टीम एबीएन, रांची। रांची की एचईसी कॉलोनी में शनिवार की सुबह प्रशासन ने अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। एचईसी चेक पोस्ट से लेकर दिल्ली पब्लिक स्कूल तक का इलाका बुलडोजर की गर्जना से गूंज उठा। करीब 50 से 60 अवैध मकान व पक्के निर्माण धराशायी कर दिये गये।
सुबह होते ही इलाके में हलचल मच गयी जब दो जेसीबी मशीनों के साथ नगर निगम की एनक्रोचमेंट टीम जगरनाथपुर थाना के पास पहुंची। अभियान की कमान मजिस्ट्रेट नितिन गुप्ता ने संभाली। वहीं, जगरनाथपुर थाना प्रभारी दिग्विजय सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस बल और निगम के जवान मौके पर मौजूद रहे। सुरक्षा घेरे में कार्रवाई इतनी सख़्ती से हुई कि किसी को विरोध का मौका तक नहीं मिला।
प्रशासन ने साफ कहा है कि बार-बार नोटिस देने के बावजूद लोग अतिक्रमण खाली नहीं कर रहे थे। अब इस तरह के अवैध कब्जे किसी हाल में बर्दाश्त नहीं होंगे। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह अभियान आगे और तेजी से जारी रहेगा और एचईसी कॉलोनी ही नहीं बल्कि आसपास के सभी क्षेत्रों को अतिक्रमण मुक्त कराया जायेगा।
मकान टूटने के बाद कई प्रभावित परिवार हताश और गुस्से में दिखे। उनका कहना था कि उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया गया। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने पलटकर दो टूक कहा नियम तोड़ने वालों को अब कोई राहत नहीं मिलेगी।
टीम एबीएन, रांची। रांची में बेहतर स्वास्थ्य और पर्यावरण जागरूकता फैलाने के लिए जिले के प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों में सुपोषण परियोजना के तहत पोषण बागान शुरू किये गये हैं। इस पहल का मकसद स्कूलों में ताजा और बिना कीटनाशक वाली सब्जियां उगाकर बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना और उन्हें खेती व सतत जीवन के बारे में प्रत्यक्ष अनुभव देना है।
यह प्रोजेक्ट सिर्फ बच्चों को ताजी सब्जियां देने तक सीमित नहीं है, बल्कि कुपोषण की लड़ाई को एक नया आयाम दे रहा है और अन्य राज्यों के लिए भी एक नयी राह दिखा सकता है। अभी तक 2,128 में से 1,771 स्कूलों में किचन गार्डन तैयार हो चुके हैं जबकि दिसंबर 2025 तक जिले के सभी 2128 सरकारी स्कूलों में यह योजना पूरी तरह से लागू करने का लक्ष्य रखा गया है। इन बागानों में पालक, मेथी, सहजन, पपीता और मौसमी सब्जियां जैसे टमाटर, गाजर, भिंडी उगायी जायेंगी, जो बालकों में कुपोषण और एनीमिया जैसी समस्याओं को दूर करने में मदद करेंगी।
अधिकारियों ने बताया कि ये बागान जीवित कक्षाएं साबित हो रही हैं, जहां बच्चे पौधा लगाना, कंपोस्ट बनाना और प्राकृतिक उर्वरक तैयार करना सीखेंगे। सीमित जगह वाले स्कूल वर्टिकल गार्डनिंग और ग्रो बैग जैसी तकनीकों को अपनायेंगे। साथ ही, यहां जैविक कचरे का पुनर्चक्रण भी होगा। शिक्षा अधीक्षक बादल राज ने आज कहा कि परियोजना से सामुदायिक सहभागिता भी बढ़ेगी, अतिरिक्त सब्जियां स्थानीय रूप से साझा की जायेंगी, जिससे आत्मनिर्भरता और अभिभावक-विद्यालय संबंध मजबूत होंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि सर्वोत्तम प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को पुरस्कार भी दिये जायेंगे। सरकारी मध्य विद्यालय, आॅरमांझी के प्रिंसिपल नसीम अहमद ने कहा, यह पहल स्कूलों को स्वास्थ्य, शिक्षा और सततता के केंद्र में बदल रही है, जो न केवल बच्चों को बल्कि पूरे समुदाय के लिए हरित और स्वस्थ भविष्य का निर्माण कर रही है। सुपोषण परियोजना से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार के साथ-साथ उनमें अनुशासन, सहयोग और प्रकृति के प्रति सम्मान भी बढ़ेगा।
टीम एबीएन, रांची। कतरास क्षेत्र के कांटापहाड़ी में चल रहे अंबे माइनिंग आउटसोर्सिंग की लापरवाही से ओबी स्लाइड होने की वजह से सर्विस वैन करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गयी, जिससे मजदूरों की मौत हो गयी। लेकिन अभी तक मजदूरों को इंसाफ तक नहीं मिली।
सिर्फ जांच के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। मजदूरों को उचित मुआवजा भी नहीं दिया जा रहा है। अंबे माइनिंग आउटसोर्सिंग के महाप्रबंधक, साइड इंचार्ज की लापरवाही के कारण आज इतनी बड़ी घटना घटी है। कंपनी के कर्मियों को किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था नहीं दी जाती है।
जिसके वजह से आज गरीब मजदूरों की जान गयी है जिसको लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने प्रधानमंत्री, कोयला मंत्री, झारखंड सरकार, इरफान अंसारी सहित धनबाद डीसी को ट्वीट कर कार्रवाई और मजदूरों को मुआवजा देने की मांग की है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गिरिडीह। डुमरी के विधायक और जेएलकेएम सुप्रीमो जयराम महतो की अचानक तबीयत खराब होने के कारण सभी कार्यक्रम स्थगित कर दिये गये हैं। लगातार व्यस्तता और कार्यक्रमों में भाग लेने से उनकी सेहत बिगड़ गयी है। डॉक्टरों ने उन्हें पांच दिनों तक पूर्ण आराम करने की सलाह दी है।
जेएलकेएम (झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा) के विधायक जयराम महतो ने स्वास्थ्य को लेकर जानकारी दी है कि वे फिलहाल ठीक हैं। चार-पांच दिन किसी भी कार्यक्रम में भाग नहीं ले सकेंगे। सभी कार्यक्रम रद्द रहेंगे।
विधायक जयराम महतो ने कहा है कि जहां भी कोई समस्या हो, पार्टी के जिलाध्यक्ष और प्रत्याशी से संपर्क करेंगे, असुविधा के लिए खेद है। लगातार कार्यक्रम की वजह से बीमार पड़ गये हैं। 2 दिन पहले एक कार्यक्रम में भींग गये थे। अभी आवास पर चिकित्सकों की देखरेख में इलाज चल रहा है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड अक्टूबर माह में एक ऐतिहासिक आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। राज्य में पहली बार धरती आबा जनजातीय फिल्म महोत्सव का आयोजन होगा, जिसकी मेजबानी राज्य सरकार करेगी। इस महोत्सव के माध्यम से सिनेमा की दुनिया में आदिवासी जीवन, उनकी परंपराओं और संस्कृति की अनूठी झलक दिखायी जायेगी।
भगवान बिरसा मुंडा को समर्पित इस आयोजन में देशभर के फिल्म निर्माता भाग लेंगे। यहां अलग-अलग क्षेत्रों से आदिवासी समुदाय की जीवनशैली, कथाओं और सांस्कृतिक अनुभवों पर आधारित फिल्मों का प्रदर्शन किया जायेगा।
स्थानीय भाषाओं में फिल्म बनाने वाले निर्देशक अनिल सिकदार ने बताया कि आदिवासी बहुल राज्यों के फिल्म मेकर भी बड़ी संख्या में इसमें हिस्सा लेने के लिए उत्साहित हैं। खास बात यह है कि केवल 31 दिसंबर 2020 के बाद बनी फिल्मों को ही प्रतियोगिता में शामिल किया जायेगा।
जनजातीय कल्याण अनुसंधान संस्थान ने रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक प्रतिभागी 10 सितंबर तक अपनी प्रविष्टियां भेज सकते हैं। फिल्मों को 6 श्रेणियों फीचर फिल्म, डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिक्शन, शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री, एनिमेशन और न्यू मीडिया/मोबाइल में प्रस्तुत किया जा सकेगा।
इस मंच के जरिए न सिर्फ संवाद स्थापित होगा बल्कि आदिवासी समाज की अनसुनी कहानियां भी सामने आयेंगी। यह आयोजन डॉ राम दयाल मुंडा जनजातीय कल्याण अनुसंधान संस्थान की ओर से सरकार की जनजातीय गौरव वर्ष पहल के तहत किया जा रहा है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पाकुड़। जिले में प्रेम प्रसंग से जुड़ा एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। महेशपुर थाना क्षेत्र के बुधारपोखर गांव में प्रेमी ने अपनी प्रेमिका की निर्मम हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घटना का खुलासा 2 सितंबर को हुआ, जब बुधारपोखर नाले से एक युवती का सड़ी-गली हालत में शव बरामद हुआ। शव की पहचान मुश्किल थी, लेकिन पुलिस ने उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू की। इस दौरान पुलिस को 23 अगस्त को दर्ज एक गुमशुदगी की शिकायत याद आयी, जिसमें एक युवती के लापता होने की जानकारी दी गयी थी।
तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने शव की पहचान उसी गुमशुदा युवती के रूप में की। इसके बाद एसआईटी टीम ने साक्ष्य जुटाकर आरोपी की पहचान की और 5 सितंबर को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया।
पाकुड़ एसपी निधि द्विवेदी ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मृतका और आरोपी के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध था। लेकिन जब शादी की बात आई तो युवती ने इनकार कर दिया। इसी नाराजगी में आरोपी ने 18 अगस्त की रात उसे नहर किनारे बुलाकर हत्या कर दी और शव को नाले में फेंककर फरार हो गया। करीब 15 दिन बाद शव बरामद होने पर पूरे हत्याकांड का राज खुल सका। पुलिस के अनुसार दोनों महेशपुर थाना क्षेत्र के ही रहने वाले थे और एक-दूसरे को काफी समय से जानते थे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, गढ़वा। जिले में युवक और युवती के खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गयी। स्थानीय लोगों से सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस शवों को कब्जे में लेकर थाने ले गयी। साथ ही पुलिस ने मौके से पिस्तौल एवं चाकू भी बरामद किया है।
जानकारी के अनुसार, घटना गढ़वा थाना क्षेत्र में परसाहा मोड़ के समीप की है। मृतक लड़की की पहचान कृति कुमारी और मृतक लड़के की पहचान सुमित कुमार के रूप में की गयी है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि रास्ते से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने दोनों शवों को खून से लथपथ पड़ा देखा तो तुरंत पुलिस को सूचित किया।
वहीं मौके पर पहुंची पुलिस शवों को उठाकर थाने ले गयी। वहीं जब युवती के परिजनों को खबर हुई तो वे लोग भी थाने पहुंचे और पुलिस को बताया कि उनकी बेटी कृति ने उन्हें फोन कर जानकारी दी थी कि सुमित ने उसके पेट में चाकू घोंप कर खुद को भी गोली मार दी। जिसके बाद वे दोनों को ढूंढने निकल पड़े। फिलहाल पुलिस घटना की गंभीरता से जांच में जुट गयी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को कहा कि जीएसटी दरों में कटौती से न केवल आम लोगों को फायदा होगा, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्र में उसके शासनकाल के दौरान कर का भारी बोझ था। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद का अहितकर और विलासिता की वस्तुओं की श्रेणी को छोड़कर सभी उत्पादों को 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत की श्रेणी में लाने तथा कई आवश्यक वस्तुओं पर कर को शून्य करने का निर्णय 22 सितंबर को नवरात्रि के पहले दिन से लागू होगा।
भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए वैष्णव ने कहा, आगामी 22 तारीख, नवरात्रि का पहला दिन, हम सभी के लिए, सभी मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए और इस देश के 140 करोड़ नागरिकों के लिए एक नई खुशी लेकर आयेगा। उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधार देश के आर्थिक विकास को बढ़ावा देने का काम करेंगे।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा, इस सुधार से देश के 140 करोड़ लोगों के जीवन में बड़ी राहत आयी है। 2014 से पहले (कांग्रेस के शासन के दौरान) हर वस्तु पर लगने वाले विभिन्न प्रकार के करों के जाल के कारण आम लोगों पर भारी बोझ था। वैष्णव ने कहा कि नवीनतम जीएसटी सुधार और पहले घोषित 12 लाख रुपये तक की आयकर छूट देश में मध्यम वर्गीय परिवारों सहित आम लोगों के कल्याण के लिए पीएम नरेंद्र की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
भाजपा नेता ने कहा कि सरकार लगभग डेढ़ साल से जीएसटी सुधारों पर काम कर रही थी और प्रधानमंत्री लगातार इस पर नजर रख रहे थे और हर कदम पर मार्गदर्शन दे रहे थे। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी द्वारा लिया गया यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण निर्णय है। उन्होंने लाल किले की प्राचीर से देश को एक नया आश्वासन दिया था। उन्होंने इस घोषणा के साथ उस संकल्प को वास्तविकता में बदल दिया है।
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