झारखंड

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Published / 2025-06-09 20:26:50
सिविल सर्जन सभागार रांची में मादक पदार्थों से बचने को लेकर जागरूकता कार्यक्रम

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 09.06.2025 को सिविल सर्जन कार्यालय सभागार में निषिद्ध मादक पदार्थों के दुरुपयोग को रोकने हेतु चार दिवसीय जिला स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम सह प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में रांची जिला अंतर्गत सभी प्रखंड से चार-चार मेडिकल आफिसर के साथ 10 स्वास्थ्य कर्मी ने प्रतिभागी के रूप में भाग लिया। 

कार्यक्रम में राज्य स्तरीय नारकोटीक कंट्रोल ब्यूरो से प्रशिक्षण प्राप्त मास्टर ट्रेनर प्रवीण सिंह, जिला कार्यक्रम प्रबंधक, रांची एवं सुशांत कुमार, जिला कंसलटेंट टोबैको कंट्रोल सेल, रांची  एवं नीरज कौशिक समन्वयक रांची कैंसर केयर फाउंडेशन ने यह प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य मादक पदार्थों के सेवन को खत्म करना है। 

जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण सिंह ने कहा कि मादक पदार्थ एवं ड्रग्स हमारे तंत्रिका तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और इसका हमारे स्वास्थ्य पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है। आज स्कूल कॉलेज में युवाओं को उनके सहपाठी सहकर्मियों के द्वारा ड्रग्स लेने के लिए उकसाया जाता है। कुछ लोग अवसाद चिंता और अत्यधिक तनाव के कारण इसका सेवन शुरू कर देते हैं वहीं कई लोग पढ़ाई नौकरियां व्यापार में दबाव के कारण बहुत ही कम उम्र में नशीली दवाई एवं ड्रग्स का सेवन शुरू कर देते हैं। 

इनका सेवन करने से हमारे शरीर पर काफी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। साथ ही कई तरह के स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न होती है। शरीर में संक्रमण, वजन में कमी, हृदय विकार, लिवर संबंधी समस्या फेफड़े कैंसर इत्यादि रोगों का एक मुख्य कारण ड्रग्स एवं नशीली पदार्थ का सेवन करना है। कई ड्रग्स खासकर कोकेन इत्यादि दिल के दौर और स्ट्रोक सहित कई गंभीर हृदय संबंधी समस्या पैदा कर सकते हैं। 

शराब पीने और ड्रग लेने से लीवर सिरोसिस और हेपेटाइटिस जैसी बीमारियां हो सकती है एवं यकृत और गुर्दे भी खराब हो सकते हैं। कई बार इसके सेवन लगातार सेवन से लोगों की असमय मृत्यु भी हो जाती है। वहीं दूसरी ओर घर में पारिवारिक कलह, अलगाव घरेलू हिंसा, तलाक तथा रोजगार हानि, प्रतिष्ठा की हानि इत्यादि भी होती है। लोगों को वित्तीय संकट भी झेलना पड़ता है। 

हमें इसके सेवन को पूर्णता त्यागना चाहिए। यदि किसी को नशा या ड्रग्स अथवा नशीले पदार्थ की लत है तो धीरे-धीरे करके इसे छोड़ना चाहिए। इसके लिए हमें ऐसे दोस्तों के साथ रहना चाहिए जो नशे का सेवन नहीं करता हो। व्यायाम, संगीत सुनने, खेलकूद जैसे अपनी पसंदीदा गतिविधियों में खुद को व्यस्त रखना चाहिए। अपने जीवन शैली में बदलाव करके हम नशे से दूर रह सकते हैं। 

सुशांत कुमार ने बताया कि आज सबसे ज्यादा युवा वर्ग नशीले पदार्थ जैसे ड्रग्स, ककेन और तंबाकू इत्यादि का सेवन करते हैं। लंबे समय तक नशीली दवाओं का सेवन करने से गंभीर अवसाद चिंता और अन्य मनोदशा संबंधी विकार हो सकता है। इसके ज्यादा सेवन से लोगों में बेचैनी है लगती है और साथ में भूख की कमी भी हो जाती है नशीली दावों के लगातार प्रयोग से लोगों की समझ और ज्ञान प्रभावित हो जाती है।

साथ ही उनका मेमोरी पावर भी काम हो जाता है और निर्णय लेने और सीखने की क्षमता भी खराब हो जाती है। युवा वर्ग को नशे की चपेट से बचने के लिए उनके माता-पिता को उनके साथ समय बिताना चाहिए और उनकी देखभाल करनी चाहिए साथ ही बच्चों की गतिविधि और उनके दोस्तों में रुचि दिखानी चाहिए ताकि वह हर चीज उनके साथ शेयर कर सके।

Published / 2025-06-08 23:01:58
राष्ट्र सेविका समिति, झारखंड प्रांत का 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न

टीम एबीएन, रांची। राष्ट्र सेविका समिति, झारखंड प्रांत द्वारा सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, धुर्वा, रांची में आयोजित 15 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन समारोह आज संध्या 4:30 बजे उत्साह एवं गरिमा के वातावरण में संपन्न हुआ। इस शिविर में झारखंड के 20 जिलों से पधारीं 225 सेविका बहनों ने भाग लिया।

शिविर का उद्देश्य युवतियों में अनुशासन, शारीरिक सुदृढ़ता, राष्ट्रभक्ति एवं सांस्कृतिक मूल्यों का विकास करना था। प्रतिदिन सेविकाओं ने योग, व्यायाम, बौद्धिक चर्चा, गीत, सेवा कार्य आदि में भाग लिया। इस आवासीय शिविर में सेविकाओं के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक पक्षों का व्यापक प्रशिक्षण दिया गया।

इस प्रशिक्षण वर्ग में लगभग 14 शिक्षिकाएं एवं प्रांत स्तर की 10 अधिकारीगण निरंतर उपस्थित रहीं। शिविर को अखिल भारतीय स्तर की वरिष्ठ कार्यकर्ताओं सुनीता हल्देकर जी, चित्रा ताई जोशी जी एवं नीता बा जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। क्षेत्र संपर्क प्रमुख माननीय पदमा देवी जी का निरंतर सान्निध्य सेविकाओं को प्राप्त हुआ।

समापन समारोह की मुख्य वक्ता अखिल भारतीय सह कार्यवाहिका माननीय चित्रा ताई जोशी जी ने कहा, भारत माता हमारी प्राणशक्ति हैं। हमारी भौतिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक आवश्यकताओं की पूर्ति वह स्वयं करती हैं। हमें अपने जीवन का प्रत्येक क्षण और प्रत्येक कर्म भारत माता के चरणों में समर्पित कर देना चाहिए।

उन्होंने आगे महारानी अहिल्याबाई होलकर की 300वीं जयंती पर उन्हें याद कर उन्होंने कहा की अहिल्याबाई भारतीय इतिहास की वह पुण्यश्लोक रानी थीं जिन्होंने सेवा, धर्मनिष्ठा और न्यायप्रिय शासन का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने देश के कई पवित्र तीर्थों काशी विश्वनाथ, प्रयागराज, रामेश्वरम, सोमनाथ और मथुरा का जीर्णोद्धार कर राष्ट्र की सांस्कृतिक आत्मा को पुनर्जीवित किया। उन्होंने नारी सुरक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता का जो मार्ग प्रशस्त किया, वह आज की पीढ़ी के लिए भी अत्यंत प्रेरणास्पद है।

इसी कड़ी में महारानी दुर्गावती के बलिदान को भी रूप से स्मरण किया करते हुए चित्रा ताई ने कहा, रानी दुर्गावती ने विदेशी आक्रांताओं से वीरता से संघर्ष करते हुए मातृभूमि की रक्षा हेतु अपने प्राणों की आहुति दी। उनका जीवन स्त्री शक्ति के साहस, स्वाभिमान और राष्ट्रप्रेम का अमर प्रतीक है। हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा के पथ पर अग्रसर होना चाहिए।

समारोह की मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त पुलिस महानिदेशक श्रीमती निर्मल कौर जी ने सेविकाओं के अनुशासन, ऊर्जस्विता और सेवाभाव की सराहना करते हुए कहा, ऐसे शिविर राष्ट्र को कर्तव्यनिष्ठ, चरित्रवान और राष्ट्रभक्त नागरिक प्रदान करते हैं। शिविर में देशभक्ति, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता, स्वदेशी उत्पादों का उपयोग और पर्यावरण संरक्षण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श एवं अभ्यास हुआ। मुख्य शिक्षिका का दायित्व मनु श्री ने निभाया।

6 जून को नगर में आयोजित पथ संचलन में सेविकाओं ने पूर्ण गणवेश में नगर भ्रमण के लिए शोभायात्रा के रूप में निकाली गई , जिसे जनसामान्य ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। यह संचलन सरस्वती शिशु विद्या मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर दुर्गा मंदिर, बस स्टैंड होते हुए पुनः परिसर में समापन तक भव्यता के साथ संपन्न हुआ।

आज के समापन समारोह में समाज के विभिन्न क्षेत्रों से 2000 से अधिक लोग उपस्थित थे, जिनमें शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, महिला संगठनों एवं आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी रही।

राष्ट्र सेविका समिति की उषा सिंह (प्रांत संचालिका), शारदा गुप्ता (प्रांत कार्यवाहिका), डॉ त्रिपुला दास (प्रांत सह कार्यवाहिका), निर्मला सिंह (प्रांत संपर्क प्रमुख), पूनम सिंह, डॉ. जिज्ञासा ओझा, शालिनी सचदेव, रीता सिंह, सुमन सिन्हा, ग़निता झा, कुसुमलता सिंह, जय श्री कुजूर, सुधा प्रजापति, अपर्णा सिंह की उपस्थिति रही। पूरे वर्ग में वर्गाधिकारी के रूप में जामवंती मिश्रा (प्रान्त बौद्धिक प्रमुख) उपस्थित रहीं।

इस वर्ग की सर्व व्यवस्था प्रमुख मृदुल चौरसिया,राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के केंद्रीय ग्राम विकास आयाम के सदस्य सिद्धनाथ सिंह, प्रांत संघचालक सच्चिदानंद अग्रवाल एवं सह प्रांत संघचालक अशोक श्रीवास्तव, प्रांत के सामाजिक सद्भाव के संयोजक विजय घोष, सेवा भारती के अखिल भारतीय अध्यक्ष गुरुशरण, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के मंत्री अखिलेश मिश्र, बीजेपी के गणेश मिश्र, आशा लकड़ा, आरती कुजूर, सत्यनारायण कंठ, स्निग्ध, सुनील, रांची विभाग कार्यवाह, अचल जी, भारतीय मजदूर संघ, इत्यादि बड़ी संख्या में महिलायें भी शामिल हुई।

Published / 2025-06-08 21:58:52
राहे प्रखंड स्तरीय जेएलकेएम बुद्धिजीवी वर्ग बैठक संपन्न

14 जून 2025 को प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजन का निर्णय 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा सिल्ली विधान सभा जमीनी स्तरीय संगठन मजबूती कार्य तेजी पर है, उसी क्रम में आज दिनांक 8 जून 2025 को जेएलकेएम राहे प्रखंड स्तरीय बुद्धिजीवी मंच का बैठक हाई स्कूल सेवानिवृत शिक्षक ठाकुर दास महतो के अध्यक्षता में आॅर्किड इंटरनेशनल स्कूल सुभाष चौक राहे में संपन्न हुआ। 

कार्यक्रम का संचालन झारखंड आंदोलनकारी अमजद अली ने किया। मुख्य अतिथि के रूप में केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो शामिल हुए। मौके पर विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत नौ पंचायत के सेवानिवृत और सेवारत कर्मी, झारखंड आंदोलनकारी शामिल हुए। संगठन मजबूती और कार्य तेजी पर विचार विमर्श किया गया। 

मौके पर मुख्य अतिथि रूप में शामिल केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि झारखंड गठन हुए 25 साल बीत चुका लेकिन झारखंड में स्थानीय नीति, नियोजन नीति लागू नहीं हो पाया, झारखंड नीति अपंगता के शिकार हैं। 

मौके पर राहे बुद्धिजीवी मोर्चा प्रभारी बिनोद महतो, राहे प्रखण्ड उप प्रमुख उमेश महतो, सुभाष मुंडा, जयराम पातर मुंडा नागेश्वर महतो, गदाधर महतो, रंजीत महतो, इत्यादि ने कार्यक्रम का संबोधन करते हुए खछङट संगठन जमीनी स्तरीय मजबूती और कार्य प्रगति पर विचार रखते हुए अंचल कार्यालय, प्रखंड कार्यालय और थाना में हो रही भ्रष्टाचार और राज्यस्तरीय नीति कानून पर विचार रखें। 

साथ ही सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राहे प्रखण्ड क्षेत्र में अध्ययनरत मीट्रिक और इंटर परीक्षापरिणाम  में  टॉप 5 आने वाले सभी  छात्रों के प्रोत्साहन हेतु प्रतिभा सम्मान समारोह कार्यक्रम करने का निर्णय लिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विनोद, गोदाधर, उपप्रमुख उमेश, अनंत, सनातन, प्रकाश, गणेश के अलावा सड़कों लोग का अहम योगदान रहा।

Published / 2025-06-08 21:58:00
धर्मेंद्र फिर निर्विरोध बने रांची राजद जिलाध्यक्ष

टीम एबीएन, रांची। संगठनात्मक चुनाव के क्रम में रांची जिला राजद अध्यक्ष के चुनाव में राजद के पुराने समर्पित वरिष्ठ नेता धर्मेन्द्र महतो को पुन: निर्विरोध जिला अध्यक्ष निर्वाचित होने का गौरव प्राप्त हुआ। प्रात: 9 बजे से चुनावी प्रक्रिया की शुरुआत रांची जिला निर्वाचन पदाधिकारी मंजू साह ने की, जो 3 बजे तक चला। 3 बजे चुनावी प्रक्रिया के तहत रांची जिला अध्यक्ष की घोषणा मंजू साह ने किया। 

मौके पर राजद के वरिष्ठ नेता मदन यादव, मनोज पाण्डेय, शौकत अंसारी, भास्कर वर्मा, सुरेंद्र प्रसाद, आबिद भाई, प्रणव कुमार, सुनील ठाकुर, सलील अंसारी, डी एन ठाकुर, संतोष साहू, कमलेश यादव सहित प्रदेश के सम्मानित वरिष्ठ नेता, जिला के पदाधिकारी, प्रखंड अध्यक्ष, प्रखंड पदाधिकारी समेत काफी संख्या में दल के के नेता और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

Published / 2025-06-08 21:57:19
कतरास नली निर्माण में भारी घोटाला उजागर

घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर सरकार को लगाया जा रहा चूना 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने ट्वीट कर जांच की मांग की है। उन्होंने लिखा है कि कतरास अंचल वार्ड सं0 1 से 5 तक कई स्थानों पर चल रहे नली निर्माण में भारी घोटाला उजागर हो रहा है। 

ठेकेदार घटिया सामग्री का उपयोग कर रहा है और सरकार को चूना लगाया जा रहा है। जिसमें कतरास  क्षेत्र के जेई की भी लापरवाही से ठेकेदार घोटाला कर रहे हैं। क्षेत्र के जेई नजरअंदाज कर रहे हैं जिससे सरकार को भारी चूना लगाया जा रहा है इसलिए ऐसे ठेकेदार का अविलंब लाइसेंस रद किया जाये।

Published / 2025-06-08 18:03:51
12 तक मानसून के झारखंड में प्रवेश करने का अनुमान

झारखंड में मानसून को लेकर आइएमडी की आयी बड़ी अपडेट 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। झारखंड में दक्षिण-पश्चिम मानसून के जून के मध्य में पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग के एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी।  अधिकारी ने बताया कि 10 जून के बाद मानसून की प्रगति में तेजी आने की संभावना है। इस साल मानसून ने तय समय से एक सप्ताह पहले 24 मई को केरल में दस्तक दी। 

आम तौर पर, दक्षिण-पश्चिमी मानसून एक जून तक केरल में दस्तक देता है और आठ जुलाई तक पूरे देश में पहुंच जाता है। झारखंड में मानसून के आगमन की सामान्य तिथि 10 जून है। हालांकि, मौसम विभाग के रिकॉर्ड के अनुसार 2010 से झारखंड में मानसून का आगमन 12 जून से 25 जून के बीच हो रहा है।  

अभी 12 जून से पहले मानसून के पहुंचने की संभावना नहीं 

भारत मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र के उपनिदेशक अभिषेक आनंद ने  कहा, झारखंड में 12 जून से पहले मानसून के पहुंचने की संभावना नहीं है। अगर स्थिति अनुकूल रही तो जून के मध्य तक इसके पहुंचने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि झारखंड में फिलहाल पश्चिमी हवा चल रही है। आनंद ने कहा, जब तक यह पूर्वी हवा में नहीं बदल जाती और नमी लेकर नहीं आती, तब तक राज्य में मानसून के आगे बढ़ने की संभावना नहीं है। 

राज्य में 10 जून के बाद पूर्वी हवा चलने की संभावना है जो मानसून की प्रगति में मदद कर सकता है। मई के आखिरी सप्ताह में बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना एक तंत्र बांग्लादेश के रास्ते देश के पूर्वोत्तर भागों की ओर बढ़ गया। आनंद ने कहा, अगर यह इस क्षेत्र की ओर बढ़ जाता तो मानसून झारखंड में पहले आ सकता था।  

बीते वर्ष राज्य में एक जून से 30 सितंबर तक 1011.6 मिलीमीटर बारिश हुई  

आईएमडी के अनुसार, एक जून से सात जून तक झारखंड में बारिश सामान्य रही है। इस अवधि के दौरान राज्य में 19.4 मिलीमीटर सामान्य बारिश के मुकाबले 19.2 मिलीमीटर बारिश हुई। आईएमडी द्वारा आधिकारिक तौर पर एक जून से 30 सितंबर तक की बारिश को मानसून की बारिश माना जाता है। आनंद ने कहा कि राज्य में रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण किसानों के लिए धान की पौध तैयार करने के लिए स्थिति अनुकूल है। 

झारखंड में पिछले मानसून में सामान्य बारिश हुई थी। पिछले साल एक जून से 30 सितंबर तक राज्य में 1011.6 मिलीमीटर बारिश हुई थी। झारखंड सरकार ने 2023 में 17 जिलों के 158 प्रखंडों को सूखाग्रस्त घोषित किया था, जबकि 2022 में मानसून के पहले दो महीनों जून और जुलाई में कम बारिश के कारण राज्य के 260 प्रखंडों में से 226 को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था।

Published / 2025-06-08 18:02:34
क्रिकेट मैच के उद्घाटन में सांसद मनीष जायसवाल को नाक में लगी गेंद, अस्पताल में भर्ती

क्रिकेट मैच के दौरान बॉल लगने से सांसद मनीष जायसवाल घायल, अस्पताल में भर्ती 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। जिले में आज आनंद क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। वहीं हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल भी क्रिकेट टूर्नामेंट में पहुंचे। इस दौरान सांसद मनीष जायसवाल के नाक पर बॉल लग गयी जिससे वह जख्मी हो गये। वहीं मैदान में हड़कंप मच गया।  

फिर आनन-फानन में मनीष जायसवाल को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। डॉक्टरों का कहना है कि चोट ज्यादा गंभीर नहीं लगी। घबराने की जरूरत नहीं है। फिलहाल डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी है।

Published / 2025-06-07 23:16:45
रघुवर का बयान झारखंड की सामाजिक एकता पर हमला है : डॉ तनुज खत्री

टीम एबीएन, रांची। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास द्वारा दुमका में दिए गए हालिया बयान में यह कहना कि झारखंड को एक ग्रुप ईसाई प्रदेश और दूसरा इस्लामी प्रदेश बनाना चाहता है न सिर्फ़ भ्रामक है, बल्कि यह झारखंड की सदियों पुरानी सामाजिक समरसता और धर्मनिरपेक्ष चरित्र पर सीधा हमला है। उक्त बातें झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता सह केंद्रीय सदस्य डॉ तनुज खत्री ने कही।

उन्होंने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक पूर्व मुख्यमंत्री इस प्रकार की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जो समाज को बांटने, भय फैलाने और सस्ती राजनीतिक लोकप्रियता पाने का प्रयास है। रघुवर दास का दोहरा चरित्र – जनता भूली नहीं है

जब रघुवर दास मुख्यमंत्री थे, तब उन्हीं के नेतृत्व में झारखंड की आत्मा – CNT और SPT कानून – के साथ खुला खिलवाड़ किया गया आदिवासियों की ज़मीन को उद्योगपतियों के हवाले करने की साज़िश उसी सरकार में रची गई थी। उनके शासनकाल में कई निर्दोष आदिवासियों का एनकाउंटर, आंदोलनकारियों पर देशद्रोह के मुकदमे, और पत्थलगड़ी जैसी परंपराओं का दमन हुआ।

आज वही नेता आदिवासियों की हालत पर चिंता जताकर घड़ियाली आँसू बहा रहे हैं। झारखंड को डराने की नहीं, जोड़ने की ज़रूरत है। हेमंत सोरेन सरकार राज्य की सांविधानिक मूल भावना – लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और आदिवासी अस्मिता – को मज़बूती से आगे बढ़ा रही है।

सरना कोड की मांग, स्थानीय नीति, छात्रवृत्ति योजनाएं, रोजगार सृजन – ये सब मूलवासी-आदिवासी हितों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। रघुवर दास जैसे नेता धार्मिक ध्रुवीकरण का सहारा लेकर जो ज़हर बोने की कोशिश कर रहे हैं, झारखंड की जागरूक जनता उसे सिरे से नकारती रही है और आगे भी नकारेगी। 

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