झारखंड

View All
Published / 2025-07-12 23:15:45
रिम्स-2 : आदिवासियों की जमीन बचाने उतरा जनजाति आयोग

  • रिम्स-2 निर्माण को लेकर विवाद गहराया, आदिवासी रैयतों के समर्थन में उतरा जनजाति आयोग

टीम एबीएन, रांची। कांके प्रखंड के नगड़ी में प्रस्तावित रिम्स-2 के निर्माण को लेकर प्रदेश में सियासी संग्राम तेज हो गया है। एक ओर जहां स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी इस परियोजना को लेकर अडिग हैं, वहीं उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री बंधु तिर्की इसके विरोध में खुलकर सामने आ गए हैं। नगड़ी के ग्रामीण रैयतों ने भी प्रस्तावित जमीन को देने से साफ इनकार कर दिया है। 

ग्रामीणों और स्थानीय नेताओं का कहना है कि जिस भूमि पर रिम्स-2 के निर्माण की योजना है, वह कृषि योग्य है और वहां पर सैकड़ों वर्षों से आदिवासी समुदाय खेती कर रहा है। ग्रामीणों ने इसे अपनी आजीविका का मुख्य स्रोत बताया है। भूमि विवाद को लेकर ग्रामीणों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को लिखित शिकायत भी की थी। इसी के आलोक में शनिवार को आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा नगड़ी गांव पहुंचीं और ग्रामीणों से प्रत्यक्ष संवाद किया।

आयोग की सदस्य डॉ. लकड़ा ने बताया कि रैयतों ने उन्हें बताया कि वे पूरी तरह खेती पर निर्भर हैं और जिस जमीन पर रिम्स-2 का निर्माण प्रस्तावित है, वह उनकी जीवनरेखा है। ग्रामीणों के अनुसार, कांके से नगड़ी की ओर पूर्वी क्षेत्र में 202 एकड़ और पश्चिमी क्षेत्र में 25 एकड़ भूमि है, जिस पर लगभग 250 परिवार निर्भर हैं। यदि यह जमीन अधिग्रहित हो जाती है, तो उनके पास न तो अंतिम संस्कार के लिए जगह बचेगी, न ही धान संग्रहण और खेती के लिए कोई भूमि।

डॉ. लकड़ा ने कहा कि अनुसूचित जनजाति समाज का जीवन जल, जंगल और जमीन से जुड़ा होता है। यदि जमीन ही छिन जाएगी, तो वे पूरी तरह उजड़ जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक दबाव के कारण ग्रामीणों को खेती करने से भी रोका जा रहा है, जिसके चलते वे सड़क पर बिचड़ा तैयार करने को मजबूर हैं। वहीं कई ग्रामीणों पर केस दर्ज कर जेल भेजा गया, हालांकि अब वे जेल से रिहा हो चुके हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

डॉ. लकड़ा ने यह भी जानकारी दी कि 2011 तक गांव वालों ने जमीन का रसीद कटवाया था, लेकिन 2012 के बाद से रसीद नहीं कटी है। ग्रामीणों ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जमीन से जुड़े दस्तावेज मांगे हैं, लेकिन विभाग के पास अधिग्रहण से संबंधित कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि अधिग्रहण हुआ भी हो, तो कानून के अनुसार यदि पांच वर्षों तक निर्माण कार्य नहीं होता है, तो जमीन स्वतः रैयतों को वापस मिल जाती है।

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग इस मामले को गंभीरता से संज्ञान में ले चुका है। आयोग इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार, राष्ट्रपति और गृह मंत्रालय को भेजेगा। इसी क्रम में डॉ. आशा लकड़ा ने शनिवार को अपनी पांच सदस्यीय टीम के साथ राजभवन जाकर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से शिष्टाचार भेंट की। 

इस दौरान उन्होंने पेसा कानून, नगड़ी में कृषि योग्य भूमि पर रिम्स-2 के निर्माण तथा आदिवासी समाज से जुड़े मामलों पर चर्चा की। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आदिवासी समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे और जल्द ही संबंधित अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया जायेगा।

Published / 2025-07-12 23:11:42
के डी राय व्यथित की अध्यक्षता में ऑल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन की बैठक

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 12 जुलाई को रांची जी पीओ में के डी राय व्यथित की अध्यक्षता में ऑल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड की बैठक सम्पन्न हुई। सरकार के द्वारा 25 मार्च को वित्तीय विधेयक के साथ सी सी एस पेंशन रूल 2021 में वेलिडेशन संशोधन कर 60 लाख केंद्रीय पेंशनर्स को वर्तमान और भविष्य के पेंशनर्स में विभाजित कर उन्हें 8वें वेतन आयोग के संभावित लाभों से वंचित किया जा रहा है, जिसके कारण केंद्रीय पेंशनर्स में जबरदस्त आक्रोश और गुस्सा है।

इसको लेकर 35 सिविल पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने NCCPA के बैनर तले सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है और इसके अलावा सांगठनिक स्तर पर भी संघर्ष किया जायेगा। इस कड़ी में 25 जुलाई  को देश भर में मानव श्रृंखला बनायी जायेगी तथा अपने अपने क्षेत्र के सांसद को ज्ञापन सौंपा जायेगा। इसके लिए संसद मार्च भी किया जायेगा। सरकार पर दबाव बना कर इस कर्मचारी विरोधी कानून निरस्त कराने का प्रयास किया जायेगा।

बैठक को एम जेड खान सहित रंग नाथ पाण्डेय, रमेश सिंह, त्रिवेणी ठाकुर, के डी राय व्यथित, रामचंद्र प्रसाद, बलदेव साहू, राम नरेश पांडेय आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि हम इस काले कानून की वापसी तक संघर्ष करेंगे। बैठक में सीजी एच एस की कार्यप्रणाली पर भी चिंता व्यक्त की गयी तथा पोस्टमैन के बकाया भुगतान को लेकर भी लोग आक्रोशित थे तथा डाक प्रशासन की निष्क्रियता और संवेदनहीनता को जिम्मेदार ठहरा रहे थे।

बैठक में मुख्य रूप से त्रिलोकी नाथ साहू, हसीना तिग्गा, बी बारा, अमिता कुजूर, सुखदेव राम, मो रफी, आर बी बैठा, अमर नाथ मिश्रा, आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी ऑल इंडिया पोस्टल/आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन, रांची के झारखंड राज्य सचिव एम जेड खान ने दी।

Published / 2025-07-12 21:06:58
माही से मिले मंत्री सुदिव्य सोनू

मंत्री सुदिव्य सोनू ने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से की मुलाकात, इन मुद्दों पर हुई चर्चा 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के खेल एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य सोनू ने आज जेएससीए में भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी से मुलाकात की। दोनों के बीच इस दौरान राज्य में पर्यटन एवं खेल गतिविधियों के विकास को लेकर बेहद सकारात्मक बात हुई। 

सोनू ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, खेल और पर्यटन को नयी ऊंचाइयों तक पहुंचाने में धोनी का सहयोग राज्य सरकार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। उनकी विशेषज्ञता और अनुभव निश्चित रूप से इन क्षेत्रों में विकास को गति प्रदान करेंगे।

Published / 2025-07-12 21:06:25
देवेंद्रनाथ महतो ने अतिक्रमणमुक्त करायी 281 एकड़ जमीन

देवेंद्रनाथ महतो ने हल चलाकर बीआइटी संस्थान द्वारा अवैध रूप से 281 एकड़ कब्जा जमीन को मुक्त कराया 

अवैध कब्जा जमीन को मुक्त कराने हेतु जमीन बचाओ राज्यव्यापी आंदोलन किया जायेगा : देवेंद्र नाथ महतो 

टीम एबीएन, रांची। इन दिनों राज्य में अवैध जमीन कब्जा का विवाद मामला सबसे ज्यादा लंबित चल रहा है। बीआईटी बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान मेसरा में अवैध जमीन कब्जा मुक्त कराने हेतु आज हेलीपेड मैदान मेसरा आंदोलन हुआ। यह आंदोलन रैयत विस्थापित संघ के बैनर तले हुआ। आंदोलन में विभिन्न राजनीतिक व सामाजिक संगठन के अगुवा पहुंचे। संबोधन में  झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्रनाथ महतो ने संबोधन में कहा कि आज हमलोग अवैध कब्जा जमीन को मुक्त कराने के उद्देश्य एकजुट हुए हैं। 

जमीन को बीआईटी के अवैध कब्जा से मुक्त कराना है तो आज अभी तत्काल हल चलाना होगा खेती कार्य प्रारंभ करना होगा। उपस्थित सभी नेता और जनता ताली गड़ गड़गड़ाहट से हामी भरी, तत्काल पांच ट्रैक्टर मंगाया गया। देवेन्द्र नाथ महतो खुद ट्रैक्टर का हल चलाकर जमीन जोता गया। जिसका  उद्घाटन कांके विधायक सुरेश बैठा हरी झंडी दिखाकर किया। 

विधिवत सांस्कृतिक गीत संगीत के साथ धान और मड़ुवा अनाज का बुवाई कर जमीन बचाओ का मुहीम चलाया गया। आज के आंदोलन में पूर्वी मेसरा, पश्चिमी मेसरा, कैदल, नेवरी और चुटु पंचायत के हजारों लोग जुटे। स्थिति नियंत्रण पर स्थानीय थाना प्रभारी संजीव कुमार पहुंचे। बताते चलें कि मेसरा, रुदिया, होंबई, पंचोली और नया टोली मौजा के मुल रैयतों के कुल 281 एकड़ के जमीन घेराबंदी का प्रशासनिक नोटिस जारी किया गया था। जिसका आज पुरजोर तरीके से विरोध किया गया। 

आज के आंदोलन में पूर्व रांची लोकसभा सांसद रामटहल चौधरी, पूर्व शिक्षा मंत्री गीताश्री उरांव, कांके विधायक सुरेश बेठा, जीतू चरण राम, कमलैश राम, कुशल मुंडा, करमु मुंडा, विजय केसरी, नागेंद्र महतो, बाबूलाल महतो, फुलेश्वर बेठा आदि विस्थापित संघ के लोग रहे। बताते चलें कि कल शुक्रवार को इस जमीन विवाद समाधान को लेकर प्रशासनिक पदाधिकारी के मौजूदगी में संस्थान प्रबंधन और रैयतों का वार्ता असफल रहा। 

देवेंद्र नाथ महतो ने मीडिया वार्ता में कहा कि इतिहास में पहली बार जमीन विवाद आंदोलन से अवैध कब्जा जमीन को हल चलाकर खेती कार्य कर मुक्त कराया गया। जमीन लुट को हमारा पूर्वज कभी स्वीकार नहीं किया है, जमीन बचाने का संघर्ष का इतिहास पुराना है, जमीन बचाने को लेकर हमारे पूर्वज ढाल विद्रोह, चुआड़ विद्रोह, घोटवाल विद्रोह, भोक्ता विद्रोह, मुंडा विद्रोह, संथाल विद्रोह  ऐसे अनेक विद्रोह का इतिहास रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि हम शिक्षा का समर्थन करते हैं लेकिन संस्थान द्वारा जबरन अवैध रूप से रैयतों और फॉरेस्ट जमीन अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जायेगा।

Published / 2025-07-12 13:54:05
मांगें पूरी होने पर ही खत्म होगा एचईसी सप्लाई कर्मियों का आंदोलन

HEC सप्लाई कर्मियों का आंदोलन 11वें दिन भी रहा जारी

 



टीम एबीएन, रांची। HEC (हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन) में कार्यरत सप्लाई कर्मियों का आंदोलन शुक्रवार को 11वें दिन भी पूरे जोर-शोर से जारी रहा। आंदोलनकारी सप्लाईकर्मी नेहरू पार्क से जुलूस की शक्ल में निकले और HEC मुख्यालय पहुंचकर वहां जबरदस्त प्रदर्शन और सभा की। कर्मचारियों की भीड़ इतनी अधिक थी कि मुख्यालय के सामने सड़क पर जाम जैसे हालात बन गये। नारों, पोस्टरों और लाल झंडों के बीच मजदूरों का गुस्सा साफ नजर आया।

सभा को संबोधित करते हुए कई वक्ताओं ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर अभी भी कर्मचारी एकजुट नहीं हुए तो आने वाले दिनों में उनका भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो सकता है। वक्ताओं ने मेकॉन का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह वहां आउटसोर्सिंग एजेंसियों ने सप्लाई कर्मियों को अचानक काम पर आने से रोक दिया, वही स्थिति जल्द एचईसी में भी हो सकती है।

कर्मचारियों का आरोप है कि प्रबंधन उनके साथ लगातार धोखा कर रहा है। पांच महीने तक ईएसआई की राशि जमा नहीं की गयी और जब सवाल किया गया तो कहा गया कि काम ही नहीं हुआ। ऐसे प्रबंधन पर कैसे विश्वास किया जाए?

वक्ताओं ने कहा कि सप्लाई कर्मियों को मिलने वाली रविवार की छुट्टी, अर्जित अवकाश (AL), आकस्मिक अवकाश (EL), महंगाई भत्ता और क्वार्टर की सुविधा पहले से हुए समझौतों के तहत दी जाती है। अगर प्रबंधन इन्हें छीनने की कोशिश करेगा तो मजदूर कानूनी लड़ाई में उतरेंगे।

सभा में यह भी कहा गया कि यह आंदोलन केवल वेतन या सुविधा का नहीं, सम्मान और अधिकार का आंदोलन है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जो भी अधिकार कर्मचारियों को मिले हैं, वे संघर्ष और लामबंदी से ही मिले हैं, न कि किसी दया से।

वक्ताओं ने झारखंड सरकार के श्रम मंत्री का भी हवाला दिया, जिन्होंने हाल ही में स्पष्ट कहा था कि एचईसी के ठेका मजदूरों की सुविधाएं छीनी नहीं जाएंगी। मंत्री के बयान के बावजूद प्रबंधन के रवैये में कोई बदलाव नहीं आया है, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो रही है।

Published / 2025-07-12 13:47:03
रांची : मजदूर नेता मिथिलेश सिंह का निधन

रांची : मजदूर नेता मिथिलेश सिंह का निधन

टीम एबीएन, रांची। भाकपा माले के केंद्रीय स्टेयरिंग कमेटी सदस्य, बिहार कोलियरी कामगार यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष सह सीटू के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश सिंह का 70 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। कल 11 जुलाई को वह अपना डायलिसिस कराने के लिए प्राइम अस्पताल कैथा रामगढ़ जा रहे थे। 

इसी बीच रांची रोड में वह अपने परिजन के घर पर रुके थे। वहां से निकलने के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। मालूम हो वह पिछले कई वर्षों से अस्वस्थ चल रहे थे। उनके निधन की खबर से रामगढ़ कोयलांचल क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गयी है।

मिथिलेश सिंह बिहार प्रदेश के औरंगाबाद जिला के रहने वाले थे। वह वर्ष 1973-74 में हेसालौंग की निजी माइंस में काम करने के लिए झारखंड आये थे। वर्ष 1975 में आपातकाल के दौरान वह गिरफ्तार भी हुए थे और लगभग 22 माह तक पूर्व सांसद एके राय के साथ हजारीबाग जेल में रहे थे। 

उन पर मीसा भी लगाया गया था। जेल से रिहा होने के बाद गिद्दी क्षेत्र में मोटर ट्रांसपोर्ट कामगार यूनियन, बीसीकेयू व मासस की राजनीति करने लगे। उन्होंने लगभग पांच दशक तक इस इलाके में लाल झंडे की राजनीतिक की। मजदूर आंदोलनों के दौरान भी वह कई बार जेल गये।

Published / 2025-07-11 22:51:17
सांसद सुखदेव भगत ने स्व ददई दुबे के पार्थिव शरीर को किया नमन

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मंत्री, पूर्व सांसद, पूर्व विधायक मजदूर नेता ददई दूबे का कल निधन हो गया था। लोहरदगा लोकसभा के सांसद सुखदेव भगत कोयला, खान और इस्पात संसदीय स्थायी समिति का अध्ययन यात्रा कर बंगलोर कुर्ग से दिल्ली पहुंचे थे ।ददई दुबे की मृत्यु की जानकारी मिलते ही सांसद शीघ्र दिल्ली से रांची के लिए रवाना हुए। 

एयरपोर्ट से सीधे सांसद स्वर्गीय ददई दुबे के बरियातूआवासरांची पहुंचकर पार्थिव शरीर को नमन किये एवं परिजनों से मिलकर गहरी संवेदना प्रकट करते हुए सांसद ने कहा कि स्वर्गीय ददई दुबे का पार्टी में किया गया योगदान को बुलाया नहीं जा सकता ।वे मजदूरों के बहुत बड़ा नेता थे।

Published / 2025-07-11 19:37:58
श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट ने कराया निर्धन कन्या का विवाह

सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकार की एक अद्भुत मिसाल 

टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग में श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम के श्री राधा- कृष्ण मंदिर के प्रांगण में गुरु पूर्णिमा पर्व के पुनीत अवसर पर सेवा, समर्पण और सामाजिक सरोकार की एक अद्भुत मिसाल पेश करते हुए एक निर्धन कन्या का विवाह पूरे विधि-विधान एवं पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ सम्पन्न कराया गया। 

वर- कमलेश कुमार (पलसा ग्राम खूंटी निवासी) एवं कन्या- आरती कुमारी (ग्राम बोडेया कांके निवासी) का विवाह मंदिर के मुख्य पुजारी अरविंद पांडे ने पूरे विधि विधान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर वधु और वर के सात फेरे के लिये तथा सात जन्मों तक एक दूसरे का साथ निभाना का संकल्प लिया। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रहा, बल्कि समाज में सहृदयता एवं सेवा भावना को भी नया आयाम प्रदान करता है।

यह विवाह समारोह मंदिर प्रांगण में अत्यंत श्रद्धा, गरिमा एवं धार्मिक वातावरण में संपन्न हुआ। इस पुनीत अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, सचिव मनोज चौधरी, कोषाध्यक्ष सज्जन पाड़िया एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ सहित सभी पदाधिकारीयों ने नवविवाहित दंपति को आशीर्वाद प्रदान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा ट्रस्ट की ओर से वर-वधू को जीवनोपयोगी वस्तुएं, वस्त्र, तथा आवश्यक घरेलू सामान उपहार स्वरूप प्रदान किया गया, ताकि नवजीवन का प्रारंभ आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान के साथ हो सके। 

साथ ही वर- वधु को विवाह का सर्टिफिकेट भी प्रदान किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने ट्रस्ट के इस मानवीय कार्य की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। विवाह समारोह के अंत में सभी उपस्थित अतिथियों व श्रद्धालुओं के लिए भव्य भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें 500 से भी अधिक लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। 

ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि परमहंस डॉ संत शिरोमणि श्रीश्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के सानिध्य में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट वर्षों से सामाजिक सेवा में अग्रणी रहा है, और यह विवाह समारोह भी उनके द्वारा किये जा रहे जनकल्याणकारी प्रयासों की एक कड़ी है। ट्रस्ट ने भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की है।

Page 307 of 1691

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse