टीम एबीएन, रांची। लायंस क्लब एम्बर के तत्वावधान में आज शहर के प्रतिष्ठित होटल वेदिका, ओल्ड विधान सभा के समीप, मेंबर्स मीट का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य क्लब के सदस्यों के बीच आपसी समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करना, संगठन की गतिविधियों की समीक्षा करना तथा शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य क्षेत्र से जुड़ कर समाज मे बेहतर सेवा दे रहे व्यक्तिओ को सम्मान देना था। इस कार्यक्रम का सफल आयोजन क्लब के अध्यक्ष रुपाली रस्तोगी, सेक्रेटरी रश्मि सिंह के अध्यक्षता मे हुआ। इस कार्यक्रम को योगेंद्र साहू और पंकज साहू के द्वारा हॉस्ट किया गया।
इस कार्यक्रम में सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई गणमान्य व्यक्तियों द्वारा अतिथि के रूम मे आकर क्लब के लोगो को के बेहतर कार्य को सराहते हुए आगे बेहतर कार्य को करने का प्रेरणा दिया गया। जिसमे मुख्य रूप से रिम्स से न्यूरो और सपाइन सर्जन - विकाश कुमार, झारखंड स्टेट ओपन यूनिवर्सिटी से कोर्डिनेटर विकाश मौर्य, बी आई टी मेसरा से प्रो अनुपमा एन सहाय, झारखंड हाई कोर्ट से अवोकेट बालेश्वर यादव, करर से प्रो निरंजन साहू उपस्थित रहे।
डॉ. विकाश कुमार ने कहा की चाहे हम किसी भी क्षेत्र से जुड़े हो, हम जरूरतमंदो का मदद कर सकते है। यूनिवरसिटी से आये विकाश कुमार ने कहा की निस्वार्थ सेवा ही एक ऐसा कार्य है, जिसे करने के बाद आत्मिक संतुस्टी मिलती है । इस लिए हर वैयक्तियों को जरूरतमंदो का मदद जरूर करना चाहिए।
प्रो. अनुपमा ने कहा की ऐसे सामाजिक संस्थाओ से जुड़ने से हमारे अंदर सेवा का भावना जगता है इस लिए ऐसे संस्था से हमे जुड़ना चाहिए।
एडवोकेट बालेश्वर यादव ने कहा की किसी की मदद करने से हमारे अंदर का ईगो कमजोर होता जिससे हम समाज के हर व्यतियों से जुड़ पाते है, और हमारे अंदर ईगो न होने से हम रिस्तो की अहमियत समझते है और रितो में मिठास भर पाते है।
प्रो. निरंजन साहू ने कहा की सेवा के लिए कोई उम्र मायने नही रखता, कोई जाती मायने नही रखता, कोई धर्म मायने नही रखता। इस लिए हम हर जगह, हर तरह के लोगो का जिन्हे कुछ जरूरत हो हम मदद कर सकते है।
इस कार्यक्रम मे क्लब के कई सदस्यो ने अपनी उपस्थिति दर्ज की जिसमे अभिभावक स्वरूप जोन चेयरपर्सन लायन सुबोध चौधरी एवं एकलव्य क्लब के अध्यक्ष लायन सरवन वरनवाल उपस्थित रहे। लायन नीरज, लायन अनुज वर्मा, लायन मन्नू, लायन राधिका, लायन पल्लवी, लायन रंजीता, लायन शालिनी सिंह, लायन संजय साहू एवं लायन अमित कुमार की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे कार्यक्रम सफल एवं प्रेरणादायक बना।
टीम एबीएन, इटखोरी/ चतरा। चतरा लोकसभा सांसद कालीचरण सिंह के चचेरे भाई स्मृति शेष प्रहलाद सिंह (71) आकस्मिक मृत्यु की सूचना मिलते ही भद्रकाली महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर दुलार बाबू, शिक्षक सह समाजसेवी विशेश्वर यादव, पुत्र सुधीर कुमार सिंह, युगल कुमार सिंह, राजदीप सिंह, भीम सिंह, चचेरे भाई प्रवेश कुमार सिंह, आयकर विभाग हजारीबाग धीरेंद्र प्रताप सिंह, जीएसटी ऑफिसर बोकारो उनके आवास पर पहुंचे। इस दौरान सबने शोकाकुल परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की। दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए सबों ने शोक संतप्त परिजनों को ढाढस बंधाया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में पिछले 24 घंटों के दौरान मौसम शुष्क बना रहा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव दर्ज नहीं किया गया। मौसम विभाग के अनुसार ट्रोपोस्फियर स्तर पर पश्चिमी से उत्तर-पश्चिमी हवाएं प्रभावी बनी हुई हैं।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ 9 फरवरी से पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित कर सकता है, लेकिन इसका झारखंड के मौसम पर फिलहाल कोई विशेष असर पड़ने की संभावना नहीं है। अगले 24 घंटों के दौरान भी राज्य भर में मौसम शुष्क रहने और तापमान में बड़े उतार-चढ़ाव की आशंका नहीं जतायी गयी है।
मौसम विभाग के अनुसार 14 फरवरी तक झारखंड के मध्य, दक्षिणी, उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में सुबह के समय हल्का कोहरा छाये रहने की संभावना है। हालांकि दिन चढ़ने के साथ ही आसमान साफ हो जायेगा। 10 से 12 फरवरी के बीच कुछ इलाकों में आंशिक बादल छा सकते हैं, लेकिन इससे मौसम पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ेगा। इस पूरे अवधि में राज्य में बारिश की कोई संभावना नहीं जतायी गयी है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी जिले के लिए मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गयी है।
तापमान की बात करें तो राज्य में सबसे अधिक अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस चाईबासा में दर्ज किया गया, जबकि सबसे कम न्यूनतम तापमान 6.2 डिग्री सेल्सियस गुमला में रिकॉर्ड किया गया। राजधानी रांची में अधिकतम तापमान 24.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 9.9 डिग्री सेल्सियस रहा। आने वाले दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।
उत्तर और मध्य झारखंड में दिन का तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि दक्षिणी जिलों में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस तक जाने का अनुमान है। मौसम शुष्क रहने और किसी प्रकार की चेतावनी नहीं होने से जनजीवन सामान्य रहने की उम्मीद है।
कृषि कार्यों के लिए भी मौसम अनुकूल बताया गया है। दिन के तापमान में बढ़ोतरी के कारण दोपहर में हल्की गर्मी महसूस होगी, जबकि सुबह और शाम हल्की ठंड बनी रहेगी। कुल मिलाकर राज्य में ठंड अब धीरे-धीरे विदा ले रही है और आने वाले दिनों में मौसम शुष्क व हल्की गर्माहट भरा बना रहेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, बोकारो। जिले के गोमिया प्रखंड में हाथियों के हमले ने भयावह रूप ले लिया है। बीते दो दिनों में हाथी हमलों में पांच लोगों की मौत के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है। गुस्साए ग्रामीणों ने घटनास्थल पर पहुंची वन विभाग की टीम को घेर लिया।
हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को शांत कराया। लगातार हो रही घटनाओं के मद्देनजर वन विभाग ने बड़े कदम उठाये हैं। हाथियों के नियंत्रण और निगरानी के लिए पश्चिम बंगाल से 19 सदस्यों की एक विशेष विशेषज्ञ टीम को बुलाया गया है। इसके साथ ही संभावित इलाकों में मशाल की व्यवस्था, रात्रि गश्ती और लगातार पेट्रोलिंग तेज कर दी गई है।
ग्रामीणों को विशेष रूप से रात के समय घरों में ही रहने की सलाह दी जा रही है। वन विभाग ने जंगल और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी है, ताकि हाथियों की गतिविधियों पर पल-पल नजर रखी जा सके।
इसके अलावा छह क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी) तैनात की गयी हैं, जो गांव-गांव जाकर लोगों से संपकर् कर रही हैं, स्थिति की जानकारी जुटा रही हैं और जरूरत पड़ने पर तत्काल अलर्ट जारी कर रही हैं।
बोकारो के डीएफओ संदीप शिंदे ने बताया कि गोमिया क्षेत्र में लगभग 42 हाथियों का एक बड़ा दल विचरण कर रहा है, जो आपस में बिछड़कर अब छोटे-छोटे झुंडों में बंट गया है।
उन्होंने कहा कि पांच हाथियों का एक झुंड लगातार इस क्षेत्र में घूम रहा है और प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हालिया हमले इसी झुंड द्वारा किए गए हैं। डीएफओ शिंदे के अनुसार, इन पांच हाथियों को लुगु पहाड़ी के जंगल में देखा गया है। इस जंगल से सटे आसपास के गांवों को चिह्नित कर लिया गया है, जहां वन विभाग की टीमें चौबीसों घंटे निगरानी बनाये हुए हैं।
जैसे ही किसी क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी की सूचना मिलती है, विभाग तुरंत ग्रामीणों को सतर्क करता है, ताकि जान-माल की क्षति को रोका जा सके। प्रशासन और वन विभाग का कहना है कि स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा है। हालांकि, लगातार हो रही मौतों से ग्रामीणों में डर के साथ-साथ नाराजगी भी बढ़ती जा रही है।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार पर नगर निकाय चुनाव को लेकर बड़ा निशाना साधा है। मरांडी ने आज अपने सोशल मीडिया पर लिखा, पिछले छह वर्षों में हेमंत सरकार ने झारखंड के शहरी क्षेत्रों की स्थिति को बदतर बना दिया है।
राज्य के 15 नगर निकायों का कार्यकाल 2020 में और शेष नगर निकायों का कार्यकाल 2023 में समाप्त हो गया, लेकिन समय पर चुनाव कराने के बजाय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रशासकों के माध्यम से शहरी निकायों को चलाया। इस दौरान भ्रष्टाचार और अवैध वसूली का एक पूरा तंत्र खड़ा किया गया।
साफ-सफाई और स्ट्रीट लाइट जैसे कार्यों के ठेके झामुमो से जुड़े लोगों को देकर शहरी विकास के नाम पर जमकर लूट की गई और शहरी जनता को उनके लोकतांत्रिक अधिकारों से वंचित रखा गया। अदालत की बार-बार की फटकार के बाद सरकार दबाव में आकर चुनाव कराने को मजबूर हुई है। यह सरकार की नीयत और नाकामी दोनों को उजागर करता है।
मरांडी ने कहा कि हर चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करना और चुनाव खत्म होते ही उन्हें ठंडे बस्ते में डाल देना हेमंत सरकार की पहचान बन चुकी है। शहरी क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद सरकार नियमों की अनदेखी कर रही है।
शहरी जनता सब कुछ देख और समझ रही है। हेमंत सोरेन सरकार को न सिर्फ भ्रष्टाचार का हिसाब देना होगा, बल्कि शहरी नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या का जवाब भी देना पड़ेगा।
टीम एबीएन, रांची। श्री श्री मां काली मंदिर एवं शिव मंदिर समिति, साउथ रेलवे कॉलोनी, रांची ने आज श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ विशाल कलश यात्रा निकाली। इस पावन अवसर पर लगभग 1100 से 1200 श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से सराबोर कर दिया। यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का सशक्त प्रतीक बना।
कलश यात्रा का शुभारंभ प्रात: श्री श्री मां काली मंदिर एवं शिव मंदिर, साउथ रेलवे कॉलोनी से विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। इसके पश्चात यात्रा नगर भ्रमण करते हुए तपोवन मंदिर तक पहुंची। पूरे मार्ग में जय मां काली, हर हर महादेव और बोल बम के गगनभेदी जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। ढोल-नगाड़ों, शंख-ध्वनि एवं भक्ति संगीत की मधुर धुनों ने संपूर्ण क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
इस कलश यात्रा में मातृशक्ति की विशेष सहभागिता देखने को मिली। पारंपरिक वेश-भूषा में सिर पर कलश धारण कर चलती महिलाओं की पंक्तियां अत्यंत मनोहारी एवं प्रेरणादायक प्रतीत हो रही थीं। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर आयोजन की गरिमा बढ़ायी। यह यात्रा धार्मिक परंपरा के साथ-साथ सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण बनी।
इस भव्य आयोजन में मंदिर समिति के अध्यक्ष राम कुमार सिंह, सचिव उज्ज्वल आनंद, कोषाध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता तथा मीडिया प्रभारी अनीश कुमार की विशेष भूमिका रही। सभी पदाधिकारियों के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। समिति के सदस्यों एवं स्वयंसेवकों द्वारा सुरक्षा, स्वच्छता, जलपान एवं यातायात व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अध्यक्ष राम कुमार सिंह ने कहा कि कलश यात्रा जैसे धार्मिक आयोजन समाज को आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ आपसी भाईचारे और सौहार्द को भी मजबूत करते हैं। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज के सामूहिक सहयोग से ही इस प्रकार के भव्य कार्यक्रम संभव हो पाते हैं।
सचिव उज्ज्वल आनंद ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कलश यात्रा मंदिर में आयोजित होने वाले प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव एवं अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के उपलक्ष्य में निकाली गयी। इसका उद्देश्य जनमानस में धर्म, संस्कार और संस्कृति के प्रति जागरूकता फैलाना है। उन्होंने कहा कि समिति निरंतर धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से समाज सेवा के कार्यों में संलग्न रहती है।
कोषाध्यक्ष अमित कुमार गुप्ता ने आयोजन में सहयोग प्रदान करने वाले सभी दानदाताओं, स्वयंसेवकों एवं स्थानीय नागरिकों का हृदय से धन्यवाद किया। वहीं मीडिया प्रभारी श्री अनीश कुमार ने बताया कि व्यापक जनसंपर्क एवं प्रचार-प्रसार के कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की सहभागिता संभव हो सकी, जिससे यह कलश यात्रा ऐतिहासिक बन गयी।
यात्रा मार्ग में कई स्थानों पर स्थानीय नागरिकों एवं सामाजिक संगठनों ने श्रद्धालुओं के स्वागत एवं जलपान की व्यवस्था की, जिससे सामाजिक सहयोग और सद्भाव का सुंदर दृश्य देखने को मिला। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन, स्वच्छता और व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा गया, जिसकी सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
कार्यक्रम के समापन पर समिति की ओर से सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं एवं स्थानीय नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार एवं धन्यवाद व्यक्त किया गया तथा मां काली एवं भगवान शिव से सभी के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना की गयी।
टीम एबीएन, कांके। चामा नगड़ी, कांके निवासी 32 वर्षीय बिरसा कच्छप की मृत्यु पेड़ से गिरने के दौरान हो गयी। मृतक के पिता सोमरा कच्छप ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके पुत्र बिरसा कच्छप केंद्रीय मन चिकित्सा स्वास्थ्य संस्थान, कांके में सफाईकर्मी के पद पर कार्यरत थे। वे एमएस धनंजय कुमार आउटसोर्सिंग कंपनी के अधीन सेवा दे रहे थे।
रविवार को दोपहर 3:30 बजे ड्यूटी के दौरान सुपरवाइजर द्वारा सुखदेव उरांव एवं बिरसा कच्छप को पेड़ काटने का कार्य सौंपा गया था। पेड़ काटने के दौरान बिरसा कच्छप अचानक पेड़ से गिर पड़े, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आयीं और उनकी घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गयी। जबकि उनके सहकर्मी सुखदेव उरांव भी गंभीर रूप से घायल हो गये।
पोस्टमार्टम के बाद मृतक का पार्थिव शरीर रिम्स से परिजनों को सौंप दिया गया। इस दुखद घटना के बाद झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो मृतक के परिजनों के साथ केंद्रीय मानसिक स्वास्थ्य संस्थान के मुख्य द्वार पर धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए।
श्री महतो ने संस्थान प्रबंधन एवं जिला प्रशासन से मृतक के परिवार को अविलंब समुचित मुआवजा हेतु आश्रित परिवार के साथ डटे रहे। घंटों तक संस्थान प्रबंधन से वार्ता चलती रही। देर शाम को डीएसपी की उपस्थिति में दश लाख रुपये राशि, आश्रित परिवार को उसी पद पर एक नियोजन एवं उनकी पुत्री को आजीवन सम्पूर्ण शिक्षा व्यवस्था देने पर सहमति बनी।
उसके बाद मृत शव को दाह संस्कार के लिए विदा किया गया। आंदोलन में कांके विधायक सुरेश बैठा, देवेंद्र नाथ महतो, निशा भगत, कमलेश राम, जिला परिषद प्रतिनिधि जामील अख्तर, फुलेश्वर बेठा, गुना भगत, संतोष साहू आदि सैकड़ो सामाजिक कार्यकर्ता डंटे रहे।
टीम एबीएन, रांची। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने आज झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने वाला बजट करार दिया।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को लोकसभा में पेश इस बजट के मुख्य प्रावधानों और घोषणाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए पार्टी के नेता विभिन्न स्थानों पर पीसी के माध्यम से जनता से रूबरू हो रहे हैं। इसी क्रम में उन्हें रांची आकर बजट से जुड़ी जानकारियां साझा करने की जिम्मेदारी मिली है।
सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बजट को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के लक्ष्य को सशक्त आधार प्रदान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट निर्णय, सुधार और जन-कल्याण की स्पष्ट सोच के साथ प्रस्तुत किया गया है। यह बजट आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के साथ-साथ राज्यों, खासकर झारखंड को विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे ले जाने वाला है।
रूडी ने बजट में बायो फार्मा क्षेत्र को हब के रूप में विकसित करने की योजना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अभी अमेरिका और चीन प्रमुख ताकत हैं, लेकिन इस बजट में बड़े अभियान की घोषणा की गई है। राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के साथ हर क्षेत्र को विकास की ओर ले जाने का संकल्प है।
झारखंड की सरकार भी अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा कर राज्य को विकास के पथ पर आगे ले जा सकती है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिका से होने वाले व्यापारिक समझौते से देश को फायदा होगा और भारत की कृषि या डेयरी क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं होगा।
रूडी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में झारखंड को कर हस्तांतरण के रूप में ₹51,236 करोड़ प्रस्तावित है। वर्ष 2014 से अब तक राज्य को ₹3.14 लाख करोड़ से अधिक का कर हस्तांतरण मिल चुका है। इसके अलावा अनुदानों के रूप में 2014-26 के दौरान ₹1.04 लाख करोड़ प्रदान किए गए हैं।
यह मोदी सरकार की सहकारी संघवाद की नीति का प्रमाण है। विशेष पूंजीगत सहायता योजना के तहत 2020-21 से जनवरी 2026 तक झारखंड को ₹11,567 करोड़ की ब्याज-मुक्त ऋण सहायता मिली है, जिससे सड़क, सिंचाई, शहरी अवसंरचना और औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिली।
रेलवे क्षेत्र में झारखंड 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण वाला राज्य बन चुका है। रेलवे बजट आवंटन 2009-14 के औसत ₹457 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹7,302 करोड़ हो गया। राज्य में 57 रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है और रांची-पटना, रांची-वाराणसी सहित 7 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं।
देवघर और जमशेदपुर में नए हवाई अड्डों की शुरुआत, वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, 3,600 किमी से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण और ₹30,000 करोड़ से अधिक की सड़क परियोजनाएं झारखंड की आर्थिक तस्वीर बदल रही हैं।
जनजातीय कल्याण पर जोर देते हुए रूडी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, पीएम-जनमन योजना और बहु-क्षेत्रीय परियोजनाओं का जिक्र किया, जिनसे आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।
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