टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 14/04/2025 को डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर झारखंड प्रदेश जेडीयू के प्रदेश कार्यालय में बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर पार्टी के नेताओं ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किये।
मौके पर झारखंड प्रदेश जेडीयू के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी, प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ आफताब जमील, प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी श्रवण कुमार, संजय कुमार सिंह, उपेन्द्र नारायण सिंह, शिवानी लता, महेश्वर चौधरी, अजय सोनी, आलोक सेन गुप्ता, सोनू मुखर्जी सहित पार्टी के कई नेताओं ने डॉ भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किये।
भारत रत्न डॉ भीमराव अंबेडकर की जयंती पर झारखंड प्रदेश जेडीयू के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र तिवारी ने कहा कि अंबेडकर ने आजाद भारत को एक संतुलित संविधान देने का काम किये। बाबा साहेब समाज के हर वर्ग एवं सभी समाज को ध्यान में रखते हुए संविधान का निर्माण किये। बाबा साहेब के नाम से मशहूर अंबेडकर एक महान चिंतक, समाज सुधाकर एवं बहुभाषी वक्ता थे।
मौके पर झारखंड प्रदेश जेडीयू के प्रदेश महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी श्रवण कुमार ने कहा कि बाबा साहेब को संविधान निर्माता एवं संविधान का शिल्पकार कहा जाता है। भारत रत्न बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर दलितों के महान नेता थे। बाबा साहेब जीवन भर भारतीय समाज में व्याप्त जाति व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष किए एवं समाज में समानता लाने का काफी प्रयास किये।
बाबा साहेब की जयंती पर झारखंड प्रदेश जेडीयू के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ आफताब जमील ने कहा कि डॉ भीमराव अंबेडकर जीवन भर समानता के लिए संघर्ष करते रहे। डॉ भीमराव अंबेडकर को विश्व भर में उनके मानवाधिकार आंदोलन, संविधान निर्माता और उनकी प्रकांड विद्वता के लिए जाने जाते हैं। उक्त जानकारी जदयू, झारखंड प्रदेश के महासचिव सह मुख्यालय प्रभारी श्रवण कुमार ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 14/4/25 को प्रदेश राजद की ओर से राजद कार्यालय में संविधान निर्माता बाबा साहब अंबेडकर की 135वीं जयंती मनायी गयी और उनकी तस्वीर पर पुष्प माला अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गयी।
मौके पर प्रदेश महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने कहा कि बाबा साहब एक तेज व्यक्तिव के धनी व युग पुरुष थे। उन्होंने जन्म से स्कूली शिक्षा से लेकर नौकरी करने तक छुआछूत एवं घृणा का शिकार हुए। वे अंतराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त अर्थशास्त्री का डिग्री लेने वाले प्रथम व्यक्ति थे। हिंदू धर्म व समाज के शोषण घृणा उत्पीड़न से प्रताड़ित होने के कारण उन्होंने बौद्ध धर्म अपनाया।
दलितों के उत्थान गैरबराबरी समतामूलक समाज बनाने समाजवादी विचारधारा के उत्प्रेरक बने और ब्राह्मणवाद वर्ण व्यवस्था के खिलाफ तालाब से पीने के पानी को सार्वजनिक अधिकार के लिए सत्याग्रह कर आंदोलन किया। उन्हें उच्चस्तरीय ज्ञान प्राप्त के कारण स्वतंत्र भारत के नीति निर्माण एवं लोकतांत्रिक ढांचा को मजबूत में संविधान सभा के अध्यक्ष बने और देश का संविधान निर्माता बने।
वे देश के प्रथम कानून मंत्री बने और हिंदू कोड बिल लाकर लैगिंग समानता एवं महिलाओं के उत्थान व गैरबराबरी की आवाज उठाकर उनके अधिकार के लिए कई सुझाव दिए जिसे उस दौरान उन्हें काफी विरोध का सामना करना पड़ा और अंतत: 1951 में तत्कालीन प्रधानमंत्री नेहरू मंत्रिमंडल कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया।
राजद ने संकल्प लिया है कि जब तक देश में भेदभाव छुआछूत समाप्त नहीं हो जाय तबतक उनके आदर्शों और विचारों को लेकर गांव गांव तक प्रचार प्रसार किया जायेगा।
कार्यक्रम में महासचिव आबिद अली, महिला अध्यक्ष रश्मि प्रकाश, उपाध्यक्ष अनीता यादव, महासचिव इरफान अंसारी, प्रणय कुमार बबलू, युवा अध्यक्ष रंजन यादव, जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र महतो, महासचिव योगेंद्र यादव, कमलेश यादव, श्रमिक सेल अध्यक्ष सुधीर गोप, महासचिव भास्कर वर्मा, सचिव रामकुमार यादव, मनोज अग्रवाल, शब्बर फातमी, क्षितीज मिश्रा, रामभजन यादव, सुरेश राय, लालबाबू रजक, निरंजन महतो, हरेंद्र यादव, महानंद यादव, शालिग्राम पांडेय, कमलेश यादव सहित अनेक लोग मौजूद थे। उक्त जानकारी झारखंड राजद के महासचिव सह मीडिया प्रभारी कैलाश यादव ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज संविधान निर्माता भारत रत्न बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती झारखंड सहित संपूर्ण देश में मनाया गया। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा द्वारा डोरंडा राजेंद्र चौक में आज 135वीं जयंती भावपूर्वक मनायी गयी। संगठन के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने बाबा साहब को माल्यार्पण करते हुए सभा में उनके संदेशों को याद किया। संगठन की कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे।
माल्यार्पण के उपरांत देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि बाबासाहेब के दिये गये संवैधानिक अधिकार के तहत ही आज हम अपने न्याय के आवाज बुलंद कर पा रहे हैं। अपने मांगों को लेकर सरकारी व्यवस्था के खिलाफ प्रत्यक्ष आंदोलन कर पा रहे हैं। शिक्षा, समानता और न्याय के बल पर सामाजिक क्रांतिकारी हो रही है।
श्रद्धांजलि सभा में हटिया विधानसभा पूर्व प्रत्याशी अयूब अली, चंदन कुमार रजक, रविंद्र महतो, परशुराम मानकी, महेश महतो, विकी आदि सैकड़ो लोग मौजूद रहे।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजधानी रांची स्थित तपोवन मंदिर जिसे राज्य के प्रमुख धार्मिक स्थलों में गिना जाता है। उसके जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की उपस्थिति में संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विधिपूर्वक पूजा-अर्चना कर मंदिर की आधारशिला रखी। मुख्य पुजारी महंत ओम प्रकाश शरण ने जानकारी दी कि तपोवन मंदिर का निर्माण अयोध्या के राम मंदिर की तर्ज पर किया जा रहा है।
यह मंदिर राम भक्तों के लिए आस्था का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। शिलान्यास समारोह में पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी भाग लिया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम सभी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। तपोवन मंदिर झारखंड की धरोहर है और इसके माध्यम से लोगों की आस्था को नयी मजबूती मिलेगी। मेरी शुभकामनाएं हैं कि राज्य निरंतर प्रगति करे और जनता के जीवन में सुख-समृद्धि आये।
तपोवन मंदिर का निर्माण कार्य अयोध्या से आये पुजारियों द्वारा सम्पन्न पूजन के साथ आरंभ हुआ। प्रमुख पूजन का दायित्व महंत राम नरेश शरण ने निभाया। जानकारी के अनुसार, मंदिर का निर्माण लगभग 14,000 वर्गफुट क्षेत्र में किया जायेगा और इसकी ऊंचाई 62 फीट होगी।
मंदिर परिसर में 13 भव्य शिखरों और 117 पवित्र शिलाओं का निर्माण किया जायेगा। प्रत्येक गर्भगृह में नौ-नौ पवित्र शिलाएं स्थापित की जायेंगी। मंदिर निर्माण में राजस्थान के प्रसिद्ध कुंवारी मकराना मार्बल का उपयोग किया जायेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 100 करोड़ रुपये आंकी गयी है और इसे वर्ष 2028-29 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।
टीम एबीएन, रांची। स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहर के सरायढेला स्थित कोलाकुसमा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने वक्फ बोर्ड पर बड़ा बयान दिया है।
इरफान अंसारी ने कहा कि किसी हाल में झारखंड में वक्फ बोर्ड को लागू होने नहीं दिया जायेगा। वक्फ बोर्ड के कारण हिंसक घटनाएं घट रही है। लोगों की जान जा रही है। मीडिया से बातचीत के दौरान स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि वक्फ बोर्ड का बंगाल में क्या हाल है, यह सभी जानते हैं। बंगाल में लगातार हिंसक घटनाएं घट रही है, लोगों की जान जा रही। झारखंड में भी लोग आक्रोशित हैं।
उन्होंने कहा कि जिसका जो हक है, उस पर आघात पहुंच रहा है। किसी पर आघात पहुंचाना अच्छी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के पास कोई काम नहीं है। एक साजिश के तहत हमारी कौम पर जुल्म पर जुल्म कर रही है। हमारे कौम के न तो भाजपा में मंत्री हैं न विधायक हैं और न ही सांसद फिर हमारे लिए भाजपा इतना हितैषी क्यों बन रही है।
इरफान अंसारी ने कहा कि भाजपा के प्रवक्ता कह रहे हैं कि वक्फ बोर्ड के तहत हमारा विकास होगा। हमारा विकास क्यों करना चाहते हैं। हमारी चिंता भाजपा क्यों कर रही है। हमारा जो कौम है, जिंदा दिल कौम है, कमाता और खाता है और परिवार का पेट भरण पोषण करता है।
उन्होंने कहा कि भाजपा बेवजह छेड़ रही हैं। लोगों को भाजपा सड़क पर उतारकर आंदोलन करा रही हैं। भाजपा की नीति शुरू से ही वही रही, फूट डालो और राज करो। अंग्रेज जिस नीति पर चल रहे थे, भाजपा भी उसी नीति पर चल रही है। आने वाला दिन बहुत ही विस्फोटक होने वाला है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की जयंती के दिन शुरू हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के दो दिवसीय केंद्रीय महाधिवेशन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड की अदिवासी-मूलवासी, गरीब, दलित, पीड़ित, शोषित लोगों ने उत्पीड़न से परेशान होकर वर्ष 2019 में राज्य में डबल इंजन की सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था।
हेमंत सोरेन ने कहा कि गुरुजी (शिबू सोरेन) का लगाया पौधा आज विशाल वृक्ष का रूप धारण कर चुका है। झारखंड राज्य के गठन के बाद से ही यहां के आदिवासियों, मूलवासियों, दलितों का शोषण और उत्पीड़न हो रहा था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में जब झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेतृत्व में महागठबंधन (झामुमो, कांग्रेस, राजद) की सरकार बनी, तो उसे परेशान और तबाह करने की कोशिश की गयी, लेकिन विपक्षी पार्टी की तमाम कोशिशों के बावजूद झारखंड की अबुआ सरकार ने झुकना स्वीकार नहीं किया।
हेमंत सोरेन ने कहा कि अबुआ सरकार झारखंड के आम लोगों के हितों में फैसले ले रही है। सोरेन ने कहा कि झारखंड राज्य का गठन होने के बाद सत्ता ऐसे लोगों के हाथ में चली गयी, जिनको आदिवासी-मूलवासी से कोई मतलब नहीं था।
सरकार की नीतियों की वजह से आदिवासी-मूलवासी और किसान आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो रहे थे। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार आम लोगों के हित में काम कर रही है और आदिवासियों-मूलवासियों को उनका अधिकार दे रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा का 13वां महाधिवेशन सोमवार यानी 14 अप्रैल को शुरू हो गया। इस महाधिवेशन में 8 से अधिक राज्यों से पार्टी के 3500 से अधिक प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। महाधिवेशन का आयोजन 14 और 15 अप्रैल 2025 को खेलगांव स्थित टाना भगत इंडोर स्टेडियम में किया गया है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष शिबू सोरेन, उपाध्यक्ष और मुख्यमंत्री की मां रूपी सोरेन खराब स्वास्थ्य के बावजूद इस कार्यक्रम में पहुंचे। मुख्यमंत्री खुद अपने माता-पिता को मोरहाबादी स्थित उनके आवास से साथ लेकर महाधिवेशन स्थल पर पहुंचे। महाधिवेशन में गांडेय विधायक और सीएम हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन, बंसत सोरेन, मंत्री हफीजुल हसन समेत पार्टी के कई पदाधिकारी भाग ले रहे हैं।
झामुमो के 13वें केंद्रीय महाधिवेशन के दौरान अपने स्वागत भाषण में कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड के लिए अनगिनत लोग शहीद हुए हैं। आज हम उन सभी को नमन करते हैं। सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झामुमो किसानों, दलितों, पिछड़ों का प्रतिनिधित्व करता रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलन की कुछ बातें मुझे आज भी याद हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब गुरुजी (शिबू सोरेन) का आंदोलन चल रहा था, उस समय लोग जुटते थे और गुरुजी के साथ चलते थे। अलग राज्य के लिए आंदोलन लंबा चला और अनगिनत शहादत के बाद हमें अलग राज्य मिला है। अलग राज्य मिलने के बाद यहां (झारखंड) लोगों के चेहरे पर खुशी झलकी और लोगों ने राहत की सांस ली थी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के गढ़वा जिला मुख्यालय में केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ अल्पसंख्यक अधिकार मंच के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुआ।
मुस्लिम समुदाय के हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर शांतिपूर्ण जुलूस निकाला और केंद्र सरकार की नीतियों के प्रति नाराजगी जतायी। इस दौरान पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर भी प्रदर्शनकारियों के साथ मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मझिआंव मोड़ से टाउन हॉल मैदान तक पदयात्रा की, जहां एक जनसभा आयोजित हुई। सभा में वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर अल्पसंख्यकों के धार्मिक और ऐतिहासिक अधिकारों को कुचलने का आरोप लगाया।
पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जोर देकर कहा, वक्फ संपत्तियों पर मुस्लिम समाज का संवैधानिक अधिकार है। इस बिल के जरिए सरकार संविधान के सिद्धांतों को खत्म कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिल वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन राष्ट्रव्यापी रूप ले सकता है। ठाकुर ने कहा कि यह सिर्फ वक्फ संपत्ति का मसला नहीं है।
केंद्र सरकार धीरे-धीरे हर धर्म की स्वायत्तता को खत्म करने की कोशिश कर रही है। समाज को सजग रहने की जरूरत है। इस दौरान प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा प्रबंध किये, जिसके चलते किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। जिला प्रशासन ने पूरे आयोजन पर नजर रखी और शांति बनाये रखने में सफल रहा।
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