झारखंड

View All
Published / 2021-04-17 13:13:54
पोषक तत्वों से भरपूर हैं झारखंड की साग-सब्जियां

एबीएन डेस्क। विटामिन, खनिज और एंटीआक्सीडेंट गुणों से भरपूर जनजातीय इलाकों में पायी जाने वाली ये पत्तेदार सब्जियां स्थानीय आदिवासियों के भोजन का अहम हिस्सा होती हैं। इनमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम, मैग्निशयम, आयरन, पोटैशियम जैसे खनिज तथा विटामिन पाए गए हैं। गोभी, पालक, मटर, शिमला मिर्च, गाजर और आलू जैसी सब्जियां रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी कुछ ऐसी सब्जियां हैं, जिनका प्रचलन देशभर में है। वहीं, देश के विभिन्न हिस्सों में ऐसी सैकड़ों विशिष्ट सब्जी प्रजातियां पायी जाती हैं, जो पोषण से भरपूर होने के बावजूद वह लोकप्रियता हासिल नहीं कर सकी हैं, जो आलू, गोभी, मटर, पालक, भिंडी, लौकी, कद्दू और इसके जैसी अन्य सब्जियों को मिली है। हालांकि, ऐसी सब्जी प्रजातियां गरीब और पिछड़ेपन का शिकार माने जाने वाले झारखंड के जनजातीय लोगों के भोजन का एक अहम हिस्सा हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पटना एवं रांची स्थित पूर्वी अनुसंधान परिसर के शोधकतार्ओं ने झारखंड के स्थानीय आदिवासियों द्वारा उपयोग की जाने वाली पत्तेदार सब्जियों की 20 ऐसी प्रजातियों की पहचान की है, जो पौष्टिक गुणों से युक्त होने के साथ-साथ भोजन में विविधता को बढ़ावा दे सकती हैं। शोधकतार्ओं का कहना है कि पोषण एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी सब्जियों की ये स्थानीय प्रजातियां मददगार हो सकती हैं। हैरानी की बात यह है कि इनमें से अधिकतर सब्जियों के बारे में देश के अन्य हिस्सों के लोगों को जानकारी तक नहीं है। इस अध्ययन के दौरान रांची, गुमला, खूंटी, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूमि, रामगढ़ और हजारीबाग समेत झारखंड के सात जिलों के हाट (बाजारों) में सर्वेक्षण कर वहां उपलब्ध विभिन्न मौसमी सब्जियों की प्रजातियों के नमूने एकत्रित किए हैं। इन सब्जियों में मौजूद पोषक तत्वों, जैसे- विटामिन-सी, कैल्शियम, फॉस्फोरस, मैग्निशयम, पोटैशियम, सोडियम और सल्फर, आयरन, जिंक, कॉपर एवं मैगनीज, कैरोटेनॉयड्स और एंटीआक्सीडेंट गुणों का पता लगाने के लिए नमूनों का जैव-रासायनिक विश्लेषण किया गया है। विटामिन, खनिज और एंटीआक्सीडेंट गुणों से भरपूर जनजातीय इलाकों में पायी जाने वाली ये पत्तेदार सब्जियां स्थानीय आदिवासियों के भोजन का अहम हिस्सा होती हैं। इनमें प्रचुर मात्रा में कैल्शियम, मैग्निशयम, आयरन, पोटैशियम जैसे खनिज तथा विटामिन पाए गए हैं। इन सब्जियों में फाइबर की उच्च मात्रा होती है, जबकि काबोर्हाइड्रेट एवं वसा का स्तर बेहद कम पाया गया है। सब्जियों की इन प्रजातियों में लाल गंधारी, हरी गंधारी, कलमी, बथुआ, पोई, बेंग, मुचरी, कोईनार, मुंगा, सनई, सुनसुनिया, फुटकल, गिरहुल, चकोर, कटई/सरला, कांडा और मत्था इत्यादि शामिल हैं। ये सब्जी प्रजातियां झारखंड के आदिवासियों के भोजन का प्रमुख हिस्सा हैं। शोधकतार्ओं ने पाया है कि जनजातीय लोग लाल गंधारी, हरी गंधारी और कलमी का भोजन में सबसे अधिक उपयोग करते हैं। वहीं, गिरहुल अपेक्षाकृत रूप से कम लोकप्रिय है। बरसात एवं गर्मी के मौसम में विशेष रूप से जनजातीय समुदाय के लोग खाने योग्य विभिन्न प्रकार के पौधे अपने आसपास के कृषि, गैर-कृषि एवं वन्य क्षेत्रों से एकत्रित करके सब्जी के रूप में उपयोग करते हैं। इन सब्जियों को विभिन्न वनस्पतियों, जैसे- झाड़ियों, वृक्षों, लताओं, शाक या फिर औषधीय पौधों से प्राप्त किया जाता है। सब्जियों को साग के रूप में पकाकर, कच्चा या फिर सुखाकर खाया जाता है। सुखाकर सब्जियों का भंडारण भी किया जाता है, ताकि पूरे साल उनका भोजन के रूप में उपभोग किया जा सके। अलग-अलग स्थानों पर विभिन्न मौसमों में भिन्न प्रकार की सब्जियां उपयोग की जाती हैं। इनकी पत्तियों, टहनियों और फूलों को मसालों अथवा मसालों के बिना पकाकर एवं कच्चा खाया जाता है। शोधकर्ताओं का कहना है कि इन सब्जियों की उपयोगिता के बावजूद इन्हें गरीबों एवं पिछड़े लोगों का भोजन माना जाता है, और व्यापक रूप से कृषि चक्र में ये सब्जियां शामिल नहीं हैं। जबकि, सब्जियों की ये प्रजातियां खाद्य सुरक्षा, पोषण, स्वास्थ्य देखभाल और आमदनी का जरिया बन सकती हैं। एक महत्वपूर्ण बात यह है कि बेहद कम संसाधनों में इनकी खेती की जा सकती है।

Published / 2021-04-17 11:46:09
झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू कोरोना संक्रमित

रांची। कोरोना अब सीएम हाउस के बाद राजभवन भी पहुंच गया है। झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू कोरोना पॉजिटिव पायी गयी हैं। बता दें कि कल सीएम के आवासीय कार्यालय के पांच अफसर-कर्मी कोरोना संक्रमित पाये गये थे। सीएम के आवासीय कार्यालय में तैनात जिन लोगों के कोरोना संक्रमित होने का पता चला है, उनमें अशोक कुमार सिन्हा, कमलेश कुमार, ​संजीव कुमार, घनश्याम और जयकुमार शामिल हैं

Published / 2021-04-17 09:01:14
कोरोना : एयरलिफ्ट कर हैदराबाद भेजे गये सिंदरी विधायक इंद्रजीत महतो

धनबाद। सिंदरी विधायक इंद्रजीत महतो कोरोना संक्रमित हुए थे। उनका धनबाद के एशियन जालान अस्पताल में इलाज चल रहा था। अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई जिसके बाद शनिवार को धनबाद उपायुक्त की देखरेख में उन्हें बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर हैदराबाद ले जाया गया। जानकारी के अनुसार विधायक को पहले एशियन जालान अस्पताल से सड़क के रास्ते एंबुलेंस से बोकारो ले जाया गया। वहां से एयरलिफ्ट कर हैदराबाद ले जाया जाएगा ताकि बेहतर इलाज हो सके। मधुपुर उप चुनाव प्रचार के दौरान आई थी पॉजिटिव रिपोर्ट : बता दें कि मधुपुर उप चुनाव प्रचार के दौरान सिंदरी विधायक इंद्रजीत महतो की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई थी। इसके बाद 12 अप्रैल को धनबाद एशियन जालान अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जब उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी तो वेंडिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। इसके बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद शिफ्ट किया जा रहा है। इस दौरान धनबाद उपायुक्त उमाशंकर सिंह और भाजपा ग्रामीण जिलाध्यक्ष ज्ञान रंजन सिन्हा ने कहा कि कोरोना रिपोर्ट नेगेटिव आ चुकी है लेकिन सांस में परेशानी होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद भेजा जा रहा है।

Published / 2021-04-16 15:35:52
कोरोना : सीएम हेमंत सोरेन के आवासीय कार्यालय के पांच अफसर-कर्मी संक्रमित

रांची। कोरोना का संक्रमण झारखंड के सीएम कार्यालय तक पहुंच गया है। सीएम हेमंत सोरेन के आवासीय कार्यालय के पांच अफसर-कर्मी कोविड पॉजिटिव पाये गये हैं। खबर के मुताबिक कांके रोड स्थित आवासीय कार्यालय के कई अफसरों-कर्मियों का कोरोना टेस्ट कराया गया था, जिसमें से पांच को पॉजिटिव पाया गया है। जैसी कि जानकारी मिली है, आवासीय कार्यालय में तैनात जिन लोगों के कोरोना संक्रमित होने का पता चला है, उनमें अशोक कुमार सिन्हा, कमलेश कुमार, संजीव कुमार, घनश्याम और जयकुमार शामिल हैं। एक साथ पांच कर्मियों के संक्रमित होने की सूचना के बाद पूरे आवासीय परिसर में गतिविधियां कम हो गयी हैं। संभावना जतायी जा रही है कि एहतियातन सीएम और उनके परिजनों का भी कोविड टेस्ट किया जा सकता है। बता दें कि झारखंड की राजधानी रांची में कोरोना के संक्रमण के चलते बेहद गंभीर स्थिति पैदा हो गयी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार गुरुवार को झारखंड में 3480 नये कोरोना संक्रमितों की पुष्टि हुई थी, जबकि 28 कोविड मरीजों की जान गयी है। वहीं 1325 लोग संक्रमण मुक्त हुए हैं। राज्य में एक्टिव मरीजों की संख्या 20651 हो गयी है। गुरुवार को नये मरीजों में रांची जिले से 1393 लोग हैं। रांची जिले में कोरोना संक्रमण के एक्टिव केस की संख्या गुरुवार तक 8675 थी।

Published / 2021-04-16 15:31:51
रांची में लाखों के अफीम के साथ चार तस्कर गिरफ्तार

रांची। राजधानी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तमाड़ और नगड़ी थाना क्षेत्र से चार अफीम सौदागरों को धर दबोचा है। गिरफ्तार तस्करों के पास से पुलिस ने लाखों की अफीम भी बरामद की है। झारखंड में अफीम के सौदागर एक बार फिर से पूरी तरह से सक्रिय हो गए हैं। अब नशे के सौदागर तैयार की गई अफीम को झारखंड से बाहर निकालने की तैयारी में हैं। इससे पहले अफीम की खेती करवाने को लेकर नशे के सौदागर सक्रिय थे। अब तैयार नशे की खेप को धीरे धीरे कर बाहर निकाला जा रहा है। इसी बीच पुलिस की सतर्कता की वजह से नशे के कारोबारी पकड़े भी जा रहे हैं। अफीम की लगातार हो रही है तस्करी : रांची के रूरल एसपी नौशाद आलम ने बताया कि चोरी-छिपे बड़े पैमाने पर अफीम की फसल लगाई गई थी। अब उन फसलों को लगातार तस्कर बाहर के राज्यों में ले जा रहे हैं। इसी बीच रांची के सीनियर एसपी को यह सूचना मिली थी कि तमाड़ इलाके में भी कुछ अफीम तस्कर अफीम पाउडर लेकर बाहर जाने वाले हैं। इस सूचना पर डीएसपी बुंडू अजय कुमार के नेतृत्व में टीम ने दो युवक सागर मुंडा और बिरसा मुंडा को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान दोनों के पास से करीब 6 किलो अफीम बरामद की गई है। रांची पुलिस को दूसरी सफलता नगड़ी इलाके से मिली है। यहां पुलिस को जानकारी मिली थी कि गुमला से अफीम की एक खेप लेकर कुछ सौदागर बस के जरिए रांची आने वाले हैं, जिसके बाद बेड़ो डीएसपी ने पुलिस बल के साथ सभी बसों की चेकिंग शुरू की। इसी दौरान एक बस से सरोज कुमार सिंह और मुकेश साहू नाम के व्यक्ति पकड़े गए, साथ ही उसके पास से 4 किलो अफीम भी बरामद हुआ है। पुलिस रख रही अफीम टेस्टिंग किट : रांची के ग्रामीण एसपी नौशाद आलम ने बताया कि बड़े पैमाने पर तैयार अफीम को पंजाब और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में ले जाने की तैयारी तस्करों की ओर से की जा रही है, जिसे लेकर पुलिस पूरी तरह से अलर्ट है। अफीम की पहचान के लिए पुलिस कर्मियों को अफीम टेस्टिंग किट भी दिया गया है, ताकि पकड़े गए अफीम को टेस्ट किया जा सके कि यह अफीम है या फिर कोई दूसरा पदार्थ। इससे तस्करों की गिरफ्तारी में पुलिस को बेहद मदद मिल रही है।

Published / 2021-04-16 13:31:46
गढ़वा : रमना के सीओ की कोरोना से मौत

रमन। रमना के अंचल पदाधिकारी संजीव कुमार भारती का निधन कोरोना से हो गया। इसकी पुष्टि रमना के बीडीओ हुल्लास महतो ने की है। बता दें कि सीओ 9 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव हो गये थे। उसके बाद वह होम कोरेन्टीन हो गये थे। शुक्रवार को उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गयी। चिकित्सकों ने उन्हें रांची रेफर किया था। हॉस्पिटल पहुंचने के पहले ही उनकी मौत हो गयी। उनकी निधन की सूचना मिलते ही रमन प्रखंड एवं अंचल कार्यालय में शोक की लहर दौड़ गयी।

Published / 2021-04-16 13:17:16
मनरेगा : ठेकेदार और लाभुक की मिलीभगत से जेसीबी से कट रहा कुआं

बालूमाथ। सरकार द्वारा निर्देशित गाइडलाइन सरकारी योजनाएं में जेसीबी का प्रयोग नहीं करने का खुलेआम धज्जियां उड़ती दिख रही है। बालूमाथ प्रखंड क्षेत्र के चेताग पंचायत अंतर्गत परहीया जाति के बसरिया टोला में ठेकेदार और लाभुक के बीच मिलीभगत से जेसीबी मशीन से कुएं की खुदाई की जा रही थी। ग्रामीणों के अनुसार यह कुआं कर्मदेव उरांव पिता गोंडलाल उरांव का है। जो स्थानीय ठेकेदार जितेंद्र कुमार के द्वारा काम लगाया गया था। सरकार एक ओर मजदूरों के लिए घर में ही रोजगार देने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। साथ ही साथ मनरेगा जैसी योजनाओं में उन्हें 100 दिन का मिनिमम रोजगार देना है और मनरेगा योजना में मशीन से काम नहीं लगाना है। ताकि पलायन रुक सके। वहीं नये नियम के तहत अब जेसीबी से पर्सनल काम के लिए भी प्रखंड कार्यालय से आदेश प्राप्त होना चाइये। इसके बावजूद इस तरह खुलेआम दिनदहाड़े जेसीबी द्वारा कुएं की खुदाई प्रखंड प्रशासन की मिलीभगत को दशार्ता है। वहीं इस बारे में बालूमाथ बीडीओ मनीष कुमार ने बताया कि जेसीबी से कूप निर्माण करने की सूचना मिली थी लेकिन कर्मदेव यादव द्वारा खुद से कूप निर्माण कराया जा रहा है। वहीं निजी कूप निर्माण के लिए जेसीबी द्वारा खुदाई मामले में कहा कि ग्रामीण जानकारी के अभाव में कूप निर्माण कार्य कर रहा था।

Published / 2021-04-16 12:33:30
परमवीर की कब्र के बगल में पत्नी बलमदीना एक्का को मिला स्थान

गुमला। बांग्लादेश मुक्ति के लिए वर्ष 1971 में हुए भारत पाक युद्ध के दौरान दुश्मनों को मार गिराकर अपने अदम्य साहस, वीरता, शौर्य और पराक्रम के बल पर परमवीर चक्र से सम्मानित जारी गांव के वीर सपूत परमवीर अल्बर्ट एक्का की पत्नी बलमदीना एक्का का निधन गुरुवार की देर रात हो गया। बलमदीना लंबे समय से बीमार चल रही थी। उन्होंने अपने चैनपुर आवास पर अंतिम सांसें ली। वे पुत्र भिसेंट एक्का, पुत्रवधु रागिनी एक्का और भरा-पूरा परिवार छोड़ गयी हैं। वीरांगना बलमदीना के निधन से पूरे गुमला जिला में शोक की लहर छा गयी है। उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों का तांता रहा। उनका अंतिम संस्कार यानी दफन क्रिया जारी गांव के आवासीय परिसर में परमवीर के बने कब्र के पास किया गया। उनके निधन से एक युग का अंत हो गया। दफन क्रिया से पहले उनके पार्थिव शरीर को चैनपुर से फूलों से सुसज्जित वाहन से जारी ले जाया गया। जहां मिस्सा बलिदान फादर पात्रिक मिंज, फादर रेमिश मिंज और फादर अमृत टोप्पो ने चढ़ाया। धर्म पुरोहितों ने कहा कि परमपिता ने बलमदीना को अपने पास बुलाया है। मृत्यु जीवन का अंत नहीं बल्कि जीवन की शुरूआत है। परमपिता से प्रार्थना है कि परमपिता इन्हें परमशांति प्रदान करें और स्वर्ग में स्थान प्रदान करें। इस मौके पर उनके पुत्र भिसेंट एक्का, पुत्रवधु रागिनी एक्का, उनके परिवार के अन्य सदस्य मौजूद थे। शुक्रवार की सुबह उनके निधन की खबर जंगल में आग की तरह फैल गयी। उनके अंतिम दर्शन कर श्रद्धांजलि देने वालों का तांता लगाा रहा।

Page 1577 of 1595

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse