टीम एबीएन, रांची। रांची पहाड़ी और उस पर स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र पहाड़ी मंदिर (शिवालय) पर ध्यान देने की जरूरत है। यह पहाड़ी अब किसी भी तरह के नये निर्माण कार्य को बर्दाश्त नहीं कर पायेगी। ये हम नहीं,बल्कि सरकार की ओर से गठित उस तकनीकी दल ने कहा है, जो कुछ दिन पहले रांची पहाड़ी और उस स्थापित महादेव के मंदिर की भौतिक जांच करने पहुंची थी।
तकनीकी दल के एक सदस्य ने बताया कि रांची पहाड़ी संकट में है। उनके दल ने मौका-मुआयना करने के बाद यह भी स्पष्ट कर दिया है कि अब पहाड़ी और इस पर स्थित मंदिर में निर्माण से संबंधित कोई गतिविधि नहीं होनी चाहिए। क्योंकि, पहाड़ी की मिट्टी ढीली हो गयी है। दल के सदस्य ने बताया कि फिलहाल वस्तुस्थिति का अध्ययन किया जा रहा है। टीम छह माह में अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप देगी।
पहाड़ी मंदिर इन दिनों नयी समस्या से जूझ रहा है। यहां दिन-ब-दिन चूहों की तादाद बढ़ रही है, जो मंदिर की दीवारों, फर्श और नींव में सुरंगें बनाकर इसे अंदर से खोखला कर रहे हैं। चूहों ने मंदिर परिसर में लगे पेड़ों की जड़ों को भी खोखला कर दिया है।
समय रहते उपाय नहीं किया गया, तो मंदिर को भारी नुकसान हो सकता है। सुरंग की वजह से मंदिर परिसर में कई जगहों पर फर्श धंस गयी है। जिस जगह जमीन खोखली हो गयी है, उसे टाइल्स के जरिये ढंकने की कोशिश की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। आज देश भर में मुहर्रम मनाया जा रहा है। दुनिया भर के मुसलमान कर्बला की जंग को याद कर रहे हैं। वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मुहर्रम के अवसर पर हजरत इमाम हुसैन की शहादत को याद व नमन किया है।
सीएम हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि हजरत इमाम हुसैन साहब की शहादत मानव जाति को भाईचारे का संदेश देता है, जुल्म के खिलाफ आवाज उठाने की प्रेरणा देता है। उन्होंने आगे कहा कि हजरत इमाम हुसैन साहब की शहादत को नमन।
टीम एबीएन, रांची। 1947 में आजादी के बाद बनी जवाहरलाल नेहरू की अंतरिम सरकार में आप उद्योग एवं आपूर्ति मंत्री बनाए गए थे और आपने उद्योग में आत्मनिर्भरता की दिशा में फैक्ट्रियों की नींव रखी जिसका आज एक बृहत स्वरूप देश का धरोहर है।
1951 में आपके द्वारा गठित राजनीतिक संगठन भारतीय जनसंघ आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक संगठन है। आपके द्वारा स्थापित आदर्श एवं सिद्धांत के राह पर चलते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया भर में निवेश के माध्यम से एक सुखद मजबूत गंतव्य की ओर अग्रसारित है। डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की पावन स्मृतियों को सादर नमन जो हम लोगों का प्रेरणा स्रोत है।
टीम एबीएन, रांची। जेसीआई एक्सपो उत्सव जिसे रांची का त्यौहार भी कहा जाता है विगत पिछले 27 वर्षों से झारखंड का सबसे बड़ा कंज्यूमर फेस्ट माना गया है। मोरहाबादी मैदान में लगने वाला 7 दिनों का ये एक्सपो, जहां आप कपड़े, इलेक्ट्रोनिकस, कंप्यूटर, फ्लैट, घर से जुड़ी हर जरूरत की वस्तु, नई गाड़ियां एवं फर्नीचर इत्यादि खरीद सकते है, 5 लाख से ज्यादा लोगों को आकर्षित करता है इस बार सितम्बर के महीने में लगने जा रहा है।
इस साल जेसीआई एक्सपो उत्सव के मुख्य संचालक के तौर पर जेसी सिद्धार्थ जयसवाल को चयनित किया गया है। सिद्धार्थ पूर्व में जेसीआई रांची के सचिव के तौर पर अपना कार्यभार संभाल चुके है और विगत 14 वर्षों से जेसीआई एक्सपो उत्सव में अपनी सहभागिता दे रहे हैं।
पेशे से सिद्धार्थ स्टील कारोबारी है। वे 15 सालों से जेसीआई रांची के मेंबर है। सह संचालक के रूप मैं जेसी दीपक पटेल, जेसी अभिषेक जैन, जेसी अनीश जैन और जेसी सौरव नरेडी है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। जिले के छतरपुर थाना क्षेत्र के कउवल में नेशनल हाईवे 98 पर शुक्रवार को बड़ा सड़क हादसा हुआ। हादसे में 3 मजदूरों की मौत हो गई, जबकि 27 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी मजदूर धान की रोपनी के लिए बिहार के सासाराम जा रहे थे।
जानकारी के अनुसार, गढ़वा जिले के रंका और रमकंडा इलाके से मजदूरों का एक जत्था पिकअप वाहन से सासाराम के लिए रवाना हुआ था। इसी दौरान कउवल के पास नेशनल हाईवे 98 पर पिकअप अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप पलट गई और मजदूर उसमें फंस गये।
हादसे में राजू भुइयां (सिगसिगा कला, गढ़वा), गुड्डू राम (कंचनपुर, रंका), और पूरण भुइयां (सिगसिगा, रंका) की मौत हो गई। 2 की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी, जबकि एक की मौत इलाज के दौरान एमएमसीएच में हुई। पिकअप में कुल 30 लोग सवार थे, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल थे।
सभी घायलों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, फिर गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) रेफर किया गया। अस्पताल में बिजली की व्यवस्था नहीं होने के कारण डॉक्टरों को टॉर्च की रोशनी में घायलों का इलाज करना पड़ा।
घायल मजदूरों ने आरोप लगाया कि पिकअप चालक शराब के नशे में था। इसी कारण वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया। छतरपुर थाना प्रभारी प्रशांत प्रसाद ने बताया कि हादसे में तीन लोगों की मौत हुई है और 29 लोग घायल हैं। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और हादसे की जांच की जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। भाकपा (माले) झारखंड राज्य कमिटी रांची स्थित महेन्द्र भवन में फादर स्टेन स्वामी की पाँचवीं शहादत दिवस पर 7 जुलाई को एक विचार गोष्ठी का आयोजन करेगा।
विचार गोष्ठी का विषय है- संविधान की दिशा पर संघी हमला, बिहार में वोटबंदी और भारत का प्रत्युत्तर।
मौके पर राज्य सचिव कामरेड मनोज भक्त ने आज कहा कि जब ऑपरेशन कगार के नाम पर जल, जंगल, ज़मीन और खनिज को अडाणी जैसी पूंजीपतियों के हवाले करने के लिए आदिवासियों को कुचला जा रहा है, तब फादर स्टेन स्वामी की शहादत हमारे लिए लड़ाई की मशाल है।
टीम एबीएन, रांची। झामुमो के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा सांसद शिबू सोरेन की तबीयत में सुधार हो रहा है। मालूम हो कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन का दिल्ली में स्थित सर गंगा राम अस्पताल में इलाज चल रहा है। यहां डॉक्टरों ने गुरुजी की हालत को लेकर संतोष जताया है। वह दिन-रात चिकित्सकों की निगरानी में हैं। इधर, राज्यसभा सांसद महुआ माजी शुक्रवार को शिबू सोरेन को देखने के लिए अस्पताल पहुंचीं।
सांसद महुआ माजी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात कर गुरुजी का हालचाल जाना। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी भी दिल्ली पहुंचे हैं। स्वास्थ्य मंत्री के साथ झारखंड के पूर्व प्रभारी गुलाम अहमद मीर भी अस्पताल पहुंचे। राज्य से कई नेताओं का दिल्ली आना-जाना लगा हुआ है।
झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर और पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला ने भी सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात की। कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव भी पिछले दिनों अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने गुरुजी का हालचाल लिया था। सोरेन परिवार लगातार दिल्ली में कैंप कर रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, रामगढ़। जिले के कुजू प्रक्षेत्र में सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की करमा परियोजना की खुली खदान में शनिवार सुबह अवैध कोयला खनन के दौरान चाल धंसने से बड़ा हादसा हुआ। इस भयावह घटना में चार ग्रामीणों की जान चली गयी, जबकि छह अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये।
गुस्साये ग्रामीणों ने सीसीएल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शवों के साथ करमा परियोजना कार्यालय के सामने मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हादसा सुबह करीब 7 बजे महुआटुंगरी के पास सीसीएल की सुगिया खदान में हुआ।
स्थानीय लोगों के अनुसार, रोजाना की तरह कई ग्रामीण अवैध रूप से कोयला निकालने खदान में पहुंचे थे। इसी दौरान अचानक ऊपर से मलबा धंस गया, जिसके नीचे 12 लोग दब गये। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गयी। ग्रामीणों और प्रशासन की मदद से मलबे में दबे लोगों को निकाला गया, लेकिन चार की मौत हो चुकी थी।
मृतकों की पहचान निर्मल मुंडा (42, सुगिया), वकील करमाली (55), इम्तियाज अंसारी उर्फ लालू (38, महुआटुंगरी), और रामेश्वर मांझी (35, जोभिया, रजरप्पा) के रूप में हुई। घायलों में रोजिदा खातून (35), सरिता देवी (40), और अरुण मांझी (22) शामिल हैं, जिनका इलाज विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है।
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