टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 5 अप्रैल 2026 को देश के महान क्रांतिकारी, चुआड़ विद्रोह के महानायक वीर शहीद रघुनाथ महतो के बलिदान दिवस के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों एवं लोगों ने उनकी आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री केशव महतो कमलेश उपस्थित थे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. राजाराम महतो ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। अन्य अतिथियों में धनपति महतो, रामदेव सिंह, गणेश रवि एवं संजय कुमार शामिल रहे।
कार्यक्रम में शहीद रघुनाथ महतो स्मृति न्यास के अध्यक्ष शत्रुघ्न महतो, भुवनेश्वर महतो, हरदयाल महतो तथा चुआड़ सेना के महिपाल महतो, भागवत महतो, ईश्वरचंद्र महतो, राजकुमार महतो समेत बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रवासी उपस्थित हुए।
मुख्य अतिथि केशव महतो कमलेश ने अपने संबोधन में कहा कि वीर शहीद रघुनाथ महतो केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और स्वाभिमान के प्रतीक हैं। उन्होंने अंग्रेजों के अत्याचार के खिलाफ जो आवाज उठाई, वह आज भी हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।
चुआड़ विद्रोह भारत के स्वतंत्रता संग्राम का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। हमें उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज में एकता, न्याय और अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाना होगा। उन्होंने आगे कहा कि शहीदों का सम्मान केवल श्रद्धांजलि देने से नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने से होता है।
कार्यक्रम में उपस्थित अन्य वक्ताओं ने भी वीर शहीद रघुनाथ महतो के बलिदान, साहस और उनके ऐतिहासिक योगदान पर प्रकाश डालते हुए उन्हें सच्चा राष्ट्रनायक बताया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया और कार्यक्रम का समापन श्रद्धांजलि एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उक्त जानकारी शहीद रघुनाथ महतो स्मृति न्यास, लोवाडीह, नामकुम, रांची के भुवनेश्वर महतो ने दी।
टीम एबीएन, रांची। डॉ संत शिरोमणी स्वामी सदानंद महाराज जी के सानिध्य में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट द्वारा संचालित श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम श्री राधा कृष्ण प्रणामी मंदिर पुंदाग राँची मे 260 वां श्री कृष्ण प्रणामी अन्नपूर्णा सेवा महाप्रसाद का आयोजन किया गया।
इस अवसर पर श्री राधा रानी जी का दिव्य आकर्षक आभूषणों से अलंकृत कर अलौकिक श्रृंगार किया गया। तत्पश्चात महाप्रसाद का विधिवत भोग दोपहर 12 बजे मंदिर के पुजारी अरविंद कुमार पांडे द्वारा लगाई गई, महाप्रसाद मे मसालेदार वेजिटेबल खिचड़ी, आलू चिप्स, गुलाब का शरबत का वितरण किया गया।
मंदिर परिसर में उपस्थित 2 हजार से भी अधिक श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया गया।तत्पश्चात भजन- संध्या में ट्रस्ट के भजन गायक मनीष सोनी ने अपने मनमोहक सुमधुर भजनों श्रोताओं को खूब झुमाया। तथा श्री राधा कृष्ण के जयकारा से पूरा वातावरण कृष्णमय एवं भक्तिमय बन गया। तत्पश्चात सामूहिक रूप से महाआरती की गई।
ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि श्री राधा कृष्ण मंदिर में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा तथा 4 हजार से अधिक श्रद्धालुओं में दर्शन किये। उन्होंने बताया कि मंदिर में प्रत्येक दिन दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक वेजिटेबल खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया जाता है जिसमें 400 से भी अधिक श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं।
इस अवसर पर डूंगरमल अग्रवाल,राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, पूरणमल सर्राफ,सुरेश अग्रवाल, मधु सूदन जाजोदिया, संजय सर्राफ, सुरेश भगत, विष्णु सोनी, मनीष सोनी, पवन पोद्दार, ज्ञान चंद्र शर्मा सहित काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। उक्त जानकारी श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रवक्ता सह मीडिया संजय सर्राफ ने दी।
टीम एबीएन, रांची। आज दिनांक 05/04/ 2026 दिन रविवार को मुक्ति संस्था के द्वारा जुमार नदी के तट पर 24 अज्ञात शवों का पूरे विधि विधान से अंतिम संस्कार किया गया।
मुक्ति संस्था के सदस्यों ने रिम्स के मोर्चरी गृह से अज्ञात शवों को निकालकर पैक कर जुमार नदी के तट पर लेकर गये। इस दौरान संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने अज्ञात शवों को मुखाग्नि दी। संस्था के अध्यक्ष प्रवीण लोहिया ने बताया कि मुक्ति संस्था द्वारा अबतक कुल 2153 अज्ञात शवों का अंतिम संस्कार किया गया है। अंतिम अरदास परमजीत सिंह टिंकू ने किया।
मौके पर संस्था के प्रवीण लोहिया, रवि अग्रवाल, संजय गोयल, राहुल जायसवाल, विजय धानुका, सौरभ बथवाल, पंकज खिरवाल, निर्मल मोदी, सुमित अग्रवाल, वीरेंद्र गुप्ता, आदित्य शर्मा, आशीष भाटिया, गौरीशंकर शर्मा, राहुल चौधरी, अरुण कुतरियार, संजय सिंह, नवीन मित्तल, उज्जवल जैन, राजा गोयनका, अमित अग्रवाल, गोपाल गाड़ोदिया, हरीश नागपाल, आर के गांधी समेत कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
टीम एबीएन, रांची। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य सह झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि हर वर्ष 7 अप्रैल को विश्वभर में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक स्तर पर प्रयासों को बढ़ावा देना है।
यह दिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की स्थापना दिवस के रूप में भी मनाया जाता है, जिसकी स्थापना 7 अप्रैल 1948 को हुई थी। विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि प्रत्येक व्यक्ति को स्वस्थ जीवन जीने का अधिकार मिले। आज भी दुनिया के कई हिस्सों में लोग बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं।
ऐसे में यह दिवस सरकारों, संस्थाओं और समाज को यह संदेश देता है कि स्वास्थ्य केवल व्यक्तिगत विषय नहीं, बल्कि एक वैश्विक जिम्मेदारी है।हर वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस की एक विशेष थीम निर्धारित की जाती है, जो किसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य मुद्दे पर केंद्रित हो जिससे आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित और स्वस्थ बनाया जा सके, इस वर्ष का थीम है- स्वास्थ्य के लिए एकजुट, विज्ञान के साथ खड़े रहे।
यह विशेष स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए विज्ञान आधारित दृष्टिकोण साक्ष्यो पर आधारित नीतियों और वैश्विक सहयोग के महत्व को उजागर करता है,यह थीम लोगों को विज्ञान के समर्थन में एकजुट होने का संदेश देती है। इसका उद्देश्य यह दिखाना है कि वैज्ञानिक सहयोग, अनुसंधान और वैश्विक साझेदारी के माध्यम से मानव, पशु, पर्यावरण और पूरे ग्रह के स्वास्थ्य की बेहतर सुरक्षा की जा सकती है।
विश्व स्वास्थ्य दिवस की महत्ता कई दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह दिवस हमें याद दिलाता है कि स्वास्थ्य ही जीवन का सबसे बड़ा धन है। यदि व्यक्ति स्वस्थ नहीं है, तो वह जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त नहीं कर सकता। इस दिन विभिन्न देशों में स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता रैलियां, सेमिनार, टीकाकरण अभियान और स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इसके अलावा, यह दिवस हमें यह भी प्रेरित करता है कि हम अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव लाएं। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, स्वच्छता और मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है। आज के आधुनिक जीवन में बढ़ते तनाव, अनियमित खान-पान और प्रदूषण के कारण अनेक बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
ऐसे में विश्व स्वास्थ्य दिवस हमें सचेत करता है कि हम समय रहते अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग हो जाएं। भारत जैसे विशाल देश में, जहां जनसंख्या अधिक है, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाना एक बड़ी चुनौती है। सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं, जैसे आयुष्मान भारत योजना, जो गरीब और जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करती है।
ऐसे प्रयासों को सफल बनाने में समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।अंततः विश्व स्वास्थ्य दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि एक अभियान है, जो हमें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने का संदेश देता है। यदि हम सभी मिलकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें, तो एक स्वस्थ, समृद्ध और खुशहाल समाज का निर्माण संभव है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, हजारीबाग। जिले की राजनीति एक बार फिर तीखे आरोप-प्रत्यारोप के दौर में पहुंच गयी है। विष्णुगढ़ की नृशंस हत्या की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि अब इस पर सियासी बयानबाजी ने माहौल और गर्म कर दिया है। हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कांग्रेस नेत्री अम्बा प्रसाद पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें हताशा प्रसाद तक कह डाला।
शनिवार को अपने कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदीप प्रसाद ने कहा कि विष्णुगढ़ की घटना को राजनीतिक रंग देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हत्या जैसे जघन्य अपराध को किसी पार्टी से जोड़ना गलत है। हत्यारा सिर्फ हत्यारा होता है, उसका कोई राजनीतिक धर्म नहीं होता, उन्होंने कहा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अम्बा प्रसाद इस मामले में आरोपी भीम राम को बचाने की कोशिश कर रही हैं।
प्रदीप प्रसाद ने आगे कहा कि सत्ता से बाहर रहने के बाद मात्र एक साल में अम्बा प्रसाद की सोच प्रभावित हो गई है। उन्होंने उनके परिवार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उनके पिता पहले जेल जा चुके हैं और तथाकथित टाइगर ग्रुप चलाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद उनकी कथित वसूली बंद हो गयी है, जिससे वे अब बौखलायी हुई हैं।
ज्ञात हो कि विष्णुगढ़ में अंधविश्वास के नाम पर एक महिला ने अपने प्रेमी भीम राम, भगतिन के साथ मिलकर एक नृशंस हत्या को अंजाम दिया था। इस मामले में भीम राम का नाम सामने आने के बाद राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला तेज हो गया है। अब सवाल यह है कि क्या इस संवेदनशील मामले में न्याय की दिशा में कदम बढ़ेंगे या फिर यह सियासी बयानबाजी के शोर में दबकर रह जायेगा।
टीम एबीएन, खूंटी/ रांची। ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से, चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन (सीआपीएफ), रांची और भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), रांची के संयुक्त तत्वावधान में आज खूंटी जिले के सरीदकेल गांव में एक विशेष शिविर का आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यक्रम के दौरान दो मुख्य जनकल्याणकारी गतिविधियों का सफल संचालन किया गया, जिनमें प्रमुख हैं :
इस अवसर पर संस्था के प्रतिनिधियों ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच और महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना ही इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य है। आईआईएम रांची और चाइल्ड राइट्स फाउंडेशन भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक कार्यों के माध्यम से हाशिये पर रहने वाले समुदायों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। शिविर में स्थानीय ग्रामीणों की भारी भागीदारी देखी गई, जिन्होंने इस पहल की सराहना की।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड की राजनीति में इन दिनों उठापटक के बीच, जेडीयू विधायक सरयू राय ने बड़ा राजनीतिक बयान देकर हलचल मचा दी है। उन्होंने दावा किया है कि हेमंत सोरेन बिना कांग्रेस और भाजपा के भी राज्य में स्थिर सरकार चला सकते हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस के बीच रिश्तों में खटास की खबरें सामने आ रही हैं।
धनबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान सरयू राय ने कहा कि अगर हेमंत सोरेन राजनीतिक इच्छाशक्ति दिखायें, तो वे खुद उन्हें बिना शर्त बाहरी समर्थन देने के लिए तैयार हैं। उन्होंने इसे एक वैकल्पिक और मजबूत राजनीतिक विकल्प बताया।
राय ने विधानसभा का गणित समझाते हुए कहा कि जेएमएम के 34 विधायक, राष्ट्रीय जनता दल के 4, वाम दलों के 2 और जयराम महतो का 1 वोट मिलाकर बहुमत का आंकड़ा 41 पूरा किया जा सकता है। ऐसे में कांग्रेस या भाजपा की जरूरत नहीं पड़ेगी।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी गठबंधन धर्म का सही तरीके से पालन नहीं करती और केवल अपने हित के अनुसार फैसले लेती है। बिहार और असम चुनाव का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने सहयोगियों को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया। इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव के दौरान सहयोगी दलों के खिलाफ बयानबाजी कर बाद में साथ आ जाना जनता के भरोसे को कमजोर करता है।
वहीं, इस बयान पर भाजपा ने इसे सरयू राय की निजी राय बताया है, जबकि कांग्रेस ने इसे मुंगेरीलाल के हसीन सपने करार दिया है। कुल मिलाकर, राय के इस बयान ने झारखंड की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।
टीम एबीएन, रांची। मारवाड़ी युवा मंच रांची शाखा के संयुक्त तत्वावधान में श्री राणी सती मंदिर कमेटी के सहयोग से 5 अप्रैल (रविवार) को प्रात: 10:30 बजे से श्री हनुमान बक्स पोद्दार सत्संग भवन, राणी सती मंदिर परिसर रातू रोड में रक्तदान शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
मंच के अध्यक्ष विकास अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सेवा का सबसे बड़ा माध्यम है। किसी जरूरतमंद को समय पर रक्त उपलब्ध होना उसके जीवन को बचा सकता है। उन्होंने शहरवासियों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुनीत कार्य में अपनी सहभागिता निभायें।
वहीं मंच के सचिव मुकेश शर्मा ने बताया कि मारवाड़ी युवा मंच हमेशा सामाजिक सेवा के कार्यों में अग्रणी रहा है। रक्तदान शिविर के माध्यम से हम जरूरतमंद मरीजों की सहायता करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से आगे आकर रक्तदान करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के रक्तदान प्रभारी सुमित अग्रवाल एवं विष्णु अग्रवाल तथा सह संयोजक युवा निशांत मोदी ने बताया कि शिविर में रक्तदाताओं के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी हैं और अधिक से अधिक लोगों से रक्तदान कर मानवता की सेवा में योगदान देने की अपील की है।
प्रवक्ता अमित शर्मा ने मंच की ओर से सभी सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शहरवासियों से इस महादान में भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आग्रह किया गया है। उक्त जानकारी संघ के प्रवक्ता अमित शर्मा ने दी।
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