देश

View All
Published / 2026-04-29 21:14:32
बुद्ध पूर्णिमा एक मई को

  • बुद्ध पूर्णिमा एक मई को
  • बुद्ध पूर्णिमा मानवता, शांति, सत्य, अहिंसा, करुणा तथा ज्ञान का देता है संदेश : संजय सर्राफ

एबीएन सोशल डेस्क। विश्व हिंदू परिषद सेवा विभाग एवं श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के प्रांतीय प्रवक्ता संजय सर्राफ ने कहा है कि बुद्ध पूर्णिमा जिसे वैशाख पूर्णिमा भी कहा जाता है, हिंदू और बौद्ध धर्म का अत्यंत पवित्र एवं प्रेरणादायक पर्व है। इस वर्ष बुद्ध पूर्णिमा 1 मई दिन शुक्रवार को मनायी जायेगी। यह पर्व वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि को आता है और मानवता, शांति, करुणा तथा ज्ञान का संदेश देता है। 

भारत सहित नेपाल, श्रीलंका, थाईलैंड, जापान, चीन और अनेक देशों में यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। बुद्ध पूर्णिमा मुख्य रूप से भगवान गौतम बुद्ध के जीवन की तीन महत्वपूर्ण घटनाओं से जुड़ी मानी जाती है-उनका जन्म, ज्ञान प्राप्ति और महापरिनिर्वाण। मान्यता है कि इन तीनों घटनाओं का संबंध वैशाख पूर्णिमा से है, इसलिए यह दिन विशेष पावन माना जाता है।

भगवान बुद्ध का जन्म लुंबिनी (नेपाल) में राजा शुद्धोधन और माता महामाया के घर हुआ था। उनका बाल्यकाल नाम सिद्धार्थ गौतम था।राजमहल में सुख-सुविधाओं के बीच पले सिद्धार्थ ने जब संसार में दुख, रोग, बुढ़ापा और मृत्यु देखी, तो उनके मन में जीवन के सत्य को जानने की जिज्ञासा जागी। उन्होंने राजपाट त्यागकर कठोर तपस्या और ध्यान किया। 

बाद में बिहार के बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान प्राप्त हुआ और वे बुद्ध कहलाए, जिसका अर्थ है-जागृत पुरुष।बुद्ध पूर्णिमा की महत्ता केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और मानवीय भी है। भगवान बुद्ध ने संसार को सत्य, अहिंसा, दया, प्रेम, करुणा और मध्यम मार्ग का संदेश दिया। उनका उपदेश था कि मनुष्य अपने कर्मों से महान बनता है, जन्म से नहीं। 

आज के तनावपूर्ण और हिंसक वातावरण में बुद्ध के विचार अत्यंत प्रासंगिक हैं। इस दिन बौद्ध विहारों, मंदिरों और घरों में भगवान बुद्ध की प्रतिमा का पूजन किया जाता है। दीप जलाए जाते हैं, धम्मपद और त्रिपिटक का पाठ होता है, ध्यान लगाया जाता है तथा शांति प्रार्थनाएं की जाती हैं। लोग गरीबों को भोजन, वस्त्र और दान देकर पुण्य कमाते हैं। 

कई स्थानों पर शोभायात्राएं, प्रवचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं। हिंदू मान्यता में भी वैशाख पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन स्नान, दान, जप, तप और व्रत करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। गंगा स्नान, पीपल पूजा और सत्संग का भी विशेष फल माना गया है। बुद्ध पूर्णिमा का उद्देश्य मानव जीवन को सही दिशा देना है।

यह पर्व सिखाता है कि क्रोध का उत्तर प्रेम से, घृणा का उत्तर करुणा से और अज्ञान का उत्तर ज्ञान से दिया जा सकता है।भगवान बुद्ध का संदेश है-अप्प दीपो भव अर्थात् स्वयं अपने दीपक बनो,आज जब संसार अशांति, तनाव और संघर्ष से जूझ रहा है, तब बुद्ध पूर्णिमा हमें आत्मचिंतन, संयम और सद्भाव का मार्ग दिखाती है। यह केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि मानवता के उत्थान का संदेश देने वाला प्रेरणा पर्व है।

Published / 2026-04-28 23:20:39
एकजुटता समय की मांग : राजनाथ सिंह

  • आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से निपटने के लिए एकजुट मोर्चा समय की जरूरत: राजनाथ

एबीएन सेंट्रल डेस्क। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आॅपरेशन सिंदूर को आतंकवाद के खिलाफ भारत के दृढ़ संकल्प का प्रतीक बताते हुए आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी बुराइयों.से निपटने के लिए आतंकवादियों के सुरक्षित ठिकानों को समाप्त करने और किसी भी राजनीतिक अपवाद को अस्वीकार करते हुए एकजुट मोर्चा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया है।

श्री सिंह ने मंगलवार को किर्गिजस्तान के बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के रक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि आॅपरेशन सिंदूर भारत के उस दृढ़ संकल्प का प्रतीक है कि आतंकवाद के गढ़ अब न्यायोचित दंड से अछूते नहीं रहेंगे।

 उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी बुराइयों से निपटने के लिए सुरक्षित ठिकानों को समाप्त करने और किसी भी राजनीतिक अपवाद को अस्वीकार करते हुए एकजुट मोर्चा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि देश द्वारा प्रायोजित सीमा-पार आतंकवाद, जो किसी राष्ट्र की संप्रभुता पर हमला करता है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि दोहरे मापदंडों के लिए कोई स्थान नहीं है।

Published / 2026-04-27 23:06:46
31 जुलाई तक बढ़ी पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि

  • पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन की अंतिम तिथि 31 जुलाई

एबीएन सेंट्रल डेस्क । नयी दिल्ली, कला, साहित्य, शिक्षा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, विज्ञान-इंजीनियरी, लोक कार्य, सिविल सेवा, व्यापार एवं उद्योग क्षेत्रों में विशिष्ट तथा असाधारण उपलब्धियों के लिए दिए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के नामांकन और सिफारिश आगामी 31 जुलाई तक की जा सकती है।

प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर घोषित किए जाने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन या सिफारिशें भेजने की प्रक्रिया 15 मार्च से शुरू हो गई हैं। पद्म पुरस्कारों के लिए नामांकन और सिफारिशें राष्ट्रीय पद्म पुरस्कार पोर्टल पर केवल ऑनलाइन की जा सकती हैं।

Published / 2026-04-24 22:00:24
महिला आक्रोश मार्च आंदोलन स्वत: स्फूर्त, राजधानी रांची की सड़कों पर दिखेगी आधी आबादी की ताकत : अन्नपूर्णा देवी

  • महिला आक्रोश मार्च आंदोलन स्वत: स्फूर्त, राजधानी रांची की सड़कों पर दिखेगी आधी आबादी की ताकत : अन्नपूर्णा देवी
  • केंद्रीय मंत्री ने महिलाओं से अपने अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए एकजुट होने का किया आह्वान
  • झामुमो, कांग्रेस, राजद का महिला विरोधी चेहरा उजागर, अपमान का बदला लेगी नारी शक्ति
  • रांची के मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिला आक्रोश मार्च के तहत होना है पदयात्रा कार्यक्रम, हजारों की संख्या में शामिल होंगी महिलाएं

टीम एबीएन, रांची। केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) पारित नहीं होने के विरोध में राजधानी रांची में शनिवार को होने वाले महिला आक्रोश मार्च में हजारों महिलाएं सड़क पर उतर कर अपना दमखम दिखायेंगी। यह किसी विशेष राजनीतिक पार्टी का नहीं बल्कि पूरी आधी आबादी का कार्यक्रम है। 

शनिवार को सुबह 10 बजे से मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा कार्यक्रम होना है। यह आंदोलन स्वत: स्फूर्त है। जिसमें महिलाओं के अलावा आम लोगों की भी बड़ी भागीदारी होगी। केंद्रीय मंत्री ने सभी महिलाओं से आह्वान किया है कि वे चाहे वे किसी भी दल या सामाजिक संगठन से जुड़ी हों, सभी को अपने अधिकार, सम्मान और सुरक्षा के लिए एकजुट होकर आवाज बुलंद करने की जरूरत है।

 इस आक्रोश मार्च में शामिल होकर महिला विरोधियों को नारी शक्ति की ताकत का अहसास कराना जरूरी है। अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि यहां की सरकार में शामिल कांग्रेस, झामुमो, राजद का महिला विरोधी चेहरा उजागर हो चुका है। इंडी गठबंधन और कांग्रेस की पुरानी चाल है कभी वह महिलाओं को कभी आरक्षण देना ही नहीं चाहती। समाजवादी पार्टी की यही मंशा रही है। इन दलों के नापाक मंसूबे के कारण संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण बिल पारित नहीं हो पाया। 

इसको लेकर देश भर की महिलाओं के अंदर खासा आक्रोश व्याप्त है। महिलाएं अपने-अपने अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए आंदोलनरत हैं। इसी निमित्त राजधानी रांची में भी शनिवार को आक्रोश मार्च निकाला जायेगा। हजारों महिलाएं इस आंदोलन में शामिल हो रही हैं। इन विपक्षी दलों ने महिलाओं का जिस प्रकार से अपमान किया है,  उसका बदला नारी समाज हर हाल में लेकर रहेगी। जरूरत पड़ेगी तो महिलाएं इन विपक्षी दलों के नेताओं को जगह-जगह से खदेड़ने का भी काम करेगी। 

महिलाओं के अधिकारों पर जो वार किया गया है, उसके लिए कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन  जिम्मेदार है। बहनों-बेटियों की आवाज को इंडी गठबंधन ने दबाने का प्रयास किया है। जिसके खिलाफ अब झारखंड की नारी शक्ति का आक्रोश सड़कों पर दिखेगा। मोदी सरकार ने कितना सुनहरा मौका दिया था कि आधी आबादी को उनका अधिकार मिल जाये परंतु इंडी गठबंधन ने अपनी आदत के अनुसार उस अवसर पर पानी फेरने का काम किया है।

Published / 2026-04-21 11:48:25
वरिष्ठ पत्रकार सह पूर्व सांसद बलबीर पुंज के निधन पर आरएसएस ने जताया शोक

  • वरिष्ठ पत्रकार सह पूर्व सांसद बलबीर पुंज के निधन पर आरएसएस ने जताया शोक, सरकार्यवाह ने दी श्रद्धांजलि

एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि बलबीर पुंज ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में गंभीर अध्ययन, स्पष्ट विचार और जिम्मेदारीपूर्ण अभिव्यक्ति के माध्यम से समाज को दिशा देने का कार्य किया।

समसामयिक विषयों पर उनके लेखन को सदैव गंभीरता और प्रामाणिकता के साथ देखा जाता रहा। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति प्रदान करने की कामना की।

उल्लेखनीय है कि बलबीर पुंज भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, प्रख्यात पत्रकार और स्तंभकार थे। भाजपा के दिग्गज नेताओं में शामिल रहे बलबीर पुंज पार्टी के उपाध्यक्ष भी रहे। युवावस्था में वह आरएसएस से जुड़ गए थे। उन्होंने साल 1971 में अपने पत्रकारिता कैरियर की शुरुआत की थी और पत्रकारिता में उनका करियर बेहद प्रभावशाली रहा। 

पुंज दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे। पहली बार (2000 से 2006) उत्तर प्रदेश और दूसरी बार (2008 से 2014) तक ओडिशा से राज्यसभा के सदस्य रहे। इसके अलावा उन्होंने नेशनल यूथ कमिशन फॉर यूथ के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य किया, जिसे केंद्र सरकार में राज्य मंत्री का दर्जा प्राप्त होता है।

Published / 2026-04-20 23:03:30
22 को खुल जायेंगे बाबा केदार के कपाट

  • 22 को खुल जायेंगे बाबा केदार के कपाट
  • 22 अप्रैल को खोले जाएंगे केदारनाथ धाम के कपाट

एबीएन सेंट्रल डेस्क। 19 अप्रैल से उत्तराखंड की चार धाम यात्रा शुरू हो चुकी है। सबसे पहले गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट 19 अप्रैल को विधि विधान से खोले गये। इसके बाद केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिये जायेंगे। कपाट खोले जाने को लेकर सभी तरह की तैयारी जोरों-शोरों से चल रही है। खासकर केदारनाथ मंदिर को फूलों से सजाया जा रहा है। बता दें कि केदारनाथ मंदिर को करीब 51 क्विंटल फूलों से सजाया जा रहा है।

केदारनाथ धाम के कपाट खोले जाने को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं फिर चाहे पैदल मार्ग हो या अन्य जरूरी सुविधाएं जैसे बिजली, पानी, स्वास्थ्य सभी को दुरुस्त किया जा रहा है। केदारनाथ धाम में श्रद्धालु पहुंचने लग गये हैं। इस बार केदारनाथ धाम में करीब 51 क्विंटल फूल लगभग 75 खच्चरों से धाम में पहुंचाया गया है। यह 51 क्विंटल फूल केदारनाथ मंदिर को सजाने के लिए मांगे गये हैं।

ये फूल दिल्ली और पश्चिम बंगाल से आए हैं। इस दौरान केदारनाथ धाम पहुंचे श्रद्धालु मंदिर को सजाने वालों के साथ कर सेवा कर रहे हैं। इस दौरान लोगों का कहना है कि मंदिर को सजाना भी एक तरह से शिव भक्ति ही है या उनका सौभाग्य है कि उनको भगवान के मंदिर को सजाने का मौका मिला है।

Published / 2026-04-20 21:20:28
जयपुर और बाघमुंडी की जनता अपना भविष्य के लिए वोट करें : जयराम महतो

जयपुर-बाघमुंडी की जनता टीएमसी-बीजेपी के जंगल राज और डर राज को एक साथ अलविदा कहने को तैयार : देवेन्द्र नाथ महतो 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल प्रथम चरण चुनाव प्रचार शेष एक दिन बचे हैं, 23 अप्रैल को मतदान होना है। सभी पार्टी के राजनेता प्रचार प्रसार में एड़ी चोटी एक कर दिया है। जंगल महल क्षेत्र पुरुलिया जिला के जयपुर और बाघमुंडी विधानसभा क्षेत्र में झारखंड लोकतांत्रिक क्रान्तिकारी मोर्चा अपना प्रत्याशी उतारा है। केंद्रीय अध्यक्ष टाइगर जयराम महतो, केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो समेत अन्य नेता एड़ी चोटी एक कर दिया है।  

मौके पर केंद्रीय अध्यक्ष जयराम महतो ने कहा कि यह वोट नहीं जनता का फैसला है, जनता खुद अपना भविष्य का फैसला करे बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधा के लिए जयपुर से दिव्यज्योति सिंह देव और बाघमुण्डी से मनोज कुमार महतो को कैंची छाप पर वोट कर भारी मतों से विजयी बनायें।  

मौके पर केंद्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि यह चुनाव दो चार लोगों की सत्ता के लिए नहीं बल्कि पूरे जंगल महल के गरीब, किसान, मजदूर जनता के अधिकार के लिए है पश्चिम बंगाल में पिछले कई वर्षों से ममता का जंगल राज और भाजपा का डर राज हावी है, जयपुर और बाघमुंडी की जनता इतने सालों से झुककर वोट किया है, इस जयपुर और बाघमुंडी के जनता निडरता से वोट कर ममता के जंगल राज और भाजपा के डर राज को अलविदा कहेंगे।

Published / 2026-04-19 20:29:42
बंगाल-सिक्किम सीमा पर कांग्रेस का चुनाव प्रचार तेज, धीरज साहू ने संभाला मोर्चा

  • सिक्किम सीमा पर कांग्रेस का चुनाव प्रचार तेज, धीरज साहू ने संभाला मोर्चा

एबीएन न्यूज नेटवर्क, कालिंगपोंग (पश्चिम बंगाल)। कालिंगपोंग जिला में पश्चिम बंगाल और सिक्किम की सीमा पर कांग्रेस ने अपने चुनाव प्रचार को तेज कर दिया है। इसी क्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू और पूर्व सांसद प्रदीप बलमुचू ने सीमा क्षेत्र का दौरा कर पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में जनसंपर्क अभियान चलाया। इस दौरान दोनों नेताओं का कांग्रेस कार्यकर्ताओं एवं स्थानीय लोगों द्वारा भव्य स्वागत किया गया।

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में सभाएं आयोजित की गईं, जहां बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक और आम नागरिक मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए नेताओं का स्वागत किया और कांग्रेस के पक्ष में माहौल बनाने का प्रयास किया। सभा को संबोधित करते हुए धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि देश और राज्य की वर्तमान स्थिति को देखते हुए कांग्रेस ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो जनता के हितों की रक्षा कर सकती है।

उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें इन मुद्दों पर गंभीर नहीं हैं। कांग्रेस हमेशा से गरीब, किसान, मजदूर और युवाओं की आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आगामी चुनाव में कांग्रेस को समर्थन दें, ताकि एक मजबूत और जनहितैषी सरकार का गठन हो सके।

वहीं पूर्व सांसद प्रदीप बलमुचू ने अपने संबोधन में कहा कि सीमा क्षेत्र के विकास पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्षों से इन क्षेत्रों की अनदेखी की गई है, जिससे यहां के लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए भी संघर्ष करना पड़ता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि कांग्रेस की सरकार बनने पर सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में व्यापक सुधार किए जाएंगे।

बलमुचू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास विकास और समावेशी नीति का रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर चुनाव में पूरी ताकत झोंकने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी के सभी पदाधिकारी और कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करें और कांग्रेस की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाएं।

इस मौके पर स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने भी सभा को संबोधित किया और पार्टी की उपलब्धियों तथा आगामी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में हैं और जनता का समर्थन लगातार मिल रहा है।

कार्यक्रम के अंत में नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की और उन्हें जरूरी दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही जीत की कुंजी है और सभी को मिलकर पार्टी के लिए काम करना होगा।

कुल मिलाकर, बंगाल-सिक्किम सीमा पर कांग्रेस का यह चुनाव प्रचार कार्यक्रम पार्टी के लिए उत्साहजनक साबित हुआ। नेताओं ने जिस तरह से जनता के बीच जाकर अपनी बात रखी, उससे यह साफ है कि कांग्रेस इस क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। आने वाले दिनों में इस तरह के और भी कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है, जिससे चुनावी माहौल और अधिक गर्माने की उम्मीद है।

Page 6 of 339

Newsletter

Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.

We do not share your information.

Tranding

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।

© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse