टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार की देर रात विशेष विमान से दिल्ली से रांची लौट आए हैं। उनकी पत्नी कल्पना सोरेन भी उनके साथ थीं। वह अपने पिता शिबू सोरेन की रूटीन हेल्थ चेकअप कराने पिछले रविवार को दिल्ली गये थे। अभी शिबू सोरेन का स्वास्थ्य सामान्य है। जांच में समय लगने की वजह से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन छह दिनों तक दिल्ली में ठहरे थे।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सह सांसद शिबू सोरेन रूटीन हेल्थ चेकअप के लिए दिल्ली गए थे। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विशेष विमान से उन्हें लेकर दिल्ली गये थे। दिशोम गुरु का हेल्थ चेकअप किया गया। हफ्तेभर से मुख्यमंत्री भी दिल्ली में थे। पिछले दिनों कल्पना सोरेन भी दिल्ली गयी थी। रविवार की देर रात तीनों रांची लौट आये।
टीम एबीएन, रांची। प्रयागराज महाकुंभ में संगम स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ काफी बढ़ गयी है। स्टेशन प्लेटफार्म यात्रियों से भरा हुआ देखा जा रहा है। कोई ट्रेन के गेट में लटका नजर आ रहा है तो कोई शौचालय के पास बैठकर यात्रा करने को विवश दिख रहा है।
संगम स्नान के लिये जाने वाले श्रद्धालुओं को काफी तकलीफ उठानी पड़ रही है। श्रद्धालु आसानी से ट्रेन में नहीं चढ़ पा रहे हैं। बोगियों में क्षमता से अधिक यात्री सवार हो रहे हैं। ट्रेन में बैठने की जगह नहीं मिल पा रही है। वहीं, बीते रविवार को झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस ट्रेन हटिया स्टेशन से यात्रियों से भरी हुई रांची स्टेशन पहुंची।
इस दौरान सामान्य बोगी से लेकर स्लीपर और एसी बोगियों में बिना टिकट यात्रियों ने कब्जा कर लिया और बोगी का गेट बंद कर दिया। जब ट्रेन रांची स्टेशन पहुंची, तो ट्रेन में पहले से सवार यात्रियों ने दरवाजा नहीं खोला, जिससे स्टेशन पर अफरा-तफरी मच गयी। दिल्ली से रांची आये 18 लोगों का दल ट्रेन में सवार नहीं हो सका। दल में शामिल 5 महिलाएं भीड़ के कारण बेहोश हो गयीं।
इतना ही नहीं, आरपीएफ के जवान ने बोगी में घुसने का प्रयास किया, लेकिन भीड़ इतनी थी कि जवान भी अंदर नहीं जा पाये। वहीं कुछ यात्री ट्रेन की अलग-अलग बोगी में किसी तरह घुस गये। इसके बाद यात्रियों ने स्टेशन मास्टर कार्यालय में विरोध किया और राजधानी ट्रेन में जाने की अनुमति या एक बोगी राजधानी ट्रेन में जोड़ने की मांग की। हद तो तब हो गयी, जब स्टेशन मास्टर ने कहा कि वह इस मामले में कुछ नहीं कर सकते हैं।
टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतवर्षीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ईश्वर सागर चंद्रवंशी ने रांची में महासभा की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड में होने वाले नगर निगम चुनाव में चंद्रवंशी समाज हर जिलों में अपना प्रत्याशी उतारेगी।
उन्होंने कहा कि चुनाव में अपना भाग्य आजमाने वाले प्रत्याशियों को महासभा तन मन धन से सहायता करेगी चंद्रवंशी समाज का एक 11 सदस्य टीम अगले सप्ताह से पूरे जिले का दौरा कर संगठन को प्रखंड स्तर पर मजबूत करने का काम करेगी हर जिलों में चुनाव होगा और चुनाव के द्वारा अध्यक्ष एवं अन्य पदाधिकारी का चयन होगा।
महासभा के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बजरंग वर्मा ने कहा कि चंद्रवंशी समाज झारखंड में अपना राजनीतिक भविष्य खुद तय करेगा हर राजनीतिक दलों ने चंद्रवंशी समाज की अपेक्षा करने की कोशिश की है इस बार समाज सभी दलों को अपनी ताकत से एहसास करायेगा।
चंद्रवंशी महासभा के झारखंड प्रदेश संयोजक नितेश चंद्रवंशी ने कहा कि चंद्रवंशी समाज में गुटबाजी को खत्म करना है इसके लिए एक नए बैनर का निर्माण किया जाएगा इस बैनर के साथ गुटबाजी छोड़कर सबों को साथ साथ लेकर समाज को मजबूत किया जायेगा।
महासभा के राष्ट्रीय महासचिव रवींद्र वर्मा एवं बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ उमेश कुमार ने कहा कि झारखंड में चंद्रवंशियों की संख्या लाखों में है 24 विधानसभा ऐसे हैं जहां चंद्रवंशियों की भूमिका चुनाव में आम रहती है इसके बाद भी हम लोग मजबूत नहीं हो पा रहे हैं हमें एकजुट कर अपनी ताकत का एहसास करना होगा और संगठन को मजबूत करना होगा बैठक में सर्व समिति से संजय चंद्रवंशी को अखिल भारतीय चंद्रवंशी क्षत्रिय महासभा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया।
ऑल इंडिया कांग्रेस ओबीसी मोर्चा के झारखंड प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बनने पर सुजीत नाग वाला का स्वागत किया गया
बैठक में बिहार पर प्रदेश अध्यक्ष संजय चंद्रवंशी पूर्णिमा चंद्रवंशी जगदीश वर्मा पप्पू चंद्रवंशी महेश चंद्रवंशी रॉबिन चंद्रवंशी अविनाश आर्या चंद्रवंशी सहित काफी संख्या में चरणों से समाज के लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी प्रदेश अध्यक्ष बजरंग वर्मा (7070 129132) ने दी।
*प्रेस विज्ञप्ति*
*श्री राधा- कृष्ण सेवा धाम मंदिर में हुआ 194वाँ अन्नपूर्णा महाप्रसाद का आयोजन*
*भजन- कीर्तन में खूब झूमे श्रद्धालु*
श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग मे श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम में 194 वाँ श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन किया गया है। महाप्रसाद में 151 किलोग्राम की केसरिया मेवा युक्त खीर का भोग भगवान श्री राज श्याम जी को विधिवत भोग पुजारी अरविंद पांडे द्वारा लगाया गया। तथा पूरे विधि विधान से पूजा- अर्चना एवं आरती की गई। आज का महाप्रसाद स्व.नरेंद्र जैन तथा स्व. कुसुम जैन की पुण्य स्मृति में उनके पुत्र ऋषभ जैन व पुत्रवधू जिमी जैन के सौजन्य से किया गया। मंदिर परिसर में उपस्थित 3 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद भोग का वितरण किया गया। तत्पश्चात भजन- कीर्तन का आयोजन किया गया। ट्रस्ट के भजन गायक मनीष सोनी ने अपने मनमोहक सुमधुर भजनों की अमृत गंगा का रसपान कराते हुए श्रोताओं को खूब झुमाया। तथा पूरा वातावरण को कृष्णमय एवं भक्तिमय बना दिया। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि संस्था द्वारा श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम श्री राधा कृष्ण मंदिर परिसर मे आज 194 वें अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन था।आज सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। तथा भगवान श्री राधा कृष्ण मंदिर मे लगभग 5 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस अवसर पर-ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष निर्मल जालान, राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सचिव मनोज चौधरी, पूरणमल सर्राफ,संजय सर्राफ, विशाल जालान ,सुरेश भगत, सुरेश अग्रवाल, विजय अग्रवाल, विष्णु सोनी, मनीष सोनी, नंदकिशोर चौधरी, पवन पोद्दार,शिव भगवान अग्रवाल, विधा देवी अग्रवाल, शोभा जालान, नम्रता जालान, अनुराधा सर्राफ, मनोज कुमार पंडित, चन्द्रदीप साहु,हरीश कुमार, परमेश्वर साहु,धीरज कुमार गुप्ता,अशोक ठाकुर सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष उपस्थित थे।
प्रेस विज्ञप्ति
आनन्दमार्ग प्रचारक संघ द्वारा मेदिनीनगर पलामू के आनंदमार्ग जागृति परिसर में आयोजित तीन दिवसीय सेमिनार का रविवार को समापन हो गया। सेमिनार के अंतिम दिन मुख्य प्रशिक्षक आचार्य नभातीतानंद अवधूत ने श्रेय और प्रेय विषय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। आचार्य ने अपने संबोधन में कहा, श्रेय और प्रेय, मानव जीवन के दो मुख्य पहलू हैं, जो हमारे विचार, कार्य और जीवन की दिशा को तय करते हैं।
श्रेय और प्रेय का अंतर के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि श्रेय आत्मिक उत्थान और अनंत सुख का मार्ग है, जो जीवन के वास्तविक उद्देश्य की पहचान कराता है।
प्रेय तात्कालिक सुख और भौतिक लाभ का मार्ग है, जो अस्थिरता और असंतोष को बढ़ावा देता है। श्रेय के महत्व: के बारे में बताया कि श्रेय को अपनाने से व्यक्ति न केवल आत्मिक शुद्धि प्राप्त करता है, बल्कि समाज और मानवता के कल्याण में भी योगदान देता है। यह मार्ग आत्म-नियंत्रण, तपस्या और त्याग की प्रेरणा देता है, जिससे शांति और संतोष मिलता है।
आचार्य जी ने बताया कि नैतिक नियमों (यम और नियम), ध्यान, प्राणायाम और समाधि का पालन श्रेय के मार्ग की नींव है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीवन को सार्थक बनाने के लिए श्रेय का मार्ग चुनना आवश्यक है। आध्यात्मिक साधनाओं के माध्यम से जीवन को उच्चतर उद्देश्य की ओर ले जाने का संदेश देकर आज के कक्षा का समापन किया गया। इस मौके पर सैकड़ों मार्गियों व आम जनता ने भाग लिया।
इस मौके पर रीजनल सचिव आचार्य रतमुक्तानंद अवधूत, सेवा धर्म मिशन सचिव आचार्य जगात्मानंद अवधूत, डायसिस महिला सचिव अवधूतिका विष्णुमाया आचार्य, भूक्ति प्रधान मधेश्वर, देवनाथ जी, लक्ष्मण सिंह, बैजनाथ जी, सरोज, देवेंद्र, संदीप, संजय, चंदन समेत कई लोग उपस्थित हुए।
टीम एबीएन, रांची। टैगोर हिल स्थित लिटिल फ्लावर स्कूल में सिस्टर क्रिस्टीना मेरी एसएमआई ने अपने धार्मिक जीवन के 60 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में हीरक जयंती (डायमंड जुबली) समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस शुभ अवसर पर पवित्र मिस्सा बलिदान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
समारोह का शुभारंभ एवं धार्मिक अनुष्ठान
कार्यक्रम की शुरुआत कॉन्वेंट के प्रवेश द्वार पर नवनिर्मित संस्था के संस्थापक फादर बिशप लोइस मोरो की प्रतिमा (बस्ट) के आशीष समारोह से हुई। इस दौरान बड़ियातू पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर हेमलेट कुजूर ने प्रार्थना की अगुवाई की। समारोह का संचालन सिस्टर मिठू मोंडल ने किया। मिस्सा के पूर्व सिस्टर बेनेदिक्ता ने सिस्टर क्रिस्टीना मेरी के जीवन परिचय पढ़ा।
मिस्सा बलिदान के मुख्य अनुष्ठाता गोरखपुर से आये फादर बेनी थे, जबकि प्रवचन फादर जस्टिन ओसीडी ने दिया। अपने प्रवचन में फादर जस्टिन ने कहा कि जीवन और बुलाहट ईश्वर की एक अनोखी देन है, जो केवल व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि उनके परिवार और समाज के लिए भी एक अनमोल उपहार होती है।
सिस्टर क्रिस्टीना मेरी ने एक नर्स के रूप में अपनी सेवा द्वारा अनगिनत लोगों का जीवन छुआ है। उनकी प्रेममयी सेवा को भुलाया नहीं जा सकता, और वे कई लोगों के लिए प्रेरणा स्रोत बन चुकी हैं। मिस्सा के दौरान मध्यस्थता की प्रार्थनाएँ सिस्टर विनोदी द्वारा प्रस्तुत की गईं। इस अवसर पर गायन दल का नेतृत्व जुनुल, स्कूल स्टाफ और पल्लीवासियों ने किया, जिसका प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा।
सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान समारोह
मिस्सा बलिदान के पश्चात सिस्टर क्रिस्टीना के सम्मान में एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। समारोह के अंत में समुदाय की सुपीरियर सिस्टर एंगली ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस भव्य समारोह में धर्मसंघ की प्रोविंशियल सुपीरियर सिस्टर स्टैंसी एसएमआई, जेनरल काउंसलर सिस्टर झांसी फ्रैंसी एसएमआई, प्रोविंशियल काउंसलर सिस्टर लीना फर्नांडीस एसएमआई, सिस्टर्स ऑफ मेरी इमाक्युलेट धर्मसंघ की अन्य धर्मबहनें, पुरोहितगण, स्कूल स्टाफ, छात्र-छात्राएं एवं अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सिस्टर क्रिस्टीना मैरी का जीवन परिचय
सिस्टर क्रिस्टीना मेरी का जन्म केरल में हुआ था। वे दस भाई-बहनों में दूसरे स्थान पर हैं। उन्होंने 1961 में सिस्टर्स ऑफ मेरी इमाक्युलेट धर्मसंघ में प्रवेश लिया।
1965 में उन्होंने अपनी प्रथम व्रत प्रतिज्ञा ली और 1972 में अंतिम व्रत प्रतिज्ञा प्राप्त की। 2015 में उन्होंने अपने स्वर्ण जयंती समारोह को धूमधाम से मनाया था, और अब उन्होंने अपने धार्मिक जीवन के 60 गौरवशाली वर्ष पूर्ण होने की हीरक जयंती उत्साहपूर्वक मनाई। सिस्टर क्रिस्टीना एक कुशल नर्स हैं। उन्हें 1971 में सेंट मार्था नर्सिंग कॉलेज, बेंगलुरु से नर्सिंग में उत्कृष्ट छात्र का पुरस्कार मिला था। उनका जीवन मंत्र है— ईश्वर से प्रेम करो और उनके लोगों से प्रेम करो।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने ट्वीट कर अंगारपथरा में बड़े पैमाने पर हो रही कोयला का अवैध कारोबार पर रोक लगाने तथा कोयला तस्कर पर कार्रवाई की मांग की।
उन्होंने लिखा है कि अंगारपथरा गजलिटांड़ व काटापहाड़ी में धड़ल्ले से जारी है। कोयला का अवैध कारोबार सीआईएफ की मिलीभगत से खुलेआम हो रहा है। कोयला का अवैध तस्करी और मैंने पहले भी ट्वीट कर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन फिर भी नहीं थम रही है कोयला की अवैध तस्करी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। जिला ग्रामीण विकास शाखा की ओर से आज समाहरणालय स्थित डीआरडीए सभागार में कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। जिला ग्रामीण विकास शाखा के निदेशक रतन कुमार की अध्यक्षता में मनरेगा अंतर्गत बिरसा हरित ग्राम योजना पर आयोजित कार्यशाला में मनरेगा के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, प्रखंड के सहायक अभियंता, मनरेगा एवं जेएसएलपीएस के प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक ने भाग लिया।
क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केन्द्र के वैज्ञानिक प्रमोद कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी दीपक कुमार, कृषि विज्ञान केन्द्र के दिलीप कुमार पाण्डेय, जेएसएलपीएस की डीपीएम आदि ने प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षकों ने बिरसा हरित ग्राम योजना के लिए लाभुक एवं योजना स्थल का चयन करने की जानकारी दी। बताया गया कि जिस टांड़ जमीन पर लाभुक कुलथी, उरद आदि लगाते हैं, वैसे स्थल को योजना के लिए चयन किया जा सकता है। इसके लिए 100 मीटर की दूरी पर कूप, तालाब आदि सिंचाई की सुविधा होना आवश्यक है।
लाभुक वर्ग में SC, ST, PTG, FRA, Marginal Semi marginal, आवास के लाभुक आदि हो सकते हैं। कम से कम 25 डिसमिल तथा अधिकतम 1.0 एकड़ का क्षेत्रफल रखा जा सकता है। योजना के लिए लाभुक एवं स्थल के चयन उपरांत आम्रपाली एवं मल्लिका प्रजाति के आम, अमरूद में इलाहाबाद सफेदा एवं लखनऊ 49 साथ ही नई प्रभेद ताइवान पिंक प्रजाति के पौधे लगाए जाएंगे। वहीं कागजी नींबू तथा संतरा एवं मौसमी के पौधे भी लगाए जाएंगे।
प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षणार्थियों को क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र, चियांकी का भ्रमण कराया गया। इस दौरान सभी प्रशिक्षणार्थियों को वैज्ञानिक द्वारा आम, अमरूद एवं नींबू तथा संतरा के पौधा में canopy management एवं गुटी बनाने की विधि बताई गई। साथ ही प्रशिक्षणार्थियों को अमरूद के ताइवान पिंक प्रभेद का रिसर्च प्लॉट भी दिखाया गया।
प्रशिक्षणार्थी को ताइवान पिंक प्रभेद खिलाकर taste कराया गया। प्रशिक्षणार्थी द्वारा उत्सुकता से ताइवान पिंक प्रभेद लगने के लिए स्थल चिन्हित करने की इच्छा जाहिर की गई। प्रशिक्षणार्थी के रूप में Fellow, PRADAN के लंकेश कुमार, विकास सहयोग केंद्र के जवाहर मेहता आदि थे।
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