गढ़वा। भवनाथपुर विधायक भानु प्रताप शाही ने कहा है कि झारखंड सरकार गढ़वा की जनता के साथ नाइंसाफी कर रही है। अपने अहम की पूर्ति के लिए गढ़वावासियों को बिजली संकट का सामना करा रही है। विधायक ने जिले में बढ़ी बिजली संकट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उक्त बातें कही। विधायक ने कहा कि गढ़वा जिला बिजली संकट से जूझ रहा है। खास कर ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति काफी बदतर है। अब सवाल यह उठता है कि गढ़वा में ये संकट क्यों हुआ। भानु ने कहा कि पिछले साल भगोडिह ग्रिड का उद्घाटन हुआ था। काफी नाटक कर चार बार डेट रखने के बाद श्रेय लेने के लिए इसका उद्घाटन किया गया। उस समय सारे फीडर चालू नहीं हुए थे। आनन फानन में उद्घाटन कर 24 घंटे बिजली देने की घोषणा की गई। अब इस ग्रिड का सारा फीडर एक महीना पहले ही चार्ज हो चुका है। फिर से उद्घाटन के नाम पर बिजली रोक कर रखा गया है। साहब को समय नहीं मिल रहा है इसलिए जनता परेशान हो रही है। जब भगोडिह ग्रिड के सभी काम पूरे हो गये तो बिजली सप्लाई क्यों नहीं हो रही? अगर तार जोड़ने का भी उद्घाटन करना है तो क्या मुख्यमंत्री या मंत्री के पास समय नहीं है या गढ़वा जिला की जनता को तड़पा कर एहसास दिलाना चाहते हैं कि ग्रिड हमने बनाया है। भानु ने कहा कि कुछ भी करो पर जनता को मत मारो। रोज फीता काटो बल्कि एक मंत्री का पोस्टिंग वहीं कर दो रोज सुबह सुबह फीता काटे। सब श्रेय ले लो पर जनता को तो परेशान मत करो।
देवघर। सोमवार को साइबर थाना में आयोजित एक प्रेस वार्ता में देवघर के डीएसपी मुख्यालय मंगल सिंह जामुदा एवं साइबर डीएसपी नेहा बाला ने संयुक्त रूप से बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर 19 जुलाई को जिले के सारठ थाना क्षेत्र के ग्राम-पिंडारी, तेतरिया, बोचवान, पथरौल थाना के ग्राम-कुसाहा, पथरौल बाजार तथा मधुपुर थाना क्षेत्र के ग्राम- पसीया में छापामारी कर कुल 14 (चौदह) साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। बताया गया है कि गिरफ्तार साइबर अपराधियों के पास से पुलिस ने 23 मोबाइल, 28 सीम और पांच एटीएम कार्ड बरामद किया है।
गुमला। मात्र 25 सौ रुपये के विवाद में नबीर खान को मार डाला। नबीर की हत्या पत्थर से कूचकर कर दी गई। नबीर ने विमल एक्का से 25 सौ रुपये उधार लिया था। जो आर्थिक तंगी के कारण नहीं चुका पा रहा था। रविवार की शाम को पैसे को लेकर नबीर के साथ विमल और ज्ञान का झगड़ा हुआ था। आरोप है कि रात 11 बजे विमल और ज्ञान ने एक अन्य के साथ मिलकर पत्थर से कूचकर नबीर को मार डाला। घटना की सूचना जैसे ही ग्रामीणों को मिली। पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के बयान के आधार पर पुलिस ने विमल एक्का और ज्ञान एक्का को गिरफ्तार कर लिया है। घटना गुमला जिले के चैनपुर थाना क्षेत्र के जमगाई गांव की है। मृतक के बड़े भाई मेराजुल खान ने चैनपुर थाने में विमल एक्का एवं ज्ञान एक्का के खिलाफ प्राथमिक दर्ज करायी है।
धनबाद। जिला के सभी ओपी और 55 थाना के मुंशी को लाइन क्लोज कर दिया गया है। SSP संजीव कुमार के आदेश पर जिले के सभी 50 थानों और ओपी में पदस्थापित मुंशी को 24 घंटे के अंदर लाइन क्लोज करने का आदेश दिया है। जिसमें SSP संजीव कुमार ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के द्वारा पूर्व में ही थानों में या OP में SI रैंक का मुंशी पदस्थापित करने का आदेश था, जो लंबित था। जिसे 24 घंटे के अंदर पदस्थापित सभी मुंशी को लाइन हाजिर होने का निर्देश दिया गया है। बताया गया कि थानों में साक्षर मुंशी पदस्थापित करने को लेकर यह कदम उठाया गया है। पहले साक्षर मुंशी नहीं थे, वे सशस्त्र बल के जवान थे। जिससे केश डायरी में समस्या आती थी। अब साक्षर मुंशी पदस्थापित करने को लेकर यह कदम उठाया गया है। SI रैंक के पुलिस अधिकारी नियुक्त होने से सही पुलिसिंग होगी। सही केस डायरी बनेगी। फिलहाल थानों में या ओपी में SI रैंक के मुंशी को पदस्थापित नहीं किया गया है। जिससे फिलहाल जिले में सभी थाने और ओपी मुंशी विहीन हो गया है। इन साक्षर पुलिस कर्मियों में रामानंद यादव, नीलकंठ बावरी, उपेंद्र राम, मनजीत कुमार पासवान, राणा कुमार, राजेश महतो, लालचंद्र राम, राजीव कुमार चौबे, सुनील महतो, अमरेंद्र कुमार सिंह, प्रकाश सिंह, दुर्गा देवी, सृष्टिधर महतो, अजय बैठा, जयप्रकाश साहू, कालेश्वर उरांव, उपेंद्र कुमार, पंकज कुमार तिवारी, सरताज खान, धर्मेंद्र राम, प्रदीप कुमार मंडल, विष्णु शाह, शैलेंद्र कुमार राम, उपेंद्र यादव, प्रेमचंद्र कुमार, उदय राम, संतोष कुमार तिवारी, मनोज कुमार सिंह, देव नारायण यादव, दीनानाथ ओझा, दयाराम, अरुण बैठा, विजय दास, नरेश यादव, मनोज कुमार पासवान, सूर्य भानु प्रताप सिंह, नरेंद्र कुमार तिवारी, यशवंत कुमार सिंह, आलम शेख, धीरेंद्र कुमार राम, राम जयपाल यादव, विनय पासवान, संजय कुमार सिंह, सरवन राम, रविंद्र पासवान, संजय कुमार, प्रमोद कुमार, दीपक कुमार और रोहित कुमार शामिल है।
सिमडेगा। पुलिस ने 77 किलो गांजा को पकड़ा। गांजा एक स्विफ्ट डिजायर कार के अंदर से मिला। वहीं नशे के सौदागर गाड़ी छोड़कर भाग निकले। बरामद गांजा की कीमत 38 लाख रुपये बतायी गई। गांजा को 15 पैकेट में सील कर कार में रखा गया था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक कार में गांजा की बड़ी खेप आने वाली है। सूचना को पुलिस ने गंभीरता से लिया और वाहन चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस को देखते ही तस्कर भागने लगे। पुलिस ने उसका पीछा किया, पर अंधेरे का फायदा उठाकर कार सवार तस्कर कार छोड़कर भाग निकले। यह जानकारी एसपी डॉ शम्स तब्रेज ने दी।
चाईबासा। मुठभेड़ में PLFI का हार्डकोर उग्रवादी शनिचर सूरीन मारा गया। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एक आलाधिकारी ने इतना संकेत जरूर दिया कि सूचना में दम है। इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है। शनिचर सूरीन पर झारखंड पुलिस ने 10 लाख का इनाम रखा है। वह पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप का खास माना जात है। वह गुमला जिले के कामडारा प्रखंड के सरिता बड़काटोली गांव का रहने वाला है। उसपर खूंटी, चाईबासा, सिमडेगा और गुमला में दर्जनों मामला दर्ज है। शुक्रवार की शाम खूंटी जिला पुलिस और चाईबासा पुलिस की टीम ने रनिया थाना और गुदड़ी थाना के सीमावर्ती क्षेत्रों में एरिया डोमिनेशन के लिए अभियान चलाया था। अभियान के दौरान खूंटी और चाईबासा के सीमावर्ती क्षेत्र में मुठभेड़ हुई थी। गुदड़ी थाना क्षेत्र के बड़ाकेशल गांव के जंगल में पीएलएफआई उग्रवादियों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी थी। पुलिस टीम ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी फायरिंग की। दोनों ओर से काफी देर तक गोलीबारी हुई। पुलिस को भारी पड़ता देख उग्रवादी जंगल का लाभ उठाकर भाग निकले। मुठभेड़ के बाद से ही टीम इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रही है।
रांची। गुमला जिला के घोर नक्सल प्रभावित कुरुमगढ़ थाना क्षेत्र में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन भाकपा माओवादी के रीजनल कमेटी मेंबर एवं सेक्रेटरी कोयल संघ जोन दुर्दांत बुद्धेश्वर उरांव की मुठभेड़ में मौत हो गई। मुठभेड़ में मारा गया बुद्धेश्वर उरांव पर 103 मामले दर्ज हैं। जिसमें हत्या, डकैती, लूट, रंगदारी, आगजनी, पुलिस पार्टी पर हमला एवं अन्य नक्सल घटनाओं से संबंधित मामले हैं। दुर्दांत बुद्धेश्वर उरांव के मुठभेड़ में मारे जाने की सूचना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में खुशी है। आज सुबह झारखंड पुलिस व सीआरपीएफ की संयुक्त कार्रवाई में पुलिस को सफलता मिली है। दुर्दांत बुद्धेश्वर उरांव के मुठभेड़ में मारे जाने को झारखंड पुलिस व सीआरपीएफ बड़ी उपलब्धि मान रही है। पुलिस के साथ मुठभेड़ में मारा गया दुर्दांत नक्सली बुद्धेश्वर उराव के दस्ते द्वारा सुरक्षा बलों एवं ग्रामीणों को क्षति पहुंचाने के उद्देश्य जंगल व पहाड़ी क्षेत्रों में आईडी लगाया जाता रहा है। हाल के दिनों में आईडी की चपेट में आने से अब तक कुल 5 ग्रामीण मारे गए हैं। जबकि, 14 गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हालांकि आईडी ब्लास्ट में कई जवान व श्वान "द्रोणा" भी शहीद हुए है।
रांची। भारतीय जनता पार्टी के विधायक दल के नेता व पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को चिट्ठी लिखकर राज्य सरकार और राज्य के प्रशाशनिक पदाधिकारियों पर पक्षपात केंद्र सरकार की योजनाओं को अवरुद्ध करने का आरोप लगाया है। उन्होंने पत्र के माध्यम से कहा कि ऐसा महसूस किया जा रहा है कि अपने राज्य में केन्द्र सरकार से प्राप्त लोक कल्याणकारी एवं जनोपयोगी योजनाओं के निर्माण एवं उन्हें ससमय कार्यान्वित कराने के मामले में राज्य सरकार के कुछ अधिकारी या तो शिथिलता बरतते हैं या उन्हें जानबूझकर अज्ञात कारणों से लटकाये रखना चाहते हैं। देवघर में बन रहा एम्स और एयरपोर्ट ऐसी ही योजनाओं में शामिल है जिन्हें वहां प्रशासनिक दावपेंच में फंसा कर ससमय चालू न होने देने के प्रयास की बात सामने आ रही है। देवघर में एम्स और एयरपोर्ट ऐसी अतिमहत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना है, जिनके चालू होने से न सिर्फ झारखंड बल्कि सीमावर्ती बिहार बंगाल के बड़ी आबादी को भी इसका लाभ मिलेगा साथ ही देवघर और झारखड का – नाम देश और दुनिया के पटल पर आयेगा और झारखंड को एक नई पहचान मिलेंगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी, जनकल्याणकारी योजना लोगों के कल्याण के लिए होता है। राजनैतिक नफा नुकसान की गरज से ऐसे जनोपयोगी योजनाओं को लटकाने का प्रयास न तो हमसबों के हित में हैं और न ही राज्य और राज्य के जनता के हित में हैं। देवघर में बन रहे एम्स के उद्घाटन टालने के लिए कोविड गाइड लाइन की आड़ में प्रशासनिक अड़ंगेबाजी एवं राजनैतिक कारणों से ऐसा व्यवधान उत्पन्न किया गया कि एम्स औपचारिक रूप से शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने कहा कि अब पता चल रहा है कि देवघर मधुपुर पीडब्ल्यूडी पथ से निर्माणाधीन देवघर – एयरपोर्ट तक पहुंच पथ के लिये महज 320 मीटर लम्बी भूमि जिसकी अनुमानित कीमत 11 लाख रूपये होगी, के अधिग्रहण मामले में सुस्ती बरती जा रही है। आपको सत्ता में आए हुए 18 महीने हो गये हैं। यदि आप 18 महीने में इतनी छोटे जगीन के टुकड़े का अधिग्रहण नहीं करवा पा रहे हैं तो इसे क्या कहा जाए ? क्या ये नहीं समझा जाएगा कि आप केंद्र सरकार द्वारा प्रदत्त राष्ट्रीय और अन्तर्राष्ट्रीय महत्व के जनकल्याणकारी योजना को जनहित के नजरिये से नहीं बल्कि राजनीतिक चश्में से देख रहे हैं। पहले एम्स और अब एयरपोर्ट चालू कराने के मामले में देवघर प्रशासन के कार्यकलाप से भी यह प्रतीत होता है कि ये कल्याणकारी योजनाओं के प्रति गंभीर न होकर राज्य में सत्तासीन राजनीतिक पार्टी के टूल की तरह काम कर रहे हैं और उनकी प्रतिबद्धता लोक कल्याणकारी कामों में कम एवं राजनैतिक आकाओं को खुश रखने में ज्यादा है। बिहार के दरभंगा और झारखंड के देवघर में एयरपोर्ट एक साथ शुरू होनेवाला था । दरभंगा में एयरपोर्ट महीनों पहले चालू हो चुका है, कई प्रमुख शहरों से हवाई जहाज की सेवा का लाभ वहाँ के लोग उठा रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ हमलोग एप्रोच रोड के लिए कुछ मीटर जमीन अधिग्रहण का रोना रो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से कहा कि आपसे विशेष अनुरोध है कि देवघर एयरपोर्ट एवं एम्स जैसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजना को संज्ञान में लेकर अपने निगरानी में कार्यान्वित कराएँ जिससे कि ससमय एयरपोर्ट एवं एम्स चालू हो सके।
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