एबीएन सेंट्रल डेस्क (नई दिल्ली)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के तेवरों और प्रधानमंत्री के वक्तव्य को लेकर कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि जिस दिन संसद में महत्वपूर्ण बहस हो रही थी, उस दिन राहुल गांधी पूरी मजबूती और तथ्यों के साथ सरकार को आईना दिखा रहे थे, जबकि प्रधानमंत्री सदन में कायरता का परिचय देते नजर आए। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि राहुल गांधी उस दिन फायर थे और प्रधानमंत्री रणछोड़ दास की तरह कायर दिखाई दे रहे थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री का भाषण देश और जनता की समस्याओं के समाधान पर केंद्रित नहीं था, बल्कि वह केवल राजनीतिक बयानबाज़ी तक सिमट कर रह गया। उन्होंने आगे कहा कि संसद में प्रधानमंत्री का भाषण होना चाहिए था, लेकिन उसमें न तो देश की ज्वलंत समस्याओं का हल था और न ही जनता की पीड़ा का कोई जवाब। भाषण था, लेकिन समाधान नहीं था।यह प्रधानमंत्री के वक्तव्य की सच्चाई को उजागर करता है।
राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री के वक्तव्य पर भी सांसद सुखदेव भगत ने गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि यह वक्तव्य राष्ट्रपति के अभिभाषण पर होना चाहिए था, लेकिन ऐसा प्रतीत हो रहा था कि प्रधानमंत्री संसद को संबोधित नहीं कर रहे थे, बल्कि भाजपा के किसी राजनीतिक मंच से भाषण दे रहे थे।
सुखदेव भगत ने कहा कि प्रधानमंत्री की बातों में भावनाएं तो बहुत थीं, लेकिन तथ्यों का घोर अभाव था। देश में बेरोज़गारी, महंगाई, किसानों की बदहाली और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर प्रधानमंत्री पूरी तरह मौन रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गंभीर सवालों से बचने के लिए भावनात्मक भाषणों की आड़ ले रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने संसद में जनता की आवाज़ को मजबूती से उठाया, जबकि प्रधानमंत्री ने जवाबदेही से बचने की कोशिश की। कांग्रेस सांसद के मुताबिक, लोकतंत्र में संसद जनता की समस्याओं पर चर्चा का मंच है, न कि सत्ताधारी दल के प्रचार का। सुखदेव भगत ने अंत में कहा कि देश की जनता अब भाषण नहीं, ठोस समाधान चाहती है और विपक्ष इस लड़ाई को संसद से सड़क तक मजबूती से लड़ेगा।
टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में महात्मा नारायण दास ग्रोवर जी की पुण्यतिथि संकल्प दिवस के रूप में मनाई गई। इस अवसर पर सामूहिक महाहवन का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थी तथा अध्यापकों ने श्रद्धापूर्वक भाग लिया। हवनोपरान्त महात्मा ग्रोवर के व्यक्तित्व तथा कृतित्व पर प्रकाश डाला।
प्राचार्य डॉ तापस घोष ने अपने उद्बोधन में कहा कि महात्मा नारायण दास ग्रोवर त्याग एवं सेवा की प्रतिमूर्ति थे। वे केवल हाड़ - मांस के बने साधारण मानव नहीं,अपितु महामानव थे, जिन्होंने डीएवी शिक्षा की ज्योति को घर-घर पहुंचाया बिहार, बंगाल, उड़ीसा, झारखंड के लगभग दो सौ डीएवी. विद्यालय उन्हीं की देन हैं।
उन्होंने शिक्षा के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ समाज सेवा के अन्य कार्य भी किये। आदिवासी बच्चों के लिए स्कूल खोलना, अस्पताल खोलना, बाढ़ - भूकंप आदि पीड़ितों की सेवा करना उनके महत्त्वपूर्ण कार्य थे। उनके बताये मार्ग पर चलकर ही हम उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
जब तक डीएवी.विद्यालय रहेंगे, तब तक डीएवी. के भीष्म पितामह तथा झोला वाले बाबा के नाम से जाने जानेवाले महात्मा ग्रोवर याद किए जाते रहेंगे, हम सबके प्रेरणास्रोत बने रहेंगे। शांति पाठ तथा वैदिक जयघोष के साथ सभा समाप्त हुई।
टीम एबीएन, रांची। रांची सिविल कोर्ट को शुक्रवार को बम विस्फोट की धमकी वाला एक ईमेल मिला, जिससे कोर्ट परिसर और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया। यह धमकी रांची सिविल कोर्ट की आधिकारिक ईमेल आईडी पर भेजी गयी थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट हो गयीं।
धमकी की सूचना मिलते ही पुलिस और बम निरोधक दस्ते की टीम कोर्ट परिसर में पहुंची और व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। कोतवाली डीएसपी प्रकाश सोय ने बताया कि ईमेल को गंभीरता से लेते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गयीहै। तलाशी के दौरान किसी भी तरह की संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई।
बम निरोधक दस्ते के सदस्य गणेश पान ने बताया कि कोर्ट परिसर के हर हिस्से की बारीकी से जांच की गई, लेकिन कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। जांच के बाद यह स्पष्ट हो गया कि बम विस्फोट की धमकी महज एक अफवाह थी।
हालांकि धमकी झूठी साबित हुई, लेकिन एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसर की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है। पुलिस ने कहा है कि धमकी भरे ईमेल के स्रोत और भेजने वाले की पहचान के लिए जांच जारी है।
टीम एबीएन, रांची। जिले में अपराध और उग्रवादी गतिविधियों ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। कारोबारी लगातार निशाने पर हैं और खुलेआम फायरिंग कर डर का माहौल बनाया जा रहा है। ताजा मामला खलारी थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहां टीएसपीसी उग्रवादियों ने हवाई फायरिंग कर दहशत फैला दी।
फायरिंग के बाद अपराधी मौके पर पर्चा फेंककर फरार हो गये। प्रत्यक्षदर्शियों और कांटा घर के कर्मचारियों के मुताबिक, अचानक हुई फायरिंग से इलाके में दहशत फैल गयी। सुरक्षा कारणों से कांटा घर का कामकाज तत्काल बंद कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही खलारी पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में बाइक सवार अपराधी फायरिंग करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस फायरिंग की जिम्मेदारी टीएसपीसी उग्रवादी संगठन ने ली है।
टीएसपीसी की ओर से छोड़े गए पर्चे में सुदर्शन जी के नाम से कोयला और ईंट कारोबारियों को चेतावनी दी गई है। पर्चे में लिखा है कि संगठन की अनुमति और जानकारी के बिना कोई भी कारोबारी काम करेगा तो उसकी जान-माल की जिम्मेदारी खुद उसकी होगी।
वहीं खलारी थाना प्रभारी जयदीप टोप्पो ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। अपराधियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जायेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, चाईबासा/ चक्रधरपुर। चक्रधरपुर रेल मंडल में हावड़ा-राउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस में तकनीकी खराबी सामने आने से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गयी। ट्रेन के पहियों में आग लगने की घटना के बाद रेलवे प्रशासन को आनन-फानन में ट्रेन रोकनी पड़ी और यात्रियों को दूसरी ट्रेन से रवाना किया गया।
दरअसल, चक्रधरपुर रेल मंडल के टुनिया रेलवे स्टेशन के पास हावड़ाझ्रराउरकेला वंदे भारत एक्सप्रेस में उस समय हड़कंप मच गया, जब इंजन से तीसरे कोच के पहियों में हॉट एक्सल के कारण आग लग गई।
घटना के बाद पहियों से धुआं उठने लगा, जिसे देखकर ट्रेन में सवार यात्रियों में घबराहट फैल गयी। सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आया और वंदे भारत एक्सप्रेस को टुनिया रेलवे स्टेशन पर रोक दिया गया। मौके पर पहुंची तकनीकी टीम ने आग पर काबू पाया और कोच की मरम्मत की।
इस घटना से चक्रधरपुर रेल मंडल मुख्यालय में भी हलचल मच गई। हैरानी की बात यह रही कि टाटानगर और चक्रधरपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की पहले ही जांच की जा चुकी थी, इसके बावजूद चक्रधरपुर से सिर्फ 25 किलोमीटर की दूरी पर यह घटना हो गयी।
यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार सभी यात्रियों को ट्रेन संख्या 12222 हावड़ाझ्रपुणे एसी दुरंतो एक्सप्रेस में शिफ्ट कर राउरकेला भेजा गया।
बाद में वंदे भारत एक्सप्रेस के खाली रैक को राउरकेला पहुंचाया गया। इधर, राउरकेला से हावड़ा जाने वाली ट्रेन संख्या 20872 वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए रेलवे प्रशासन ने टाटानगर से एक अलग वंदे भारत रैक राउरकेला मंगाया। इसके बाद यह ट्रेन शाम करीब साढ़े चार बजे राउरकेला के प्लेटफॉर्म नंबर पांच से रवाना हुई।
इस पूरी घटना के कारण यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ी। चक्रधरपुर रेल मंडल में पहले से ही ट्रेनों की लेटलतीफी से यात्री परेशान हैं। अब वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन में तकनीकी खराबी की घटना से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गयी है।
टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्रीय बजट पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेश किये गये बजट को गौर से देखने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कृषि हो या अन्य सेक्टर, बताइए इस बजट में ऐसा क्या है जिससे आम लोगों को राहत मिली हो?
सीएम ने आरोप लगाया कि बजट में आम आदमी की जरूरत की चीजों को नजरअंदाज किया गया है। मीडिया द्वारा कोयला, खनिज और लोहा महंगा होने से जुड़े सवाल पर सीएम और अधिक मुखर हो गये। उन्होंने कहा कि आप कोयला, खनिज और लोहा की बात कर रहे हैं, लेकिन क्या रोजमर्रा की चीजें सस्ती हुई हैं? सीएम ने साफ कहा कि इस बजट में तो दाल और चावल तक महंगे हो गये हैं। असम दौरे से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने वहां के चाय बागान मजदूरों की स्थिति का जिक्र किया।
कहा कि वहां आज भी गुलामी की स्थिति बनी हुई है। केंद्र और असम सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से निशाना साधा। उन्होंने कहा कि असम में एक अजीब स्थिति है, वहां ऐसा लगता है जैसे देश के अंदर ही एक और देश हो। आज भी वहां अंग्रेजी हुकूमत की झलक दिखाई देती है। वहां अब भी ऐसा महसूस होता है कि लोग गुलामी का जीवन जी रहे हैं।
टीम एबीएन, रांची। राजधानी के ऐतिहासिक पहाड़ी मंदिर के महाकाल मंदिर में बनारस के कारीगर अरघा का सुधार कार्य कर रहे हैं। इसे लेकर कुछ दिनों के लिए मंदिर में आम भक्तोें के लिए पट्ट बंद किये गये हैं।
इस क्रम में मंदिर के पुजारी महाकाल बाबा की नित्य पूजा-अर्चना कर रहे हैं। समिति के आनंद गाड़ोदिया, मदन पारीक, जीतेंद्र प्रसाद ने बताया कि चार से पांच दिन का वक्त सुधार कार्य में लगने की संभावना है।
टीम एबीएन, रांची। सोनाहातू प्रखंड के तेलवाडीह पंचायत अंतर्गत डोमाडीह गांव निवासी हरिहर महतो (25) पिछले छह दिनों से लापता हैं। वे सोहन लाल महतो के पुत्र हैं। इस गंभीर घटना की सूचना मिलने पर झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली।
परिजनों ने बताया कि हरिहर महतो 31 जनवरी 2026 की शाम लगभग 6 बजे घर से निकले थे, जिसके बाद से अब तक उनका कोई पता नहीं चल पाया है। काफी खोजबीन के बाद परिजनों द्वारा 03 फरवरी 2026 को सोनाहातू थाना में लिखित शिकायत दर्ज करायी गयी है।
मुलाकात के दौरान देवेंद्र नाथ महतो ने परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया और सोनाहातू थाना पहुंचकर थाना प्रभारी प्रेम प्रदीप से खोजबीन के करंट स्टेटस की विस्तृत जानकारी ली। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए गंभीरता से खोजबीन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत संवेदनशील मामला है और पुलिस प्रशासन को इसे प्राथमिकता के आधार पर देखना चाहिए।
बताते चलें कि लापता हरिहर महतो का 26 दिन का नवजात पुत्र है। उनके अचानक लापता होने से पत्नी और मां का रो-रो कर बेहद बुरा हाल है। पूरा परिवार गहरे सदमे में है और प्रशासन से जल्द से जल्द हरिहर महतो का पता लगाने की गुहार लगा रहा है।
श्री महतो ने प्रशासन से अपील की है कि इस मामले में त्वरित कदम उठाये जायें, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय और राहत मिल सके। बताते चलें कि आज पुलिस चौकी में थाना प्रभारी से वार्ता के दौरान अर्जुन महतो, अशोक महतो, प्रदीप महतो आदि पीड़ित परिवार मौजूद रहे।
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