एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों सुखा नशा का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। अब नशा के व्यापारी 12 से 15 वर्ष के बच्चों को टारगेट कर रहे हैं। इस उम्र के बच्चे नशा के जाल में फंसते जा रहे हैं। देखा जा रहा है कि नशे के व्यापारी छोटे बच्चे जिसे अभी दुनिया और समाज का ज्ञान नहीं है। उन बच्चों को नशा का लत लगा रहे हैं और उन बच्चों से अपराध करा रहे हैं। बच्चे नशा सेवन के चक्कर में अपने घर में चोरी करना शुरू कर दिए हैं।
घर के ज्वेलरी नगदी आदि चुराकर नशा व्यापारी तक पहुंचा रहे हैं। नशा के व्यापारी अब विद्यालय को भी टारगेट कर रहे हैं। विद्यालय के कम उम्र के बच्चों को नशा का लत लगा रहे हैं। मैं सभी अभिभावक एवं शिक्षकों के साथ-साथ जिला प्रशासन से निवेदन करता हूं कि इस पर रोक लगाने के लिए हम सभी को एकजुट होकर पहल करने की आवश्यकता है।
विद्यालय के शिक्षक स्कूल के समय पर किसी भी सूरत पर बच्चों को कैंपस से बाहर न जाने दे और उद्दंड बच्चों पर गहरी नजर बनाए रखें। अभिभावक बच्चों पर विशेष निगरानी रखें। उनके गतिविधियों को नजर अंदाज ना करें। अन्यथा हमारा युवा समाज नशे के कारण बर्बादी की ओर चले जाएंगे और व्यापारी लाखों करोड़ों कमाने के चक्कर में हमारे बच्चों को विनाश की ओर ले जाएंगे।
हम लोगों ने देखा है कि पंजाब में किस तरह से लोगों को नशा लत लगाया गया था। लोग नशा करने के चक्कर में कोई भी अपराध करने के लिए तैयार खड़ा रहते थे, जिसका जीता जागता उदाहरण है। फिल्म उड़ता पंजाब अब झारखंड में भी इस तरह की नशा का व्यापार जोरों पर है आए दिन कई शहरों में पुलिस द्वारा नशा के व्यापारियों को पकड़ा जा रहा है।
प्रतिदिन किसी न किसी शहर में नशा व्यापारी पकड़े जा रहे है। इससे प्रतीत होता है कि सुखा नशा का एक बड़ा खेप झारखंड में पहुंचाया जा रहा है। इस कड़ी को तोड़ने के लिए हम सभी सजग नागरिकों को आगे आकर मुकाबला करने की आवश्यकता है नहीं तो हमारे बच्चे हमारे युवा पीढ़ी का विनाश तय है।
मैं पुलिस प्रशासन से भी निवेदन करता हूं कि लोहरदगा में इस नशा व्यापारियों पर जल्द से जल्द हंटर चलाया जाए और उन्हें जेल की सलाखों में पहुंचाया जाए छोटे-छोटे व्यापारियों को पकड़ने से कोई लाभ नहीं होने वाला है। बड़ी खेप पहुंचाने वाले साजिश करता को पकड़ना अति आवश्यक है। अन्यथा सभी धर्म जाति के लोग इस नशा के चक्कर में पड़कर बर्बाद हो जाएंगे।
आज यह बच्चे चोरी कर छोटा अपराध कर रहे हैं कल नशा के चक्कर में बड़े अपराध करने पर भी पीछे नहीं हटेंगे क्योंकि इसी नशे के चक्कर में लोहरदगा में कुछ दिन पूर्व एक मुस्लिम बेटे की हत्या हुई थी। इसके बाद भी हम सभी अपने-अपने कर्तव्यों का निर्वाह न करें तो अपनी बर्बादी हम खुद कर बैठेंगे।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिले के शहीद निर्मल महतो अस्पताल के अधीक्षक डाक्टर दिनेश कुमार गिद्दोरिया के आने से अस्पताल की स्थिति चरमरा गयी है, जिसको लेकर अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड सरकार, स्वास्थ मंत्री, विधायक सरयू राय, विधायक रागिनी सिंह को ट्वीट किया।
उन्होंने लिखा कि धनबाद का सबसे बड़ा अस्पताल शहीद निर्मल महतो है लोग इसमें दूर दराज से इलाज करवाने आते हैं पर इलाज के नाम पर खानापूर्ति किया जाता है, जबकि अस्पताल में आए दिन कोई न कोई गम्भीर समस्या आ रही है।
अधिक्षक की लापरवाही के कारण पिछले दिनों एक बच्चा सिटी स्कैन में देरी होने या लापरवाही के कारण बच्चे की स्थिति खराब हो गई, जबकि अस्पताल का एमरजेंसी वार्ड आईसीयू रात्रि में जुनियर नर्स के भरोसे चलता है, उसमें रात्रि में कोई भी सिनियर डाक्टर नहीं रहता है, जिस कारण लोगों काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है और मरिज की स्थिति खराब हो जाती है।
जबकि यहां के अधिक्षक खुद एक सरकारी अस्पताल का मुलाजिम है तो वह कैसे अपना प्राइवेट नर्सिंग होम जोड़ा फाटक में सक्ति नर्सिंग होम चला रहे हैं। जबकि इस मामले पर सरकार गंभीर पूर्वक लेते हुए अधिक्षक के ऊपर कार्रवाई करना चाहिए। नहीं कार्रवाई होने से अधीक्षक का मनोबल दिनों दिन बढ़ती जा रही है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। देशभर में नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि अब उनके पास इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी को निभाने का नैतिक अधिकार नहीं बचा है। सुखदेव भगत ने कहा कि राहुल गांधी उन पहले नेताओं में रहे जिन्होंने नीट पेपर लीक और छात्रों के भविष्य का मुद्दा देश के सामने मजबूती से उठाया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस लगातार छात्रों के अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रही है, लेकिन केंद्र सरकार इस गंभीर विषय पर संवेदनहीन बनी हुई है। सांसद सुखदेव भगत ने अपने बयान में कहा कि पिछले एक दशक में देशभर में 152 प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए हैं, जिससे करीब 7.5 करोड़ छात्र-युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बचाने में पूरी तरह विफल रही है।
सुखदेव भगत ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सबसे पहले नीट पेपर लीक और छात्रों के भविष्य का मुद्दा मजबूती से उठाया था। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले दो वर्षों से लगातार परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने इस गंभीर समस्या पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उन्होंने छात्रों पर हुए लाठी चार्ज और लगातार बढ़ रही आत्महत्या की घटनाओं पर भी गहरी चिंता जताई।
उन्होंने कहा कि पेपर लीक से करोड़ों युवाओं के सपने टूट रहे हैं और जब वे न्याय की मांग करते हैं तो उन्हें लाठियां मिलती हैं। यह देश के भविष्य के साथ अन्याय है। उन्होंने सवाल किया कि छात्रों के भविष्य की बर्बादी और उन पर हुए लाठीचार्ज की जिम्मेदारी आखिर कौन लेगा? कांग्रेस सांसद ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अब तक तो सिर्फ पेपर ही लीक हो रहे थे, लेकिन अब इस सरकार की जिम्मेदारी भी लीक हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देना चाहिए, क्योंकि अब उनमें इस पद पर बने रहने का नैतिक बल नहीं बचा है। सुखदेव भगत ने कहा कि पेपर लीक, छात्रों पर बर्बरतापूर्ण लाठीचार्ज और परीक्षा व्यवस्था में लगातार हो रही विफलताओं की जवाबदेही केवल शिक्षा मंत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि गृह मंत्री और प्रधानमंत्री को भी इसकी जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले पर गंभीर आत्ममंथन करते हुए ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए, जिससे देश के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि करोड़ों छात्रों का भविष्य किसी भी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होना चाहिए और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करना केंद्र सरकार का दायित्व है। कांग्रेस इस मुद्दे को संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाती रहेगी।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। ग्रामीण विकास को नई दिशा देने और समुदाय को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में इनोवेटर्स फॉर चेंज फाउंडेशन (Innovators for Change Foundation - ICF) द्वारा ग्राम खेड़बोना (गुंडलिया), प्रखंड–मसलिया, जिला–दुमका में “ग्राम प्रगति केंद्र” की स्थापना की गई है। यह केंद्र समुदाय की सहभागिता, सहयोग और स्वामित्व का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
इस केंद्र की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे समुदाय की आवश्यकताओं और समस्याओं को ध्यान में रखते हुए समुदाय के लिए, समुदाय द्वारा और समुदाय के साथ मिलकर विकसित किया गया है। केंद्र के लिए स्थान की पहचान और उपलब्धता गांव के लोगों ने स्वयं सुनिश्चित की। इसके विकास, साफ-सफाई, रंग-रोगन, आधारभूत संरचना निर्माण और अन्य कार्यों में ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई, जिसमें सरपंच, शिक्षक तथा इनोवेटर्स फॉर चेंज फाउंडेशन के सहयोगियों ने भाग लिया। इसके पश्चात सामुदायिक पुस्तकालय (Community Library) का उद्घाटन गाँव के सरपंच और स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्याओं द्वारा किया गया।
पुस्तकालय की पुस्तकों का संग्रह ग्रामीणों एवं विभिन्न सहयोगियों द्वारा पुस्तक दान के माध्यम से किया गया है। यह पुस्तकालय बच्चों, युवाओं, विद्यार्थियों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए ज्ञान और सीखने का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
यह केंद्र विशेष रूप से युवा-केंद्रित पहल है, जहाँ युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। यहाँ जीवन कौशल, रोजगार तैयारी, डिजिटल एवं संवाद कौशल एवं हस्तकौशल प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास तथा करियर मार्गदर्शन जैसी गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।
ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें और बेहतर भविष्य की ओर आगे बढ़ सकें। महिलाओं के सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए केंद्र के माध्यम से किचन गार्डन, जैविक एवं प्राकृतिक खेती, पोषण जागरूकता, आजीविका संवर्धन तथा महिला नेतृत्व को बढ़ावा देने के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
ग्राम प्रगति केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि संवाद, सीखने, सहयोग और सामुदायिक निर्णयों का साझा मंच है। यह वह स्थान है जहाँ ग्रामीण, विशेषकर युवा, महिलाएँ एवं अन्य समुदाय के सदस्य एकत्र होकर अपने जीवन, गांव के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार और सामाजिक मुद्दों पर चर्चा करेंगे, समाधान खोजेंगे तथा सामूहिक निर्णय लेकर गांव के विकास की दिशा तय करेंगे।
केंद्र के माध्यम से समय-समय पर जागरूकता अभियान, कृषि एवं तकनीकी सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वास्थ्य एवं पोषण सत्र, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, बाल एवं किशोर विकास, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल साक्षरता तथा सरकारी योजनाओं की जानकारी जैसी गतिविधियाँ संचालित की जाएंगी। कार्यक्रम के दौरान गाँव के युवाओं ने स्वास्थ्य, शिक्षा एवं स्वरोजगार से संबंधित अपनी बातों और अनुभवों को साझा किया।
इस अवसर पर इनोवेटर्स फॉर चेंज फाउंडेशन के निदेशक शाहिद अहमद ने कहा: ग्राम प्रगति केंद्र केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि समुदाय के विश्वास, सहयोग और सामूहिक नेतृत्व का प्रतीक है। हमारा उद्देश्य किसी गांव में केवल कार्यक्रम चलाना नहीं, बल्कि समुदाय को इतना सशक्त बनाना है कि वह स्वयं अपने विकास की दिशा तय कर सके।
यह केंद्र समुदाय का है, समुदाय द्वारा बनाया गया है और हमेशा समुदाय के लिए कार्य करेगा। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा दीदी, स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाएँ, युवा, शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि स्वयं सहायता समूह (SHG) की सदस्याएँ युवा क्लब एवं ग्राम के युवा शिक्षक एवं सामाजिक कार्यकर्ता ग्रामवासी एवं अन्य सम्मानित नागरिक गांव की उन्नति, सबकी प्रगति इसी सोच के साथ ग्राम प्रगति केंद्र को ग्रामीणों के सहयोग से एक ऐसे मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ शिक्षा, आजीविका, नेतृत्व, नवाचार और सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर एवं सशक्त गांव का निर्माण किया जा सके।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। जिले के जरमुंडी थाना क्षेत्र के घोरटोपी गांव के समीप शुक्रवार सुबह ट्रैक्टर और बाइक के बीच की सीधी टक्कर में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों मृतकों की पहचान भागलपुर जिले के नाथनगर थाना क्षेत्र के मोहनपुर निवासी 19 वर्षीय सन्नी कुमार और 21 वर्षीय अनिकेत कुमार के नाम से हुई है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों युवक अपने सात अन्य दोस्तों के साथ चार बाइक से बाबा बासुकीनाथ धाम में पूजा-अर्चना करने आए थे। मंदिर में पूजा अर्चना के बाद सभी साथी अपने घर लौट रहे थे। इसी क्रम में जरमुंडी थाना क्षेत्र के घोरटोपी गांव के समीप एक ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।
साथ चल रहे सभी साथियों ने दोनों को लेकर दुमका के फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PJMCH) पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दोनों युवकों के मृत घोषित होने के बाद उनके साथी पुलिस को सूचना दिए बिना निजी एंबुलेंस से शव लेकर बिहार के लिए रवाना हो गए। सुबह करीब आठ बजे नगर थाना के एएसआई कुमोद कुमार अस्पताल पहुंचे तो शव नहीं मिलने पर पूछताछ शुरू की। एंबुलेंस चालक का मोबाइल नंबर मिलने पर पुलिस ने उससे संपर्क किया। चालक ने बताया कि वह गोड्डा जिले में बिहार सीमा के पास पहुंच चुका है।
पुलिस के निर्देश पर वह दोपहर करीब 12 बजे शव लेकर वापस अस्पताल लौटा। इसके बाद नगर थाना पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर दोनों युवकों के शवों का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। जिले में जंगली हाथियों ने एक अधेड़ व्यक्ति को कुचलकर मार डाला। पुलिस ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, यह घटना सोमवार को बरकट्ठा थाना क्षेत्र के बरकनगांगो गांव में हुई। मृत व्यक्ति की पहचान इसी गांव के निवासी चिंतामणि साव के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि मंगलवार को उनका शव एक खेत में पड़ा मिला। बरकट्ठा थाना प्रभारी आशीष कुमार ने कहा, साव सोमवार दोपहर खेत में गए थे, तभी जंगली हाथियों ने उन्हें कुचलकर मार डाला। परिजनों ने उनकी तलाश की और अगली सुबह उनका शव मिला। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया गया है।
बरही वन क्षेत्र के पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत के रूप में एक लाख रुपए दिए गए हैं, जबकि शेष मुआवजा औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि फिलहाल क्षेत्र में तीन हाथी विचरण कर रहे हैं। हाथियों को इलाके से खदेड़ने के लिए वन विभाग ने 15 सदस्यीय त्वरित प्रतिक्रिया बल की टीम तैनात की है। झारखंड सरकार जंगली जानवरों के हमलों में होने वाली मौत के मामलों में 10 लाख रुपए का मुआवजा देती है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, इटखोरी। इटखोरी प्रखंड में जिप सदस्य सरिता देवी के अनुशंसा पर प्रखंड के 74 विद्यालयों में डीएमएफटी मद से चाहरदिवारी का निर्माण करवाया जाएगा। जिला परिषद सदस्य श्रीमती सरिता देवी के इस प्रयास को प्रखंड वासियों ने खूब सराहा है, साथ ही उन्हें साधुवाद भी दिया है। क्योंकि सभी विद्यालयों में चाहरदीवारी निर्माण की की मांग कई वर्षों से लोग कर रहे थे।
अब जल्द ही 74 विद्यालयों में चाहरदीवारी निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। प्रशासनिक स्वीकृति उपायुक्त रवि आनंद के द्वारा मिला है कुछ ही दिनों में टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से बहुत जल्द इटखोरी प्रखंड के सभी विद्यालय में चाहरदीवारी का कार्य शुरू होगा। जिप सदस्य सरिता ने कहा कि विकास के लिए कृतसंकल्प हूँ।
चहारदीवारी का निर्माण बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी और बुनियादी कदम है। यह बच्चों को घर और स्कूल के बाहर सड़क के हादसों, आवारा जानवरों और अवांछित लोगों की पहुंच से दूर रखती है, जिससे वे एक सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में खेल और पढ़ाई सकते हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कहा कि धनबाद नगर निगम के लोयाबाद वार्ड 08 में पीसीसी सड़क निर्माण कार्य में किया गया भरी घोटाला, लोयाबाद वार्ड 08 में ठेकेदार संजय कुमार सिंह को नगर निगम द्वारा कुल राशि 83,72000 आवंटन हुआ है।
जिसमें लोयाबाद वार्ड 08 के बीजीएस हाई स्कूल के पीछे पीसीसी सड़क निर्माण कार्य के साथ अन्य स्थानों पर भी सड़क निर्माण कार्य कराया गया है, जिसकी कुल स्वीकृत लागत 83,72000 है। इन सभी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं वित्तीय अनियमितताओं की भी निष्पक्ष जांच कराया जाए कि जैसे बीजीएस हाई के पीछे सड़क निर्माण कार्य में घोटाला किया गया है वैसे ही ओर भी जगह पीसीसी सड़क निर्माण कार्य में घोटाला किया गया।
कैसे ठेकेदार द्वारा घटिया सामग्रियों का जैसे घटिया क्वालिटी का सीमेंट, बालू, गिट्टी का इस्तमाल गया है जिसे पहली बारिश में ही रोड की स्थिति खराब होते जा रही है, रोड पर सीमेंट के जगह बस बालू ओर गिट्टी नजर आ रहे है ओर जगह जगह रोड भी टूटने लगी है और जहाँ 8इंच की मोटाई की ढलाई होनी थी लेकिन वहां केवल 4इंच का ढलाई किया गया है।
अगर रोड तोड़वा के देखा जाएगा तो सारी सच्चाई सामने आ जाएगी कि कैसे ठेकेदार ने नगर निगम का पैसा का फर्जीवाड़ा किया है और जितना दिन भी निर्माण कार्य चला एक दिन भी वार्ड 08 के जेई ने निरीक्षण करने नहीं पहुंचा, रोड बाने के बाद भी नहीं जेई ने निरीक्षण नहीं किया इससे साफ प्रतीत होता है कि ठेकेदार और जेई की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।
जहाँ जहां रोड टूटी है वहां पे ठेकेदार मिट्टी का फिलिंग कराया जा रहा है और वो भी मिट्टी के जगह कचरा भर दिया गया है जो कि हमारे पास प्रमाण भी उपलब्ध है कि कैसे मिट्टी फिलिंग के नाम पर कचरा वाला मिट्टी का फिलिंग किया गया है, ऐसे ठेकेदार का लाइसेंस रद्द किया जाना चाहिए क्योंकि ऐसे ठेकेदार खुद तो घोटाला कर ही रहे हैं।
साथ में सरकार ओर नगर निगम की भी छवि धूमिल कर रहे है हमारे धनबाद के प्रतिष्ठित महापौर महोदय को लगातार क्षेत्र की हर समस्या का निवारण करते आ रहा है ओर जनता की सुख दुख में हमेशा आगे रहते है ओर धनबाद में जब से माननीय संजीव सिंह भईया जब से महापौर बने है तब से विकास की नदियाँ बह रही है।
हर क्षेत्र में विकाश हो रहा है जगह जगह रोड, नली बनाया जा रहा है ओर जगह जगह स्ट्रीट लाइट भी लगाया जा रहा है ओर यही नहीं धनबाद के डिप्टी मेयर द्वारा भी क्षेत्र में बेहतर काम किया जा रहा है धनबाद को ऐसे की मेयर ओर डिप्टी मेयर की जरूरत थी जो धनबाद को ओर बेहतर बना सके।
सरकार ओर धनबाद उपायुक्त और महापौर से भी अनुरोध है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर ठेकेदार ओर वार्ड 08 के जेई पर कार्रवाई करने की कृपा करेंगे ताकि नगर निगम ओर सरकार को जो चुना लगाया जा रहा है उसपर रोक लग सके ओर क्षेत्र में अच्छा कार्य हो सके।
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