एबीएन न्यूज नेटवर्क, जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के जमशेदपुर में चर्चित हिमांशु सिंह हत्याकांड और शहर में बढ़ते अपराध के विरोध में शुक्रवार को एनडीए के आह्वान पर जमशेदपुर बंद का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के प्रमुख बाजार, व्यावसायिक प्रतिष्ठान और कई पेट्रोल पंप बंद रहे, जबकि परिवहन व्यवस्था भी प्रभावित हुई। दूसरी ओर, सरायकेला के आदित्यपुर में बंद के दौरान सड़क पर प्रदर्शन कर रहे भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया।
जमशेदपुर के साकची, गोलमुरी, बमार्माइंस, टेल्को, टिनप्लेट, सिदगोड़ा, बारीडीह समेत कई इलाकों में दुकानें बंद रहीं। बंद समर्थक विभिन्न बाजारों में घूमकर व्यापारियों से सहयोग की अपील करते नजर आये। भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष दिनेश कुमार के नेतृत्व में कार्यकतार्ओं ने राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शहर की बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाये।
बंद का असर शहर की परिवहन व्यवस्था पर भी साफ दिखाई दिया। शहर की लाइफलाइन मानी जाने वाली मिनी बसों का परिचालन पूरी तरह ठप रहा, जबकि सड़कों पर इक्का-दुक्का आॅटो ही नजर आये। इससे यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
उधर, किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई और लगातार गश्त की जाती रही। वहीं, सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर में भाजपा और समर्थित हिंदूवादी संगठनों द्वारा बुलाए गए बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला।
सुबह से ही बंद समर्थक हिमांशु सिंह के हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए। आदित्यपुर टोल ब्रिज के समीप प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब 40 भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिये गये लोगों में आदित्यपुर नगर निगम के मेयर संजय सरदार, विहिप जिला अध्यक्ष डॉ जेएन दास समेत कई स्थानीय भाजपा नेता शामिल हैं। आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने यातायात बाधित कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, चंदवा (लातेहार)। लातेहार जिले के चंदवा प्रखंड में पंचायत कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में झारखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सह पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू, झारखंड कांग्रेस प्रभारी के राजू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, मणिका विधायक रामचंद्र सिंह, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी, अभिलाष साहू, निरंजन पासवान, भीम कुमार, महेश सिंह, दयामनी बारला, कामेश्वर यादव, अमित बरुवा, असगर खान सहित प्रदेश, जिला एवं प्रखंड स्तर के कई कांग्रेस नेता एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
बैठक का उद्देश्य पंचायत एवं बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना तथा आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर कार्यकर्ताओं में नयी ऊर्जा का संचार करना था। कार्यक्रम की शुरुआत पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू सहित सभी अतिथियों का बुके एवं अंगवस्त्र भेंट कर भव्य स्वागत के साथ हुई। स्वागत के बाद उपस्थित नेताओं ने संगठन की मजबूती, जनसंपर्क अभियान और आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर अपने विचार व्यक्त किये।
बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा, कांग्रेस हमारा घर है, हम सब कांग्रेस के सैनिक हैं और कांग्रेस ही सबका भला कर सकती है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि देश की लोकतांत्रिक परंपराओं, संविधान और सामाजिक न्याय की विचारधारा को आगे बढ़ाने वाला संगठन है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से व्यक्तिगत मतभेदों को भुलाकर पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ संगठन को मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सबसे बड़ी ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। पंचायत स्तर पर संगठन जितना मजबूत होगा, पार्टी उतनी ही मजबूती से जनता की समस्याओं को उठाने और उनके समाधान के लिए संघर्ष कर सकेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों से संवाद स्थापित करने, उनकी समस्याओं को सुनने तथा कांग्रेस की नीतियों और जनहितकारी विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन के दौरान धीरज प्रसाद साहू ने अपने बड़े भाई स्वर्गीय शिव प्रसाद साहू को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि क्षेत्र के विकास और कांग्रेस संगठन को मजबूत बनाने में उनका योगदान सदैव याद रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शिव प्रसाद साहू ने जनसेवा को अपना धर्म मानते हुए पूरे समर्पण के साथ समाज और संगठन के लिए कार्य किया। उनके आदर्श आज भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
बैठक में संगठन विस्तार, सदस्यता अभियान, पंचायत कांग्रेस कमेटियों को सक्रिय बनाने, बूथ प्रबंधन तथा आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने कार्यकर्ताओं से संगठन की मजबूती को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा कांग्रेस की विचारधारा को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक सशक्त बनाने तथा जनता के बीच कांग्रेस की नीतियों को प्रभावी ढंग से पहुंचाने का संकल्प लिया। अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। इस रूप में सभी प्रमुख अतिथियों का परिचय समाचार के पहले ही अनुच्छेद में आ जाता है, जो अखबारों की सामान्य रिपोर्टिंग शैली के अनुरूप है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा-गुमला ट्रक आॅनर एसोसिएशन लोहरदगा गुमला ट्रक आॅनर एसोसिएशन की एक बैठक हिंडाल्को कंपनी के साथ संपन्न हुई। बैठक में हेसल साइडिंग पर चर्चा करते हुए एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा है कि आम नागरिकों को परेशानी ना हो, इसकी जिम्मेवारी भी हम लोगों की है।
इसलिए कंपनी हेसल मे ट्रकों के लिए पार्किंग की जगह दे और व्यवस्था को सुचारू करे। नहीं तो तब तक हेसल में चलने वाले सभी ट्रकों का परिवहन बंद रहेगा और एसोसिएशन ने दो दिन पूर्व ही अमतीपानी, कुजाम, चिरोड़ीह, भैंसबथान माइंस में चलने वाले ट्रक जो की हेसल साइडिंग में खाली करते थे, सभी का परिचालन बंद कर दिया है।
एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा है कि हेसल में सड़कों पर ट्रक खड़ा करने के कारण यात्री एवं आम जनता को भी परेशानी होती है। हम लोगों के चालक, उपचालक भी दो से तीन दिन भूखे प्यासे सड़क पर खड़े रहते हैं। ऐसी स्थिति में हम परिवहन नहीं करेंगे, कंपनी इसका वैकल्पिक रास्ता ढूंढे। या तो कंपनी लोहरदगा साइडिंग मैं काफी स्थान है यहीं पर माल गिरवा ले या कंपनी लोहरदगा स्टेशन यार्ड में माल गिरा ले या कंपनी आधा माल हेसल, आधा माल लोहरदगा गिरा ले।
कंपनी अपनी व्यवस्था को जैसे भी हो दुरुस्त करें और हेसल में जगह नहीं होने के कारण हेसल प्लांट में जाम लगता है, तो कंपनी हेसल में पार्किंग की जगह बनाएं और नहीं तो कंपनी लोहरदगा साईडिंग के अंदर ट्रकों की लाइन लगाए। यहां से हेसल के लिए में 10-10 ट्रक करके रवाना करें क्योंकि आम जनता भी अपनी है, ट्रक भी अपने हैं, लोग भी अपने हैं, इसलिए किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
कंपनी से स्पष्ट किया गया है कि समझौते के मुताबिक हमलोगो को ट्रिप नहीं दे रहे हैं और अगर शीघ्र व्यवस्था में आप सुधार नहीं करते हैं तो हम लोग आपसे डिटेंशन चार्ज (हर्जाना) लेंगे। विमरला माइंस के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि पिछले कई महीनो से विमरला माइंस में ट्रिप नहीं हो रहे हैं इसके लिए दोषी रेंजिंग कॉन्टैक्टर को बदली नहीं किया गया तो हम लोग बाकी माइंस में भी चलने वाले ट्रक बंद कर देंगे।
क्योंकि विमरला की स्थिति सबसे खराब है। वहां के आॅनर ड्राइवर सब परेशान हैं। इन सब मुद्दों पर कंपनी की ओर से आश्वस्त किया गया कि हम लोगों को सप्ताह से 10 दिन समय दीजिए। हम लोग व्यवस्था को दुरुस्त कर रहे हैं और जिला प्रशासन से भी सहयोग ले रहे हैं और आप लोग की भी सहयोग की अपेक्षा है।
इस बैठक में मुख्य रूप से एसोसिएशन की ओर से अध्यक्ष कवलजीत सिंह, सचिव मुंद्रिका यादव, सचिव रहमान अंसारी, कोषाध्यक्ष अभय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष इम्तियाज उर्फ बबलू, तबरेज खान, सहसचिव रहमत अंसारी, महताब आलम उर्फ गुड्डू, राजेश विश्वकर्मा, अनिल उरांव, मीडिया प्रभारी राजेश कुमार शर्मा, सलाहकार समिति के वरिष्ठ सदस्य संतोष साहू एवं कंपनी की ओर से महाप्रबंधक राजेश ठाकरे, लॉजिस्टिक्स हेड अभिषेक कुमार सिंह, सिक्योरिटी हेड सतनाम सिंह सहित अन्य लोग शामिल थे।
विमरला के मुद्दे पर एसोसिएशन के संरक्षक सह पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू को भी अवगत कराया गया। श्री साहू ने तुरंत वरीय उपाध्यक्ष हिंडालको से दूरभाष पर बात की और कहा कि अविलंब विमरला की स्थिति में आप सुधार करें। वरना 10 दिन के बाद एसोसिएशन अपना फैसला लेगी और हम एसोसिएशन के फैसले के साथ खड़े रहेंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। गुमला-लोहरदगा ट्रक आॅनर एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों एसोसिएशन के संरक्षक सह पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू, लोहरदगा के उपायुक्त, डीएमओ कार्यालय में डीएमओ की अनुपस्थिति में खान निरीक्षक से मिलकर सभी को ज्ञापन सौंपते हुए एसोसिएशन ने कहा है कि दुर्घटना किसी से भी हो सकती है। लेकिन लापरवाही बर्दाश्त नहीं है।
साथ ही मांग की है कि लोहरदगा शहर मे बाईपास सड़क के निर्माण में तेजी लायी जाये क्योंकि एक ही सड़क होने से गाड़ियों का बहुत अधिक बोझ है, जिससे आये दिन दुर्घटनाएं बढ़ रही हैं।
यह भी कहा गया कि लोहरदगा डीएमओ ने यह नियम लागू किया है कि पाखर से लोहरदगा के ट्रकों को आधा घंटा में खाली किया जाए एवं ऊपर पाट (नेतरहाट प्लेटो) से आनेवाले अमतीपानी, कुजाम, चिरोडीह आदि माइंसों के ट्रकों को चार घंटे में खाली किया जाये। खाली नहीं करने की स्थिति में ड्राइवर, मालिकों को जेल भेज दिया जा रहा है या मोटा फाइन लगा दिया जा रहा है।
जिसको लेकर एसोसिएशन का कहना है कि पहाड़ से निकलने के बाद घाटी, बाजार, हॉट, धरना-प्रदर्शन, मेला, जतरा, धार्मिक त्योहार, नेतरहाट रूट होने के कारण वीआईपी आगमन पर नो एंट्री, साइकिल रेस, रोड जाम, नो एंट्री चालक का खाना, गाड़ी का खराब होने की स्थिति एवं रास्ते में दो फॉरेस्ट नाका में एंट्री करने में एक ट्रक को आधा से एक घंटा लगता है।
ऐसी स्थिति में 4 घंटे में बहुत कम समय और इस कारण भी दुर्घटनाएं बढ़ रही है। नो एंट्री के वक्त भी एसोसिएशन ने अपील की है कि सेन्हा और शंख नदी दोनों तरफ नो एंट्री लगाने के बाद अगर एक तरफ से गाड़ियां छोड़ी जाती है, तब भी शहर जाम हो जाता है।
इसलिए नो एंट्री लगे, लेकिन साथ-साथ प्रति घंटे 10-20 गाड़ी करके गाड़ियों को छोड़ दिया जाए ताकि एकाएक अव्यवस्था का माहौल न बने। एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि कि हिंडालको कंपनी के बॉक्साइट ट्रक हेसल प्लांट में खाली करते हैं किंतु हेसल में जगह की कमी होने के कारण ट्रकों को सड़क पर तीन-तीन दिन तक ड्राइवर खलासी भूखे प्यासे खड़े रहते हैं और आम जनता, यात्री भी परेशान होते हैं।
इस पर एसोसिएशन ने साफ कहा है कि इन्हीं परेशानियों को देखते हुए एसोसिएशन ने हेसल में खाली करने वाले सभी माइंसों के ट्रकों को बंद कर दिया है। साथ ही परिवहन ठप कर दिया है। हिंडालको पार्किंग की जगह दे, तभी हम लोग और सुचारु व्यवस्था मे ट्रक चलायेंगे। हिंडाल्को समझौते के मुताबिक ट्रिप भी नहीं दे रही है।
अगर हिंडालको समुचित ट्रिप नहीं देती है तो हर्जाना (डिटेंशन चार्ज) दिया जाये। मांग में यह भी कहा गया कि शहर में छोटे-छोटे बच्चे स्कूटी एवं बाइक ट्रिपल राइट चला रहे हैं। इस पर भी रोक लगनी चाहिए क्योंकि इससे दुर्घटनाएं बढ़ रही है। एसोसिएशन ने उपायुक्त से यह भी मांग की है कि सड़क सुरक्षा समिति में एसोसिएशन के पदाधिकारियों को शामिल किया जाये ताकि प्रशासन और एसोसिएशन एक दूसरे को अपनी बातों से अवगत कराया सके।
मांग पत्र में यह भी स्पष्ट किया है कि समय-समय पर विभिन्न स्थानों पर और तीनों जिलों लोहरदगा गुमला लातेहार में जागरूकता अभियान चलाया जायेगा। कोई भी चालक अगर गलत स्थिति में पकड़ाता है तो उस पर कार्रवाई की जायेगी। यह भी मांग की गयी है कि 15 वर्षों से पुराने व्यावसायिक वाहनों को दक्षिण छोटानागपुर में रोड परमिट नहीं दिया जा रहा है और कोई कारण भी नहीं बताया जाता है।
न कोई ऐसा नियम है कि इसको रोका जा सकता है, लेकिन परमिट नहीं होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। इसलिए जिला प्रशासन से मांग की गयी है कि आप राज्य स्तर पर कह कर हम लोगों को परमिट दिलवाये। सभी मुद्दों पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि आप भी सहयोग करें। सुचारू एवं नियम संगत परिवहन हो, हम लोगों भी आप लोगों की जो भी समस्याएं हैं उसका समाधान करेंगे।
दूसरी ओर धीरज प्रसाद साहू ने भी कहा कि परिवहन हो लेकिन सुरक्षित परिवहन हो, इसके लिए मैं जिला प्रशासन से ही बात करूंगा और उन्होंने हिंडाल्को के वरीय उपाध्यक्ष से बात की। कहा कि आप व्यवस्था को सुचारू रूप से बनायें ताकि आम जनता भी परेशान न हो और ट्रक मालिक भी परेशान न हो और व्यवसाय भी सुचारू रूप से चले।
इन बैठकों में एसोसिएशन के अध्यक्ष कंवलजीत सिंह, सचिव मुंद्रिका यादव, कोषाध्यक्ष अभय सिंह, उपाध्यक्ष इम्तियाज उर्फ बबलू शामिल थे। एसडीओ द्वारा आयोजित सड़क सुरक्षा और परिवहन में आ रही परेशानियों को लेकर जो बैठक आयोजित की गयी थी, उस बैठक में भी एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए एवं अपनी बातों से जिला प्रशासन को भी अवगत कराया गया है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में नेत्रदान और कॉर्निया प्रत्यारोपण के क्षेत्र में पिछले तीन दशकों से अधिक समय में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है। लगातार जागरूकता अभियानों, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और समाज की भागीदारी के चलते अब तक 1083 से अधिक कॉर्नियल अंधता से पीड़ित मरीजों को सफल प्रत्यारोपण के माध्यम से नयी दृष्टि मिल चुकी है। यह उपलब्धि राज्य में नेत्रदान के प्रति बढ़ती जागरूकता का महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
करीब 35 वर्ष पहले नेत्रदान को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां और संकोच देखने को मिलते थे। धीरे-धीरे विभिन्न सामाजिक और चिकित्सा संगठनों ने जागरूकता अभियान चलाये, जिसके बाद लोगों में नेत्रदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित हुई। लगातार जनसंपर्क और जागरूकता कार्यक्रमों का असर यह हुआ कि अधिक से अधिक लोग नेत्रदान के लिए आगे आने लगे।
राज्य में आई बैंक की स्थापना और कॉर्निया प्रत्यारोपण से जुड़ी आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विकसित होने के बाद मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर इलाज मिलने लगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम और नयी तकनीकों की मदद से कॉर्निया प्रत्यारोपण सेवाओं का लगातार विस्तार हुआ, जिससे बड़ी संख्या में जरूरतमंद मरीजों को लाभ मिला।
कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में भी नेत्र प्रत्यारोपण से जुड़ी सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं किया गया। आवश्यक सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए कई जरूरतमंद मरीजों का सफल कॉर्निया प्रत्यारोपण किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी सेवाओं का जारी रहना चिकित्सा व्यवस्था की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
नेत्रदान के प्रति लोगों को प्रेरित करने के लिए समय-समय पर जागरूकता रैली, रन, मैराथन, संगोष्ठी और अन्य सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किये जाते रहे हैं। इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि मृत्यु के बाद नेत्रदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नेत्रदान अभियान की सफलता केवल चिकित्सा क्षेत्र की उपलब्धि नहीं है, बल्कि इसमें समाज की सक्रिय भागीदारी भी अहम रही है। लोगों की बढ़ती जागरूकता और स्वैच्छिक नेत्रदान की भावना के कारण राज्य में कॉर्निया प्रत्यारोपण के मामलों में लगातार वृद्धि हुई है। स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अधिक से अधिक लोग नेत्रदान का संकल्प लें, तो भविष्य में कॉर्नियल अंधता से पीड़ित कई और मरीजों की जिंदगी में रोशनी लौटायी जा सकती है।
टीम एबीएन, रांची। राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में यूजी, पीजी एवं सुपर स्पेशियलिटी की सीटों में बड़े पैमाने पर वृद्धि की जायेगी। बढ़े हुए छात्र-भार के अनुरूप आधारभूत संरचना विकसित करने हेतु अजय कुमार सिंह, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, अपर सचिव शशि प्रकाश सिंह, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, रिम्स के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. हिरेंद्र बिरूआ, मार्श एंड वोइस के परामर्शी तथा जेएसबीसीसीएल के अधिकारी उपस्थित थे। बता दें कि रिम्स में एमबीबीएस (यूजी) की सीटें 176 से बढ़ाकर 250, पीजी की सीटें 180 से बढ़ाकर 275 तथा सुपर स्पेशियलिटी की सीटें 11 से बढ़ाकर 100 किये जाने का प्रस्ताव एनएमसी को भेजा गया है।
अत: आवश्यक है कि बढ़े हुए सीट के अनुरूप इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित किया जाये और वीजीएफ के तहत भारत सरकार से राशि प्राप्त किये जाने के प्रस्ताव तैयार किये जाने के प्रस्ताव की समीक्षा की गयी।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि सीटों में होनेवाली इस वृद्धि के अनुरूप रिम्स में भवन, हॉस्टल, विभागीय कक्ष, प्रयोगशालाएं, ओटी, उपकरण, फैकल्टी, रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंग एवं अन्य मानव संसाधन सहित सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का विस्तृत आकलन किया गया। इसी आकलन के आधार पर भारत सरकार को प्रस्ताव भेजा जायेगा, ताकि केंद्र सरकार की योजना के तहत प्रति अतिरिक्त सीट लगभग 1.5 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त की जा सके।
उन्होंने निर्देश दिया कि प्रस्ताव भेजने से पहले रिम्स की वर्तमान उपलब्ध सुविधाओं और भविष्य की आवश्यकताओं का विस्तृत मूल्यांकन किया जाये, ताकि किसी भी आवश्यक संसाधन की कमी न रहे और भारत सरकार से अधिकतम स्वीकृति प्राप्त हो सके। पलामू एवं दुमका मेडिकल कॉलेजों में भी आगामी वर्षों में मेडिकल की सीट बढ़ेंगी। इस हेतु प्रस्ताव भेजा गया है।
दोनों मेडिकल कॉलेज अस्पतालों के विस्तार एवं उन्नयन के लिए संबंधित उपायुक्तों द्वारा अतिरिक्त भूमि उपलब्ध करा दी गयी है। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि दोनों मेडिकल कॉलेजों में भविष्य में पीजी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की दिशा में कार्रवाई की जायेगी। अत: बढ़े हुए सीट के अनुसार इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने और वीजीएफ के तहत भारत सरकार से राशि प्राप्त करने हेतु प्रस्ताव तैयार किये जाने के प्रस्ताव की समीक्षा की गयी।
दोनों संस्थानों की आधारभूत संरचना आदि का विस्तृत आकलन कर संशोधित विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने का अपर मुख्य सचिव ने निर्देश दिया। इसके बाद आवश्यक संशोधनों के साथ भारत सरकार को स्वीकृति के लिए प्रस्ताव भेजा जायेगा। उन्होंने जेएसबीसीसीएल को निर्देश दिया कि संशोधित डीपीआर एवं प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर विभाग को उपलब्ध कराया जाये, ताकि इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर भारत सरकार को भेजा जा सके।
इस दौरान अपर मुख्य सचिव ने रिम्स परिसर की साफ-सफाई पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को निर्देश दिया कि पूरे परिसर में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाये तथा जहां भी सफाई की आवश्यकता हो, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाये। उन्होंने यह भी कहा कि परिसर के भीतर यदि कहीं अनावश्यक आंतरिक बाउंड्री या अन्य अवरोध बने हुए हैं, तो उन्हें हटाया जाये, ताकि पूरा रिम्स परिसर एकीकृत, व्यवस्थित और सुगम स्वरूप में विकसित हो सके।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्र की भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि देश में विपक्ष को व्यवस्थित तरीके से कमजोर करने और एक-दलीय व्यवस्था स्थापित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति भारतीय लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 10 सदस्यीय प्रतिनिधि मंडल के निर्वाचन आयोग से मिलने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि वर्ष 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से विपक्षी नेताओं को केंद्रीय एजेंसियों के जरिए डराने, प्रताड़ित करने और राजनीतिक दबाव बनाने की संस्कृति विकसित हुई है।
ईडी और सीबीआई जैसी एजेंसियों का उपयोग निष्पक्ष जांच के बजाय राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा पहले चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश करती है और उसके बाद विपक्षी दलों के सांसदों एवं विधायकों को अपने पक्ष में लाकर जनादेश को कमजोर करती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होने वाले अधिकांश नेता विचारधारा से नहीं, बल्कि दबाव, भय या तात्कालिक राजनीतिक लाभ के कारण दल बदलते हैं। सुखदेव भगत ने कहा कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र और बिहार समेत कई राज्यों में विपक्षी दलों को तोड़ने की राजनीति साफ दिखाई दे रही है।
यह लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि यदि यही सिलसिला जारी रहा तो देश में स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा और मजबूत विपक्ष की भूमिका कमजोर पड़ जाएगी।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव कराने का नाम नहीं है, बल्कि स्वतंत्र संस्थाओं, निष्पक्ष चुनाव और मजबूत विपक्ष पर भी टिका होता है। यदि संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जायेगा और विपक्ष की आवाज दबायी जायेगी, तो यह लोकतंत्र के लिए शुभ संकेत नहीं है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। गुरुवार सुबह धनबाद बस स्टैंड के पास एक व्यक्ति का शव मिलने से हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत धनबाद थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
स्थानीय शंभू सिंह ने मीडिया को बताया कि मृतक पिछले कई दिनों से बस स्टैंड के आसपास कचरा चुनने का काम करता था। कचरा बेचकर जो पैसे मिलते, उससे अक्सर शराब पीता था।
शंभू सिंह ने कहा- गुरुवार सुबह जब मैं शौच के लिए गया तो एक व्यक्ति को जमीन पर पड़ा देखा। पास जाकर पहचाना तो वही था जो लंबे समय से यहां कचरा चुनता था।
फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पायी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मौत का कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही साफ होगा। शराब के नशे में गिरने से मौत हुई या कोई और वजह है, पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। बस स्टैंड के पास लाश मिलना अब आम बात हो गयी है। कचरा चुनने वाला था, शराब पीता था, इसलिए उसकी जान की कीमत नहीं?
धनबाद स्टेशन रोड से लेकर बस स्टैंड तक लावारिस लाशें मिलती रहती हैं। प्रशासन सोया है। नगर निगम को रैन बसेरा नहीं दिखता? ये भी इसी शहर का था। नशा मुक्ति केंद्र किस काम के? गरीब मर रहा है और सिस्टम मूकदर्शक बना है। पोस्टमार्टम होगा, कागज बनेगा, फाइल बंद। पर सवाल वही रहेगा- अगली लाश कब और कहां मिलेगी?
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