झारखंड

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Published / 2026-04-10 22:40:32
त्रिदिवसीय विद्यापति पर्व समारोह प्रारम्भ

त्रिदिवसीय विद्यापति पर्व समारोह प्रारम्भ

टीम एबीएन, रांची। झारखंड मैथिली मंच राँची के सदस्यों ने  विद्यापति दलान हरमू से पैदल चलकर  मेन रोड पहुंच कर वहाँ पर अवस्थित महाकवि विद्यापति के मूर्ति पर सामूहिक रूप से माल्यार्पण किया।

तदुपरांत विद्यापति दलान पर साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम  तीन सत्र -उद्घाटन सत्र, साहित्यिक परिचर्चा एवं कवि गोष्ठी के रुप में हुआ।उद्घाटन सत्र का  शुभारंभ विद्या नाथ झा विदित, डा.परवेज हसन,प्रमोद कुमार झा, अतिथियों एवं मंच के अध्यक्ष बिनय कुमार झा महासचिव जयंत कुमार झा ,अरूण कुमार झा द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन  एवं विद्यापति के चित्र पर पुष्पांजलि से हुआ।

साथ ही पंडित शतीस कुमार मिश्र ने मंगल मंत्र स्वस्ति वाचन तथा शंख ध्वनि से वातावरण को भक्तिमय कर दिया। पुनः मिथिला परंपरानुसार भगवती बंदना जय जय भैरवि असुर भयाउनि एवं राष्ट्रगान जन गण मन का सामूह गान हुआ। अतिथियों को पाग-दोपटा देकर स्वागत किया गया।

साथ ही अध्यक्ष बिनय कुमार झा ने अतिथियों उपस्थित समस्त लोगों का स्वागत किया। तदुपरांत उद्घाटनकर्ता डा.परवेज हसन ने मुख्य रूप से माता  जानकी के शक्ति, शौर्य, धैर्य, शहनशीलता, अनुशासन एवं मर्यादित जीवन की चर्चा करते हुए अनेक अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला।

साहित्यिक परिचर्चा में बोकारो से आयी शैलजा झा ने नारी शक्ति पर केंद्रित अनेक जानकारी दी। बोकारो से ही आए शंभूनाथ झा ने मैथिली नाट्य कला पर प्रकाश डाला। प्रमोद कुमार झा ने माता सीता के सर्वगुण संपन्नता का जिक्र करते हुए अनेक चारित्रिक चमत्कारिक जानकारी साझा की। डा.नरेन्द्र झा ने अनेक उद्धरणों द्वारा माता सीता के अनेक रूप का अविश्वसनीय परंतु सच्ची बातों का जिक्र किया।

हितनाथ झा ने कालिदास हमरे गामक छला मिथिला के उच्चैठ आ उज्जैन के एतिहासिक संबंध में एवं मैथिली भाषा साहित्य तथा  संस्कृति पर इतिहास पर आधारित ढ़ेरों  प्रामाणिक तथ्यों का जिक्र करते हुए श्रोताओं को विस्तृत जानकारी दी अंत में विद्या नाथ झा विदित ने मिथिलाक सामाजिक, सांस्कृतिक, वैश्विक गरिमाक आधारशिला जानकी विषय पर केन्द्रित अपने उद्वोधन में धरती पर विष्णु प्रिय महीना बैशाख में माता जानकी का प्राकट्य होना अपने आप में आध्यात्मिक तथ्यों को प्रमाणित करता है। 

विदेह राजा जनक की पुत्री के रूप में अवतरित होना महज संयोग नहीं अपितु अनेक पुराणों में बर्णित तथ्यों का अक्षरसः सत्यता को प्रतिपादित करता है। इसके साथ ही अनेकों प्रामाणिक तथ्यों का जिक्र करते हुए परिचर्चा को सार्थक कर दिया। त्रेतायुग में मिथिला भूमि पूण्य क्षेत्र के रूप में जाना जाता था ईसलिए ही माता जानकी ने अपने लिए मिथिला भूमि परज प्रकट हुई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयीं डा.महुआ माजी ने अपने उद्वोधन में माता जानकी के शक्ति चरित्रों को स्मरण करते हुए कयी गूढ़ रहस्यों का जिक्र किया और कहा माता जानकी आज भी प्रासंगिक हैं अनुकरणीय हैं।आज युवती  बहनें उनके आदर्शों पर चलेंगी तो समाज बदल जाएगा।

उन्होंने बंगला एवं मैथिली भाषा एवं संस्कृति की समानता का जिक्र करते हुए बतायीं कि महाकवि विद्यापति का छाप गुरु रविन्द्र नाथ टैगोर पर भी पड़ा है जो उनकी रचनाओं में साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि जब जब राजनीति लड़खड़ाने लगती है तब तब साहित्यकार उन्हें थामने सामने आ जाते हैं।

मंच के संरक्षक अरूण कुमार झा के आग्रह पर साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी तथा संगीत एवं नाट्य कला अकादमी के गठन हेतु झारखंड सरकार से कैबिनेट में पारित हो चुका है। सुस्वादु भोजनोपरांत कवि गोष्ठी आरंभ हुआ जिसकी अध्यक्षता सिया राम झा सरस एवं मंच संचालन बदरीनाथ झा ने की। 

नन्द किशोर महतो ने अतिथियों का स्वगात किया। गोष्ठी की शुरुआत अंजू झा ने नारी समर्पण के प्रति मूर्ति एवं चुल्हा के हुई। युवा कवि प्रणव प्रियदर्शी ने गांव ओर शहर वास्तविक स्थिति को दर्शाते कविता प्रस्तुत कर बाहबाही लूट लिया। डा. आकांक्षा चौधरी नेनपन सीता के शिव के पिनाक उठौवति --मधु रानी ने एक सुंदर कबिता सुनाई। जयंती मिश्र ने कविता में जीवन दर्शन प्रस्तुति तथा आधुनिक वैश्विक स्थिति का सटीक चित्रण देखा गया एवं वसंत ऋतु का सुंदर वर्णन किया।

रेनू झा पति वियोग पर गेय गीत पूनम बर्मा  ने ककर दोष कविता इतिहास को दर्शाते सरोज झा झारखंडी ने कविता में  मिथिला दर्शन करा दिया।हिन्दी के जाने-माने कवि गीतकार कुमार विजयेंद्र ने गजल आसमानो पै सितारों के कयी ठिकाने निकले, हर सांस परेशान है लेकिन कभी कभी आंखों में आसमान है लेकिन कभी कभी--भोजपुरी कविता ओकरा अंखिया में सपना हिलोर मारेला --तबे सुगवा पिंजरवा प ठोर मारेला पटना चेतना समिति से पधारे उमेश मिश्र ने मैथिली हो जन जन की भाषा--आदि कविता मनमोह लिया। कविता झा ने आउ बैसू हमरा लग सुंदर कविता पाठ की।

रुणा रश्मि ने समसामयिक कविता युद्धक विभीषिका ने वैश्विक स्थिति का सटीक चित्रण जम्मू से आए राष्ट्रीय स्तर के कवि कमलेश भट्ट  ने गजल  सभी का प्यार पाना चाहती है -- मैं हिन्दू हूं मैं मुस्लिम हूं --सहित कुछ गजल प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। शैलजा झा ने स्त्री धन एवंथ विद्रोह करब स्वभाव नहि मधुबनी से आए महान कवि आनंद मोहन झा ने कहवाक लूरि चाही, सभ उंच नीच चेखि क कहवाक लूरि चाही --बेहाल जनता नेहाल सत्ता ई लोक तंत्रक हाल देखू  आत्मेश्वर झा हमर गाम कविता जैसे वर्तमान ग्रामीण परिवेश को जीवंत कर दिया।

दिवाकर झा ने चलू गाम मे घर बनाबी गांव में घर निर्माण की प्रक्रिया कविता में सराहनीय रहा। ककरो कनमा ककरो पौआ ककरो भेटय सेरक सेर आदि समसामयिक समस्या मूलक वर्तमान राजनीति पर चोट करती कविता से लोग बाग हो गये। कौशल किशोर झा ने सुंदर  कविता डा.कृष्ण मोहन झा गेय गीत माता सीता को समर्पित कविता से श्रोताओं का मन मोह लिया।

अध्यक्ष सिया राम झा सरस ने सरस गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया।प्रेम चन्द्र झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
11एवं 12अप्रैल को हरमू मैदान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में समस्त समाज से सपरिवार भाग लेने का आग्रह  के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

Published / 2026-04-10 22:37:05
त्रिदिवसीय विद्यापति पर्व समारोह प्रारम्भ

त्रिदिवसीय विद्यापति पर्व समारोह प्रारम्भ

टीम एबीएन, रांची। झारखंड मैथिली मंच राँची के सदस्यों ने  विद्यापति दलान हरमू से पैदल चलकर  मेन रोड पहुंच कर वहाँ पर अवस्थित महाकवि विद्यापति के मूर्ति पर सामूहिक रूप से माल्यार्पण किया।

तदुपरांत विद्यापति दलान पर साहित्यिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम  तीन सत्र -उद्घाटन सत्र, साहित्यिक परिचर्चा एवं कवि गोष्ठी के रुप में हुआ।उद्घाटन सत्र का  शुभारंभ विद्या नाथ झा विदित, डा.परवेज हसन,प्रमोद कुमार झा, अतिथियों एवं मंच के अध्यक्ष बिनय कुमार झा महासचिव जयंत कुमार झा ,अरूण कुमार झा द्वारा सामूहिक रूप से दीप प्रज्वलन  एवं विद्यापति के चित्र पर पुष्पांजलि से हुआ।

साथ ही पंडित शतीस कुमार मिश्र ने मंगल मंत्र स्वस्ति वाचन तथा शंख ध्वनि से वातावरण को भक्तिमय कर दिया। पुनः मिथिला परंपरानुसार भगवती बंदना जय जय भैरवि असुर भयाउनि एवं राष्ट्रगान जन गण मन का सामूह गान हुआ। अतिथियों को पाग-दोपटा देकर स्वागत किया गया।

साथ ही अध्यक्ष बिनय कुमार झा ने अतिथियों उपस्थित समस्त लोगों का स्वागत किया। तदुपरांत उद्घाटनकर्ता डा.परवेज हसन ने मुख्य रूप से माता  जानकी के शक्ति, शौर्य, धैर्य, शहनशीलता, अनुशासन एवं मर्यादित जीवन की चर्चा करते हुए अनेक अनछुए पहलुओं पर प्रकाश डाला।

साहित्यिक परिचर्चा में बोकारो से आयी शैलजा झा ने नारी शक्ति पर केंद्रित अनेक जानकारी दी। बोकारो से ही आए शंभूनाथ झा ने मैथिली नाट्य कला पर प्रकाश डाला। प्रमोद कुमार झा ने माता सीता के सर्वगुण संपन्नता का जिक्र करते हुए अनेक चारित्रिक चमत्कारिक जानकारी साझा की। डा.नरेन्द्र झा ने अनेक उद्धरणों द्वारा माता सीता के अनेक रूप का अविश्वसनीय परंतु सच्ची बातों का जिक्र किया।

हितनाथ झा ने कालिदास हमरे गामक छला मिथिला के उच्चैठ आ उज्जैन के एतिहासिक संबंध में एवं मैथिली भाषा साहित्य तथा  संस्कृति पर इतिहास पर आधारित ढ़ेरों  प्रामाणिक तथ्यों का जिक्र करते हुए श्रोताओं को विस्तृत जानकारी दी अंत में विद्या नाथ झा विदित ने मिथिलाक सामाजिक, सांस्कृतिक, वैश्विक गरिमाक आधारशिला जानकी विषय पर केन्द्रित अपने उद्वोधन में धरती पर विष्णु प्रिय महीना बैशाख में माता जानकी का प्राकट्य होना अपने आप में आध्यात्मिक तथ्यों को प्रमाणित करता है। 

विदेह राजा जनक की पुत्री के रूप में अवतरित होना महज संयोग नहीं अपितु अनेक पुराणों में बर्णित तथ्यों का अक्षरसः सत्यता को प्रतिपादित करता है। इसके साथ ही अनेकों प्रामाणिक तथ्यों का जिक्र करते हुए परिचर्चा को सार्थक कर दिया। त्रेतायुग में मिथिला भूमि पूण्य क्षेत्र के रूप में जाना जाता था ईसलिए ही माता जानकी ने अपने लिए मिथिला भूमि परज प्रकट हुई।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आयीं डा.महुआ माजी ने अपने उद्वोधन में माता जानकी के शक्ति चरित्रों को स्मरण करते हुए कयी गूढ़ रहस्यों का जिक्र किया और कहा माता जानकी आज भी प्रासंगिक हैं अनुकरणीय हैं।आज युवती  बहनें उनके आदर्शों पर चलेंगी तो समाज बदल जाएगा।

उन्होंने बंगला एवं मैथिली भाषा एवं संस्कृति की समानता का जिक्र करते हुए बतायीं कि महाकवि विद्यापति का छाप गुरु रविन्द्र नाथ टैगोर पर भी पड़ा है जो उनकी रचनाओं में साफ झलकता है। उन्होंने कहा कि जब जब राजनीति लड़खड़ाने लगती है तब तब साहित्यकार उन्हें थामने सामने आ जाते हैं।

मंच के संरक्षक अरूण कुमार झा के आग्रह पर साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी तथा संगीत एवं नाट्य कला अकादमी के गठन हेतु झारखंड सरकार से कैबिनेट में पारित हो चुका है। सुस्वादु भोजनोपरांत कवि गोष्ठी आरंभ हुआ जिसकी अध्यक्षता सिया राम झा सरस एवं मंच संचालन बदरीनाथ झा ने की। 

नन्द किशोर महतो ने अतिथियों का स्वगात किया। गोष्ठी की शुरुआत अंजू झा ने नारी समर्पण के प्रति मूर्ति एवं चुल्हा के हुई। युवा कवि प्रणव प्रियदर्शी ने गांव ओर शहर वास्तविक स्थिति को दर्शाते कविता प्रस्तुत कर बाहबाही लूट लिया। डा. आकांक्षा चौधरी नेनपन सीता के शिव के पिनाक उठौवति --मधु रानी ने एक सुंदर कबिता सुनाई। जयंती मिश्र ने कविता में जीवन दर्शन प्रस्तुति तथा आधुनिक वैश्विक स्थिति का सटीक चित्रण देखा गया एवं वसंत ऋतु का सुंदर वर्णन किया।

रेनू झा पति वियोग पर गेय गीत पूनम बर्मा  ने ककर दोष कविता इतिहास को दर्शाते सरोज झा झारखंडी ने कविता में  मिथिला दर्शन करा दिया।हिन्दी के जाने-माने कवि गीतकार कुमार विजयेंद्र ने गजल आसमानो पै सितारों के कयी ठिकाने निकले, हर सांस परेशान है लेकिन कभी कभी आंखों में आसमान है लेकिन कभी कभी--भोजपुरी कविता ओकरा अंखिया में सपना हिलोर मारेला --तबे सुगवा पिंजरवा प ठोर मारेला पटना चेतना समिति से पधारे उमेश मिश्र ने मैथिली हो जन जन की भाषा--आदि कविता मनमोह लिया। कविता झा ने आउ बैसू हमरा लग सुंदर कविता पाठ की।

रुणा रश्मि ने समसामयिक कविता युद्धक विभीषिका ने वैश्विक स्थिति का सटीक चित्रण जम्मू से आए राष्ट्रीय स्तर के कवि कमलेश भट्ट  ने गजल  सभी का प्यार पाना चाहती है -- मैं हिन्दू हूं मैं मुस्लिम हूं --सहित कुछ गजल प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। शैलजा झा ने स्त्री धन एवंथ विद्रोह करब स्वभाव नहि मधुबनी से आए महान कवि आनंद मोहन झा ने कहवाक लूरि चाही, सभ उंच नीच चेखि क कहवाक लूरि चाही --बेहाल जनता नेहाल सत्ता ई लोक तंत्रक हाल देखू  आत्मेश्वर झा हमर गाम कविता जैसे वर्तमान ग्रामीण परिवेश को जीवंत कर दिया।

दिवाकर झा ने चलू गाम मे घर बनाबी गांव में घर निर्माण की प्रक्रिया कविता में सराहनीय रहा। ककरो कनमा ककरो पौआ ककरो भेटय सेरक सेर आदि समसामयिक समस्या मूलक वर्तमान राजनीति पर चोट करती कविता से लोग बाग हो गये। कौशल किशोर झा ने सुंदर  कविता डा.कृष्ण मोहन झा गेय गीत माता सीता को समर्पित कविता से श्रोताओं का मन मोह लिया।

अध्यक्ष सिया राम झा सरस ने सरस गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को झूमने पर विवश कर दिया।प्रेम चन्द्र झा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
11एवं 12अप्रैल को हरमू मैदान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में समस्त समाज से सपरिवार भाग लेने का आग्रह  के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

Published / 2026-04-10 19:40:19
कतरास वार्ड एक में भव्य विवाह भवन बनाने की मांग पूरी होगी : संजीव सिंह

  • कतरास वार्ड एक में भव्य विवाह भवन बनाने की मांग पूरी होगी : संजीव सिंह 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। आज दिनांक 10/4/26 को वार्ड संख्या 1 में भव्य सामूहिक विवाह भवन बनाने की माँग को लेकर छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सोनू शर्मा ने धनबाद नगर निगम के माननीय महापौर को दिया गया माँग पत्र।

सोनू शर्मा ने कहा कि धनबाद बाबू डीह में निर्मित विवाह भवन की तर्ज पर वार्ड 1 में विवाह भवन बनने से वार्ड 1 से वार्ड 5 की जनता को सीधा लाभ मिलेगा।

माननीय महापौर संजीव सिंह ने अस्वस्त किया धनबाद नगर निगम की जनता का सदेव ऋणी रहूँगा उनकी सेवा निरंतर जारी रहेगी साथ में  कुलदीप सिंह, अजय सिंह, मो मिराज, संजीव पांडे आदि उपस्थित थे।

Published / 2026-04-10 18:06:38
राजहरा कोलियरी में कोयला का डिस्पैच शुरू होते ही 15 वर्षों से छाई विरानी के बाद लौटी रौनक

  • राजहरा कोलियरी में कोयला का डिस्पैच शुरू होते ही 15 वर्षों से छाई विरानी के बाद लौटी रौनक
  • पीओ सहित अन्य लोगों ने धर्मकांटा का पूजा कर ट्रक का वजन शुरू कराया 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर। पलामू की लाइफ लाइन सीसीएल का एक मात्र प्रतिष्ठान राजहरा में पिछले 15 वर्षों से छाई विरानी में पुरानी रौनक लौट गयी है।

परियोजना पदाधिकारी विनोद कुमार दीपक, माइंस मैनेजर एम एम चतुर्वेदी आरसीएमयु के क्षेत्रीय सचिव केएन पांडेय सहित अन्य लोगों ने धर्मकांटा का विधिवत पूजा अर्चना कर डिस्पैच की प्रक्रिया शुरू कर दिया गया। परियोजना पदाधिकारी विनोद कुमार दीपक ने कहा कि राजहरा कोलियरी कोयला उत्पादन व डिस्पैच शुरू हो जाने से इलाके का सर्वांगीण विकास होगा।

कई रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि चुकी सीसीएल सिर्फ लाभ के लिए नहीं बल्कि इलाके के सतत विकास के लिए भी काम करतीं हैं। इसका लाभ अब लोगों को देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि राजहरा कोलियरी में कोयला उत्पादन होने से राज्य सरकार को भी राजस्व मिलेगा जिससे राज्य का भी विकास होगा। 

उन्होंने कहा कि स्थानीय सांसद, ग्रामीण, मजदूर यूनियन व कोल माइंस के सार्थक सहयोग का प्रतिफल है कि आज राजहरा से कोयला का डिस्पैच शुरू हो रहा है। माइंस मैनेजर एम एम चतुर्वेदी ने कहा कि ग्रामीणों के साथ साथ राजहरा कोलियरी के माइनिंग टीम के निरंतर सक्रियता के साथ किए गए मेहनत का प्रतिफल है कि आज राजहरा कोलियरी का पुरानी रौनक लौट गयी। 

इस मौके पर जन्मेजय पांडेय,मनु प्रसाद, उपेन्द्र मिश्रा, अनील मिश्रा, अरविंद पाण्डेय, विजय मिश्रा, आरसीएमयू के सचिव विजय दुबे, अनिमेष पांडेय, बीरेंद्र चौहान, अशोक चौहान, मंजीत कुमार, अजय चौहान,मनोज चौहान सहित काफी संख्या में लोग मौजूद थे।

क्या कहते हैं मजदूर नेता 

आरसीएमयू के राजहरा क्षेत्र के सचिव केएन पांडेय ने कहा कि आज इस इलाके के लिए नये युग की शुरुआत हुई है। राजहरा कोलियरी में कोयले का उत्पादन नहीं होने से इलाके के लोग राजहरा कोलियरी में कोयले का उत्पादन शुरू होने की उम्मीद छोड़ चुके थे लेकिन सांसद, कोयला मंत्रालय, स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से आज फिर से लगभग 15 वर्षों के बाद लोगों में नयी खुशहाली दिख रही है। उन्होंने कहा कि चुकी यह सीसीएल का प्रतिष्ठान है इस लिए कोयला उत्पादन शुरू होने से इलाके का सर्वांगीण विकास होने की उम्मीद है।

उम्मीद नहीं थी लेकिन आज डिस्पैच शुरू करने पर अपार खुशी मिल रहीं हैं : पीओ

बात अगस्त 2024 की है जब राजहरा कोलियरी में परियोजना पदाधिकारी के पद पर विनोद कुमार दीपक योगदान दिए थे। उन्हें पहले से पता था कि राजहरा कोलियरी में कोयले का उत्पादन नहीं हो रहा है। योगदान देने के बाद यहां के तात्कालिक स्थिति देखने के बाद उन्हें उम्मीद नहीं था कि राजहरा कोलियरी वे कोयला का उत्पादन शुरू करा पाएंगे। 

लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और निरंतर वरीय प्रबंधन व कोल मंत्रालय के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर तकनीकी अड़चन को दूर करते हुए व ग्रामीणों के साथ भी बेहतर संबंध स्थापित करते हुए ग्रामीणों को हर संभव मदद किया। उन्होंने आज भावुक होते हुए कहा कि राजहरा कोलियरी में कोयले का उत्पादन शुरू कर मैंने देश सेवा के साथ साथ स्थानीय लोगों के विकास का अवसर प्रदान करने पर मुझे काफी प्रसन्नता हो रही है।

उन्होंने सांसद, सीसीएल के जीएम, सीएमडी सहित कोयला मंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि वरीय प्रबंधन ने जिस उम्मीद से मुझे राजहरा भेजा था वह उम्मीद आज पूरा होता दिख मुझे काफी खुशी महसूस हो रहीं। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग का ही परिणाम है कि आज राजहरा कोलियरी का पुरानी रौनक लौट आई है।

Published / 2026-04-10 17:38:39
गढ़वा : दुकान का शटर काट शराब की चोरी

  • गढ़वा में शराब दुकान में चोरी, चोरों ने पहले काटा शटर...
  • स्टॉक रूम का तोड़ा ताला, फिर उड़ा ले गए 3 लाख की ब्रांडेड शराब

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गढ़वा। जिले में चोरी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां चोरों ने नकदी या सामान्य सामान नहीं, बल्कि महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की बड़ी मात्रा पर हाथ साफ कर दिया। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस जांच में जुट गई है।

चोरों ने करीब 29 से 30 पेटी शराब चोरी की 

जिले के कांडी प्रखंड मुख्यालय में स्थित एक लाइसेंसी अंग्रेजी शराब दुकान में चोरी की बड़ी वारदात हुई है। अज्ञात चोरों ने देर रात दुकान का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया। 

चोरों ने पहले शटर काटा और फिर स्टॉक रूम का ताला तोड़ दिया। इसके बाद उन्होंने सिर्फ महंगी ब्रांडेड शराब की पेटियां चुराईं और बाकी सामान को हाथ भी नहीं लगाया। 

बताया जा रहा है कि चोरों ने करीब 29 से 30 पेटी शराब चोरी की है, जिनमें सिग्नेचर और ब्लेंडर्स प्राइड जैसे ब्रांड शामिल हैं। चोरी गई शराब की कीमत लगभग 3 लाख 7 हजार 200 रुपये बताई जा रही है।

दुकान खोलते ही मंजर देख हैरान दुकानदार 

सुबह जब दुकान संचालक दुकान खोलने पहुंचे तो उन्हें ताला टूटा मिला। अंदर जाने पर पता चला कि कई पेटियां गायब हैं। इसके बाद तुरंत पुलिस और उत्पाद विभाग को सूचना दी गई। 

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की मदद ली है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन की जांच की जा रही है।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा। वहीं, उत्पाद विभाग ने भी चोरी की पुष्टि करते हुए जांच जारी रखने की बात कही है। 

स्थानीय लोगों के अनुसार इस इलाके में पहले भी कई चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है।

Published / 2026-04-10 17:34:28
गुमला : जंगली हाथियों ने एक को कुचला

झारखंड में नहीं थम रहा हाथियों का आतंक!

गुमला में जंगली हाथी के हमले में 1 व्यक्ति की मौत

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। जिले में शुक्रवार को एक जंगली हाथी के हमले में 28 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गयी। पुलिस ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि यह घटना आज सुबह घाघरा थाना क्षेत्र में आने वाली बेलागरहा पंचायत के बुरहू गांव के वन क्षेत्र में हुई।

जंगली हाथी के हमले में 1 व्यक्ति की मौत
घाघरा थाने के प्रभारी मोहन कुमार सिंह ने बताया, मृतक की पहचान बुरहू निवासी अनुप कुमार पांडे के रूप में हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है। वह हाथी को इलाके से भगा रहे स्थानीय लोगों में शामिल था और इसी दौरान हाथी ने उसे कुचलकर मार डाला। 

सिंह ने कहा कि वन विभाग द्वारा पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजे के रूप में 25,000 रुपये प्रदान किए गए हैं, जबकि शेष राशि कुछ औपचारिकताएं पूरी होने के बाद प्रदान की जाएगी। झारखंड सरकार हाथी के हमले में हुई मृत्यु की स्थिति में चार लाख रुपये का मुआवजा प्रदान करती है।

Published / 2026-04-10 16:34:18
झारखंड में बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए बनेगी नयी गाइडलाइन

  • झारखंड में बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण के लिए बनेगी नई गाइडलाइन

टीम एबीएन, रांची। राज्य में बायो-मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित और वैज्ञानिक निस्तारण को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के लिए नई कॉम्प्रिहेंसिव गाइडलाइन तैयार करने का निर्णय लिया गया।

बैठक में अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप एक व्यापक गाइडलाइन बनाई जाए, जिसका पालन राज्य के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों के लिए अनिवार्य होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कचरा प्रबंधन में किसी भी प्रकार की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, क्योंकि इससे पर्यावरण और जन-स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

बैठक में डीआईसी डॉ. सिद्धार्थ सान्याल एवं डॉ. रंजीत ने जानकारी दी कि वर्तमान में राज्य में पांच कॉमन बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट फैसिलिटी संचालित हैं, जहां बायो-मेडिकल कचरे का सुरक्षित निस्तारण किया जा रहा है।

अधिकारियों ने बताया कि नई गाइडलाइन के तहत कचरा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अंतर्गत कचरे के उठाव से लेकर अंतिम निस्तारण तक बारकोडिंग और जीपीएस ट्रैकिंग व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। साथ ही बिना उपचार वाले कचरे को 48 घंटे से अधिक समय तक संग्रहित करने पर रोक लगाई जाएगी।

नियमों का उल्लंघन करने वाले अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसमें पर्यावरण मुआवजा दंड लगाने के साथ-साथ संबंधित संस्थान का पंजीकरण रद्द करने तक की कार्रवाई शामिल होगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि राज्य के दुर्गम क्षेत्रों में बायो-मेडिकल कचरे के निस्तारण के लिए ‘डीप बरियल’ जैसे वैज्ञानिक तरीकों का मानकों के अनुरूप उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। नई गाइडलाइन लागू होने के बाद राज्य में बायो-मेडिकल वेस्ट प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने की उम्मीद है।

Published / 2026-04-10 16:29:48
लोहरदगा गुमला ट्रक आँनर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष अभय सिंह को मातृशोक

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा गुमला ट्रक आँनर एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष अभय सिंह की मां जगरानी देवी का आज आकस्मिक निधन रांची में हो गया। 

वे पिछले लगभग 6 दिनों से रांची के एक अस्पताल में एडमिट थी। उनके निधन पर लोहरदगा गुमला ट्रक आँनर एसोसिएशन शोक व्यक्त करती है और भगवान से प्रार्थना करती है कि उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें और उनके परिवार वाले को धैर्य प्रदान करें।

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