झारखंड

View All
Published / 2021-06-07 14:32:41
लक्ष्य पूरा करना है तो व्यवस्था देना होगा : रामटहल चौधरी

ओरमांझी। प्रखंड क्षेत्र के ग्रामीण वैक्सीनेशन सेंटर पर वैक्सीन लगवाने पहुंच रहे हैं। लेकिन व्यवस्था की कमी के कारण कई ग्रामीणों को वैक्सीनेशन लिए बिना लौटना पड़ रहा है। सिर्फ जागरूकता से कोरोना वैक्सीनेशन की लक्ष्य पूरा नही को हो सकती है। इसके लिए उचित व्यवस्था भी उपलब्ध कराना होगा। एक ओर वैक्सीनेशन लगाने व जागरूकता के लिए एनाउंस कर बुलवाया जाता है। दूसरी ओर जब लोग पहुंचते हैं, तो उन्हे वैक्सीन नही मिलता है। कभी वैक्सीन की कमी तो कभी नेट फेल की समस्या, कभी वैक्सीनेशन कर्मी ही नही पहुंचते। इस लेकर क्षेत्र की जनता में व्यवस्था के प्रति निराशा है। ओरमांझी के पूर्व मुखिया दीपक बड़ाईक ने बताया ओरमांझी पंचायत सचिवालय में वैक्सीनेशन के लिए आने वाले लोगों को पिछले दो दिन से बिना वैक्सीन लिए ही लौटना पड़ रहा है। वहीं चकला मुखिया बीना देवी ने कहा ग्रामीण क्षेत्र के कई लोगों के पास न स्मार्ट मोबाईल है और न ही गांव में नेटवर्क है। स्लॉट बूकिंग की समस्या के कारण भी ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का वैक्सीनेषन नही हो पा रहा है। वहीं वैक्सीनेशन टीम के लोगों का कहना है जो लोग स्लॉट बूकिंग कराते हैं। कई वैसे लोग भी नही पहुंचते है। जनाता को हो रही असुविधा की शिकायत मिलने पर पूर्व सांसद रामटहल चौधरी व उपप्रमुख जयगोविंद उर्फ लालू साहू ने बीडीओ कुमार अभिनव स्वरूप से प्रखंड के ओरमांझी, चकला, कुच्चू व एसएस हाई स्कूल में प्रत्येक दिन वैक्सीनेशन लगाने की व्यवस्था करने व हो रही समस्या को दूर करने को कहा। बीडीओ ने भी जल्द समस्या का समाधान करने व बताए स्थान में प्रत्येक दिन व प्रत्येक पंचायत में भी वैक्सीन कैंप लगवा टिकाकरण में तेजी लाने की का आश्वासन दिया है। मौके पर विधायक प्रतिनिधि प्रेमनाथ मुंडा व तुलसी खरवार भी उपस्थित थे।

Published / 2021-06-07 14:31:52
रांची : ओरमांझी के किसानों को मिलेगा अनुदानित दर पर धान का बीज

ओरमांझी। प्रखंड के किसानों के लिए 10 हैक्टर धान बीज पहुंचा है। यह धान सभी किसान को 50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेगें। इसके प्रचार प्रशार के लिए सोमवार को प्रखंड मुख्यालय से एक कृषि जागरूकता रथ रवाना किया गया। झारखंड सरकार के कृषि पशुपालन एंव सहकारिता विभाग के कृषि जागरूकता रथ को प्रमुख बुधराम बेदिया व विधायक प्रतिनिधि प्रेमनाथ मुंडा ने हरी झंडी दिखा विदा किया गया । मौके पर उपस्थित बीडीओ कुमार अभिनव स्वरूप ने कई लाभुक किसानों को अनुदानित दर पर धान बीज दिया और कहा प्रखंड मुख्यालय से रवाना हुई कृषि जागरूकता रथ प्रखंड के सभी पंचायत के गांव-गांव में जाकर किसानों को सरकारी योजनाओें की जानकरी देगी। वहीं बीटीएम मुनी कुजूर ने बताया कि ओरमांझी प्रखंड के किसान अनुदानित दर पर धान बीज प्राप्त कर सके इसके लिए कृषि जागरूकता रथ में आवेदन जमा करने की सुविधा है। आवेदन भरने वालों को मौके पर ही फार्म भरा जाएगा। जिसे लेकर किसान लैंप्स व फैक्स में आकर धान प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावे धान प्राप्ती के लिए बीटीएम, एटीएम, जनसेवक को भी किसान आवेदन कर सकते हैं। वहीं सीओ विजय केरकेट्टा ने अपील की है कि बारिश से नुकसान होने व अन्य अपदा का मुआवजा के लिए पीड़ित अंचल कार्यालय में आवेदन दें, सभी को मुआवजा दिया जाएगा। मौके पर जेएसएलपीएस प्रखंड समन्वयक मुकेश सिन्हा, कृशक संघ के अध्यक्ष भानु प्रताप, रामचंद्र महतो, रूपेश कुमार महतो, करमु बैठा, जगेश्वर महतो, पूजा कुमारी, सीता देवी सहित प्रखंड कर्मी व कई किसान उपस्थित थे।

Published / 2021-06-06 18:06:31
अस्पताल के नाम पर नहीं हुई है कोई उगाही : प्रेस क्लब

एबीएन डेस्क, रांची। रांची का प्रेस क्लब इन दिनों सुर्खियों में है। जिसपर कभी वसूली तो कभी अय्यासी का अड्डा होने का आरोप भी लगाया जा रहा है। हालांकि एबीएन न्यूज़ 24 की टीम ने जब इस बवाल का सच जानने की कोशिश की तो माजरा कुछ और निकला। प्रेस क्लब की कमेटी के एक सदस्य ने बताया कि द रांची प्रेस क्लब एक हजार पत्रकारों की संस्था है। प्रेस क्लब के अस्पताल संचालक, पैसे की उगाही जैसी खबरें गांडीव अखबार में प्रकाशित हुई हैं। गांडीव ने 4 जून के अंक में प्रेस क्लब में चल रहे अस्पताल के इंतजाम व वसूली की खबर प्रकाशित की। बताया गया कि अस्पताल में वैंटिलेटर या आईसीयू जैसी सुविधाएं नहीं हैं। यहां स्पष्ट करना चाहूंगा कि अप्रैल महीनें में अस्पतालों में बेड, आक्सीजन की कमी थी। ऑक्सीजन वाले बेड नहीं मिलने से कई लोग मरे। दूसरी लहर में मरने वालों में 30 पत्रकार थे।ऐसे में क्लब के सदस्यों का भारी दबाव था कि प्रेस क्लब में कोविड सेंटर खोला गया। सरकार से पत्राचार के बाद क्लब को पत्रकारों के लिए सुविधाएं नहीं मिली। ऐसे में एनजीओ मिशन ब्लू फाउंडेशन इस दिशा में सामने आया। पत्रकार व उनके परिजनों को बेड की कमी के कारण जान न गवानी पड़े व हेल्थ सपोर्ट सिस्टम के तौर पर हम काम करें, इसके लिए 40 ऑक्सीजन युक्त बेड तैयार किया गया। 11 मई को क्लब के सदस्य सुनील सिंह की मौत के बावजूद विषम परिस्थितयों में 12 मई को अस्पताल खोला गया। 4 जून की खबर में जिक्र था कि अस्पताल में कोई मरीज नहीं था, जाहिर है जब रिम्स और सदर जैसे अस्पतालों में मरीज नहीं जा रहे, कोविड की लहर कमजोर पड़ चुकी है तब प्रेस क्लब में भला मरीज कैसे रहते। क्या संपादक जी चाहते हैं कि पत्रकार साथी बीमार रहते और अस्पताल में पड़े रहते। वसूली पर अखबार से मांगा गया जबाव, लेकिन जवाब नहीं : गांडीव ने खबर प्रकाशित की है कि प्रेस क्लब अस्पताल के नाम पर वसूली हो रही है। लेकिन अबतक एक ऐसा शख्स नहीं आया, जिसने ये कहा हो कि प्रेस क्लब को किसी ने पैसे दिए या प्रेस क्लब के अस्पताल के नाम पर किसी से ठगी की गई हो। आम लोगों पाठकों और पत्रकारों से ही अपील है कि अगर उन्हें कोई व्यक्ति या संस्था मिले जिससे क्लब ने उगाही की हो, तो उसकी जानकारी क्लब के अध्यक्ष या सचिव जरूर दें। अखबार से भी प्रेस क्लब ने ये जानकारी मांगी थी, लेकिन वसूली के संबंध में अखबार ने कोई तथ्य उपलब्ध नहीं कराया। अखबार के संपादक ने पंकज सोनी के एकाउंट में एक संस्था के द्वारा पैसे डालने संबंधी एक मैसेज उपलब्ध कराया है, जाहिर है एनजीओ ने चेक के जरिए पैसे लिए हैं, लेकिन प्रेस क्लब को वसूली संबंधी साक्ष्य चाहिए जो अखबार या उसके संपादक मुहैया नहीं करा रहे। अब बात कमरे में रासलीला के प्रचार की : प्रेस क्लब के द्वारा 3 कमरे डाक्टरों व मेडिकल स्टाफ के इस्तेमाल के लिए दिए गए थे। अस्पताल के एमडी व उनके साथ की स्टाफ एक कमरे में थे। क्लब के कैंटीन संचालक कृष्ण गोपाल तिवारी ने इसकी सूचना क्लब के कैंटीन ग्रुप में दी थी। इस सूचना पर क्लब के कोषाध्यक्ष जयशंकर मौके पर पहुंचे।लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्होंने कुछ आपत्तिजनक नहीं पाया, इसकी सूचना भी उन्होंने कमेटी के ग्रुप में दी। ये प्रोपोगेंडा क्यों : प्रेस क्लब की दूसरी कमेटी मे कई युवा साथी है, कोविड में संक्रमित होने के बाद भी साथियों ने पूरे जज्बे से अपनी सक्रियता दिखायी। 30 पत्रकारों की मौत के बाद पत्रकारों को फ्रंट लाइन वारियर घोषित करने को लेकर क्लब आंदोलन कर रहा था। जाहिर है आंदोलन को तोड़ने वाली शक्तियां भी यहां सक्रिय थीं। विभिषण, जयचंद और मीरजाफर हमारे बीच ही हैं। कहां से आए पैसे : कोविड के दूसरे लहर के बाद बेरमो विधायक अनूप सिंह ने मृत पत्रकारों के परिजनों की सहायता के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के जरिए 5 लाख की डीडी सौंपी थी। 1.50 लाख रुपये की मदद असर संस्था ने की थी, वहीं 51 हजार का चेक रांची के समाजसेवी मुनचुन राय ने क्लब को सौंपा था। अगर ये वसूली है तो क्लब ने वसूली की।

Published / 2021-06-05 06:40:34
पत्रकार साथियों के साथ हर वक्त खड़ा है रांची प्रेस क्लब : अखिलेश सिंह

एबीएन डेस्क, रांची। द रांची प्रेस क्लब आपदा के हर अवसर पर पत्रकार साथियों के साथ खड़ा है। 4 जून को एक सांध्य दैनिक में प्रेस क्लब में कोविड अस्पताल चला रहे मिशन ब्लू फाउंडेशन के द्वारा उगाही के संबंध में खबर प्रकाशित हुई है। क्लब ने मिशन ब्लू फाउंडेशन के साथ एग्रीमेंट कर कोविड अस्पताल अस्थायी तौर पर खोला था। मिशन ब्लू फाउंडेशन की गतिविधियों को सांध्य दैनिक में संदिग्ध बताया गया है। फाउंडेशन या उसके संचालक पंकज सोनी ने क्लब के नाम पर कोई फंड लिया है तो यह न सिर्फ अनैतिक है, बल्कि गैरकानूनी भी है। पंकज सोनी ने खबर में प्रेस क्लब पर भी उगाही का आरोप लगाते हुए एक विधायक से पांच लाख, एक ठेकेदार से दो लाख व एक समाजसेवी से पचास हजार देने की बात कही है। पंकज सोनी का यह बयान प्रेस क्लब ही नहीं बल्कि पत्रकार विरादरी का अपमान है। प्रेस क्लब पंकज सोनी के ऐसे किसी भी दावे का खंडन करता है। कोरोना काल में प्रेस क्लब को जो फंड आए है, उसके बारे में सारी चीजें पब्लिक प्लेटफार्म पर है। विधायक जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह ने अपने निजी कोष से पांच लाख रुपये मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को प्रेस क्लब को मृत पत्रकारों के परिवार के सहायतार्थ सौंपने को दिया था। इससे संबंधित डीडी सीएम हाउस ने प्रेस क्लब के सहसचिव जावेद अख्तर और सुनील गुप्ता को सौंपा था। इस फंड को कोरोना काल में मृत पत्रकार साथियों के आश्रितों में बराबर विभाजित कर बांटा जाना है। क्लब के साथ संबंद्ध संस्था असर के द्वारा भी डेढ़ लाख रुपये का चेक पत्रकारों के सहायतार्थ प्रदान किया गया था, वहीं शहर के समाजसेवी मुनचुन राय ने भी 50 हजार की सहायता चेक के जरिए क्लब को दी थी।अस्पताल पर खर्च के लिए 25 हजार की राशि भी न्यूज 11 के अरूप चटर्जी से मिली थी। ये सारी राशि क्लब के कार्पस फंड खाते में जमा है। क्लब ने भी किसी अन्य व्यक्ति या संस्था से कोई राशि नहीं ली। क्लब ने पंकज सोनी के बयान को काफी अमर्यादित व अपमानजनक माना है। क्लब के द्वारा इस मामले में विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।द रांची प्रेस क्लब आपदा के हर अवसर पर पत्रकार साथियों के साथ खड़ा है। उक्त जानकारी द रांची प्रेस क्लब के सचिव अखिलेश सिंह ने एक बयान जारी कर दी है।

Published / 2021-06-03 17:08:56
कोविड-19 पर विश्व संवाद केंद्र झारखंड ने किया राष्ट्रीय वेबिनार

एबीएन डेस्क, रांची। कोरोना वैश्विक महामारी से निपटने हेतु लोगों को अपनी जिम्मेवारी का एहसास कराने को लेकर विश्व संवाद केंद्र, झारखंड एंड आईआरडीए के संयुक्त तत्वावधान में सोशल रिस्पांसिबिलिटी ऑफ़ स्टूडेंट एंड इंफॉर्मेशन प्रोफेशनल इन कोविड-19 पर राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन गूगल मीट पर किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं को सुनने के लिए देश के कई राज्यों से 175 इंफॉर्मेशन प्रोफेशनल एवं विद्यार्थियों ने अपना पंजीकरण करवाया। कार्यक्रम में प्रीति सिंह ने कहा कि इस महामारी में धैर्य से कार्य कर रहे स्वास्थ्यकर्मी हमारे समाज के ढाल हैं, जिनके आड़ में हम कोविड-19 से बचे हुए हैं। हमारे देश का आपदा प्रबंधन बाकी सब देशों की तुलना में कितना बेहतर है और हमारी सरकार और जनता इसके लिए कितना सजग है।बीआईटी मेसरा के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर भास्कर करण ने कहा कि आज इस वैश्विक महामारी में हमारे देश के बहुत से युवाओं ने अपने रोजगार खो दिये हैं। ऐसी परिस्थिति में हमें निराश न होकर नए-नए तकनीक सीखना चाहिए। इंटरनेट की सहायता से बहुत कम खर्च में आप अपनी तकनीकी ज्ञान को बढ़ा सकते हैं और इस परिस्थिति में एक नई तकनीकी क्रांति लाकर नये रोजगार का सृजन कर सकते हैं। इनफार्मेशन सर्विसेस टाटा स्टील के सीनियर मैनेजर प्रेम राज मिश्रा ने कहा कि आज के इस दौर में विद्यार्थी रिमोट लर्निंग शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं और रियल टाइम इंजीनियरिंग चैलेंज को अपनाकर बहुत सारी गुड्स बना रहे हैं। साथ ही उन्हें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपलोड भी कर रहे हैं। इस तरह से इन विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ रहा है और इनका रुझान तकनीकी क्षेत्र में बढ़ रहा है। कांके स्थित सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ साइकियाट्री (सीआइपी) के सीनियर लाइब्रेरियन ने कहा कि समाज में केवल सत्य और वास्तविक सूचनाओं का ही प्रचार-प्रसार हो। किसी भी सूचना की वास्तविकता जाने बगैर किसी भी सोशल मीडिया के प्लेटफार्म पर शेयर न करें। इंटरनेशनल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट शशिभूषण पांडे ने कहा कि हमें कोरोना से लड़ना है और बिना किसी भेदभाव के एक सामाजिक प्राणी के नाते सभी लोगों को मदद करना है। जिन लोगों के पास कोरोना से जुड़ी उपचार और सावधानी बरतने के दिशा निर्देशों का समुचित भंडार हो, उन्हें अवश्य ही दूसरे लोगों के साथ साझा करना चाहिए। इंफॉर्मेशन साइंटिस्ट भारत भूषण ने कहा कि इस कोरोना वैश्विक महामारी में हम लोगों ने अपनों को खोया है। यह समय विलाप करने का नहीं, बल्कि जो बचे हैं उन्हें बचाने के लिए सशक्त होने का है। यह समय एक दूसरे पर दोषारोपण का भी नहीं है, बल्कि मिलजुल कर कोरोना वैश्विक महामारी से निपटने का है। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुप्रिया भारती, रविन कुमार, नीरज कुमार, अब्दुल रजाक, रामेश्वर सिंह, शहजाद कुरेशी, वीरेंद्र नाग, गणेश एवं रवि कंदवे ने सहयोग किया।

Published / 2021-05-31 14:32:41
टीवी नरेंद्रन बने सीआइआइ के राष्ट्रीय अध्यक्ष

जमशेदपुर। टाटा स्टील के एमडी एंड सीइओ टीवी नरेंद्रन को देश के अग्रणी उद्योगों की संस्था भारतीय उद्योग परिसंघ सीआइआइ का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। उनके नाम की घोषणा आज संगठन के एजीएम में की गई। अब तक नरेंद्रन संगठन में वाइस चेयरमैन का पद संभाल रहे थे। नये अध्यक्ष का कार्यकाल 2021-22 होगा। नरेंद्रन ने कोटक महिंद्रा बैंक के चेयरमैन उदय कोटक से पदभार लिया। बता दें कि नरेंद्रन इसके पूर्व सीआइआइ के कई महत्वपूर्ण पदों पर अपनी लीडरशिप क्षमता साबित कर चुके हैं। वे सीआइआइ झारखंड के अध्यक्ष पद से लेकर पूर्वी भारत सीआइआइ के चेयरमैन रह चुके हैं। इसके बाद वे राष्ट्रीय कमेटी में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे थे। नरेंद्रन के बाद बजाज फिनसर्व लिमिटेड के एमडी एंड चेयरमेन संजीव बजाज सीआइआइ के चेयरमैन डेजिनेट होंगे। संजीव यह पद हीरो मोटर कॉर्प के पवन मुंजाल से ग्रहण करेंगे। बता दें कि सीआइआइ के भारत में 10 बड़े शहरों में कार्यालय हैं, जबकि विदेश में आस्ट्रेलिया, इजिप्ट, जर्मनी, इंडोनेशिया, सिंगापुर, अरब, यूके और अमेरिका में भी इसके कार्यालय हैं। सीआइआइ की 133 देशों के साथ 394 साझेदारी है। टीवी नरेंद्रन ने एनआइटी त्रिच्ची से बीटेक करने के बाद आइआइएम कोलकाता से एमबीए की पढ़ाई की है। वर्तमान में वे एक्सएलआरआई के चेयरमैन हैं। वे आइआइएम के राष्ट्रीय पद धारी हैं जबकि वर्ल्ड स्टील ए सोसिएशन के बोर्ड मेंबर हैं। इसके अलावा वे इंडियन स्टील एसोसिएशन के भी चेयरमैन हैं।

Published / 2021-05-31 12:55:09
गढ़वा : पूछताछ के लिए लाये गये युवक की भंडरिया थाना में मौत, बवाल

भंडरिया। भंडरिया थाना क्षेत्र के नौका निवासी पाला मांझी (45) की पुलिस हिरासत में रहस्यमयी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है। परिजनों के अनुसार उन्हें रविवार की सुबह 8:30 बजे एसआइ विपिन कुमार वर्मा एवं चैकीदार जोगेंद्र पासवान थाना में बुलाये जाने की सूचना देकर थाना ले गये थे। इससे पहले कि घर वाले कुछ समझते पुलिसकर्मी 11 बजे दिन उसके शव को लाकर घर में छोड़ दिया। जिससे परिजनों में हाहाकार मच गयी। परिजनों ने बताया कि पाला मांझी सीधे-साधे व्यक्ति थे। मजदूरी करके जीवन यापन करते थे। वे सुबह ही जंगल से वापस लौटे थे और बिल्कुल स्वस्थ थे। दूसरी ओर एसआई श्रवण कुमार का कहना है कि एक पुराने केस में पूछताछ के लिए उसे थाना ले जाया गया था। रास्ते में ही तबीयत खराब हो गई। तब उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भंडरिया ले जाया गया। जहां से बिलकुल स्वस्थ स्थिति में उसे घर पहुंचा दिया गया था। घर में बिलकुल स्वस्थ था। बाद में उसकी मौत कैसे हुई, यह पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा। इस बाबत प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी विजय किशोर रजक ने बताया कि मेरे पास मरीज को बेहोशी की हालत में लाया गया था। जितना संभव हुआ हमने इलाज किया। फिर उसे रेफर कर दिया गया था। उसके बाद क्या हुआ मुझे नहीं मालूम। चिकित्सक उसे मिर्गी का दौरा होने के कारण मौत का अंदेशा भी लगा रहे हैं। जबकि परिजनों एवं आसपास के लोगों का कहना है कि मृतक को पूर्व में कभी भी मिर्गी का दौरा नहीं पड़ा था। साथ ही वह बिल्कुल स्वस्थ था और स्वस्थ स्थिति में ही थाना गया था। पर पुलिसकर्मियों ने यहां पर लाश पहुंचाया है। मृतक की पुत्री सरिता कुमारी ने बताई कि पिता जी बिल्कुल स्वस्थ थे। सुबह 8:00 बजे पुलिसवाले पूछताछ करने की बात कह कर ले गए थे और 10:00 बजे लाकर लाश पहुंचा दिए। इस दौरान कैसे उनकी मौत हुई पता नहीं। उनकी हालत गंभीर है ऐसी सूचना भाइयों को मिली थी, लेकिन घर में लाश ही आया है। भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश केशरी ने कहा कि पूछताछ के लिए जब युवक को ले जाया गया था। कुछ ही देर के बाद युवक का शव घर में पहुंचाना कई प्रकार का संदेह प्रकट करता है। पोस्टमार्टम के बाद ही इस रहस्य से पर्दा उठेगा कि युवक की मौत कैसे हुई। पुलिस प्रशासन के कब्जे में रहने के पश्चात युवक का मौत होना उनकी कार्यशैली पर प्रश्न चिह्न उठाता है। भाजपा गढ़वा पुलिस अधीक्षक, सिविल सर्जन, उपायुक्त एवं झारखंड सरकार से निष्पक्ष जांच करते हुए उचित कार्रवाई करने की मांग करती है। अन्यथा स्थानीय ग्रामीण मृतक के परिजन एवं भाजपा के कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे। सरकार से उचित मुआवजा एवं परिवार में एक सदस्य को नौकरी देने की भी मांग की है। घटना की सूचना मिलने के बाद बीडीओ विपिन कुमार भारती भी मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने कहा कि मौत कैसे हुई यह पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगा। बीडीओ ने कहा कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इधर, झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी स्थानीय कार्यकर्ताओं निर्मल ठाकुर, छोटन टोप्पो, मजरूल इस्लाम, राजू घांसी, सत्येंद्र गोस्वामी के साथ मृतक के घर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए घटना की जानकारी ली। साथ ही तत्काल पांच हजार रुपये नगद और एक क्विंटल चावल परिजनों को दिया।

Published / 2021-05-31 11:53:13
गुमला : आम तोड़ने पेड़ से गिरकर किशोर की मौत

गुमला। जिला मुख्यालय से सटे करौंदी निवासी विश्वनाथ उरांव के 14 वर्षीय पुत्र मनीष उरांव की आम तोड़ने का क्रम में पेड़ से गिरकर मौत हो गई। घटना सोमवार दिन के करीब 12:00 बजे की है। जानकारी के अनुसार मनीष अपने चचेरे भाई पितांबर के साथ शहर की ओर गया था। इसी क्रम में जसपुर रोड स्थित आराधना स्टुडियो के संचालक मुकेश श्रीवास्तव के घर पहुंचा और आम खाने की इच्छा जताई इसपर मुकेश ने कहा कि तोड़ लो मगर पेड़ के ऊपर मत चढ़ना। इसके बाद मुकेश घर के अंदर चला गया। इसी क्रम में मनीष पेड़ पर चढ़कर आम तोड़ने लगा। उतरने के क्रम में अचानक पैर फिसल गया और वह जमीन पर नीचे आ गिरा। सर पर गंभीर चोट लगने के कारण वह बेहोश हो गया। किशोर को घायल अवस्था में तत्काल इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। लेकिन जांच उपरांत चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया किशोर की मौत की सूचना के बाद करौंदी गांव में मातम छा गया। पीड़ित की मदद करते हुए मुकेश श्रीवास्तव के द्वारा इलाज के लिए 5000 की आर्थिक मदद की गई। घटना के बाद से मृतक की मां सावित्री देवी का रो रो कर बुरा हाल है मृतक ग्लोबल डिकवरी स्कूल के छठवीं कक्षा का छात्र था स्कूल बंद होने के कारण छोटे-मोटे काम की तलाश में वह गुमला आया करता था।

Page 1540 of 1563

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse