एबीएन न्यूज नेटवर्क, हुसैनाबाद, पलामू। प्रखण्ड के झारखण्ड बिहार सीमा अंतर्गत दंगवार में विद्या निकेतन पब्लिक स्कूल में गुरुवार को 9 वा वार्षिक उत्सव सह परीक्षा परिणाम वितरण का कार्यक्रम समारोह के रूप में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ राजद के प्रदेश महासचिव रवि कुमार यादव व पंचायत के मुखिया अमरेंद्र ठाकुर, हुसैनाबाद शहर के पूर्व चेयरमैन शशि कुमार, नवनिर्वाचित उपाध्यक्ष सुनील कुमार चौधरी, भाजपा नेता अजय प्रसाद गुप्ता आदि ने फीता काटकर माँ सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।इस दौरान स्कूल के नन्हे बच्चों ने एक से बढ़कर एक मनोरंजक कार्यक्रम प्रस्तुत कर लोगो का मन मोह लिया। कार्यक्रम का संचालन निदेशक शुशील कुमार ने किया जबकि अध्यक्षता प्रचार्या पूनम कुमारी ने किया।
रवि यादव ने कहा शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी करना या पैसा कमाना नही हैं बल्कि समाज मे फैली गंदगी व बुराई को दूर करते हुए अंधेरा से बाहर निकलना है। शिक्षक के साथ साथ अभिभावकों का दायित्व भी हैं कि बच्चों की पढ़ाई के प्रति सचेत रहें। उन्होंने स्कूल के संचालक को भी धन्यवाद दिया कि एकदम सीमावर्ती व ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे रहे हैं ।
चेयरमैन शशि ने कहा कि आज शिक्षा के बिना मानव जीवन पशु के समान हैं। शिक्षा से बेहतर चरित्र का निर्माण होता हैं। मौके पर अनामिका गुप्ता, प्रियंका कुमारी, नेहा कुमारी, प्रियंका मेहता, खुशबू ठाकुर, गुनगुन आदि पार्टीसीपेट बच्चों के साथ सैकड़ों की संख्या में अभिभावक मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में एलपीजी गैस की आपूर्ति को लेकर उत्पन्न स्थिति पर स्वास्थ्य मंत्री और आपदा प्रबंधन और खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी गैस एजेंसियों को फटकार लगायी।
डॉ अंसारी स्पष्ट निर्देश दिया कि हर हाल में लंबित डिलीवरी (बैकलॉग) को तुरंत समाप्त किया जाए। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे प्रमुख जिलों में इतनी बड़ी संख्या में बैकलॉग क्यों है, जिसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि 7 से 10 दिनों के भीतर पूरे राज्य में गैस आपूर्ति की स्थिति सामान्य की जाए और सभी लंबित आॅडर्र का निपटारा किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि लापरवाही या ढिलाई बरतने वाले एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ अंसारी ने अपने निर्देश में स्पष्ट किया कि रांची, जमशेदपुर और धनबाद जैसे जिलों में जहां सबसे अधिक बैकलॉग है, वहां प्राथमिकता के आधार पर लंबित डिलीवरी को तुरंत क्लियर किया जाए। साथ ही एलपीजी की उपलब्धता, मांग और लंबित डिलीवरी की लगातार समीक्षा की जाए ताकि आपूर्ति श्रृंखला सुचारू बनी रहे। यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि धार्मिक अनुष्ठान एवं शादी-विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर गैस की कोई किल्लत न हो।
डॉ अंसारी ने सख्त चेतावनी दी कि यदि कहीं भी सड़क पर अवैध या अनियमित तरीके से सिलेंडर की डिलीवरी पाई जाती है तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कारर्वाई की जाएगी। इसके अलावा गैस की कालाबाजारी या अनावश्यक स्टॉक करने वालों पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
मंत्री डॉ अंसारी ने दोहराया कि 7 से 10 दिनों के भीतर पूरे राज्य में गैस की किल्लत पूरी तरह समाप्त कर दी जाएगी। मंत्री डॉ अंसारी ने स्पष्ट किया कि राज्य में गैस सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि पैनिक न करें, सभी को समय पर डोर-स्टेप डिलीवरी सुनिश्चित की जाएगी और किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है।
डॉ अंसारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मॉनिटरिंग सिस्टम को और मजबूत किया जाये तथा हर जिले में नियमित समीक्षा कर स्थिति पर कड़ी नजर रखी जाए, ताकि आम लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। राज्य में गैस की किल्लत किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जायेगी। हर घर तक समय पर सिलेंडर पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा/ बंगाल। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू तथा पूर्व सांसद डॉ प्रदीप बालमुचु का पश्चिम बंगाल दौरा पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए उत्साहवर्धक रहा। बंगाल विधानसभा चुनाव के पर्यवेक्षक के रूप में पहुंचे धीरज प्रसाद साहू का नगर कांटा विधानसभा क्षेत्र के चलसे मोड़ में कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। इस दौरान स्थानीय नेताओं और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने चुनावी माहौल को और अधिक जीवंत बना दिया।
दोनों वरिष्ठ नेताओं ने जलपाईगुड़ी जिला के माल विधानसभा क्षेत्र में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस पार्टी की नीतियों और जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से रखा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस हमेशा से गरीबों, मजदूरों और वंचित वर्गों की आवाज उठाती रही है और आगे भी उनके अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
सभा के दौरान नेताओं ने कांग्रेस प्रत्याशी राजेश कुजूर के पक्ष में समर्थन जुटाने की अपील की। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव में जीत सुनिश्चित करने का आह्वान किया। अपने संबोधन में धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि पार्टी की मजबूती कार्यकर्ताओं की सक्रियता और जनता के विश्वास पर निर्भर करती है, इसलिए सभी को पूरी निष्ठा के साथ चुनावी अभियान में जुटना चाहिए।
इसके अलावा, नेताओं ने चाय बागान के मजदूरों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। मजदूरों ने अपनी दैनिक जीवन से जुड़ी कई परेशानियों—जैसे मजदूरी, स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी और बुनियादी संसाधनों के अभाव—को साझा किया।
नेताओं ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए आश्वासन दिया कि कांग्रेस सरकार बनने पर इन मुद्दों के समाधान के लिए ठोस कदम उठाये जायेंगे। दौरे के क्रम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गयी, जिसमें संगठन की मजबूती, बूथ स्तर तक रणनीति और चुनावी प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गयी।
नेताओं ने कार्यकर्ताओं की समस्याओं को सुना और उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन देते हुए चुनाव में विजय प्राप्त करने के लिए संगठित प्रयास करने की अपील की। इस अवसर पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं, पदाधिकारियों एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने आगामी चुनाव को लेकर क्षेत्र में कांग्रेस के पक्ष में सकारात्मक माहौल बनाने का संकेत दिया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने शिक्षा मंत्री झारखंड सरकार को पत्र लिखकर कहा कि धनबाद के कई निजी विद्यालय जिला प्रशासन के आदेशों की खुलेआम अवहेलना कर रहे हैं।
जिला उपायुक्त महोदय द्वारा जारी निर्देश के बावजूद स्कूलों द्वारा री ऐडमिशन के बाद अब एनुअल फीस (वार्षिक शुल्क) के नाम पर अभिभावकों से लगातार वसूली की जा रही है। हर वर्ष नये-नये नामों से अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।
यह विषय सीधे तौर पर आम नागरिकों एवं बच्चों की शिक्षा से जुड़ा हुआ है। प्राइवेट स्कूलों की इस मनमानी के कारण न केवल अभिभावक परेशान हैं, बल्कि बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी प्रभावित हो रही है।
इसके अतिरिक्त, धनबाद में कई ऐसे निजी विद्यालय संचालित हो रहे हैं जो बिना उचित रजिस्ट्रेशन के चल रहे हैं। यह अत्यंत गंभीर विषय है और इसकी जांच आवश्यक है। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक बीएड योग्यताधारी हों, ताकि शिक्षा की गुणवत्ता बनी रहे।
रत्नेश कुमार ने शिक्षा मंत्री से भी अनुरोध किया कि इस मामले में संज्ञान लेते हुए कृपया इस गंभीर समस्या पर अपने स्तर से आवश्यक कार्रवाई की कृपा करेंगे, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
टीम एबीएन, रांची। हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचइसी) में 29 माह से लंबित वेतन के विरोध में एचईसी कर्मियों ने आंदोलन की शुरूआत कर दी है। वेतन भुगतान नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने काम बंद कर प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। इस आंदोलन का सबसे अधिक असर एचएमबीपी (हेवी मशीन बिल्डिंग प्लांट) में देखने को मिला।
जहां उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया। वहीं, एचएमटीपी (हेवी मशीन टूल्स प्लांट) और एफएफपी (फाउंड्री फोर्ज प्लांट) में भी आंशिक रूप से काम प्रभावित हुआ है। उत्पादन ठप होने से कंपनी के समग्र संचालन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कर्मियों का कहना है कि इतने लंबे समय तक वेतन नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। परिवार के भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई और दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।
कर्मचारियों ने प्रबंधन से जल्द बकाया वेतन भुगतान की मांग करते हुए स्पष्ट किया है कि यह आंदोलन अब तब तक जारी रह सकता है, जब तक उनका बकाया वेतन नहीं मिल जाता। प्रबंधन की ओर से फिलहाल कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने के कारण आने वाले दिनों में भी कार्य प्रभावित रहने की संभावना जताई जा रही है। इससे उत्पादन और कंपनी के वित्तीय संचालन पर और दबाव बढ़ सकता है।
इधर, एचइसी में कार्मिक निदेशक के पद पर बदलाव की भी घोषणा की गई है। भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, कृष्णेंदु कुमार घोष एचइसी के नए कार्मिक निदेशक होंगे। वर्तमान निदेशक मनोज लकड़ा का कार्यकाल 23 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद कृष्णेंदु कुमार घोष पदभार संभालेंगे। बताया जाता है कि कृष्णेन्दु घोष वर्तमान में भेल में एचजीएम के पद पर कार्यरत हैं।
इस बीच एचईसी मजदूर संघ (बीएमएस) के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाये हैं। उन्होंने कहा कि 29 माह से वेतन नहीं मिलने के कारण मजदूरों को मानसिक और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद प्रबंधन दबाव बनाकर काम कराने की कोशिश कर रहा है, जिससे घबराहट में दुर्घटनाएं भी हो रही हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी के पास लगभग 13.5 करोड़ रुपये उपलब्ध होने के बावजूद त्योहारों के समय भी वेतन का भुगतान नहीं किया गया, जो प्रबंधन के तानाशाही रवैये को दर्शाता है। वहीं, मजदूरों की मूलभूत सुविधाओं की अनदेखी की जा रही है। प्लांट में आपातकालीन व्यवस्था के लिए एम्बुलेंस तक उपलब्ध नहीं है और दुर्घटना की स्थिति में घायल कर्मियों को निजी वाहनों या दोपहिया से अस्पताल पहुंचाना पड़ता है।
रमाशंकर प्रसाद ने चेतावनी दी कि यदि मजदूरों की सुरक्षा, वेतन, कैंटीन सुविधा और सीपीएफ लोन जैसी बुनियादी मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो आंदोलन और उग्र होगा। उन्होंने कहा कि मजदूर अब शोषण बर्दाश्त नहीं करेंगे और जरूरत पड़ी तो भेल प्रबंधन के खिलाफ भी व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जायेगा।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में रामनवमी, सरहुल एवं ईद जैसे प्रमुख पर्वों को शहर में शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में योगदान देने वाले शांति दूतों के सम्मान में जिला प्रशासन ने एक विशेष रात्रि भोज कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में रांची जिला शांति समिति के सदस्यों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया था।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। लोयाबाद के वार्ड संख्या 08 में चल रहे नाली निर्माण कार्य में भारी घोटाला की शिकायत सार्वजनिक हो गयी है। इस संबंध में अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने सोशल मीडिया के माध्यम से झारखंड सरकार, धनबाद उपायुक्त, धनबाद नगर निगम तथा झरिया विधायक रागिनी सिंह को ट्वीट कर मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है।
आरोप है कि नाली निर्माण कार्य के दौरान ठेकेदार द्वारा भारी लापरवाही बरती जा रही है और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माण में निम्न गुणवत्ता के सीमेंट, बालू और ईंटों के उपयोग की गयी है, जिससे कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि जब वार्ड 08 के जूनियर इंजीनियर ने ईमानदारी से काम की निगरानी करते हुए कार्रवाई की, तो ठेकेदार द्वारा उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है और उन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह भी आरोप लगाया गया है कि इस निर्माण कार्य में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं (घोटाला) हुई हैं, जिससे नगर निगम को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका है।
अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष ने धनबाद उपायुक्त महोदय से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, ऐसे ठेकेदार का लाइसेंस रद्द करने की भी मांग की गई है।
टीम एबीएन, रांची। आजसू छात्र संघ, रांची विश्वविद्यालय इकाई द्वारा विश्वविद्यालय में व्याप्त शैक्षणिक अव्यवस्था को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त किया गया है। छात्र संघ ने कहा है कि विगत लगभग 2 वर्षों से स्नातक सत्र लगातार लेट चल रहा है, जिससे हजारों छात्र-छात्राओं का भविष्य अंधकारमय होता जा रहा है।
छात्र नेताओं ने बताया कि सत्र लेट होने के कारण छात्रों को समय पर परीक्षा, परिणाम एवं आगे की पढ़ाई में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
इसके साथ ही, पीजी नामांकन सत्र (2025-27) का अब तक प्रारंभ नहीं होना भी गंभीर चिंता का विषय है। झारखंड के सबसे बड़े विश्वविद्यालय में एक भी छात्र का पीजी में नामांकन नहीं हो पाना, प्रशासन की लापरवाही और उदासीनता को दर्शाता है।
आजसू छात्र संघ ने विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति एवं डीएसडब्ल्यू से मांग की है कि स्नातक सत्र को शीघ्र नियमित किया जाए। पीजी सत्र 2025-27 का नामांकन अविलंब प्रारंभ किया जाए।
छात्र संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आजसू छात्र संघ विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन में अनिश्चितकालीन तालाबंदी करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी।
अंत में छात्र संघ ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और छात्र-हित में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इस मौके पर छात्र संघ के प्रतिनिधि ओम वर्मा (प्रदेश अध्यक्ष), बबलू महतो (कार्यकारी अध्यक्ष) एवं छात्र नेता अमन साहू, राज मजूमदार, योगेश महतो, यश सोनी, आशीष कुमार उपस्थित रहे।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse