झारखंड

View All
Published / 2021-11-09 13:07:19
टाटा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अंत्योदय एक्सप्रेस का दुबारा परिचालन शुरू हो : महेश पोद्दार

रांची। राज्यसभा सांसद श्री महेश पोद्दार ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैभव से 22885/86 टाटा झ्र लोकमान्य तिलक टर्मिनस अंत्योदय एक्सप्रेस को द्विसाप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस में परिवर्तित कर 6 महीने प्रायोगिक तौर पर चलाने का आग्रह किया है। श्री पोद्दार ने रेल मंत्री श्री वैष्णव को इस आशय का एक पत्र भी लिखा है। अपने पत्र में श्री पोद्दार ने कहा है कि 22885/86 टाटा-लोकमान्य तिलक टर्मिनस अंत्योदय एक्सप्रेस को विभिन्न रेलवे जोन मुख्यालय द्वारा विचार-विमर्श के पश्चात जारी शून्य आधारित समय सारणी में निम्न बुकिंग के चलते स्थायी तौर पर निरस्त कर दिया गया है। वर्तमान में अगर इस गाड़ी की संरचना में परिवर्तन कर इसे द्विसाप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस बनाकर इसमें दो द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित, तीन तृतीय श्रेणी वातानुकूलित और 9 शयनयान कोच सहित चार साधारण श्रेणी के डिब्बे संलग्न किये जायें तो यह गाड़ी मुंबई जाने के लिए एक बढ़िया विकल्प बन सकती है। यह ट्रेन टाटानगर के निवासियों एवं झारखण्ड के विभिन्न जिलों के लोगों एवं ओडिसा की जनता के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प बन सकती है,क्योंकि सामान्यत: मुंबई जाने के लिए लोगों को महीनों पहले बुकिंग कराना पड़ता है और इस प्रकार से कई जगहों से लोग टाटा पहुंचकर इस ट्रेन में सफर करते थे। वर्तमान में टाटा से मुंबई जाने के लिए एक भी डेडीकेटेड ट्रेन नहीं होने के कारण यात्रियों को कोलकाता से खुलनेवाली ट्रेनों में आरक्षण करवाना पड़ता है। उनमें कोटा कम होने के कारण यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। टाटानगर के अधिकांश निवासी मुंबई की यात्रा करते हैं, अत: एक द्विसाप्ताहिक ट्रेन के शुरू होने से यात्रियों की मुश्किलें थोड़ी कम होंगी और रेलवे की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी। लोहरदगा टोरी रेलखंड से राजधानी के परिचालन की अनुमति : रांची नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन लोहरदगा टोरी रेलखंड से होना तय हो गया है। 11 नवंबर को इस रेलखंड से राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन शुरू होगा। रेल मंत्रालय के इस फैसले पर रांची के सांसद संजय सेठ ने प्रसन्नता जाहिर की है। सांसद श्री सेठ ने कहा है कि रांची लोकसभा क्षेत्र की जनता की बहूप्रतीक्षित मांग पूरी हुई। इसके लिए मैं लगातार प्रयासरत था। श्री सेठ ने कहा कि पूर्व रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल और वर्तमान रेल मंत्री श्री अश्वनी वैष्णव से लगातार मुलाकात कर मैं उनका ध्यान इस तरफ आकर्षित करता रहा। इसका परिणाम यह हुआ लोहरदगा टोरी रेलखंड पर राजधानी एक्सप्रेस के परिचालन की घोषणा हो गई। सांसद ने इसके लिए रांची लोकसभा क्षेत्र की जनता की तरफ से प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताया है। श्री सेठ ने कहा कि उक्त रेलखंड का शिलान्यास तात्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी ने किया था। यह अटल जी की दूरदर्शी सोच थी कि इस रेलखंड पर ट्रेन चलने से देश के नागरिकों का समय बचेगा। यह उनका सपना भी था। यह बात कोरोना काल में प्रमाणित भी हो गई। कोरोना काल में इस रेल खंड से आॅक्सीजन देशभर में पहुंचाया गया और बहुत कम समय में पहुंचाया गया। अब राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन होने से देश के नागरिकों का बेशकीमती समय बच सकेगा। सांसद श्री सेठ ने फिर से रेल मंत्रालय का रांची लोकसभा क्षेत्र की जनता की तरफ से आभार जताया है।

Published / 2021-11-08 14:57:51
भारत-न्यूजीलैंड मैच : 900 से 39,000 तक की टिकटों पर देख सकेंगे मैच

रांची। 19 नवंबर 2021 को जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम, रांची में आयोजित भारत-न्यूजीलैंड के बीच खेले जाने वाले दूसरे टी-20 मैच के लिए झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसिएशन ने सोमवार को अपनी मैनेजमेंट कमेटी की बैठक में टिकट की दर तथा राज्य सरकार और बीसीसीआइ से प्राप्त कोविड-19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार स्टेडियम में प्रवेश हेतु दर्शकों के लिए नियम भी तय कर दिये। मैच के लिए टिकट की दर 900 रुपये, 1200 रुपये, 1400 रुपये, 1700 रुपये, 1800 रुपये, 4000 रुपये, 5000 रुपये, 5500 रुपये और 39000 रुपये होगी। टिकट की बिक्री स्टेडियम के वेस्ट गेट के नजदीक बने टिकट काउंटरों पर होगी, जिसके लिए 15, 16 और 17 नवंबर की तिथि प्रस्तावित है। अनुमति हेतु जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। 14 नवंबर को सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक पूर्वी सिंहभूम, पश्चिम सिंहभूम तथा सरायकेला खरसावां जिले के सदस्यों को कीनन स्टेडियम, जमशेदपुर में उनका कम्पलिमेंट्री पास मिलेगा, जबकि शेष जिलो के सदस्यों को 15 नवंबर को सुबह 10 बजे से संध्या 5 बजे तक जेएससीए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम परिसर, रांची में मिलेगा। इन बातों का रखना होगा ध्यान : स्टेडियम में वैसे दर्शकों को ही प्रवेश मिलेगा जो कोविड वैक्सीन का दोनों डोज ले लिये हों या जिनके पास 15 नवंबर, 2021 के बाद की आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट होगा। स्टेडियम में प्रवेश के पूर्व गेट पर जांच दल को सम्बंधित सर्टिफिकेट दिखाना होगा। बगैर मास्क का प्रवेश नहीं होगा। गेट पर प्रवेश के समय एक दूसरे से दो गज की दूरी अनिवार्य होगी। दर्शकों को टिकट पर जो सीट नंबर अंकित होगा उसी पर बैठना होगा वरना उन्हें मैच देखने से वंचित होना पड़ सकता है। किसी भी तरह का बैग, थैला, कैमरा या ठोस वस्तु लेकर स्टेडियम में प्रवेश वर्जित होगा।

Published / 2021-11-08 14:25:29
झारखंड : पारा शिक्षकों का वेतन तय, टेट पास को हर माह मिलेंगे 27,000

रांची। झारखंड के पारा शिक्षकों के लिए खुशखबरी है। अब उनका वेतन तय हो चुका है। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) और दक्षता परीक्षा पास करनेवाले पारा शिक्षकों को वेतनमान तो एक जैसा मिलेगा, लेकिन उनका ग्रेड पे अलग-अलग होगा। जो दक्षता परीक्षा पास करेंगे, उन्हें 5200 से 20200 का वेतनमान और 2000 का ग्रेड पे मिलेगा। टेट पास पारा शिक्षकों को 5200 से 20200 का वेतनमान व 2400 से 2800 का ग्रेड पे मिलेगा। टेट पास को हर माह 27 हजार रुपये मिलेंगे। राज्य में करीब 11000 पारा शिक्षक ही टेट पास हैं, जबकि 50,000 सिर्फ प्रशिक्षित हैं और 3000 अप्रशिक्षित हैं। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग के इस प्रस्ताव पर शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने निर्णय कर लिया है। अब विकास आयुक्त, वित्त विभाग के सचिव समेत विभाग के आला अधिकारियों के साथ अंतिम रूप से चर्चा के बाद वित्त और विधि विभाग की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। दक्षता परीक्षा पास करने वाले पारा शिक्षकों को टेट पास से हर महीने कम राशि मिलेगी। टेट पास छठी से आठवीं के पारा शिक्षकों को 27 हजार, पहली से पांचवी टेट पास पारा शिक्षकों को 25,500 और दक्षता परीक्षा पास करने वाले पहली से आठवीं के पारा शिक्षकों को 23,700 रुपए हर माह मिलेंगे।

Published / 2021-11-08 13:59:39
झारखंड के मधु मंसूरी हंसमुख को मिला पद्मश्री सम्मान

एबीएन डेस्क, रांची। झारखंड की चार विभूतियों को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पद्म पुरस्कारों से सम्मानित करेंगे। जिसमें तीन हस्तियों को पद्मश्री और एक को तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार से राष्ट्रपति सम्मानित करेंगे। कला क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दो कलाकारों को सोमवार (8 नवंबर) राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद ने राष्ट्रपति भवन के दरबार हाल में आज आयोजित भव्य समारोह में पदम्श्री सम्मान से सम्मानित किया है। जिन दो कलाकारों को आज पद्मश्री सम्मान मिला है उनमें सरायकेला-खरसांवा निवासी छऊ गुरू शशधर आचार्य और रांची निवासी मधु मंसूरी हंसमुख शामिल हैं। इन दोनों के लिए बीते साल 2020 में ही पद्मश्री सम्मान से करने की घोषणा हुई थी। इन दोनों अलावे सरायकेला खरसावां की छुटनी देवी को कल (9 नवंबर) को सम्मान मिलेगा जबकि प्रसिद्ध पर्वतारोहियों में शामिल लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश को भी इसी महीने राष्ट्रपति के हाथों सम्मान मिलेगा। छऊ गुरू शशधर आचार्य को बिहार, बंगाल, झारखंड और ओडिशा समेत देश-विदेश में छऊ नृत्य को प्रसिद्धि दिलाने में अहम भूमिका निभाने के लिए ये सम्मान मिला है। जबकि नागपुरी गीतों के राजकुमार कहे जाने वाले मधु मंसूरी हंसमुख अपने गीत और मधुर आवाज से देश-विदेश में झारखंड को पहचान दिला चुके हैं। जल-जंगल-जमीन बचाने से लेकर झारखंड आंदोलन तक के लिए इन्हीं के लिखे गीत सर्वाधिक गाए जाते थे। गांव छोड़ब नाहिं और नागपुर कर कोरा इन्होंने ही गया है। उनके इसी योगदान के लिए उन्हें ये सम्मान दिया गया है। वहीं छुटनी देवी को कभी डायन कह कर घर-गांव से निकाल दिया गया था। आठ माह के बच्चे के साथ पेड़ के नीचे रही छुटनी आज अपनी जैसी असंख्य महिलाओं की ताकत बन गई हैं। लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश को 2019 में विश्व की सबसे ऊंची पर्वत शृंखला माउंट एवरेस्ट अभियान के तहत उसके 8848 मीटर फतह करने के लिए यह सम्मान दिया जा रहा है।

Published / 2021-11-08 03:41:41
दुर्गा सोरेन सेना का पलामू में शीघ्र होगा विस्तार : राकेश पासवान

मेदिनीनगर। पलामू के वरिष्ठ समाजसेवी एवं दुर्गा सोरेन सेना (डीएसएस) के फाउंडर मेंबर राकेश पासवान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि दुर्गा सोरेन सेना का विस्तार पलामू में शीघ्र होगा। उन्होंने कहा कि दुर्गा सोरेन सेना का संयोजक मंडल के संगठन पर विचार एवं नए सदस्यों को जोड़ने पर मंथन के लिए मेदनीनगर के शिवाला रोड स्थित जिला कार्यालय में दिनांक 13.11.2021 को पूर्वाह्न 11:30 बजे से एक बैठक रखी गई है। जिसमें जिले के सभी कार्यकर्ता आमंत्रित हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि दिनांक 19.11.2021 को जामा विधायक सीता सोरेन की सुपुत्री सह डीएसएस की केंद्रीय अध्यक्ष सुश्री जयश्री सोरेन एवं कार्यकारी अध्यक्ष राजश्री सोरेन का आगमन पलामू की धरती पर पहली बार होने जा रहा है। उन्होंने सभी महानुभावों से आग्रह किया कि संगठन के विस्तार पर चर्चा एवं केंद्रीय टीम की आशीर्वाद यात्रा को सफल बनाने के लिए बैठक में उपस्थित होकर एक मजबूत रणनीति का निर्माण कराएं। बताते चलें कि दुर्गा सोरेन सेना सामाजिक सेवा में अग्रसर एक संगठन है।

Published / 2021-11-07 17:59:01
सैनिक स्कूल तिलैया के पूर्व छात्र और लेफ्टिनेंट कर्नल जयप्रकाश तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2020 के लिए चयनित

कोडरमा। सैनिक स्कूल तिलैया के पूर्व छात्र और लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार को तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2020 के लिए चुना गया है। लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार देश के एक प्रसिद्ध पर्वतारोही हैं, जिन्हें भारत और विदेशों में 38 से अधिक पर्वत चोटियों पर 13 वर्षों से अधिक चढ़ाई का अनुभव है। उन्होंने 2019 में एक सफल माउंट एवरेस्ट अभियान का नेतृत्व किया और 16 मई 2019 को 8848 मीटर ऊंचे एवरेस्ट को सफलतापूर्वक फतह किया। पर्वतारोहण और साहसिक खेल के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए युवा मामले और खेल मंत्रालय ने उन्हें प्रतिष्ठित तेनजिंग नोर्गे राष्ट्रीय साहसिक पुरस्कार 2020 के लिए चुना है। यह पुरस्कार हर साल राष्ट्रपति द्वारा चार श्रेणियों में प्रदान किया जाता है। इस वर्ष का पुरस्कार भूमि, वायु, जल और लाइफ टाइम अचीवमेंट में सात व्यक्तियों को दिया जाएगा। लेफ्टिनेंट कर्नल जय प्रकाश कुमार 13 नवंबर 2021 को 16.30 बजे राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली के दरबार हॉल में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त करेंगे। जय प्रकाश ने 2009 से अपनी पर्वतारोहण यात्रा शुरू की और तब से लगातार इस क्षेत्र में एक 8000 मीटर चोटी, पांच 7000 मीटर चोटियों और 32 अन्य 6000 मीटर, 5000 मीटर महान हिमालय, काराकोरम पर्वतमाला, जास्कर पर्वतमाला और लद्दाख पर्वतमाला पर सक्रिय रहे हैं। उन्होंने 2010 और 2013 में क्रमशः खजाखस्तान और पोलैंड सेना की टीमों के साथ दो संयुक्त सेना पर्वतारोहण अभियानों का नेतृत्व किया है। उनकी चढ़ाई में कुछ सबसे चुनौतीपूर्ण चोटियां, नए मार्ग, कुंवारी पगडंडियां, बिना चढ़े पहाड़ और अन्य खोजपूर्ण मिशन शामिल हैं। हाल ही में उन्होंने उत्तराखंड में माउंट सतोपंथ पर अपनी वर्तमान इकाई डोगरा स्काउट्स टीम का नेतृत्व किया और 18 सितंबर 2021 को 15 सदस्यों के साथ 7075 मीटर की चोटी पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। इस अभियान के दौरान उन्होंने एक पुराने लापता भारतीय सेना पर्वतारोही स्वर्गीय नाइक के शव की भी तलाशी की। अमरीश त्यागी ने 2005 में माउंट सतोपंथ के लिए अभियान चलाया और 19 सितंबर 2021 को ग्लेशियर से उनके नश्वर अवशेषों को उनकी मृत्यु के 16 साल बाद बरामद किया। उन्हें अक्टूबर 2021 में उत्तराखंड में माउंट त्रिशूल (7120 मीटर) पर एक खोज और बचाव दल का नेतृत्व करने का काम सौंपा गया, जहां भारतीय नौसेना ने अपने कुछ पर्वतारोहियों को एक हिमस्खलन में खो दिया था। जय ने माउंट त्रिशूल के रोंटी ग्लेशियर से उनके शवों को खोजने और निकालने के लिए बचाव दल का नेतृत्व किया। वर्ष 1980 में जन्मे, जय बोकारो जिले (झारखंड) के फुसरो से ताल्लुक रखते हैं और अपने माता-पिता यानी श्री दयानंद प्रसाद (पिता) और श्रीमती रामकली देवी (मां), एक भाई और तीन बहनों के साथ रहते हैं। उन्होंने सैनिक स्कूल तिलैया से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की और बाद में 2003 में मगध विश्वविद्यालय, बोधगया से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. उन्होंने वर्ष 2004 में भारतीय सैन्य अकादमी में प्रवेश लिया और दिसंबर 2005 में 9 डोगरा के साथ लेफ्टिनेंट के रूप में कमीशन प्राप्त किया। वह वर्तमान में डोगरा स्काउट्स के साथ तैनात हैं, जो पर्वतारोहण में एक विशेष इकाई है। पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए, उन्हें पहले सेना पदक 2021, सेना प्रमुख प्रशस्ति पत्र 2015, डीजी एनएसजी प्रशस्ति डिस्क और रोल 2017, थल सेनाध्यक्ष प्रशस्ति पत्र 2018 जैसे विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है।

Published / 2021-11-07 17:55:12
2024 में झारखण्ड में बनेगी भाजपा की सरकार : प्रदेश प्रभारी

लएबीएन डेस्क, रांची। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं झारखंड प्रभारी दिलीप सैकिया ने कहा कि झारखंड में बीजेपी को और मजबूत करना है। संगठन में प्राण फूंकना है। इस महीने मैं झारखंड जा रहा हूं प्रदेश स्तरीय नेताओं के साथ बैठक भी करूंगा। जो भी कमी है उसको दूर करूंगा ताकि संगठन और धारदार बन सके। सैकिया का दावा है कि 2024 में होने वाले झारखंड विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में भाजपा की सरकार बनेगी। झारखंड प्रभारी दिलीप सैकिया ने कहा कि 2024 में झारखंड में विधानसभा चुनाव होना है। 2024 में चुनाव के बाद झारखंड में बीजेपी की सरकार बनेगी। झारखंड की मौजूदा सरकार हर मोर्चे पर फेल साबित हो रही है। पेट्रोल एवं डीजल पर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने वैट कम नहीं किया, जिससे दाम कम नहीं हो रहे हैं। झारखंड की जनता परेशान है। जनता इन लोगों को कभी माफ नहीं करेगी। जब दाम बढ़े हुए थे, तो झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस समेत अन्य दल केंद्र सरकार पर निशाना साध रहे थे। अब तो केंद्र सरकार ने पेट्रोल डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (excise duty) कम कर दिया है। भाजपा शासित राज्यों ने वैट भी कम किए : झारखंड प्रभारी बता दें पेट्रोलियम उत्पादों के बेतहाशा बढ़ते दामों से देश की बड़ी आबादी में फैले असंतोष को देखते हुए केंद्र सरकार ने बीते बुधवार को उत्पाद शुल्क में कटौती की घोषणा की थी। इसके बाद पेट्रोल पर लागू उत्पाद शुल्क में ₹5 प्रति लीटर और डीजल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती की गई। इसके अलावा भाजपा एवं एनडीए शासित राज्यों ने वैट में भी कमी कर दी। इससे देश के 22 प्रदेशों में पेट्रोल एवं डीजल के दामों में अलग-अलग स्तर की कटौती देखी गई है, लेकिन कांग्रेस और गैर भाजपा शासित राज्यों में पेट्रोल डीजल पर वैट नहीं घटाया गया। केंद्र की उपलब्धियों को लोगों तक ले जाएंगे : दिलीप सैकिया रविवार को दिल्ली में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई। इस बैठक में झारखंड के भाजपा प्रभारी दिलीप सैकिया भी शामिल हुए थे। बैठक पर उन्होंने कहा कि अगले साल यूपी, पंजाब समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं। पार्टी की क्या रणनीति हो उस पर मंथन हुआ। देशभर में बीजेपी के संगठन को और कैसे मजबूत किया जाए इस पर वार्ता हुई। 100 करोड़ लोगों का वैक्सीनेशन कराया जा चुका है। इसके लिए हम लोगों ने केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया। पीएम मोदी का जो 7 साल का कामकाज रहा है उस पर वार्ता हुई। केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक हम लोग ले जाएंगे।

Published / 2021-11-07 14:09:06
विकासशील भारत ने विकसित देशों से भी बड़ी उपलब्धि हासिल की

रांची (सुनीता सिंह)। भारत ने 21 अक्टूबर 2021 को पूरी दुनिया में इतिहास रच दिया। भारत ने इस दिन 100 करोड़ से अधिक का कोरोना - टीकाकरण का लक्ष्य हासिल कर पूरी दुनिया के सामने एक मिसाल पेश की है। यह एक ऐसी मिसाल है, जिसे पूरा विश्व महामारी काल में भारत की एक और महान उपलब्धि के रूप में देख रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश को आगे बढ़ाने की जबर्दस्त मुहिम और कोशिश चलाई जा रही थी और देश निरंतर प्रगति की ओर आगे बढ़ा जा रहा था। इसी बीच इस कोशिश में एक विकराल बाधा के रूप में कोरोना महामारी दुनिया और देश के समक्ष सामने आया ।इस महामारी के समक्ष पूरी दुनिया एक तरफ बेबस दिखाई दे रही थी, तो दूसरी तरफ देश का पूरा विपक्ष इसे मोदी सरकार के खिलाफ एक राजनीतिक अवसर के रूप में देख रही थी। ऐसे कठिन समय में नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में इस विकराल आपदा और कठिन चुनौती को दृढ़ संकल्प तथा ठोस रणनीति के तहत न सिर्फ पार ही किया, बल्कि इतनी बड़ी आपदा को अवसर में बदल कर पूरी दुनिया के सामने अद्भुत उपलब्धि पेश किया। दुनिया के इस सबसे बड़े टीकाकरण अभियान की शुरुआत भारत में इसी साल 16 जनवरी को हुई थी और 9 महीनों यानी सिर्फ 279 दिनों में 135 करोड़ आबादी वाले भारत में 100 करोड़ वैक्सीन डोज का कठिन लक्ष्य हासिल कर लिया गया। इसमें 75% वयस्क आबादी को टीके की एक खुराक और 30% आबादी को दोनों खुराक मिली ।103.5 करोड़ से अधिक टीके की खुराक राज्यों को दी गई।98.15% कोरोना से स्वस्थ होने की दर रही। 85 दिनों में प्रथम 10 करोड़ डोज और अंतिम 10 करोड़ का लक्ष्य 19 दिनों में पूरा हुआ। इसमें 71 करोड लोगों को एक टीका और करीब करीब 30 करोड़ लोगों को दोनों टीके लग चुके हैं। वैसे तो आंकड़ों के नंबर के खेल में फिलहाल चीन पहले नंबर पर और भारत दूसरे नंबर पर है। लेकिन जैसे चीन की वैक्सीन की विश्वसनीयता पर लोगों को शक है। वैसे ही उसके टीकाकरण के आंकड़ों को लेकर भी हैं। वर्तमान में भारत, यूरोप, अमेरिका, ब्राजील, जापान, जर्मनी, रूस, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली जैसे तमाम देशों से आगे हैं। शुरुआती चरणों के अप्रैल और मई (2021) के टीकाकरण में भारत सबसे आगे था। 17 सितंबर को सर्वाधिक 2.52 करोड़ टीका लगाई गई। आइए प्रमुख देशों के टीकाकरण पर एक नजर डालते हैं : भारत 100 करोड़, अमेरिका 40.9 करोड़, ब्राजील 25.9 करोड़, इंडोनेशिया 17.3 करोड़, जापान 18.2 करोड़, जर्मनी 11 करोड, फ्रांस 9.74 करोड़, रूस 9.59 करोड़, यूनाइटेड किंगडम 9.49 करोड़, पाकिस्तान 9.36 करोड़ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया में अकेले ऐसे नेता हैं, जिन्होंने इस पूरे कैंपन को फ्रंट से लीड किया। उन्होंने अपने संबोधन के माध्यम से लोगों से संपर्क बनाकर रखा। जनता को संबल दिया। कोरोना की पहली लहर के दौरान ही कोरोना को लेकर19 मार्च से 20 अक्टूबर 2020 तक देश की जनता को सात बार संबोधित कर चुके थे। प्रधानमंत्री जी ने इस दौरान नारे दिए जैसे जान भी जहान भी, 2 गज की दूरी मास्क है जरूरी, जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं और दवाई भी कड़ाई भी।इन नारों का जनता पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ा। प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना की दूसरी लहर में 20 अप्रैल 21 को आठवीं बार देश की जनता को सम्बोधित किया। अप्रैल का यह महीना काफी खतरनाक था, लेकिन युद्ध स्तर पर ऐसे कदम उठाए गए कि 15 दिनों के भीतर ही स्थितियां नियंत्रण में आने लगी। इस संकट में मोदी जी देश के संकटमोचक बनकर उभरे। रातों-रात विश्व के कई देशों से ऑक्सीजन के अनेक टैंक और वेंटिलेटर हवाई मार्ग से मंगाए गए। तीव्र गति से नए गैस प्लांट लगाए गए। रुके प्लांट में तुरंत ऑक्सीजन उत्पादन शुरू कराया गया। ये सब किसी चमत्कार से कम नहीं था। ऐसे प्रयास से देश ऑक्सीजन संकट ही नहीं कोरोना संकट से भी काफी दूर हो गया। कोरोना लहर के भारत आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू की घोषणा कर कोरोना के विरुद्ध बड़ा अभियान छेड़ दिया था और उनकी एक आवाज पर भारत एकजुट हो गया, जबकि विपक्ष जनता कर्फ्यू को विफल करने में पूरी ताकत झोंक दी थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना महामारी के गंभीर संकट को समझते हुए मार्च 2020 में ही इसकी रोकथाम और बचाव की कमान अपने हाथ में लेकर एक के बाद एक कारगर कदम उठाए। प्रधानमंत्री को देश की जनता सहित पूरी दुनिया ने सराहा, लेकिन देश के विपक्ष को मोदी जी की लोकप्रियता बर्दाश्त नहीं थी। वह लगातार घटिया राजनीति और शर्मनाक बातें करती रही और देश की जनता को मोदी जी के खिलाफ भड़काती रही। चाहे जनता कर्फ्यू, थाली पीटना, लॉकडाउन लगाना और जल्द टीका तैयार करने का मामला हो, विरोध के सिवा इनके पास कोई काम नहीं था। लेकिन एक अरब वैक्सीन का डोज लगना इस बात का प्रमाण है कि लोगों ने विपक्ष को नकारा और पीएम की बातें सुनी। और सबसे बड़ी बात है कि भारत में कोरोना को हराने में विश्व के मुकाबले तीव्र गति से चल रहे टीकाकरण और इसकी सफलता ने अंतरराष्ट्रीय जगत में खुलकर मोदी जी की प्रशंसा की और बधाई संदेश दिए। विश्व बैंक के अध्यक्ष, संयुक्त राष्ट्र, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने प्रशंसा की और प्रशंसा हो भी क्यों न? प्रधानमंत्री जी ने असंभव को संभव कर के जो दिखाया। कोरोना की पहली लहर आयी तब देश में मास्क, सेनिटाइजर, पीपीई किट्स और वेंटिलेटर जैसी सभी वस्तुओं का जबर्दस्त अभाव था, लेकिन प्रधानमंत्री जी ने आत्मनिर्भर भारत का जो मूल मंत्र दिया, उससे देश की दिशा और दशा दोनों बदल गई। कुछ ही दिनों के बाद भारत में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में जरूरत की सभी वस्तुओं का इतने बड़े पैमाने पर निर्माण शुरू हुआ कि विदेशों पर हमारी निर्भरता नहीं रही ।इधर देश के गरीबों को मुफ्त राशन दिया गया और दूसरी तरफ उद्योगों की सहायता के लिए 20 लाख करोड रुपया़ का पैकेज देकर देश की अर्थव्यवस्था को भी संभाले रखा। प्रधानमंत्री मोदी जी के प्रयास से पहली बार ऐसा हुआ कि भारत में कम समय में दो-दो टीका का निर्माण कर लिया गया। हमारे देश में न केवल मुफ्त टीके लग रहे हैं। बल्कि अर्थव्यवस्था भी पटरी पर लौट आई है। 100 करोड़ का वैक्सीन डोज विश्व को भी प्रेरित करता है कि भारत ने अपनी विशाल जनसंख्या और सीमित साधनों के बावजूद इतना सब करके दिखा दिया। बकौल प्रधानमंत्री 100 करोड़ वैक्सीन डोज केवल एक आंकड़ा नहीं, ये देश के सामर्थ्य का प्रतिबिंब है। हाल में संपन्न जी-20 देशों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भरोसा दिलाया कि भारत अगले वर्ष तक 500 करोड़ वैक्सीन डोज का उत्पादन करने के लिए तैयार है, जिसका एक बड़ा हिस्सा दूसरे देशों को दिया जाएगा। हर देशवासी को अपने प्रधानमंत्री के इन महान कार्यों पर दूरदर्शिता पर गर्व होना चाहिए है। (लेखिका भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की सदस्य हैं।)

Page 1506 of 1569

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse