टीम एबीएन, रांची। हरियाली दिवस पर पासवा के आह्वान पर रांची विश्वविद्यालय के वनस्पति विज्ञान विभाग में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व सोशल मीडिया कोआॅर्डिनेटर विशाल कुमार सिंह ने किया, जिसमें विभाग के शिक्षकों और शोधार्थियों ने मिलकर आम का पौधा रोपित किया।
पर्यावरण संरक्षण और हरित परिसर को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित इस पहल में विभागीय शिक्षकों—डॉ. लाडली रानी (सहायक प्राध्यापक एवं बायोटेक्नोलॉजी समन्वयक), डॉ. स्निग्धा कुमारी, डॉ. विनोद कुमार, डॉ. श्वेता नाग, डॉ. अनिता सिन्हा, डॉ. रूपा वर्मा और डॉ. एस.के. झा—की गरिमामयी उपस्थिति रही।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित सुश्री फलक फातिमा ने अपने संदेश में कहा, इस प्रकार की पहल समाज को नई दिशा देती है। पर्यावरणीय चेतना युवाओं में पैदा करना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए।
कार्यक्रम का समन्वयन कर रहे विशाल कुमार सिंह ने कहा, पासवा का लक्ष्य है राज्यभर में 50 लाख पौधे लगाना। इस दिशा में यह आयोजन एक सार्थक और प्रेरणादायक शुरूआत है।
डॉ. अनिता सिन्हा ने कहा, हमारा विभाग सदैव ऐसे कार्यों को प्रोत्साहित करता है जो छात्रों में पर्यावरण के प्रति सजगता और जिम्मेदारी को बढ़ाएं।
शोधार्थी सृष्टि मुंडा ने कहा, यह केवल पौधा लगाने की क्रिया नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी का प्रतीक है। पर्यावरण के साथ जुड़ने का यह अनुभव बहुत प्रेरणादायक रहा।
शिल्पी कच्छप ने अपने विचार साझा करते हुए कहा, ऐसे आयोजनों से हमें प्रकृति के प्रति अपनी भूमिका समझने और निभाने का अवसर मिलता है।
इस अवसर पर सरस्वती केरकेट्टा और नेहा कुमारी ने भी वृक्षारोपण में सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम के अंत में यह निर्णय लिया गया कि भविष्य में भी इस तरह के वृक्षारोपण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे, ताकि विश्वविद्यालय परिसर को अधिक हरित और स्वस्थ बनाया जा सके।
टीम एबीएन, रांची। शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन बाथरूम में फिसलकर गंभीर रूप से घायल हो गए। इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी। उन्होंने एक्स पर लिखा– हमारे साथी झारखंड के शिक्षा मंत्री श्री रामदास सोरेन जी की तबीयत अचानक बिगड़ गई है।
बाथरूम में गिरने के कारण ब्रेन में गंभीर चोट और ब्लड क्लॉट हुआ है। उन्हें शीघ्र ही एयरलिफ्ट कर दिल्ली के अपोलो हॉस्पिटल भेजा जा रहा है। मैं लगातार संपर्क में हूं और उनकी स्थिति की निगरानी कर रहा हूं।
रामदास सोरेन के सिर और हाथ पर गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें पहले जमशेदपुर के टाटा मोटर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है।
टीम एबीएन, रांची। हटिया धुर्वा डैम का फाटक खोल दिया गया है, जिसे देखने लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है।
बताते चलें कि हटिया डैम लबालब भर जाने के बाद ऐसा फैसला लिया गया है। दवाब कम करने के लिए पानी खोलना जरूरी हो गया था। रांची और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से स्वर्णरेखा नदी पर बना हटिया डैम लबालब भर गया है। डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है।
डैम में पानी कम करने के अब तक के प्रयास विफल होने की वजह से अब भी हटिया डैम पर खतरा बरकरार है। रांची के हटिया डैम की क्षमता 38 फीट की है और यह लबालब भरा हुआ है। अब अगर रांची और आसपास के इलाके में भारी बारिश हुई तो डैम के तट पर पानी का दवाब और बढ़ेगा।
2023 में भी डैम का जलस्तर बढ़ने पर गेट खोलने का प्रयास किया गया था। उस समय भी गेट नहीं खुल सका था। तब किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था से उस समय डैम के जलस्तर को कम किया गया था और गेट के रख-रखाव पर उस समय से अब तक 98 लाख रुपये खर्च किये गए हैं।
इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद जब इस वर्ष गेट खोलने की कोशिश की गई तो गेट ही नहीं खुला और कपलिंग टूट गया। भाजपा अब इसे गेट मेंटेनेंस का घोटाला बताकर सरकार पर निशाना साध रही है।
टीम एबीएन, रांची। रांची और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से स्वर्णरेखा नदी पर बना हटिया डैम लबालब भर गया है। डैम का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है। डैम में पानी कम करने के अब तक के प्रयास विफल होने की वजह से अब भी हटिया डैम पर खतरा बरकरार है।
रांची के हटिया डैम की क्षमता 38 फीट की है और यह लबालब भरा हुआ है. अब अगर रांची और आसपास के इलाके में भारी बारिश हुई तो डैम के तट पर पानी का दवाब और बढ़ेगा। 2023 में भी डैम का जलस्तर बढ़ने पर गेट खोलने का प्रयास किया गया था। उस समय भी गेट नहीं खुल सका था।
तब किसी तरह वैकल्पिक व्यवस्था से उस समय डैम के जलस्तर को कम किया गया था और गेट के रख-रखाव पर उस समय से अब तक 98 लाख रुपये खर्च किये गए हैं। इतनी बड़ी राशि खर्च करने के बावजूद जब इस वर्ष गेट खोलने की कोशिश की गई तो गेट ही नहीं खुला और कपलिंग टूट गया। भाजपा अब इसे गेट मेंटेनेंस का घोटाला बताकर सरकार पर निशाना साध रही है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली रवाना हो गए। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक दिशोम गुरु शिबू सोरेन की हालत ठीक नहीं बताई जा रही है। इसके चलते सीएम हेमंत दिल्ली रवाना हुए।
बता दें कि आज से झारखंड विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो गया है। सत्र 7 अगस्त तक चलेगा। आज विधानसभा के मॉनसून सत्र में भाग लेने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली रवाना हो गए। मुख्यमंत्री 30 जुलाई को ही दिल्ली से रांची आए थे। वह पिता की देखभाल के लिए 24 जून से लगातार दिल्ली में है।
गौरतलब है कि बीते दिनों शिबू सोरेन को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिल्ली ले जाया गया था। इसी दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वह कुछ दिन तक वेंटिलेटर पर भी रहे। 81 वर्षीय शिबू सोरेन लंबे समय से किडनी, डायबिटीज और हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। वे एक साल से डायलिसिस पर हैं और पहले भी उनकी बायपास सर्जरी हो चुकी है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार से प्रधान मंत्री को पत्र लिखकर कहा कि बाघमारा क्षेत्र अंतर्गत बीसीसीएल ब्लॉक 2 के परियोजना के जमुनिया शिव मंदिर के समीप केसरगढ़ सी पैच में चाल धसने की घटने के कुछ दिन बीत जाने के बाद भी दबे मजदूरों की लाश अभी तक नहीं निकल पाया न ही तो चाल में दबे गरीब मजदूरों के आश्रितों को उचित मुआवजा भी नहीं दिया गया।
आखिर इन कोयला माफियाओं को किनका बड़ा संरक्षण प्राप्त था कि हरेक जांच को लीपा पोती करने में सफल रहे जैसा कि एक ही बड़ा कोयला माफिया का नाम सामने आ रहा था उसका नाम चुनचुन गुप्ता था पर अभी तक इस बड़े कोयला माफिया पर न तो कोई एफआईआर हुआ न ही कोई कार्यवाई किया गया।
इससे साफ प्रतीत होता है कि इस कोयला माफिया को बड़े आदमी का संरक्षण है तभी तो इस कोयला माफिया पर कोई कार्यवाई नहीं किया गया, इससे कोयला माफियाओं का मनोबल बढ़ते जा रहे है ओर क्षेत्र में खुलेआम बढ़ते जा रहा है कोयला का अवैध कारोबार कोयला माफियाओं को किसी का भय नहीं है।
तभी तो इतना बड़ा दुर्घटना घटने के बाद भी कोई कार्यवाई नहीं हुआ जिससे कोयला माफियाओं का दिन पर दिन मनोबल बढ़ते जा रहा है इसलिए आप से अनुरोध है कि आप अपने स्तर से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का कृपा करेंगे तक भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।
टीम एबीएन, रांची। पुराना विधानसभा सभागार में अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य भारती झारखंड एवं केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित राज्यस्तरीय एकदिवसीय संगोष्ठी कार्यक्रम मे अंतरराष्ट्रीय हिंदी साहित्य भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष व उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री श्री रवींद्र शुक्ल ने रांची हिंदी साहित्य भारती के उपाध्यक्ष सह सामाजिक कार्यकर्ता संजय सर्राफ को अंग वस्त्र शाॅल ओढ़ाकर एवं पौधा, काव्य पुस्तक देकर सम्मानित किया एवं बहुत-बहुत शुभकामनाएं दी।
संजय सर्राफ ने विगत 19 वर्षों से रांची के विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं में विभिन्न पदों में रहकर कई उल्लेखनीय जनसेवा एवं सामाजिक कार्य करते हुए झारखंड में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। उन्होंने कई सामाजिक संस्थाओं में मीडिया के क्षेत्र में भी उत्कृष्ट कार्य किये हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि झारखंड के पूर्व मंत्री सह रांची विधायक सीपी सिंह, गौ सेवा आयोग झारखंड के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, हिंदी साहित्य भारती के केंद्रीय महामंत्री रामनिवास शुक्ल, झारखंड प्रांतीय अध्यक्ष डॉ० अरुण सज्जन, महामंत्री राकेश कुमार, कार्यक्रम संयोजक अजय राय, रांची जिलाध्यक्ष बलराम पाठक, केंद्रीय हिंदी संस्थान आगरा के क्षेत्रीय निदेशक डॉ रंजन कुमार दास, वाराणसी से हिमांशु शुक्ल एवं डॉ नरेंद्र मिश्र सहित हिंदी साहित्य भारतीय संस्कृति और शिक्षा से जुड़े अनेक विद्वानों, साहित्यकारो, शोधार्थियों तथा झारखंड से 150 से भी अधिक प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
एस. आर. डीएवी.पब्लिक स्कूल पुंदाग में एक दिवसीय निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया।
इस अवसर पर शार्प साइट आई हॉस्पिटल के सुप्रसिद्ध डॉ. अफ़रोज़ आलम ने अपने सहयोगियों आशीष प्रकाश तथा भीमसेन थापा के साथ मिलकर विद्यार्थियों के आंखों की जांच करके उपयोगी सलाह दी। साथ ही ओरो डेंटल क्लिनिक के दंत चिकित्सक डॉ. आशुतोष सिन्हा ने भी अपने सहयोगी कृष्ण जी के साथ कक्षा तृतीय से कक्षा द्वादश तक के विद्यार्थियों के दांतों की जांच करके उपयोगी सलाह दी।
शार्प साइट हॉस्पिटल तथा आरो डेंटल क्लिनिक की ओर से न केवल स्वास्थ्य जांच की जिम्मेदारी ली गई ,बल्कि विद्यार्थियों के लिए हेल्थ कार्ड बनाने के प्रति प्रतिबद्धता भी दिखाई गई।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ तापस घोष ने विद्यालय प्रांगण में उपस्थित चिकित्सकों एवं उनकी संस्था के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि चिकित्सकों को धरती पर भगवान का दर्जा दिया जाता है, क्योंकि वे मरीजों को नया जीवन देते हैं।
आजकल छोटे - छोटे विद्यार्थी भी आँख और दांत की समस्या से जूझ रहे हैं।सही समय पर सही इलाज होने से वे खतरनाक बीमारियों से बच सकते हैं।प्राचार्य ने सभी चिकित्सकों का धन्यवाद ज्ञापन करते हुए भविष्य में भी उनसे सहयोग की अपेक्षा जताई।
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