टीम एबीएन, रांची। झारखंड सीजीएल आंदोलन आंदोलन के नेतृत्व कर रहे देवेंद्रनाथ महतो को पुलिस हिरासत से रिहा कर दिया गया है। पुलिस हिरासत से उन्हें आज शाम 5 बजे छोड़ा गया। उनके अधिवक्ता सष्टी रंजन ने बताया कि कोतवाली थाना से पर्सनल बांड पर छोड़ा गया है।
ससमय बेल लेने का बांड भरा गया है। रिहाई होने के साथ झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा और छात्रों में खुशी देखा गया। देवेंद्र नाथ महतो के पुलिसिया रिहाई होते ही राज्य के छात्रों में खुशी देखा गया। स्टेट लाइब्रेरी रांची के विद्यार्थियों ने अपने छात्र नेता को गाजे-बाजे के साथ उन्हें कंधे पर उठाकर अल्बर्ट एक्का चौक पहुंचे।
छात्र नेता श्री महतो ने राजधानी रांची के बीचोंबीच फिरायालाल चौक स्थित शहीद अल्बर्ट एक्का की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और झारखंड के वीर शहीदों का जयघोष करते हुए अपनी बातों को रखा।
कोतवाली थाना में आवश्यक कागजी कार्यवाही के साथ आंदोलन का नेतृत्व करता छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को पुलिसिया हिरासत (30 घंटे बाद) से रिहा कर दिया गया है।
टीम एबीएन, रांची। रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने आज दिनांक 17 दिसंबर 2024 को अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में लोगों से मुलाकात करते हुए जन समस्याओं को गंभीरता पूर्वक सुना। उपायुक्त रांची जिला के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं से अवगत हुए।
उन्होंने आये मुलाकातियों से एक-एक कर सभी की समस्याओं को सुनते हुए सभी समस्याओं का निराकरण जल्द से जल्द कराने का आश्वासन दिया। साथ ही सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जन समस्या का निराकरण कराना आप सबकी जिम्मेदारी है। इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बर्दाश्त की जायेगी।
उपायुक्त संवाद में विभिन्न आवेदन शिकायत के रूप में आये, जो विभिन्न विभागों से संबंधित थे। सभी शिकायतकर्ता की समस्याओं को सुनने के बाद उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों का भौतिक जांच करते हुए जल्द समाधान करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि लोगों की समस्याओं का हल कराना जिला प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।
उपायुक्त संवाद में आए कुछ समस्या का निष्पादन के लिए आन स्पॉट संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये गये। शिकायत का निवारण कराने के लिए बड़ी संख्या में टाना भगत ने उपायुक्त रांची से मुलाकात करते हुए अपनी कई समस्या उनके पास रखी। जिसपर उनके द्वारा उन्हें आश्वासन देते हुए कहा कि उनकी समस्या का निराकरण जरूर करेंगे।
उपायुक्त से कई जिला परिषद, वार्ड पार्षद, उप मुखिया ने मुलाकात कर उनके समक्ष कई मांगें रखी, जिसमें मुखिया ने ग्राम सभा नहीं कराने, कार्यकारिणी की बैठक नहीं होने और अन्य बातें उनके सामने रखी। जिसपर उन्होंने उनकी बातों को गंभीरता से सुनते हुए सभी मांगों को गंभीरता पूर्वक सुना। साथ उनसभी से अबुआ आवास के संबंध में भी जानकारी ली।
टीम एबीएन, रांची। दिनांक 19 दिसंबर दिन गुरुवार को सुबह 11 बजे से हरमू स्थित केंद्रीय कार्यालय में आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो की अध्यक्षता में पार्टी के केंद्रीय पदाधिकारियों की बैठक आहूत की गयी है।
इस बैठक में केंद्रीय पदाधिकारियों के साथ ही सभी जिला अध्यक्ष, कार्यकारी अध्यक्ष एवं जिला महासचिव भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में विगत विधानसभा चुनाव, सांगठनिक विस्तार एवं भावी रणनीति के साथ-साथ आगामी कार्यक्रमों के विषय में विस्तार से चर्चा की जायेगी।
उल्लेखनीय है कि कल, दिनांक 18 दिसंबर को बिनोद बिहारी महतो की पुण्यतिथि पर सभी जिला मुख्यालयों में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया जायेगा। उक्त जानकारी आजसू पार्टी केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक17/12/2024 को अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि उच्च न्यायालय के जेएसएससी सीजीएल परीक्षा परिणाम पर रोक पूरे छात्र समुदाय की जीत है। यह फैसला छात्रों के संघर्ष की और आंदोलन की जीत है। राज्य सरकार छात्र समुदाय को दिग्भ्रमित कर आनन-फानन में रिजल्ट जारी कर दिया।
छात्रों की आवाज को लाठी डंडा और एफआइआर के माध्यम से दबाना चाहती थी। उच्च न्यायालय ने इस सरकार को सही आईना दिखाया है। पूरे आजसू सहित छात्र समुदाय की ओर से उच्च न्यायालय धन्यवाद एवं आभार। माननीय उच्च न्यायालय से आग्रह है कि इस पूरे प्रकरण की सीबीआई जांच करवाने का आदेश जारी करने की कृपा की जााये। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।
टीम एबीएन, रांची। सीजीएल परीक्षा में हुई धांधली के खिलाफ आज झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के विरुद्ध रांची में घेराव करने आये छात्र अभ्यर्थियों पर पुलिस के लाठी चार्ज का आजसू निंदा करती है। आजसू की शुरू से यह मांग रही है कि झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के द्वारा सीजीएल परीक्षा सहित अब तक आयोजित हुए सभी परीक्षाओं का रिजल्ट का प्रकाशन फ्री एंड फेयर होनी चाहिए।
लेकिन जिस हड़बड़ी में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग रिजल्ट का प्रकाशन कर रहा है, उससे कहीं न कहीं जाहिर होता है कि बड़े पैमाने पर धांधली हुई है। सीजीएल परीक्षा को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही है और अभी कुछ दिनों के अंदर में फिर से शुरुआत होनी है। इस बीच हमारे मांडू विधायक ने विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा में धरना देकर सदन में आवाज उठाकर अभ्यर्थियों के समर्थन में परीक्षा की जांच और फ्री एंड फेयर परिणाम की मांग की थी। जिस पर मुख्यमंत्री ने सीआईडी से जांच करने का निर्देश जारी किया है।
अभी किसी भी प्रकार की जांच रिपोर्ट आयी नहीं, हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हुई नहीं। इस बीच हड़बड़ी में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग ने सीजीएल परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया। इससे जाहिर होता है कि कर्मचारी चयन के अधिकारी पदाधिकारी सत्ता और सरकार में बैठे लोगों ने बड़े पैमाने पर धांधली की है। जिसकी जांच सीआईडी से तो छोड़ दीजिये, सीबीआई से होनी चाहिए।
दूसरी ओर झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के सचिव यह भी बता रहे हैं कि हमने 86% आरक्षित वर्गों का रिजल्ट दिया है और 96% उसमें झारखंडी अभ्यर्थी हैं, तो यह भी कहीं न कहीं जांच का विषय है; क्योंकि देश में और प्रदेश में जो आरक्षण की पॉलिसी है : आरक्षित वर्ग 50% और ईडब्ल्यूएस 10% कल 60% है तो आप 83 परसेंट किसी दे दे। एक सवाल है दूसरा अपने झारखंडी अभ्यर्थी पास होने का जो दावा किया है तो झारखंडी कौन?
यह तो अब तक सरकार ने तय नहीं किया है। कोई मापदंड इसका निर्धारण नहीं किया है तो क्या क्षेत्रीय और जनजातीय भाषा लेने वाले अभ्यर्थी को ही अपने झारखंडी मान लिया तो इस पूरे प्रकरण की जांच होनी चाहिए। दूसरा सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सीरियल में धांधली को लेकर एक संगठन जो अपने आप को छात्र कहता है वह आंदोलन में कुच कर जाता है और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करता है तो ऐसे नेताओं से भी छात्रों को सावधान रहना चाहिए जो सिर्फ चेहरा चमकाने के लिए नेतागिरी चमकाने के लिए लाठी डंडा से छात्रों को पिटवाने का काम कर रहे हैं।
उनके ऊपर मुकदमा करवाने का काम कर रहे हैं। आजसू छात्रों के न्याय के सवाल पर उसके अधिकार के सवाल पर सड़क पर भी संघर्ष कर रहा सदन में भी संघर्ष कर रहा है और आने वाले समय में जरूरत पड़ा तो उच्च न्यायालय कभी दरवाजा खटखटायेगा। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।
टीम एबीएन, रांची। सीएम हेमंत ने झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह वरिष्ठ अधिवक्ता विजय सिंह के निधन पर दुख जताया है। सीएम हेमंत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर लिखा कि आदरणीय बाबा के आंदोलन के साथी, वरिष्ठ अधिवक्ता, झामुमो परिवार के स्तंभ और मेरे अभिभावक स्वरूप आदरणीय विजय सिंह जी के निधन की खबर से अत्यंत मर्माहत हूं।
सीएम हेमंत ने आगे लिखा कि सौम्य और सरल स्वभाव के धनी आदरणीय विजय जी ने झामुमो परिवार और दुमका की जनता की सेवा के लिए अपना पूरा जीवन लगा दिया था। उनका चले जाना मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति है। मरांग बुरु दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान कर शोकाकुल परिवार को दु:ख की यह घड़ी सहन करने की शक्ति दे। इस दु:ख की घड़ी में पूरा झामुमो परिवार शोकाकुल परिवार के साथ खड़ा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग द्वारा संचालित सीजीएल परीक्षा के रद्द करने के मांग को लेकर आज आंदोलन हुआ। भारी पुलिस प्रशासन के मुस्तैद के बीच जेएसएससी कार्यालय घेराव में छात्र अपनी मांगों को लेकर जुटे। पुलिस प्रशासन ने छात्रों पर लाठीचार्ज किया।
आंदोलन स्थल नामकुम से लाठी चार्ज के साथ इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो एवं कई छात्रों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मीडिया फुटेज के अनुसार से देवेंद्र नाथ महतो पर लाठियां भी चटकायी गयी। चोटिल अवस्था में ही उन्हें पुलिस ने जबरन डिटेन कर लिया है। जिससे छात्रों एवं झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखी गयी।
सदाबहार चौक, नामकुम से आंदोलन के अगुवा देवेंद्रनाथ महतो को गिरफ्तार कर लिया गया। इसके लिए पुलिस प्रशासन ने भारी बल का प्रयोग किया। दर्जनों पुलिसकर्मियों ने निहत्थे देवेंद्रनाथ महतो पर चारों ओर से घेर कर लाठियां चटकायी।
छात्रों एवं जेएलकेएम कार्यकर्ताओं ने समुचित इलाज के साथ रिहाई की मांग की है। संगठन कार्यकर्ताओं ने देर शाम को राज्य के विभिन्न जिलों से राज्य सरकार एवं पुलिस प्रशासन के खिलाफ हिटलरशाही एवं निरंकुश होने का नारेबाजी करते हुए पुतला-दहन किया।
टीम एबीएन, रांची। राज्यभर के लाखों अभ्यर्थियों ने 21 और 22 सितंबर को हुए जेएसएससी सीजीएल के पेपर लीक का अंदेशा जताया है। अखिल झारखंड छात्र संघ अभ्यर्थियों की जायज मांग और कल होने वाले घेराव एवं धरने को नैतिक समर्थन देती है। सरकार इस मामले की सीबीआई से जांच करने की जगह सीआइडी से मामले की लीपापोती करने में लगी है। एक ओर जहां पर जेएसएससी सीजीएल मामला हाइकोर्ट में विचाराधीन है। तब राज्य सरकार आनन फानन में रिजल्ट जारी कर दिया। उक्त बातें अखिल झारखंड छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कही। उन्होंने कहा कि जेएसएससी सीजीएल मामले की निष्पक्ष जांच सीबीआई से करायी जाये।
उन्होंने कहा कि सरकार ने परीक्षा लेने के लिए दो दिनों तक इंटरनेट बंद किया था, लेकिन फिर जेएसएससी कदाचार मुक्त परीक्षा कराने में विफल रही। इतने वर्षों के बाद इस साल जनवरी में यह परीक्षा ली गयी, लेकिन उस वक़्त पेपर लीक होने से यह परीक्षा स्थगित कर दी गयी थी अब ऐसा प्रतीत होता है फिर उसी घटना की पुनरावृति हुई है।
जेएसएससी ने अपनी गलत कार्यशैली से न सिर्फ अभ्यर्थियों का बल्कि राज्य का भी भविष्य बर्बाद करने पर आमादा है। अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करना जेएसएससी बंद करे और राज्य सरकार इस पूरे मामले को सीबीआई से जांच कराये। चूंकि एक ओर मुख्यमंत्री सीआइडी से जांच की बात कहते हैं और वहीं दूसरी ओर जेएसएससी इस पूरे प्रकरण को किसी भी तरह की अनियमितता और पेपर लीक से पूरी तरह इंकार करती है।
अभ्यर्थी सहित राज्य के छात्र युवा और इस पूरे प्रकरण में घोर अनियमितता बरतने और पेपर लीक की पूरी संभावना दिखाई पड़ रही है। अत: आजसू मांग करती है कि इस पूरे प्रकरण को सीबीआई से जांच करायी जाये। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
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