टीम एबीएन, रांची। कवि सम्मेलन आयोजन समिति द्वारा आगामी 01 मार्च 2026 (रविवार) को स्थानीय मारवाड़ी भवन, हरमू रोड, राँची परिसर में भव्य कवि सम्मेलन कार्यक्रम का आयोजन किया जायेगा। यह आयोजन पूर्णतः निःशुल्क है, जिसमें शहर के सभी वर्ग व आम जनता सादर आमंत्रित है।
आयोजन समिति के मुख्य संयोजक पवन शर्मा ने कहा कि आयोजन की सफलता हेतु विभिन्न उपसमितियों का गठन किया गया है, जिसमें क्रमशः मंच सभागार एवं सुरक्षा व्यवस्था, स्वागत सत्कार, अर्थ संग्रह, प्रशासनिक कार्य, अल्पाहार, प्रेस एवं मिडीया प्रवक्ता मनोनीत किया गया, जिनके नेतृत्व में कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा हैं।
आयोजन समिति के अध्यक्ष पवन पोद्दार ने जानकारी देते हुए कहा कविसम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि प्रसिद्ध समाज सेवी श्री कमल मोर एवं प्रतीक मोर उद्घाटन समारोह में शरीक रहेंगे। कुछ खास अंदाज में मंच को भी सजाया धजाया जा रहा है। शहर में प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिग, पोस्टर, एस.एम.एस, सोशल मिडिया व समाचार पत्रों से लोगों को सूचना प्रेषित किया जा रहा है।
समिति के प्रवक्ता सह कोषाध्यक्ष श्री मनोज बजाज ने कहा कि इस कवि सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त कवि कवित्रियों का आगमन होगा। जो हास्य रस, वीर रस एवं श्रृंगार रस की त्रिवेणी गंगा के प्रवाह से श्रोताओं को रसपान करायेगें साथ ही होली के रंग में रंगकर लोटपोट होगे एवं हास्यरस में डूबकी लगायेगें।
आयोजन समिति में मुख्यतः अध्यक्ष पवन पोद्दार, सचिव अंजय सरावगी, कार्यक्रम संयोजक पवन शर्मा, पूर्व अध्यक्ष सुरेश चन्द्र अग्रवाल, ललित कुमार पोद्दार, विनोद कुमार जैन, अशोक नारसरिया, कोषाध्यक्ष मनोज बजाज, कार्यकारिणी सदस्य रतन मोर, किशोर मंत्री, अनिल अग्रवाल, हरि कानोडिया, कमल जैन, पुनीत पोद्दार, निर्भय शंकर हारित, प्रकाश धेलिया, राजेश भरतीया, पुनीत अग्रवाल, अनुप अग्रवाल आदि आयोजन में सक्रिय रूप से जुटे है। उक्त जानकारी प्रवक्ता सह कोषाध्यक्ष मनोज बजाज (94311 01240) ने दी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। विश्व के विभिन्न देशों के साथ भारत के संसदीय संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में भारत ने विश्व के 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूह का गठन किया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के द्वारा लोहरदगा के सांसद सुखदेव भगत को अफ्रीका महादेश में स्थित मेडागास्कर के लिए संसदीय मैत्री समूहों का सदस्य के रूप में मनोनीत किया है। उल्लेखनीय है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के अनुभवी सांसदों को इस मैत्री समूह में नेतृत्व की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इस पहल से सांसदगण अपने विदेशी समकक्षों से सीधे संवाद कर अपना अनुभव साझा कर पाएंगे एवं एक दूसरे की सर्वोत्तम संसदीय प्रथाओं से सीख सकेंगे। इस संबंध में लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि यह पहल हमारे संसदीय संबंधों में एक व्यापक और भागीदारी आधारित दृष्टिकोण दर्शाती है इससे भारत की संसद के विश्व के विभिन्न सांसदों के साथ प्रत्यक्ष और नियमित संवाद को बढ़ावा मिलेगा।
साथ ही हमारी ट्रेडिशनल डिप्लोमेसी के साथ-साथ पार्लियामेंट्री डिप्लोमेसी को भी बढ़ावा मिलेगा। इन पार्लियामेंट्री फ्रेंडशिप ग्रुप के माध्यम से सांसदों के बीच संसदीय परिपरियों के साथ ही तकनीक, सामाजिक नीतियों, संस्कृति, भारत का संविधान और आज की वैश्विक चुनौतियां जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। 60 से अधिक देशों के साथ मैत्री समूह स्थापित किए गए हैं।
इससे विभिन्न देशों के साथ हमारे संसदीय सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा साथ ही साथ इन देशों से हमारे द्विपक्षीय संबंध भी प्रगाढ़ होंगे। विदित हो कि इससे पूर्व भी सुखदेव भगत जब विधायक थे तब वह देश का प्रतिनिधित्व करते हुए अमेरिका के टर्क कैकोस में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया था जिसमें 52 देश शामिल हुए थे उसके अनुभव को भी देश को फायदा मिलेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला/ लोहरदगा। गुमला जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व जिला अध्यक्ष स्वर्गीय रामशरण जायसवाल के छोटे भाई सुनील जायसवाल का आकस्मिक निधन की जानकारी मिलते हैं।
लोहरदगा लोकसभा के माननीय सांसद सुखदेव भगत सिसई पहुंचकर शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर अपनी ओर से गहरी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि इस दुख के घड़ी में वे शोकाकुल परिवारों के साथ है।
मौके पर शोक व्यक्त करने वालों में राजनील तिग्गा, आलोक साहू, मोती चौबे, आजाद अंसारी, सनी, अमित साहू सहित अनेक शामिल लोग थे।
टीम एबीएन, रांची। श्री श्याम मंडल, रांची द्वारा आयोजित रंगभरी एकादशी का आयोजन कल दिनांक 27 फरवरी 2026 को रात्रि 9 बजे से 1 बजे तक बढ़े ही धूम धाम से आयोजित होने जा रही है।
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण श्री श्याम प्रभु का नयनाभीराम भव्य शृंगार, केसरिया होली, छप्पन भोग एवं 22 वें भजन पुस्तिका का विमोचन चिन्मय मिशन के स्वामी परिपूणार्नंद जी द्वारा किया जाएगा । इसके पश्चात श्री श्याम मण्डल के सदस्यों द्वारा भाव भरा संकीर्तन भजन का कार्यक्रम आयोजित है।
दिनांक 28 फरवरी द्वादशी के दिन प्रात: आरती के पश्चात सवामनी का भोग श्री श्याम प्रभु को भक्तगण द्वारा अर्पित किया जाएगा तथा संपूर्ण दिवस श्री श्याम प्रभु का दर्शन एवं खीर चूरमा का भोग भूतगणों के बीच वितरित किया जायेगा। उक्त जानकारी श्री श्याम मंडल, श्री श्याम मंदिर अग्रसेन पथ, रांची के मीडिया प्रभारी सुमित पोद्दार (9835331112) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारत में प्रत्येक वर्ष 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारतीय वैज्ञानिक सी. वी. रमन द्वारा वर्ष 1928 में की गई महान खोज रमन प्रभाव की घोषणा की स्मृति में समर्पित है। इसी खोज के लिए उन्हें 1930 में भौतिकी का नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
वर्ष 1986 में राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद की अनुशंसा पर भारत सरकार ने 28 फरवरी को राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की, और 1987 से यह परंपरा निरंतर जारी है। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का मुख्य उद्देश्य समाज में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तर्कशीलता और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है।
भारत जैसे विशाल और विविधतापूर्ण देश में विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, अंतरिक्ष, रक्षा, पर्यावरण और उद्योग जैसे सभी क्षेत्रों की प्रगति का आधार है।रमन प्रभाव की खोज ने यह सिद्ध किया कि जब प्रकाश किसी पारदर्शी पदार्थ से गुजरता है, तो उसकी तरंगदैर्ध्य में परिवर्तन हो सकता है।
यह खोज आधुनिक स्पेक्ट्रोस्कोपी और पदार्थों की संरचना के अध्ययन में अत्यंत महत्वपूर्ण सिद्ध हुई। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस का महत्व केवल ऐतिहासिक घटना की स्मृति तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं और विद्यार्थियों को विज्ञान के क्षेत्र में करियर अपनाने के लिए प्रेरित करता है। इस अवसर पर देशभर के विद्यालयों, महाविद्यालयों और अनुसंधान संस्थानों में विज्ञान प्रदर्शनी, संगोष्ठी, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी और नवाचार प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।
समाज में वैज्ञानिक सोच और अनुसंधान की प्रवृत्ति विकसित करना।अंधविश्वास एवं कुरीतियों के विरुद्ध तार्किक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारतीय उपलब्धियों को रेखांकित करना। विद्यार्थियों को शोध और नवाचार के लिए प्रेरित करना। आज भारत अंतरिक्ष अनुसंधान, डिजिटल तकनीक, जैव प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की उपलब्धियां, सस्ती और सफल अंतरिक्ष परियोजनाएं तथा डिजिटल इंडिया जैसी पहलें विज्ञान की शक्ति का उदाहरण हैं।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस हमें यह स्मरण कराता है कि आत्मनिर्भर भारत का सपना वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी नवाचार के बिना अधूरा है। नयी शिक्षा नीति में भी वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अनुसंधान पर विशेष बल दिया गया है, जिससे भविष्य की पीढ़ी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी बन सके।राष्ट्रीय विज्ञान दिवस केवल एक तिथि नहीं, बल्कि वैज्ञानिक चेतना का उत्सव है।
यह दिन हमें प्रेरित करता है कि हम जिज्ञासा, तर्क और प्रयोग की भावना को अपनायें। विज्ञान ही वह साधन है, जो समाज को प्रगति, समृद्धि और स्थिरता की दिशा में अग्रसर करता है। अत: आवश्यक है कि हम सभी मिलकर वैज्ञानिक सोच को जीवन का अभिन्न अंग बनायें और देश को नवाचार की नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभायें।
टीम एबीएन, रांची। परमहंस हिन्दू रत्न से अलंकृत डॉ. संत शिरोमणि स्वामी सदानंद जी महाराज के पावन आशीर्वाद से संचालित एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के अंतर्गत कार्यरत सामाजिक संस्था श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम द्वारा पुंदाग, राँची स्थित श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर में फाल्गुन रंग रंगीलो होली मिलन कार्यक्रम का भव्य एवं भक्तिमय आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। फाल्गुन मास की मधुर बेला में सुसज्जित मंदिर प्रांगण भक्तों से भरा रहा। इस अवसर पर श्री राधा रानी का आकर्षक आभूषणों एवं रंग-बिरंगी पोशाकों से अलौकिक श्रृंगार किया गया, जिसने उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। राधा-कृष्ण की जीवंत झांकियों ने ब्रज की होली की अनुपम छटा को साकार कर दिया।
वातावरण में गुलाल की सुगंध और पुष्पों की वर्षा ने कार्यक्रम को और भी दिव्य बना दिया।महिला समिति द्वारा आयोजित भजन संध्या में भक्तिमय गीतों की ऐसी रसधार बही कि पूरा मंदिर परिसर राधे-राधे और जय श्री श्याम के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। महिलाएं श्री राधा-कृष्ण की होली के पारंपरिक एवं रसिया भजनों पर भाव-विभोर होकर झूम उठीं।
फूलों की होली ने कार्यक्रम में ब्रज संस्कृति की सजीव अनुभूति कराई, जहां श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे पर पुष्प अर्पित कर प्रेम और सद्भाव का संदेश दिया।मंदिर के पुजारी पंडित अरविंद पांडे ने पूरे विधि-विधान से पूजन-अर्चन संपन्न कराया तथा श्री विग्रह को महाभोग अर्पित किया। तत्पश्चात सामूहिक महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर प्रभु से सुख-समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना की।
महाआरती के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना, सांस्कृतिक मूल्यों एवं आपसी प्रेम-सौहार्द को सुदृढ़ करना रहा। महिला समिति की सक्रिय भागीदारी ने यह सिद्ध किया कि आध्यात्मिक एवं सामाजिक कार्यों में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है फाल्गुन रंग रंगीला होली मिलन का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज को एकता, प्रेम और भाईचारे का संदेश भी दे गया। उन्होंने बताया कि 27 फरवरी को मंदिर में फाल्गुन रंगभरी आमलकी एकादशी के अवसर पर कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है।
मौके पर विधा देवी अग्रवाल, प्रमिला पुरोहीत, बिमला जालान, शोभा जालान, सीता शर्मा, बिमला मिश्रा, रश्मी जालान, कविता गाड़ोदिया, उर्मिला पाड़िया, दीपिका मोतिका, सरोज पोद्दार, मंगला मोदी, आशा मुंजाल, प्रमिला महलका, ललिता पोद्दार, ललिता अग्रवाल, रेखा पोद्दार, संतोष देवी अग्रवाल, सत्यभामा खेतान, नन्द रानी पाठक, आशा मिश्रा, उमा पोद्दार, भगवती देवी, सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। पूर्व सीएम चंपई सोरेन के पोते की मौत पर दु:ख की इस घड़ी में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मजबूती के साथ चंपई सोरेन के साथ खड़े नजर आये। बाबूलाल सोरेन से मुलाकात के दौरान वे काफी भावुक हो गये। उन्होंने चंपई दा को ढांढस बंधाते हुए कहा- एक नौजवान, घर का चिराग अगर गुजर जाये तो परिवार के लिए यह अत्यंत विकट क्षण होता है।
यह सिर्फ परिवार ही नहीं, उससे जुड़े हर व्यक्ति के लिए भी बेहद मर्माहत करने वाला होता है। बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पोते वीर सोरेन की मौत दो दिन पहले कुल्लू में हो गयी थी। वे अपने दोस्तों के साथ वहां घूमने गये थे।
टीम एबीएन, रांची। रांची और आसपास के जिलों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। बीते बुधवार को दिनभर तेज हवाओं का असर रहा, जबकि शाम होते ही तापमान में गिरावट देखने को मिली।
मौसम विज्ञान केंद्र, रांची के अनुसार, राज्य के ज्यादातर हिस्सों में सुबह को कुहासा रहेगा और दिन में आसमान साफ रहेगा। मौसम शुष्क रहने की संभावना है। अगले 24 घंटों में राज्य में न्यूनतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। इसके बाद 27 फरवरी से 2 मार्च तक तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
पिछले 24 घंटे में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की वर्षा हुई। सबसे ज्यादा बारिश 9 मिमी पूर्वी सिंहभूम के गुराबंधा में दर्ज की गयी। तापमान की बात करें तो सबसे अधिक अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस जगन्नाथपुर में रहा, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान गुमला में 11 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 26.6 और न्यूनतम 13.2 डिग्री सेल्सियस रहा।
पिछले सोमवार को तेज हवाओं और बूंदाबांदी के बाद रांची का तापमान दो-तीन डिग्री तक गिर गया था। अब राजधानी में गर्मी का असर कम हुआ है और सुबह-शाम ठंडक महसूस हो रही है।
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