झारखंड

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Published / 2024-10-01 21:02:06
महाराजा अग्रसेन जी की भव्य शोभायात्रा निकली

टीम एबीएन, रांची। अग्रवाल सभा के तत्वावधान में अग्रसेन जयंती महोत्सव सह 48वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली गयी। शोभा यात्रा महाराजा अग्रसेन भवन से प्रारंभ हुई, जो रांची नगर के प्रमुख मार्गों अप्पर बाजार, बंशीधर अडूकिया रोड, साबू रिक्शा रोड, कोतवाली शहीद चौक, पुस्तक पथ, गांधी चौक, मारवाड़ी टोला, नॉर्थ मार्केट रोड, ईस्ट मार्केट रोड, कोर्ट सराय रोड, होते हुए पुन: अग्रसेन भवन में समापन हुई। 

अपराह्न 3 बजे महाराजा अग्रसेन जी की पूजा अर्चना एवं प्रसाद वितरण के साथ भव्य शोभा यात्रा मे महाराजा अग्रसेनजी की  मनमोहक आकर्षक झांकी निकाली गई। शोभायात्रा रांची के प्रमुख मार्ग से गुजरी जगह-जगह सामाजिक संगठनों माहेश्वरी सभा, मारवाड़ी युवा मंच, मारवाड़ी सहायक समिति, मारवाड़ी ब्राह्मण सभा, डॉ लालचंद बगड़िया समिति, श्री जीण माता सेवा समिति, दिगंबर जैन मंदिर समिति, सहित अन्य संस्थाओं के लोगों ने अग्रसेन जी को पुष्प की वर्षा, आरती एवं प्रसाद वितरण किया। 

पूरा नगर अग्रसेन जी के जयकारा से गुंजमान रहा। शोभा यात्रा में शामिल भजन गायको में सुमधुर मनमोहक भजनों से पूरे माहौल को अग्रसेनमय बना दिया। तथा भजनों पर भक्तों को खूब झुमाया। शोभा यात्रा में पुरुष एवं महिलाएं पारंपारिक वेशभूषा में अग्रध्वज लेकर शामिल हुए। शोभा यात्रा का संचालन अग्रवाल युवा सभा ने किया। 

शोभा यात्रा मे प्रमोद कुमार अग्रवाल, अनिल अग्रवाल, मनोज चौधरी, सुरेश चंद्र अग्रवाल, ललित कुमार पोद्दार, विनोद कुमार जैन, सज्जन पाड़िया, पवन पोद्दार, कौशल राजगढ़िया, चंडी प्रसाद डालमिया, निर्मल बुधिया, अमर अग्रवाल, संजय सर्राफ, विजय कुमार खोवाल, अजय डीडवानिया, कमल खेतावत, मंजीत जाजोदिया, विनोद टिबडेवाल, नरेश बंका, रमाशंकर बगड़िया, राजकुमार मित्तल, रोहित पोद्दार, अंजय सरावगी,  शिवभावसिंहका, आनंद जालान, मुकेश जाजोदिया, विकास अग्रवाल, सौरभ बजाज, सुनील केडिया, सुनील पोद्दार, रौनक झुनझुनवाला, विशाल पाड़िया, विनीता सिंघानिया, रीना सुलेखा, सहित बड़ी संख्या मे महिलाएं पुरुष शामिल थे।

Published / 2024-10-01 21:01:28
तीन को धूमधाम से मनेगी महाराजा अग्रसेन जी की जयंती

महाराजा अग्रसेन का जन्म द्वापर युग के अंत में भगवान श्रीकृष्ण के समकालीन हुआ था : संजय सर्राफ 

टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता एवं अग्रवाल सभा के पूर्व प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि इस वर्ष महाराजा अग्रसेन जयंती 3 अक्टूबर दिन गुरुवार को मनाई जाएगी। अश्विन शुक्ल प्रतिपदा अर्थात नवरात्रि के प्रथम दिवस को महाराज अग्रसेन के जन्म दिवस के रूप में अग्रसेन जयंती मनायी जाती है। महाराज अग्रसेन का जन्म द्वापर युग के अंत में भगवान श्री कृष्ण के समकालीन हुआ था। 

महाराजा अग्रसेन अग्रवाल अर्थात वैश्य समाज के जनक कहे जाते हैं। विश्व समाज धार्मिक मान्यतानुसार इनका जन्म सूर्यवंशीय महाराजा वल्लभ सेन के अन्तिमकाल और कलियुग के प्रारंभ में आज से 5187 वर्ष पूर्व हुआ था। उनके राज में कोई दुखी या लाचार नहीं था। बचपन से ही वे अपनी प्रजा में बहुत लोकप्रिय थे। वे एक धार्मिक, शांति दूत, प्रजा वत्सल, हिंसा विरोधी, बली प्रथा को बंद करवाने वाले, करुणानिधि, सब जीवों से प्रेम, स्नेह रखने वाले दयालु राजा थे। ये बल्लभ गढ़ और आगरा के राजा बल्लभ के ज्येष्ठ पुत्र, शूरसेन के बड़े भाई थे। 

महाराजा अग्रसेन भगवान राम के पुत्र कुश के 34 वीं पीढ़ी के हैं। 15 वर्ष की आयु में, अग्रसेन जी ने पांडवों के पक्ष से महाभारत युद्ध लड़ा था। भगवान कृष्ण ने टिप्पणी की है कि अग्रसेनजी कलयुग में एक युग पुरुष और अवतार होंगे जो जल्द ही द्वापर युग की समाप्ति के बाद आने वाले हैं। अग्रसेन सौरवंश के एक वैश्य राजा थे। जिन्होंने अपने लोगों के लाभ के लिए वानिका धर्म अपनाया था । वस्तुत:, अग्रवाल का अर्थ है। अग्रसेन की संतान या अग्रोहा के लोग प्राचीन में एक शहर हरियाणा क्षेत्र में हिसार के निकट कुरु पंचला की स्थापना अग्रसेन ने की थी। 

भारतेन्दु हरिश्चंद्र के वृत्तांत के अनुसार, महाराजा अग्रसेन एक सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा थे, जिनका जन्म महाभारत महाकाव्य काल में द्वापर युग के अंतिम चरणों में हुआ था, वे भगवान कृष्ण के समकालीन थे। वह राजा वल्लभ देव के पुत्र थे जो कुश (भगवान राम के पुत्र) के वंशज थे। वह सूर्यवंशी राजा मान्धाता के वंशज भी थे। अग्रसेन ने 18 गोत्र की स्थापना जो 18 ऋषियों के नाम पर आधारित है, जिनसे अग्रवाल गोत्र अस्तित्व में आये। अग्रसेन ने राजा नागराज कुमुद की बेटी माधवी से विवाह किया, दूसरी पत्नी का नाम सुंदरावती था। 

उनके 18 पुत्र थे। महाराज अग्रसेन ने अपने प्रजा-जनों की खुशहाली के लिए शिवजी की घोर तपस्या की, जिससे भगवान शिव ने प्रसन्न हो उन्हें मां लक्ष्मी की तपस्या करने की सलाह दी। मां लक्ष्मी ने परोपकार हेतु की गयी तपस्या से खुश हो उन्हें दर्शन दिये और कहा कि अपना एक नया राज्य बनाएं और क्षात्र धर्म का पालन करते हुए अपने राज्य तथा प्रजा का पालन - पोषण व रक्षा करें। उनका राज्य हमेशा धन-धान्य से परिपूर्ण रहेगा एवं महाराजा अग्रसेन जी के सभी पुत्रों के घर में हमेशा के लिए निवास करने का वरदान तो दिया ही लेकिन साथ में महाराजा अग्रसेन जी के सभी पुत्रों की कुलदेवी होने का वरदान भी दिया। 

अपने नये राज्य की स्थापना की। जिसका नाम अग्रेयगण या अग्रोदय रखा गया। जिसकी राजधानी अग्रोहा रखा गया। जो आज के हरियाणा के हिसार के पास हैं। आज भी यह स्थान अग्रवाल समाज के लिए पांचवे धाम के रूप में पूजा जाता है, वर्तमान में अग्रोहा विकास ट्रस्ट ने बहुत सुंदर मंदिर, धर्मशालाएं आदि बनाकर यहां आने वाले अग्रवाल समाज के लोगो के लिए सुविधायें जुटा दी है। महाराजा अग्रसेन को समाजवाद का अग्रदूत कहा जाता है। 

अपने क्षेत्र में सच्चे समाजवाद की स्थापना हेतु उन्होंने नियम बनाया कि उनके नगर में बाहर से आकर बसने वाले प्रत्येक परिवार की सहायता के लिए नगर का प्रत्येक परिवार उसे एक तत्कालीन प्रचलन का सिक्का व एक ईंट देगा, जिससे आसानी से नवागंतुक परिवार स्वयं के लिए निवास स्थान व व्यापार का प्रबंध कर सके। महाराजा अग्रसेन ने तंत्रीय शासन प्रणाली के प्रतिकार में एक नई व्यवस्था को जन्म दिया, उन्होंने पुन: वैदिक सनातन आर्य सस्कृंति की मूल मान्यताओं को लागू कर राज्य की पुनर्गठन में कृषि-व्यापार, उद्योग, गौपालन के विकास के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की पुन: प्रतिष्ठा का बीड़ा उठाया। इस तरह महाराज अग्रसेन के राजकाल में अग्रोदय गणराज्य ने दिन दूनी- रात चौगुनी तरक्की की।

Published / 2024-10-01 20:58:31
झारखंड : राज्य में आपराधिक गतिविधियां सुलझाने की बन रही रणनीति

झारखंड में आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने को लेकर हुई अंतरराज्यीय सीमा बैठक, की गयी ये चर्चा 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। झारखंड में संताल परगना दुमका प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक क्रांति कुमार गढ़ीदेसी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल के पुलिस पदाधिकारी के साथ बीते सोमवार को आनलाइन अंतरराज्यीय सीमा की बैठक आयोजित की गयी। 

अंतरराज्यीय सीमा बैठक में पुलिस महानिरीक्षक क्रांति कुमार ने पश्चिम बंगाल के वीरभूम प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक से झारखंड में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के मसले पर विशेष जानकारी साझा किया गया। उन्होंने बैठक में घटना मुक्त चुनाव संपन्न कराने में पश्चिम बंगाल के पुलिस पदाधिकारियों से सहयोग करने पर जोर दिया। 

उन्होंने अंतरराज्यीय सीमावर्ती सभी जिलों से अवैध शराब के परिवहन एवं रोकथाम के संबंध में विशेष दिशा निर्देश दिये। पुलिस महानिरीक्षक ने अवैध धन राशि का परिवहन नहीं हो इसके लिए चेक पोस्ट बनाने एवं कड़ी निगरानी करने, मादक पदार्थों के परिवहन की रोकथाम के लिए चेक पोस्ट पर कड़ी निगरानी रखने के संबंध में भी विशेष दिशा निर्देश दिये। 

उन्होंने झारखंड राज्य के फरार अभियुक्तों के एवं पश्चिम बंगाल राज्य के कांडो में संलिप्त फरार एवं वारंटी अभियुक्तों के सूचनाओं का आदान-प्रदान करने पर भी विशेष दिशा निर्देश दिये। वहीं पश्चिम बंगाल के वीरभूम प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने भरोसा दिया कि संताल परगना दुमका प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक द्वारा दिये गये सभी निर्देशों का सुगमतापूर्वक पालन किया जायेगा। 

बैठक में झारखंड के संताल परगना प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक संजीव कुमार एवं दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज तथा पश्चिम बंगाल के वीरभूम और आसनसोल के पुलिस अधीक्षक के साथ पश्चिम बंगाल के वरीय पुलिस पदाधिकारी शामिल हुए। सभी वरीय पुलिस अधिकारियों ने दोनों राज्यों के सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने में सहयोग का करने का वादा किया।

Published / 2024-10-01 20:56:59
धनबाद : जमीन कारोबारी की दिनदहाड़े हत्या, सनसनी

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। शहर में एक जमीन कारोबारी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गयी है। घटना भूली ओपी क्षेत्र की है। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी फरार हो गये। पुलिस मामले की जांच में जुटी है। 

बता दें कि भूली ओपी क्षेत्र के पांडरपाला के रहने वाले जमीन कारोबारी शाहबुद्दीन की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गयी है। कारोबारी के भतीजे सद्दाम ने बताया कि असर्फी अस्पताल के समीप ही शान डेवलपर्स का कार्यालय है। शान डेवलपर्स के नाम से वह रियल स्टेट का कारोबार करते हैं। 

झरिया से कार से अपने आॅफिस लौट रहे थे। आॅफिस के समीप वह कार से उतरे और कुछ दूर चले थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन अपराधियों के द्वारा उसके चाचा के ऊपर फायरिंग कर दी गयी। अपराधी एक राउंड फायरिंग करने के बाद मौके से फरार हो गये। 

उनके द्वारा चिल्लाने और गोली की आवाज सुनकर सभी भागे। उन्हें एक गोली लग गयी थी। खून भी सड़क पर गिरने लगा। आनन-फानन में जख्मी हालत में कारोबारी शाहबुद्दीन को असर्फी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी है। 

अस्पताल से शव को एसएनएमएमसीएच पोस्टमार्टम के लिए लाया गया है। पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी है। मौके से एक खोखा पुलिस ने बरामद किया है। पुलिस के द्वारा आसपास लगे सीसीटीवी के फुटेज खंगाले जा रहे हैं।

Published / 2024-10-01 20:56:12
चार को होगा कांटाटोली फ्लाइओवर का उद्घाटन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार तीन और चार अक्तूबर को राजधानी को दो तोहफे देगी। मुख्यमंत्री तीन अक्तूबर को कांके के सुकुरहुटू में तैयार ट्रांसपोर्ट नगर के फेज-1 और चार अक्तूबर को कांटाटोली फ्लाइओवर का उद्घाटन करेंगे। 

तीन अक्तूबर को ही मुख्यमंत्री सुकुरहुटू के आइटीबीपी कैंप के पास आयोजित समारोह में टांसपोर्ट नगर के फेज-2 का शिलान्यास भी करेंगे।

Published / 2024-09-30 20:33:40
डीएवी कपिल देव कडरू शुभकामना संदेश का आयोजन

टीम एबीएन, रांची। डीएवी कपिल देव कडरू रांची में आज अवकाश प्राप्त करने वाले दो शिक्षकों पशुपतिनाथ झा और राजश्री सिंह के सम्मान में शुभकामना संदेश का आयोजन किया गया। प्राचार्य एम के सिन्हा ने कहा कि  ज्वाइन करना और रिटायर करना यह दोनों प्रकृति के नियमों से बंधे हैं। 

व्यक्ति को वर्तमान से जुड़े रहना चाहिए और अवकाश प्राप्ति के बाद वे कार्य करने चाहिए, जो वे नौकरी के दौरान नहीं कर पाये। मौके पर पशुपतिनाथ झा और राजश्री सिंह ने स्कूल में बिताये अपने क्षणों को याद किया। 

विदाई समारोह के अवसर पर अनेक शिक्षकों ने अवकाश प्राप्ति ग्रहण करने वाले शिक्षकों के कार्यों को याद किया। अंत में दोनों शिक्षकों के बेहतर भविष्य की शुभकामनाएं व्यक्त की गयी। उक्त जानकारी विद्यालय के आलोक इंद्र गुरु ने दी।

Published / 2024-09-30 20:31:51
खरसावां सीट पर बरकरार रहेगा दशरथ का कब्जा!

खरसावां विधानसभा में भाजपा को भाजपा ही हराती है 

पंकज प्रसून  

एबीएन इलेक्शन डेस्क (रांची)। चक्रधरपुर से टोकलो रोड के रास्ते हम खरसावां के कुचाई प्रखंड पहुंचे। शहर की हवा सबको पता होती है, चुनाव का असली खेल तो ग्रामीण इलाकों में होता है।  कुचाई के बिरसा मुंडा स्टेडियम में दशरथ गगराई की सभा हो रही थी। मोड़ पर दुकानें हैं, वहां कुछ लोग बैठकर राजनीति पर चर्चा कर रहे थे।  हम चुपचाप बैठकर सुनने लगे, भाषा थोड़ी अलग थी, पर भाव समझ में आ गया। वे लोग कह रहे थे कि अर्जुन मुंडा के मुकाबले काम तो कुछ नहीं किया, लेकिन हमेशा मौजूद रहता है। 

हेमंत सोरेन के कारण आदिवासी वोट भी मिल ही जायेगा। कुल मिलाकर दशरथ गगराई की स्थिति ठीक ही दिख रही है। उसके बाद हम स्टेडियम में जनसभा की ओर बढ़े। महिलाओं को खरसावां विधायक संबोधित कर रहे थे, पर पंडाल आधा भी नहीं भरा था। बारिश एक वजह हो सकती है, लेकिन महिलाओं में उत्साह की भी कमी थी। सबका ध्यान भाषण पर कम और नाश्ते के पैकेट और बाद में बंटने वाली खिचड़ी पर अधिक था।  

खरसावां विधानसभा कुल पांच प्रखंडों में फैला है : 

  1. कुचाई- सभी 10 पंचायत 
  2. खरसावां- सभी 13 पंचायत 
  3. खूंटपानी- कुल 12 में से 10 पंचायत खरसावां विधानसभा में  
  4. सरायकेला- कुल 14 में से 07 पंचायत 
  5. गम्हरिया- कुल 14 में से 07 पंचायत 

अगर हर पंचायत के डेमोग्राफी को देखें तो कुचाई में 60 प्रतिशत आदिवासी हैं। यहां पहाड़ों के ऊपर मुंडा समाज है और बाकी हो या इसाई हैं। मुंडा समाज आमतौर पर भाजपा का वोटर है और हो समाज झामुमो को वोट देता है। झामुमो विधायक दशरथ गगरई हो समाज से आते हैं। खूंटपानी प्रखंड झारखंड मुक्ति मोर्चा का सबसे मजबूत गढ़ है। इसकी वजह कि इस प्रखंड में करीब 65 प्रतिशत इसाई हैं। 

इसाई समाज पारंपरिक रूप से कांग्रेस और हाल के वर्षों में झामुमो का एकतरफा समर्थन करता है। खूंटपानी प्रखंड में झामुमो की मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले चुनाव में झामुमो के दशरथ गगरई को सिर्फ इस प्रखंड से 20 हजार वोटों की लीड मिली थी। बाकी सभी प्रखंड मिलाकर उनकी लीड करीब 15 हजार वोटों की थी। 

इसके अलावा करीब 12,000 मुस्लिम मतदाता एकतरफा झामुमो की तरफ जाते हैं। हो, इसाई और मुस्लिम का कंबिनेशन के कारण दशरथ गगराई लगातार दो बार से विधायक बन रहे हैं। इन तीनों के अलावा थोड़ा-बहुत खुदरा वोट अपने व्यवहार के कारण बटोर ही लेते हैं। महागठबंधन या इंडिया गठबंधन से वर्तमान विधायक दशरथ गगराई को ही टिकट मिलने की संभावना है। वे लगातार 10 सालों से विधायक हैं और क्षेत्र में मजबूत पकड़ है। कोई दूसरा उनके मुकाबले में दिख भी नहीं रहा है।  

अगर भाजपा की बात करें तो कुल तीन उम्मीदवारों की चर्चा हो रही है :  

1. अर्जुन मुंडा/ मीरा मुंडा

पति-पत्नी दोनों में से किसी को मिले, प्रतिष्ठा तो पूर्व केंद्रीय मंत्री और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा की ही जुड़ी रहेगी। अर्जुन मुंडा ने खरसावां विधानसभा का 4 बार प्रतिनिधित्व किया है।  1995 में सबसे पहले अर्जुन मुंडा झामुमो के टिकट पर चुनाव जीते। इसके बाद 2000 और 2005 में भाजपा के टिकट पर चुनाव जीते। 2009 में मंगल सिंह सोय अर्जुन मुंडा के ही नाम पर भाजपा से चुनाव जीतकर विधायक बने। एक साल बाद उन्होंने अर्जुन मुंडा के लिए वो सीट छोड़ दी। उसके बाद 2010 में अर्जुन मुंडा उपचुनाव जीतकर दोबारा खरसावां से विधायक चुने गये।   

लेकिन 2010 के बाद स्थितियां बदलने लगीं। 2014 में जब पूरे राज्य में भाजपा के पक्ष में हवा थी तो खरसावां में अर्जुन मुंडा के खिलाफ जबरदस्त एंटी-इंकंबेंसी दिखी। दशरथ गगराई ने उन्हें पराजित किया। उसके बाद 2019 के विधानसभा चुनावों में चाईबासा से जवाहर वानरा को लाकर लड़ाया गया। दशरथ गगराई ने जवाहर वानरा को करीब 23 हजार वोटों से शिकस्त दी। दशरथ गगराई को 73, 341 वोट मिले, जबकि भाजपा के जवाहर वानरा को 50, 546 वोट। स्थानीय लोग बताते हैं कि खरसावां विधानसभा में खरसावां के नेता को ही लड़ाना चाहिए। चाईबासा से आदमी लाकर लड़ाने से बाहरी-भीतरी को मुद्दा बनाया जाता है। जवाहर वानरा की बड़ी हार की एक वजह ये भी रही। 

2. सोनाराम बोदरा

भाजपा की ओर से जिस दूसरे प्रत्याशी की चर्चा हो रही है, वो हैं सरायकेला जिला परिषद अध्यक्ष सोनाराम बोदरा। सोनाराम बोदरा ने चंपई सोरेन के साथ ही झामुमो छोड़कर भाजपा ज्वाइन किया है। रांची में उन्होंने भाजपा में शामिल होते वक्त जिस तरह भीड़ जुटायी, उसकी चर्चा रांची तक थी। स्थानीय पत्रकार बताते हैं कि चंपई सोरेन सोनाराम बोदरा को टिकट दिलाने के लिए पैरवी कर रहे हैं। सोनाराम बोदरा हो समाज से आते हैं। इलाके में हो आदिवासियों की अच्छी खासी संख्या है। सोनाराम बोदरा की सभाओं में भीड़ भी जुट रही है। 

3. गणेश महली

अगर अर्जुन मुंडा या उनकी पत्नी मीरा मुंडा खुद नहीं लड़े, तो वे अबतक सरायकेला से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ते रहे गणेश महली को खरसावां से लड़वा सकते हैं। गणेश महली अर्जुन मुंडा के करीबी माने जाते हैं। उनके पास चुनाव लड़ने के लिए संसाधनों की कमी नहीं। भाजपा और झामुमो के अलावा खरसावां में इस बार तीसरे मोर्चे की भी खूब चर्चा है। 

ये है जयराम महतो की पार्टी की। जेबीकेएसएस खुद चुनाव लड़कर जीत सकेंगे इसकी उम्मीद कम है, लेकिन वो खरसावां विधानसभा क्षेत्र में 12 से 15 हजार वोट लाकर बड़ी पार्टियों की जीत-हार के समीकरण बदल देंगे। जेबीकेएसएस से दो उम्मीदवार टिकट की रेस में हैं। पांडुराम हायबुरु और खूंटपानी प्रखंड प्रमुख सिद्धार्थ होनहागा। 

अगर खरसावां विधानसभा के बड़े मुद्दों की बात करें तो : 

  1. 2011 में अर्जुन मुंडा ने 152 करोड़ की लागत से कोल्हान के सबसे बड़े अस्पताल की आधारशिला रखी थी। ये अस्पताल आजतक बनकर तैयार नहीं हुआ। 
  2. खरसावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत बहुत खराब है। खपड़ैल के जर्जर भवन में चल रहा है। वो शायद खरसावां राजघराने का भवन है। 
  3. अर्जुन मुंडा के जमाने में हुए काम को खरसावां के लोग आज भी याद करते हैं। लेकिन महतो वोटर की नाराजगी और बड़ा हाई-फाई नेता होने का आरोप भी लोग लगाते हैं। 

निष्कर्ष :  

स्थानीय पत्रकारों का आकलन है कि दशरथ गगराई को कोई हरा सकता है तो वे अर्जुन मुंडा ही हैं। लेकिन अर्जुन मुंडा से महतो वोटर नाराज हैं। जेबीकेएसएस फैक्टर अर्जुन मुंडा को ही नुकसान पहुंचयेगा। दूसरी बात जो स्थानीय पत्रकारों ने बतायी कि अर्जुन मुंडा के लोगों ने उनका बहुत नुकसान पहुंचाया है। आम लोगों को अर्जुन मुंडा से मिलने ही नहीं देते। सिर्फ बड़े-बड़े ठेकेदार और जमशेदपुर-आदित्यपुर के धन्नासेठ डेरा डाले रहते हैं। इससे अर्जुन मुंडा की छवि प्रभावित हुई है। 

स्थानीय पत्रकारों का ये भी आकलन है कि अगर भाजपा ने सोनाराम बोदरा को टिकट दिया और अर्जुन मुंडा ने दिल से उनका समर्थन किया, तब वो जीत सकेंगे। लेकिन अर्जुन मुंडा चंपई सोरेन के आदमी का खरसावां में समर्थन करेंगे? इसके जवाब में सारे पत्रकार खिलखिला कर हंसने लगे। 

हमें खरसावां बाजार में खुपई साई गांव के रहने वाले पूर्व कांग्रेसी दिलीप प्रधान मिले। विजय सिंह सोय के जमाने में उनकी खूब चलती थी। लेकिन हाल के दिनों में उन्होंने राजनीति छोड़ दी है। दिलीप प्रधान गंभीर होकर बताते हैं कि खरसावां में भाजपा को सिर्फ भाजपा हराती है। अर्जुन मुंडा कैसे हारे, पूरा राज्य जानता है। इस बार भी चंपई और अर्जुन मुंडा को लेकर दबी जुबान में चर्चाएं शुरू हो गयी हैं। (लेखक एनएीएफ से जुड़े हैं।) 

Published / 2024-09-30 18:01:57
राज्य में पांच हजार मॉडल स्कूल खोलने की तैयारी

सीएम हेमंत सोरेन की बड़ी घोषणा, झारखंड में खोले जायेंगे श्रम आवासीय विद्यालय और मॉडल स्कूल

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले सीएम हेमंत सोरेन ने धनबाद में बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में श्रम आवासीय विद्यालय खोले जायेंगे, जहां श्रमिकों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा दी जायेगी। पांच हजार मॉडल स्कूल खोले जायेंगे, ताकि राज्य के बच्चों को क्वालिटी एजुकेशन मिल सके। 

बलियापुर में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने ये घोषणाएं कीं। इस दौरान धनबादवासियों को विकास योजनाओं की सौगात दी। झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले सीएम हेमंत सोरेन ने धनबादवासियों को विकास योजनाओं का तोहफा दिया। उन्होंने 133 योजनाओं का शिलान्यास किया, जबकि 84 योजनाओं का उद्घाटन किया। 

बलियापुर हवाई पट्टी पर झारखंड स्किल कॉन्क्लेव 2024 का आयोजन किया गया था। मौके पर युवाओं को जॉब आॅफर लेटर दिया गया और रोजगार प्रोत्साहन एवं परिवहन भत्ता भी दिया गया। जॉब आॅफर लेटर सह रोजगार प्रोत्साहन एवं परिवहन भत्ता वितरण समारोह में श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता, ग्रामीण विकास मंत्री इरफान अंसारी, विधायक मथुरा प्रसाद महतो और पूर्णिमा नीरज सिंह समेत अन्य उपस्थित थे।

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