झारखंड

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Published / 2025-08-05 21:20:01
गुरूजी पंचतत्व में विलीन, सीएम हेमंत ने दी मुखाग्नि

  • पंचतत्व में विलीन हुए शिबू सोरेन, पैतृक गांव में बड़े बेटे हेमंत सोरेन ने दी मुखाग्नि

टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड आंदोलन के प्रणेता शिबू सोरेन को मंगलवार को उनके पैतृक गांव नेमरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। 

उनके बड़े पुत्र और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम संस्कार से पूर्व गुरुजी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। आकाश में तीन राउंड फायरिंग कर उन्हें सलामी दी गई। नेमरा नदी के तट पर स्थित शवदाह स्थल पर हजारों की संख्या में लोग और समर्थक उनके अंतिम दर्शन को पहुंचे।

मुखाग्नि से ठीक पहले मौसम ने भी भावुक पल में साथ दिया। अचानक झमाझम बारिश शुरू हो गई, लेकिन श्रद्धांजलि देने पहुंचे लोग भीगते हुए भी वहां डटे रहे। समर्थकों और कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा और समर्पण की मिसाल पेश की। 

अंतिम संस्कार स्थल पर झामुमो के केंद्रीय उपाध्यक्ष व पूर्व मंत्री बैद्यनाथ राम, कांग्रेस विधायक राजेश कच्छप, विधायक नमन विकसल कांगड़ी, विधायक अनूप सिंह समेत कई गणमान्य नेता मौजूद रहे। मुखाग्नि के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया और पिता को अंतिम विदाई दी।

नेमरा गांव से करीब पांच किलोमीटर पहले ही गाड़ियों की लंबी कतार लग गई। अंतिम यात्रा में शामिल होने जा रहे कई लोग घंटों तक जाम में फंसे रहे। प्रशासन द्वारा यातायात नियंत्रित करने के प्रयास किए गए, लेकिन भारी भीड़ के कारण व्यवस्था प्रभावित रही।

Published / 2025-08-05 19:53:21
पीपल का विशाल पेड़ गिरा बीच सड़क में ,लोहरदगा पेशरार सड़क अवरूद्ध

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लगातार हो रहे बारिश से किस्को प्रखंड के बेटहट हेसापीढ़ी गांव में स्थित सरना स्थल का पूजनीय पीपल का विशाल पेड़ जड़ सहित उखड़ कर सड़क पर गिर गया। जिससे लोहरदगा पेशरार सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है। 

पेड़ के सड़क में गिरने से पूरा सड़क बंद हो गया है जिससे पैदल लोग भी सड़क मार्ग से गुजर नहीं पा रहे है। बताते चले के इस सड़क से कई गांव के ग्रामीण जिला मुख्यालय आने जाने का कार्य करते है। ग्रामीणों ने प्रखंड प्रशासन से जल्द से जल्द सड़क से पेड़ हटवाने की मांग की है।

Published / 2025-08-05 19:48:30
मुजीब कुरैशी ने गुरूजी को किया अंतिम जोहार...

टीम एबीएन, रांची। झारखण्ड आंदोलनकारी सह झारखण्ड प्रदेश जमीयतुल कुरैश अध्यक्ष मुजीब कुरैशी शिबू सोरेन के आवास पहुंचे।पूरी टीम के साथ दी अपने झारखण्ड आंदोलन के नेतृत्वकर्ता सिशोम गुरु शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि। 

श्रद्धांजलि देने वालों में मुजीब कुरैशी के साथ जमीयतुल कुरैश कांटा टोली पंचायत अध्यक्ष गुलाम गौस कुरैशी( पप्पू ), परवेज़ कुरैशी वरिष्ट पत्रकार सह महासचिव जमीयतुल कुरैश कांटा टोली पंचायत। सभी ने पुष्प अर्पित कर गुरुजी को अंतिम विदाई दी।

Published / 2025-08-05 19:41:01
गुरुजी के निधन पर पूर्व विधायक रामलखन सिंह ने जताया शोक

टीम एबीएन, रांची। गुरूजी के निधन पर बरही विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राम लखन सिंह ने संवेदना जतायी है। उन्होंने कहा कि साधारण से असाधारण व्यक्तित्व के धनी, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक दिशोम गुरु संघर्ष और जनहित के कार्यों के चलते राज्य तथा देश व्यापी छाप छोड़ने वाले झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान राज्यसभा सांसद माननीय शिबू सोरेन जी के आकस्मिक में निधन से मर्माहत हूं। ईश्वर शोक संतप्त परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। मैं उन्हें श्रद्धा सुमन चढ़ाता हूं तथा श्रद्धा से शीश झुकाता हूं।

Published / 2025-08-05 16:22:20
दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट ने किया शोक सभा का आयोजन

*प्रेस विज्ञप्ति*

*दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन पर श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट ने किया शोक सभा का आयोजन*

झारखंड आंदोलन के जननायक, झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं देश के वरिष्ठ आदिवासी नेता दिशोम गुरु शिबू सोरेन के आकस्मिक निधन पर श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवा धाम सद्गुरु अपना घर आश्रम, पुंदाग, रांची में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया।
इस शोक सभा में ट्रस्ट के पदाधिकारियों, आश्रम में निवास कर रहे दिव्यांग, निराश्रित, दीनबंधु एवं सेवा में लगे सेवादारों ने भाग लिया। सभा की शुरुआत दो मिनट के मौन के साथ की गई,जिसमें सभी उपस्थित जनों ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। वातावरण में एक गहन शोक और श्रद्धा की अनुभूति स्पष्ट देखी गई। शोक सभा में ट्रस्ट के अध्यक्ष डूंगरमल अग्रवाल ने कहा कि गुरुजी शिबू सोरेन के संघर्षमयी जीवन, उनके सामाजिक योगदान, और झारखंड के निर्माण में उनके अद्वितीय नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि गुरुजी न केवल एक राजनेता थे, बल्कि वे झारखंड की आत्मा थे। आदिवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए उन्होंने आजीवन संघर्ष किया।
ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा कि दिशोम गुरु जी का जीवन त्याग, सेवा और संघर्ष का प्रतीक था। उनका निधन न केवल झारखंड, बल्कि पूरे देश के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने जिस प्रकार से आदिवासी समाज को एकजुट कर मुख्यधारा में लाने का कार्य किया, वह सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा। सबों ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि गुरुजी के विचारों और सिद्धांतों को आत्मसात कर समाज सेवा के मार्ग पर चलना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
शोकसभा में- मनोज कुमार चौधरी, सज्जन पाड़िया, निर्मल जालान, राजेंद्र अग्रवाल,पुजारी अरविंद पांडे, पूरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, विशाल जालान, पवन पोद्दार, नंदकिशोर चौधरी, मधु जाजोदिया, सुनील पोद्दार, संजय सर्राफ,आशीष कुमार, सुधीर कुमार, पवन कुमार, मुरली कुमार, परमेश्वर प्रसाद,चन्द्रदीप साहु,हरीश कुमार, सुरज कुमार,आशीष कुमार,सत्यम कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।

प्रेस प्रकाशनार्थ


श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के 

Published / 2025-08-05 16:19:59
लायंस क्लब ऑफ रांची द्वारा भव्य महारुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन

टीम एबीएन, रांची। लायंस क्लब ऑफ रांची के तत्वावधान में रांची क्लब परिसर में सोमवार को एक अत्यंत भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण में महारुद्राभिषेक कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर कुल 11 जोड़ियों ने भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हुए विधिवत रुद्राभिषेक किया। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुई, जिसमें कुशल पंडितों ने वैदिक विधि से समस्त अनुष्ठान संपन्न कराया।

श्रद्धालु युगलों ने संकल्प लेकर गंगाजल, दूध, दही, शहद, घृत, बेलपत्र, भस्म एवं विभिन्न सुगंधित पुष्पों द्वारा भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। समस्त वातावरण हर हर महादेव और ॐ नमः शिवाय के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम के चेयर पर्सन लायन निर्मल कुमार मानपुरिया ने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य सामाजिक एवं आध्यात्मिक चेतना का विस्तार करना था। 

उन्होंने कहा कि सावन मास में शिव पूजा का विशेष महत्व होता है, और यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से बल्कि सामूहिक सहभागिता की भावना को भी मजबूत करता है। इस अवसर पर क्लब के सदस्यों सहित शहर के कई गणमान्य नागरिक, महिलाएं, युवा एवं वरिष्ठजन भी उपस्थित रहे। रुद्राभिषेक के पश्चात सभी भक्तों के बीच भोले बाबा का प्रसाद वितरित किया गया। उपस्थित जनसमुदाय ने प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को पुण्य का भागी माना।

योजना के अंत में सभी सदस्यों ने शिव आरती में भाग लिया और सामूहिक रूप से शिव स्तुति का पाठ कर वातावरण को और भी पवित्र बना दिया। लायंस क्लब ऑफ रांची के अध्यक्ष दिलीप बंका ने कहा इस तरह के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन भविष्य में भी किया जाएगा, जिससे समाज में सेवा, सद्भावना और संस्कारों का संचार होता रहे। 

कार्यक्रम को सफल बनाने में अध्यक्ष दिलीप बंका, लायन सिद्धार्थ मजूमदार, लायन राजेश मोर, लायन राजेश चौधरी, लायन बीके गडयान, लायन मनीष गाड़ोदिया, लायन अजय सकुजा, लायन अजय अग्रवाल, लायन ओम प्रकाश अनुज सहाय, अनिल गोयल, निर्मल मानपुरिया आदि ने भरपूर सहयोग किया। उक्त जानकारी ​निर्मल मानपुरिया (94701 79300) ने दी।

Published / 2025-08-04 23:06:31
रांची में मनाया गया संत जोन मेरी वियान्नी का पर्व

टीम एबीएन, रांची। आज रांची काथलिक महाधर्मप्रांत  के सभी पुरोहितों के लिए विशेष दिन रहा। क्योंकि संत मारिया गिरजा महा गिरजाघर में सभी पुरोहितों के संरक्षक संत जोन मेरी वियान्नी का पर्व हर्षोल्लास एवं धूमधाम से मनाया गया।  रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने मिस्सा बलिदान अर्पित किया।

काथलिक ख्रीस्त विश्वासी संत जोन मेरी वियान्नी को सभी पुरोहितों के संरक्षक के रूप में आदर दिखाते हैं एवं उनके माध्यम से सभी पुरोहितों के लिए विशेष प्रार्थना की जाती हैं। संत जोन मेरी वियान्नी को त्याग, प्रार्थना एवं सादगी पूर्ण जीवन का आदर्श माना जाता है। 

इसी अवसर पर महाधर्माध्यक्ष विंसेंट ने संत मारिया महागिरजाघर में महाधर्मप्रान्त के पुरोहितों के साथ मिस्सा बलिदान अर्पित किया। उन्होंने अपने धर्मोपदेश में संत जोन मेरी वियान्नी के सादगी पूर्ण जीवन से शिक्षा लेकर उनके समान त्याग, प्रार्थना एवं सहोकार का जीवन जीने के लिए प्रेरित किया। 

मिस्सा के अंत में पल्ली के काथलिक सभा, महिला संघ और युवा संघ के सदस्यों ने उपस्थित सभी पुरोहितों को अपने मधुर संगीत द्वारा स्वागत किया। उन्हें फूल गुच्छ दे कर उनका सम्मान किया। महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद ने उनके प्रार्थना एवं सहयोग के अपना आभार व्यक्त किया।

संत जॉन मेरी वियानी का जीवन

  • पूरा नाम: जीन-बैप्टिस्ट मारिया वियानी (Jean-Baptiste Marie Vianney)
  • जन्म: 8 मई 1786 – डार्डी, फ्रांस
    निधन: 4 अगस्त 1859 – आर्स, फ्रांस
  • घोषित संत: 1925 में पोप पायस ग्यारहवें (Pope Pius XI) द्वारा
  • उपाधि: पुरोहितों के संरक्षक संत

जीवन परिचय

संत जॉन मेरी वियानी का जन्म एक धार्मिक किसान परिवार में हुआ था। उनका बचपन फ्रांस की क्रांति के दौरान बीता, जब चर्चों पर प्रतिबंध लगे हुए थे और गुप्त रूप से धर्म का पालन करना पड़ता था। बाल्यकाल से ही वे अत्यंत श्रद्धालु और प्रार्थनाशील थे।

उन्हें पढ़ाई में कठिनाइयाँ थीं, विशेष रूप से लैटिन भाषा में, जो उस समय पुरोहित बनने के लिए आवश्यक थी। लेकिन उनकी प्रबल श्रद्धा, धैर्य और संकल्प ने उन्हें आगे बढ़ाया। कड़ी मेहनत और ईश्वर में अटूट विश्वास के कारण वे 1815 में एक पुरोहित के रूप में अभिषेक किए गए।

उन्हें एक छोटे से गाँव आर्स में भेजा गया, जो उस समय आध्यात्मिक दृष्टि से बहुत ही उदासीन था। लेकिन पुरोहित वियानी ने अपने उपदेशों, तपस्या, विनम्रता और विशेष रूप से कन्फेशन (पापस्वीकार) के माध्यम से हजारों लोगों को ईश्वर की ओर लौटाया।

वह दिन में 16-18 घंटे तक कन्फेशन सुनते थे। दूर-दूर से लोग उनके पास आत्मिक मार्गदर्शन के लिए आते थे। उनका जीवन पूरी तरह से प्रार्थना, उपवास, सेवा और विनम्रता में लीन था।

उनकी विशेषताएँ:

  • अत्यंत सरल जीवनशैली
    गहरी प्रार्थना और तपस्या का जीवन
  • पापियों को पश्चाताप की ओर मोड़ने की अद्भुत क्षमता
  • करुणामय और आत्मीय व्यवहार

आज भी उनके शरीर के अवशेष अविनाशी स्थिति में हैं, जो आर्स, फ्रांस में एक विशेष स्थान में रखे गए हैं। संत जॉन मेरी वियानी हमें सिखाते हैं कि यदि हमारे पास दृढ़ विश्वास, प्रार्थना, और सेवा की भावना हो, तो हम किसी भी कठिनाई को पार कर सकते हैं। वे सभी पुरोहितों के लिए प्रेरणा हैं कि कैसे एक साधारण जीवन जीते हुए भी हम असाधारण आत्मिक फल उत्पन्न कर सकते हैं।

इस विशेष पर्व अवसर पर रांची कैथोलिक महाधर्मप्रांत के महाधर्माध्यक्ष विंसेंट आईंद,  संत मारिया महागिरजाघर के पल्ली पुरोहित फाo आनंद डेविड खलको, फाo तोबियास टोप्पो, फाo थियोदोर टोप्पो, फाo प्रदीप कुमार, फ़ा o प्रदीप कुमार तिर्की, 50 अन्य पुरोहितगण, धर्मबहनें   एवं हज़ारों की संख्या में ख्रीस्त विश्वासी शामिल रहे।

Published / 2025-08-04 22:59:57
कांटा टोली में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को दी गयी श्रद्धांजलि

  • कांटा टोली में दिशोम गुरु शिबू सोरेन को दी गई श्रद्धांजलि

टीम एबीएन, रांची। महाजनी प्रथा के खिलाफ उग्र आंदोलन करने वाले, झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष व वर्तमान में संस्थापक अध्यक्ष , अलग झारखंड निर्माण के लिए आंदोलन की विगुल फूंकने वाले झारखंड आंदोलनकारी, पूर्व सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, तीन बार झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, राज्यसभा सांसद 81 वर्षीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन का सोमवार 4 अगस्त 2025 को दिल्ली के सर गंगाराम में अस्पताल में  निधन हो गया। 

शोक सूचना मिलने के बाद झारखंड प्रदेश जमीअतुल कुरैश के प्रदेश अध्यक्ष सह झारखंड आंदोलनकारी मुजीब कुरैशी की अध्यक्षता में कांटा टोली कुरेशी मुहल्ला स्थित दिशोम गुरु शिबू सोरेन सभागार में 2 मिनट मौन रख श्रद्धांजलि दी गई । 

इस मौके पर मुजीब कुरैशी ने बताया कि यही वह स्थान है जहां पर 90 के दशक में दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के लिए यहां पर आए थे और हम लोगों के साथ बैठकर विचार विमर्श किए थे उस दौरान मैं भी गुरु जी के साथ युवा नेता के रूप में सक्रिय था।

इस मौके पर जमीयतुल कुरैश पंचायत कांटा टोली  के सदर  गुलाम गौस कुरैशी पप्पू, महासचिव प्रवेज कुरैशी, नायब सदर  अफरोज, गुलाम जावेद, तसलीम, शहीद, आदिल कुरैशी, मुमताज कुरैशी, तजमुल कुरैशी, इरफान कुरैशी, फेकू, फैजान, छोटन मुनाज, शफीक, बशीर, बुधन, बारिक, सदाम कुरैशी (मिट्ठू), अनवारुल, समीम कुरैशी, टीपू सहित सैकड़ों लोगों ने श्रद्धांजलि दी।

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