रांची। चारा घोटाला मामले में सजायाफ्ता राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की तबीयत में तेजी से सुधार हो रहा है। लालू की तबीयत में हो रहे सुधार को देखते हुए जेल प्रबंधन लालू को दिल्ली एम्स से रांची वापस लाने की तैयारी में जुट गया है। होटवार जेल अधीक्षक ने एम्स निदेशक को पत्र लिखकर लालू के मेडिकल कंडीशन और रांची वापस लाने की जानकारी मांगी है। एम्स निदेशक अगर रांची भेजने पर सहमति जता देते हैं तो लालू जल्द ही फिर से या तो होटवार जेल में रहेंगे या रिम्स में। दो महीने से एम्स में हैं लालू जेल आईजी बीरेंद्र भूषण की मानें तो एम्स निदेशक की सहमति मिलने के बाद एक विशेष टीम दिल्ली जाकर लालू प्रसाद को लायेगा। पिछले 23 जनवरी को लालू प्रसाद की तबीयत ज्यादा बिगड़ जाने के बाद रिम्स के मेडिकल बोर्ड ने उन्हें दिल्ली स्थित एम्स में बेहतर इलाज के लिए अनुशंसा की थी, जिसके बाद आनन फानन में लालू को एक महीने के लिए एम्स भेजने की अनुमति जेल प्रशासन ने दी थी। बाद में एम्स निदेशक की चिठ्ठी पर एक महीने का वक्त और बढ़ाया गया। वो समय सीमा भी अब पूरा हो चुका है। दो महीने का समय समाप्त होने के बाद जेल प्रशासन ने एम्स को लालू प्रसाद को रांची वापस लाने के लिए पत्र भेजा है। लालू प्रसाद इन बीमारियों से हैं ग्रस्त 72 वर्षीय लालू प्रसाद को करीब 18 तरह की बीमारियां हैं। इनमें टाइप टू डायबिटीज, हाइपरटेंशन, पेरिएनल एब्सेस, किडनी इंज्यूरी एंड क्रोनिक किडनी डिजीज, पोस्ट वॉल्व रिप्लेसमेंट, प्रोस्थेटिक हाइपर प्लेसिया, सेकेंड्री डिप्रेशन, लो बैक डिफ्यूज डिस्क, लेफ्ट आई इमैच्योर कैटरेक्ट, राइट लोवर पोल रेनल, प्राइमरी ओपन एंगल ग्लूकोमा, हाइट्रोजेनस थैलेसिमिया, विटामिन डी डिफिशिएंसी समेत ग्रेड वन फैटी लीवर की बीमारियां शामिल हैं। इधर, लालू के वापस रांची आने से पहले इस पर सियासत शुरू हो गई है। बीजेपी ने लालू को जेल में ही रखने की सलाह दी है ना कि रिम्स के पेइंग वार्ड में।
लोहरदगा। उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो की अध्यक्षता में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की बैठक संपन्न हुई। बैठक में जलस्त्रोतों का रिचार्ज को सुदृढ़ किये जाने किये जाने पर बल दिया गया। इस बैठक में मुख्य रूप पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निदेश दिया कि जितने जलस्त्रोतों की जांच नहीं की गई है उन जगहों का भी सैंपल प्राप्त कर उसकी जांच सुनिश्चित की जाय। इस बिंदु पर कार्यपालक अभियंता द्वारा बताया गया कि अब बायोकेमिकल जांच राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद केंद्र, रांची द्वारा किया जा रहा है। उपायुक्त द्वारा जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि विभाग से इस बिंदु पर मार्गदर्शन मांगे कि इस जांच में आनेवाले खर्च का भुगतान किस मद से किया जायेगा। बैठक में जिला मत्स्य पदाधिकारी को अपने अधीनस्थ सभी जलस्त्रोतों की जांच कराने का निदेश दिया गया। पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल कार्यपालक अभियंता को निदेश दिया गया कि डीप बोरिंग की वजह से पानी का जलस्तर लगातार नीचे जा रहा है, इस पर नियंत्रण लगायें। झरना व तालाबों के जल संरक्षण के लिए भी उपाय किये जायें। रेनवाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के लिए गांवों में मनरेगा के अंतर्गत टीसीबी, डोभा निर्माण योजना को ज्यादा से ज्यादा लिये जाने को प्रोत्साहित करें। जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी को पक्युर्लेशन टैंक व तालाबों का निर्माणसे जलसंरक्षण को सुदृढ़ बनाने हेतु किये जाएं। 15वें वित्त आयोग योजनामद से कराने के लिए प्रखंडों में पंचायत सचिवों की एक कार्यशाला आयोजित कराने का निदेश दिया गया। लघु सिंचाई प्रमंडल, कार्यपालक अभियंता को निदेश दिया गया कि किस्को प्रखंड के ठकुराईन डेरा स्थित औराझरिया नाला में चेकडैम निर्माण का कार्य जून माह से पूर्व पूर्ण करा लें। भवन प्रमंडल को निदेश दिया गया कि जितने सरकारी भवनों में रेनवाटर हार्वेस्टिंग का कार्य किया गया है उससे संबंधित प्रतिवेदन जल्द समर्पित किया जाय। नगर पर्षद कार्यपालक पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि पूर्व की तरह सूखा एवं गीला कचरा प्रबंधन करने के साथ-साथ अब ई-कचरा का भी प्रबंधन करें। सिविल सर्जन को निदेश दिया गया कि अब तक मेडिकल वेस्ट डिस्पॉजल सिस्टम के अंतर्गत कितने अस्पतालों में इस प्रणाली के तहत कचरा प्रबंधन हो रहा है तो कितने अस्पतालों में यह किया जा रहा है, इसका प्रतिवेदन दिया जाय। अनुमंडल पदाधिकारी एवं डीएसपी को निदेश दिया गया कि रात्रि 10 बजे से सुबह 6 बजे तक के बीच ध्वनि प्रदूषण रोकने के लिए,लाउड स्पीकर न बजे यह सुनिश्चित किया जाय। जिला परिवहन पदाधिकारी को निदेश दिया गया कि नियमित रूप से वाहनों में प्रदूषण की शर्तों के पालन से संबंधित जांच किया जाय। बैठक में वन प्रमंडल पदाधिकारी अरविंद कुमार, उप विकास आयुक्त अखौरी शशांक सिन्हा, जिला पंचायती राज पदाधिकारी अनुराधा कुमारी, नगर पर्षद कार्यपालक पदाधिकारी देवेंद्र कुमार, जिला मत्स्य पदाधिकारी कमरूज्जमां, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी शिव कुमार राम, सहायक जिला खनन पदाधिकारी भोला हरिजन, आपदा प्रबंधन पदाधिकारी विभाकर कुमार, सभी संबंधित कार्यपालक अभियंता, सभी प्रखण्ड विकास पदाधिकारी व अंचल अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण के प्रतिनिधि समेत हिंडाल्को प्रबंधन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
हजारीबाग। एल एंड टी कंपनी के मैनेजर सत्येन्द्र कुमार सिंह की हत्या मामले में मुख्य आरोपी शिवाजी को हजारीबाग पुलिस की एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार कर लिये जाने की सूचना है। बताया जा रहा है कि शिवाजी को गुप्त स्थान पर रखकर पूछताछ की जा रही है। बता दें कि हजारीबाग में एनटीपीसी की आउटसोर्सिंग कंपनी एल एंड टी में बतौर इक्विपमेंट इंचार्ज के पद पर तैनात सत्येंद्र कुमार सिंह कंपनी की सूमो गाड़ी से केरेडारी स्थित कंपनी की साइट जा रहे थे। इसी दौरान कटकमदाग के पुंदरी मोड़ के पास बाइक सवार दो अपराधियों ने उनकी गाड़ी पर गोलियां बरसानी शुरू कर दी थी। इस दौरान एक गोली सत्येंद्र की पीठ में लगी थी। तत्काल घायल को सदर अस्पताल लाया गया था, जहां चिकित्सकों ने कंपनी इंचार्ज सत्येंद्र को मृत घोषित कर दिया था।
रांची। पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप के दो सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार करने में ओरमांझी पुलिस ने सफलता हासिल की। एसएसपी सुरेंद्र कुमार झा को मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह उपलब्धि मिली है। गिरफ्तार नक्सलियों में आश्रम महतो उर्फ गोप और इम्मानुएल बारला शामिल है। दोनों को पुलिस ने ओरमांझी थाना के सामने पैसा वसूली कर लौटते समय वाहन चेकिंग के समय पकड़ा है। इनलोगों के पास से पुलिस ने 3 लाख रुपये नगद, पीएलएफआई का लेटर पैड, पैसा वसूली की राशिद, टीवीएस स्कूटी और तीन मोबाइल जप्त किया है। छापेमारी टीम में डीएसपी ख्रिस्टफर केरकेट्टा, ओरमांझी इंस्पेक्टर श्याम किशोर महतो, जय प्रकाश दास समेत पुलिस बल मौजूद थे।
नयी दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा संस लिमिटेड और शापूरजी पलोनजी (एसपी) ग्रुप के सायरस मिस्त्री के मामले पर शुक्रवार को अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) फैसले को खारिज करते हुए कहा कि मिस्त्री को टाटा संस को चेयरमैन पद से हटाना कानूनी तौर पर सही ठहराया। कोर्ट ने यह भी कहा कि शेयरों का मामला टाटा और एसपी ग्रुप दोनों मिलकर निपटाएं। चीफ जस्टिस एसए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह फैसला सुनाया, जिसमें जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामासुब्रमण्यम भी शामिल रहे। रतन टाटा ने किया फैसले का स्वागत : सुप्रीम कोर्ट के फैसले की सराहना करते हुए ग्रुप के चेयरमैन रतन टाटा ने आभार जताते हुए ट्वीट किया। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा -यह जीत या हार का मुद्दा नहीं है। मेरी अखंडता और ग्रुप के नैतिक आचरण पर लगातार प्रहार किये गये। टाटा सन्स की सभी अपीलों को सही ठहराने का फैसला ग्रुप के मूल्यों और नैतिकता पर मुहर लगाता है। यह निर्णय उन मूल्यों और नैतिकता का सत्यापन है, जो हमेशा ग्रुप के मार्गदर्शक सिद्धांत रहे हैं। यह हमारी न्यायपालिका द्वारा प्रदर्शित निष्पक्षता और न्याय को दर्शाता है। पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षित रखा था फैसला : कोर्ट ने 17 दिसंबर को इस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रखा था। दरअसल, टाटा संस ने एनसीएलएटी के 18 दिसंबर, 2019 के आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें टाटा संस लिमिटेड के चेयरमैन के रूप में सायरस मिस्त्री की बहाली का आदेश दिया था। इस पर 10 जनवरी 2020 को सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। मिस्त्री, टाटा सन्स के सबसे युवा चेयरमैन थे। मिस्त्री परिवार की टाटा सन्स में 18.4% की हिस्सेदारी है। वो टाटा ट्रस्ट के बाद टाटा संस में दूसरे बड़े शेयर होल्डर्स भी हैं। एनसीएलएटी ने अपने दिसंबर 2019 के फैसले में कहा था कि 24 अक्टूबर 2016 को टाटा संस की बोर्ड बैठक में चेयरपर्सन के पद से साइयस मिस्त्री को हटाना गैर-कानूनी था। साथ ही यह भी निर्देश दिया था कि रतन टाटा को पहले से कोई निर्णय नहीं लेना चाहिए, जिसमें टाटा संस के बोर्ड आॅफ डायरेक्टर्स के बहुमत के फैसले या एजीएम में बहुमत की आवश्यकता होती है। मिस्त्री को 4 साल में ही चेयरमैन पद से हटाया गया : सायरस मिस्त्री ने दिसंबर 2012 में टाटा संस के प्रेसिडेंट का संभाला था और 24 अक्टूबर 2016 को कंपनी के बोर्ड आॅफ डारेक्टर्स के बहुमत से पद से हटा दिया गया। इसके बाद 6 फरवरी 2017 को बुलाई गई एक बोर्ड बैठक में शेयरहोल्डर्स ने मिस्त्री को टाटा संस के बोर्ड से हटाने के लिए वोट किया। तब एन चंद्रशेखरन ने टाटा संस के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला। मामले को लेकर दो शापूरजी पल्लोनजी कंपनियों ने मिस्त्री को हटाने और अल्पसंख्यक शेयरधारकों के उत्पीड़न और कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल का रुख किया। ये दोनों कंपनियां टाटा संस में शेयरहोल्डर्स हैं। हालांकि जुलाई 2018 में एनसीएलएटी ने उस याचिका को खारिज कर दिया जिसके खिलाफ पल्लोनजी कंपनियों ने अपील दायर की थी।
पलामू। राजीव गांधी पंचायती राज संगठन दो दिवसीय कार्यशाला सर्वोदय संकल्प शिविर बेतला में शुक्रवार को संपन्न हुआ। कार्यशाला में आजादी की लड़ाई के मूल्यों, संविधान निर्माण की प्रक्रिया पंचायती राज, स्वराज और सर्वोदय की अवधारणा पर चर्चा हुई। यह जानकारी राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश प्रवक्ता एफ एन निलेश ने दी। मौके पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्षा सुश्री मीनाक्षी नटराजन ने बताया कि आजादी की लड़ाई केवल अंग्रेजों से सत्ता छिनना नहीं था बल्कि शोषणमुक्त समाज का निर्माण करना था। शोषण मुक्त समाज की चर्चा करते हुए उन्होंने सर्वोदय की अवधारणा की चर्चा की और सर्वोदय की व्याख्या करते हुए बताया कि सर्वोदय का अर्थ सभी का उदय है। समाज के सभी वर्गों के विकास के लिए कार्य करना है। विकास की गति में समाज का कोई वर्क छूट न जाए इसके लिए प्रयास करना है। उन्होंने संविधान पर चर्चा करते हुए बताया कि हमारा संविधान सर्वोदय के मूल्यों को समाहित करते हुए निर्माण किया गया था। सुश्री नटराजन ने बताया हमारे संविधान निर्माताओं ने दलगत भावना से ऊपर उठकर के कई महत्वपूर्ण लोगों को संविधान में सभा में लाये थे। उन्होंने आगे बताया कि समाज के सभी वर्गों का प्रतिनिधित्व हो सके इसी भावना के तहत संविधान सभा में उन विशिष्ट लोगो को शामिल किया गया था। यही भावना सर्वोदय की भावना हैं। सर्वोदय की भावना को कमजोर करने करने वाली शक्तियों की चर्चा करते हुए बताया कि उसे किसी भी रूप में सफल नहीं होने देना है और राष्ट्र का निर्माण में सर्वोदय की भावना से ही करना है। मौके पर राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के प्रदेश संयोजक जय शंकर पाठक ने बताया कि हमारा संविधान सर्वोदय की भावना से निर्मित हुआ और राष्ट्र के विकास भी सर्वोदय के अनुरूप करने का निश्चय किया गया था। मौके पर लातेहार एवं गुमला जिला के जोनल संयोजक अजित पाल कुजूर, लोहरदगा के संयोजक संदीप कुमार, पलामू प्रमंडल के तीनोें जिलों के मुखिया, प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य वर्तमान एवं पूर्व शामिल थे। कार्यशाला में भाग लेनेवाले सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया। शुरुआत में वैसे ही विकास किया भी गया। वन अधिकार कानून, पंचायती राज, पेशा कानून शिक्षा का अधिकार, सूचना का अधिकार कानून इसी भावना के तहत बनाये गए। लेकिन अभी विकास की अवधारणा के नए मापदंड बनाये जा रहे है, जो सर्वोदय के अनुरूप नहीं है। इसे कमजोर वर्गों को काफी नुकसान हो रहा है और उन्हें विकास से वंचित रखा जा रहा है। मौके पर झारखंड प्रदेश के प्रभारी रोशन रायकवाढ़ ने पंचायती राज राज्य के विभिन्न पहलुओ अच्छी तरह से समझाया और पांचवी और छठी अनुसूची पर भी चर्चा की। छोटा नागपुर एवं पलामू प्रमंडल के संयोजक मो कैसर इकबाल खान ने बताया राजीव गांधी पंचायती राज संगठन को विस्तार कर पंचायतों को मजबूत करना है और प्रशिक्षण देकर के पंचायत प्रतिनिधियों को सशक्त बनाना। कार्यक्रम में पलामू कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिट्टू पाठक, गढ़वा जिलाध्यक्ष अरबिंद तूफानी, मनिका विधायक रामचंद्र सिंह, पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी और पूर्व विधायक बिट्टू सिंह ने भी बोधित किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान नाम से हुई उसके बाद सभी लोगों ने महात्मा गांधी के चित्रों पर माल्यार्पण किया। इस दो दिवसीय सर्वोदय संकल्प शिविर का आयोजन राजीव गांधी पंचायतीराज संघठन के पलामू प्रमंडल पलामू जिला के संयोजक अमुक प्रियदर्शी, गरवा जिला संयोजक सतनारायण यादव एवं लातेहार जिला की संयोजिका रेनू तिग्गा ने की थी।
हजारीबाग। प्रकृति की मनोरम वादियों से आच्छादित हजारीबाग के मुफस्सिल थाना अतंर्गत बहोरनपूर क्षेत्र में पर्यटन के विकास की असीम संभावनाएं हैं। जल, जंगल एवं पहाड़ से आच्छादित यहां की वादियां लोगों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। यहां मौजूद कई पुरातात्विक अवशेष लोगों के जानकारी और निरंतर खोज का विषय बन सकते हैं। इसे देखते हुए अगर इसे पर्यटक स्थल के रूप में घोषित कर दिया जाए तो यहां के विकास को पंख लग सकते हैं। पर्यटक स्थल घोषित करने से एक ओर जहां राज्य सरकार को राजस्व मिलेगा तो वहीं स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। जब से यहां के पहाड़ियों की शृंखला में भगवान बुद्ध की मूर्तियां व मठ मिले है लोगों की जिज्ञासा काफी बढ गयी है। दो मूर्तियों के चोरी होने और फिर 72 घंटे में रिकवरी की खबर अखबार और न्यूज चैनलों के हेडलाइन बने रहे। जिसके कारण इस क्षेत्र को लोग जानने लगे हैं। हजारीबाग सांसद सह अध्यक्ष वित्त संबंधी संसदीय स्थायी समिति जयंत सिन्हा ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग को मिले 1000 साल पुराने बौद्ध मठ से 2 मूर्तियों के चोरी हो जाने की घटना पर पुरातत्व विभाग की महानिदेशक वी. विद्यावती से बात की। वी. विद्यावती ने इस क्षेत्र की सुरक्षा व विकास के लिये हर सहायता उप्लब्ध करवाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे यहां सुरक्षा व अन्य आवश्यकताओं के प्रबंध समेत विशेषज्ञों की नियुक्ति करेंगी। साथ ही इसके संरक्षण हेतु यहां पर एक संग्रहालय की स्थापना पर भी विचार किया जाएगा। इधर, हजारीबाग की खोज को देश- विदेश के बुद्धिस्ट सर्किट तक पहुंचाने के आग्रह के साथ सदर विधायक बौद्ध भिक्षुओं से मिले। विधायक श्री जायसवाल ने बौद्ध भिक्षुओं से हजारीबाग की खोज का व्यापक स्तर पर बौद्ध सर्किट में देश-विदेश स्तर पर प्रचार प्रसार करने का आग्रह किया ताकि भविष्य में इस स्थल की महत्ता बढ़ सके और यह क्षेत्र धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित हो। भिक्षुओं ने विधायक श्री जायसवाल के आग्रह को सहर्ष स्वीकार कर कहा आप क्षेत्र के जिम्मेवार और सजग जनप्रतिनिधि हैं आपकी भावना का हम कद्र करते हैं और वचन देते हैं की जल्द ही यह बौद्ध बिहार के रूप में विकसित होगा और देश विदेश के बौद्ध भिक्षु यहां आएंगे। हम यहां दीपक लगाकर पूजन- वंदन शुरू करेंगे।
गुमला। राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू के 31 मार्च को गुमला जिले के संभावित दौरा के मद्देनजर उपायुक्त गुमला शिशिर कुमार सिन्हा, उप विकास आयुक्त संजय बिहारी अंबष्ठ ने आज रायडीह प्रखंडांतर्गत माझाटोली में प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। 31 मार्च को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू द्वारा गुमला जिला के रायडीह प्रखंडांतर्गत माझाटोली में सेवानिवृत सैनिकों के लिए बने ओल्ड एज होम के उद्घाटन का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस संबंध में बाणप्रस्थ आश्रम के महासचिव अनिरूद्ध सिंह ने बताया कि पर्यटन विभाग द्वारा बनाए गए पर्यटन भवन को पूर्व सैनिकों के लिए वृद्धाश्रम संचालन हेतु झारखंड सरकार द्वारा हस्तांतरित किया गया है। जिसका उदघाटन 31 मार्च को राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू द्वारा संभावित है। इस अवसर पर राज्यपाल द्वारा जीवन में सफलता प्राप्त करने वाली चार महिलाओं को सम्मानित किया जाएगा। इसके साथ ही राज्यपाल कौशल विकास केंद्र का निरीक्षण कर केंद्र की सफल छात्राओं को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करेंगी। उपायुक्त ने निरीक्षण के दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी रायडीह मिथिलेश कुमार को भूतपूर्व सैनिक कल्याण संगठन के प्रतिनिधियों एवं प्रशिक्षण केंद्र के प्रतिनिधियों के साथ आपसी समन्वय बनाकर 31 मार्च के प्रस्तावित कार्यक्रम की तैयारियों की निर्देश दिया। इस अवसर पर उपायुक्त, उप विकास आयुक्त के साथ भूतपूर्व सैनिक कल्याण संगठन के महासचिव अनिरूद्ध सिंह भी उपस्थित थे।
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