टीम एबीएन, रांची। प्रमोद सारस्वत होलसेल क्लॉथ के व्यापारी ने सरहुल कैसे पावन अवसर पर झारखंड के सभी वासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है।
टीम एबीएन, रांची। रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के आतिथ्य में झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन की द्वितीय प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक एवं नगर निकाय सम्मान समारोह का आयोजन 22 मार्च दिन रविवार पूर्वाह्न 11 बजे से हरमू रोड रांची स्थित मारवाड़ी भवन के बहुउद्देशीय सभागार में रखा गया है। जिसकी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन एवं मारवाड़ी सहायक समिति के संयुक्त तत्वाधान में मारवाड़ी भवन में आयोजित नगर निकाय सम्मान समारोह में मारवाड़ी समाज से झारखंड से निकाय चुनाव में निर्वाचित होने वाले सभी मेयर, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं वार्ड पार्षदों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही साथ नगर निकाय चुनाव में चुनाव लड़ने वाले सभी मारवाड़ी समाज के प्रत्याशियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
इस बार के झारखंड नगर निकाय चुनाव में मारवाड़ी समाज से 1 मेयर, 2 अध्यक्ष, 3 उपाध्यक्ष एवं 18 पार्षद चुने गए हैं। मारवाड़ी सम्मेलन के प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल एवं महामंत्री विनोद कुमार जैन ने सभी कार्यसमिति सदस्य,पूर्व प्रांतीय अध्यक्ष, जिला, शाखा अध्यक्ष, मंत्री, विशेष आमंत्रित, परामर्श दात्री समिति के सदस्यों से इस बैठक एवं सम्मान समारोह में अवश्य उपस्थित रहने का आग्रह किया है।
उक्त जानकारी देते हुए प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि कार्यक्रम की तैयारीयों के मौके पर प्रांतीय अध्यक्ष सुरेश चंद्र अग्रवाल, महामंत्री विनोद कुमार जैन, मारवाड़ी सहायक समिति के अध्यक्ष पवन कुमार शर्मा, कार्यक्रम संयोजक सुभाष पटवारी, ललित कुमार पोद्दार, मनोज कुमार चौधरी, नंदकिशोर पाटोदिया, कौशल राजगढ़िया, अनिल कुमार अग्रवाल, संजय सर्राफ, निर्मल बुधिया, महेश कुमार आदि उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, झारखंड द्वारा 20 से 22 मार्च 2026 तक शौर्य सभागार, जैप, रांची में तीन दिवसीय अखिल भारतीय बसंत कला शिविर प्रकृति-2026 का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह विशेष कला शिविर प्रकृति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता को सशक्त बनाने और कला के माध्यम से पर्यावरणीय संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने का एक प्रेरणादायक प्रयास है।
यह आयोजन वैश्विक स्तर पर मनाए जाने वाले तीन महत्वपूर्ण अवसरों विश्व गौरैया दिवस (20 मार्च), इंटरनेशन डे आॅफ फोरेस्ट (21 मार्च) एवं वर्ल्ड वाटर डे (22 मार्च) के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है, जिससे इसकी प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है।
इस कला शिविर में देश के विभिन्न राज्यों से आमंत्रित प्रख्यात एवं नवोदित कलाकार अपनी सृजनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। कलाकार वन संरक्षण, जल संरक्षण एवं जैव विविधता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर लाइव पेंटिंग के माध्यम से प्रकृति के प्रति अपनी भावनाओं को सजीव रूप देंगे। इस वर्ष का केंद्रीय संदेश बैक टू नेटचर प्रकृति की ओर लौटें है, जो आधुनिक जीवनशैली में प्रकृति के साथ संतुलन स्थापित करने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दिप प्रज्वलन और गणेश वंदना के साथ किया गया। इसके बाद श्रीकांत वर्मा, डीएफओ, (पब्लिसिटी एंड एक्सटेंशन डिवीजन) ने सभागार में बैठे सभी का स्वागत करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम केवल एक कला शिविर नहीं, बल्कि प्रकृति, वन एवं वन्यजीव संरक्षण के प्रति हमारी सामूहिक जिम्मेदारी को पुन: स्मरण करने का भी एक महत्वपूर्ण क्षण है।
उन्होंने कहा कि प्रकृति हमें जीवन देती है, और उसकी रक्षा करना हमारा धर्म है। उन्होंने कलाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि कला एक ऐसी भाषा है, जो बिना शब्दों के भी बहुत कुछ कह जाती है। जहां शब्द कम पड़ जाते हैं, वहां कला बोलती है। इसके बाद गौरैया बुकलेट, एवं कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया गया। इसके पश्चात कार्यक्रम की शुरूआत की गई और एक अनोखे संगीत समूह द्वारा सुरों एवं बेहतरीन संगीत प्रस्तुत किया गया जिसने खूबसूरती से साबित किया कि जुनून किसी पेशे का मोहताज नहीं होता—द पैशनेट एमेच्योर्स।
कार्यक्रम में आगे बढ़ते हुए प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख संजीव कुमार ने कलाकारों, विद्यार्थियों, कला संस्थानों का स्वागत करते हुए कहा कि हमारे वन केवल हरियाली का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि वे हमारे जल, वायु, जैव विविधता और जीवन चक्र के आधार स्तंभ हैं। वन्यजीव हमारे पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा हैं, और उनका संरक्षण ही धरती के संतुलन को बनाए रखता है। उन्होंने यह भी कहा कि कला के माध्यम से वन, प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाना।
उन्होंने कलाकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आपकी कल्पनाएं, आपके रंग, और आपकी रचनाएं निश्चित ही इस शिविर को यादगार बनायेंगी। कार्यक्रम में रांची के विभान नामचीन कॉलेज के करीबन 400 बच्चों ने भाग लिये। बच्चों के बीच इंटर कॉलेज क्विज एवं एक्सटेंपोरे प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया एवं विजेताओं को पुरस्कृत कर सम्मानित भी किया गया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर/ पलामू। प्रमंडलीय आयुक्त कुमुद सहाय आज अपने कार्यालय वेश्म में पलामू प्रमंडल क्षेत्र अंतर्गत पलामू, लातेहार एवं गढ़वा जिलों के राजस्व पदाधिकारियों के साथ बैठक कर राजस्व संग्रहण की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सभी संबंधित अधिकारियों ने अपने-अपने जिलों एवं विभागों में निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध अबतक की उपलब्धियों की जानकारी प्रस्तुत की।
आयुक्त ने जिलेवार राजस्व वसूली की स्थिति, लंबित मामलों, भू-राजस्व, लगान, खनन मद एवं अन्य राजस्व स्रोतों की प्रगति का बारीकी से आकलन किया। उन्होंने पाया कि कुछ विभागों में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है, जिसपर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्ति पर है। ऐसे में तत्परता बरतते हुए राजस्व संग्रहण में तेजी लाना सुनिश्चित करें। प्रमंडलीय आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि सभी पदाधिकारी लक्ष्य के अनुरूप कार्य करते हुए समयबद्ध उपलब्धि सुनिश्चित करें। उन्होंने लंबित राजस्व वादों के त्वरित निष्पादन एवं नियमित मॉनिटरिंग करने पर विशेष बल दिया।
आयुक्त ने कहा कि सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और राजस्व संग्रहण में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतें। उन्होंने चेतावनी दी कि लक्ष्य प्राप्ति में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जायेगी। खनन विभाग द्वारा राजस्व संग्रहण की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने अवैध खनन, अवैध परिवहन, अवैध बालू लदा ट्रैक्टर के विरूद्ध सख्ती से कार्रवाई करने एवं राजस्व वसूली में तेजी लाने का सख्त निर्देश दिया।
बैठक में आयुक्त के सचिव बिजय वर्मा, प्रमंडल क्षेत्र के पलामू, गढ़वा एवं लातेहार के अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, खनन पदाधिकारी, मत्स्य पदाधिकारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता, उत्पाद अधीक्षक, निलाम पत्र पदाधिकारी, बिजली विभाग के पदाधिकारी, जिला अवर निबंधक, नगर निगम, नगर पंचायत, नगर परिषद के पदाधिकारी, राजस्व से जुड़े विभिन्न विभागों के पदाधिकारी एवं अन्य राजस्व पदाधिकारी उपस्थित थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गोयलकेरा। प्रखंड क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हमला कर एक दंपति की तब हत्या कर दी जब वे सोए हुए थे। पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
अनुमंडल पुलिस अधिकारी (चक्रधरपुर) कुमार विनोद ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह दंपति के बच्चों ने अपने माता-पिता को खून से लथपथ देखा और शोर मचाया। अधिकारी ने बताया कि दंपति को पास के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
बताया जा रहा है कि मृतक दंपति की यह दूसरी शादी थी और परिवार में कुल पांच बच्चे हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है, जिससे पूरे गांव में तनाव का माहौल है। पुलिस घटना की जांच कर रही है और पुलिस ने घटनास्थल से एक कुल्हाड़ी बरामद की है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क, नई दिल्ली/लोहरदगा। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने धर्मांतरण विरोधी कानूनों को लेकर केंद्र और भाजपा शासित राज्यों पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि देश में पहले से ही ऐसे कानून मौजूद हैं, जो किसी भी व्यक्ति को दबाव या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने से रोकते हैं, ऐसे में नए कानून लाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि कोई भी व्यक्ति किसी पर दबाव डालकर उसका धर्मांतरण नहीं करवा सकता है, यह पहले से ही कानूनन अपराध है। इसके बावजूद लगातार नये कानून बनाए जा रहे हैं, जो कहीं न कहीं एक विशेष समुदाय को निशाना बनाने का प्रयास प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की सरकार है, वहां धर्मांतरण विरोधी कानूनों को तेजी से लागू किया जा रहा है।
उनके अनुसार, यह प्रवृत्ति सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने के बजाय समाज में विभाजन पैदा कर सकती है।सांसद ने कहा कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी आस्था और धर्म के पालन की स्वतंत्रता देता है। ऐसे में सरकारों को चाहिए कि वे मौजूदा कानूनों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, न कि नए कानूनों के जरिए अनावश्यक विवाद उत्पन्न करें।
उन्होंने यह भी कहा कि इस तरह के कानूनों से अल्पसंख्यक समुदायों में भय और असुरक्षा का माहौल बन सकता है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुकूल नहीं है। अंत में सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र और राज्य सरकारों से अपील करते हुए कहा कि वे समाज में भाईचारा और आपसी विश्वास बनाए रखने की दिशा में काम करें, ताकि देश की एकता और अखंडता मजबूत हो।
एबीएन न्यूज नेटर्व, पतरातू (रामगढ़)। योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन आॅफ झारखंड के तत्वावधान में तीन दिवसीय 7वें झारखंड स्टेट योगासन जजों एवं तृतीय कोचों का प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026-2027 का विधिवत शुभारंभ शुक्रवार को मिडवे रिसॉर्ट, पतरातू में हुआ। यह कार्यक्रम 20 मार्च से 22 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि और उद्यमी एवं समाजसेवी श्री मृत्युंजय सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य झारखंड में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कुशल जज और कोच तैयार करना है, ताकि राज्य के खिलाड़ी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
उद्घाटन सत्र के दौरान संस्थान के सचिव चंदू शर्मा, कोषाध्यक्ष प्रशांत सिंह और सह सचिव मलय डे, पदाधिकारी संतोषी साहू आर्य, प्रहलाद भगत, डॉ. एस. के. घोषाल, पूजा सिंह, अमित स्वर्णकार, शंकर राणा एवं दयानंद कुमार, राहुल रंजन मुख्य रूप से उपस्थित रहे और कार्यक्रम की गरिमा बढ़ायी।
इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में झारखंड के 20 विभिन्न जिलों से कुल 79 प्रशिक्षु (जज और कोच) हिस्सा ले रहे हैं। इन प्रतिभागियों को योगासन खेल की बारीकियों, नए नियमों और तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया जा रहा है। कार्यक्रम में मंच संचालन डॉ एस के घोषाल ने किया गणेश वंदना के साथ योगा का डेमोंसट्रेशन, रितेश और मोहित ने किया गया।
एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि 22 मार्च तक चलने वाले इस शिविर के समापन पर सफल प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिये जायेंगे। इससे झारखंड में योगासन को एक खेल के रूप में नई पहचान मिलेगी और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए एक मजबूत तकनीकी टीम तैयार होगी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में चिकित्सा शिक्षा को एकीकृत और सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने झारखंड स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, रांची को क्रियाशील बनाने की प्रक्रिया तेज करते हुए डॉ. सुधीर कुमार गुप्ता को इसका कुलपति नियुक्त किया है। इस संबंध में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने एक अधिसूचना आज 20 मार्च को जारी कर दी।
डॉ. गुप्ता वर्तमान में एम्स नई दिल्ली में कार्यरत हैं और वे अधिकतम तीन वर्ष या 70 वर्ष की आयु तक अथवा अगले आदेश तक इस पद पर बने रहेंगे। विश्वविद्यालय के संचालन के लिए रांची के ब्रांबे स्थित पंचायती राज प्रशिक्षण संस्थान परिसर को चिन्हित किया गया है। तत्काल इस परिसर को विश्वविद्यालय के लिए अस्थाई रूप से हस्तांतरित करने के लिए अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से ब्रांबे स्थित पंचायती राज संस्थान परिसर को स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित करने का आग्रह किया गया है।
ताकि झारखंड स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय को शीघ्र क्रियाशील किया जा सके। विश्वविद्यालय के गठन के बाद राज्य के मेडिकल, डेंटल, नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थान एकीकृत शैक्षणिक एवं प्रशासनिक ढांचे के अंतर्गत आ जाएंगे। इससे पढ़ाई, परीक्षा, संबद्धता और मान्यता से जुड़े कार्यों में एकरूपता आएगी।
अभी तक अलग-अलग विश्वविद्यालयों के अधीन होने के कारण इन संस्थानों को समन्वय की समस्याओं का सामना करना पड़ता था। नयी व्यवस्था लागू होने के बाद अंडर ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट सीटों में वृद्धि की प्रक्रिया भी सरल और प्रभावी हो जायेगी। साथ ही, चिकित्सा क्षेत्र में शोध गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस संबंध में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि झारखंड स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय की स्थापना राज्य की चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि सभी चिकित्सा संस्थानों के एकीकृत नियंत्रण में आने से पढ़ाई, परीक्षा और प्रशासनिक कार्यों में एकरूपता आएगी तथा यूजी और पीजी सीटों में बढ़ोतरी की प्रक्रिया भी अधिक सुव्यवस्थित हो सकेगी।
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