झारखंड

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Published / 2025-11-08 20:56:53
घाटशिला उपचुनाव : इन दो प्रत्याशियों के बीच मुख्य मुकाबला

13 प्रत्याशियों में 9 नये चेहरे पहली बार आजमायेंगे अपनी किस्मत 

टीम एबीएन, घाटशिला/ रांची। घाटशिला विधानसभा सीट पर 11 नवंबर को मतदान है। सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा। मतगणना 14 नवंबर को की जायेगी। वहीं, कुल 13 प्रत्याशी घाटशिला विधानसभा उपचुनाव लड़ रहे हैं। 13 में से 9 प्रत्याशी पहली बार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें एक महिला उम्मीदवार भी शामिल हैं। 

दो प्रत्याशियों के बीच बड़ा मुकाबला 

ये नये उम्मीदवार स्थानीय स्तर पर सक्रिय रहे हैं, विकास-विकल्प, सामाजिक कार्य या जनसंपर्क के माध्यम से पहचान बना रहे हैं और अब राजनीतिक पारी में भाग ले रहे हैं, लेकिन मुख्य मुकाबला फिलहाल सत्तारूढ़ झामुमो के सोमेश चंद्र सोरेन और भाजपा के बाबूलाल सोरेन के बीच बताया जा रहा है। 

एक तरफ झामुमो प्रत्याशी सोमेश सोरेन अपने दिवंगत पिता रामदास सोरेन की विरासत पर भरोसा जता रहे हैं तो दूसरी ओर, भाजपा नेता चंपई सोरेन के बेटे बाबूलाल सोरेन मोदी सरकार की योजनाओं के दम पर मैदान में उतरे हैं, लेकिन झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के प्रत्याशी रामदास मुर्मू ने मैदान में उतरकर इस बार मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। 

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में नये उम्मीदवारों के शामिल होने से मत का विभाजन अधिक होगा और पुरानी राजनीतिक तस्वीर बदलने की संभावना बढ़ रही है। इस बार चुनावी परिणाम तय होंगे इस बात पर कि जनता पुरानी पार्टियों एवं नेताओं पर भरोसा बनाये रखेगी या नये विकल्प के पक्ष में जाये। 

बता दें कि झारखंड के शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन से खाली हुई इस सीट पर अब उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन मैदान में हैं और भाजपा की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन ताल ठोक रहे हैं। दोनों ही संताल समाज से आते हैं। इसलिए संभावना है कि आदिवासी मत दोनों तरफ जायेगा। भाजपा के अपने सहयोगी लोजपा के सहारे चार प्रतिशत दलित मतों को साथ लाने की कोशिश में हैं। 

झामुमो गठबंधन के मुस्लिम मंत्री भी अल्पसंख्यक मतों को अपने पाले में लाने के लिए लगे हैं, लेकिन भाजपा आदिवासी मतों के अलावा कुड़मी, पिछड़ी और अन्य दलित मतों पर नजर रख रही है। चंपई के गहरे मित्र विद्युतवरण महतो की भी इस क्षेत्र में काफी पकड़ है। वे तीन बार से जमशेदपुर लोकसभा के सांसद भी हैं। ज्ञात हो कि रामदास सोरेन एक साल से ज्यादा समय से किडनी संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे। उनका 15 अगस्त को एक अस्पताल में निधन हो गया था। इसी के कारण घाटशिला सीट पर उपचुनाव कराने की आवश्यकता पड़ी।

Published / 2025-11-08 20:55:25
15 नवंबर का कार्यक्रम शांतिपूर्ण कराना हमारी प्राथमिकता : तदाशा मिश्रा

स्थापना दिवस का शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करना पहली प्राथमिकता : डीजीपी तदाशा मिश्रा 

टीम एबीएन, रांची। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा (आईपीएस 1994 बैच) ने बीते शुक्रवार को प्रभारी डीजीपी का पदभार ग्रहण कर लिया है। पदभार संभालने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार भी मुलाकात की। 

पदभार ग्रहण के बाद डीजीपी ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता आगामी 15 नवंबर को होने वाले राज्य स्थापना दिवस का शांतिपूर्ण और सुरक्षित आयोजन सुनिश्चित करना होगा। उन्होंने कहा, मैंने अभी हाल ही में पदभार संभाला है और पुलिस कार्य में टीमवर्क का बहुत महत्व है। 

मुझे टीम के रूप में काम करने का अनुभव है और मैं अपने साथियों के साथ मिलकर सरकार के विजन को साकार करने का प्रयास करूंगी। मिश्रा ने अपनी प्राथमिकताओं में बेसिक और कोर पुलिसिंग पर विशेष ध्यान देने की बात कही।

डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि संगठित अपराध, नशा तस्करी तथा माओवाद के विरुद्ध चल रही कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उनका मानना है कि इन समस्याओं के खिलाफ ठोस और कारगर कदम उठाए जाने चाहिए ताकि राज्य में कानून व्यवस्था मजबूत हो।

Published / 2025-11-08 20:54:28
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर पलामू में हाई अलर्ट

अगले 48 घंटे बाद सीमावर्ती क्षेत्र हो जायेगा सील 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, पलामू। जिले में बिहार के पड़ोसी इलाकों गया, औरंगाबाद और रोहतास में 11 नवंबर को होने वाली बिहार विधानसभा चुनाव की वोटिंग को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। बिहार में चुनाव की प्रक्रिया को सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले के सीमावर्ती इलाके को अगले 48 घंटों में पूरी तरह से सील कर दिया जायेगा। 

इसके साथ ही नक्सलियों के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया जायेगा, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), झारखंड जगुआर, बिहार एसटीएफ सहित कई बलों को तैनात किया जायेगा। जोनल आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने बताया कि सीमावर्ती इलाके में नक्सली गतिविधियों पर लगातार कड़ी निगरानी रखी जा रही है। 

नक्सलियों की हरकतों पर रोक के लिए चेक पोस्ट के माध्यम से सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही बिहार में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गयी है। मतदान से पहले क्षेत्र के सभी नक्सली कमांडरों और उनके समर्थकों की सूची हाल ही में दोनों राज्यों ने साझा की है। इस सूची के आधार पर हर नक्सली कमांडर और उनका समर्थक विशेष रूप से निशाना बनाया जायेगा। 

साथ ही सीमावर्ती इलाके को वोटिंग से पहले पूरी तरह से सेनेटाइज भी किया जायेगा। सुरक्षा बढ़ाने के लिए पलामू और गढ़वा जिले में इंटर स्टेट चेक पोस्ट का निर्माण किया गया है। पलामू में चार चेक पोस्ट बनाये गये हैं, जहां पुलिस और दंडाधिकारी तैनात हैं और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी रखी जा रही है। वोटिंग से ठीक 48 घंटे पहले इन चेक पोस्ट के माध्यम से बॉडर्र को पूरी तरह से सील कर दिया जायेगा ताकि किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को रोका जा सके।

Published / 2025-11-08 20:48:45
पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड की बैठक संपन्न

टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 8 नवंबर को रांची जीपीओ में आल इंडिया पोस्टल/  आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन झारखंड की बैठक के डी राय व्यथित की अध्यक्षता में हुई। बैठक में 25 मार्च को संसद में वित्त विधेयक के माध्यम से पेंशन अधिनियम में संशोधन पारित किये जाने पर चिंता व्यक्त करते हुए आशंका जतायी गयी कि आठवें वेतन आयोग के लाभ से पेंशनर्स को वंचित किया जा सकता है और इसके अलावा टर्म आफ रेफरेंस में भी पेंशनर्स की चर्चा नहीं है। जिसका मतलब है ओल्ड पेंशन स्कीम (ओपीएस) भी सरकार के निशाने पर है। वो इस व्यवस्था को समाप्त करने की योजना बना रही है। 

तथाकथित संशोधन को लेकर देश भर में जुलाई माह में मानव श्रृंखला बनायी गयी और अगस्त में राज्य स्तरीय कन्वेंशन आयोजित किया गया तथा राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया और 10 अक्तूबर  को दिल्ली के जंतर मंतर पर संशोधन निरस्त किये जाने को लेकर धरना दिया गया जिसमें झारखंड के भी एक दर्जन प्रतिनिधि शामिल हुए। झारखंड में वर्षों से फैमिली पेंशन का मुद्दा प्रशासनिक अकर्मण्यता के कारण लंबित चला आ रहा है। 

मई माह से यूपीएस के मामले की प्रोसेसिंग नहीं होने के कारण दर्जनों पेंशनर्स महीनों से भुखमरी के कगार पर पहुंच गये हैं। झारखंड में 500 से अधिक पोस्टमैन का जनवरी 96 से बढ़े हुए वेतन भुगतान का मामला 7 साल से लंबित चला आ रहा है। इसको लेकर एसोसिएशन ने तीन बार राज्य स्तरीय धरना आयोजित किया तथा दर्जनों बार एसोसिएशन का प्रतिनिधिमंडल उच्च अधिकारियों  से मिला फिर भी कोई सार्थक पहल नहीं हुई। 

आज की बैठक में आम सहमति से निर्णय लिया गया कि डाक निदेशक झारखंड परिमंडल से भेंट कर उचित कार्रवाई हेतु दबाव बनाया जाये। प्रतिनिधिमंडल 10 नवंबर को डाक निदेशक से मिलेगा। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हुई तो राज्य स्तरीय धरना का आयोजन किया जायेगा। 7 दिसंबर को रांची जीपीओ  में तृतीय मंडलीय सम्मेलन का आयोजन किया जायेगा। विदित हो कि एसोसिएशन का राष्ट्रीय सम्मेलन गुवाहाटी में मार्च 2026 में होने जा रहा है। 

राज्य सचिव ने जिला सचिवों का आह्वान करते हुए कहा कि मार्च से पूर्व जिला सम्मेलन करा लें। आज की बैठक को एम जेड खान सहित साधन कुमार सिंहा, बिपिन चौधरी, त्रिवेणी ठाकुर, हरि राम तिवारी, रमेश सिंह के डी राय व्यथित ने संबोधित किया। 

मौके पर हसीना तिग्गा, फूलमणि बिलॉन्ग, अमिता कुजूर, इसहाक मिंज, शिबू पहन, सुखदेव राम, त्रिलोकी नाथ साहू, देवचरण साहू, बी बी तिवारी, पुरुषोत्तम तिवारी, शेख शमीम अंसारी, मो शमीम अख्तर, राजेंद्र महतो, रमेश काशी मनरखन महतो आदि उपस्थित थे। उक्त जानकारी के पोस्टल /आर एम एस पेंशनर्स एसोसिएशन, झारखंड के राज्य सचिव एम जेड खान (6201143329) ने दी।

Published / 2025-11-07 19:26:10
पीजे मेडिकल कॉलेज दुमका में एचआईवी/एड्स पर सेन्सिटाइजेशन-कम-क्षमता निर्माण कार्यक्रम

  • पीजे मेडिकल कॉलेज दुमका में एचआईवी/एड्स पर सेन्सिटाइजेशन-कम-क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित

टीम एबीएन, रांची। परियोजना निदेशक, झारखंड स्टेट एड्स कंट्रोल सोसाइटी (JSACS), रांची की निदेशक डॉ. नेहा अरोड़ा (IAS) के निर्देश पर आज पी० जे० मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल, दुमका में एमबीबीएस के अंतिम वर्ष के छात्रों एवं शिक्षकों के लिए Sensitization-cum-Capacity Building Programme का आयोजन किया गया।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एचआईवी एवं एड्स के संक्रमण, उसके बचाव और उपचार से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी प्रदान करना था, ताकि अधिक से अधिक लोगों की समय पर जांच हो सके और उन्हें एंटी रेट्रो वायरल थेरपी (ART) से जोड़ा जा सके। कार्यक्रम के माध्यम से 95:95:95 लक्ष्य की प्राप्ति की दिशा में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया।

कार्यक्रम का उद्घाटन डॉ. शशिबाला नाग, एचओडी, बायोकेमिस्ट्री विभाग द्वारा किया गया। इस अवसर पर JSACS, रांची की ओर से डॉ. देवाशीष चक्रवर्ती (डिप्टी डायरेक्टर, मेनस्ट्रीमिंग), सरिता दास (सीबीओ, झारखंड), डॉ. ऋचा झा (चिकित्सा पदाधिकारी, देवघर ARTC), डॉ. अनूप (चिकित्सा पदाधिकारी, दुमका ARTC) उपस्थित थे।

साथ ही डॉ. अनिल पूर्ति (एचओडी, फार्माकोलॉजी), डॉ. विकास (एचओडी, माइक्रोबायोलॉजी), डॉ. मृणाल श्रीवास्तव (एचओडी, कम्युनिटी मेडिसिन), डॉ. आलोक (ए.पी., कम्युनिटी मेडिसिन), डॉ. अतुल कश्यप (कम्युनिटी मेडिसिन), दुमका ARTC के बिभाष कुमार (डाटा प्रबंधक), बच्चू प्रामाणिक (काउंसलर), CTC काउंसलर दुमका, TI दुमका, तथा CSC गिरिडीह के कर्मी भी कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित थे।

कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने छात्रों को एचआईवी संक्रमण के प्रति जागरूक रहने, समय पर जांच कराने और समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण फैलाने की अपील की।

Published / 2025-11-07 19:20:17
घाटशिला में मुद्रा की नहीं, मुद्दा की जीत होगी : देवेन्द्रनाथ महतो

जयराम महतो के पार्टी जेएलकेएम घाटशिला में पूरी ताकत के साथ एड़ी चोटी एक कर दिया है

घाटशिला में मुद्रा की नहीं मुद्दा की जीत होगी :  देवेन्द्रनाथ महतो

एबीएन न्यूज नेटवर्क, घाटशिला/ रांची। घाटशिला उपचुनाव प्रचार प्रसार दो दिन शेष बचे हैं। चुनाव की तिथि जितना नजदीक आ रहा है सभी पार्टियों ने अपने अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए ऐड़ी चोटी एक कर दिया है। 

जेएलकेएम सुप्रीमो सह डुमरी विधायक टाइगर जयराम महतो और देवेन्द्र नाथ महतो समेत पार्टी के सभी पदाधिकारी प्रत्याशी रामदास मुर्मू को जिताने के लिए तूफानी रफ्तार से प्रचार प्रसार जारी रखा है। आज टाइगर जयराम महतो के पार्टी  जेएलकेएम केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्रनाथ महतो पार्टी के सैकड़ों पदाधिकारी और स्थानीय लोगों के साथ सिद्धो कान्हू चौक जादूगोड़ा में शहीद सिद्धू कान्हो को माल्यार्पण करते हुए विभिन्न गांवों का दौरा शुरू किया।

जिसमें इचड़ा, कुलगोड़ा, ऊपर रोवाम, गाजुडीह, सूरदा राजीव चौक, मुसाबनी बस स्टैंड, महुलबेरा, बादिया, देवली, पारुलिया, रायपाहड़ी, उपर बांधा, तिलबनी के अलावा अन्य गांवों में जनसंपर्क अभियान चलाते हुए नुक्कड़ सभा को संबोधित किया। कार्यक्रम में ग्रामीणों का भरपूर सहयोग मिल रहा था। हर गाँव में आदिवासी मूलवासी पारंपरिक रीति रिवाज से भव्य रूप से स्वागत कर रहे थे।

मौके पर देवेन्द्रनाथ महतो ने भाजपा और झामुमो पर बरसते हुए कहा कि 25 साल के झारखंड को बर्बाद करने में दोनों पार्टियों का बराबर हाथ है। वर्तमान समय में भाजपा और झामुमो के पास कोई मुद्दा नहीं है। फूट डालो राज करो कूटनीति से और धनबल और मुद्रा के ताकत से भाजपा और झामुमो जनता को गुमराह कर रहे हैं। घाटशिला के जनता भाजपा और झामुमो के दोहरे चरित्र को समझ चुकी है। 

घाटशिला के जनता भाजपा झामुमो के झांसे पर फंसने वाले नहीं हैं। भाजपा और झामुमो को वोट मांगने का नैतिक अधिकार नहीं है। घाटशिला के जनता जेएलकेएम के  मुद्दा के साथ खड़ा है। झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा मुद्दा और जनबल के सहारे घाटशिला उपचुनाव लड़ रही है।जनता का अपार समर्थन से भारी मतों के साथ जेएलकेएम  प्रत्याशी रामदास मुर्मू की जीत होगी।

प्रचार प्रसार अभियान में देवेंद्रनाथ महतो के साथ बिल्टू हांसदा, गोपेश महतो, विष्णु विद्रोही, गुणा भगत, पंचम एक्का, मुकेश कुमार, राहुल, फुलचंद, पनेश्वर, सविता महतो, लक्ष्मी महतो कृष्णा बड़ाईक, रणधीर चौधरी किशोर के अलावा अन्य सैंकड़ों लोगो का अहम योगदान रहा।

Published / 2025-11-07 17:52:59
कार और तर्क की टक्कर में दो की मौत, कई घायल

  • झारखंड में मौत की भिड़ंत: कार और ट्रक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर, 2 लोगों ने गंवा दी जान

एबीएन न्यूज नेटवर्क, गुमला। गुमला में सुबह एक कार और एक ट्रक की आमने-सामने की भिड़ंत में 2 लोगों की मौत हो गई और 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने यह जानकारी दी।

यह दुर्घटना कामडारा थाना क्षेत्र के तहत खूंटी-सिमडेगा मुख्य मार्ग पर हुई। कामडारा पुलिस स्टेशन के थाना प्रभारी शशि प्रकाश ने बताया कि कार में सवार लोग सिमडेगा में लगे रामरेखा मेला से लौट रहे थे तभी पोकला बाजार टांड के पास यह हादसा हुआ। 

प्रकाश ने बताया, मृतकों की पहचान मुरहू के हासा गांव निवासी शेवदत्त माझी और पड़ोसी खूंटी जिले के हसगंज गांव निवासी अनुज माझी के रूप में हुई है। पांचों घायलों को गुमला सदर अस्पताल ले जाया गया जहां से उन्हें रांची के राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) रेफर कर दिया गया है।

घायलों की पहचान चालक प्रभाष कुमार, अमित महतो, चंद्रु राम, सुनील कुमार और रंजीत महतो के रूप में हुई है। ये सभी खूंटी जिले के मुरहू के निवासी हैं। अधिकारी ने बताया, दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। हमने दोनों वाहनों को जब्त कर लिया है और जांच जारी है। हमने घायलों और मृतकों के परिवार के सदस्यों को सूचित किया है।

Published / 2025-11-07 17:50:37
राज्य की पहली महिला डीजीपी बनीं तदाशा मिश्रा

  • झारखंड की पहली महिला डीजीपी तदाशा मिश्रा ने संभाला पद, सीएम हेमंत सोरेन से की मुलाकात

टीम एबीएन, रांची। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तदाशा मिश्रा (IPS 1994 बैच) ने आज यानी शुक्रवार को प्रभारी डीजीपी का पदभार ग्रहण कर लिया है। वहीं, पदभार संभालने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से शिष्टाचार मुलाकात की।

अधिकारियों ने तदाशा मिश्रा को पदभार संभालने के लिए दी बधाई

पुलिस मुख्यालय में तदाशा मिश्रा की इस नई जिम्मेदारी को लेकर वरिष्ठ अधिकारी और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। तदाशा मिश्रा का पुलिस मुख्यालय में बुके देकर स्वागत किया गया। अधिकारियों ने उन्हें पदभार संभालने के लिए बधाई दी और नए दौर की चुनौतियों में सफलता की कामना की। 

बता दें कि तदाशा मिश्रा मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली हैं और वर्तमान में झारखंड पुलिस के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के पद पर कार्यरत थीं। उन्हें हाल ही में रेल एडीजी के पद से स्थानांतरित कर प्रभारी डीजीपी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका कार्यकाल अगले आदेश तक रहेगा। तदाशा मिश्रा 31 दिसंबर 2025 को सेवानिवृत्त होंगी। वे झारखंड की पहली महिला पुलिस प्रमुख बनी हैं।

तदाशा मिश्रा 1994 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। झारखंड राज्य गठन के बाद वे इसी कैडर में आ गईं। अपने तीन दशक के पुलिस करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। बोकारो की एसपी, रेलवे एडीजी और गृह, जेल एवं आपदा प्रबंधन विभाग में विशेष सचिव के रूप में उन्होंने अपनी कर्तव्यनिष्ठा और प्रशासनिक दक्षता का परिचय दिया। 

उनकी सख्त कार्यशैली, संवेदनशीलता और महिला सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्ध दृष्टिकोण के लिए वे हमेशा चर्चित रही हैं। उन्हें एक सख्त और दक्ष प्रशासनिक अधिकारी के रूप में जाना जाता है। अपने लंबे पुलिस करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। संयुक्त बिहार के समय वे रांची की सिटी एसपी रह चुकी हैं।

इसके अलावा वे बोकारो और गिरिडीह की एसपी भी रहीं। उन्होंने JAP-1 में कमांडेंट के पद पर भी कार्य किया और नक्सल प्रभावित इलाकों में कई अभियानों की कमान संभाली। बोकारो की एसपी रहते हुए तदाशा मिश्रा ने झुमरा पहाड़ जैसे नक्सली इलाकों में जाकर ऑपरेशन का नेतृत्व किया था, जिससे उन्हें एक कुशल, दृढ़ और जमीनी अधिकारी के रूप में पहचान मिली।

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