टीम एबीएन, रांची। झारखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्यभर में वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रूख अपनाते हुए सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को 24 घंटे के भीतर अंगरक्षकों (बॉडीगार्ड) से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है।
पुलिस मुख्यालय से जारी निर्देश के अनुसार, सभी जिलों को यह जानकारी देनी होगी कि किन-किन विशिष्ट (वीआईपी), अति विशिष्ट (वीवीआईपी) और अन्य व्यक्तियों को सुरक्षा के तहत अंगरक्षक उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही प्रत्येक व्यक्ति को तैनात अंगरक्षकों की संख्या, उनकी तैनाती की अवधि और उनके पास उपलब्ध हथियारों का पूरा विवरण भी देना अनिवार्य किया गया है।
दरअसल, कुख्यात अपराधी प्रिंस खान के गुर्गे राणा राहुल प्रताप को अंगरक्षक उपलब्ध कराये जाने के खुलासे के बाद पुलिस मुख्यालय हरकत में आया है। इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिये हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अब यह जांच की जा रही है कि अपराधियों या उनके सहयोगियों को किन परिस्थितियों में सुरक्षा दी गयी और इसमें कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हुआ। इसी के आधार पर राज्यभर में वीआईपी सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की जायेगी।
पुलिस मुख्यालय ने संकेत दिये हैं कि समीक्षा के बाद जरूरत के अनुसार अंगरक्षकों को हटाने, उनकी संख्या में कमी या वृद्धि करने, यहां तक कि तैनाती में बदलाव करने जैसे निर्णय भी लिये जा सकते हैं। इससे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में कदम उठाये जा रहे हैं।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिमी सिंहभूम। जिले में जंगली हाथियों के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। सोमवार रात मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बरकुंडिया गांव में एक हाथी के हमले में पुजारी महिला चांदो देवी (56) की मौत हो गयी, जबकि एक अन्य पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गया।
चांदो देवी तांतनगर प्रखंड के कुम्बराम गांव की रहने वाली थीं और पूजा-पाठ का काम करती थीं। सोमवार रात वह बरकुंडिया गांव स्थित मंदिरनुमा झोपड़ी में भोजन करने के बाद सो रही थीं। इसी दौरान जंगल की ओर से आया हाथी झोपड़ी पर टूट पड़ा।
उसने चांदो देवी को अपनी सूंड से उठाकर पटक दिया, जिससे उनकी गंभीर चोटें आयीं। साथ में मौजूद पुजारी लखन कुदादा पर भी हाथी ने हमला किया, लेकिन वह झाड़ियों में छिपकर बच निकले। ग्रामीणों ने टॉर्च और मशाल की मदद से हाथी को खदेड़कर जंगल की ओर भेजा।
चांदो देवी और घायल लखन कुदादा को तुरंत सदर अस्पताल लाया गया। रास्ते में ही चांदो देवी की मौत हो गयी, जबकि लखन कुदादा का इलाज कउव में चल रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, तीनों मिलकर पूजा-पाठ का काम करते थे। घटना से गांव में डर का माहौल बन गया है। मंगलवार सुबह वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी को जंगल की ओर खदेड़ दिया।
विभाग ने पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। पिछले तीन महीनों में पश्चिमी सिंहभूम जिले में हाथियों के हमले से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्य में सबसे ज्यादा हाथी इसी जिले में हैं, इसलिए मानव-हाथी संघर्ष की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं।
टीम एबीएन, रांची। नगर निगम ने संपत्ति कर संग्रण में रिकार्ड आंकड़ा दर्ज किया है। पिछले पांच वर्षों में यह राशि दोगुणी होकर 101 करोड़ आंकड़ा पार कर गया है। 2020-21 में जहां राजस्व संग्रहण 51.35 करोड़ दर्ज किया गया था, 31 मार्च को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा 101.99 करोड़ जा पहुंचा है। निगम के अधिकारी इसे शहरी वित्तीय प्रबंधन एवं राजस्व सुदृढ़ीकरण को मुख्य कारक बताया है।
एक नयी उपलब्धि के रूप में 31 मार्च को नगर निगम का राजस्व संग्रहण 1.59 करोड़ हुआ है, जो विशेष अभियान का हिस्सा रहा। यह भी रांची नगर निगम की बहुत बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। इसके अलावा 23 करोड़ का राजस्व आनलाइन माध्यम से निगम को प्राप्त हुआ। हालांकि राजस्व वृद्धि के अनुरूप अब आम नागरिकों की नगरीय सुविधा में दोगुणी वृद्धि निगम के दायित्व बोध के रूप में चुनौती के रूप में भी खड़ा है।
यहां मालूम हो कि रांची नगर निगम के प्रशासक सुशांत गौरव के नेतृत्व में पिछले 6 माह के दौरान राजस्व वृद्धि को मिशन मोड में लेते हुए कई सशक्त कदम उठाये गये। व्यापक डोर-टू-डोर सर्वे एवं सत्यापन, शहर के सभी वार्डों में विशेष अभियान चलाकर अज्ञात एवं छूटे हुए होल्डिंग्स की पहचान की गयी। संपत्तियों के भौतिक सत्यापन के माध्यम से टैक्स बेस को मजबूत किया गया।
वार्ड-स्तरीय लक्ष्य एवं दैनिक मॉनिटरिंग, प्रत्येक वार्ड के लिए स्पष्ट राजस्व लक्ष्य निर्धारित किये गये। दैनिक एवं साप्ताहिक समीक्षा के माध्यम से प्रगति की निरंतर निगरानी की गयी। कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों में विशेष फोकस ड्राइव चलाये गये। डिजिटल प्रणाली को प्रभावी बनाया गया। बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई की गयी। इसके अलावा नागरिक सहभागिता और जागरुकता के साथ साथ फील्ड टीमों की सक्रियता एवं समन्वय को प्रभावी बनाया गया।
टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार के स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के तहत डीडीटी छिड़काव के लिए 3,19,79,271 रुपये की राशि आवंटित की है।
इस कदम का उद्देश्य राज्य में मलेरिया के प्रसार को रोकना और नियंत्रण को मजबूत करना है। कुल स्वीकृत राशि में से 3,16,16,271 रुपये छिड़काव कार्य में लगे मजदूरों की मजदूरी पर खर्च किये जायेंगे। वहीं 3,63,000 रुपये परिवहन यानी गाड़ियों और ईंधन के लिए निर्धारित किये गये हैं।
यह राशि राज्य के कई जिलों में खर्च की जाएगी। इनमें पूर्वी सिंहभूम, रांची, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, खूंटी, लोहरदगा, गुमला, सिमदेगा, लातेहार और गढ़वा शामिल हैं। इन जिलों में मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में डीडीटी का छिड़काव किया जायेगा।
सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए निर्देश दिया है कि मजदूरों को मजदूरी का भुगतान केवल उनके बैंक खातों में ही किया जाये। किसी भी स्थिति में नकद भुगतान या अवैध खर्च की अनुमति नहीं होगी।
टीम एबीएन, रांची। एलपीजी सिलेंडरों की कमी से उत्पन्न स्थिति को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने आम जनता को राहत देने के लिए कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाये हैं। इसी क्रम में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में समाहरणालय ब्लॉक-ए स्थित सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गयी, जिसमें संबंधित विभागों और कोल कंपनियों के अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में जिले में एलपीजी सिलेंडरों की घटती उपलब्धता और उसके कारण आम नागरिकों, छोटे-बड़े होटल-रेस्तरां, ढाबा संचालकों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को हो रही परेशानियों पर विस्तार से चर्चा की गयी। प्रशासन ने माना कि गैस की कमी के कारण कोयले की मांग तेजी से बढ़ी है, ऐसे में इसकी नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना जरूरी हो गया है।
उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिला प्रशासन किसी भी स्थिति में आम जनता को परेशानी में नहीं पड़ने देगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कोयला एक महत्वपूर्ण वैकल्पिक ईंधन के रूप में सामने आया है, इसलिए इसकी आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि कोयले की उपलब्धता न केवल पर्याप्त मात्रा में हो, बल्कि आम लोगों को उचित मूल्य पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ मिले।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, पश्चिमी सिंहभूम। जिले के चाईबासा में जंगली हाथियों का आतंक लगातार जारी है। ताजा मामला सदर प्रखंड के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत बरकुंडीय गांव के तुरामडीह टोला का है, जहां सोमवार देर रात करीब 11 बजे एक जंगली हाथी ने अचानक हमला कर दिया।
इस दर्दनाक घटना में 57 वर्षीय चांदो देवी की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि 60 वर्षीय लखन कुदादा गंभीर रूप से घायल हो गये। मिली जानकारी के अनुसार, गांव में निर्माणाधीन मंदिर के पास कुछ लोग रात में सो रहे थे। इसी दौरान अचानक एक जंगली हाथी वहां पहुंच गया और सो रहे लोगों पर हमला कर दिया। नींद में होने के कारण लोग संभल नहीं सके।
हाथी ने चांदो देवी को पटक दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गयी, वहीं लखन कुदादा गंभीर रूप से घायल हो गये। मृतका के पुत्र गोपाल गोप ने बताया कि उनकी मां मंदिर निर्माण कार्य में लगी थीं और वहीं सोती थीं। वहीं घायल लखन कुदादा के पुत्र ज्वार कुदादा के अनुसार, उनके पिता भी उसी स्थान पर सो रहे थे, तभी हाथी ने हमला कर दिया।
घटना के बाद ग्रामीण मुंडा ने तत्काल पुलिस और वन विभाग को सूचना दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चाईबासा भेज दिया है और बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया। मुफस्सिल थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि मामले की जांच जारी है। ग्रामीणों में इस घटना के बाद भारी दहशत का माहौल है और वन विभाग से हाथियों के आतंक से निजात दिलाने की मांग की जा रही है।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका। जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड में सोमवार को एक आवारा कुत्ते के हमले से कई गांवों में दहशत फैल गयी। कुत्ते ने 10 लोगों को काटकर घायल कर दिया, जिनमें दो की हालत गंभीर बतायी जा रही है।
शिकारीपाड़ा प्रखंड के चार गांवों में सोमवार को एक आवारा कुत्ते ने 10 लोगों को काट लिया। सभी घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनका प्राथमिक इलाज किया। चिकित्सक डॉ. स्वर्ण प्रिया लकड़ा ने बताया कि घायलों में से 7 लोगों को बेहतर इलाज के लिए फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल रेफर किया गया है। बाकी तीन लोगों का इलाज स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है।
घायलों में बच्चे, महिलाएं और युवा शामिल हैं। दो लोगों के सिर पर गंभीर चोट आयी है, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है। ग्रामीणों ने पंचायत के मुखिया साइमन सोरेन के नेतृत्व में सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन के अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। बीडीओ मोहम्मद एजाज आलम और अंचल अधिकारी कपिल देव ठाकुर ने घायलों की स्थिति का जायजा लिया। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि आवारा जानवरों से सावधान रहें और काटने की स्थिति में तुरंत इलाज करायें।
टीम एबीएन, रांची। परमहंस डॉ संत शिरोमणी श्री श्री 108 स्वामी सदानंद जी महाराज के सान्निध्य में एमआरएस श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट रांची के द्वारा संचालित विगत 2 वर्षों से चल रहे पीड़ित मानव सेवा के पावन तीर्थ स्थल श्री कृष्ण प्रणामी मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम पुंदाग के प्रांगण में सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम (सत्य-प्रेम सभागार) रांची में आज मनोरंजन कुमार एवं विधु जी एवं उनके परिवार के सौजन्य से आश्रम में रह रहे 45 मंदबुद्धि दिव्यांग निराश्रित प्रभु जी एवं आश्रम में रहकर उनकी सेवा करने वाले सेवादार साथियों के बीच विभिन्न व्यंजनों के साथ अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसादी का विधिवत आश्रम के किचन में भोजन बनवाकर भोजन खिलाया गया।
सद्गुरु कृपा अपना घर आश्रम के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि 16 मार्च से 31 मार्च तक 16 दिनों मे 3360 निराश्रित प्रभुजी एवं उनकी देखभाल करने वाले सेवादार साथियों के बीच अन्नपूर्णा सेवा भोजन प्रसाद का वितरण किया गया।
मंगल राधिका सदानंद सेवाधाम सदगुरू कृपा अपना घर (सत्य-प्रेम सभागार) में दीपक खेतान, गीता देवी शर्मा, आलोक अग्रवाल, किरण कुमारी, निर्भय कुमार सिंह, गुलाब जी, नितिन कुमार, अशोक अग्रवाल, सरोज देवी, नीरज कुमार, मधु छावनिका, अनिल खेमका,निलेश अग्रवाल, निशा शर्मा, राजकुमार जालान के सौजन्य से सभी निराश्रित प्रभुजी को भोजन प्रसादी खिलाकर सेवा की गई। सभी ने ट्रस्ट के सदस्यों को बहुत बहुत धन्यवाद एवं अपना अमूल्य आशीर्वाद दिया।
ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि इसके अलावे कई लोगों द्वारा आश्रम में रह रहे निराश्रितों, मंदबुद्धि, दीनबंधुओं के लिए खाद्य सामग्री एवं जरूरत के समान प्रदान किया गया। उन्होंने कहा कि सेवा कार्यों को समाज के हर वर्ग का सहयोग और प्रोत्साहन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानव प्रभु सेवा से बढ़कर कोई कार्य नहीं है।
अन्नपूर्णा सेवा के पुनीत कार्य में ट्रस्ट के अध्यक्ष डुंगरमल अग्रवाल, उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल, निर्मल जालान, मनोज कुमार चौधरी, निर्मल छावनिका, सज्जन पाड़िया, पुजारी अरविंद पांडे, पुरणमल सर्राफ, शिव भगवान अग्रवाल, सुरेश अग्रवाल, नन्द किशोर चौधरी, संजय सर्राफ, विशाल जालान, सुनील पोद्दार, मधुसूदन जाजोदिया, विष्णु सोनी, सुरेश भगत सहित अन्य सदस्यगण उपस्थित थे।
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