एबीएन न्यूज नेटवर्क, सिल्ली। राज्य में विधानसभा चुनाव संपन्न हो चुकी है। नयी सरकार का गठन भी हो चुका है। सभी राजनीतिक दल अपने चुनावी आकलन में लगे हुए हैं। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा ने आज रविवार को सिल्ली प्रखंड के कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी समीक्षा बैठक की।
पड़े मतदान और संगठन की मौजूदा स्थिति पर चर्चा की गयी। संगठन की रणनीति पर सुधार पर विचार किया गया। विधानसभा प्रत्याशी देवेंद्र नाथ महतो ने अपने कार्यकर्ताओं को हौसला आफजाई करते हुए क्षेत्र की सेवा हेतु प्रेरित किया। साथ ही जयराम महतो की विचारधारा को प्रसारित करने बात भी कही गयी।
आज की इस बैठक में सिल्ली प्रखंड के सभी 20 पंचायतों के सभी पंचायत प्रभारी व बुथ कमेटी मौजूद रहे। आज के हिरण पार्क रामडेरा में आयोजित बैठक में कृष्णा महतो, खुदीराम महतो, राजु महतो, महावीर साहू, सुखदेव, वीरेन, चण्डी प्रसाद ने अपनी बातें रखी।
टीम एबीएन, झुमरी तिलैया। सर्दी की रातें गरीबों के लिए बहुत भारी पड़ती हैं। असहाय लोगो को ठिठुरते हुए रात न गुजारनी पड़े। बहुत से गरीब इन सर्दी की रातों में गर्म कपड़े के बिना कांपते रहते हैं। हालांकि ऐसे कई लोग हैं जो गरीबों की पीड़ा को समझते हुए नेक कार्य के लिए आगे आते हैं और गर्म कपड़े, कंबल आदि का वितरण कर लोगों को मानव सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
ऐसे ही एक संस्था है हमदर्द कमेटी जो गरीबों के मदद के लिए सामाजिक भाईचारे को मजबूत करने के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं। इसके लिए सीमा सुरक्षा बल की स्थापना दिवस पर हमदर्द कमेटी के संस्थापक सह कांग्रेस नेता सईद नसीम उनके पिता मोहम्मद सरफुद्दीन उनकी समाजसेवी पत्नी नाजिया खातून के नेतृत्व में कमेटी के सदस्यों ने जीवोदया होली फैमिली में गरीब असहाय व मानसिक रोगियों बुजुर्गों और गरीब बच्चों के बीच गर्म कम्बल, मौजा और खाद्य सामग्री बांटे।
संस्था की और से जीवोदया के अंदर रह रहे 100 लोगों में वितरित किये गये। ठंड की शुरुआत में कंबल पाकर गरीब बच्चे व असहाय लोगों के चेहरे खिल उठे। मौके पर कमेटी के संस्थापक सईद नसीम ने कहा कि गरीबों के लिए सर्दी का मौसम काफी कष्टप्रद रहता है। गरीब की सहायता करना सबसे बड़ा धर्म व पुण्य का काम है।
उन्होंने आमजनों से अपील करते हुए कहा कि जो लोग जिन गर्म वस्त्रों को वह अपने प्रयोग में नहीं ला रहे हैं ऐसी वस्त्रों को अपने आस-पास के गरीब लोगों को देकर सहयोग करें ताकि वे भी ठंड से अपनी बचाव कर सकें। गरीब की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य का काम है।
मौके पर जीवोदया संस्था के इंचार्ज सिस्टर रानिटा, व कमेटी के सम्मानित सदस्य नदीम खान, मुन्ना यादव, समीर अहमद, वाजिद सर, मोहमद फैयाज वाजिद अली, मोहम्मद मुजाहिद, राजू कुरेशी, गुड़िया कुमारी, फैजा सईद, विकाश कुमार, मो जावेद उर्फ पप्पू, फरहान, माया सिंह, मोहमद, मुमताज मोहमद नियाज, राजेश तुरी, रवि गुप्ता, मोहम्मद एहसान ने सहयोग दिया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भी झारखंड सीएम हेमंत सोरेन और असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के बीच वार-पलटवार का दौर जारी है। अब असम सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि वह भी असम की दो टीमें झारखंड में दो-तीन चीजों का अध्ययन करने के लिए भेजेंगे।
असम सीएम का यह बयान ऐसे समय आया है, जब हाल ही में झारखंड सीएम हेमंत सोरेन ने असम में चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों की दुर्दशा का अध्ययन करने के लिए सर्वदलीय टीम भेजने का ऐलान किया है।
शनिवार रात को भाजपा नेताओं की बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए हिमंता सरमा ने कहा कि 5 दिसंबर को हमारी कैबिनेट में झारखंड के कुछ इलाकों का दौरा करने का फैसला किया जायेगा। हम वहां जायेंगे और दो-तीन चीजें देखेंगे। हालांकि हिमंता ने उन चीजों के बारे में नहीं बताया, जिनके अध्ययन के लिए उन्होंने टीमें भेजने की बात कही है।
गौरतलब है कि हिमंत बिस्व सरमा झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा के चुनाव सह-प्रभारी रहे थे। चुनाव के दौरान हिमंता बिस्वा सरमा ने जहां झारखंड में अवैध घुसपैठ को मुद्दा बनाया था। वहीं हेमंत सोरेने के नेतृत्व वाली झामुमो ने असम में चाय बागानों में काम करने वाले जनजातीय श्रमिकों की दुर्दशा को मुद्दा बनाने की कोशिश की।
अब जब झारखंड चुनाव में झामुमो के नेतृत्व में इंडी गठबंधन सत्ता में आ चुका है। यही वजह है कि हेमंत सोरेन ने सीएम पद की शपथ लेते ही एक सर्वदलीय दल को असम भेजकर चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों की दुर्दशा का अध्ययन कराने का फैसला किया है। अब माना जा रहा है कि इसी के जवाब में असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने भी दो टीमें झारखंड भेजने का एलान कर दिया है। साफ है कि दोनों नेताओं के बीच झारखंड विधानसभा चुनाव के दौरान शुरू हुई तनातनी अभी भी जारी है।
25 सितंबर को हेमंत सोरेन ने हिमंत बिस्व सरमा को पत्र लिखकर दावा किया था कि असम के चाय बागानों में काम करने वाली झारखंड की जनजातियों के लोगों को हाशिए पर रखा गया है, जबकि अर्थव्यवस्था में उनका महत्वपूर्ण योगदान है। सोरेन ने जनजातीय समुदाय की स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी और उन्हें एसटी के रूप में मान्यता देने की वकालत की थी।
असम में चाय जनजाति को अन्य पिछड़ा वर्ग का दर्जा प्राप्त है। असम में मोरन, मोटोक, चुटिया, ताई-अहोम, कोच-राजबोंगशी और चाय जनजाति समुदाय वर्षों से एसटी का दर्जा मांग रहे हैं। हेमंत सोरेन ने असम में झारखंड के सभी मूल निवासियों से वापस लौटने की अपील भी की है। झारखंड में झामुमो के नेतृत्व वाला गठबंधन लगातार दूसरी बार सत्ता में आया और 81 सदस्यीय विधानसभा में 56 सीटें हासिल कीं, जबकि भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 24 सीटें मिलीं।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव में झामुमो (झारखंड मुक्ति मोर्चा) गठबंधन को प्रचंड बहुमत मिला। इसी के साथ राज्य में एक बार फिर झामुमो गठबंधन की सरकार बन गयी। हेमंत सोरेन चौथी बार मुख्यमंत्री बने। अब राज्य में मंत्रिमंडल के विस्तार पर चर्चा जारी है।
मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर झामुमो नेता मनोज पांडे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि वे झारखंड में एक संतुलित मंत्रिमंडल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। झामुमो नेता ने बताया कि पांच विधायकों पर एक नेता के फॉमुर्ले पर चर्चा हुई। ऐसे में मंत्रियों की संख्या बढ़ जायेगी।
झारखंड मंत्रिमंडल (कैबिनेट) के विस्तार पर झामुमो नेता मनोज पांडे ने मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, हमारे मुख्यमंत्री झारखंड में जल्द से जल्द एक संतुलित मंत्रिमंडल बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बात का ध्यान रखा जा रहा है कि हमारे सहयोगी पार्टियों को विश्वास मिले कि वे भी निर्णय लेने में शामिल हैं।
मुझे लगता है कि दो से तीन दिनों के भीतर मंत्रिमंडल का गठन हो जायेगा। हम यह सोच रहे हैं कि कैसे सभी वर्गों को प्रतिनिधि दिया जाये। हमारे में कैबिनेट में अनुभवी महिला सशक्तिकरण और युवा उत्साह शामिल होगा। सबसे महत्वपूर्ण चीज संतुलन है, जिससे कि सभी झारखंडी को लगे कि कैबिनेट में उनका प्रतिनिधित्व है।
मनोज पांडे ने कहा कि पांच विधायकों पर एक मंत्री के फॉमुर्ले पर चर्चा जारी है। ऐसे में हमारे मंत्रियों की संख्या बढ़ जाएगी। एक कैबिनेट भी बढेगा। हमारे पास 34 विधायक हैं। कुल विधायकों की संख्या 56 हैं। अगर हम 11 मंत्रियों का गुणा करें तो 55 होते हैं। कैबिनेट को अंतिम रूप देने का यह एक आदर्श तरीका होगा, लेकिन यह उच्च स्तरीय अधिकारियों का निर्णय होगा। मैं सिर्फ पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच हुई चर्चा को साझा कर रहा हूं।
झामुमो नेता अंतिम निर्णय हेमंत सोरेन और इंडिया गठबंधन के नेता लेंगे। कांग्रेस भी बहुत संतुलित जो भी निष्कर्ष निकलेगा, वह सर्वसम्मत होगा। बता दें कि इस विधानसभा चुनाव में झामुमो ने 43 सीटों पर चुनाव लड़ा और 34 पर जीत हासिल की। वर्ष 2019 में इतनी ही सीटों पर लड़कर उसे 30 सीट पर जीत मिली थी।
टीम एबीएन, रांची। पश्चिम बंगाल से आलू की आपूर्ति पर कथित रूप से पाबंदी लगाये जाने के बाद झारखंड के खुदरा बाजार में पिछले 2 दिन में आलू की कीमत में 5 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी हुई है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पश्चिम बंगाल के आलू व्यापारियों के एक संगठन के अनुसार, आलू का भंडार बनाए रखने और इसकी कीमत को नियंत्रित करने के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने अंतरराज्यीय आपूर्ति पर कथित रूप से पाबंदी लगा दी है।
झारखंड में पूरे वर्ष 60 प्रतिशत आलू की मांग पश्चिम बंगाल जबकि शेष मांग उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और स्थानीय उत्पादन से पूरी होती है। कृषि उपज विपणन समिति (एपीएमसी), जमशेदपुर के सचिव अभिषेक आनंद ने बताया कि हर ट्रक में 20-22 टन आलू होता है और यह पश्चिम बंगाल से झारखंड आता है।
हमें बताया गया है कि ट्रकों को बृहस्पतिवार से बंगाल की चौकियों पर रोक दिया गया है, जिससे राज्य में शुक्रवार से थोक व खुदरा बाजारों में आलू की कीमतें बढ़ गयीं। रांची के खुदरा बाजार में बंगाल के आलू की कीमत शनिवार को बढ़कर 35-40 रुपये प्रति किलोग्राम हो गयी, जो शुक्रवार को 32-35 रुपये प्रति किलोग्राम थी।
पश्चिम बंगाल प्रोग्रेसिव पोटैटो ट्रेडर्स एसोसिएशन (डब्ल्यूबीपीपीटीए) के पूर्व अध्यक्ष और सलाहकार बिभास कुमार डे ने फोन पर बताया, पश्चिम बंगाल पुलिस ने दूसरे राज्यों में आलू के निर्यात पर अंकुश लगाने के लिए सीमावर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी है। बुधवार शाम से पुलिस जांच के दौरान आलू से लदे सैकड़ों ट्रकों को वापस भेज दिया गया। इस कदम से व्यापारियों को भारी नुकसान हो रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। जिले के सतबरवा थाना क्षेत्र की पोंची पंचायत के हलुमांड गांव निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक परीखन सिंह (70 वर्ष) को अज्ञात हमलावरों ने टांगी से काट डाला। परीखन सिंह की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी।
घटना रविवार सुबह लगभग 5 बजे की बतायी जा रही है। सुबह-सुबह हुई हत्या की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी अंचित कुमार दल-बल के साथ पहुंचे। घटना के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। परिजनों की मांग पर खोजी कुत्ते की मदद से पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है।
रविवार की सुबह करीब 5 बजे परीखन सिंह शौच के लिए गांव के बांध की ओर गये थे। लौटने के क्रम में देवी मंडप के पास अज्ञात हमलावरों ने टांगी से उनकी गर्दन पर हमला कर दिया। घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गयी। देवी मंडप और परीखन सिंह के घर के बीच की दूरी लगभग 500 मीटर बतायी जाती है।
तीन एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची में पिछले 24 घंटे में मौसम शुष्क रहा। वहीं, अधिकतर जिलों में यही स्थिति रही। पिछले 24 घंटे में सबसे अधिक तापमान 29.4 गोड्डा व सबसे कम न्यूनतम तापमान 10.8 हजारीबाग में दर्ज किया गया।
आज के मौसम की बात करें तो, आज राज्य के कुछ जिलों में बारिश होने की संभावना है। रांची मौसम केंद्र के मौसम वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया, बंगाल की खाड़ी के दक्षिणी व पश्चिमी भाग में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है।
हालांकि, इसका असर तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में खास तौर पर देखा जा रहा है। झारखंड से दूरी अधिक है। इसीलिए झारखंड में इसका थोड़ा असर देखने को मिलेगा।
टीम एबीएन, पलामू। पलामू सांसद विष्णु दयाल राम ने आज दिनांक 01 दिसम्बर 2024 को प्रातः 3 बजे डालटनगंज रेलवे स्टेशन पर बरवाडीह चोपन चुनार पैसेंजर ट्रेन संख्या 05653/03654 का परिचालन हरी झंडी दिखाकर शुभारंभ किया। कोविड-19 के दौरान उक्त पैसेंजर ट्रेन का परिचालन बंद कर दी गयी थी।
आज पुनः इस ट्रेन के प्रारंभ होने से पलामू संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत लगभग 11 रेलवे स्टेशनों क्रमशः नगर उंटारी, रमना, मेराल, गढ़वा, गढ़वा रोड़, तोलरा, लालगढ़ बिहार, रजहारा, कजरी, डालटनगंज एवं चियांकी के यात्रियों को आवागमन सुगम होगी। यहां की जनता के द्वारा लगातार इस ट्रेन को प्रारंभ करने की मांग की जा रही थी।
मौके पर धनबाद मंडल रेलवे एडीआरएम विनीत कुमार, जिला सांसद प्रतिनिधि विजय ओझा, वरिष्ठ नेता मुरारी पांडेय, किशोर पाण्डेय, ईश्वरी पाण्डेय, शिव कुमार मिश्रा, संजय गुप्ता, शशि भूषण पांडे, अनिल कुमार, संजय कुमार, भोला पांडेय, मनीष कुमार, सुशील सिंह, राघवेन्द्र तिवारी आनंद सिंह एवं रेलवे पदाधिकारी मनोहर लाल, अनिल कुमार तिवारी, विकास कुमार, स्टेशन अधीक्षक उमेश कुमार, राजीव रंजन सिंह, वैसी मानडी, संजय पासवान बीरबल प्रजापति, अनिल कुमार एवं भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन मनीष मिश्रा ने किया। उक्त जानकारी पलामू सांसद के निजी सचिव अलख दुबे ने दी।
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