झारखंड

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Published / 2026-01-13 18:34:51
झारखंड : रामगढ़ जिले में हाथी की मौत, सनसनी

आलू के खेत में मिला शव; जांच में जुटी वन विभाग की टीम 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। जिले में मंगलवार को एक हाथी मृत पाया गया। वन विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।  अधिकारी ने बताया कि गोला पुलिस थाना क्षेत्र में रामगढ़-बोकारो राजमार्ग के किनारे चोदारू घाटी के पास आलू के खेत से हाथी का शव बरामद किया गया। 

वन परिक्षेत्र अधिकारी आरके सिंह ने कहा कि वयस्क हाथी के शरीर के किसी भी हिस्से पर चोट के निशान नहीं मिले हैं। प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि हाथी की मृत्यु किसी गंभीर बीमारी के कारण हुई होगी। 

अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पायेगा। उन्होंने कहा कि रामगढ़ जिले में 16 से 19 दिसंबर के बीच जंगली हाथियों द्वारा कुचले जाने से कम से कम छह लोगों की मौत हो चुकी है।

Published / 2026-01-13 18:33:25
अब धरती आबा की बेटियों की आत्मनिर्भरता से परिचित होगी दुनिया : कल्पना सोरेन

टीम एबीएन, रांची। विश्व आर्थिक सम्मेलन 2026 में पहली बार झारखंड की उपस्थिति कई मायनों में अहम है। झारखंड औद्योगिक क्षमता और इनफिनाइट आपर्च्युनिटी स्टेट का संदेश तो देगा ही साथ ही, यह भी स्पष्ट करेगा कि जब आधी आबादी नेतृत्व करती हैं, तो अर्थव्यवस्थाएं मजबूत होती हैं, लोग अप्रत्याशित बदलावों का गवाह बनते हैं और विकास स्थायी होता है। 

कुछ ऐसा ही संदेश झारखंड की बेटी और विधानसभा के महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष सह विधायक कल्पना सोरेन दावोस में आयोजित होने वाली विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में और यूनाइटेड किंगडम की अपनी यात्रा के दौरान वैश्विक मंच से देंगी। 

वे महिला नेतृत्व, लैंगिक समानता और समावेशी विकास से संबंधित कई उच्च स्तरीय मंचों पर राज्य का प्रतिनिधित्व कर झारखंड की आधी आबादी के आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और नेतृत्व कौशल का प्रमाण प्रस्तुत करेंगी। 

वे आदिवासी,  ग्रामीण और आर्थिक रूप से हाशिए पर रहने वाले समुदायों की महिलाओं की वास्तविकताओं और आकांक्षाओं को वैश्विक मंच पर साझा कर बतायेंगी कि ये वे समूह हैं जो अब झारखंड के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन की वाहक बन रहीं हैं। सीएम हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार राज्य की महिलाओं के उत्थान के लिए कई कार्य कर रही है। 

उसी कड़ी में दावोस में कल्पना सोरेन महिलाओं के राजनीतिक नेतृत्व, आर्थिक भागीदारी और सभी को समान अवसर देने पर केंद्रित नीतिगत संवादों और अंतर्राष्ट्रीय मंचों से संबोधित करेंगी। इनमें महिला सशक्तिकरण पर ब्रिक्स पैनल, ईटी महिला सशक्तिकरण संवाद और एलायंस फॉर ग्लोबल गुड का वी लीड मंच और भारत पवेलियन में आधिकारिक कार्यक्रम आदि शामिल हैं।

Published / 2026-01-13 18:32:25
अभिषेक अग्रवाल के निधन पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन ने किया शोक व्यक्त

टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी युवा मंच के पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष सह समाजसेवी अभिषेक अग्रवाल के आकस्मिक निधन पर झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल,महामंत्री विनोद कुमार जैन एवं संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने गहरा शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि अभिषेक अग्रवाल सरल, मिलनसार, मृदुभाषी, धार्मिक विचारधारा व्यक्तित्व वाले व्यक्ति थे। 

उनका निधन अत्यंत दु:खद एवं हृदयविदारक है। उनके निधन से समाज ने एक ऐसे युवा नेतृत्वकर्ता को खो दिया जिन्होंने अपना जीवन समाज सेवा संगठन निर्माण और मानवीय मूल्यों के प्रसार हेतु समर्पित कर दिया। उनकी शालीनता, स्पष्टवादिता, सरलता और समाज के प्रति समर्पण पूरा समाज हमेशा याद रखेगा उनके निधन से समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।

Published / 2026-01-13 18:31:37
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय में मना आध्यात्मिक समारोह

टीम एबीएन, रांची। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, चौधरी बगान, हरित भवन के सामने हरमू रोड, रांची द्वारा लोहड़ी के अवसर पर एक आध्यात्मिक समारोह आयोजित किया गया। मौके पर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी निर्मला बहन ने कहा ने कहा कि पंजाब में इस त्योहार को लोहड़ी के नाम से मनाया जाता है। 

ऐसा माना जाता है कि एक देवी थी जिसका नाम लोहई थां इस देवी ने एक जालिम दैत्य को जलाकर भस्म कर दिया और लोगों को उसके प्रकोप से बचाया था तभी से लोग इसे लोहड़ी नाम से पुकारते हैं  लोहड़ी शब्द का सम्बन्ध लौ अर्थात प्रकाश से अधिक लगता है। ज्ञान प्रकाश फैलने से अज्ञान अंधकार मिट जाता है। 

कलियुगी रूपी रात में ज्ञान की लौ प्रज्वलित कर संसार में फैले अज्ञान अंधकार को समाप्त कर सद्गुणों और ज्ञान के प्रकाश से भरपूर कर देने का प्रतीक है लोहड़ी का त्योहार। हम सभी इसे खाने-खिलाने भर का त्योहार न मानें बल्कि इसमें समाये आध्यात्मिक रहस्यों को आत्मसात कर जीवन को महान बनाने का दृढ़ संकल्प लें। 

उक्त जानकारी केंद्र की संचालिका ब्रह्माकुमारी निर्मला ने दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि नया युग आध्यात्मिक युग होगा। पवित्रता ही सुख शांति की जननी है। हर कीमत पर इसकी रक्षा करना अपना सर्वप्रथम कर्तव्य है।

Published / 2026-01-13 18:30:11
मकर संक्रांति आत्मिक शुद्धि, प्रकृति,परंपरा और सकारात्मक ऊर्जा का पर्व : संजय सर्राफ

टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि मकर संक्रांति भारत के प्रमुख और प्राचीन पर्वों में से एक है। यह पर्व प्रत्येक वर्ष 14 जनवरी को मनाया जाता है कई स्थानों में 15 जनवरी को भी यह पर्व मनाया जायेगा। मकर संक्रांति का विशेष महत्व इस बात में निहित है कि यह एक खगोलीय घटना पर आधारित पर्व है न कि केवल धार्मिक तिथि पर। 

इसी कारण यह लगभग हर वर्ष एक ही दिन मनाया जाता है, जबकि अन्य भारतीय पर्व तिथियों के अनुसार बदलते रहते हैं। मकर संक्रांति उस दिन मनायी जाती है जब सूर्य देव धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इस परिवर्तन को संक्रांति कहा जाता है। इस दिन से सूर्य की गति उत्तर दिशा की ओर हो जाती है, जिसे उत्तरायण कहते हैं। 

शास्त्रों में उत्तरायण को देवताओं का दिन और दक्षिणायण को रात्रि माना गया है। इसलिए यह समय अत्यंत शुभ, सकारात्मक और कल्याणकारी माना गया है। हिंदू धर्मग्रंथों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन किया गया दान, स्नान, जप और तप अक्षय फल देता है। मान्यता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने असुरों का अंत कर उन्हें मंदार पर्वत के नीचे दबा दिया था। 

महाभारत के अनुसार पितामह भीष्म ने उत्तरायण की प्रतीक्षा कर इसी दिन देह त्याग किया, जिससे उन्हें मोक्ष की प्राप्ति हुई। गंगा सागर में स्नान का भी विशेष महत्व है। मकर संक्रांति केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक विविधता का प्रतीक भी है। भारत के विभिन्न राज्यों में इसे अलग-अलग नामों से मनाया जाता है उत्तर भारत में मकर संक्रांति, पंजाब में लोहड़ी तमिलनाडु में पोंगल, असम में भोगाली बिहू, गुजरात और राजस्थान में पतंगोत्सव हर क्षेत्र में परंपराएं अलग हैं, पर भाव एक ही है- उत्सव, उल्लास और नयी शुरुआत। 

मकर संक्रांति पर तिल और गुड़ से बने व्यंजन खाने और दान करने की परंपरा है। तिल शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और गुड़ मिठास व गर्मी देता है। प्रतीकात्मक रूप से यह संदेश देता है कि कटु वचन छोड़कर जीवन में मधुरता अपनानी चाहिए। मकर संक्रांति पर खिचड़ी बनाना केवल एक परंपरा नहीं बल्कि आस्था, ज्योतिष और सामाजिक चेतना का सुंदर संगम है यह पर्व सूर्य देव के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने और जीवन में नयी ऊर्जा के स्वागत करने का संदेश देता है। यह पर्व कृषि प्रधान भारत में फसल कटाई के समय आता है। 

किसान अपनी मेहनत की पहली उपज प्रकृति और ईश्वर को अर्पित कर कृतज्ञता व्यक्त करते हैं। यह पर्व मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य का सुंदर उदाहरण है। मकर संक्रांति केवल एक तिथि या उत्सव नहीं, बल्कि आत्मिक शुद्धि, सकारात्मक सोच और सामाजिक एकता का पर्व है। 

यह हमें अंधकार से प्रकाश की ओर, नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर और आलस्य से कर्म की ओर प्रेरित करता है। बदलते समय में भी मकर संक्रांति हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़कर जीवन में संतुलन और सौहार्द बनाये रखने का संदेश देती है।

Published / 2026-01-13 18:28:47
शीघ्र ही सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में 50 और बेड की होगी व्यवस्था

यह आश्रम मानव सेवा का मंदिर है इस मार्ग पर चलकर ही ईश्वर की कृपा प्राप्त की जा सकती है : सदानंद जी महाराज 

टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के संस्थापक परमहंस स्वामी डॉ सदानंद जी महाराज ट्रस्ट द्वारा संचालित मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम पुंदाग में विगत 20 माह से चल रहे सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम में आगमन हुआ। गुरु जी ने आश्रम में निवास कर रहे सभी दिव्यांग, निराश्रित एवं दीनबंधुजनों, सेवादारों से भेंट की और उनकी दिनचर्या देखभाल और उपचार संबंधी व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।

उन्होंने वहां की समुचित व्यवस्था, स्वच्छता, सेवा भाव एवं समर्पण को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की। महाराज ने आश्रम द्वारा की जा रही सेवा की ईश्वर के साक्षात दर्शन की संज्ञा दी और सभी कार्यकर्ताओं को आशीर्वाद प्रदान किया। गुरु सदानंद महाराज सभी दिव्यांग, निराश्रितों दीनबंधुओं को अपने हाथों से भोजन करवाया। 

मौके पर सदानंद महाराज ने कहा कि शीघ्र ही आने वाले दिनों में ट्रस्ट की ओर से आश्रम में 50 और बेड दिव्यांगों के लिए संपूर्ण देखरेख की व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने कहा कि समाज के उपेक्षित वर्ग की सेवा ही सच्चा धर्म का मार्ग है। इस मार्ग पर चलकर ही ईश्वर की कृपा प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम मानव सेवा का मंदिर है। 

आश्रम में कार्यरत सेवकों एवं ट्रस्ट के सदस्यों ने गुरु जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन से संस्था को आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिलती है। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि नि:संदेह सत्य प्रेम सद्गुरु  कृपा अपना घर आश्रम आज एक ऐसा स्थान बन चुका है, जहां सेवा सहानुभूति और सच्चा आध्यात्मिक जीवन एक साथ चलते हैं। उन्होंने कहा कि अभी आश्रम में 42 दिव्यांगों, निराश्रितों दीनबंधुओं की समुचित देखभाल एवं सेवा की जा रही है। 

मौके पर डुंगरमल अग्रवाल, विजय कुमार अग्रवाल, निर्मल जालान, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, मनोज चौधरी, निर्मल छावनिका, सज्जन पाड़िया, संजय सर्राफ, पूरणमल सर्राफ, पुजारी अरविंद पांडे, शिव भगवान अग्रवाल, नंद किशोर चौधरी, विशाल जालान, सुनील पोद्दार, सुरेश अग्रवाल, सुरेश चौधरी, विष्णु सोनी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट और सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।

Published / 2026-01-12 22:55:39
संगठन की रीढ़ है युवा कांग्रेस : धीरज प्रसाद साहू

  • संगठन की रीढ़ है युवा कांग्रेस : धीरज प्रसाद साहू

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा/ रांची। झारखंड प्रदेश युवा कांग्रेस के नवनियुक्त पदाधिकारियों के सम्मान में सोमवार को झारखंड कांग्रेस भवन, रांची में भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला और पूरे परिसर में संगठनात्मक एकजुटता का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत नवनियुक्त युवा कांग्रेस पदाधिकारियों के स्वागत से हुई। कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूलों की माला पहनाकर, कांग्रेस का पट्टा ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। वहीं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू का भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बुके भेंट कर और शाल ओढ़ाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। मौके पर बड़ी संख्या में कांग्रेस के पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि युवा कांग्रेस किसी भी राजनीतिक संगठन की रीढ़ होती है। उन्होंने कहा कि युवाओं में जोश, ऊर्जा और बदलाव की ताकत होती है, और यही ताकत कांग्रेस पार्टी को नयी दिशा देने का काम करेगी। उन्होंने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि संगठन ने आप पर भरोसा जताया है, अब आपकी जिम्मेदारी है कि आप इस भरोसे पर खरे उतरें।

धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि आज देश और राज्य ऐसे दौर से गुजर रहे हैं, जहां युवाओं को बेरोजगारी, महंगाई और शिक्षा से जुड़े गंभीर मुद्दों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को जनसमस्याओं के समाधान के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करना होगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की विचारधारा हमेशा से गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं के हित में रही है, और इसे जन-जन तक पहुंचाने की जिम्मेदारी युवा कांग्रेस के कंधों पर है।

उन्होंने आगे कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए बूथ स्तर तक सक्रियता जरूरी है। युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को चाहिए कि वे गांव-गांव, मोहल्ला-मोहल्ला जाकर लोगों से सीधा संवाद करें, उनकी समस्याएं सुनें और उन्हें पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व तक पहुंचाएं। इससे न केवल संगठन मजबूत होगा, बल्कि कांग्रेस के प्रति आम जनता का विश्वास भी और गहरा होगा।

मौके पर युवा कांग्रेस के नवनियुक्त पदाधिकारियों ने भी संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को युवाओं तक पहुंचाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे और कांग्रेस पार्टी को मजबूती प्रदान करने के लिए निरंतर सक्रिय रहेंगे। 

समारोह का समापन कांग्रेस पार्टी के एकजुट होकर आने वाले समय में जनहित के मुद्दों पर संघर्ष करने के संकल्प के साथ किया गया। कार्यक्रम ने न केवल नवनियुक्त पदाधिकारियों का उत्साह बढ़ाया, बल्कि संगठन में नई ऊर्जा का संचार भी किया। 

मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय, खिजरी विधायक राजेश कच्छप, कांके विधायक सुरेश बैठा, गौ सेवा आयोग चेयरमैन राजीव रंजन प्रसाद, कांग्रेस के वरिष्ठ व अधिवक्ता सचिदानंद चौधरी, पूर्व युवा राष्ट्रीय सचिव राजेश सिन्हा सन्नी, प्रदेश महासचिव राजेश गुप्ता छोटू, एनएसयूआई प्रदेश विनय उरांव, आदिवासी सेल के चेयरमैन राज उरांव, युवा उपाध्यक्ष कोमल कुमारी, कार्यालय सहप्रभारी राजन वर्मा, ज्योतिष यादव सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे।

Published / 2026-01-12 21:05:35
सोमा मुंडा हत्याकांड : 17 को बंद रहेगा झारखंड

आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से असंतोष बरकरार 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, खूंटी। जिले के आदिवासी नेता पहाड़ा राजा दिवंगत सोमा मुंडा की हत्या के बाद अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से आदिवासी समाज में गहरा आक्रोश व्याप्त है। इसी नाराजगी के बीच झारखंड आदिवासी समन्वय समिति ने 17 जनवरी को पूरे राज्य में झारखंड बंद का आह्वान किया है। 

यह निर्णय सोमवार को खूंटी प्रखंड अंतर्गत जियरपपा गांव में आयोजित दिवंगत सोमा मुंडा की श्रद्धांजलि सभा के बाद लिया गया। सभा में झारखंड के विभिन्न जिलों से सैकड़ों की संख्या में आदिवासी समाज के अगुवा शामिल हुए। दिवंगत सोमा मुंडा द्वारा संचालित विद्यालय के छात्र-छात्राएं भी बड़ी संख्या में श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मौजूद रहे। 

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में सोमा मुंडा हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग उठाई। कार्यक्रम से पूर्व जियरप्पा मैदान में पूरे विधि-विधान के साथ पत्थलगढ़ी की गयी, जिसमें शिलापट पर दिवंगत सोमा मुंडा का नाम अंकित किया गया। 

सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी सरना समिति के फूलचंद तिर्की ने कहा कि पुलिस अब तक हत्यारों को गिरफ्तार करने में विफल रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन को 72 घंटे का समय दिया गया था, लेकिन इस अवधि में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गयी। इसी कारण सर्वसम्मति से 17 जनवरी को झारखंड बंद करने का निर्णय लिया गया। 

आदिवासी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि 17 जनवरी से पहले हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं होती है, तो पूरे झारखंड में चक्का जाम किया जायेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दौरान राज्य को होने वाले किसी भी नुकसान की जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।

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