टीम एबीएन, रांची। भाकपा (माले) की झारखंड राज्य कमिटी की महत्वपूर्ण बैठक आगामी 23-24 जून 2025 को रांची स्थित विधानसभा क्लब (पुराना भवन) में आयोजित होगी। इस आशय की जानकारी पार्टी के राज्य सचिव कामरेड मनोज भक्त ने आज दी। मनोज भक्त ने बताया कि यह बैठक हाल में संपन्न पार्टी सम्मेलन में लिये गये निर्णयों को लागू करने के लिए आयोजित हो रही है।
बैठक में राज्य भर से पार्टी के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। राज्य सचिव ने कहा कि बैठक में जनसंगठनों को मजबूत करने, जिला स्तर पर पार्टी सम्मेलन और क्लासों के आयोजन, 9 जुलाई 2025 को प्रस्तावित देशव्यापी मजदूर हड़ताल को सफल बनाने की रणनीति, राज्य स्थायी कमिटी के गठन, तथा छात्र-युवा आंदोलन, स्थानीयता, विस्थापन व जनविरोधी नीतियों के खिलाफ जनआंदोलनों को तेज करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
टीम एबीएन, लोहरदगा। लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड के हाई स्कूल बदला में सहायक अध्यापक( पारा शिक्षक) के पद पर कार्यरत कुमारी सुमन ने झारखंड सरकार के उच्च और तकनीकी मंत्री और नगर विकास मंत्री को आवेदन देकर जेएसएससी के विज्ञापन संख्या 13/2023 के सहायक आचार्य कक्षा छह से आठ के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में कला संकायों के विषयों गृह विज्ञान, मानव विज्ञान को संकाय शामिल न करने के संबंध में शिकायत की है।
आवेदन के माध्यम से सुमन ने कहा कि जेएसएससी द्वारा आयोजित सहायक आचार्य परीक्षा में उपरोक्त विषय को अस्वीकृत कर दिया गया है। जबकि 29 जनवरी 2024 के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा संशोधित निगमावली में कला संकाय के सभी विषय को सामाजिक विज्ञान के अंर्तगत रखा गया है। सफल अभ्यार्थियों ने कहा कि विभाग हाई कोर्ट के निर्देशों का भी अनुपालन नहीं किया जा रहा है।
सुमन ने बताया कि वह गृह विज्ञान से स्नातक (प्रतिष्ठा) हैं। सब्सिडियरी पेपर इतिहास, राजनीति विज्ञान है। मैंने इसी आधार पर जेटेट परीक्षा में सामाजिक विज्ञान में उत्तीर्णता भी 2013 और 2016 में प्राप्त की। मेरा सब्सिडियरी पेपर में 50 फीसदी अंक भी है। लेकिन झारखंड प्रारंभिक विद्यालय सहायक आचार्य संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा-2023 के स्नातक प्रशिक्षित ( सहायक आचार्य छह से आठ) अन्तर्गत सामाजिक विज्ञान शिक्षक के लिए अभियर्थियों के प्रमाण पत्रों का जांच कार्यक्रम में 20 जून को द्वितीय पाली टेबल-23 में मेरे सभी प्रमाण पत्रों की जांच भी हुई।
लेकिन गृहविज्ञान से स्नातक (प्रतिष्ठा होने कारण मुझे नोटिस दिया गया। जबकि 20 वर्ष से मैं पारा शिक्षिका रुप में उच्च विद्यालय बदला प्रखंड सेन्हा लोहरदगा में अपना योगदान देते आ रही हूं। मेरी उम्र 54 वर्ष की हो गयी है। मेरी नौकरी केवल छह वर्ष की ही रह गयी है। 24 जून तक उक्त अनुपलब्धता के आलोक में अपना पक्ष सहित प्रमाण पत्र मांगा गया है। उन्होंने मंत्री से अनुरोध किया है कि इस संबंध में जेएसएससी को सरकार आवश्यक निर्देश प्रदान करें।
टीम एबीएन, रांची। झमाझम बारिश से आज राजधानी रांची में मौसम का मिजाज बदल गया है। तेज गरज के साथ बारिश हो रही है। झारखंड में अगले 72 घंटे के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 26 जून तक राज्य में बादल झूम कर बरसेंगे। इस दौरान गरज के साथ वज्रपात भी हो सकता है। इसके लिए चेतावनी जारी की गयी है।
मौसम विभाग ने अपने पूवार्नुमान में बताया है कि 23 जून को झारखंड के उत्तर-पूर्वी भाग में कहीं-कहीं पर भारी बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं पर गरज के साथ वज्रपात की भी आशंका है। इस बाबत येलो अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के उत्तर-पूर्वी भाग में देवघर, धनबाद, पाकुड़, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा और साहिबगंज शामिल है।
आईएमडी का पूर्वानुमान है कि 24 और 25 जून को झारखंड के दक्षिण-पश्चिमी भाग में कहीं-कहीं पर भारी बारिश हो सकती है। कहीं-कहीं पर मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की आशंका व्यक्त की गयी है। मौसम विभाग ने इसे लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। 26 जून को राज्य में कहीं-कहीं पर गरज के साथ वज्रपात भी हो सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है।
टीम एबीएन, लोहरदगा/ रांची। आज भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अजातशत्रु के आग्रह पर अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्या आशा लकड़ा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर गुमला में आयोजित कार्यक्रम से शामिल होकर लौटने के दौरान लोहरदगा जिला के सर्किट हाउस में एक घंटे के लिए स्थानीय लोगों से मुलाकात हेतु प्रवास कीं।
इस दौरान अजातशत्रु द्वारा लोहरदगा जिला के बदलते हालात, एक साजिश की तहत आदिवासियों को बरगलाकर उनको सनातन धर्म से भटकाने तथा अलग करने एवं साथ ही साथ डेमोग्राफिक परिवर्तन की बात रखी। जिसपर राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की सदस्य आशा लकड़ा ने कहा कि आदिवासी आदिकाल से शिव भक्त व प्राकृतिक पूजक रहे हैं।
पूरा सनातन धर्म को अक्षुण्य बनाये रखने में हम आदिवासियों के पूर्वज ना जाने कितना ही बलिदान दिये। जितना योगदान देश की आजादी में भगवान बिरसा, तेलंगा खड़िया, सिद्धू कान्हू इत्यादि का रहा है वैसे ही बलिदान सनातन धर्म को आगे बढ़ाने हेतु हमारे पूर्वजों ने दी है।
झारखंड व अन्य क्षेत्र के कुछ स्वार्थी व व्यक्तिगत लालसा रखने वाले छुटभैया नेताओं ने सीधे सादे आदिवासी भाई बहन को बरगला कर उन्हें उनके धर्म से विमुख करने की काम कर रही है, जिसमें क्षणभर के लिये वे सफल भी हो गये हैं, परंतु अब भी समय है कि समझदार सनातन सदान व आदिवासी आपस में सामंजस्य बैठाकर टीम बनावें और वर्तमान वस्तुस्थिति से भोले भाले आदिवासी भाई, बहिन, बंधु को अवगत करावें, उन्हें धर्म बांटने की साजिश के संदर्भ में तार्किक ढंग से समझाकर सनातन धर्म मे वापसी करावें और बतायें कि सरना सनातन सदियों से एक है और इसे सदैव एक बनाये रखना है। इन्होंने साथ ही साथ बतलायीं कि झारखंड में डेमोग्राफिक परिवर्तन को लेकर एक किताब भी बाजार में आ चुकी है, जो बहुत जल्द आनलाइन प्लेटफार्म में भी दस्तक देगी।
मुलाकात करने वालों में विश्व हिंदू परिषद सह लोहरदगा चैंबर आफ कॉमर्स अध्यक्ष रितेश कुमार, भारतीय युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष बाल्मीकि कुमार, भाजपा जिला महामंत्री पशुपतिनाथ पारस, भाजपा ओ बी सी मोर्चा के अजय पंकज इत्यादि शामिल थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, कतरास/ धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर कहा है कि बाघमारा क्षेत्र अंतर्गत जमुनिया नदी के नवनिर्मित पुल पर बने एप्रोच रोड उद्घाटन से पहले ही दरार पड़ने लगी है। एप्रोच रोड पर लगा गार्डवाल भी ढह गया है।
करोड़ों की लागत से बनी पुल की गुणवत्ता का सच सबके सामने है कि ठेकेदार द्वारा कैसे घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। जिससे आज पुल का स्थिति उद्घाटन से पहले ही जंजर हो गयी। और पुल को पार करने का मतलब मौत को आमंत्रण देने जैसा है। पुल का निर्माण प्रति इंटरप्राइजेज ने किया है।
गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं होने से एप्रोच रोड पर लगे गार्डवाल ढह गया है। जब ठेकेदार को टेंडर मिलता है रोड निर्माण कार्य का तो ठेकेदार अपनी मर्जी से घटिया सामग्री का इस्तेमाल कर कार्य को करते हैं।
अधिकारी न तो गुणवत्ता की जांच करते हैं न निर्माण कार्य का निरक्षण करते हैं क्योंकि ठेकेदार से जांच अधिकारियों को निजी लाभ मिलता है। इसलिए आप अपने स्तर से जांच कराकर ठेकेदार पर आवश्यक कार्रवाई करने की कृपा करेंगे।
टीम एबीएन, रांची। पूर्व मंत्री, झारखंड सरकार की समन्वय समिति के सदस्य एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की ने शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास पर मुलाकात कर नगड़ी मौजा में रिम्स-2 के निर्माण हेतु हो रहे भूमि अधिग्रहण को अनुचित करार देते हुए इसे रद्द करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यह अधिग्रहण उन ग्रामीणों और रैयतों की आजीविका पर सीधा प्रहार है, जो वर्षों से खेती के माध्यम से जीवन-यापन कर रहे हैं। उन्होंने इसे जनविरोधी और विकास विरोधी कदम बताया, जिसे हर हाल में वापस लिया जाना चाहिए। श्री तिर्की ने बताया कि इससे पूर्व भी नगड़ी क्षेत्र में आईआईएम, ट्रिपल आईटी और राष्ट्रीय राजमार्ग चौड़ीकरण जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रयास किया गया था, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के चलते वे योजनाएं रद्द करनी पड़ी थीं।
अब रिम्स-2 के लिए अधिग्रहण की कोशिशें ग्रामीणों की भावनाओं और सरकार के प्रति उनके विश्वास के विरुद्ध हैं। उन्होंने बताया कि नगड़ी अंचल में खेती योग्य भूमि पहले से ही सीमित है और अधिकांश लोग खेती पर निर्भर हैं। ऐसे में भूमि अधिग्रहण से क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक संरचना पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गुरुजी शिबू सोरेन इस क्षेत्र की स्थिति से भलीभांति परिचित हैं और उन्हें ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए। तिर्की ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि पेसा कानून को तत्काल लागू किया जाए और उसकी नियमावली को अंतिम रूप देकर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाये।
उन्होंने कहा कि जल, जंगल और जमीन झारखंड की आत्मा हैं और पेसा कानून के लागू होने से विस्थापन, पलायन और भूमि अधिग्रहण जैसे गंभीर मुद्दों पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। बंधु तिर्की ने टाना भगत समुदाय की दयनीय आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए उनके सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की। उन्होंने 28 अप्रैल 2017 को गठित टाना भगत विकास प्राधिकार की विफलता की ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए इसे प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने सुझाव दिया कि राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के वरिष्ठ अधिकारी की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यकारिणी समिति और जिला स्तर पर उपायुक्त की अध्यक्षता में एजेंसी का गठन किया जाये ताकि समुदाय तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे और लक्षित सर्वेक्षण के आधार पर उनके विकास की योजनाएं क्रियान्वित की जा सकें।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। जिला में रेड़मा रांची रोड के पास तालाब में डूबने से दो बच्चों की मौत हो गयी। दोनों मृतक बच्चे आपस में मौसेरे भाई हैं। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों और स्थानीय गोताखोरों के सहयोग के बच्चों के शव को बाहर निकाला और पोस्टमॉर्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल के लिए भेज दिया है।
परिजनों के अनुसार, ये दोनों बच्चे शनिवार की दोपहर बाद से घर से लापता थे। देर रात परिजनों ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी थी। शनिवार देर रात परिजन और पुलिस ने एक साथ बच्चों की तलाश शुरू कर दी। इस तलाशी अभियान के दौरान तालाब के पास दोनों के कपड़े बरामद हुए थे। इसके बाद में रविवार की सुबह दोनों बच्चों के शवों को तालाब से बरामद किया गया।
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, एक बच्चा प्रतिदिन अपनी मौसी के घर पर दूध पहुंचाने के लिए जाता था। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन मौके पर पहुंच गये हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। इधर, पुलिस ने दोनों बच्चों के शवों को कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पीटल भेज दिया है। जहां से पूरी प्रक्रिया होने के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया जायेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। हजारीबाग जिले में बीते शनिवार को ड्यूटी के दौरान एक पुलिस आरक्षी की सर्विस राइफल से अचानक गोली चल जाने से मौके पर ही मौत हो गयी। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी।
उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (सदर) अमित कुमार आनंद ने बताया कि आरक्षी मिथिलेश यादव एनटीपीसी के बानादाग रेलवे साइडिंग के पास गश्ती ड्यूटी पर थे कि तभी उनका पैर फिसल गया और उनके हाथ में मौजूद इंसास राइफल से गोली चल गयी। आनंद ने बताया कि गोली लगने से यादव की मौके पर ही मौत हो गयी।
पुलिस के अनुसार, यादव को शेख भिकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। श्री यादव राज्य के गढ़वा जिले के रहने वाले थे।
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