एबीएन न्यूज नेटवर्क। बरकट्ठा-एनएच 2 पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। एक ट्रेलर और हाइवा की आमने-सामने की टक्कर में ट्रेलर चालक की घटनास्थल पर ही जलकर मौत हो गई। यह हादसा बरकट्ठा थाना क्षेत्र के कोनहारा में हुआ। बताया जा रहा है कि यह हादसा रात के समय हुआ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर दिल्ली से कोलकाता की ओर जा रहा था, जबकि हाइवा कोलकाता से दिल्ली की ओर आ रहा था। डायवर्सन के पास, ट्रेलर और विपरीत दिशा से आ रहे हाइवा में आमने-सामने की टक्कर हो गई।
जिससे आग लग गई और ट्रेलर में तेजी से फैल गई। हाइवा का चालक और कंडक्टर भागने में कामयाब रहे, जबकि ट्रेलर चालक बुरी तरह जलकर मर गया। घटना की सूचना मिलने पर बरकट्ठा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, जिसका स्थानीय निवासियों ने विरोध किया।
बताया जा रहा है कि स्थानीय लोगों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई। जिसके बाद पुलिस वहां से चली गई। दमकल गाड़ी ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। एक दमकलकर्मी ने बताया कि ट्रेलर में आग इतनी भीषण थी कि उसे काबू करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद ही आग पर काबू पाया जा सका।
टीम एबीएन, रांची। रांची जिले के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में विधि-व्यवस्था, सड़क सुरक्षा एवं अवैध खनन को लेकर एक महत्वपूर्ण ऑनलाइन बैठक आयोजित की गई।
बैठक में डीआईजी सह वरीय पुलिस अधीक्षक, चंदन सिन्हा, अपर जिला दंडाधिकारी विधि व्यवस्था राजेश्वरनाथ आलोक, सदर अनुमंडल पदाधिकारी उत्कर्ष कुमार, नगर पुलिस अधीक्षक, अजीत कुमार, ग्रामीण पुलिस अधीक्षक, प्रवीण पुष्कर, यातायात पुलिस अधीक्षक, कैलाश करमाली, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी, सहित सभी पुलिस उपाधीक्षक/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी एवं सभी थाना प्रभारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान भजंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन की प्राथमिकता है कि दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में सम्पन्न हो, सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगे और अवैध खनन जैसी गतिविधियों को हर हाल में समाप्त किया जाये। उन्होंने सभी अधिकारियों को समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिये।
बैठक में भजंत्री ने दुर्गा पूजा के दौरान विधि व्यवस्था, यातायात व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि सभी सीओ, मजिस्ट्रेट और थाना प्रभारी पूजा समितियों के साथ बैठक कर सभी आवश्यक व्यवस्थाओं विशेष कर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
डीआईजी सह वरीय पुलिस अधीक्षक चंदन सिन्हा ने कहा कि विधि व्यवस्था संधारण हेतु पूजा के दौरान बाइक से गश्ती करें। भजंत्री ने पूजा से पूर्व सड़कों के गड्ढों को भरवाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पंडालों के पास से गुजरने वाले बिजली के तारों को पाइप से ढकने का कार्य बिजली विभाग के सहयोग से करने के निर्देश दिए।
भजंत्री द्वारा यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित बनाने को लेकर पुलिस अधीक्षक यातायात को निर्देशित किया गया कि बेतरतीब ढंग से पाकिर्ंग न होने दें और श्रद्धालुओं को सुविधा प्रदान करें। उन्होंने मूर्ति विसर्जन से पूर्व संबंधित पूजा समितियों के साथ स्थल निरीक्षण कर सभी आवश्यक सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
भजन्त्री द्वारा सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने तथा सोशल मीडिया पर नजर रखने के भी निर्देश दिए गए। सड़क सुरक्षा की समीक्षा करते हुए भजन्त्री ने जिला परिवहन पदाधिकारी को एंटी ड्रंक एंड ड्राइव अभियान तेज करने का निर्देश दिये।
उन्होंने तीखे मोड़ों पर खराब सड़क की मरम्मत कार्य, स्पीड ब्रेकर की माकिर्ंग और स्कूल समय में बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उपायुक्त द्वारा दुर्गा सोरेन चौक पर भी सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अवैध खनन को लेकर भी विस्तृत चर्चा हुई।
भजन्त्री ने कहा कि 15 अक्टूबर तक जीरो टॉलरेंस के तहत कारर्वाई सुनिश्चित की जाए। माननीय एनजीटी के रोक के बावजूद अवैध खनन करने वालों पर सख्त कारर्वाई की जाए। साथ ही उन्होंने थाना प्रभारी और सीओ को सतर्क रहने और बालू का अवैध भंडारण करने वालों पर भी कारर्वाई करने के निर्देश दिये।
*प्रकाशनार्थ*
टीम एबीएन, रांची। झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के संयुक्त महामंत्री सह प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि भारतभूमि संतों, महापुरुषों और महान शासकों की भूमि रही है, जिन्होंने अपने विचारों, कर्मों और आदर्शों से समाज को नई दिशा दी।
ऐसे ही एक महान युगपुरुष थे महाराजा अग्रसेन, जिनकी जयंती शारदीय नवरात्रि के पहले दिन, यानी आश्विन शुक्ल प्रतिपदा को मनाई जाती है। इस वर्ष महाराजा अग्रसेन जयंती 22 सितंबर दिन सोमवार को मनाई जा रही है।महाराजा अग्रसेन का जन्म द्वापर युग के अंत और कलियुग के प्रारंभ में हुआ माना जाता है। वे सूर्यवंशी क्षत्रिय राजा श्री वल्लभ सेन के पुत्र थे।
उन्होंने युवावस्था से ही राजकाज में गहरी रुचि ली और बहुत ही न्यायप्रिय, दयालु तथा दूरदर्शी शासक के रूप में प्रसिद्ध हुए। महाराजा अग्रसेन का राज्य प्राचीन अग्रोहा नगरी में था, जो वर्तमान हरियाणा राज्य के हिसार जिले में स्थित है। उन्होंने अहिंसा परमो धर्म: के सिद्धांत पर चलते हुए किसी भी युद्ध में भाग नहीं लिया, बल्कि शांति और सौहार्द से राज्य का संचालन किया।
महाराजा अग्रसेन ने अग्रवाल वंश की स्थापना की,जो आज देश-विदेश में व्यापार, समाजसेवा, शिक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। महाराजा अग्रसेन की पत्नी का नाम महारानी माधवी था। उन्होंने कुल 18 गोत्रों की रचना की, प्रत्येक गोत्र एक विशेष गुण विचारधारा या कर्म क्षेत्र को दर्शाता है यह व्यवस्था गोत्रों में बदल गई जो आज भी अग्रवाल समाज में प्रचलित है।
ऐरन, बंसल, बिंदल, भंदल, धारण, गर्ग, गोयल, गोयनका, जिंदल, कंसल, कुच्छल, मधुकुल, मंगल, मित्तल, नागल, सिंघल, तायल, तिंगल, 18 गोत्र के नाम है। महाराजा अग्रसेन पर अनगिनत पुस्तकें लिखी जा चुकी है सुप्रसिद्ध लेखक भारतेंदु हरिश्चंद्र जो स्वयं भी अग्रवाल समुदाय से थे।
उन्होंने 1871 में अग्रवालों की उत्पत्ति नामक प्रामाणिक ग्रंथ लिखा है जिसमें विस्तार से उनके जीवन के बारे में बताया गया है। महाराजा अग्रसेन के शासन में कोई गरीब नहीं था। उन्होंने एक अद्भुत व्यवस्था लागू की थी। जब कोई नया परिवार अग्रोहा में बसता, तो प्रत्येक परिवार उसे एक रूपया और एक ईंट देता।
यह प्रतीक था आर्थिक मदद और घर बनाने के लिए सामग्री का। यह नीति समाजवाद, सहयोग और स्वावलंबन की मिसाल बन गई।उनके जीवन के मूल रूप से तीन आदर्श है लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था, आर्थिक समरूपता, और सामाजिक समानता, आज जब विश्व असमानता, जातिगत भेदभाव और आर्थिक विषमता से जूझ रहा है।
महाराजा अग्रसेन का जीवन-दर्शन और नीतियां पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हैं। वे सामाजिक समरसता, आर्थिक समानता और मानव कल्याण के प्रतीक हैं। भारत सरकार ने भी उनकी स्मृति में डाक टिकट जारी किया है और कई राज्य सरकारें उनकी जयंती पर सार्वजनिक अवकाश घोषित करती हैं।
महाराजा अग्रसेन केवल एक शासक नहीं, बल्कि एक विचारधारा हैं। जो प्रेम, सेवा, दया, स्वावलंबन और समाजोत्थान की प्रेरणा देते हैं। उनकी जयंती पर हमें उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने का संकल्प लेना चाहिए और एक ऐसे समाज के निर्माण की दिशा में अग्रसर होना चाहिए जहाँ कोई भूखा, असहाय या उपेक्षित न हो।
*प्रेस विज्ञप्ति*
*महाराजा अग्रसेन जयंती समारोह 22 सितंबर को*
*महाराजा अग्रसेन जी की भव्य शोभायात्रा 20 सितंबर को*
अग्रवाल सभा रांची के तत्वाधान में श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के सुअवसर पर दिनांक 20 सितंबर दिन शनिवार को एक विशाल शोभा यात्रा का आयोजन किया गया है।शोभा यात्रा महाराजा अग्रसेन भवन से अपराह्न 3 बजे निकलेगी अग्रवाल युवा सभा के संचालन में निकाली जाने वाले शोभा यात्रा नगर के विभिन्न मार्गो महाराजा अग्रसेन भवन से बंशीधर आडुकिया रोड, बड़ा लाल स्ट्रीट ,साबू रिक्शा चौक, जैन मंदिर रोड ,शहीद चौक, सुभाष कुंज ,कुंज लाल स्ट्रीट, गांधी चौक, मारवाड़ी टोला, नॉर्थ मार्केट रोड, ईस्ट मार्केट रोड चुरूवाला चौक, कार्ट सराय रोड, बंशीधर आडुकिया रोड से भ्रमण करके पुनः महाराजा अग्रसेन भवन पहुंचेगी l 22 सितंबर को अग्रसेन जयंती समारोह बड़े ही धूमधाम से मनाई जाएगी। प्रातः 6:30 बजे प्रभात फेरी एवं अग्रसेन चौक में महाराजा अग्रसेन को पुष्पांजलि अर्पित की जाएगी , तत्पश्चात प्रातः 10 बजे से महाराजा अग्रसेन भवन में हवन एवं कुलदेवी पूजन का कार्यक्रम होगा। अपराह्न 3 बजे से महाराजा अग्रसेन भवन में आम सभा एवं पुरस्कार वितरण व भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। अध्यक्ष प्रमोद कुमार अग्रवाल, मंत्री अनिल अग्रवाल, जयंती संयोजक अमर अग्रवाल, अग्रवाल युवा सभा के अध्यक्ष रौनक झुनझुनवाला एवं समस्त कार्यकारिणी सदस्यों ने समाज के समस्त लोगों से सभी कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आग्रह किया है। उक्त जानकारी
टीम एबीएन, रांची। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह गुरुवार को अपने एक दिवसीय झारखंड दौरे पर रांची पहुंचे। श्री सिंह सुबह सेवा विमान से बिरसा मुंडा एयरपोर्ट रांची पहुंचे, जहां पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।
रांची एयरपोर्ट पर संवाददाताओं से बातचीत में अरुण सिंह ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में की गई जीएसटी दरों में कटौती की सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम आम जनता को सीधी राहत देगा और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में सहायक होगा। सिंह ने लोगों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने की भी अपील की और कहा कि यह देश की आर्थिक मजबूती की कुंजी है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ ने झारखंड डीजीपी को पत्र लिखकर कहा कि तेतुलमारी क्षेत्र में खुलेआम चल रहा है कोयला का अवैध कारोबार। दिन के उजाले में कोढ़ीया हॉस्पिटल के पीछे मुखिया के बाउंड्री वाल के अंदर अवैध कोयला को जमा किया जाता है ओर फिर उस कोयला को रात्रि में ट्रकों एवं हाइवा में कोयला लोड कर भट्टे में भेजा जा रहा है ओर यह कोयला का गोरखधंधा (पी०सिंह) के द्वारा चलाया जा रहा है।
इस अवैध कारोबार में स्थानीय सीआईएफ की भी। मिली भगत से इनकार नहीं किया जा सकता है, (पी०सिंह) द्वारा खुलेआम धड़ल्ले से चलाया जा रहा है कोयला का अवैध कारोबार लेकिन फिर भी नहीं किया जा रहा है कोई कार्रवाई आखिर पी०सिंह के ऊपर किसका हाथ है जो बेखौफ होकर चला है कोयला का अवैध कारोबार।
कोयला तस्कर प्रशासन की आंखों में धूल झोकर कर रहे कोयला का अवैध कारोबार जिससे तेतुलमारी थाना प्रभारी की भी छवि को धूमिल। किया जा रहा है इसलिए आपसे अनुरोध है कि अपने स्तर से संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करने का कृपा करेंगे ताकि भ्रष्टाचार पर अंकुश लग सके।
टीम एबीएन, रांची। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में एवं नृत्य श्री डांस स्टूडियो कटहल मोड़ के सौजन्य से आगामी 25 सितंबर को श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर, पुंदाग परिसर में भव्य डांडिया एवं गरबा डांस महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस रंगारंग सांस्कृतिक उत्सव की तैयारी को लेकर मंदिर परिसर में एक विशेष डांडिया-गरबा वर्कशॉप का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र की लगभग 75 महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
इस वर्कशॉप का उद्देश्य डांडिया और गरबा नृत्य की परंपरागत शैली को प्रशिक्षण के माध्यम से प्रतिभागियों तक पहुंचाना था, जिससे महोत्सव के दिन गरबा की प्रस्तुतियां और भी मनमोहक बन सकें। प्रशिक्षण सत्र का संचालन नृत्य श्री डांस स्टूडियो की संयोजिका श्रीमती पिंकी सिंह और नृत्य प्रशिक्षक श्री राम सोनी द्वारा किया गया।
दोनों ने महिलाओं को गरबा की मूलभूत मुद्राओं, ताल, लय और समूह समन्वय का गहन अभ्यास करवाया। वर्कशॉप के दौरान प्रतिभागियों में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने लायक था। रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं ने जब गरबा की पारंपरिक धुनों पर तालबद्ध कदमों से अभ्यास किया, तो मंदिर परिसर सांस्कृतिक रंग में सराबोर हो उठा।
संयोजिका पिंकी सिंह ने बताया कि इस वर्कशॉप का उद्देश्य केवल नृत्य सिखाना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और सामूहिक सहभागिता को भी प्रोत्साहित करना है। गरबा और डांडिया जैसे लोकनृत्य समाज में एकता और समरसता के प्रतीक हैं।
श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने इस आयोजन को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की और बताया कि 25 सितंबर को होने वाला यह गरबा महोत्सव सभी आयु वर्ग के श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के लिए खुला रहेगा। महोत्सव में पारंपरिक वेशभूषा, लाइव म्यूजिक और गरबा प्रतियोगिताओं के साथ कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ भी होंगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने हेतु नृत्य श्री डांस स्टूडियो एवं ट्रस्ट के सदस्यगण, स्थानीय महिलाएं और युवा वर्ग पूरी निष्ठा और समर्पण से तैयारियों में जुटे हैं। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के गैर सरकारी सहायता प्राप्त मदरसों एवं संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने राज्य सरकार द्वारा पेंशन से संबंधित जारी अधिसूचना 3486 दिनांक 10।09.25 का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। बुधवार को मदरसों एवं संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मियों की हुई बैठक में उक्त निर्णय लिया गया है।
गोड्डा जिले के महगामा में काजी शफीक कासमी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में पूरे झारखण्ड के मदरसा - संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मी शामिल हुए। बैठक में कहा गया कि शिक्षा विभाग द्वारा हाल ही में जारी अधिसूचना 3486 उच्च न्यायालय के निर्णय का विरुद्ध एवं कर्मियों के साथ अन्याय है।
कर्मियों ने कहा कि उच्च न्यायालय ने मदरसों एवं संस्कृत विद्यालयों के सेवानिवृत्त कर्मियों को 2014 में जारी अधिसूचना 2020 के मुताबिक पेंशन व उपादान देने का स्पष्ट आदेश दिया है। सरकार उक्त अधिसूचना के मुताबिक ही हमें पेंशन व उपादान दे। नया अधिसूचना जारी कर हमारे अधिकारों को छीनने का प्रयास हो रहा।
इस अधिसूचना के द्वारा अल्पसंख्यक विद्यालयों की तरह मदरसों को दिए जाने वाले सुविधाओं पारिवारिक पेंशन, उपादान, महंगाई भत्ता, पेंशन रूपांतरण एवं कोषागार से भुगतान जैसी सुविधाओं से वंचित रखा गया जिसे बर्दाश्त नहीं करेंगे। बताया गया कि पेंशन से संबंधित उच्च न्यायालय में दायर याचिका की अगली सुनवाई 26 सितंबर को है, अदालत का जो भी निर्णय होगा उसका सम्मान करेंगे।
अदालत का आदेश आने तक सेवानिवृत्त कोई भी शिक्षक पेंशन से संबंधित अभिलेख जिला शिक्षा पदाधिकारी के पास जमा नहीं करेंगे। बैठक में सेवानिवृत्त शिक्षक मो अन्वर, मो ताजुद्दीन कासमी, मौलाना सईद, मो कलीमुद्दीन, मौलाना हदीस सहित अन्य उपस्थित थे।
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