एबीएन न्यूज नेटवर्क, मयूरहंड। प्रखंड के मंधनियां शाखा डाकघर में वर्षों तक अपनी सेवाएं देने वाली भारतीय डाक विभाग की शाखा पोस्टमास्टर जयंती देवी का 60 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे पिछले कुछ समय से कैंसर से पीड़ित थीं और उनका उपचार चल रहा था।
जयंती देवी शशि कुमार सिंह की पत्नी थीं। उनके परिवार में एक पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। उनके पुत्र बम शंकर सिंह पूर्व में भारतीय जनता पार्टी के मंडल महामंत्री रह चुके हैं और वर्तमान में सहायक आचार्य (शिक्षक) के पद पर कार्यरत हैं।
जयंती देवी के निधन से परिवार, शुभचिंतकों एवं क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर है। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार सुबह 10 बजे बडाकर नदी घाट पर किया जाएगा। इसकी जानकारी उनके पुत्र बम शंकर सिंह ने दी।
टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी-जेएसएससी भ्रष्टाचार मुक्त भर्ती महाअभियान के तहत चल रहा छात्र आंदोलन गुरुवार को भी भारी बारिश के बीच जारी रहा। धरना स्थल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम, रांची में पूरे दिन छात्रों, अभ्यर्थियों एवं अभिभावकों का जमावड़ा लगा रहा, धरना स्थल में सरकार से आक्रोश व्यक्त करते देश भक्ति संगीत व लघु नाटिका चलता रहा।
आंदोलन से संबंधित भ्रामक खबर का खंडन करते हुए देश के प्रसिद्ध इनोवेटर सोनम वांगचुक ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी कर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल के पांचवें दिन जारी रहने की पुष्टि की। उन्होंने आंदोलन के प्रति अपना समर्थन व्यक्त करते हुए राज्य सरकार से छात्रों की मांगों पर सकारात्मक पहल करते हुए वार्ता करने की अपील की।
इस बीच मेडिकल जांच टीम ने बताया कि लगातार भूख हड़ताल के कारण देवेंद्र नाथ महतो के स्वास्थ्य में तेजी से गिरावट आई है। चिकित्सकों ने उनके स्वास्थ्य को लेकर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता बताई है। वहीं आंदोलनरत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यदि राज्य सरकार छात्रों की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लेती है, तो 10 अगस्त को छात्र विधानसभा मार्च करेंगे।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से जारी है और अंतिम सांस तक संघर्ष जारी रहेगा। बताते चलें कि विधानसभा सदस्य अरुण चटर्जी, विनोद कुमार सिंह एवं चंद्रदेव महतो, जयराम कुमार महतो आदि आंदोलन का समर्थन देने सशरीर पहुंचे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा आंदोलन बृहस्पतिवार को शुरू होने वाले विधानसभा के मानसून सत्र में प्रमुख मुद्दा बना। झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कई भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर रांची में जारी छात्र आंदोलन पर कहा कि जांच में यदि आप भ्रष्ट अफसरों को लगायेंगे, जेपीएससी जैसे संस्थान में भ्रष्ट अफसरों को अध्यक्ष बनायेंगे, जब ऐसे भ्रष्ट लोग पद पर बैठेंगे तो यही होगा।
उन्होंने कहा कि अध्यक्ष ने इस्तीफा दिया, बाकी लोगों की गिरफ्तारी हुई, ये सब लोग दिखावटी हैं लेकिन इन पर कैसे भरोसा किया जाये?... इसलिए हमारी मांग है कि अदालत की निगरानी में जांच हो और समय सीमा के अंदर जांच का परिणाम भी आना चाहिए।
पिछले 13 दिनों में आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है और छह प्रदर्शनकारी आमरण अनशन पर हैं। रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में 25 जुलाई को जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के बैनर तले शुरू हुआ यह आंदोलन हाल के वर्षों में राज्य के सबसे बड़े छात्र आंदोलनों में से एक बनकर उभरा है।
प्रदर्शनकारी 14वीं झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) सिविल सेवा परीक्षा रद्द करने तथा भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के स्वतंत्र पैनल से कराने की मांग कर रहे हैं। वे झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) में व्यापक सुधार की भी मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुधवार को कहा कि प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा राष्ट्रीय समस्या है और उन्होंने गतिरोध समाप्त करने के लिए बातचीत की पेशकश की। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के नेता देवेंद्र नाथ महतो पिछले पांच दिनों से आमरण अनशन पर हैं और उनके समर्थन में दो महिलाओं सहित पांच अन्य प्रदर्शनकारी भी अनशन पर बैठ गये।
महतो के रक्त शर्करा और रक्तचाप का स्तर काफी गिर जाने से उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गयी। हाल ही में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक के मुद्दे पर दिल्ली में 26 दिन का अनशन करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने महतो से फोन पर बात की और उनसे अपने स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए कम-से-कम पानी पीने का आग्रह किया। वांगचुक की अपील के बाद महतो ने पानी पिया।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि सरकार से बार-बार अपील करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का यह कठोर तरीका अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ा। जेपीएससी-जेएसएससी सुधार मंच के प्रवक्ता जीवन कुमार ने कहा, दो महिलाओं समेत हमारे पांच साथी आंदोलन को मजबूत करने और हमारी मांगों पर दबाव बनाने के लिए आमरण अनशन में शामिल हुए हैं।
अनशन कर रहीं प्रदर्शनकारी सबिता कुमारी ने कहा कि सरकार ने छात्रों की चिंताओं की अनदेखी की है, जिसके कारण उनके पास आंदोलन तेज करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा। एक अन्य प्रदर्शनकारी हबीबा ने मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा, मुख्यमंत्री हमारे अभिभावक जैसे हैं। जब बच्चे भूखे रहते हैं तो अभिभावक को भी पीड़ा होती है। हमें उम्मीद है कि वह हमारी शिकायतें सुनेंगे। हमें केवल आश्वासन नहीं, बल्कि कार्रवाई और न्याय चाहिए।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को धरनास्थल का दौरा किया और 14वीं जेपीएससी परीक्षा रद्द करने तथा कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग दोहरायी। भाजपा विधायक दल ने बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का फैसला किया है। हेमंत सोरेन सरकार की सहयोगी कांग्रेस ने भी आंदोलनरत छात्रों को अपना समर्थन दिया है।
इस बीच, कथित भर्ती घोटाले की सीआईडी जांच तेज हो गई है। एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि अब तक 19 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनमें बुधवार को पांच लोगों की गिरफ्तारी हुई। वहीं, जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल खियांगते से 28 जुलाई से अब तक चार बार पूछताछ की जा चुकी है। छात्र संगठनों द्वारा सात और दस अगस्त को विधानसभा घेराव के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासन ने छह से 12 अगस्त तक प्रतिदिन सुबह छह से रात 10 बजे तक विधानसभा के 750 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोकसभा सांसद सुखदेव भगत ने पेपर लीक और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जेन-जेड संवाद पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। श्री भगत ने कहा, मैं समझता हूं इससे पहले जो इसके लिए जिम्मेदार हैं, प्रधानमंत्री से बात करनी चाहिए थी, वो गृहमंत्री से बात करनी चाहिए थी, इनसे धर्मेंद्र प्रधान से बात करनी चाहिए।
जिन्होंने पेपर लीक का कहीं जिक्र भी नहीं किया। और जब धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया तो उसमें गर्व का भाव था, कोई ग्लानि का भाव नहीं है। जैसे उन्होंने कोई एवरेस्ट फतह की हो। संघ प्रमुख मोहन भागवत के जेन-जेड से संवाद पर उन्होंने कहा, मोहन भागवत बच्चों के प्रति या तो उस अभिव्यक्ति को स्वीकार करें। लेकिन मुझे नहीं लगता वहां जायेंगे तो वो प्रवचन ही देंगे।
भारत की साझी विरासत का जिक्र करते हुए कहा, भारत की जो साझी विरासत रही है जिसमें हम अनेक संस्कृतियों का मिलन और उनको लेके हम चलते हैं। लेकिन मोहन भागवत वहां भी जाकर मैं समझता हूं कि कोई बहुत खुले मन से बड़े हृदय से बात नहीं कर पाएंगे। क्योंकि ये बात भी जो करेंगे तो इनमें मन में एक पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर ही बात करेंगे।
टीम एबीएन, रांची। जेपीएससी-जेएसएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच डुमरी विधायक जयराम महतो गुरुवार को धरना स्थल पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारी छात्रों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया। इस दौरान खास बातचीत में उन्होंने कहा कि छात्रों के मुद्दे को लेकर विधानसभा में भी चर्चा हुई है और सरकार को आंदोलन की स्थिति से अवगत कराया गया है।
सवाल: विधानसभा सत्र के बीच आप छात्रों के बीच पहुंचे हैं, इस आंदोलन को किस रूप में देखते हैं?
जयराम महतो: आज विधानसभा में भी इस मामले को लेकर चर्चा हुई है। हालांकि आज कंडोलेंस का दिन था, इसके बावजूद मुख्यमंत्री और सरकार के अन्य मंत्रियों को धरना स्थल की स्थिति और छात्रों की मांगों के बारे में जानकारी दी गयी है। मैंने कहा है कि सरकार के प्रतिनिधिमंडल को खुद धरना स्थल पर जाकर छात्रों से मिलना चाहिए। छात्रों की मांगें जायज हैं। यह कोई आज का मामला नहीं है, लंबे समय से झारखंड के युवाओं के साथ अन्याय और ठगी होती रही है।
सवाल: छात्र आंदोलन में दो अलग-अलग मंच दिखाई दे रहे हैं। क्या इससे आंदोलन कमजोर नहीं होगा?
जयराम महतो: नहीं, ऐसा नहीं है। यह छात्रों का मामला है और सभी एक ही मुद्दे को लेकर खड़े हैं। सभी का उद्देश्य एक है। जब मुद्दा एक है तो मंच अलग होने से कोई फर्क नहीं पड़ता। सभी छात्र अपने अधिकार और भविष्य के लिए लड़ रहे हैं।
सवाल: लेकिन जब एक मंच के प्रतिनिधि सरकार से वार्ता के लिए जा रहे हैं तो दूसरे मंच पर आपकी मौजूदगी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। आप दोनों जगह क्यों नहीं जा रहे हैं?
जयराम महतो: मैं वहां भी जाऊंगा। अगर किसी मंच के प्रतिनिधि सरकार से बातचीत के लिए नहीं जा रहे हैं तो यह गंभीर विषय है। ऐसे प्रतिनिधियों को भी आत्ममंथन करने की जरूरत है कि आखिर बातचीत का रास्ता क्यों नहीं अपनाया जा रहा है। मेरा उद्देश्य किसी मंच के साथ खड़ा होना नहीं, बल्कि छात्रों की मांगों का समाधान निकालना है।
सवाल: इस समय आंदोलन में दो मंच बन चुके हैं। देखा जा रहा है कि जो जनप्रतिनिधि जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम के एक मंच पर आ रहे हैं, वे रविंद्र भवन चौक वाले मंच पर नहीं जा रहे। वहीं वहां पहुंचने वाले जनप्रतिनिधि भी इस मंच पर नहीं आ रहे। आप इसे किस रूप में देखते हैं?
जयराम महतो: यह अच्छी परंपरा नहीं है। अगर कोई जनप्रतिनिधि एक मंच पर छात्रों से मिलने जा रहा है तो उसे दूसरे मंच पर भी जाना चाहिए। इसी तरह इस मंच के प्रतिनिधियों को भी दूसरे मंच पर जाना चाहिए। यह गलत परिपाटी है और ऐसा नहीं होना चाहिए। आखिर दोनों जगह छात्र ही आंदोलन कर रहे हैं और उनकी मांग भी एक ही है। मंच दो हों या चार, मुद्दा एक है। ऐसे में सभी को आपसी समन्वय और एकजुटता के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
छात्रों के हित को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए, न कि मंचों के बीच दूरी को। कुछ लोग है जो अपना एजेंडा चला रहे हैं लेकिन दोनों मंचों के जो छात्र हैं एक दूसरे को सम्मान कर रहे हैं कोई भी किसी के लिए अपशव्द का उपयोग नहीं कर रहे हैं यह बड़ी बात है दोनों मंच से एक ही बात उठ रही है।
सवाल: आपके मंच के प्रतिनिधियों को सरकार से वार्ता के लिए शामिल नहीं किया गया है, इस पर क्या कहेंगे?
जयराम महतो: कोई बात नहीं। हमारा उद्देश्य केवल प्रतिनिधिमंडल भेजना या वार्ता में शामिल होना नहीं है। अगर छात्र प्रतिनिधि सरकार से मिलकर बातचीत करते हैं और आंदोलन किसी सकारात्मक नतीजे के साथ खत्म होता है तो यही सबसे बड़ी बात होगी। हमारी कामना है कि छात्रों की मांगों का समाधान निकले और यह आंदोलन एक बेहतर परिणाम के साथ समाप्त हो।
जयराम महतो ने कहा कि झारखंड के युवाओं के भविष्य से जुड़े इस मामले में सभी को गंभीरता दिखाने की जरूरत है। सरकार और छात्रों के बीच संवाद के जरिए जल्द समाधान निकलना चाहिए।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड पुलिस धनबाद पुलिस विधायक सरयू राय, धनबाद डीसी को ट्वीट करते हुए लिखा कि धनबाद के पुटकी क्षेत्र अंतर्गत न्यू कॉलोनी में खुलेआम एकरार मियां चला रहे हैं अवैध लोहा का गोदाम।
वही दूसरी ओर केंदुआ में पारस, करकेंद में वरुण कब्बडी में आड़ में बड़े पैमाने पर अवैध लोहा गोदाम चला जा रहा है। कबाड़ी गोदाम की आड़ में बीसीसीएल ओर रेलवे का चोरी का लोहा बड़े पैमाने पर पुटकी, करकेंद, केंदुआ के अवैध लोहा गोदाम में खपाया जाता है, जिससे थाना प्रभारी की भी छवि धूमिल हो रही है।
प्रशासन से अनुरोध है कि इनके पास लाइसेंस है कि नहीं लोहा गोदाम चलने का अगर नहीं है तो इन पर अपने स्तर से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का कृपा करेंगे अन्यथा इनके पास लाइसेंस है तो ये भी जांच कराया जाए कि कैसे कचरा ओर कबाड़ी गोदाम के आड़ में बीसीसीएल ओर रेलवे की चोरी का लोहा खपाया जा रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। नेशनल लेबल भारत एंड स्काउट गाइड के कल्चरल मिट की तैयारी को चिरी डाइट में सचिव शैलेंद्र सुमन जायज़ा लेते अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के बच्चे पहुंच रहे हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। जिले के युवा व्यवसायी शुभम साहू की हत्या के बाद शोक की लहर अभी भी बनी हुई है। इसी क्रम में पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने शुभम साहू के आवास पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने दिवंगत शुभम साहू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि इस कठिन समय में पूरा समाज परिवार के साथ खड़ा है और न्याय दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
धीरज प्रसाद साहू ने शुभम के माता-पिता एवं अन्य परिजनों से मिलकर उनकी पीड़ा सुनी और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि एक युवा व्यवसायी की इस तरह निर्मम हत्या अत्यंत दुखद और चिंताजनक घटना है। ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने विश्वास दिलाया कि परिवार को न्याय दिलाने के लिए हर स्तर पर आवश्यक पहल की जाएगी।
इस दौरान पूर्व सांसद ने लोहरदगा पुलिस अधीक्षक से भी दूरभाष पर बातचीत की। उन्होंने एसपी से कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल अपराधियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर से कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में कोई भी अपराधी इस प्रकार की वारदात करने का दुस्साहस न कर सके।
उन्होंने कहा कि अपराधियों को कड़ी सजा मिलना समाज में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए जरूरी है। धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि लोहरदगा हमेशा से शांतिप्रिय जिला रहा है। हाल के दिनों में अपराध की घटनाओं ने लोगों में चिंता बढ़ाई है।
ऐसे में पुलिस प्रशासन को अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार सख्त कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।उन्होंने शोक संतप्त परिवार को हरसंभव सहयोग का भरोसा देते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में वे परिवार के साथ पूरी संवेदनशीलता के साथ खड़े हैं।
समाज के सभी वर्गों को भी पीड़ित परिवार का मनोबल बढ़ाने और न्याय की इस लड़ाई में साथ देने की आवश्यकता है। मौके पर विधायक प्रतिनिधि निशिथ जायसवाल, निश्चय वर्मा, नगर परिषद के उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर, अनुज साहू, अरुण साहू सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
सभी ने दिवंगत शुभम साहू को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग दोहराई।गौरतलब है कि पिछले दिनों लोहरदगा में युवा व्यवसायी शुभम साहू की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद पूरे जिले में आक्रोश का माहौल बन गया था।
विभिन्न सामाजिक, व्यापारिक और राजनीतिक संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, वहीं अब परिजन और आमजन मामले में शीघ्र न्याय एवं दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलने की अपेक्षा कर रहे हैं।
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