टीम एबीएन, रांची। जश्ने आमदे रसूल, जश्ने ईद मिलादुन्नबी के नारों की गूंज के साथ जुलूसे मोहम्मदी निकाला गया। सुन्नी बरैलवी सेंट्रल कमिटी के सरपरस्त मो. सईद व एदारा ए शरीया झारखंड के नाजिमे आला मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी की सरपरस्ती तथा सुन्नी बरैलवी सेन्ट्रल कमिटी के। अध्यक्ष मौलाना ताजुद्दीन, महासचिव अकीलुर्रहमान, प्रवक्ता मो. इसलाम तथा आफताब आलम के जेरे निगरानी में ईद मिलादुन्नबी का जुलूसे मोहम्मदी पूरे अकीदत व एहतराम तथा आपसी भाईचारे के साथ रांची में निकाला गया।
पूर्व से निर्धारित समय, मार्ग एवं सुन्नी बरैलवी सेंट्रल कमेटी के गाईडलाइन के अनुसार जुलूसे मोहम्मदी इस्लामी मरकज रांची के तत्वावधान में मरकज के उलेमाओं के नेतृत्व में इस्लामी मरकज सहित पूरे हिन्दपीढ़ी का जुलूस अपने निर्धारित मार्ग हिन्दपीढ़ी ग्वाला टोली, तेवारी स्ट्रीट, डा. फतेउल्लाह रोड होते हुए विक्रांत चौक पहुंचा। हरमू, गाड़ीखाना एवं पुरानी रांची का जुलूस बड़ा तालाब, लेक रोड छत्ता मस्जिद, उर्दू लाईब्रेरी, डॉ फतेउल्लाह रोड होते हुए विक्रांत चौक में इस्लामी मरकज के जुलूस के साथ शामिल हुआ।
कोंगे, जयपुर, भीठा, मोरहाबादी, बरियातू, उलातू आदि क्षेत्रों से निकाले जाने वाले जुलूस भी उक्त क्षेत्र के उलेमा के नेतृत्व में अपने निर्धारित मार्ग से गुजर कर न्यूक्लियस माल होते हुए प्लाजा चौक, थड़पखना मस्जिद के पास थड़पखना एवं लालपूर क्षेत्र से निकाले गए जुलूस में शामिल होकर संत अन्ना स्कूल मार्ग, पुरुलिया रोड, पथलकुदवा रोड होते हुए पथलकुदवा चौक पहुंचा।
मौलाना आजाद कालोनी सहित पूरे कांटाटोली क्षेत्र का जुलूस भी अपने निर्धारित मार्ग से गुजर कर कांटाटोली चौक, कांटाटोली चौक मस्जिद गली, नया टोली होते हुए पथलकुदवा चौक पहुंचकर पूर्व से खड़े थड़पखना के जुलूस तथा उस के तमाम जुलूस को साथ लेकर आजाद बस्ती, कुरैशी मुहल्ला होते हुए गुदरी चौक पहुंचा एवं वहां लोअर बाजार क्षेत्र के तमाम जुलूस शामिल होकर कर्बला चौक, विक्रांत चौक में पूर्व से खड़े हिन्दपीढ़ी के जुलूस को शामिल करते हुए चर्च रोड, काली मंदिर टैक्सी स्टैंड चौक, डेली मार्केट, अंजुमन प्लाजा मेन रोड होते हुए एकरा मस्जिद चौक पहुंचा।
पुंदाग, इलाही नगर, कडरू आदि क्षेत्र के जुलूस भी अपने निर्धारित मार्ग कडरू, रेडिसन ब्लू, सुजाता चौक, मेन रोड होते हुए एकरा मस्जिद चौक में शामिल हुआ। एकरा मस्जिद चौक में उलेमाओं के तकरीर के बाद सुजाता, राजेंद्र चौक, डोरंडा होते हुए रेसालदार बाबा दरगाह उर्स मैदान में उलेमाओं एवं विभिन्न धर्म के प्रमुख लोगों के संबोधन के बाद सलातो सलाम व सामूहिक दुआ के बाद समाप्त किया गया।
उक्त अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय एवं राज्यसभा सांसद महुआ माजी ने अपने सम्बोधन में पैगम्बर मोहम्मद ( स) के आदर्शों पर चलने की बात कही एवं कहा कि नफरत के बाजार में जुलूसे मुहम्मदी अमन और प्यार का अद्भुत पैगाम है इससे नफरती लोगों को सीख लेनी चाहिए। मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी व मौलाना डा ताजुद्दीन ने पैगम्बर मोहम्मद ( स) की जीवनी बयान करते हुए उनके आदर्शों पर चलने का आह्वान किया अकीलुर्रहमान एवं मो. इसलाम ने भी पैगम्बर साहब के बताए गए रास्ते पर चलने की बात कही।
विभिन्न संगठनों द्वारा जगह जगह भव्य स्वागत किया गया। मौलाना तहजीबुल हसन ने सुन्नी बरैलवी सेंट्रल कमिटी के प्रमुख लोगों को मोमेंटो देकर रहमते आलम एवार्ड से नवाजा। जुलूस में मौलाना कुतुबुद्दीन रिजवी, मौलाना डा ताजुद्दीन, मुफ्ती जमील, कारी अय्यूब, अकीलुर्रहमान, मो इसलाम, आफताब आलम, मौलाना शेर मोहम्मद कादरी, कारी जान मोहम्मद, मौलाना नूर मोहम्मद, परवेज गुड्डू, परवेज आलम, मो. तौहीद, मो. नौशाद, जसीम हसन, अब्दुल्लाह, इनायतुल्लाह, जीतेन्द्र गुप्ता सहित काफी संख्या में लोग शामिल थे।
टीम एबीएन, रांची। विप्र फाउंडेशन के सानिध्य में जयपुर में श्री परशुराम ज्ञान पीठ सेंटर फॉर एक्सीलेंस एंड रिसर्च सेंटर की स्थापना की गयी। जिसका उद्घाटन राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के कर कमलों द्वारा समाज के लोगों की उपस्थिति में 6 सितंबर 2025 को किया जायेगा।
यह रिसर्च सेंटर युवाओं को शिक्षा, संस्कार, रोजगार की दिशा में अग्रसर करेगा।
इस संस्था के तहत कौशल विकास, गर्ल्स एग्जाम ट्रेनिंग, गर्ल्स हॉस्टल, वेदिक रिसर्च, कोचिंग क्लासेस, पुरोहित प्रशिक्षण, जैसे महत्वपूर्ण गतिविधियों को संचालित करने में अपना योगदान देगा साथ ही समाज की आवश्यकता को भी पूरा करेगा । उक्त जानकारी विप्र फाउंडेशन झारखंड जोन 6 के उपाध्यक्ष प्रमोद सारस्वत ने दी। श्री सारस्वत ने बताया कि भगवान परशुराम भारतीय संस्कृति में धर्म, ज्ञान, शक्ति के प्रति माने जाते हैं।
उनका जीवन हमें संयम, संकल्प, न्याय एवं सद्गुण के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। भगवान परशुराम गुरु शिष्य परंपरा के संग ज्ञान व धर्म की रक्षा का सबसे बड़ा अनुपम उदाहरण है। राष्ट्र एवं समाज को तेजस्विता और सामर्थ्य से परिपूर्ण रखने के पावन उद्देश्य से विप्र फाउंडेशन द्वारा भारत भूमि के पश्चिम में श्री परशुराम ज्ञान पीठ ,जयपुर (राजस्थान) में बनाया गया है।
सेंटर फॉर एक्सीलेंस एंड रिसर्च सेंटर के माध्यम से सेवा, समर्पण, शिक्षा व संस्कार देकर अपने बच्चों को आई ए एस, आई पी एस बनाकर हम समाज की नींव को मजबूत करें। झारखंड राज्य सहित विभिन्न राज्यों से इस उद्घाटन समारोह में काफी संख्या में विप्र फाउंडेशन के सदस्य शामिल होंगे।
विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा सहित राजस्थान सहित भारत वर्ष के विभिन्न राज्यों के पदाधिकारीयो सहित एक- एक सदस्यों के 16 वर्षों की तपस्या का इस रिसर्च सेंटर को समाज को सुपुर्द करने में बहुत बड़ा योगदान रहा है। आने वाले समय में युवा बच्चों को इसका भरपूर लाभ प्राप्त होगा। उक्त जानकारी विप्र फाउंडेशन, जोन 6, झारखंड के उपाध्यक्ष प्रमोद सारस्वत ने दी।
टीम एबीएन, रांची। हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन (एचईसी) एक बार फिर औद्योगिक हलचल का केंद्र बनने जा रहा है। आने वाले दिनों में यहां थर्मल पावर प्लांट के लिए उपकरण का निर्माण होगा। यह पहला मौका होगा जब एचईसी इस तरह की परियोजना पर काम करेगा। इस कदम से न केवल संस्थान की साख मजबूत होगी बल्कि कर्मचारियों और स्थानीय युवाओं के लिए भी नये अवसर खुलेंगे।
एचईसी प्रबंधन की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, भेल के सीएमडी सह एचईसी के प्रभारी ने अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां शुरू करने का निर्देश दिया है। बताया गया है कि एचईसी की खासियत यह है कि यहां कास्टिंग, फोर्जिंग और मशीनिंग जैसी सुविधाएं एक ही जगह मौजूद हैं। यही वजह है कि थर्मल पावर प्लांट से जुड़े बड़े उपकरण यहां आसानी से बनाये जा सकते हैं।
एचईसी के एमटीपीआई प्लांट में उपकरण निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जायेगी। प्लांट स्तर पर अधिकारियों को निर्देश दिये जा चुके हैं। कई पुरानी मशीनों को री-मॉडिफिकेशन कर तैयार किया जा रहा है, जिन पर 10 से 50 लाख रुपये तक खर्च किये जाने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन तकनीकी सुधारों के बाद एचईसी देश के भीतर भारी मशीनरी निर्माण की एक बड़ी जरूरत को पूरा करने में सक्षम होगी।
एचईसी देश की उन चुनिंदा इकाइयों में से है, जिसने पिछले छह दशकों में कई अहम परियोजनाओं में अपनी भूमिका निभायी है। अंतरिक्ष अनुसंधान, स्टील अथॉरिटी और रक्षा उत्पादन जैसे क्षेत्रों के लिए यहां से मशीन और उपकरण बनाये जाते रहे हैं। अब थर्मल पावर उपकरण निर्माण की पहल से इसकी औद्योगिक प्रासंगिकता और भी बढ़ जायेगी।
टीम एबीएन, रामगढ़। जिले के रामगढ़-चितरपुर मार्ग पर शुक्रवार को तेज रफ्तार ने कहर बरपाया। आरोही के पास टेंपो और पिकअप वैन के बीच आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गयी। हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि टेंपो सवार सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गये।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दोनों वाहन तेज गति से आ रहे थे और आमने-सामने टकरा गये। टक्कर इतनी भीषण थी कि टेंपो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार यात्री फंस गये। स्थानीय लोगों ने तत्काल घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी।
सूचना मिलते ही छतरपुर थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और जांच शुरू कर दी है।
हादसे की जानकारी मिलते ही अस्पताल में परिजनों की भीड़ उमड़ पड़ी। घायल यात्रियों की गंभीर हालत को देख परिजन व्याकुल हो उठे। अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस मार्ग पर अक्सर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तेज रफ्तार वाहनों पर कड़ी रोक लगायी जाये। वहीं प्रशासन ने मृतक के परिजनों को सरकारी नियमों के तहत मुआवजा देने का आश्वासन दिया है।
टीम एबीएन, रांची। शिक्षक दिवस पर झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद ने रांची स्थित अपने सभागार में आज राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में शिक्षा क्षेत्र में समर्पित 128 शिक्षकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया। राज्य के स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग द्वारा संचालित 50 घंटे के अनिवार्य कार्यक्रम कम्प्रेहेंसिव-निरंतर व्यावसायिक विकास के अंतर्गत ये शिक्षक अपनी जिम्मेदारियों को सफलतापूर्वक पूरा किये हैं।
शिक्षकों ने मॉड्यूल लेखन, डिजिटल प्रारूप विकास तथा आवासीय एवं गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। सम्मानित शिक्षकों को शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
इसके अतिरिक्त, दो शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए नामांकित किया गया था और उन्हें विशेष सम्मान दिया गया। रामगढ़ के पीएम श्री हाई स्कूल, मनुवा के सहायक शिक्षक सुरेंद्र प्रसाद गुप्ता और चतरा के अपग्रेडेड 2 हाई स्कूल, दावरी के सहायक शिक्षक मनोज कुमार चोबे को 25,000 रुपये की नकद राशि, शॉल, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।
टाटा कॉलेज कॉलोनी मिडिल स्कूल की शिक्षिका अनुपमा ने कहा, हम व्यस्त जीवन में अक्सर अपनी मेहनत को याद रखना भूल जाते हैं। ऐसे दिवस हमें खुशी के साथ-साथ नयी ऊर्जा और प्रेरणा देता है और इससे हम समर्पित भाव से कार्य करते हैं।
टीम एबीएन, रांची। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन, रांची शाखा ने रजत जयंती महोत्सव पर 7 से 13 सितंबर तक सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन महाराजा अग्रसेन भवन, अग्रसेन पथ में किया गया है।
इस आयोजन के उद्देश्य एवं तैयारियों से संबंधित जानकारी देने हेतु 6 सितंबर को दोपहर 2.30 बजे महाराजा अग्रसेन भवन में संवाददाता सम्मेलन रखा गया है। उक्त जानकारी मीडिया प्रभारी रीना सुरेखा (8825383669) ने दी।
टीम एबीएन, रांची। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि 7 सितंबर से स्नान दान भाद्रपद पूर्णिमा तिथि लगते ही पितृ पक्ष शुरू हो जायेगा।
7 सितंबर से 21 सितंबर तक चलने वाला पितृपक्ष हमें पूर्वजों को श्रद्धांजलि देने का पवित्र अवसर प्रदान करता है इस काल में विधि पूर्वक तर्पण, पिंडदान, ब्राह्मणों और जीवों को भोजन दान तथा दक्षिणा देने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है, पितृदोष मिटता है और वंश में सुख, समृद्धि एवं आशीर्वाद की भी प्राप्ति होती है। इस अवधि तक दादा दादी, नाना नानी पक्ष के पूर्वजों का ध्यान स्मरण किया जायेगा।
उन्हें जल देकर तर्पण की कामना होगी पितृपक्ष शुरू होते हैं शुभ कार्यों की बेला थम जायेगी। हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पितरों को प्रसन्न और संतुष्ट करने वाला पर्व माना जाता है इस दिन उन पूर्वजों के सम्मान में श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु हर महीने की पूर्णिमा के दिन हुई थी। पितृपक्ष जिसे श्राद्ध के नाम से भी जाना जाता है।
माना जाता है कि मृतक पूर्वजों को समर्पित एक महत्वपूर्ण अवधि है यह वह समय होता है जब पूर्वजों की आत्माएं प्रसाद और प्रार्थनाओं के प्रति सबसे अधिक ग्रहणशील होती है श्राद्ध पक्ष वास्तव में पितरों को याद करके उनके प्रति श्रद्धा भाव प्रदर्शित करने का अवसर है पितरों का श्राद्ध करने से जन्म कुंडली में व्याप्त पितृ दोष से भी हमेशा के लिए छुटकारा मिलता है पितृपक्ष में पितरों संबंधित कार्य करने से व्यक्ति का जीवन खुशियों से भर जाता है।
श्राद्ध तर्पण करने से पितर प्रसन्न होते है और आशीर्वाद देते हैं। पितर दोष से मुक्ति के लिए इस पक्ष में श्राद्ध तर्पण करना होता है। किसी योग्य ब्राह्मण से श्राद्ध कर्म, पिंडदान तर्पण करवाना चाहिए। जिस दिन श्राद्ध हो उस दिन ब्राह्मणों को भोजन करवाना चाहिए, श्राद्ध कार्य में पूरी श्रद्धा से ब्राह्मणों को तो दान दक्षिणा देना चाहिए,साथ ही यदि किसी गरीब जरूरतमंद की सहायता भी आप कर सके तो बहुत पुण्य मिलता है।
इसके साथ-साथ ही गाय, कुत्ते, कौवे आदि पशु पक्षियों के लिए भोग का एक अंश जरुर डालना चाहिए। पितृपक्ष मे मृत्यु की तिथि के अनुसार श्राद्ध किया जाता है। अगर किसी मृत व्यक्ति की तिथि ज्ञात न हो तो ऐसी स्थिति मे अमावस्या तिथि पर श्राद्ध किया जाता है इस दिन सर्वपितृ श्राद्ध योग माना जाता है।
7 सितंबर को पितृपक्ष की शुरुआत एक चंद्र ग्रहण के साथ हो रही है जिसमें सूतक काल का पालन आवश्यक है और ग्रहण के दौरान श्राद्धकर्म अनुष्ठान नहीं किए जाते हैं।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अभिव्यक्ति पितृपक्ष हमें हमारे पूर्वजों की भावनात्मक और आध्यात्मिक याद दिलाता है यह समय आत्मनिरीक्षण कृतज्ञता और पितृपुण्य की भावना से ओत-प्रोत होता है पारिवारिक धरोहरों संस्कारों और आशीर्वाद को बनाए रखने का यह माध्यम है इस दौरान किये गये शास्त्रीय कर्मों से कुल की समृद्धि के साथ-साथ वंश में पुण्य का संचय होता है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। पलामू जिला के मनातू थाना क्षेत्र अंतर्गत केदल जंगल में बुधवार की देर रात्रि में प्रतिबंधित नक्सली संगठन तृतीय सम्मेलन प्रस्तुती समिति टीएसपीसी के दस लाख ईनामी कमांडर शशिकांत गंझू के दस्ता के साथ पलामू पुलिस के अभियान एएसपी राकेश सिंह के टीम के साथ मुठभेड़ हो गयी। मुठभेड़ 20 से 25 मिनट चली।
इसमें नक्सलियों की गोली लगने से पलामू पुलिस के दो जवान संतन मेहता जो हैदरनगर थाना क्षेत्र के परता निवासी व सुनील राम सोवा बरेवा निवासी शहीद हो गये। वहीं रोहित कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसका ईलाज एमएमसीएच मेदिनीनगर में चल रहा है। चिकित्सक ने इसे खतरे से बाहर बताया।
यह घटना पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि दस लाख का ईनामी कमांडर शशिकांत गंझू करमा पर्व के अवसर पर अपने पैतृक गांव केदल में मौजूद है। इस सूचना पर अभियान एएसपी राकेश सिंह के नेतृत्व में दो टीमें गठित की गई जो बुधवार की रात्रि में सर्च आपरेशन शुरू की गई। पुलिस टीम बीती रात्रि बारह से एक बजे के बीच में शशिकांत गंझू के घर के करीब पहुंची कि नक्सलियों ने पुलिस को लक्ष्य करते हुए अंधाधूंध गोलीबारी शुरू कर दी।
पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलायी जिसमें नक्सलियों के गोली लगने व मारे जाने की खबर है। मुठभेड़ की घटना बीस से 25 मिटन चली। इसके बाद नक्सली भागने में सफल रहे। पुलिस ने घटनास्थल से घायल जवानों को लेकर मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज भर्ती कराया जहां चिकित्सकों ने दो जवानों को मृत घोषित कर दिया। एक जवान का ईलाज चल रहा है।
इसके बाद पुलिस ने केदल जंगल की घेराबंदी कर सर्च आपरेशन चला रही है। इधर घटना की सूचना पाते ही पलामू एसपी रीष्मा रमेसन, डीआईजी नौशाद आलम व अन्य पुलिस अधिकारी घटनास्थल पहुंचकर जायजा लिया। इसके बाद सदर अस्पताल पहुंचकर घायल जवान का ईलाज कराया।
वहीं मुठभेड़ में शहीद जवानों की सूचना पाकर झारखंड के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह, आईजी अभियान माइक राज एस, आईजी एसटीएफ अनुप बिरथरे, आईजी पलामू राकेश भाष्कर, डीआइजी नौशाद आलम, डीसी समीरा एस, एसपी रीष्मा रमेसन व क्षेत्रीय विधायक आलोक चौरसिया व अन्य वरीय अधिकारियों ने पुलिस लाईन में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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