एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। केसरगढ़ा में अवैध खनन के दौरान चल धसने के बाद कई मजदूरों की मौत हो गई। अभी तक दबे मजदूरों को बाहर नहीं निकाला गया। बीसीसीएल के पास इतने आधुनिक मशीन रहने के बाद भी सिर्फ जेसीबी से खुदाई कर टाइमपास किया जा रहा है और जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है।
कोयला माफिया चुनचुन के संरक्षण में चलाया जा रहा था कोयला का अवैध खनन। अभी तक मजदूरों को इंसाफ नहीं मिला है न ही मजदूरों के परिवार को उचित मुआवजा दिया गया है, जिसको लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने ट्वीट किया है।
उन्होंने लिखा कि मजदूरों के उचित मुआवजा ओर मजदूरों को इंसाफ दिलाने के लिए ट्विट और पत्र के माध्यम से हमेशा आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं होना दुर्भाग्य पुन: की बात है।
टीम एबीएन, रांची। सावन माह की तीसरी सोमवारी पर पूरा झारखंड शिवमय नजर आ रहा है। देवघर से लेकर रांची तक भगवा वस्त्र पहने कांवरिया बाबा भोलेनाथ की भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं। प्रदेश के सभी शिवालयों में अहले सुबह से ही पूजा पाठ कर बाबा का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।
पवित्र सावन माह की तीसरी सोमवारी को दुमका जिला के बासुकीनाथ धाम मंदिर में श्रद्धालुओं का महासैलाब उमड़ पड़ा है। जिसको देखते हुए दुमका जिला प्रशासन अलर्ट मोड में है। बासुकीनाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं को बाबा मंदिर में पूजा-अर्चना में किसी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसको लेकर दुमका के उपायुक्त अभिजीत सिन्हा एवं पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार लगातार मेला क्षेत्र में नजर बनाए हुए हैं।
श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं विकास द्वार सहित सभी प्वाइंट्स पर मौजूद दंडाधिकारियों और पुलिस टीम को हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है। वहीं तीसरी सोमवारी को भागलपुर के बरारी स्थित गंगा घाट से हंसडीहा के रास्ते भारी संख्या में डाक बम श्रद्धालु बासुकीनाथ मंदिर पहुंच रहे हैं। जिसको देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
दुमका डीडीसी अनिकेत सचान ने बताया कि बासुकीनाथ धाम आने वाले देवतुल्य श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसका भरपूर ख्याल रखा जा रहा है। वहीं सावन माह के तीसरी सोमवारी के महत्व को लेकर पंडा धर्म रक्षिणी सभा के अध्यक्ष मनोज पंडा ने बताया कि धर्म ग्रंथों की मान्यता के अनुसार भोलेनाथ को पति रूप में पाने के लिए माता पार्वती ने सावन माह में तपस्या आरंभ किया था।
सावन की तीसरी सोमवारी को ही भगवान शिव ने दर्शन देकर माता पार्वती को अर्धांगिनी के रूप में स्वीकार किया था। जिसको देखते हुए इस सोमवारी का विशेष महत्व है। सावन माह की तीसरी सोमवारी को लेकर खूंटी जिला के बाबा आमेश्वर धाम में रविवार रात से हो श्रद्धालुओं का जत्था पहुंचने लगा है।
देर रात एक बजे से ही श्रद्धालु पेलोल नदी से जल लेकर बाबा आमरेश्वर धाम पहुंचे। इस बीच सोमवारी की पूर्व संध्या पर धाम परिसर स्थित मुख्य मंदिर में भगवान भोले शंकर की भव्य श्रृंगार पूजा की गई। शृंगार पूजा में धाम प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों के अलावा बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। इस दौरान धाम परिसर हर-हर महादेव के जयकारे से गुंजायमान रहा।
टीम एबीएन, रांची। ऑल झारखंड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) पार्टी के अध्यक्ष सुदेश महतो ने बीते रविवार को आरोप लगाया कि राज्य की कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि विधानसभा के आगामी मानसून सत्र में वह इस मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया जाएगा।
श्री महतो ने पार्टी के मिलन समारोह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीमित दिनों के लिए मानसून सत्र बुलाने पर भी सवाल उठाए। इस कार्यक्रम में कई लोग शामिल हुए। उन्होंने कहा, आगामी मानसून सत्र के लिए हमारा एजेंडा कानून-व्यवस्था की स्थिति पर केंद्रित होगा। भूमि से संबंधित अपराध, भूमि मुआवजा और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग भी पार्टी के प्रमुख एजेंडे में शामिल होंगे।
श्री महतो ने कहा, मानसून सत्र बहुत कम अवधि के लिए बुलाया जाएगा। इसके दिनों की संख्या सीमित है। सरकार ने अभी तक खुली बहस के लिए विषय तय नहीं किया है। झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र 1 अगस्त से शुरू होकर 7 अगस्त तक चलेगा। सत्र में पांच कार्य दिवस होंगे।
अटल मोहल्ला क्लिनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा एडवांस्ड हेल्थ क्लिनिक करने के सवाल पर महतो ने कहा, मुख्य मुद्दा यह है कि क्या इन क्लीनिक में लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए दवाएं और डॉक्टर हैं। केवल नाम बदलने से कार्यप्रणाली में बदलाव नहीं आएगा। बता दें कि झारखंड की 81 सदस्यीय विधानसभा में आजसू पार्टी का केवल एक सदस्य है।
टीम एबीएन, रांची। राजकीय मध्य विद्यालय, टाटीसिलवे की प्रभारी प्रधानाध्यापिका श्रीमती रीना महतो के असामयिक निधन पर उनके पैतृक गांव डाटमदा, बुंडू में रविवार को एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों, सहकर्मी शिक्षकों, छात्रों , समाजसेवियों और जनप्रतिनिधियों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सभा की शुरुआत उनकी तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर एवं दो मिनट के मौन रखकर की गई, जिसके बाद लोगों ने उनके सरल, समर्पित एवं प्रेरणादायक व्यक्तित्व को याद किया। डा धनेश्वर मेहता ने कहा कि रीना महतो एक कुशल शिक्षिका ही नहीं, बल्कि समाजसेवा और बच्चों की शिक्षा के प्रति समर्पित थीं। उनके निधन से शिक्षा जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
सभा में विद्यालय के शिक्षकगण, शिक्षिका , ग्रामीण महिलाएं, सामाजिक कार्यकर्ता और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में रीना महतो के दिखाए मार्ग पर चलने और उनके अधूरे कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। श्रद्धांजलि सभा के अंत में रीना महतो की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और उनके परिजनों को इस कठिन समय में संबल देने की कामना की गई।
इस अवसर पर मुख्य रूप से कुरमाली भाषा परिषद् के अध्यक्ष डा राजाराम महतो, ज्ञानेश्वर सिंह, सिदाम महतो, अधिवक्ता एवं पत्रकार मृत्युंजय प्रसाद, डॉ नीना महतो, डा एच एन सिंह,पोखलाल महतो, प्रदीप महतो, रामवृक्ष महतो, गौरांग महतो, मधुमिता, डा श्रुति मेहता, सत्यनारायण महतो,अशोक महतो, लालटू महतो, मनोरंजन माहली,इमरान अहमद, तपन कुमार महतो, परितोष महतो समेत बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। सावन के तीसरे सोमवार के पहले पहाड़ी मंदिर में जेसीआई रांची के सदस्यों के द्वारा भोले बाबा के भक्तों के लिए बुंदिया के प्रसाद का वितरण किया गया।
रविवार को पहाड़ी बाबा का शृंगार, पूजा-अर्चना व आरती की गई। इस कार्यक्रम का शकुशल संचालन जेसी हेमंत माहेश्वरी, कुनाल बोरा व मोहित लखोटिया ने किया।
कार्यक्रम में अध्यक्ष प्रतीक जैन, सचिव सन्नी केडिया, सिद्धार्थ जयसवाल, मोहित वर्मा, रॉबिन गुप्ता, सौरभ साबू, सौरव जालान, मयंक अग्रवाल, प्राची अग्रवाल, प्रवीण अग्रवाल, शोभीत अग्रवाल, निखिल अग्रवाल, गौरव माहेश्वरी व अन्य सदस्य उपस्थित थे।
एबीएन सोशल डेस्क। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में परमहंस डा० संत शिरोमणि सदानंद जी महाराज के सानिध्य में श्री राधा कृष्ण मंदिर पुंदाग रांची के प्रांगण में पांच दिवसीय संगीतमय श्री कृष्ण बीतक कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। इस पावन अवसर पर वृंदावन से पधारी सुप्रसिद्ध कथा वाचिका विदुषी साध्वी मीना महाराज एवं विदुषी पूर्णा महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग को विस्तारपूर्वक एवं अत्यंत भावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया।
कथा की शुरुआत मंगलाचरण और श्री गणेश वंदना से हुई, जिसके पश्चात संगीतमय शैली में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा प्रारंभ हुई। साध्वी मीना महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की पृष्ठभूमि, कंस के अत्याचार, वासुदेव और देवकी की पीड़ा, तथा जेल में श्रीकृष्ण के अवतरण की दिव्य कथा का सजीव चित्रण किया। उनके साथ साध्वी पूर्णा महाराज ने गायन और प्रसंगों की संगीतमय प्रस्तुति से वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
साध्वीजी ने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म केवल देवकी और वासुदेव के लिए नहीं, अपितु संपूर्ण मानवता के कल्याण हेतु हुआ था। जब-जब अधर्म बढ़ता है और धर्म की हानि होती है, तब-तब प्रभु किसी रूप में अवतरित होकर संसार को दिशा दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्म केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि आत्मा के भीतर नई चेतना के जागरण का प्रतीक है।
कथा के दौरान जैसे ही श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का प्रसंग आया, पूरे मंदिर परिसर में उल्लास और आनंद की लहर दौड़ गई। झांकी के रूप में बालकृष्ण के जन्म का जीवंत चित्र प्रस्तुत किया गया, जिसमें घंटियां, शंखनाद और नंद के घर आनंद भयो जैसे भजनों की गूंज से वातावरण गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर श्रीकृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया।
कथा स्थल को भव्य रूप से सजाया गया था। श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति यह दर्शा रही थी कि समाज में आज भी आध्यात्मिक चेतना जाग्रत है। आयोजन के पहले दिन ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी, और कथा श्रवण के दौरान पूरा परिसर श्रीकृष्णमय हो गया।ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं के लिए बैठने, जलपान, प्रसाद वितरण एवं पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई थी।
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि यह कथा प्रतिदिन दोपहर 2:30 बजे से बजे से शाम 5 बजे तक बजे तक आयोजित की जा रही है। जिसमें श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का संगीतमय वर्णन किया जाएगा। कथा का यह आयोजन केवल भक्ति नहीं, बल्कि समाज में प्रेम, करूणा और धर्म की स्थापना का संदेश भी दे रहा है।
मौके पर विजय कुमार अग्रवाल, डूंगरमल अग्रवाल, निर्मल जालान, राजेंद्र अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, संजय सर्राफ, विशाल जालान, मधु जाजोदिया, विष्णु सोनी, सुरेश अग्रवाल, नवल टिबडेवाल, सुरेश चौधरी, नंदकिशोर चौधरी, पवन पोद्दार, पुजारी अरविंद पांडे, विद्या देवी अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल, शोभा जालान, सुमन चौधरी, अमिता जालान, ललिता पोद्दार, रेखा पोद्दार, शारदा पोद्दार, उर्मिला पाड़िया, आशा मिश्रा, सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित है। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 27 जुलाई 2025 को रांची स्थित पुराना विधानसभा सभागार में केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा और अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य भारती, झारखंड इकाई के संयुक्त तत्वावधान में भारतीय ज्ञान परंपरा और समकालीन समाज विषयक एक एक दिवसीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में हिंदी साहित्य, भारतीय संस्कृति और शिक्षा से जुड़े अनेक विद्वानों, साहित्यकारों, शोधार्थियों और प्रबुद्धजनों ने भाग लिया।
इस अवसर पर झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री श्रीमती दीपिका पांडे सिंह ने मोबाइल के जरिए सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमें अपनी भारतीय संस्कृति और ऋषियों की ज्ञान परंपरा पर गर्व होना चाहिए। जब तक हम अपनी परंपराओं और मूल्यों को आत्मसात नहीं करेंगे, तब तक भारत को पुनः विश्वगुरु के रूप में स्थापित करना कठिन होगा।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य भारती द्वारा वैश्विक स्तर पर हिंदी व संस्कृति संवर्धन के प्रयासों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में सांस्कृतिक चेतना विकसित होती है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रांची विधायक पूर्व मंत्री सी.पी. सिंह, ने अपने वक्तव्य में कहा, हमारी संस्कृति और परंपरा केवल गौरवशाली अतीत की स्मृति नहीं, बल्कि एक जीवंत धरोहर है, जो हमारे जीवन को दिशा देती है।
आज जब दुनिया में सांस्कृतिक मूल्यों का क्षरण हो रहा है, ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम अपनी अगली पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। हिंदी साहित्य भारती और केंद्रीय हिंदी संस्थान का यह प्रयास अनुकरणीय है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे भारतीय दर्शन, इतिहास और भाषा को आत्मसात करें और जीवन के हर क्षेत्र में भारतीयता को गौरव के साथ स्थापित करें।
अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री,श्री रविन्द्र शुक्ल ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा हमारे ऋषियों की वाणी और वैदिक संस्कृति की वह मूलभूत अवधारणा है, जो संपूर्ण विश्व को दिशा दे सकती है। हमें इसे आधुनिक संदर्भों में पुनर्परिभाषित कर समाज के सभी वर्गों तक पहुँचाना होगा।
गौसेवा आयोग, झारखंड के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने संगोष्ठी की उपादेयता को रेखांकित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति की पुनर्स्थापना का यह एक सार्थक प्रयास है। उन्होंने इसे विचारों का उत्सव बताया। केंद्रीय हिंदी संस्थान, आगरा के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. रंजन कुमार दास (भुवनेश्वर) ने कहा, भारतीयता एक जीवनशैली है, जो आज के संदर्भ में अत्यंत प्रासंगिक हो गई है। शिक्षा, संस्कृति और भाषा के समन्वय से ही समाज को दिशा दी जा सकती है।
हिंदी साहित्य भारती के केंद्रीय महामंत्री रामनिवास शुक्ल ने कहा कि जीवन मूल्यों और सांस्कृतिक चेतना को संगठित रु से प्रस्तुत करे। झारखंड इकाई की सराहना करते हुए कहा कि, समय की मांग है कि हम अपने साहित्य और सांस्कृतिक मूल्यों को संगठित रूप से प्रस्तुत करें। यह आयोजन उस दिशा में एक प्रभावी कदम है।
द्वितीय सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रसिद्ध पत्रिका सोच-विचार के संपादक डॉ. नरेंद्र मिश्र (वाराणसी) ने संगोष्ठी की सफलता की प्रशंसा करते हुए संयोजकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि झारखंड इकाई ने यह सिद्ध कर दिया है कि सुदूर राज्यों में भी गंभीर साहित्यिक और वैचारिक संवाद संभव है। इस पूरे आयोजन के संयोजक और संचालनकर्ता रहे बहुचर्चित युवा सामाजिक कार्यकर्ता और साहित्य प्रेमी अजय राय, जिन्होंने कार्यक्रम के उद्देश्य, पृष्ठभूमि और प्रयोजन को विस्तार से प्रस्तुत किया।
उन्होंने कहा, आज का यह संगोष्ठी भारतीय संस्कृति और झारखंड की स्थानीय परंपराओं के समन्वय का सशक्त माध्यम है। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सज्जन, जो कि एक शिक्षाविद, विचारक और साहित्यकार हैं, ने स्वागत संबोधन में कहा कि झारखंड की यह धरती भगवान बिरसा मुंडा की धरती है, जिन्होंने संस्कृति और अस्मिता की रक्षा के लिए अपने प्राण अर्पण किए।
हमें भी आज उसी भावना से अपनी वैदिक परंपरा और ज्ञान को पुनः स्थापित करने का संकल्प लेना चाहिए। संगोष्ठी में झारखंड के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए शोधार्थियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा और झारखंड की सांस्कृतिक विरासत पर केंद्रित 35 शोध पत्रों की प्रस्तुति दी। यह सत्र अत्यंत समृद्ध और ज्ञानवर्धक रहा। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
इस संगोष्ठी में कई अन्य विद्वानों और वरिष्ठजनों ने भी अपनी बात रखी, जिनमें प्रमुख रूप से हिमांशु शुक्ल, पूर्व संपादक, दैनिक जागरण (वाराणसी) डॉ. सुनीता मंडल, प्रभारी मंत्री, हिंदी साहित्य भारती झारखंड डॉ. सुनीता कुमारी, उपाध्यक्ष, हिंदी विभाग, रांची विश्वविद्यालय ब्रजेंद्र नाथ मिश्र, प्रदेश मीडिया प्रभारी, हिंदी साहित्य भारती आदि। इस आयोजन में झारखंड के विभिन्न जिलों से आए लगभग 150 प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति रही।
जिनमें रांची हिंदी साहित्य भारती के प्रांतीय महामंत्री राकेश कुमार, रांची जिला अध्यक्ष बलराम पाठक, उपाध्यक्ष संजय सर्राफ, महामंत्री सुकुमार झा, कुमार मनीष अरविंद,उपाध्यक्ष डॉ. संगीता नाथ, सिंहभूम जिला अध्यक्ष डॉ. आशा गुप्ता, श्रीमती रेणु बाला मिश्रा, अरुणा झा, डॉ. स्नेह लता, अनुज कुमार पाठक, रामप्रवेश पंडित, संजीव दत्ता, दीपेश निराला, नरेश बंका, अभय कुमार, विनोद जैन बगवानी, मुकेश साहू अनिकेत कुमार सिंह अभय कुमार पांडे, धनंजय पाठक, स्नेह प्रभा पांडेय, रेणुबाला मिश्रा,पूजा रत्नाकर,मंजु शरण मंजुल, संजीव कुमार, त्रिपुरेश्वर नाथ मिश्र, निशिथ सिन्हा, ब्रजेन्द्र नाथ मिश्र,संजय सिंह चंदन, रिंकू दुबे वैश्नवी, डॉ. रामप्रवेश पंडित,श्री विश्वजीत विश्वकिरण, श्रीमती जया, मनीष मिश्र नंदन, मुकेश यादव, दीपेश यादव प्रवीण कुजूर आनंद प्रमाणिक रमेश साहू सहित सैकड़ो ने भाग लिया।
समापन और राष्ट्रगान अंत में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अरुण सज्जन ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, शोधार्थियों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापन किया। सभा का समापन राष्ट्रगान के साथ अत्यंत गरिमामय ढंग से किया गया। उक्त जानकारी हिंदी साहित्य भारती संगोष्ठी के संयोजक अजय कुमार राय ने दी।
*प्रेस विज्ञप्ति*
*श्री राधा- कृष्ण मंदिर में 2 हजार श्रद्धालुओं के बीच अन्नपूर्णा महाप्रसाद का हुआ वितरण*
*भजन- कीर्तन में भक्तगण खूब झूमे*
श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित पुंदाग मे श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम में 220 वां श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन किया गया। आज का महाप्रसाद लोहरदगा निवासी धर्मेंद्र प्रसाद एवं उनके परिवार के सौजन्य से 101 किलो दूध का केसरिया खीर का महाप्रसाद श्रद्धालुओं के बीच वितरित किया गया। अन्नपूर्णा महाप्रसाद का विधिवत भोग दोपहर 12:30 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडे द्वारा लगाई गई, तत्पश्चात मंदिर परिसर में उपस्थित दो हज़ार से भी अधिक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया। आज के महाप्रसाद में केसरिया खीर, आलू चिप्स का पैकेट का वितरण किया गया। तत्पश्चात 2 घंटे तक भजन- कीर्तन कार्यक्रम में ट्रस्ट के भजन गायकों ने कृष्ण दरबार में मनमोहक भजनों से भक्तों को अमृत गंगा का रसपान कराते हुए खूब झुमाया। तथा श्री राधा कृष्ण के जयकारा एवं भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया तथा भक्तगण भक्ति रस में डूब गए। तत्पश्चात सामूहिक रूप से महाआरती की गई। ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि संस्था द्वारा श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम श्री राधा कृष्ण मंदिर परिसर मे आज अन्नपूर्णा महाप्रसाद एवं भजन संध्या में आज सुबह से ही श्रद्धालुओं का भीड़ लगा रहा। तथा भगवान श्री राधा कृष्ण मंदिर मे 7 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इस अवसर पर-डुंगरमल अग्रवाल,निर्मल जालान, विजय कुमार अग्रवाल,सज्जन पाडिया,राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल,शिवभगवान अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ,नन्द किशोर चौधरी,संजय सर्राफ, विशाल जालान,बिष्णु सोनी, मधु जाजोदिया, पवन पोद्दार,नवल टिबडेवाल, चन्द्रदीप साहु, हरीश कुमार, धीरज गुप्ता,परमेश्वर साहु,बसंत वर्मा, महेश वर्मा, सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
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