झारखंड

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Published / 2025-02-03 20:57:33
सरना धर्मावलम्बी ने की मनोकामना पूर्ति हेतु सिरसी _ता नाले सृष्टि स्थल का दर्शन

टीम एबीएन, रांची। दिनांक 03.02.2025 दिन सोमवार राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत (अनिबंधित) के  सरना धर्मगुरु राजेश लिंडा की अगुवाई में लाखों की संख्या में जिला धर्मगुरुओं के साथ सरना धर्मावलम्बी  मनोकामना पूर्ति हेतु सिरसी _ता नाले सृष्टि स्थल का दर्शन किया गया। सरना धर्मियों के पवित्र धार्मिक स्थल सिरसि_ता_ नाले  स्थित ककड़ो लाता के पास मुख्य प्रार्थना बाद धर्म कंडो के लिए यात्रा शुरू हुआ।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कल्याण विभाग के मंत्री चमरा लिंडा रहे और उनके साथ गुमला के उपायुक्त, राजेश कच्छप -विधायक , झीगा मुंडा, सिसई, सुखराम उरांव,चकलधापुर आदि रहे। झारखण्ड सरकार माननीय हेमन्त सोरेन द्वारा सिरसी-ता -नाले ककड़ो लाता तीर्थ यात्रा को  माघ पंचमी को ही राजकीय समारोह का दर्जा देकर हम आदिवासियों के एतिहासिक एवं गौरव का दिन है। इस घोषणा का राजी  पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत अनिबंधित  केंद्रीय कमेटी एवं आदिवासी समाज आभार ब्यक्त करते है।

कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा कि भारत देश में कुम्भ की तरह आदिवासियों का महाजुटान बढ़ती चाँद के माघ पंचमी में  सृष्टि स्थल सिरसी -ता - नाले ककड़ो लाता को राजकीय समारोह सरना तीर्थयात्रा के रूप में जाना जायेगा और इसी दिन पूजा प्रार्थना करने का निर्णय लिया। यहाँ धर्म कंडो धर्मेस और चाला (सरना माँ )का पवित्र सिंहासन है। पुतरुंगी पहाड़ में डुबनी चुवां है जिसमें चाला धर्मेेस इस डुबनी चुवां का पवित्र पानी पीते थे।

आदिवासी लोक कथा के आधार पर धरती में अग्नि प्रलय के दरम्यान जब मानव अस्तित्व मिटने के कगार पर थी, तो मां चाला एवं धर्मेस को दया आ गई कि मानव अस्तित्व का मिटना बड़ा दु:खदाई होगा। तब मां चाला और धर्मेस ने सिरसि_ता_ नाले गंगला खाईड़ के कंकड़ों लाता (केकड़ा बिल) में लौकिक दो भाई-बहन रूपी मानव को संरक्षित रखा और यही लोग संसार में फैल गया और हमारा मानव अस्तित्व कायम है।

इसी सिरसि_ता_ नाले सृष्टि स्थल के काकड़ो लाता से भाई बहन अर्थात सरना माँ  धर्मेस बाबा का जन्म धरती माँ से सूर्य और प्राकृतिक के प्रतिक्रिया से सर्वप्रथम धरती में मनुष्य के रूप में आते हैं हम आदिवासी उसी के संतान हैं उसके सात बेटा और सात  बेटी हुए। उस समय इस धरती में और कोई मनुष्य नहीं थे। इन्हीं लोग जोड़ी जुटकर अलग जगहों पर चले गये अपना अपना भाषा बोलने लगे और अपना अलग अलग जाति का नाम से आज जाने जाते है। आदिवासी बन्धुओं को वर्ष में एक बार आदि सृष्टि स्थल के दर्शन करने से जीवन में सफलता एवं सुख शांति की प्राप्ति होती है।

प्रदेश सरना धर्मगुरु  राजेश लिंडा ने कहा की सिरसि_ता_ नाले ककड़ो लाता का पानी पवित्र माना जाता हैं सरना धर्मियों की ऐसी मान्यता हैं की यहाँ पर प्रार्थना पूजा कर पानी ग्रहण करने मात्र से ही सभी प्रकार  की असाध्य बीमारी, समस्य और दुःख का समाधान हो जाता हैं।      

राष्ट्रीय सरना धर्म अध्यक्ष नीरज मुंडा ने कहा हमलोग अधिक से अधिक संख्या में आएं और माघ महीना के बढ़ती चाँद के दिन ही मूलरूप से इसको शुरूवाती दिन माना जाये इसके बाद सालों भर हरेक वृस्पतिवार को जो आते हैं वो आते ही रहेंगे। हमलोग अपने सृष्टि स्थल आकर दर्शन कर अपने को धन्य समझ रहे हैं। राष्ट्रीय सरना महासचिव जलेश्वर उरांव ने कहा कि आदिवासियों का कहना हैं कि इस पवित्र स्थल पर वो सदियों से आ रहे हैं और जो भी इच्छा और मनोकामनाएं हैं।

पूजा करके जो भी मांगते हैं, वो पूरा हुआ है. बहुत लोग लाभान्वित हुए हैं और इसलिए आदिवासी प्रत्येक साल माघ महीने के बढ़ती चांद वाले दिन में यहां आते है और बढ़ती चांद को आदिवासियों में शुभ दिन माना जाता है। आदिवासी परंपरा के अनुसार दौव नलख शादी, गृह प्रवेश, भूमि  पूजन, कुआं ,विवाह, पर्व  त्यौहार,सरहुल करम पूजा, फगुआ, यहां तक की खरीफ फसल का बीज भी खेत में डालते हैं तो बढ़ती चांद के आधार पर ही सरना आदिवासियों का सभी कर्मकांड प्राकृतिक नियम अनुसार ही संपन्न करने के परंपरा रही है।

आदिवासी परंपरा के अनुसार हर धार्मिक हो सामाजिक हो या हमारा पर्व त्योहार हो या शादी विवाह हो, चांद ही आदिवासी का सबसे बड़ा कैलेंडर हैं। आदिवासी रीती -रिवाज के अनुसार हम अपने  सभी प्रकार के शुभ कार्य बढ़ती चाँद में करते हैं। हरेक जिला के धर्मगुरुओं ने कहा कि आगामी जनगणना में सभी आदिवासी सरना धर्म को  लिखेंगे। अगर सरना कोड नहीं मिला तो अन्य के कॉलम में सरना धर्म सिरसि_ता_ नाले हम आदिवासियों का पवित्र धार्मिक स्थल है।

इसकेे अगल - बगल बहुत सारे उरांव रहते हैं इससे साफ़ जाहिर होता है की ककड़ो लाता ,धरम कंडो ,ढकनी चुआं आदि सारे चीजों को देखने से साफ़ स्पष्ट पता चलता है कि ये हमलोगों का सृष्टि स्थल है और यहाँ से सभी आदिवासी आगे हैं। केंद्रीय सरना समिति झारखण्ड वक़ील अध्यक्ष अजय तिर्की ने कहा कि आदिवासियों के हरेक घर -घर में सरना झंडा लगानी चाहिए. आदिवासी की पहचान सरना झंडा से है।

झारखंड के गुमला में स्थित सिरासिता नाले आदिवासियों का धार्मिक सृष्टि स्थल में राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा भारत के संरक्षक अजय तिर्की, अध्यक्ष नीरज मुंडा, उपाध्यक्ष सोमे उरांव, छोटेलाल करमाली, महासचिव जलेश्वर उरांव, सचिव करमा उरांव,कोषाध्यक्ष बिरसा उरांव, संघठन सचिव गैना कच्छप, मिडिया प्रभारी अमित गाड़ी, निर्मला भगत, प्रो. मंती उरांव, प्रदेश अध्यक्ष माघी उरांव, प्रदेश महासचिव संदीप उरांव, महिला प्रकोष्ठ रांची महानगर अध्यक्ष सुभानी तिग्गा, लोहरदगा मीडिया प्रभारी नूतन कच्छप, लोहरदगा  अध्यक्ष सोमदेव उरांव, सरना धर्मअगुवा सुधीर उरांव और झारखंड के अलावा उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, बिहार, असम, नेपाल, आदि राज्यों से आदिवासी सरना श्रद्धालुगण पहुंचे।

Published / 2025-02-03 20:45:07
अनुराग गुप्ता बने राज्य के पुलिस प्रशासन के मुखिया

  • अनुराग गुप्ता बने झारखंड के नियमित डीजीपी

टीम एबीएन, रांची। झारखंड कैडर के 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग गुप्ता को प्रभारी डीजीपी की जगह नियमित डीजीपी नियुक्त कर पदस्थापित किया गया है। इससे पहले वे अपराध एवं अनुसंधान विभाग के महानिदेशक के साथ-साथ प्रभारी डीजीपी के पद पर कार्यरत थे।

गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने डीजीपी के पद पर उनकी सेवा नियमित करने से संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। आपको बता दें कि अनुराग गुप्ता वर्ष 2022 में डीजी रैंक में प्रोन्नति के बाद डीजी ट्रेनिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। फिर 26 जुलाई 2024 को उन्हें प्रभारी डीजीपी बनाया गया। दरअसल झारखंड में डीजीपी पद को लेकर अक्सर खींचतान होती रही है।

पिछले चुनाव के दौरान भारत निर्वाचन आयोग के आदेश पर अनुराग गुप्ता को हटाकर 1989 बैच के आईपीएस अजय कुमार सिंह को 19 अक्टूबर को फिर से डीजीपी नियुक्त किया गया था। लेकिन चुनाव परिणाम के बाद जैसे ही हेमंत सोरेन ने सीएम पद की शपथ ली, अनुराग गुप्ता को फिर से डीजीपी का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया और अजय कुमार सिंह को झारखंड पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड का एमडी बना दिया गया।

अनुराग गुप्ता को तेज तर्रार पुलिस अधिकारी माना जाता है. उन्हें स्पेशल ब्रांच के एडीजी के तौर पर लंबा अनुभव है। सीईडी में डीजी रहते हुए उन्होंने साइबर अपराध से जुड़े कई पेचीदा मामलों को सुलझाने में अहम भूमिका निभायी है। बकौल प्रभारी डीजीपी उन्होंने साइबर क्राइम, नारकोटिक्स, ऑर्गनाइज्ड क्राइम और महिला अपराध से निपटने को अपनी प्राथमिकता बताया था। अब राज्य सरकार ने अनुराग गुप्ता को पुलिस बल के प्रमुख की नियमित जिम्मेदारी दी है।

Published / 2025-02-03 20:42:08
रिम्स में संदिग्ध मरीज, राजधानी में सनसनी

  • अब ये कौन सी नयी बीमारी आ गयी, रांची के रिम्स में मिला एक और संदिग्ध

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में गुलियन बैरे सिंड्रोम (जीबीएस) के मामले तेजी बढ़ रहे हैं। जीबीएस एक और संदिग्ध मरीज को रांची के रिम्स में भर्ती कराया गया है। जिसका इलाज पहले रांची के निजी अस्पताल में चल रहा था। बताया जा रहा है कि कोडरमा के इस मरीज के न ही आयुष्मान कार्ड है न राशन कार्ड और न ही इलाज के लिए पैसे बचे थे। 

जिसके बाद मरीज को रिम्स में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि पैसे का अभाव होने के बाद मरीज के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव से इलाज के लिए संपर्क साधा था। तब स्वास्थ्य सचिव के निर्देश के बाद रिम्स डायरेक्टर ने मरीज को भर्ती कराया।

वर्तमान में मरीज को हाई फ्लो नेज़ल ऑक्सीजन में रखा गया है। मरीज के लिए पीडियाट्रिक में वेंटिलेटर की व्यवस्था भी की गई है। मरीज को फिलहाल शिशु रोग विभाग में डॉ झा की देखरेख में रखा गया है। बताया जा रहा है कि मरीज़ का महाराष्ट्र ट्रैवल हिस्ट्री है। मरीज कुछ दिन पहले ही मुंबई गई थी। 

जहां बीमार होने के बाद उसका इलाज कराया गया था। इससे पहले एक और मरीज रांची के बालपन अस्पताल में भर्ती हो चुका है। उसका भी फिलहाल इलाज जारी है। गुलियन-बैरे सिंड्रोम के बारे में रिम्स के न्यूरो सर्जन डॉ विकास कुमार ने बताया कि यह एक दुर्लभ और गंभीर तंत्रिका तंत्र से जुड़ी बीमारी है। 

इस बीमारी में शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अपनी ही तंत्रिका कोशिकाओं पर हमला करने लगती है, जिससे तंत्रिका को नुकसान पहुंचता है। इस बीमारे के चलते मांसपेशियों की कमजोरी और लकवा की बीमारी हो सकती है। यह बीमारी संक्रमण वायरल या बैक्टेरियल के बाद होती है।

Published / 2025-02-03 20:28:07
नागरिक सुविधा से जुडी समस्याओं पर चैंबर भवन में हुई समीक्षात्मक बैठक

*प्रेस विज्ञप्ति (दिनांक :03/02/2025)*
*नागरिक सुविधा से जुडी समस्याओं पर समीक्षात्मक बैठक*

टीम एबीएन, रांची। नगर निगम/परिषद् और नगर पंचायत से संबंधित समस्याओं पर आज चैंबर भवन में एक बैठक हुई। नगर विकास विभाग द्वारा प्रस्तावित भवन नियमितीकरण योजना को प्रभावी करने में होनेवाले विलंब पर सदस्यों ने चिंता जताई और सरकार से इसपर त्वरित कार्रवाई की मांग की। बाजार टांड स्थित दुकानों के किराया विवाद के समाधान में विलंब पर भी चिंता जतायी गयी।

कहा गया कि निरंतर प्रयासों के बावजूद विभागीय उदासीनता से दुकानदार मानसिक रूप से परेशान हैं। रांची नगर निगम किरायेदार संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बाजार टांड में आवंटित दुकानों में अतिरिक्त संरचना निर्माण के कारण किराया, ब्याज और उसपर फाइन की दर जुडते-जुडते काफी अधिक हो गयी है जिस कारण यह मामला जटिल हो चुका है। 

दुकानदारों की समस्या को वास्तविक बताते हुए चैंबर के आरएमसी उप समिति के चेयरमेन अमित शर्मा ने जल्द ही इस मामले में नगर प्रशासक से मिलकर कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। शहर के कई क्षेत्रों में ट्रॉफिक लाईट की कमी, डिवाईडर पर पेंट तथा रिफ्लैक्टर नहीं होने के कारण नियमित रूप से हो रही सडक दुर्घटना पर भी उन्होंने चिंता जतायी।

रांची मास्टर प्लान 2037 में संशोधन हेतु भू-मालिकों द्वारा समर्पित किये गये आवेदन पर कार्रवाई में हो रहे विलंब पर भी सदस्यों ने चिंता जतायी। कार्यकारिणी सदस्य मुकेश अग्रवाल ने कहा कि निगम के आमंत्रण पर काफी संख्या में शहरवासियों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी, जिसकी जनसुनवाई कर निगम द्वारा नगर विकास विभाग को विचार के लिए भेंज दिया गया है। 

पिछले ढाई वर्षों से विभागीय निर्णय नहीं होने के कारण भू-मालिक अपनी भूमि का प्रभावी ढंग से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। सदस्यों ने इस मामले में विभागीय उदासीनता पर चिंता जताई और अतिशीघ्र इसपर विचार का आग्रह किया। सदस्यों की चिंता को देखते हुए जल्द ही नगर विकास विभाग के सचिव से मिलकर वार्ता करने की सहमति बनायी गयी।

शहर के मुख्य व्यवसायिक केंद्र अपर बाजार में शौचालय की पर्याप्त सुविधा नहीं होने से होनेवाली कठिनाई पर चर्चा करते हुए कहा गया कि अन्य शहरों की भांति अपर बाजार में भी पे एंड यूज जैसी शौचालय सुविधा उपलब्ध कराने की पहल निगम को करनी चाहिए। 

बरसात के समय शहर के विभिन्न क्षेत्रों में (विशेषकर बडा तालाब, सेवा सदन पथ के आसपास के क्षेत्रों में) होनेवाले जल-जमाव की समस्या पर चिंता जताते हुए कहा गया कि नालियों की प्रॉपर सफाई नहीं किये जाने और जल निकासी की सुविधा नहीं होने के कारण इस समस्या से नागरिकों को हर साल समस्या होती है। जरूरी है कि निगम द्वारा समय से पूर्व कार्रवाई की जाय ताकि बरसात के समय नागरिकों को इस समस्या से न जूझना पडे। 

शहर में मल्टी लेवल पार्किंग की आवश्यकता बताते हुए सदस्यों ने बकरी बाजार, मेन रोड टैक्सी स्टैंड, रतन टॉकीज समेत अन्य स्थानों पर मल्टी लेवल पार्किंग की सुविधा विकसित करने के लिए नगर निगम से कार्रवाई की मांग की। सर्वसम्मति से पुनः 15 दिन में समीक्षात्मक बैठक का निर्णय भी लिया गया।

बैठक में चैंबर के कार्यकारिणी सदस्य सह आरएमसी उप समिति चेयरमेन अमित शर्मा, मुकेश अग्रवाल, शैलेष अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष मनोज नरेडी, रांची नगर निगम किरायेदार संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश छापडिया, शंकर झा, सदस्य अजीत साहू, अजय साहू, विकास प्रकाश गुप्ता, आनंद जालान, राजीव रंजन मिश्रा उपस्थित थे। उक्त जानकारी प्रवक्ता सुनिल सरावगी ने दी। उक्त जानकारी संस्था के महासचिव आदित्य मल्होत्रा और प्रवक्ता सुनिल सरावगी ने दी।

Published / 2025-02-03 20:22:08
यज्ञ प्राचीन काल से भारतीय संस्कृति का आधार रहा है : आचार्य शरच्चंद्र

  • पर्यावरण संरक्षण सह- ज्ञान यज्ञ का आयोजन
  • गांव के 65 घरों के सैकड़ो जनजातीय समाज के लोग यज्ञ में शामिल होकर नशापान न करने का लिया संकल्प

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। आर्य समाज स्थापना के 150 वें वर्षगांठ के अवसर पर वसंत पंचमी के दिन को लोहरदगा जिला मुख्यालय से 35 किलोमीटर दूर पेशरार प्रखंड के वन क्षेत्र में स्थित ओनेगड़ा गांव के इचुवाटांड में रविवार को पर्यावरण संरक्षण सह- ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया। इसमें गांव के 65 घरों के तमाम महिला- पुरुष,बच्चे समेत सैकड़ो ग्रामीण शामिल हुए।

गुरुकुल शांति आश्रम लोहरदगा के आचार्य संचालक -सह- झारखंड प्रांत आर्य वीर दल प्रमुख आचार्य शरच्चंद्र आर्य, आशीष आर्य, ब्रह्मचारी कार्तिक आर्य, रंजन आर्य, राजकुमार आर्य के नेतृत्व में यज्ञ हुआ। इसमें ग्रामीणों ने यजमान के रूप में शामिल ग्रामीणों ने समिधा समर्पित कर नशापन न करने का संकल्प लिया यही नहीं आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने के लिए जागरूक करने की भी बात कही। 

यज्ञाचार्य शरच्चंद्र आर्य ने कहा कि यज्ञ प्राचीन काल से ही भारतीय संस्कृति का आधार रहा है। हमारे आर्ष ग्रन्थ बड़ी ही मजबूती के साथ यज्ञ के महत्व का एक स्वर में गान करते है। अपने उत्कृष्ट मनोवैज्ञानिक मूल्यों के लिए जाना जाता रहा है। यज्ञ से पर्यावरण की शुद्धि होती है।  

संगतिकरण, सामजिक समरसता, आन्तरिक अभियांत्रिकी और व्यक्तित्व विकास जैसे अनेक व्यक्तिगत मनोवैज्ञानिक मूल्य व्यक्ति में विकसित होते है, जिनका सुस्पष्ट प्रभाव समाज पर दृष्टिगोचर होता है। यज्ञ मात्र कर्मकांड तक सीमित प्रक्रिया नहीं है, अपितु यह उससे कहीं अधिक, व्यक्ति और समाज का बहुमुखी विकास करने का अचूक साधन है।

वेदों से लेकर आधुनिक वैज्ञानिकों तक सभी ने यज्ञ की उर्जा को विभिन्न पैमानों पर मापकर सही पाया है। वर्तमान समय में संसाधनों से अधिक मनोबल की आवश्यकता है और हमारी इस आवश्यकता को यज्ञ से बेहतर कोई पूर्ण नहीं कर सकता। यज्ञ में मौजूद अग्निशक्ति, मंत्र शक्ति एवं समूह शक्ति का समायोजन क्रांतिकारी बदलाव लाने में सक्षम है।

आशीष आर्य ने इस मौके पर कहा कि यज्ञ से शरीर स्वस्थ रहता है। यज्ञ से मनचाहा फल मिलता है। यज्ञ से देवताओं को प्रसन्न किया जा सकता है। यज्ञ से जीवन शक्ति बढ़ती है।यज्ञ से आत्मिक शक्ति बढ़ती है। यज्ञ से वायुमंडल और पर्यावरण शुद्ध होता है।यज्ञ से संक्रामक बीमारियां खत्म होती हैंयज्ञ से सहयोग और सद्भावना बढ़ती है।यज्ञ से शांति स्थापित होती है।

लोहरदगा शहर के सामाजिक कार्यकर्ता गुप्तेश्वर गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि यज्ञ से समष्टि का कल्याण होता है। यज्ञ से जीवन जीने का तरीका बेहतर होता है। यज्ञ को भारतीय संस्कृति का आधारभूत मनोवैज्ञानिक मूल्य माना जाता है।

आयोजनकर्ता सुखनाथ नगेसिया ने इस मौके पर कहा कि यज्ञ को विज्ञान-सम्मत पद्धति माना जाता। इस अवसर पर तिवारी नगेशिया, जीतू नगेशिया, जोगेंद्र नगेशिया, सानिया नगेसिया, मुन्ना नगेसिया, मुकुंद नगेशिया बीतन नगेशिया लगन नगेशिया, नगेशिया, नूता नागेशिया आदि मौजूद थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुई।

Published / 2025-02-03 16:05:56
धनबाद नगर निगम कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की मांग

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद/ रांची। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने मुख्यमंत्री झारखंड सरकार को पत्र लिखकर कहा है कि धनबाद नगर निगम कार्यालय में हो रहे भ्रष्टाचार पर आपका ध्यान आकर्षित कराते हुए कहना है कि नगर आयुक्त के मेहरबानी से आज भी पुराने जेई जमे हुए हैं। 

जबकि यह पुराने जेई को कांटेक्ट बेसिस पर रखा गया है और नया जेई सरकारी आ चुके हैं। नगर निगम कार्यालय में और जो-जो नया जेई आये हैं, जिस-जिस विभाग से उन सभी जई को उस विभाग का प्रभार नहीं दिया गया है, ओर नगर आयुक्त अपने कुछ पुराने जई को कांटेक्ट बेसिस पर रख कर काम करवा रहे है, और जबकि प्राइवेट कॉन्टैक्ट पर जो काम कर रहे हैं पुराने जई आज लगभग कितने सालों से जमें हुए हैं। 

आखिर बड़ा बड़ा योजना का जांच करने का काम प्राइवेट जई को नहीं है क्योंकि सरकारी जई का यह दायित्व बनता है, पर इन लोग से अभी भी काम लिया जा रहा है। जो सरकारी जई है अभी भी उनको कोई भी क्षेत्र का जांच करने का जिम्मा नहीं दिया जाता है ऐसी जानकारी सुत्रो से प्राप्त हुई है। जबकि नगर आयुक्त को प्राइवेट जई को आखिर क्यों कार्यालय में रखें हुए हैं। इनसे नगर आयुक्त को क्या लाभ मिल रहा है।

Published / 2025-02-02 22:45:09
जेसीआई रांची के अवॉर्ड नाइट 2024 में विक्रम चौधरी ने किया मेंबर्स को सम्मानित

मुकेश झा को लाइफटाईम अचीवमेंट अवॉर्ड

टीम एबीएन, रांची। स्वर्णभूमि बैंक्वेटस में आयोजित जेसीआई रांची अवॉर्ड नाइट 2024 का समापन हुआ। साल भर जिन मेंबर्स ने संस्था के कार्यों को संभाला उन्हें जेसी विक्रम चौधरी ने सम्मानित किया। जेसी मुकेश झा को लाइफटाईम अचीवमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।

कुछ विशेष अवॉर्ड्स :

  • बेस्ट सपोर्टिव पास्ट प्रेसिडेंट : अनूप अग्रवाल, मनीष रामसिसरिया, नारायण मुरारका, दीपक अग्रवाल, गौरव अग्रवाल, अमित खोवाल
  • प्रेसिडेंट रिकॉग्निशन अवॉर्ड : अमन सिंघानिया, अनुभव अग्रवाल, अक्षत अग्रवाल, अमन पोद्दार, चंद्रेश बजाज, रौनक जैन, निखिल मोदी, आशीष गौतम, अनिमेष निखिल, नीरज पोद्दार
  • प्रेसिडेंट एप्रिसिएशन अवॉर्ड : आदित्य जालान, रोहित दयानी, मंदीप सिंह, संकेत सरावगी, अंकित अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल
  • बेस्ट सपोर्टिव न्यू बडी: ऋषभ अग्रवाल, सृजन हेतंसरिया, अग्निश मित्रा, रजत साबू, उमंग टाइवाला, अभिषेक नारनौली
  • बेस्ट जेसी मेंबर: निखिल अग्रवाल
    बेस्ट लोम ऑफिसर एग्जीक्यूटिव : रवि आनंद
  • बेस्ट लोम ऑफिसर नॉन एग्जीक्यूटिव: अंकित मोदी
  • यस मैन ऑफ जेसीआई: दीपक पटेल, शुभम बुधिया 
  • बेस्ट न्यू जैसी: ऋषभ जालान
  • मैक्स प्रोजेक्ट: निखिल अग्रवाल, दीपक पटेल

कार्यक्रम का संचालन का आदित्य जालान, संकेत सरावगी, केशू जैन, कौशल अग्रवाल और निखिल मोदी ने कुशलता से किया।

Published / 2025-02-02 22:40:23
अहंकार और अहम के अभाव में ही सफ़ल जीवन संभव : महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो

टीम एबीएन, रांची। रविवार को रांची महाधर्मप्रांत के सेवा निवृत महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एसo जेo ने सभी संतों के गिरजा घर, डोरंडा पल्ली में हॉली क्रॉस धर्मसंघ के  उपयाजक प्रीत अनुपम बेक को पुरोहिताभिषेक प्रदान किया।

सभी संतों के गिरजा घर डोरंडा पल्ली में आज पुरोहिताभिषेक समारोह का आयोजन रहा। इस समारोह की अगुवाई राँची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के सेवा निवृत महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो ने मिस्सा बलिदान अर्पित कर किया एवं उपयाजक प्रीत अनुपम बेक को मिस्सा बलिदान के दौरान पुरोहिताभिषेक प्रदान किया। 

उन्होंने अपने धर्मोपदेश में कहा कि प्रत्येक अभिषेक प्राप्त पुरोहित सर्वप्रथम एक पुरोहित, चरवाहा एवं शिक्षक के रूप में कार्य करता है और जरूरत पड़ने पर लोगों के लिए अपने बलिदान तक देने को तत्पर रहता है। किन्तु इस जीवन की सफलता निश्चित तभी होगी जब जीवन में अहम एवं अहंकार का आभाव होगा। 

सेवा निवृत महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो ने उपयाजक प्रीत अनुपम बेक के माता पिता को अपने पहलौठे को लोगों एवं समाज के लिए समर्पित करने पर धन्यवाद दिया। मिस्सा के पश्चात परिवार के सदस्यों ने महाधर्माध्यक्ष एवं सभी पुरोहितों को शाल ओढ़ा कर सम्मानित किया। इसके बाद अभिषेक समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन रहा।

फाo प्रीत अनुपम बेक के पुरोहित अभिषेक समारोह के अवसर पर  रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के सेवा निवृत महाधर्माध्यक्ष फेलिक्स टोप्पो एसo जेo, डोरंडा के पल्ली पुरोहित फाo पीटर सांगा, होली क्रॉस धर्मसंघ के प्रोविंशियल फाo ए जे अब्राहम, फाo अमित डुंगडुंग, फाo शिशिर सुरीन, फाo रवि, फ़ाo तोबियास टोप्पो, उत्तर पूर्व से आए  पुरोहितगण, विभिन्न धर्म समाज की धर्मबहनें एवं हज़ारों की संख्या में कैथोलिक ख्रीस्तीय विश्वासी शामिल हुए।

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