झारखंड

View All
Published / 2025-02-02 20:51:23
सीएम हेमंत और कल्पना ने दी सेरेंगसिया के शहीदों को श्रद्धांजलि

सेरेंगसिया पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन, शहीदों को दी श्रद्धांजलि

एबीएन न्यूज नेटवर्क, चाईबासा। जिले के टोटो प्रखंड के सेरेंगसिया गांव में आयोजित सेरेंगसिया के शहीदों को नमन सह परिसंपत्ति वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने शहीद वेदी पर पहुंचकर सेरेंगसिया के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। 

सेरेंगसिया के शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए सीएम हेमंत ने कहा कि आज हमारे शहीदों की बदौलत हम अलग झारखंड पाने में सफल हुए हैं। हमने लड़ाई लड़कर झारखंड लिया है और आगे भी लड़ाई लड़कर अपना हक लेंगे, जो अभी भी जारी है। 

जब देश ने आजादी का सपना भी नहीं देखा था, तब हमारे पूर्वजों गरीब आदिवासी समाज के लोगों ने ताकतवर अंग्रेजों से लड़ाई लड़कर अपनी ताकत साबित की थी। हमें आदिवासी होने पर गर्व है।

Published / 2025-02-02 20:49:49
जल्द भाजपा छोड़ झामुमो की होंगी सीता!

सीएम हेमंत की भाभी सीता सोरेन की झामुमो में होगी वापसी! अटकलें तेज; सामने आयी ये वजह 

टीम एबीएन, रांची। सीएम हेमंत सोरेन की भाभी और भाजपा नेत्री सीता सोरेन की झामुमो में वापसी की अटकलें तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक सीता सोरेन जल्द ही भाजपा छोड़कर वापस झामुमो में शामिल हो सकती हैं। 

राजनीतिक भविष्य माना जा रहा मुख्य कारण 

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक परिवार में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन से अभी सहमति नहीं मिली है। शिबू सोरेन और रूपी सोरेन परिवार को एकजुट देखना चाहते हैं और सीता सोरेन की वापसी का समर्थन कर रहे हैं। वे चाहते हैं कि परिवार एकजुट रहे। वहीं, सीता सोरेन की वापसी के पीछे उनका राजनीतिक भविष्य मुख्य कारण माना जा रहा है। 

लोकसभा और विधानसभा चुनाव में हार के बाद सीता सोरेन चिंतित हैं और अपनी बेटियों के राजनीतिक भविष्य को ध्यान में रखते हुए झामुमो में वापसी की कोशिश कर रही हैं। दरअसल, लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सीता सोरेन ने भाजपा ज्वाइन कर ली थी। भाजपा ने सीता सोरेन को पार्टी में शामिल होने के बाद उन्हें दुमका लोकसभा और जामताड़ा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का मौका दिया था। 

हालांकि, वह दोनों चुनाव हार गयीं। अब सीता सोरेन को लगता है कि भाजपा में उनका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित नहीं है। इसलिए, वो अपनी बेटी के राजनीतिक भविष्य को देखते हुए झामुमो में वापसी चाहती हैं। कहा जा रहा है कि सीता सोरेन की बेटियां भी इस वापसी के लिए प्रयासरत हैं और परिवार के सदस्यों से संपर्क बनाये हुए हैं। 

सीता सोरेन की झामुमो में वापसी को लेकर झामुमो व भाजपा दोनों ही पार्टी के नेता कुछ भी स्पष्ट रूप से बोलने से बच रहे हैं। झामुमो महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने तो टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। इस पर दुमका विधायक बसंत सोरेन ने कहा कि अभी पुख्ता तौर पर कुछ स्पष्ट नहीं है। 

वहीं भाजपा भी इसमें कुछ कहने से बच रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने इस्तीफे के सवाल पर कहा कि मुझे ऐसी कोई सूचना नहीं है।

Published / 2025-02-02 18:38:37
नैक निरीक्षण समिति के मामले में समरेंद्रनाथ साहा दिल्ली से गिरफ्तार

  • इस घटना से आरसीयू का कोई लेना देना नहीं : डॉ देवाशीष मंडल 
  • रामचंद्र चंद्रवंशी विश्वविद्यालय में एक माह पूर्व ही दिये थे योगदान, विश्वविद्यालय ने साहा के निलंबन की प्रक्रिया की शुरू 
  • गिरफ्तार वीसी के कार्यालय से सीबीआई की जांच टीम को नहीं मिला ग्रेडिंग से जुड़ा कोई दस्तावेज 
  • नैक में हुई गड़बड़ी को लेकर शनिवार को विश्रामपुर आरसीयू में पहुंची थी सीबीआई की जांच टीम  
  • नैक के पूर्व चेयरमैन व आरसीयू के वर्तमान कुलपति के कार्यालय में तीन घंटे तक हुई थी जांच 
  • जांच के बाद रजिस्ट्रार को दिये सीजर लिस्ट में कोई सम्बंधित दस्तावेज नहीं मिलने का सीबीआई ने किया है उल्लेख 
  • नैक के चेयरमैन से सेवानिवृत्त के बाद 14 दिसंबर 24 को एसएन साहा बतौर आरसीयू के वीसी के पद पर किया था योगदान 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, विश्रामपुर (पलामू)। सीबीई ने नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (नैक) की रेटिंग में हुई बड़े घोटाले के सिलसिले में शनिवार को पलामू के विश्रामपुर स्थित आरसीयू के उपकुलपति के कार्यालय की जांच की थी। तीन घंटे तक आरसीयू के वीसी समरेंद्र नाथ साहा के कार्यालय की हुई जांच के बाद सीबीआई को उससे जुड़ा कोई दस्तावेज नहीं मिला। जिसके बाद सीबीआई की जांच टीम वापस लौट गयी। 

इस संबंध में आरसीयू के रजिस्ट्रार प्रो डॉ देवाशीष मंडल ने बताया कि जांच के बाद सीबीआई की टीम ने उन्हें लिखित सीजर लिस्ट दिया है, जिसमें स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि जांच में उन्हें न तो उससे संबंधित कोई दस्तावेज मिला है और न ही कोई कैश। उन्हें केवल दो नोट पैड मिला है जो श्री साहा के हैंडराइटिंग में था। जिसे सीबीआई की टीम अपने साथ ले गयी है।

बताते चलें कि आरसीयू के वर्तमान वीसी एसएन साहा जो यहां 14 दिसंबर 2024 को बतौर वीसी योगदान दिया था और मात्र एक सप्ताह विश्वविद्यालय के लिये कार्य किये थे। इसके पहले वे नैक के चेयरमैन रह चुके हैं। वहां से सेवानिवृत्त के बाद वे आरसीयू के वीसी बनाये गये थे। नैक के चेयरमैन रहते ग्रेडिंग देने में भारी अनियमितता बरती गयी थी। उसी सिलसिले में सीबीआई की जांच टीम पलामू के विश्रामपुर आरसीयू में आयी थी। 

इसके अलावे देशभर के 20 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी। आरसीयू के रजिस्ट्रार डॉ मंडल ने बताया कि उससे जुड़ा सीबीआई की जांच टीम को कोई दस्तावेज यहां नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि इसकी जानकारी मिलते ही श्री साहा को वीसी के पद से हटाने की प्रकिया शुरू कर दी गयी है। ताकि आरसीयू के इमेज पर कोई अंगुली न उठा सके। उन्होंने यह भी बताया कि जांच के दौरान श्री साहा छुट्टी पर थे, उनकी गिरफ्तारी दिल्ली से हुई है।

Published / 2025-02-02 18:37:16
आई एजुकेशनलाइज ने रांची में आयोजित किया प्रिंसिपल्स कॉनक्लेव

टीम एबीएन, रांची। आई एजुकेशनलाइज संस्था ने रांची के पांच सितारा होटल रेडिसन ब्लू में आयोजित किया प्रिंसिपल्स कॉनक्लेव जिसमें रांची के 50 प्रिंसिपल्स को आमंत्रित किया गया। इस कार्यक्रम में टॉपमॉस्ट यूनिवर्सिटीज ने अपना प्रजेंटेशन दिया जिसमें गीतम यूनिवर्सिटी, एलायंस यूनिवर्सिटी, एमआईटी डब्लू पीयू, आई सी एफ ए आई और महिंद्रा यूनिवर्सिटी शामिल थी। सभी प्राचार्य ने यूनिवर्सिटी के प्रजेंटेशन को सराहा। 

इस कार्यक्रम मे सुभाष राय (पूर्व प्राचार्य तौरियन वर्ल्ड), परमजीत कौर (प्राचार्य सरला बिरला), आर के झा (प्राचार्य डीपीएस, रांची), नीरज सिन्हा (प्राचार्य फिरायालाल पब्लिक स्कूल), राजेश पिल्लई (प्राचार्य कैराली पब्लिक स्कूल), तरुण घोष (प्राचार्य डीएवी बरियातू), खुशबू झा (प्राचार्य जेके इंटरनैशनल स्कूल), प्रियमदा मैम (प्राचार्य कलकत्ता पब्लिक स्कूल), स्वामी मुक्तरथ (योगाचार्य आई ए एस सोसायटी रांची), अजय झा (रांची के जाने माने अंग्रेजी के विद्वान) और डॉ अभिमन्यु मिश्रा (अकादमिक डायरेक्टर जेके इंटरनैशनल स्कूल, बिहार और झारखंड) और नेशनल कन्वेनर हेतुकर झा मेमोरियल ट्रस्ट और समाधान भारत ग्लोबल उपस्थित रहे। 

सभी प्राचार्य को कार्यक्रम के उपरांत पारितोषित दे कर सम्मानित किया गया। आई एजुकेशनलाइज के फाऊंडर शिखा जी ने कहा की इस तरह के कार्यक्रम का आयोजन बिहार झारखंड में होते रहेगा ताकि यहां के बच्चों के अपनी प्रतिभा दिखाने का अधिक से अधिक अवसर मिले, मौके पर वीके धीमन और सामंत जी भी मौजूद रहे।

Published / 2025-02-02 18:34:51
झारखंड प्रदेश राजद कार्यालय में मनी बिहार लेनिन अमर शहीद जगदेव प्रसाद जी की जयंती

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 2 फरवरी को झारखंड प्रदेश राजद कार्यालय में बिहार लेनिन अमर शहीद जगदेव प्रसाद जी की जयंती मनायी गयी। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि शहीद जगदेव बाबू आज के दिन भी प्रासंगिक है। 

उनका एक कथन है कि पहली पीढ़ी मारी जायेगी, दूसरी पीढ़ी जेल जायेगी और अंतिम पीढ़ी राज करेगी। पिछड़े शोषित वंचितों एवं गरीबों की लड़ाई आजीवन लड़ने वाले सामंती शक्तियों को धूल चटाने के लिए आज बहुत ही श्रद्धा के साथ इनको याद किया जाता है।

वक्ताओं ने कहा कि इनकी लड़ाई को लड़ने वाले राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव को भी निशाने पर लिया गया। आज संकल्प लेने की जरूरत है कि इनके बताये हुए रास्ते पर चलकर सबों के मान सम्मान दिलाने की लड़ाई लड़ना समय की मांग है। आज भी सामंतवादी विचारधारा के लोग सक्रिय है।

आज के कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र महतो, शैलेंद्र शर्मा, सुरेंद्र प्रसाद, रंजन कुमार, रामभजन यादव, विजय यादव, नवीन कुमार, विशाल कुमार, कमलेश यादव, मंतोष यादव, सब्बर फातमी, सुबोध पासवान, क्षितिज मिश्रा, रामकुमार सहित काफी संख्या में नेता एवं कार्यकर्ता शामिल हुए। उक्त जानकारी राजद के रांची जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र महतो ने दी।

Published / 2025-02-01 23:18:08
पलामू जिला प्रशासन ने निवर्तमान आयुक्त को दी भावपूर्ण विदाई

*सूचना भवन,पलामू*

*जिला जनसंपर्क कार्यालय, पलामू।*

*प्रेस विज्ञप्ति संख्या  01/02-2025*

*1 फरवरी 2025* 

*मेदिनीनगर (पलामू)*
*===========================*
*पलामू जिला प्रशासन की ओर से निवर्तमान आयुक्त को दी गई विदाई*

  1. *सर्किट हाउस में शाम को आयोजित हुआ विदाई-सह-सम्मान समारोह*

    एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। प्रमंडलीय आयुक्त बाल किशुन मुंडा के सेवानिवृति पर विदाई-सह-सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। पलामू जिला प्रशासन की ओर से आज शाम को स्थानीय सर्किट हाउस सभागार में आयोजित कार्यक्रम में उपायुक्त शशि रंजन सहित जिले के वरीय एवं कनीय पदाधिकारियों ने निवर्तमान आयुक्त को गुलदस्ता एवं पारितोषिक भेंट कर एवं माला पहनाकर सम्मानित किया।

विदाई-सह-सम्मान समारोह में निवर्तमान आयुक्त बाल किशुन मुंडा ने कहा कि पलामू प्रमंडल में सेवाकाल के दौरान यहां के पदाधिकारी एवं कर्मियों का काफी सहयोग मिला। आमजनों का भी स्नेह मिला। सभी का प्यार और सहयोग से प्रमंडल में बेहतर कार्य करने में सफलता मिली। 

उन्होंने अपने सेवाकाल के अनुभवों को साझा किया। विभिन्न स्थानों पर सेवा का अवसर प्राप्त हुआ। सेवाकाल में कई स्थानों पर परेशानियां भी हुई। चुनौती को स्वीकार कर सभी अधिकारियों के साथ आपसी समन्वय बनाकर कार्य को पूर्ण किया। अभाव में भी अवसर ढूंढकर बेहतर से बेहतर परिणाम देने का प्रयास किया। 

उन्होंने कनीय पदाधिकारियों को उनके आत्मविश्वास को बढ़ाया और बेहतर कार्य के लिए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने सभी कनीय पदाधिकारियों को हमेशा न्यूटल होकर कार्य करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आईडिल रास्ता अपनाते हुए कार्य करने से समस्याएं नहीं होती है।  तटस्थ होकर साफ-सुथरा एवं सरकार के एसओपी के अनुरूप उपायुक्त के निर्देशन व मार्गदर्शन में बेहतर कार्य करें।

उपायुक्त शशि रंजन ने कहा कि यह भावुक क्षण है कि सेवानिवृत्त होकर आयुक्त सर हमलोग के बीच से जा रहे हैं। इनका करीब 33 वर्ष का सेवा काल रहा। इस दौरान विभिन्न विभागों में काम किया। बिहार-झारखंड में लंबी सेवा दी। उन्होंने कहा कि आयुक्त की बेदाग सर्विस हम सभी को प्रेरित करता रहेगा। हम सभी को आयुक्त सर का मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहे, यह उम्मीद है। सेवानिवृति होने के बाद अब आयुक्त सर की नयी पारी की शुरुआत होगी। परिवार-समाज व अपने रिश्तेदारों को समय दे पायेंगे। उन्होंने आयुक्त के समाजिक लगाव होने के विचारों से भी अवगत कराया।

अपर समाहर्ता कुंदन कुमार ने कहा कि आयुक्त का लंबे समय से मार्गदर्शन मिला है और आगे भी मार्गदर्शन मिलता रहे, इसकी उम्मीद करता हूं। डीआरडीए डायरेक्टर रतन कुमार, आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू, एनडीसी विक्रम आनंद ने आयुक्त के सरल, सहज विचारों के बारे में जानकारी दी। कहा कि आयुक्त का आमजनों, पदाधिकारी एवं अपने सहकर्मियों के बीच गहरी सहानुभूति और आत्मिक लगाव रहा है। आयुक्त की सेवानिवृत्ति व उनकी कमी हम सभी कनीय पदाधिकारियों को खलेगी।

विदाई सह सम्मान समारोह में अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, डीआरडीए डायरेक्टर रतन कुमार सिंह, जिला आपूर्ति पदाधिकारी प्रीति किस्कू, एनडीसी विक्रम आनंद, जिला कल्याण पदाधिकारी सेवा राम साहू, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान सहित जिले के अन्य पदाधिकारी एवं कर्मीगण उपस्थित थे।

Published / 2025-02-01 23:14:16
विकसित भारत के निर्माण वाला बजट : बीके झा

  • हिंडालको कंट्री हेड माइंस ने इस जन-जन का बजट बताया

टीम एबीएन, लोहरदगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के द्वारा एक फरवरी को लोकसभा में रखे गए बजट से विकसित भारत के निर्माण के संकल्प पूरे होंगे। यह बजट जन-जन का बजट है। इससे उद्योग- धंधों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य को बल मिलेगा। उक्त बातें हिंदुस्तान से बात करते हुए देश के बड़े औद्योगिक घराने  बिरला समूह हिंडालको के कंट्री हेड(माइंस) बिजेश कुमार झा ने कही।

उन्होंने कहा कि यह बजट मिडिल क्लास की उम्मीदों का बजट आ गया है। मध्य और नौकरी पेशा वर्ग के लिए बजट से उन्हें सबसे बड़ी राहत मिली है। व्यक्ति की हर साल की 12 लाख की कमाई टैक्स मुक्त कर दिया गया है। यानी हर महीने आपकी एक लाख की कमाई पर कोई टैक्स नहीं देगा पड़ेगा। 

वित्त मंत्री लैंथेनाइड ग्रुप माइंस पर विशेष जोर दिया गया है। आधारभूत संरचना और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को काफी सहूलियत दी गई है। इससे देश में तीव्र गति का विकास होगा। लॉजिस्टिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रावधान किया गया है। इससे रेलवे और अन्य ट्रांसपोर्टिंग क्षेत्र में माल ढुलाई को गति मिलेगा। कुल मिलाकर यह बजट विकसित भारत के लिए आधार बनेगा। भारत सरकार ने 30 खनिजों को क्रिटिकल माइंस घोषित किया है। इसे रणनीतिक खनिज भी कहा जाता है। 

एंटीमोनी, बेरिलियम, बिस्मथ, कोबाल्ट, कॉपर, गैलियम, जर्मेनियम, ग्रेफ़ाइट, हाफ़नियम, इंडियम, इनके अलावा, लिथियम, मोलीबडेनम, नायोबियम, निकल, पीजीई, फ़ॉस्फ़ोरस, आरईई, रेनियम, सिलिकॉन, स्ट्रॉन्टियम, टैंटालम, टेलुरियम, टिन, टाइटेनियम, वानाडियम, ज़िरकोनियम, सेलेनियम, और कैडमियम भी क्रिटिकल माइंस में शामिल हैं। इससे बैटरी संचालित बाइक, कार, मोबाइल, सोलर एनर्जी सस्ते होंगे। 

अंतरिक्ष अनुसंधान और प्रदूषण मुक्त ऊर्जा के क्षेत्र में इसका लाभ देश के 140 करोड लोगों को मिलेगा। इन खनिजों का इस्तेमाल कई उद्योगों में होता है। इलेक्ट्रिक वाहन, और बैटरी उद्योग, अक्षय ऊर्जा, सेमिकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा और अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भर बनेगा यह हमें विकसित भारत बनाने में सर्वाधिक योगदान करेगा।

Published / 2025-02-01 23:10:29
सरस्वती चतुर्थी पर खरीदें ज्ञान की पुस्तकें : प्रो आरबी सिंह

  • लोहरदगा से शुरू से होकर झारखंड, बिहार और यूपी के कुछ क्षेत्रों में बन गया है अभियान
  • पुस्तक खरीदने के अभियान ने बना दिया ज्ञान का भंडार
  • बीएस कालेज लोहरदगा के अंग्रेजी विभाग अध्यक्ष ने 35 साल पहले अभियान का किया था आगाज

टीम एबीएन, लोहरदगा। बीएस कालेज लोहरदगा के पूर्व प्राध्यापक राम भगवान सिंह ने कहा कि सरस्वती चतुर्थी की अवधारणा वैचारिक चिंतन की उपज है। जो आज की उपयोगितावादी विचारधारा को संपुष्ट करती है। सदि‌यों से सर्वमंगलकारी गणेश की पूजा-आराधना हमारी संस्कृति का अभिन्न अंग है। जिसे महामना काल गंगाधर तिलक ने गणेश चतुर्थी को धार्मिक और सांस्कृतिक समारोह का भव्य स्वरूप प्रदान किया था।

संभवत: ऐसी ही अंतः प्रेरणा से वर्ष पहले मेरे मन में यह विचार आया कि जिस तरह दीपावली पूर्व धनतेरस के अवसर पर बर्तन खरीदने की परम्परा है, क्या ही अच्छा हो कि हम वसंत पंचमी के एक दिन पूर्व सरस्वती चतुर्थी की नेक परम्परा का श्रीगणेश करें। उस दिन हर विद्या प्रेमी पुस्तक खरीदें। 

कोई भी पुस्तक, कहीं से भी अपनी आवश्यकता और अभिसन्धि के अनुसार। वसंत पंचमी के पूर्व सरस्वती चतुर्थी की अवधारणा इसलिए मनुकूल है क्योंकि विशेषतया उत्तर भारत में बसंत पंचमी के दिन सरस्वती पूजा होती है। स्कूलों में शहर-देहात में जगह-जगह वीणापाणि ज्ञानदेवी सरस्वती की मूर्तियां स्थापित की जाती हैं। 

उनकी पूजा की जाती है। पुस्तक खरीदने की अनुशंसा तो स्वमेन स्पष्ट है। पुस्तकें तो स्वयं सरस्वती-स्वरूप हैं। पुस्तक- प्रेम सरस्वती की पूजा है, बंद‌गी है। एक बात और, आज टीवी संस्कृति के हावी होने से पुस्तक-संस्कृति वृष्टिछाया में पड़ गई है। युग युग से संन्चित ज्ञानराशि से हमारी दूरी बढ़‌ती जा रही है। 

ऐसे में पुस्तक संस्कृति की पुर्नस्थापना समय की मांग है। आज निस्संदेह सरस्वती की मूर्तियां स्थापित की जाती है, मगर क्या सचमुच हम उस ज्ञानदेवी की पूजा करते हैं? सच तो यह है कि सजावट की चकाचौंध और लाउडस्पीकरों के शोर में भक्ति भावना तिरोहित हो जाती है। वसंत पंचमी का यह त्यौहार मात्र वसंतोत्सव रह जाता है। सरस्वती की साधना उपेक्षित रह जाती है। 

साथ ही, आज कई पुरानी परम्पराएं निर्जीव और बेमानी हो गई हैं। जिन्हें त्यागने की जरूरत है। मगर यह भी जरूरी है कि उन्हें सार्थक और जीवन मूल्य वर्धक नई परम्पराओं से स्थानापन्न किया जाए। ऐसे में बसंत पंचमी के एक दिन पूर्व सरस्वती चतुर्थी की नई परम्परा हमारी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रख सकती है। मैं विगत 36 वीं से यह अभियान चला रहा हूं। आशा है, पाठक इसे इसी भाव से ग्रहण करेंगे।

Page 437 of 1695

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse