टीम एबीएन, रांची। झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने पर अपने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्व को छोड़कर राज्यसभा जाने का कदम कहीं न कहीं हमें आत्मघाती राजनीतिक फैसला प्रतीत हो रहा है।
डॉक्टर अंसारी ने कहा कि हम समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसी क्या परिस्थिति उत्पन्न हुई कि आपको यह निर्णय लेना पड़ा।क्या आप पर किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव है? क्या आपको किसी प्रकार से मजबूर किया जा रहा है? यदि ऐसा है तो यह न केवल आपके लिए, बल्कि लोकतंत्र की भावना के लिए भी गंभीर विषय है।
टीम एबीएन, रांची। रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान) परिसर में झारखंड की बड़ी आबादी को गुणवत्तापूर्ण नेत्र चिकित्सा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित क्षेत्रीय नेत्र संस्थान आज प्रबंधन की अदूरदर्शिता का शिकार बनता नजर आ रहा है।
11 साल बाद पूरा हुआ भवन, लेकिन डॉक्टरों की कमी से जूझ रहा संस्थान
2014 में भवन निर्माण शुरू हुआ था, जो देरी के कारण 2025 में पूरा हुआ। जनवरी 2026 से नेत्र रोग विभाग मुख्य भवन से शिफ्ट होकर इस आधुनिक भवन में संचालित हो रहा है। निर्माण में लगभग 85 करोड़ रुपये की लागत आई, जबकि अन्य खर्चों को मिलाकर कुल राशि 100 करोड़ से अधिक बताई जा रही है।
जनता की गाढ़ी कमाई से बने इस भवन में अब आंखों से जुड़ी कई एडवांस सुविधाएं उपलब्ध हैं, जैसे कॉर्निया ट्रांसप्लांट, रेटिना सर्जरी, ग्लूकोमा (काला मोतियाबिंद) का इलाज आदि। संस्थान के प्रमुख प्रो डॉ सुनील कुमार के अनुसार, यहां रोजाना ओपीडी में 200 से अधिक नेत्र रोगी पहुंच रहे हैं, और मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है।
क्षेत्रीय नेत्र संस्थान को एक उच्च स्तरीय संस्थान के रूप में विकसित करने का लक्ष्य था, लेकिन फैकल्टी की कमी ने इसे प्रभावित किया है।
डॉ सुनील कुमार ने बताया कि जिस क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में कम से कम 04 प्रोफेसर होने चाहिए थे, वहां सिर्फ एक प्रोफेसर के बल पर पूरा संस्थान चल रहा है, इसी तरह 06 एडिशनल प्रोफेसर की जगह क्षेत्रीय नेत्र संस्थान ने 01 एडिशनल प्रोफेसर और 08 एसोसिएट प्रोफेसर की जगह भी मात्र 01 एसोसिएट प्रोफेसर हैं। कुल मिलाकर कहें तो क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में आने वाले नेत्र रोग के मरीजों को बेहतरीन इलाज के लिए जहां कुल मिलाकर 18 प्रोफेसर, एडिशनल प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर होने चाहिए थे, वहां इनकी कुल संख्या सिर्फ तीन है।
इसी तरह किसी भी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मरीजों को 24*7 चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले सीनियर रेजिडेंट भी RIO में जरूरत से काफी कम है। रिम्स के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान में कम से कम 10 सीनियर रेजिडेंट होने चाहिए लेकिन वर्तमान में किसी तरह 04 सीनियर रेजिडेंट के भरोसे काम चलाया जा रहा है। कुल मिलाकर, जहां 18 प्रोफेसर/एडिशनल/एसोसिएट प्रोफेसर होने चाहिए थे, वहां मात्र 3 हैं।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री बुधवार देर रात अपने पैतृक गांव नेमरा पहुंचे। उनके साथ उनकी पत्नी कल्पना सोरेन, उनकी मां रूपी सोरेन और परिवार के दूसरे सदस्य भी थे. जिला प्रशासन ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया।
सीएम के आगमन से पूरे गांव में जश्न का माहौल बन गया. हेमंत सोरेन अपने पैतृक गांव में समाज के लोगों के साथ बाहा त्योहार में हिस्सा लेने आए हैं। हर साल, होली के दिन या उसके बाद, मुख्यमंत्री गांव वालों से मिलने और जाहेर स्थान पर होने वाली बाहा पूजा में हिस्सा लेने अपने पैतृक गांव आते हैं।
इस साल भी वे आदिवासी समाज के साथ बाहा पर्व मनाने और पारंपरिक पूजा-अर्चना में भाग लेने आए हैं। गुरुवार को वे विधि-विधान के साथ गांववालों के साथ वह बाहा पूजा करेंगे। पूजा संपन्न कराने का दायित्व पाहन निभाएंगे। ग्रामीणों ने जाहेर स्थान की साफ-सफाई की है, जहां बाहा पर्व में मुख्यमंत्री के साथ ग्रामीण पूजा में धूमधाम से शामिल होंगे।
16 फरवरी को बाहा पूजा के लिए नाइके बाबा का चयन किया गया। चेतन टुडू को सर्वसम्मति से नाइके बाबा चुना गया, जो इस साल की पूजा का संचालन करेंगे। मुख्यमंत्री के आगमन पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किए गए हैं। डीसी फैज अहमद मुमताज और पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने खुद व्यवस्थाओं की निगरानी की।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले के धनसार थाना इलाके के बरमसिया फुटबॉल ग्राउंड में होली के जश्न के दौरान अचानक हुई फायरिंग की घटना से इलाके में दहशत फैल गई। डीजे बजाने और पैसे को लेकर हुआ विवाद देखते ही देखते फायरिंग में बदल गया। इस घटना में दो युवक घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच में भर्ती कराया गया है। विष्णु कुमार के पैर में गोली लगी, जबकि पुष्पक के पेट में गोली लगी है।
बरमसिया त्रिमूर्ति सदन के पास रहने वाले घायल विष्णु कुमार ने बताया कि वह ठेकेदार विकास लाला के लिए पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करते थे। गोधरा में एक अस्पताल निर्माण के दौरान उस पर करीब 2.5 लाख रुपये बकाया थे। इसी पैसे की मांग को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद विकास लाला और उसके साथियों ने फायरिंग कर दी। विष्णु के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दोस्त पुष्पक मिश्रा के पेट में गोली लगी है।
घायल पुष्पक मिश्रा ने बताया कि होली के जश्न के लिए लोग फुटबॉल ग्राउंड में जमा हुए थे। इसी दौरान मारपीट और फायरिंग हुई। उसने आरोप लगाया कि विकास लाला ने गोली चलाई। पुष्पक ने बताया कि वह अपने दादा के घर बरमसिया शनि मंदिर में उनकी तेरहवीं में शामिल होने आया था। वह दिल्ली में पढ़ाई करता है।
धनसार थाना प्रभारी मनोहर करमाली ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि डीजे बजाने को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद गोली चली। दो लोगों को गोली लगी है और उनका एसएनएमएमसीएच में इलाज चल रहा है। पुलिस का कहना है कि एक पक्ष पैसे के बकाया का मामला बता रहा है, जबकि दूसरा पक्ष जमीन की खरीद-बिक्री के विवाद को वजह बता रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। नगर निगम के नव निर्वाचित मेयर और पार्षदों का शपथ ग्रहण 18 मार्च को होगा। इसके साथ ही नगर निगम का नया बोर्ड अस्तित्व में आ जाएगा। नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक भी शपथ ग्रहण के एक हफ्ते के अंदर बुलाई जाएगी। शहर की नई सरकार को निगम का खजाना खाली मिलेगा। नगर निगम के पास अभी मात्र 337 करोड़ रुपए ही खाते में पड़े हैं।
इसमें भी कई राशि केंद्र से मिली है, जिसके लिए योजनाएं पहले से ही तय हैं। नगर निगम बोर्ड की पहली बैठक में गर्मी को देखते हुए पानी की योजनाएं सबसे अधिक आएंगी, लेकिन इन योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए नगर निगम के पास फंड नहीं होगा।
शहर में सबसे अधिक जरूरी सड़क, नाली है। इसमें मात्र 30 करोड़ रुपए हैं। नगर निगम बोर्ड को फंड के लिए या तो सरकार से गुहार लगानी होगी या फिर डीएमएफटी से मांगनी होगी। डीएमएफटी से फंड लेने के लिए सांसद-विधायक की स्वीकृति होनी जरूरी है।
ऐसे में चुनाव जीतकर पहुंचे निगम के नए जनप्रतिनिधियों को फंड की कमी झेलनी पड़ेगी। अब नगर निगम को मार्च क्लोजिंग के समय सरकार से कुछ फंड मिल सकता है। नए वित्तीय वर्ष में एक अप्रैल के बाद फंड आने की संभावना है।
आमदनी दो करोड़, खर्चा पांच करोड़ महीने नगर निगम के आंतरिक स्रोत से इतनी कम राशि आती है कि नगर निगम बोर्ड चाहकर भी कोई नई योजना इस राशि से नहीं बना सकता है। नगर निगम को हर माह टैक्स समेत अन्य स्रोतों से महीने में दो करोड़ रुपए आते हैं।
वहीं खर्चा लगभग पांच करोड़ रुपए है। इसमें डोर टू डोर में 2.5 करोड़, वेतन में दो करोड़ और मिसलेनियस के रूप में लगभग 40-50 लाख रुपए का खर्च आता है। निगम अपना खुद का खर्चा भी टैक्स के रूप में नहीं कमा पा रहा है।
टीम एबीएन, रांची। रांची के लालपुर इलाके में बुधवार को एक गोदाम में अचानक आग लग गई। काफी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया।
लालपुर इलाके में स्थित टेंट हाउस के गोदाम में बुधवार को अचानक आग लगने से अफरा तफरी मच गई। आग की लपटें इतनी तेज गति से बढ़ीं कि देखते ही देखते पूरा गोदाम जलकर स्वाहा हो गया। मौके पर पहुंचे फायर बिग्रेड की गाड़ी ने आग पर काबू पाया।
रांची के लालपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को एक टेंट हाउस के गोदाम में अचानक आग लग गई। आग ने होलो के जश्न के बीच इलाके में हड़कंप मचा दिया। स्थानीय लोगों ने साहस दिखाते हुए पानी और अन्य साधनों से आग पर काबू पाने की कोशिश की। बाद में पहुंचे दमकल वाहनों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति नियंत्रण में की।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, साहिबगंज। साहिबगंज में मंगलवार रात एक बेहद डरावनी घटना सामने आई। नगर थाना क्षेत्र में साहिबगंज स्टेशन के पास एक तेज रफ्तार कार ने एक युवक को टक्कर मार दी और उसे करीब एक किलोमीटर तक घसीटते हुए ले गई। इस घटना से इलाके में दहशत और गुस्से का माहौल है।
मिली जानकारी के अनुसार, कॉलेज रोड निवासी मो. साहिन अमन मंगलवार रात करीब 9:35 बजे ग्रीन होटल के पास मस्जिद से नमाज पढ़कर घर लौट रहे थे। तभी एक तेज रफ्तार कार ने उनके पैर पर गाड़ी चढ़ा दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कार में बैठे एक व्यक्ति ने खिड़की से उनका हाथ पकड़ लिया। इससे वह कार में लटक गए और चालक गाड़ी को तेज रफ्तार में भगाता रहा।
युवक जान बचाने के लिए चिल्लाता रहा। पीछे से दर्जनों लोग कार का पीछा करते रहे। इस दौरान कई अन्य लोग भी गाड़ी की चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। कार सवार युवक को स्टेशन के सामने रेलवे इंस्टीट्यूट की गली से होते हुए रेलवे पीर-दरगाह के पास फेंककर फरार हो गए।
स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल युवक को सदर अस्पताल पहुंचाया। युवक के हाथ, सीने और पैर में गंभीर चोटें आई हैं। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है और वह फिलहाल बयान देने की स्थिति में नहीं है। घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने नगर थाना में आवेदन देकर मामला दर्ज कराया है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने आज रंगो के त्योहार होली पर राज्यवासियों को शुभकामनाएं दी है।
राज्यपाल गंगवार ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि होली के पावन पर्व की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं! आनंद, उल्लास और भाईचारे का प्रतीक यह रंगोत्सव आप सभी के जीवन में नई ऊर्जा का संचार करे, यही मंगलकामना है।
वहीं, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लिखा कि होली के पावन पर्व पर सभी को हार्दिक बधाई, शुभकामनाएं और जोहार। रंगों का यह त्योहार प्रेम, भाईचारे और मिल-जुलकर रहने का संदेश देता है।
यह पर्व हमें एक-दूसरे के साथ खुशियां बांटने और रिश्तों को और मजबूत बनाने की भी प्रेरणा देता है। होली का यह शुभ दिन आपके जीवन में खुशहाली, नई उम्मीद और ऊर्जा लेकर आए। रंगों का यह उत्सव हर घर में सुख और समृद्धि लाए, आप सभी स्वस्थ रहें, यही कामना करता हूं।
मरांडी ने सोशल मीडिया पर लिखा, आप सबों को होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं। रंगो का यह त्योहार आप सबके के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाए, यही कामना करता हूं।
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