टीम एबीएन, रांची। रांची में झारखंड के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स का बोझ कम करने के लिए रिम्स-2 का निर्माण किया जाना है। लेकिन यह प्रोजेक्ट कांके प्रखंड के नगड़ी इलाके में बनने जा रहा है। इससे आदिवासी किसान नाराज है। वे इस जमीन के अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। जिस जमीन पर इसका निर्माण होना है, वह किसानों की कृषि योग्य भूमि है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस जमीन पर बिना जानकारी और मुआवजे के घेराबंदी की जा रही है। यह उनके जीविका और पहचान पर सीधा हमला है। इसको लेकर आज किसान विरोध प्रदेश करने निकले। किसान विरोध में कुदाल लेकर निकले और सड़क पर ही खेती कर अपनी नाराजगी जताई। इस बीच पुलिस भी मौके पर दल-बल के साथ पहुंची।
पुलिस ने किसानों को रोकने का प्रयास किया लेकिन किसानों का कहना है कि उनके साथ अन्याय हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि खेती ही उनका एकमात्र सहारा है। सरकार ने रिम्स 2 बनाने से पहले ग्रामीणों से संवाद नहीं किया और घेराबंदी करने लगे। किसानों का आरोप है कि उन्हें अपने ही खेतों में घुसने नहीं दिया जा रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। उप विकास आयुक्त सह अतिरिक्त जिला कार्यक्रम समन्वयक जावेद हुसैन आज पांडु प्रखंड पहुंचे। उन्होंने प्रखंड कार्यालय के सभागार में मनरेगा एवं ग्रामीण आवास की अद्यतन प्रगति की समीक्षा की। अबुआ आवास योजना के कार्य प्रगति की समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय किस्त का भुगतान होने के पश्चात 60 या उससे अधिक दिनों से लम्बित प्लिंथ, लिंटर एवं पूर्ण आवास का जियो टैग अधिक-से-अधिक संख्या में करने का सख्त निदेश दिया।
वहीं सभी सम्बंधित पंचायत सचिव को आवास पूर्णता हेतु लक्ष्य आवंटित किया गया। उप विकास आयुक्त ने 7 दिन में लक्ष्य प्राप्ति नहीं होने पर संबंधित कर्मी के ऊपर कार्रवाई की सख्त चेतावनी दी।
उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के वित्तीय वर्ष 2024 -25 अंतर्गत लंबित स्वीकृति गैप को 02 दिनों के अंदर समाप्त करने हेतु निदेशित किया। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण 2016-22 अबुआ आवास योजना वित्तीय वर्ष 2023- 24 एवं 2024-25 की गहन समीक्षा की।
इसके उपरांत उप विकास आयुक्त अबुआ आवास योजना के लाभुकों के घर पहुंचकर आवास पूर्ण करने पर गृह प्रवेश कराया। उन्होंने नारियल फोड़कर, अगरबती जलाकर एवं फीता काटकर गृह प्रवेश कराया। इस कार्यक्रम से लाभुकों में भी काफी उत्साह का माहौल था।
मनरेगा के समीक्षा के क्रम में उप विकास आयुक्त ने सभी ग्राम रोजगार सेवक को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मानव दिवस सृजन कर अधिक-से-अधिक श्रमिकों को रोजगार देने का निर्देश दिया।
उन्होंने Area officer app Visit का निदेश दिया। उन्होंने सभी कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता को मनरेगा योजना में कार्यरत श्रमिकों का स्थल निरीक्षण कर फोटो एप्प पर अपलोड करने का निर्देश दिया। वहीं 2022-23 एवं पूर्व की लंबित योजना टी.सी.बी एवं मेढ़बंदी की पुरानी योजनाओं को मनरेगा सॉफ्ट में बंद करने का निर्देश दिया।
उप विकास आयुक्त ने सभी ग्राम रोजगार सेवक श्रमिकों का आधार एवं बैंक खाता एक सप्ताह में सुधार कर eKYC कराते हुए FTO रिजनरेट करने का निदेश दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी की लंबित एक योजना को अविलंब आरंभ करने निदेश दिया।
बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत पाण्डु प्रखंड क्षेत्र में 85 एकड़ में आम बागवानी का कार्य आरंभ किया गया है जिसके विरुद्ध 75 प्रतिशत क्षेत्रफल में पौधा लगाने के लिए गड्ढा खुदाई का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। उप विकास आयुक्त शेष 25 प्रतिशत गड्ढा एक सप्ताह में पूर्ण करने का निर्देश दिया।
क्षेत्र भ्रमण के दौरान संगीता देवी के खेत में आम बागवानी का स्थल निरीक्षण किया। उप विकास आयुक्त मोटरसाइकिल पर सवार होकर एवं गीले आर पर चलकर आम बागवानी पहुंचे और वृहत तरीके से निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निदेश दिया। उप विकास आयुक्त ने बिरसा सिंचाई कूप अंतर्गत जिन कूप में जुडाई का कार्य किया जा रहा है उसे द्रुत गति से पूर्ण करने का निदेश दिया।
बैठक में मनरेगा के परियोजना पदाधिकारी, जिला समन्वयक, जिला प्रशिक्षण समन्वयक, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, पाण्डु आवास के प्रखण्ड समन्वयक, प्रखण्ड कार्यक्रम पदाधिकारी, पंचायत सचिव रोजगार सेवक आदि उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। आज हूल दिवस के पर भोगनाडीह कार्यक्रम स्थल पर ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस प्रशासन के बीच जोरदार झड़प हुई। पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों पर लाठी चार्ज और आंसू गोले चलाये। भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी, जिससे दर्जन भर लोगों के घायल होने की सूचना है। घायलों का इलाज बरहेट सीएचसी में चल रही है। इस पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने कड़ी निंदा की।
एक्स ट्विटर सोशल साइट पर कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए और सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि पुलिसिया तंत्र अब अपने तानाशाही पर चल रही है। महान सिदो- कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो के वंशज और ग्रामीण आदिवासी मूलवासियों पर लाठी चलाना कदापि स्वीकार नहीं होगा। प्रशासन सामंजस के साथ कार्यक्रम संचालन करने में पूर्णत: विफल रहा।
हूल दिवस के पूर्व संध्या कई आदिवासी भाइयों को जबरन डिटेन किया गया। लाठी चार्ज से कई आदिवासी बहनों के भी घायल होने की खबर है। हमारा संगठन इस पुलिसिया लाठी चार्ज के खिलाफ शक्ति से खड़ी है। सरकार इस मामले को त्वरित संज्ञान में लेते हुए आरोपी पदाधिकारीयों को चिन्हित कर सख्त कार्रवाई करे। प्रत्येक वर्ष 30 जून को हूल दिवस के रूप मनाया जाता है, हूल क्रांति में हुए शहीद को याद किया जाता है।
टीम एबीएन, भोगनाडीह/ रांची। झारखंड के साहिबगंज जिले के भोगनाडीह में हूल क्रांति दिवस कार्यक्रम में आदिवासियों और पुलिस में हिंसक झड़प हो गयी। इसमें कई लोग घायल हो गये। बिना अनुमति कार्यक्रम कर रहे आदिवासियों को हटाने पर आक्रोश फैल गया।
आदिवासियों ने पुलिस पर पथराव किया। पुलिस ने स्थिति को काबू में करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले दागे। घटना को लेकर भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार को घेरा है। भोगनाडीह में सिदो-कान्हू मुर्मू हूल फाउंडेशन ने भाजपा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन की मुख्य आतिथ्य में आयोजित हूल क्रांति दिवस कार्यक्रम की अनुमति मांगी थी।
प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति देने से इनकार दिया था। सोमवार को कार्यक्रम चल रहा था तो पुलिस ने सिदो-कान्हू मुर्मू हूल फाउंडेशन द्वारा लगाये गये टेंट को हटाने का प्रयास किया। इसके बाद आदिवासियों का गुस्सा भड़क गया। उन्होंने पुलिस पर पथराव किया। फाउंडेशन समर्थकों ने तीर चलाये। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का भी इस्तेमाल किया।
झड़प में कई ग्रामीण और पुलिसकर्मी घायल हो गये। अधिकारियों के अनुसार तीन पुलिसकर्मियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। साहिबगंज के डिप्टी कमिश्नर हेमंत सती समेत वरिष्ठ अधिकारी स्थिति पर नजर रखने के लिए मौके पर मौजूद हैं।
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता, पूर्व सीएम और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने एक्स पर घटना का वीडियो साझा किया। उन्होंने लिखा कि हूल दिवस पर भोगनाडीह में पुलिस द्वारा किये गये लाठीचार्ज और आंसू गैस के प्रयोग की घटना अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। इस बर्बर कार्रवाई में कई ग्रामीणों के घायल होने की सूचना मिली है। मैंने साहिबगंज एसपी से बात कर पूरी घटना की जानकारी ली है।
उन्होंने कहा कि इस बर्बरता ने अंग्रेजी हुकूमत के दौर की यादें ताजा कर दी हैं। हूल क्रांति की भूमि पर छह पीढ़ियों के बाद एक बार फिर सिद्धो-कान्हू के वंशजों को अत्याचार और अन्याय के विरुद्ध सड़क पर उतरना पड़ा है। दरअसल, घुसपैठियों की गोद में बैठी राज्य सरकार नहीं चाहती कि झारखंड का आदिवासी समाज अपने पुरखों की वीरगाथाओं और बलिदानों से प्रेरित होकर अपनी अस्मिता और अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित हो।
उन्होंने कहा कि सरकार की यह साजिश कभी सफल नहीं होगी। जिस तरह वीर सिद्धो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो ने हूल क्रांति के माध्यम से अंग्रेजी सत्ता की नींव हिला दी थी, उसी तरह साहिबगंज के भोगनाडीह में लाठीचार्ज की दमनकारी घटना हेमंत सरकार के पतन का कारण बनेगी।
टीम एबीएन, रांची। हूल आंदोलन के मुखिया सिदो-कान्हू एवं चांद-भैरव को झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की है। 1855 में स्वतंत्रता की लड़ाई के अग्रगण्य, भारत माता के वीर सपूत और (हूल) आंदोलन के मुखिया सिदो-कान्हू एवं चांद-भैरव को सीएम हेमंत सोरेन ने हूल दिवस पर नमन किया और श्रद्धांजलि दी।
पिछले कुछ दिनों से दिशोम गुरु शिबू सोरेन की तबीयत नासाज है। वे दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में एडमिट हैं। डॉक्टरों की विशेष निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। इस कारण सीएम हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन समेत अन्य अभी दिल्ली में ही हैं। आज सोमवार (30 जून) को झारखंड के विभिन्न जिलों में हूल दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान वीर सपूतों के पराक्रम को याद कर उन्हें नमन किया गया।
सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि संताल हूल विद्रोह के महानायक अमर वीर शहीद सिदो-कान्हू, चांद-भैरव, फूलो-झानो और हजारों वीर शहीदों के संघर्ष और समर्पण के पदचिन्हों पर चलने वाले दिशोम गुरु शिबू सोरेन अभी अस्वस्थ हैं।
इस कारण वे इस बार भोगनाडीह की क्रांतिकारी वीर भूमि पर नहीं आ पाए, लेकिन हूल दिवस उनके लिए सिर्फ एक दिन का कार्यक्रम नहीं है। हूल दिवस संकल्प का दिन है। हूल ताकत है। हूल उनकी पहचान है। आने वाले समय में आदिवासी धर्म कोड, आदिवासी संस्कृति, भाषा, सभ्यता और पहचान के लिए हूल उलगुलान होगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। लौहनगरी समेत पूरे कोल्हान में बीते रविवार को झमाझम बारिश हुई। लगातार भारी बारिश से फिर से एक बार जमशेदपुर की दो प्रमुख नदियां स्वर्णरेखा और खरकई फिर से अपने खतरे के निशान से ऊपर बहने लगी है।
बताया जा रहा है कि खरकई नदी का डेंजर लेवल 129 मीटर निर्धारित है, लेकिन इसके ऊपर खरकई नदी की धार 130.65 मीटर पर बह रही है जबकि स्वर्णरेखा नदी का डेंजर लेवल 121.50 है, जो 121.60 मीटर पर बह रही है। जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि ने प्रशासन और आमजन दोनों की चिंता बढ़ा दी है। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए जिला प्रशासन सतर्कता की स्थिति में है।
निचले इलाकों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। संभावित बाढ़ और जनहानि से बचाव हेतु जिला आपदा प्रबंधन टीम सक्रिय हो चुकी है। प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी स्थिति में नदियों के किनारे न जायें। पानी के बढ़ते बहाव को देखते हुए सभी को ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी गयी है। विशेषकर बच्चों, वृद्धों और पशुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने को कहा गया है।
झारखंड में मौसम विभाग ने 2 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की गयी है। तेज हवाओं के साथ वज्रपात की भी आशंका है। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के 7 जिलों में 30 जून को भयंकर बारिश हो सकती है। खूंटी, रांची, रामगढ़, बोकारो, धनबाद, सरायकेला-खरसावां और पश्चिमी सिंहभूम जिले में बहुत भारी बारिश हो सकती है।
1 जुलाई को झारखंड के 6 जिलों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें गुमला, पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा और लोहरदगा जिले में कहीं-कहीं पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। खूंटी समेत 8 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं, झारखंड के 10 जिलों में कहीं-कहीं पर 2 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। इनमें रांची, गुमला, खूंटी, पलामू, गढ़वा, लातेहार, चतरा, लोहरदगा, सिमडेगा, पश्चिमी सिंहभूम शामिल है।
टीम एबीएन, रांची। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी आये दिन हेमंत सरकार पर निशाना साधते रहते है। हर बार की तरह इस बार भी मरांडी ने हेमंत सरकार पर बड़ा निशाना साधा। मरांडी ने कहा कि ये 18वीं सदी नहीं है, पर झारखंड के गांवों में हालात अभी भी वही हैं।
मरांडी ने कहा कि सिमडेगा जिले के चुंदियारी गांव में एक बुजुर्ग महिला गंगो देवी के कमर में गंभीर चोट आयी, लेकिन गांव में न सड़क थी, न स्वास्थ्य सुविधा, न एंबुलेंस पहुंची। मजबूर परिजन खाट पर लादकर तीन किलोमीटर पैदल चले। मरांडी ने कहा कि शर्म की बात ये है कि ये सब उस राज्य में हो रहा है, जहां हेमंत सरकार ने इस साल बजट में स्वास्थ्य पर 3497 करोड़ और सड़कों व पुलों के लिए 5300 करोड़ खर्च करने की घोषणा की थी।
मरांडी ने कहा कि जब भ्रष्टाचार करने की बात आती है, तो हेमंत सरकार सुरसा से भी बड़ा मुंह खोल लेती है, लेकिन जब व्यवस्था को लेकर सवाल किया जाये तो मुख्यमंत्री और मंत्री गूंगे बहरे बन जाते हैं। मरांडी ने कहा कि हेमंत सोरेन राजनीति से इतर इतनी संवेदनशीलता तो दिखाइये, कम से कम ये सुनिश्चित कीजिये कि आज के बाद किसी झारखंड वासी को खाट पर लादकर इलाज के लिए न जाना पड़े।
बता दें कि राज्य के चुंदयारी गांव में सड़क नहीं है। सड़क न होने के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। ऐसे में बीमार या घायल लोगों को गांव से बाहर लाने के लिए खाट या किसी अन्य साधन से अस्पताल ले जाना पड़ता है।
एक दुर्घटनाग्रस्त बुजुर्ग महिला की गंभीर हालत को देखते हुए परिजन उसे अस्पताल ले जाने लगे। परिजनों ने अस्पताल से एंबुलेंस मंगवाई, लेकिन एंबुलेंस रास्ते में ही खराब हो गयी जिसके बाद बुजुर्ग महिला को खाट से ही अस्पताल ले जाया गया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के रांची में बीते शुक्रवार से ऐतिहासिक जगन्नाथपुर रथयात्रा मेले की शुरुआत हुई। इस बार मेले को साफ-सुथरा और प्लास्टिक मुक्त बनाने की मुहिम शुरू की गयी है। मेले में प्लास्टिक कैरी बैग और प्लास्टिक से बनी वस्तुओं की खरीद-बिक्री पर पूरी तरह रोक लगा दी गयी है।
रांची नगर निगम की टीम पहले दिन से ही एक्शन मोड में नजर आयी। दुकानों पर जांच अभियान चलाया गया और कई दुकानों से मिले प्लास्टिक बैग जब्त कर लिये गये। निगम की टीम ने मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से भी अपील की है कि वे इस बार की रथयात्रा को स्वच्छ, सुंदर और प्लास्टिक मुक्त बनाने में सहयोग करें।
जगन्नाथपुर रथयात्रा मेला रांची का एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है। इस मेले में दूर-दूर से श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं और मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें और स्टॉल लगाये जाते हैं।
मेले को प्लास्टिक मुक्त बनाने के लिए निगम की टीम ने विशेष अभियान शुरू किया है। प्लास्टिक कैरी बैग और प्लास्टिक से बनी वस्तुओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगायी गयी है। मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों से सहयोग की अपील की जा रही है।
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