एबीएन डेस्क। बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवात जवाद ओडिशा की पुरी पहुंचने से पहले ही सुस्त पड़ता नजर आया। आज दोपहर तक ओडिशा की पुरी से टकराने की संभावना है। कमजोर पड़ने के बाद जवाद से नुकसान भी कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। 80 से 100 किलोमीटर की रफ्तार से चलने वाला चक्रवाती तूफान जवाद के कमजोर होने के कारण आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के लोगों ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इस दौरान कई राज्यों में बारिश की आशंका जताई गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि पश्चिम बंगाल में गंगा के तटों से लगते क्षेत्रों और उत्तरी ओडिशा में अलग-अलग जगहों पर बारिश हो सकती है। इसके अलावा सोमवार को असम, मेघालय और त्रिपुरा के कई क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के महानिदेशक मृत्युंजय मोहापात्रा ने कहा, जवाद के कमजोर पड़ने से अधिक नुकसान नहीं होगा लेकिन इस दौरान आंध्र प्रदेश व ओडिशा में बारिश बढ़ेगी जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है। इसका जो भी असर होगा वह ओडिशा के गंजम, भदरक और बालासोर जिले में होगा। यह नुकसान चक्रवात की तबाही जैसा नहीं होगा। श्रीकाकुलम, विजियानगरम व विशाखापत्तनम में भी बारिश बढ़ेगी। मौसम विभाग के मुताबिक आज पुरी में जमीन से टकराने के पहले चक्रवात और भी कमजोर होते हुए गहरे दबाव में पहुंच जाएगा । पुरी में बारिश शुरू हो गई है। तूफान के कमजोर पड़ने से नुकसान और तबाही कम होने की संभावना है। हालांकि, आईएमडी ने अलर्ट जारी किया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट का देश में एक और केस मिल गया है। दक्षिण अफ्रीका से मुंबई लौटा शख्स ओमिक्रॉन वेरिएंट से संक्रमित पाया गया है। अब तक देश के तीन राज्यों में 4 केस सामने आ चुके हैं। इससे पहले आज ही गुजरात के जामनगर में भी एक बुजुर्ग इस वेरिएंट से पीड़ित मिला है तो दो केस कर्नाटक में मिल चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि 33 साल का यह शख्स 24 नवंबर को केपटाउन से लौटा था। वह दुबई और दिल्ली होते हुए मुंबई आया। उसने कोई वैक्सीन नहीं ली है। राहत की बात यह है कि उसके संपर्क में आए सभी लोग कोरोना निगेटिव पाए गए हैं। दिल्ली-मुंबई फ्लाइट में उसके साथ सफर करने वाले 25 यात्रियों की रिपोर्ट की भी निगेटिव आई है। महाराष्ट्र में स्वास्थ्य विभाग के निदेशक ने बताया कि संक्रमित मरीज मुंबई के समीप कल्याण डोम्बिवली नगरपालिका क्षेत्र में पहुंचा था और यहां जांच में कोरोना संक्रमित पाया गया। जीनोम सिक्वेंसिंग के बाद ओमिक्रॉन वेरिएंट की पुष्टि हुई। 40 से अधिक देशों में दस्तक : सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाया गया कोरोना का यह वेरिएंट बेहद खतरनाक माना जा रहा है। 50 से अधिक म्यूटेशन वाला यह वेरिएंट बेहद कम समय में 40 से अधिक देशों में पहुंच चुका है। माना जा रहा है कि यह डेल्टा वेरिएंट से भी कहीं अधिक तेजी से फैल सकता है और इम्युनिटी को भी चकमा दे सकता है। यही वजह है कि कई देशों ने इसके डर से अपनी सीमाओं को सील कर दिया है और विदेशी यात्रियों के आने पर रोक लगा दी है।
एबीएन डेस्क। लंबी बीमारी से लड़ते हुए आखिरकार भारत के वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ का निधन हो गया है। विनोद दुआ की बेटी मल्लिका दुआ ने इस बारे में लिखा कि, मेरे निडर, निर्भीक और असाधारण पिता विनोद दुआ अब इस दुनिया में नहीं रहे। दिल्ली के रिफ्यूजी कॉलोनियों से निकलकर पत्रकारिता जगत के 42 साल के करियर में वे सत्ता के सामने सच्चाई रखते रहे। वे अब स्वर्ग में हमारी मां और अपनी पत्नी चिन्ना के साथ हैं, जहां वे दोनों साथ गाना गाएंगे और यात्रा करेंगे। विनोद दुआ की मौत की खबर से भारतीय मीडिया जगत में शोक की लहर दौड़ गई है। देशभर के उनके सहकर्मी और साथी पत्रकार उनके निधन पर शोक प्रकट कर रहे हैं। दूरदर्शन और एनडीटीवी जैसे समाचार चैनलों के लिए सेवाएं दे चुके और हिंदी पत्रकारिता के जाने माने चेहरे 67 वर्षीय विनोद दुआ की पत्नी पद्मावती चिन्ना दुआ का कोविड-19 के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ने के बाद जून में निधन हो गया था। इससे पहले जैसे ही विनोद दुआ के जैसे ही मौत की खबर फैली थी तो बेटे मल्लिका दुआ ने लिखा था, मेरे पिता जी आईसीयू में हैं और उनकी हालत गंभीर है। उनका स्वास्थ्य अप्रैल से तेजी से खराब हो रहा था। वह अपने जीवन की किरण खो जाने के सदमे से अभी तक उबर नहीं पाए हैं। उन्होंने असाधारण जीवन जिया है और हमें भी ऐसा ही जीवन दिया है। वह किसी तकलीफ के हकदार नहीं हैं। वह बहुत प्रिय और श्रद्धेय हैं। मैं आप सबसे यह प्रार्थना करने का अनुरोध करती हूं कि उन्हें कम से कम तकलीफ हो। उन्होंने कहा था, सभी से अनुरोध है कि मेरे पिता के निधन के बारे में अफवाहें न फैलाएं। वह आईसीयू में हैं। अभी भी लड़ रहे हैं। नतीजा कुछ भी हो। उन्हें अपनी गरिमा में बने रहने दें। मल्लिका ने इंस्टाग्राम पर लिखा, कृपया विश्वास न करें/गलत सूचना न फैलाएं। मैं उनके संबंध में सभी आधिकारिक समाचार और अपडेट जारी करूंगी।
एबीएन डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नौसेना दिवस पर बल के कर्मियों के उत्कृष्ट पराक्रम और पेशेवराना अंदाज की सराहना की। उन्होंने एक ट्वीट में कहा, नौसना दिवस की बधाई। हमें भारतीय नौसेना के उत्कृष्ट योगदानों पर गर्व है। हमारी नौसेना का उसके पेशेवराना अंदाज और अदम्य पराक्रम के लिए सर्वत्र सम्मान किया जाता है। मोदी ने कहा कि हमारी नौसेना के जवान प्राकृतिक आपदाओं जैसी संकट की स्थिति को कम करने में हमेशा सबसे आगे रहे हैं। नौसेना के हमारे कर्मी प्राकृतिक आपदा जैसे संकटों की घड़ी में भी हमेशा अग्रणी भूमिका निभाते हैं। भारतीय नौसेना दिवस प्रत्येक वर्ष चार दिसंबर को मनाया जाता है। यह 1971 की जंग में भारतीय नौसेना की पाकिस्तानी नौसेना पर जीत की याद में मनाया जाता है।
एबीएन डेस्क। बंगाल की खाड़ी में बने तूफान जवाद को लेकर आंध्र प्रदेश और ओडिशा में खास सतर्कता बरती जा रही है। चक्रवाती तूफान से बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश समेत आसपास के कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है। निचले इलाकों को लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस चक्रवात को जवाद नाम सऊदी अरब ने दिया है। आंध्र प्रदेश में जवाद को लेकर अलर्ट : चक्रवात जवाद के मद्देनजर आंध्र प्रदेश के तीन जिलों में 11 एनडीआरएफ, पांच एसडीआरएफ, 6 तटरक्षक बल, 10 समुद्री पुलिस दल तैनात किए गए हैं। विशाखापत्तनम, विजयनगरम और श्रीकाकुलम के निचले इलाकों से 54,008 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि चक्रवाती तूफान जवाद बंगाल के पश्चिम-मध्य खाड़ी में विशाखापत्तनम से लगभग 230 किमी दक्षिण पूर्व, गोपालपुर से 340 किमी दक्षिण, पुरी से 410 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और पारादीप से 490 किमी दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में केंद्रित है। इस दौरान हवा की रफ्तार 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। NDRF ने जोखिम वाले इलाकों में जहां 46 टीमों को तैनात किया है चक्रवाती तूफान से बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश समेत आसपास के कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है। निचले इलाकों को लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम भी शुरू कर दिया गया है।
आगरा। यमुना एक्सप्रेस वे पर शुक्रवार को तड़के थाना सुरीर क्षेत्र में हुए हादसे में मध्य प्रदेश पुलिस के तीन जवानों समेेत पांच की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर घायल हैं। टीकमगढ़ के थाना बुड़ेरा पुलिस आरोपितों के रिश्तेदार को लेकर हरियाणा के बहादुरगढ़ में दबिश को जा रही थी। घायलों को अग्रवाल लाइफ लाइन औरंगाबाद में भर्ती कराया गया है। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के थाना बुडेरा क्षेत्र से एक किशोरी को पिंटू नामक युवक बहला-फुसलाकर अगवा कर ले गया था। थाना बुडेरा पुलिस को युवक की लोकेशन हरियाणा के बहादुरगढ़ में मिली थी। युवक को गिरफ्तार कर किशोरी की बरामदगी करने के लिए थाना बुडेरा में तैनात हेड कांस्टेबल भवानी प्रसाद कांस्टेबल रतिराम, कमलेन्द्र यादव, महिला कांस्टेबल हीरा देवी आरोपित युवक की बहन प्रीति उसके पति धर्मेंद्र निवासी ललितपुर, सुरक्षा समिति के सदस्य रवि को लेकर बोलेरो से बहादुरगढ़ के लिए जा रहे थे। चालक जगदीश बोलेरो को चला रहे थे। यमुना एक्सप्रेसवे पर माइलस्टोन 80 के समीप बोलेरो डिवाइडर से सुबह करीब चार बजे टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो के परखच्चे उड़ गए। हादसे में हेड कांस्टेबल भवानी प्रसाद महिला कांस्टेबल हीरादेवी समेत चार लोगों की मौत हो गई। मृतकों में चालक जगदीश और सुरक्षा समिति सदस्य रवि भी शामिल हैं। कांस्टेबल रतिराम और कमलेंद्र की हालत गंभीर थी। कांस्टेबल रतिराम, महिला प्रीति और उसके पति धर्मेंद्र का उपचार औरंगाबाद स्थित अग्रवाल लाइफ़ लाइन में चल रहा है। करीब एक घंटे तक घायल बोलेरो में फंसे रहे। उपचार के दौरान सिपाही कमलेंद्र ने भी सुबह लगभग नौ बजे दम तोड़ दिया। एसपी ग्रमीण श्रीश्चन्द्र ने हादसे में पांच लोगों के मरने की पुष्टि की है। चालक जगदीश, प्राइवेट वाहन चालक था।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवाती तूफान जवाद के खतरों से निपटने के लिए केंद्र और राज्य स्तर पर तैयारियों की गुरुवार सुबह राजधानी में एक उच्च स्तरीय समीक्षा की और खतरे की आशंका वाले इलाकों से लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाने का इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। मोदी ने अधिकारियों को जोखिम वाले क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने के लिए हर संभव उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। मोदी ने बैठक में कहा कि आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने के लिए हर संभव उपाय किए जाने चाहिए और उनमें रुकावट आती है तो उसे जल्द से जल्द बहाल करने के प्रयास हों। सभी मंत्रालयों और एजेंसियों को मिलजुल कर इस तरह काम करने को कहा गया है ताकि तूफान से नुकसान कम से कम हो। राष्ट्रीय आपदा कारर्वाई बल (एनडीआरएफ) ने तूफान के खतरे वाले क्षेत्रों में पहले ही 29 टीमें भेज दी हैं। उनके साथ नाव, पेड़ काटने की आरी, दूरसंचार उपकरण आदि भी भेजे गए हैं। इसके अलावा 33 टीमों को तैयार रहने के लिए कहा गया है। भारतीय तटरक्षक और नौसेना ने भी अपने जहाज और हेलीकॉप्टर राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार कर रखे हैं। उन्होंने तूफान में लापता लोगों की खोज और बचाव के लिए भी तैयारी की है। भारतीय वायुसेना और भारतीय थल सेना के इंजीनियरों किटी में भी तैयार रखी गई हैं। आपदा राहत और चिकित्सा दल भी पूर्वी तट पर तैनात कर दिए गए हैं। समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, कैबिनेट सचिव, एनडीआरएफ के महानिदेशक और भारतीय मौसम विभाग के महानिदेशक उपस्थित थे। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बन रहे चक्रवात जवाद से ओडिशा और उससे सटे राज्यों में खतरे की आशंका है। सरकारी बयान के मुताबिक प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खतरे वाले इलाकों से लोगों को निकाल कर सुरक्षित जगह पहुंचाने के हर संभव इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली, फोन, स्वास्थ्य एवं पेयजल सुविधा जैसी आवश्यक सेवाओं को बनाए रखने और रुकावट की स्थिति में यथा शीध्र पुन: शुरू करने की तैयारी सुनिश्चत करने के निर्देश दिए। उन्होंने दवा और अन्य जरूरी चीजों का पर्याप्त भंडार रखने और उन्हें निर्बाध रूप से पहुंचाने की तैयारी रखने को भी कहा। प्रधानमंत्री ने निर्देश दिया है कि आपदा से निपटने के लिए स्थापित किए जाने वाले नियंत्रण कक्षों को दिन-रात चालू रखा जाए। मौसम विभाग ने बताया है कि बंगाल की खाड़ी पर उभरे कम दबाव के क्षेत्र के जवाद तूफान का रूप लेने का खतरा है। यह चक्रवात शनिवार चार दिसंबर को सुबह तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा तट पर पहुंच सकता है। इस दौरान 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार वाली तेज हवाएं चलने और आंध प्रदेश, ओडिशा, तथा पश्चिम बंगाल के कई तटीय जिलों में भारी वर्षा होने का अनुमान है। मौसम विभाग इन राज्यों के लिए बराबर मौसम के बुलेटिन जारी कर रहा है। केंद्र सरकार के मंत्रिमडल सचिव राजीव गौवा ने सभी सम्बन्धित राज्यों तथा केंद्र सरकार के मंत्रालयों और एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ मिल कर स्थिति की समीक्षा की है। गृहमंत्रालय भी स्थिति पर बराबर नजर रखे हुए है और संबंधित राज्यों एवं केंद्र शासित क्षेत्रों के साथ संपकर् बनाए हुए है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। तीनों कृषि कानूनों की वापसी पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अंतिम मुहर लगा दी है। इसके साथ ही तीनों कृषि कानून अब औपचारिक रूप से निरस्त हो गए। इससे पहले शीतकालीन सत्र के पहले दिन यानी 29 नवंबर को संसद के दोनों सदनों से बिल पारित हुए थे। बता दें कि तीनों कृषि कानूनों के विरोध में किसान पिछले 1 साल से दिल्ली बॉर्डर पर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार के बिल वापसी के बाद भी किसान अभी धरना खत्म करने को तैयार नहीं है। किसान संगठनों ने 4 दिसंबर को अगली बैठक बुलाई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।
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