झारखंड

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Published / 2026-05-10 17:55:34
धनबाद : ईस्ट बसुरिया में पर्दे के पीछे चल रहा अवैध कारोबार

ईस्ट बसुरिया क्षेत्र में खेल मैदान के समीप बड़े पर्दों से घेराबंदी कर चलाया जा रहा अवैध कोयले कारोबार 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले के कतरास स्थित ईस्ट बसुरिया क्षेत्र में बड़े पैमाने पर खुलेआम अवैध कोयला कारोबार जारी है। हैरानी की बात यह है कि दिन-रात बेखौफ तरीके से यह अवैध कारोबार संचालित हो रहा है, लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुआ। यह अवैध कारोबार मुख्य सड़क से महज लगभग 500 गज की दूरी पर संचालित हो रहा है। 

जिस स्थान का उपयोग पहले बच्चे खेल मैदान के रूप में करते थे, वहां अब पूरी तरह अलग माहौल बन चुका है। मैदान के आसपास भारी-भरकम वाहनों और बड़ी गाड़ियों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। तेज रफ्तार वाहनों के कारण बच्चों और आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल है। 

ईस्ट बसुरिया चेक पोस्ट के पीछे बच्चों के खेल मैदान के समीप साफ देखा जा सकता है कि बड़े - बड़े पर्दों से घेराबंदी कर अवैध कोयले का कारोबार चलाया जा रहा है। कि इस अवैध कारोबार के कारण प्रशासन की छवि भी धूमिल हो रही है। 

वहीं धनबाद एसएसपी लगातार अवैध कारोबार पर रोक लगाने के प्रयास में जुटे हैं, लेकिन कुछ कोयला माफिया प्रशासन की आंखों में धूल झोंककर इस कारोबार को संचालित कर रहे हैं। 

इधर, अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म  पर हेमंत सोरेन, झारखंड पुलिस, धनबाद पुलिस, रागिनी सिंह एवं सीआईएसएफ को टैग करते हुए अवैध कोयला कारोबार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है। 

उन्होंने धनबाद एसएसपी से आग्रह किया है कि अवैध कोयला कारोबार पर तत्काल कार्रवाई की जाये तथा बच्चों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाये।

Published / 2026-05-10 17:54:21
मां शारदे मंच ने किया रामपुर में जरूरतमंदों के बीच अनाज का वितरण

टीम एबीएन, रांची। मां शारदे मंच रांची की ओर से मदर्स डे के अवसर पर नामकुम प्रखंड के रामपुर पंचायत के रामपुर गांव में जरूरतमंदों के बीच अनाज वितरण किया। मौके पर रामपुर पंचायत की मुखिया सरस्वती देवी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के संबंध में उन्होंने कहा कि संस्था का यह प्रयास काफी सराहनीय है, इससे गांव के वैसे जरूरतमंदों को सहायता मिलेगी, जो दैनिक मजदूरी करके अपना जीवन यापन करते हैं। 

इस अवसर पर मुखिया ने आग्रह किया कि संस्था की ओर से पंचायत के समुचित विकास के लिए भविष्य में और भी अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भविष्य में संस्था के द्वारा आयोजित किये जाने वाले अन्य कार्यक्रमों में भी पंचायत के लोगों का पूरा सहयोग रहेंगे। संस्था की ओर से वितरण किये गये सामग्री में चावल, दाल, आटा, नमक, मसाले इत्यादि शामिल थे। 

कार्यक्रम के संबंध में संस्था की अध्यक्ष नीतू सिन्हा ने बताया कि संस्था की ओर से नियमित रूप से इस प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोगों के सहयोग से वे काफी उत्साहित हैं और इससे हमें और अधिक सक्रिय रूप से कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने बताया कि आगामी माह में संस्था की ओर से स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर लगाने पर विचार किया जा रहा है। 

कार्यक्रम को सफल बनाने में शिखा प्रिया, सीमा श्रीवास्तव, रजनी बक्शी, सीमा कुमार, रीना गुप्ता, किरण सिन्हा, मधु सिन्हा, पुष्पा सिंह, रेणु वर्मा, नंदिनी प्रणय, समीर सिन्हा, पंकज गोयल, शशांक श्रीवास्तव, अजय लकड़ा, मार्गरेट लकड़ा आदि ने सहयोग किये। संस्था  की ओर से समीर सिन्हा ने सभी का धन्यवाद दिया तथा भविष्य में भी संस्था की ओर से आयोजित किये जाने वाले कार्यक्रमों में सहयोग का आग्रह किया।

Published / 2026-05-10 17:53:18
श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा के अध्यक्ष बने अमरचंद बेगानी, मंत्री बने विनोद बेंगवानी

नयी कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन, समाज के विकास और एकता पर दिया गया जोर 

टीम एबीएन, रांची। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा की आम सभा का आयोजन स्थानीय दिगंबर जैन भवन में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। सभा में समाज के बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक नवकार मंत्र के उच्चारण के साथ किया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक एवं अनुशासित भाव से ओत-प्रोत हो उठा। 

सभा में पूर्व कार्यकारिणी ने विगत वर्षों में किये सामाजिक, धार्मिक एवं संगठनात्मक कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। वहीं कोषाध्यक्ष ने सभा का आय-व्यय एवं लेखा-जोखा सदस्यों के समक्ष रखा, जिसे उपस्थित सदस्यों ने सराहा। 

इसके पश्चात वर्ष 2026-28 के लिए नयी कार्यकारिणी के गठन की प्रक्रिया संपन्न हुई। समाज के सभी सदस्यों की सहमति एवं सर्वसम्मति से अमरचंद बेगानी को श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथ सभा का नया अध्यक्ष चुना गया। वहीं विनोद बेंगवानी को मंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गयी। 

नयी कार्यकारिणी में कमलेश संचेती को उपाध्यक्ष, संजय सिंघी को कोषाध्यक्ष, ललित सेठिया को सह सचिव बनाया गया। इसके साथ ही विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में दिलीप बोहरा, लालचंद बोथरा, प्रकाश नाहटा एवं कोमल जी गेल्डा को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गयी। कार्यकारिणी सदस्यों में अमित बेगानी, विशाल सिंघी, अशोक गुलगुलिया, दिलीप भटेरा, विजय बोथरा एवं पंकज बोथरा को शामिल किया गया।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमरचंद बेगानी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि तेरापंथ सभा समाज की एकता, संस्कार, सेवा एवं धार्मिक गतिविधियों को और अधिक मजबूती प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी। उन्होंने सभी सदस्यों के सहयोग एवं विश्वास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संगठन को नयी ऊंचाइयों तक ले जाने का संकल्प लिया। 

सभा में उपस्थित समाजबंधुओं ने नयी कार्यकारिणी को शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि उनके नेतृत्व में सभा सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र में नये आयाम स्थापित करेगी। कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। उक्त जानकारी संघ के मीडिया प्रभारी सुरेश जैन ने दी।

Published / 2026-05-09 21:43:28
खदानों में श्रमिकों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं : सुखदेव भगत

आधुनिक तकनीक और मजबूत सुरक्षा मानक जरूरी 

सिलीगुड़ी, गंगटोक और हैदराबाद में कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी स्थायी समिति की अहम बैठक में संपन्न 

एबीएन सेंट्रल डेस्क, हैदराबाद/लोहरदगा। कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति की अध्ययन यात्रा के तहत सिलीगुड़ी, गंगटोक और हैदराबाद में आयोजित उच्चस्तरीय बैठकों में खनन क्षेत्र की सुरक्षा, संरक्षण, अवसंरचना विकास और आत्मनिर्भर भारत अभियान को लेकर व्यापक मंथन किया गया। समिति की अध्यक्षता सांसद अनुराग ठाकुर ने की। 

बैठकों में कोयला मंत्रालय, खान मंत्रालय तथा विभिन्न सार्वजनिक उपक्रमों और संस्थानों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल), नॉर्थ ईस्टर्न कोल फील्ड्स, सेंट्रल कोल फील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल), भारतीय खान ब्यूरो, भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, नेशनल एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (नालको), मिनरल एक्सप्लोरेशन एंड कंसल्टेंसी लिमिटेड तथा हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड के प्रतिनिधि शामिल रहे। 

सिलीगुड़ी में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन पर विशेष चर्चा हुई। आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश को महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में रणनीतियों और संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। गंगटोक में समिति ने कोयला खदानों में संरक्षण, श्रमिक सुरक्षा और अवसंरचना विकास के मुद्दों पर गंभीर चर्चा की। 

इस दौरान लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने खदानों में कार्यरत श्रमिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि खदानों में सुरक्षा मानकों को और अधिक मजबूत किया जाए तथा आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित हो, ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। 

सुखदेव भगत ने कहा कि खनन क्षेत्र में सतत विकास के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। इसके लिए स्थायी संरक्षण उपायों को प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कोयला खदानों एवं आसपास के क्षेत्रों में आधारभूत संरचनाओं के उन्नयन की आवश्यकता बताते हुए कहा कि बेहतर सड़क, बिजली, जलापूर्ति और अन्य सुविधाओं से उत्पादन क्षमता में तेजी आयेगी और स्थानीय विकास को भी बल मिलेगा। 

वहीं हैदराबाद में आयोजित बैठक में कुकिंग कोल की कमी और इस्पात उत्पादन में स्थानीय कोयले के अधिक उपयोग पर चर्चा की गई। विशेषज्ञों ने कहा कि घरेलू संसाधनों के बेहतर उपयोग से इस्पात उद्योग को आत्मनिर्भर बनाने में मदद मिलेगी। बैठक का मुख्य उद्देश्य देश के कोयला और खनिज क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना तथा सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को और अधिक प्रभावी बनाना था।

Published / 2026-05-09 21:37:28
आॅल इंडिया पोस्टल/ आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड की बैठक

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 9 मई को रांची जीपीओ में के डी राय व्यथित की अध्यक्षता में आॅल इंडिया पोस्टल/ आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड की बैठक आयोजित की गई  जिसमें 3 दर्जन से अधिक पोस्टल/ आर एम एस पेंशनर्स के अलावा सेंट्रल ग्राउंड वाटर बोर्ड के शिव सेवक पाठक, देवेंद्र प्रसाद एवं एन पांडेय भी उपस्थित थे। 

बैठक में राष्ट्रीय आह्वान पर पेंशन अधिनियम में कथित  संशोधन को लेकर एकजुट होकर संघर्ष किए जाने की बात कही गयी तथा अन्य पेंशनर्स एवं पेंशनर्स संगठनों को जागरूक किए जाने पर सहमति बनी। पेंशनर्स एसोसिएशन के 17 संगठनों ने इस ड्राकोनियन संशोधन के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में पिछले नवंबर में याचिका दायर की है जो अब तक हियरिंग स्टेज में है। ये संशोधन संविधान के अनुक्षेद 14 के विरुद्ध है जो समानता के अधिकार का हनन करता है। 

सी जी एच एस में फ्री हसल ट्रीटमेंट को लेकर भी चिंता व्यक्त की गयी तथा कहा गया कि लाभार्थियों विशेषकर पेंशनर्स को इलाज में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। दवा समय पर उपलब्ध नहीं करायी जाती है। इनडेंट की गयी दवा एक हफ्ते से पहले नहीं मिलती है, इसे तीन दोनों के अंदर मिलना चाहिए। लाइफ सेविंग दवा की उपलब्धता में भी काफी विलंब किया जाता है। 

3 सालों से लोकल/ जोनल एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग आयोजित नहीं की गई है जिसे प्रत्येक माह के दूसरे एवं तीसरे शनिवार को स्वास्थ मंत्रालय के प्रावधानों के अनुसार कराया जाना है। इसको  लेकर एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल मार्च में अतिरिक्त निदेशक से मिलकर ज्ञापन भी सौंपा था और उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया था कि अप्रैल में इसे कर दिया जायेगा। 

बैठक में निर्णय लिया गया कि पूरे झारखंड में क्रमबद्ध तरीके से सदस्यता अभियान चलाना चाहिए ताकि अधिक से अधिक पेंशनर्स को जागरूक किया जा सके। मई के अंतिम सप्ताह में आर्थराइटिस के मरीजों के लिए  दिल्ली की  एक कंसल्टेंट एजेंसी के सहयोग से पेंशनर्स एसोसिएशन के द्वारा मुफ्त मेडिकल कैम्प आयोजित किया जायेगा।  

चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन में एम जेड खान को राष्ट्रीय संयुक्त सचिव चुने जाने पर उपस्थित सदस्यों बधाई देते हुए कहा कि ये झारखंड के लिए एक उपलब्धि से कम नहीं। आज की बैठक  को एम जेड खान, राज्य सचिव, साधन कुमार सिंहा, बिपिन चौधरी, रंगनाथ पांडेय, शमीम अख्तर,के डी राय व्यथित, रामचंद्र प्रसाद, आर के वर्मा, जी डी साहू, शिव सेवक पाठक आदि ने संबोधित किया। 

मौके पर हसीना तिग्गा, अमिता कुजूर, इसहाक मिंज,मो रफी, नूर मोहम्मद, धनेश्वर गोस्वामी, त्रिलोकी नाथ साहू, धनेश्वर महतो, मन रखन महतो, भवन बारला, इसाक मिंज, डी जे मिंज, एस पी सिंह,रामचंद्र प्रसाद, शेख हबीब, सुशीला कुजूर, सरोज कुमार केसरी आर के मिंज आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी आॅल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन, रांची के राज्य सचिव एम जेड खान ने दी।

Published / 2026-05-09 21:34:41
पाकुड़: ढाई माह की बच्ची को सियार ने नोच खाया

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पाकुड़। जिले में एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देनेवाली भयावह घटना सामने आयी है। सदर प्रखंड के लखीनारायणपुर गांव में शुक्रवार रात सियारों के झुंड ने एक घर में घुसकर ढाई माह की मासूम बच्ची को उठा लिया और उसे नोचकर खा गये। वहीं दूसरी चार वर्षीय बच्ची पर भी हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि शुक्रवार देर रात सियारों का झुंड समीरुल शेख के घर घुसा। 

उस समय परिवार के सदस्य सो रहे थे। सियार ढाई माह की बच्ची आफीफा को मां जासमीन के पास से उठाकर ले गये। बाद में बच्ची के शरीर के कुछ अवशेष ही बरामद हो सके। पुलिस ने अवशेषों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। सियारों ने घर में मौजूद चार वर्षीय जासमीन खातून पर भी हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गयी।  बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मासूम आफीफा खातून के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। 

चीख सुनकर पहुंचे ग्रामीण

जासमीन की चीख सुन परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों को आता देख सियारों का झुंड वहां से भाग निकला। गौरव कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी वन विभाग और वरीय अधिकारियों को दे दी गयी है। वन विभाग की टीम इलाके में सियारों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। घटना के बाद गांव में भय और मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन से वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों पर नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। 

क्या कहते हैं ग्रामीण 

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाल के दिनों में गांव के आसपास सियारों की संख्या बढ़ी है, जिससे लोगों में लगातार डर बना हुआ है। इस घटना के बाद पूरे गांव में दहशत और मातम का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के निकट एक कब्रिस्तान के पास लगभग 300 से 400 सियार रहता है और रात्रि में यही सब गांव में घूमते रहते हैं। कुछ माह पूर्व एक बकरी को भी सियार ने अपना शिकार बना लिया था।

Published / 2026-05-09 18:36:10
आजसू छात्र संघ ने गवर्नर और सीएम को सौंपा विरोध पत्र

आजसू ने राज्य के सभी विश्विद्यालयों  एवं अंगीभूत महाविद्यालयों एवं प्रस्तावित रिस्ट्रक्टिंग एंड क्लसटरिंग सिस्टम संबंधी संकल्प को तत्काल निरस्त करने हेतु राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को विरोध-पत्र सौंपा 

टीम एबीएन, रांची। आजसू ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को कहा कि झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा जारी संकल्प पत्रांक- 05/प0-13/2023 - 902, संकल्प पत्रांक-05/प0-06/2023 - 893 एवं अन्य संकल्प पत्रों के माध्यम से रांची विश्वविद्यालय, इसके अंतर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों एवं झारखंड के अन्य विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों के रिस्ट्रक्टिंग एंड क्लसटरिंग सिस्टम को लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। 

यह प्रस्ताव राज्य की उच्च शिक्षा व्यवस्था, विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों तथा झारखंड की भाषाई एवं सांस्कृतिक अस्मिता के लिए अत्यंत चिंताजनक, अव्यावहारिक एवं जनविरोधी प्रतीत होता है। अत: आजसू  इस संपूर्ण व्यवस्था का पुरजोर विरोध करते हुए माननीय राज्यपाल एवं  मुख्यमंत्री महोदय से इसे तत्काल निरस्त करने की मांग करती हैं। 

झारखंड सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से अभी भी विकासशील राज्यों की श्रेणी में आता है। राज्य के अधिकांश विद्यार्थी ग्रामीण, आदिवासी, दलित, पिछड़े एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं। ऐसे विद्यार्थी सीमित संसाधनों के बीच अपने निकटवर्ती महाविद्यालयों में अध्ययन कर पाते हैं। वर्तमान व्यवस्था में एक ही महाविद्यालय में कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय उपलब्ध रहने से विद्यार्थियों को विषय चयन की स्वतंत्रता, सहज पहुंच तथा संतुलित शैक्षणिक वातावरण प्राप्त होता है। 

किंतु प्रस्तावित क्लसटरिंग सिस्टम अंतर्गत किसी महाविद्यालय को केवल विज्ञान, किसी को केवल कला तथा किसी को केवल वाणिज्य अथवा अन्य विशिष्ट विषयों तक सीमित करने का प्रयास किया जा रहा है। यह व्यवस्था पूर्णत: अव्यावहारिक, छात्र-विरोधी एवं शिक्षा-विरोधी है। यदि विद्यार्थियों को अलग-अलग संकायों के लिए विभिन्न महाविद्यालयों में जाना पड़ेगा, तो राज्य की संपूर्ण उच्च शिक्षा व्यवस्था गंभीर रूप से प्रभावित होगी। 

  1. गरीब एवं ग्रामीण विद्यार्थियों पर प्रतिकूल प्रभाव : इस व्यवस्था के कारण गरीब एवं ग्रामीण विद्यार्थियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्हें परिवहन, आवास एवं अन्य खर्च वहन करने पड़ेंगे, जो अधिकांश परिवारों के लिए संभव नहीं है। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में विद्यार्थी उच्च शिक्षा छोड़ने को विवश होंगे। झारखंड पहले से ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत से पीछे है। ऐसी स्थिति में यह व्यवस्था विद्यार्थियों को शिक्षा से और दूर कर देगी। 
  2. छात्राओं की शिक्षा पर गंभीर असर : ग्रामीण एवं पारंपरिक परिवारों की अनेक छात्राएं केवल निकटवर्ती महाविद्यालयों में ही अध्ययन कर पाती हैं। यदि विषयों के अनुसार उन्हें दूरस्थ महाविद्यालयों में जाना पड़े, तो उनकी शिक्षा बाधित होगी तथा महिला शिक्षा को गंभीर क्षति पहुंचेगी। 
  3. राष्ट्रीय शिक्षा नीति की मूल भावना के विपरीत : राष्ट्रीय शिक्षा नीति बहुविषयी शिक्षा की अवधारणा को बढ़ावा देती है, जहां विद्यार्थी विभिन्न विषयों का अध्ययन कर सकें। परंतु प्रस्तावित क्लसटरिंग सिस्टम महाविद्यालयों को संकीर्ण विषय-केंद्रित संस्थानों में बदलने का प्रयास कर रहा है। वास्तविक बहुविषयी शिक्षा तभी संभव है जब एक ही महाविद्यालय में कला, विज्ञान एवं वाणिज्य सभी संकाय उपलब्ध हों। 
  4. महाविद्यालयों की ऐतिहासिक पहचान समाप्त होने का खतरा : वर्षों से स्थापित महाविद्यालय अपनी समग्र शैक्षणिक संरचना एवं बहुविषयी स्वरूप के कारण प्रसिद्ध हैं। यदि उनमें से विभिन्न संकाय समाप्त या स्थानांतरित कर दिये गये, तो उनकी ऐतिहासिक पहचान, शैक्षणिक गरिमा एवं सामाजिक महत्व प्रभावित होगा। 
  5. शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पदों पर संकट : इस संकल्प में अनेक शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों को सरेंडर करने तथा पुनर्गठन के नाम पर समाप्त करने का प्रस्ताव भी रखा गया है। जबकि वास्तविक स्थिति यह है कि विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में पहले से ही शिक्षकों एवं कर्मचारियों की भारी कमी है। पदों की कटौती से शिक्षा की गुणवत्ता, शोध कार्य, परीक्षा व्यवस्था, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं एवं प्रशासनिक कार्य गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। 
  6. जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं पर सीधा खतरा : झारखंड अपनी समृद्ध जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं, संस्कृति, परंपराओं एवं लोकजीवन के कारण पूरे देश में विशिष्ट पहचान रखता है। यहां की भाषाएं केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि आदिवासी एवं मूलवासी समाज की ऐतिहासिक चेतना, सांस्कृतिक विरासत एवं सामाजिक अस्मिता की आधारशिला हैं। वर्तमान में विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में संताली, हो, खड़िया, कुड़ुख, मुंडारी, नागपुरी, पंचपरगनिया, खोरठा एवं कुड़माली जैसी भाषाओं का अध्ययन-अध्यापन होने के कारण नयी पीढ़ी अपनी भाषा, संस्कृति एवं परंपराओं से जुड़ी हुई है। किंतु प्रस्तावित क्लसटरिंग सिस्टम के अंतर्गत इन विभागों को सीमित अथवा स्थानांतरित किए जाने से जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विभाग स्वत: कमजोर हो जायेंगे। अधिकांश विद्यार्थी दूरस्थ महाविद्यालयों में जाकर इन भाषाओं का अध्ययन नहीं कर पायेंगे, जिससे नामांकन घटेगा, विभाग निष्क्रिय होंगे तथा धीरे-धीरे ये भाषाएं उच्च शिक्षा व्यवस्था से समाप्त होने लगेंगी। यह केवल शैक्षणिक क्षति नहीं होगी, बल्कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान एवं भाषाई विरासत पर भी गंभीर आघात होगा। 
  7. झारखंड को शिक्षा के क्षेत्र में और पीछे धकेलने वाला निर्णय : झारखंड जैसे राज्य में आवश्यकता उच्च शिक्षा संस्थानों को मजबूत करने की है, न कि उन्हें विभाजित एवं कमजोर करने की। महाविद्यालयों को तोड़ने के बजाय उनमें शिक्षकों की नियुक्ति, आधारभूत संरचना, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, डिजिटल सुविधाएं एवं शोध व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाना चाहिए। 

यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो झारखंड उच्च शिक्षा, भाषा एवं संस्कृति तीनों क्षेत्रों में और अधिक पिछड़ जायेगा। राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री से विनम्र प्रार्थना है कि 

  1. रिस्ट्रक्टिंग एंड क्लसटरिंग सिस्टम संबंधी उक्त संकल्प को तत्काल निरस्त किया जाये। 
  2. प्रत्येक महाविद्यालय में पूर्ववत कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों को यथावत रखा जाये। 
  3. जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विभागों एवं अध्ययन-अध्यापन की वर्तमान व्यवस्था को सुरक्षित रखा जाये। 
  4. शिक्षकों एवं कर्मचारियों के पदों में कटौती बंद कर नियमित नियुक्तियां की जायें। 
  5. किसी भी नयी व्यवस्था को लागू करने से पूर्व विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं शिक्षाविदों से व्यापक विमर्श किया जाये। 

हमें पूर्ण विश्वास है कि राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं राज्य के शैक्षणिक तथा सांस्कृतिक भविष्य के हित में संवेदनशील निर्णय लेते हुए इस जनविरोधी संकल्प को तत्काल निरस्त करने की कृपा करेंगे। ज्ञापन सौंपने में प्रदेश सचिव सक्षम झा, प्रदेश सचिव राजेश सिंह, महानगर अध्यक्ष अमन साहू, निशांत लिंडा, मोहन कुमार, संदीप सिंह इत्यादि उपस्थित थे। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश सचिव सक्षम झा और राजेश सिंह ने दी।

Published / 2026-05-09 18:32:49
लोहरदगा : डिवाइडर पर चढ़ने के बाद पेड़ से टकरायी कार, एक की मौत, चार घायल

लोहरदगा में एसपी आवास के पास डिवाइडर पर चढ़ी कार, 1 की मौत, 4 घायल 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले में शनिवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गयी जबकि चार अन्य घायल हो गये। हादसा लोहरदगा एसपी कोठी के समीप उस समय हुआ जब रघुटोली की ओर से शहर की तरफ आ रही एक सफारी कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बैरिकेडिंग से टकराते हुए डिवाइडर पर चढ़ गयी। 

दुर्घटनाग्रस्त कार का नंबर बिहार के मुजफ्फरपुर जिले का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वाहन की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक चालक नियंत्रण खो बैठा जिसके बाद कार जोरदार टक्कर के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गयी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गयी।  

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गयी, जबकि चार अन्य घायलों का इलाज जारी है। दुर्घटना के कारण कुछ देर तक सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। 

बाद में क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहन को सड़क से हटाया गया जिसके बाद आवागमन सामान्य हो सका। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है।

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