एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। चाकुलिया के जोड़सा गांव में बकरी चोरी के आरोप में दो युवकों को ग्रामीणों ने पकड़ कर जम कर धुनाई कर दी। धुनाई के दौरान ही एक आरोपी किशुक बेहरा नामक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि दूसरा भोलानाथ महतो ने भी एमजीएम अस्पताल में ईलाज के दौरान दम तोड़ दिया है।
बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में बहुत दिनों से बकरी चोरी की घटनाओं से लोग परेशान थे। बकरी चोरी करने वाला बड़ा गिरोह है जो कार से घुमते हुए बकरी उड़ा लेते थे। किशुक और भोलानाथ का संबंध इसी गिरोह से बताया जा रहा है यद्यपि पूरे मामले की पुलिस जांच कर रही है।
बताया जा रहा है कि बकरी चोरी करने के बाद किशुक और भोलानाथ जैसे ही भागने को हुए कि बकरी मालिक ने शोर मचा दिया और ग्रामीण जुट गए। इसके बाद दोनों आरोपियों को ग्रामीणों ने घेर लिया था और उसकी खूब पिटाई की थी।
पिटाई के दौरान ही किशुक की मौत सुबह हो गई थी जबकि भोलानाथ ने भी एमजीएम अस्पताल में दोपहर बाद दम तोड़ दिया। बकरी चोरी की घटना को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी पड़ोसी गांव जीरापाड़ा के ही रहने वाले थे।
दूसरी ओर जमशेदपुर के ग्रामीण एसपी ऋषभ गर्ग ने बताया कि घटना के बाद घर के मुख्य आरोपी को पकड़ लिया गया है। इसके अलावा भी अन्य जो लोग घटना में शामिल हैं उनकी भी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने दावा किया है कि हर हाल में आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग में पिछले छौ महीना 22 अगस्त 2024 से अध्यक्ष पद रिक्त है। राज्य के छात्रों में भारी नाराजगी है। राज्य में आये दिन आयोग के खिलाफ आंदोलन की जा रही है। छात्र संगठनों के द्वारा आज आॅनलाइन डिजिटल ट्विटर कैंपियन चलाया गया जो की सुबह से ही टॉप ट्रेंडिंग में रहा।
#JPSC_CHAIRMAN_APOINT_KARO एक्स ट्यूटर एप्लीकेशन में छाये रहे। छात्र,अभिभावक एवं कोचिंग संचालकों ने भी अपना योगदान सुनिश्चित किया। आयोग में पिछले 6 महीने से अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने के खिलाफ आवाज को विश्व के पटल पर रखने का काम किया।
बताते चलें कि अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं होने से सिविल सर्विस रिजल्ट, सीडीपीओ रिजल्ट, फूड सेफ्टी आॅफिसर, सिविल जूनियर जज आदि की नियुक्ति प्रक्रिया बाधित चल रही है तथा नई विज्ञापन भी जारी नहीं हो रही है जिससे झारखंड के युवा भविष्य का योजना नहीं बना पा रहे हैं।
आंदोलन के अगुवा छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि राज्य सरकार के खिलाफ यह आंदोलन सांकेतिक रहा। अध्यक्ष पद की यथाशीघ्र नियुक्ति नहीं होने पर हम लोग सड़क पर उतरकर भौतिक रूप से आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
सरकार तत्काल जेपीएससी अध्यक्ष पद नियुक्त करे वर्ना जेपीएससी भवन में मुर्गी पालन, आलू प्याज का गोदाम बनाने का कार्य कर बेरोजगार छात्र रोजगार सृजन करेंगे। आज के इस ट्विटर कैंपेन में विभिन्न राजनीतिक दल एवं सामाजिक संगठनों के अलावा जेएलकेएम अध्यक्ष डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने अपनी सहमति दिखायी।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 22 फरवरी 2024 को श्रीकृष्ण लोक प्रशासन सेवा संस्थान (एसकेआईपीकेए) सभागार में जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक आयोजित की गयी। संजय सेठ माननीय सांसद, रांची लोकसभा क्षेत्र- सह-रक्षा राज्यमंत्री, भारत सरकार-सह-अध्यक्ष जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सांसद, लोहरदगा सुखदेव भगत, सांसद खूंटी कालीचरण मुण्डा, विधायक हटिया नवीन जायसवाल, जिला परिषद अध्यक्ष निर्मला भगत, जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त, रांची मंजूनाथ भजन्त्री, डीआईजी-सह-वरीय पुलिस अधीक्षक चंदन सिन्हा, उपविकास आयुक्त दिनेश कुमार यादव एवं जिलास्तरीय पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जिले में क्रियान्वयन पर समिति द्वारा चर्चा की गयी। पीपीटी के माध्यम से उपविकास आयुक्त श्री दिनेश कुमार यादव द्वारा समिति को जिले में विभिन्न योजनाओं जैसे- मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी एवं ग्रामीण, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना, अमृत सरोवर, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम, समाज कल्याण, नेशनल हेल्थ मिशन, स्वच्छ भारत मिशन/जल जीवन मिशन, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना, एवं अन्य योजनाओं की जिला में कार्य प्रगति की जानकारी दी गयी।
समिति द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत जिले में किये जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए ससमय गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण का निर्देश पदाधिकारियों को दिया गया। रातू में योजना के तहत सड़क निर्माण में विलंब की समीक्षा कर यथाशीघ्र कार्य पूर्ण कराने का निर्देश अध्यक्ष द्वारा दिया गया।
नेशनल सोशल असिस्टेंस प्रोग्राम अंतर्गत पेंशन योजना की समीक्षा दौरान समिति को संबंधित पदाधिकारी द्वारा बताया गया इंदिया गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना अंतर्गत पेंशनधारियों को दिसंबर तक पेंशन दिया जा चुका है। अन्य योजनाओं में आवंटन अनुसार राशि खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजी जा रही है। माननीय अध्यक्ष द्वारा सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा से सरकार आपके द्वार में प्राप्त आवेदनों की जानकारी ली गयी।
एडीएसएस द्वारा बताया गया कि नियमानुसार आवेदन स्वीकृत किये गये हैं। माननीय सांसद श्री सुखदेव भगत द्वारा वैसे पेंशनधारी जिनके खाते में लगातार राशि जा रही है परन्तु निकासी नहीं हो रही है, इस पर भी ध्यान केन्द्रित कराया गया, जिस पर संबंधित पदाधिकारी द्वारा आवश्यक कार्यवाही की बात कही गयी।
बैठक के दौरान समिति को एमपीएलएडीएस अंतर्गत सभी माननीय सांसदों द्वारा अनुमोदित योजना को स्वीकृत कर दिये जाने की जानकारी दी गयी। समिति द्वारा समाज कल्याण, फसल बीमा योजना, मनरेगा और राष्ट्रीय गोकुल मिशन अंतर्गत जिले में किये जा रहे कार्यों पर संतुष्टि व्यक्त की गयी।
बैठक में जनप्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े अलग-अलग मुद्दे उठाए गये, जिस पर समिति द्वारा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया गया। बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत कुछ स्थानों पर अधूरे कार्य का मामला उठाया गया। जिस पर चर्चा करते हुए समिति द्वारा नियत समय पर कार्य पूर्ण कराने का निर्देश दिया गया।
बैठक में समिति द्वारा रांची सदर अस्पताल की प्रशंसा की गयी। श्री संजय सेठ ने कहा कि सदर अस्पताल बढ़िया कार्य कर रहा है। अस्पताल में एमआरआई और सीटी स्कैन की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली गयी जिस पर सिविल सर्जन ने कहा कि जल्द ही व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। माननीय अध्यक्ष द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से फैटी लीवर के मरीजों के इलाज की व्यवस्था को लेकर विचार-विमर्श भी किया गया। सांसद कालीचरण मुंडा द्वारा बुण्डू अनुमण्डल अस्पताल में बेहतर व्यवस्था हेतु सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया।
बैठक में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने बताया कि जन शिकायत हेतु रांची जिला प्रशासन द्वारा व्हाट्सएप नंबर जारी किया गया है। जिला वासी अबुआ साथी 9430328080 पर मैसेज कर अपनी शिकयत दर्ज करा सकते हैं। समिति द्वारा जिला प्रशासन की इस पहल की प्रशंसा की गयी। संजय सेठ द्वारा जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री को अबुआ साथी को और प्रभावशाली बनाने का निर्देश दिया गया।
टीम एबीएन, रांची। नये विधान सभा भवन में षष्ठम झारखंड विधानसभा का द्वितीय (बजट) सत्र सभा-वेश्म, रांची में दिनांक 24.02.2025 से 27.03.2025 तक आहूत है। उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची एवं वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के संयुक्तादेश में निहित निर्देश के आलोक में विधान सभा परिसर के 750 मीटर के दायरे में (उच्च न्यायालय परिसर को छोड़कर) किसी तरह के जुलूस, रैली, प्रदर्शन, घेराव आदि आयोजित नहीं किये जा सकेंगे।
इसके मद्देनजर सुरक्षा के दृष्टिकोण से विधान सभा सत्रावधि के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, रांची द्वारा बीएनएसएस की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए झारखण्ड विधान सभा (नया विधान सभा) परिसर के 750 मीटर के दायरे (उच्च न्यायालय परिसर को छोड़कर) में निषेधाज्ञा जारी की गयी है, जो निम्न प्रकार है :-
टीम एबीएन, रांची। सिरमटोली स्थित केंद्रीय सरना स्थल के मुख्य द्वार के सामने फ्लाईओवर निर्माण कार्य चल रहा है। फ्लाईओवर निर्माण से सरना स्थल का मुख्य प्रवेश द्वार लगभग ढंक जा रहा है। सरना स्थल आदिवासी समुदाय की आस्था पूजा स्थल है। फ्लाईओवर निर्माण के नाम पर सरना स्थल को खत्म करने की साजिश रची जा रही है।
इसके विरोध में राज्य भर के विभिन्न आदिवासी संगठनों के द्वारा निर्माण कार्य के शुरुआती समय से ही सरकार, प्रशासन और निर्माण कार्य कर रही एलएनटी कंपनी से मुख्य प्रवेश द्वार के ऊपर से ब्रिज को जयपाल सिंह मुंडा चौक तक या सरना स्थल के चहारदिवारी की शुरुआत तक में ही ब्रिज को डाउन कर दिया जाये का गुहार लगते आ रहे हैं। किंतु फ्लाईओवर निर्माण कार कर रही कंपनी को आदिवासियों के धर्म और आस्था से किसी प्रकार का कोई लेना देना नहीं है।
फ्लाईओवर निर्माण कार्य के मानसिकता के विरोध में पिछले कईएक महीनों से समाज के धार्मिक सामाजिक अगुवा लोगों के द्वारा सरना स्थल में बैठक की जा रही है। शनिवार को इसी कड़ी में राज्य भर के विभिन्न आदिवासी संगठनों ने सरना स्थल बचाने को लेकर महाआक्रोश बैठक का आयोजन किया।
बैठक में सोनू खलखो, बिरसा उरांव, पवन तिर्की, गीताश्री उरांव, निरंजना हेरेज टोपो, संगीता कछाप, आकाश तिर्की, आकश बैक, संदीप उरांव, रवि मुंडा, सुशीला कछाप, अजय तिर्की, नारायण उरांव, प्रवीण टोप्पो, संजय तिर्की, प्रवीण कच्छप, पवन, चंपा कुजूर, झरी लिंडा, सुशिल उरांव, संगीता उरांव, सुशीला उरांव, आकाश तिर्की, रवि मुंडा, कुमदनी प्रभावती, विजय उरांव, रवि खलखो इत्यादि हजारों लोग मौजूद थे।
इस दौरान सरना प्रार्थना सभा रांची महानगर के सचिव सोनू खलखो ने कहा सरना स्थल हम आदिवासियों का आस्था का स्थल है। यहां पर प्रत्येक वर्ष सरहुल पर्व के समय राज्य भर से लाखों लोग पूजा करने पहुंचते हैं। फ्लाईओवर निर्माण कार्य कर रही कंपनी की मानसिकता से पता चलता है कि हमारी पूजा पद्ध्ति, आस्था को यह खत्म करने की साजिश कर रहा है जो हम आदिवासी समाज के लोग होने नहीं देंगे।
मौके पर मौजूद पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा किसी भी सूरत में अब सरना स्थल के सामने फ्लाईओवर निर्माण का कार्य नहीं होने देंगे। आज हमलोगों ने फ्लाईओवर के ऊपर झंडागड़ी करने का काम किया है। और एक सप्ताह के अन्दर अगर सरकार इस पर कोई ठोस निर्णय नहीं लेती है तो समाज खुद निर्णय लेने पर बाध्य होगा।
सरना स्थल के सामने फ्लाईओवर निर्माण कार्य से नाराज आदिवासी समाज के लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला जलाकर विरोध जताया। कहा कि दुर्भाग्य है कि अबुआ सरकार आदिवासियों की अस्मिता को षडयंत्र के तहत समाप्त किया जा रहा है और मुख्यमंत्री हाथ पर हाथ रखे तमाशा देख रहे हैं।
महाआक्रोश बैठक में राज्य भर से पहुंचे हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोगों ने ब्रिज के ऊपर आदिवासी रुढ़िवादी परंपरा के तहत झंडागड़ी की। निर्माण कार्य कर रही कंपनी को सीधे तौर पर यह चेतावनी दी कि अगर बिना निर्णय आये एक इंच भी कार्य किया तो परिणाम भुगतना पड़ेगा।
24 फरवरी से बजट सत्र का शुरुआत होगी। इसी कड़ी में 25 फरवरी को हजारों की जनसंख्या में राज्य भर के विभिन्न आदिवासी संगठनों के महिला-पुरुष के द्वारा मुख्यमंत्री आवास कांके रोड से बिरसा चौक तक मानव श्रृंखला बनाकर मुख्यमंत्री से सरना स्थल बचाने का अनुरोध किया जायेगा। इसी दिन एक प्रतिनिधिमंडल रांची उपायुक्त से मुलाकत भी करेगी। महाआक्रोश बैठक की अध्यक्षता पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव ने की और संचालन राहुल तिर्की ने किया।
टीम एबीएन, रांची। फेडरेशन आफ झारखंड चैंबर के तत्वावधान में शनिवार को चैंबर भवन में संवाद 2.0 कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने राज्य सरकार की ओर से व्यवसाय और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है।
उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न पहलुओं पर ध्यान दे रही है, जैसे उद्योगों के लिए उपयुक्त नीति बनाना, निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष योजनाएं लागू करना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और कारोबारी माहौल को सरल बनाना। इससे नये उद्योगों की स्थापना और मौजूदा उद्योगों के विकास के अवसर बढ़ेंगे, जिससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। श्री पांडेय ने कई ज्चलंत विषयों पर बेबाकी से जबाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार और चैंबर के बीच संवाद हमेशा बना रहना चाहिए।
राज्य सरकार और व्यवसायियों को मिलकर झारखंड का विकास करना है। राज्य के विकास की गति को तेज करते हुए इसे अव्वल बनाना है। एक दूसरे के सहयोग करेंगे, तभी राज्य विकसित होगा। जहां भी जरूरत महसूस होगी, राज्य सरकार आपसे सहयोग लेगी। अगर चैंबर को लगता है कि राज्य सरकार को झारखंड के हित में कोई सुझाव देना है, तो आगे आये। मिलकर आगे बढ़ेंगे, तो कई समस्याओं का समाधान आसानी से हो जायेगा।
श्री पांडेय ने झारखंड में वर्षों पूर्व निर्मित भवनों को रेगुलराइज करने को लेकर पुछे गये सवाल पर कहा कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है। जल्द ही बिल्डिंग रेगुलाइजेशन बिल को लाया जायेगा। इसमें जो त्रृटियां है, उसे भी दूर कर लिया गया है। अधिकारियों ने इस पर काफी मंथन किया है। इस संबंध में जो भी शिकायतें आयी है, उस समस्याओं को लगभग दूर कर लिया गया है।
लोगों की चिंता को देखते हुए आवश्यक है कि राज्य में जल्द से जल्द बिल्डिंग रेगुलराइजेशन बिल लाया जाये। क्योंकि, वर्षों पूर्व निर्मित भवनों को तोड़ देना समस्या का स्थाई समाधान नहीं है। जो लोग इस बिल के दायरे में आयेंगे, उनको जरूर लाभ मिलेगा। सरकार को राजस्व की भी प्राप्ति होगी। श्री पांडेय ने कृषि उत्पाद पर बाजार शुल्क लगाने की कवायद शुरू किये जाने पर कहा कि राज्य सरकार बिना किसी सलाह के किसी भी कानून को प्रभावी नहीं होने देगी। नियमवाली बन रही है, लेकिन इसमें सभी लोगों की सहमति के बाद ही लागू किया जायेगा।
नियमवाली ऐसी बनेगी, जो राज्य सरकार, कृषकों और व्यवसायियों को लाभ पहुंचाये। सरकार सभी बाजार समितियों में सुविधा प्रदान करेगी। श्री पांडेय ने मास्टर प्लान 2035 विषय पर कहा कि मास्टर प्लान विभागीय मंत्री स्वयं इच्छुक है। बॉयलॉज को बेहतर बनाने का काम किया जा रहा है। इसमें समय लगा रहा है। लेकिन जल्द ही परिणाम सुखद आयेगा। श्री पांडेय ने कहा कि इंस्ट्रियल पार्क और कोल्ड स्टोरेज बनाने की प्रक्रिया चल रही है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी ब्लॉक में कोल्ड स्टोरेज बनाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री झारखंड में निवेश लाने को भी इच्छुक है। इसके प्रयास किये जा रहे हैं। श्री पांडेय ने कई समस्याओं को सुना और इसे दूर करने का आश्वासन दिया।
कार्यक्रम में चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी ने उद्योग और व्यवसाय से जुड़े विभागों में चैंबर की भागीदारी एवं प्रतिनिधित्व देने की बात कही। उन्होंने कहा कि चैंबर राज्य सरकार के साथ मिलकर चलने को तैयार है। कार्यक्रम संयोजक शैलेश अग्रवाल ने राज्य में व्यापारी आयोग का गठन करने का आग्रह किया। कार्यक्रम संयोजक अमित शर्मा ने कहा कि भवनों को रेगुलराइज की प्रक्रिया जब शुरू हो तो इसकी प्रक्रिया सरल और सहज हो। इसका लाभ झारखंड के अंतिम पायदान पर बैठे लोगों को भी मिले। कोई परेशान नहीं हो। धन्यवाद ज्ञापन महासचिव आदित्य मल्होत्रा ने दिया।
इस अवसर पर चैंबर अध्यक्ष परेश गट्टानी, महासचिव आदित्य मल्होत्रा, कोषाध्यक्ष रोहित अग्रवाल, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमित साहू, पूर्व अध्यक्ष किशोर मंत्री, कार्यकारिणी सदस्य संजय अखौरी, मुकेश अग्रवाल, रोहित पोद्दार, अमित शर्मा, शैलेश अग्रवाल, अमित अग्रवाल, आनंद कोठारी, शशांक भारद्वाज, मनोज मिश्रा, विनोद तुलस्यान, संजय महुरी, मदन प्रसाद, आनंद जालान, किशन अग्रवाल, अंकिता वर्मा, सुरेश अग्रवाल, नंद किशोर पाटोदिया, मुकेश कुमार पांडेय, खूंटी चैंबर के प्रियांग भगत, शिव बिड़ला, सुरेंद्र सिंह, रमेश साहू समेत अन्य सदस्यगण मौजूद थे। उक्त जानकारी प्रवक्ता सुनिल सरावगी ने दी। उक्त जानकारी महासचिव आदित्य मल्होत्रा और प्रवक्ता सुनील सरावगी ने दी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में मनरेगा मजदूरी का भुगतान समय पर नहीं हो पा रहा है। ग्रामीण इलाकों में मनरेगा के तहत मजदूरी करने वाले ग्रामीण राशि मिलने का इंतजार कर रहे है। कुछ मामले तो ऐसे भी है जिन्हें पिछले तीन साल से मनरेगा मजदूरी का भुगतान नहीं हुआ।
विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने भी केंद्र सरकार से समय पर राशि का भुगतान नहीं होने से मजदूरी भुगतान में विलंब की बात स्वीकार की है। मंत्री के अनुसार मनरेगा के तहत राज्य का केंद्र सरकार के पास 550 करोड़ से ज्यादा बकाया है।
झारखंड जैसे राज्य में ग्रामीण जनता के लिए रोजगार का साधन मनरेगा से मिलने वाली मजदूरी है। केंद्र और राज्य सरकार ने संचालित योजनाओं में गांव के लोग मनरेगा के लोगों को 272 रुपए मजदूरी का भुगतान होता है। इस राशि में राज्य की तरफ से दी जाने वाली 27 रुपए की राशि भी शामिल है।
विडंबना ये है कि झारखंड में दिसम्बर माह से मनरेगा मजदूरी का भुगतान नहीं हो पा रहा है। कुछ एक मामले तो ऐसे है जहां पिछले तीन साल से लाभुक मनरेगा मजदूरी के भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। रांची की रसती कच्छप को तीन साल से मनरेगा मजदूरी के तहत मिलने वाली 15 हजार की राशि आज तक नहीं मिली। अब तक उसे सिर्फ आश्वासन की घुट्टी ही पिलाई जा रही है।
मनरेगा के मजदूरी भुगतान की बात करें या मैटीरियल की राशि भुगतान की। ग्रामीण विकास विभाग केंद्र सरकार से समय पर राशि का भुगतान नहीं होने से परेशान है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के साथ इसको लेकर पत्राचार भी किए गए है। विभागीय मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने मनरेगा मजदूरी का भुगतान नहीं होने की बात स्वीकार की है।
मंत्री का आरोप है कि राज्य सरकार का केंद्र के पास मनरेगा के मद में 550 करोड़ से अधिक का बकाया है। फेडरल सिस्टम में राशि की मांग का जो लोकतांत्रिक तरीका है उसे राज्य सरकार अपना रही है। बकाया राशि नहीं मिलने पर दूसरा रास्ता अपनाया जाएगा। मनरेगा मजदूरी का भुगतान नहीं होने से विकास योजनाओं पर भी बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
पीएम आवास योजना से लेकर अबुआ आवास योजना, तालाब निर्माण, कुआं का निर्माण सहित दूसरी योजनाओं के तहत ग्रामीण काम करने से कतरा रहे है। अब देखना होगा की केंद्र सरकार मनरेगा के बकाया राशि का भुगतान कब तक करती है और मनरेगा मजदूरों के खाते में पैसा कब क्रेडिट होता है।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 22/2/2025 को अखिल झारखंड छात्र संघ आजसू के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा के नेतृत्व में राज्य के मुखिया माननीय मुख्यमंत्री जी का पुतला दहन रांची के फिरायालाल चौक में किया गया।
प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कहा कि झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) द्वारा आयोजित मैट्रिक की परीक्षा की साइंस और हिंदी की प्रश्न पत्र लीक होना अति दुर्भाग्यपूर्ण बताया है उन्होंने कहा कि छात्रों को भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रही है राज्य में कोई भी परीक्षाएं आयोजित होती है तो प्रश्न पत्र लीक हो जाता है।
दसवीं की विज्ञान और हिंदी की परीक्षा प्रश्न पत्र लीक होना यह राज्य सरकार और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की विफलता का परिचय है जो विद्यार्थी इतनी मेहनत से परीक्षा की तैयारी करते हैं और जब परीक्षा चलती है तो प्रश्न पत्र टेलीग्राम और अन्य सोशल वेबसाईट के माध्यम से लिक कर दिया जाता है और छात्रों के भविष्य 350 रुपया में बेच दिया जाता है।
ये छात्र छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं है तो क्या है? आप देखेंगे की JAC की अध्यक्ष उपाध्यक्ष की नियुक्ति में काफी देरी की गई जिसके कारण आठवीं और नवी की परीक्षा को रद्द किया गया और जब 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों में भी परीक्षा को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
तब राज्य सरकार जाकर आनन - फानन में जैक अध्यक्ष की नियुक्ति की और अब यह देखने को मिल रहा है कि मैट्रिक और इंटर की परीक्षा की प्रश्न पत्र लीक हो गई ऐसा प्रतीत हो रहा है कि राज्य सरकार और झारखंड एकेडमिक काउंसिल यहां के छात्र-छात्राओं के लेकर गंभीर नहीं है उनके भविष्य के साथ मनमाने तरीके से खिलवाड़ कर रही है।
आजसू इसको कतई बर्दाश्त नहीं करेगी झारखंड एकेडमिक काउंसिल और राज्य सरकार से आजसू मांग करती है कि अभिलंब इस परीक्षा प्रश्न पत्र लीक मामले को एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी सीबीआई (उइक) से इस पूरे प्रकरण को जांच कराया जाए और दोषी को पकड़ कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस तरह की प्रवृत्ति दुबारा न हो पाये।
इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, चेतन प्रकाश, अजित कुमार, ज्योत्सना केरकेट्टा, जमाल गद्दी, राजेश सिंह, पवन सिंह, सक्षम झा, तौफीक एरिक, यस साहू सचित रंजन, अभीत कुमार, आर्यन केसरी, हर्ष लोहरा, पीयूष सिंह, दीपक कुमार, अंजू तिर्की, कृष लिंडा, आयुष लिंडा, सावन कुमार, दयान हबीब, ताबिश अली इत्यादि लोग उपस्थित थे। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।
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