पहुंचाई है। चाहे भूकंप हो,बाढ़, युद्ध या महामारी-हर स्थिति में यह संगठन अग्रणी भूमिका निभाता है। यह दिवस समाज में सेवा, सहानुभूति और सहयोग की भावना को मजबूत करता है। साथ ही युवाओं को समाजसेवा के लिए प्रेरित करता है। 

इस दिन विभिन्न स्थानों पर रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्कूलों,कॉलेजों एवं सामाजिक संस्थाओं में मानवता और सेवा के मूल्यों परआधारित कार्यक्रम होते हैं।रेडक्रॉस स्वयंसेवकों को सम्मानित किया जाता है, जिन्होंने नि:स्वार्थ सेवा का उदाहरण प्रस्तुत किया है। आपदा प्रबंधन और प्राथमिक चिकित्सा का प्रशिक्षण भी दिया जाता है। 

इस दिवस के प्रमुख उद्देश्य हैं जरूरतमंदों की सहायता के लिए लोगों को प्रेरित करना। आपदा के समय त्वरित और प्रभावी राहत कार्य सुनिश्चित करना। स्वास्थ्य सेवाओं और प्राथमिकचिकित्सा के प्रति जागरूकता बढ़ाना। मानवाधिकार और मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देना। विश्व रेडक्रॉस दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि मानवता के प्रति हमारी जिम्मेदारी का स्मरण है। 

यह दिवस हमें सिखाता है कि हर व्यक्ति अपने स्तर पर समाज की सेवा कर सकता है। आज के समय में, जब विश्व विभिन्न चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में रेडक्रॉस जैसी संस्थाओं की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। हमें भी उनके सिद्धांतों को अपनाकर एक बेहतर और संवेदनशील समाज के निर्माण में योगदान देना चाहिए।

Published / 2026-05-07 17:43:45
बोकारो : गैस टैंकर में आग के बाद ब्लास्टिंग के डर से भागे लोग

झारखंड: बोकारो में पुल के बीचों-बीच गैस टैंकर में लगी आग, ब्लास्ट के डर से भागे लोग 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो। झारखंड के बोकारो में पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र के गवाई पुल के बीचों-बीच गुरुवार सुबह करीब 11 बजे एक गैस टैंकर में अचानक आग लग गयी। इसकी वजह से इलाके में अफरा-तफरी मच गयी। 

बताया जा रहा है कि 16 चक्का गैस टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया, जिसके बाद उसमें आग लग गयी। कुछ ही देर में आग की लपटें काफी तेज हो गयी और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल बन गया। ब्लास्ट होने के डर से लोग भाग निकले।   

फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पहुंची  

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंच गये। सुरक्षा को देखते हुए एनएच-32 पर दोनों ओर वाहनों की आवाजाही रोक दी गयी, जिससे सड़क पर लंबी कतार लग गयी। पुलिस ने एहतियातन गवाई पुल से करीब आधा किलोमीटर पहले ही लोगों और वाहनों को रोक दिया है, जिससे कि कोई बड़ी दुर्घटना न हो। 

टैंकर लीक होने से गैस निकल गयी 

स्थानीय लोगों में सबसे ज्यादा डर इस बात को लेकर बना हुआ है कि अगर गैस टैंकर में ब्लास्ट हो जाता, तो गवाई पुल सहित आसपास के कई घर भी इसकी चपेट में आ सकते थे। 

हालांकि, शुरुआती जानकारी के अनुसार, आग लगने के बाद टैंकर से गैस लीक होकर काफी हद तक निकल गयी, जिससे बड़े विस्फोट की आशंका कुछ कम हुई है। आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है। घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। खबर लिखे जाने तक गैस टैंकर में लगी आग बुझी नहीं है।

Published / 2026-05-07 17:42:40
धनबाद : लोयाबाद में कचरा डंपिंग और प्लास्टिक जलाने से बढ़ा प्रदूषण

पर्यावरण पर मंडरा रहा खतरा 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिलाध्यक्ष रत्नेश कुमार ने धनबाद उपायुक्त को पत्र लिखकर लोयाबाद में कचरा डंपिंग पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने लिखा कि लोयाबाद क्षेत्र में रेंमकी कंपनी द्वारा कथित रूप से अवैध ढंग से नगर निगम का कचरा डंपिंग किये जाने और प्लास्टिक जलाने का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है।

लोयाबाद वार्ड संख्या 8 के एकड़ा-बासुदेवपुर कोलियरी स्थित जंगलों में पूरे धनबाद जिले का कचरा गिराये जाने से भरी मात्रा में प्रदूषण फैल रहा है और नगर निगम के ठेकेदार द्वारा सूखे और गीले कचरे को अलग-अलग निष्पादित करने के बजाय एक साथ जंगल क्षेत्र में फेंका जा रहा है। 

इतना ही नहीं, कचरे में मौजूद प्लास्टिक और अन्य अपशिष्ट पदार्थों में खुलेआम आग लगा दी जाती है, जिससे पूरे इलाके में जहरीला धुआं और दुर्गंध फैल रही है। इसके कारण लोयाबाद की आम जनता प्रदूषण की चपेट में आ रही है और लोगों का जीना मुश्किल हो गया है ओर कचरे के उचित रिसाइक्लिंग की प्रक्रिया भी नहीं अपनाई जा रही है।

ठेकेदार द्वारा उपयोगी सामानों को अलग कर बेच भी दिया जाता है और बाकी बचे कचरे व प्लास्टिक को जला दिया जाता है। इससे पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंच रहा है। जंगलों में रहने वाले जीव-जंतु और पक्षियों के जीवन पर भी खतरा मंडरा रहा है। 

लगातार कचरा डंपिंग के कारण हजारों हरे पेड़ कचरे से ढंकते जा रहे हैं, जिससे पूरे लोयाबाद क्षेत्र का पर्यावरण संतुलन बिगड़ता जा रहा है।  लोगों का कहना है कि इस मामले की शिकायत पहले भी धनबाद मेयर संजीव सिंह को दी जा चुकी है, और मैने कितना शिकायत भी किया लेकिन इसके बावजूद कचरा डंपिंग और प्लास्टिक जलाने का काम जारी है। 

यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगायी गयी, तो आंदोलन कर अवैध कचरा डंपिंग को बंद कराया जायेगा। इसलिए आप अपने स्तर से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का कृपा करेंगे।

Published / 2026-05-07 17:36:38
तमाड़ : तेज रफ्तार ले डूबी दो जिंदगी...

जेगो तालाब में समायी कार, शादी से लौट रहे दो लोगों की मौत 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, तमाड़/ रांची। थाना क्षेत्र में देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की जान चली गयी। यह घटना चालाडी गांव के पास घटी जब एक कार अनियंत्रित होकर तालाब में जा गिरी। हादसे के वक्त कार में तीन लोग सवार थे, जिनमें से एक युवक तैरकर बाहर निकलने में सफल रहा। 

कार का संतुलन बिगड़ने से हुई घटना 

कार सवार समेत सभी लोग रामगढ़ जिले के बरलंगा ओपी क्षेत्र के रहने वाले थे और एक शादी समारोह से वापस लौट रहे थे। लौटने के दौरान चालाडी गांव के समीप अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया और वाहन सीधे तालाब में जा गिरा। 

कार में मौजूद एक व्यक्ति ने तैरकर जान बचायी 

हादसे के बाद कार तेजी से पानी में डूबने लगी। कार में मौजूद शुभम गुप्ता किसी तरह बाहर निकल आया। उसने स्थानीय लोगों और पुलिस को घटना की सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। 

पुलिस ने तालाब में फंसे लोगों को बाहर निकाला 

सूचना मिलते ही तमाड़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तालाब में फंसे लोगों को बाहर निकालकर तमाड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। जहां डॉक्टरों ने 42 वर्षीय करमजीत और 40 वर्षीय रिंकी गुप्ता को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में शोक का माहौल है। 

स्थानीय लोगों ने आशंका जतायी है कि कार सवार लोग नशे की हालत में हो सकते हैं, हालांकि पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस का कहना है कि हादसे के कारणों की हर पहलू से जांच की जा रही है।

Published / 2026-05-06 20:50:29
जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड शामिल करें पीएम : आलोक साहू

सांसद सुखदेव भगत लोक सभा एवं विधानसभा में पुरजोर ढंग से जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड़ शामिल करने की मांग को उठाया था 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा इंटक अध्यक्ष सह वरिष्ठ कांग्रेस नेता आलोक कुमार साहू ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ट्वीट कर कहा कि झारखंड सहित पूरे देश में आदिवासी सरना धर्म के मानने वाले लगभग 80 लाख या इससे ज्यादा लोग हैं। 

आदिवासियों की प्राकृतिक, धार्मिक पहचान, आस्था पूजा पद्धति और विशिष्ट रीति रिवाज के संरक्षण के लिए 2027 में होने वाले जनगणना में सरना धर्म कोड़ शामिल करने की मांग की। 

श्री साहू ने कहा कि सरना धर्म के मानने वाले आदिवासी वर्षों से जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड़ शामिल करने की मांग करते आये हैं। लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत जब विधायक थे तो उन्होंने विधानसभा में मुख्यमंत्री प्रश्न काल में इस मामला को जोरदार ढंग से उठाया था। 

श्री भगत 1 फरवरी 2021 को भारत सरकार के गृह मंत्रालय में रजिस्ट्रार जनरल जनगणना आयुक्त डॉ विवेक जोशी से मिलकर होने वाले जनगणना कॉलम में आदिवासियों के लिए सरना धर्म कोड़ अंकित करने की मांग की थी। 

सांसद सुखदेव भगत सांसद बनने के बाद उनका पहला प्रश्न संसद में जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड़ शामिल करने की मांग को पुरजोर ढंग से उठाया था। कांग्रेस पार्टी का चुनावी मेनिफेस्टो में सरना धर्म कोड़ देने की मांग को शामिल किया गया था। 

लोकसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने स्पष्ट कहा था कि केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी तो आदिवासियों के लिए जनगणना कॉलम में सरना धर्म कोड़ को शामिल करेंगे। विदित हो कि पिछले 2011 जनगणना  में अन्य  कॉलम था जिसमें सरना धर्म के लोग अपनी धार्मिक पहचान को अंकित कराया था लेकिन इस बार केंद्र सरकार ने अन्य कॉलम को बंद कर दिया है।

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