एबीएन डेस्क। गायिका लता मंगेशकर कोरोना संक्रमित होने के बाद से अस्पताल में भर्ती हैं। मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में उनका इलाज कर रहे डॉ प्रतीत समदानी बताते हैं कि कल से गायिका की तबीयत में सुधार है, लेकिन उन्हें अभी आईसीयू में डॉक्टर्स की निगरानी में रखा गया है। उनके शीघ्र स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना करें।
एबीएन डेस्क। आज देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है। मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए राष्ट्रपति कोविंद ने लिखा कि नेताजी के आदर्श और बलिदान हर भारतीय को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। वहीं, इस मौके पर ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को श्रद्धांजलि देते हुए 23 जनवरी को "देश नायक दिवस" मनाने और नेशनल हॉलिडे घोषित करने की मांग की राष्ट्रपति कोविंद ने ट्वीट किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर भारत कृतज्ञतापूर्वक श्रद्धांजलि देता है। स्वतंत्र भारत के विचार के प्रति अपनी उग्र प्रतिबद्धता दिखाने के लिए उन्होंने आजाद हिंद के गठन जैसे साहसी कदम उठाए। ये उन्हें राष्ट्रीय प्रतीक बनाते हैं। उनके आदर्श और बलिदान हर भारतीय को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे। उधर, पीएम मोदी ने लिखा, सभी देशवासियों को पराक्रम दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती पर उन्हें मेरी आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। राष्ट्र के प्रति उनके योगदान पर हर भारतीय को गर्व है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा है कि भारतीय अर्थव्यवस्था में चमकीले स्थानों के साथ कुछ काले धब्बे भी हैं, ऐसे में सरकार को अपने खर्च को सावधानी से लक्षित करने की जरूरत है, ताकि राजकोषीय घाटे को बहुत ऊंचाई पर पहुंचने से रोका जा सके। राजन अपने विचारों को स्पष्ट तरीके से रखने के लिए जाने जाते हैं। प्रसिद्ध अर्थशास्त्री ने कहा कि सरकार को अर्थव्यवस्था के "के" आकार के पुनरुद्धार को रोकने के लिए और उपाय करने की जरूरत है। सामान्य तौर पर के आकार के पुनरुद्धार में प्रौद्योगिकी और बड़ी पूंजीगत कंपनियों की स्थिति महामारी से अधिक प्रभावित छोटे व्यवसायों और उद्योगों की तुलना में तेजी से सुधरती है। राजन ने कहा, अर्थव्यवस्था के बारे में मेरी सबसे बड़ी चिंता मध्यम वर्ग, लघु एवं मझोले क्षेत्र और हमारे बच्चों को लेकर है। ये सारी चीजें दबी मांग से शुरुआती पुनरुद्धार के बाद "खेल" में आएंगी। उन्होंने कहा कि इन सभी का "लक्षण" कमजोर उपभोक्ता मांग है। विशेषरूप से व्यापक स्तर पर इस्तेमाल वाले उपभोक्ता सामान की मांग काफी कमजोर है। राजन फिलहाल शिकॉगो विश्वविद्यालय के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस में प्रोफेसर हैं। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था में हमेशा चमकदार स्थानों के साथ गहरे काले धब्बे होते हैं। उन्होंने कहा कि चमकदार क्षेत्रों की बात की जाए, तो इसमें स्वास्थ्य सेवा कंपनियां आती हैं। इनके अलावा सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और आईटी-संबद्ध क्षेत्र जबर्दस्त कारोबार कर रहे हैं। कई क्षेत्रों में यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर से अधिक मूल्यांकन) बने हैं और वित्तीय क्षेत्र के कुछ हिस्से भी मजबूत हैं। रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने कहा, काले धब्बों की बात की जाए, तो बेरोजगाारी, कम क्रय शक्ति छोटी और मझोले आकार की कंपनियों का वित्तीय दबाव इसमें आता है। इसके अलावा काले धब्बों में ऋण की सुस्त वृद्धि और हमारे स्कूलों की पढ़ाई भी आती है। राजन ने कहा कि कोरोना वायरस का नया स्वरूप ओमीक्रॉन चिकित्सकीय और आर्थिक गतिविधियों दोनों के लिए झटका है, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने सरकार को के-आकार के पुनरुद्धार के प्रति आगाह किया।
एबीएन डेस्क। सरकार की तमाम कोशिशों के बाद पाम तेल की कीमतों में मिली राहत एक बार फिर खत्म होती दिखाई दे रही है। आने वाले समय में किचन और उद्योगों में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाले पाम तेल के दाम बढ़ सकते हैं। इससे उपभोक्ताओं को एक बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, भारत को पाम तेल का सबसे ज्यादा निर्यात करने वाले देश इंडोनेशिया ने अपना शिपमेंट घटाने का फैसला किया है। इससे देश में पाम तेल की आवक घटेगी जिसका सीधा असर घरेलू बाजार व उपभोक्ताओं पर होगा। खाद्य तेल उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि हम इंडोनेशिया से कम आपूर्ति की भरपाई मलेशिया से आयात बढ़ाकर करना चाहते हैं लेकिन दिक्कत ये है कि वहां से इतना पाम तेल आना संभव नहीं है। इंडोनेशिया ने एक घरेलू बिल के जरिए अपना पाम तेल निर्यात घटाने की बात कही है, ताकि वहां घरेलू कीमतें नीचे लाई जा सकें। 60% आयात इंडोनेशिया से : भारत अपनी कुल जरूरत का 60 फीसदी पाम तेल आयात इंडोनेशिया से करता है। यही कारण है कि इंडोनेशिया से कम तेल आने पर भारतीय घरेलू बाजार और उपभोक्ताओं पर सीधा असर पड़ेगा। भारत सालाना अपनी कुल जरूरत का दो तिहाई खाद्य तेल आयात करता है, जो करीब 1.5 करोड़ टन होता है। इंडोनेशिया के बाद मलेशिया दूसरा बड़ा निर्यातक है, जो भारत की खपत का 40 फीसदी पाम तेल निर्यात करता है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि खाद्य तेल की बढ़ती कीमतों से उपभोक्ताओं को राहत दिलाने के लिए आयात रणनीति में बदलाव करेंगे। हम अपनी जरूरतों को पाम तेल के बजाए सोयाबीन, सूरजमुखी जैसे तेलों से पूरी करेंगे। अमेरिका सोया तेल का बड़ा निर्यातक है। खाद्य तेल उद्योग के जानकारों का कहना है कि पाम तेल का आयात 50 साल बाद सोयाबीन और सूरजमुखी के मुकाबले नीचे आएगा। फरवरी में पाम तेल का कुल आयात 5 लाख टन रहने का अनुमान है, जबकि सूरजमुखी और सोयाबीन का आयात 6 लाख टन पहुंच जााएगा। इस बीच उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर ये है कि बुआई का रकबा बढ़ने से रिकॉर्ड 120 लाख टन सरसों उत्पादन का अनुमान है। इससे घरेलू बाजार में सरसों तेल के दाम घटने की पूरी उम्मीद है। 2021 में सरसों तेल की कीमतें 200 रुपए लीटर तक पहुंच गई थी। 2020-21 में करीब 87 लाख टन सरसों का उत्पादन हुआ था। इस साल सरसों का रकबा 90.5 लाख हेक्टेयर पहुंच गया है, जो पिछले साल 61.5 लाख हेक्टेयर था।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14 जनवरी को समाप्त सप्ताह में 2.229 अरब डॉलर बढ़कर 634.965 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार इससे पहले सात जनवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 87.8 करोड़ डॉलर घटकर 632.736 अरब डॉलर हो गया था। जबकि तीन सितंबर, 2021 को समाप्त सप्ताह में यह रिकार्ड 642.453 के उच्च स्तर पर पहुंच गया था। आरबीआई के साप्ताहिक आंकड़ों के अनुसार 14 जनवरी को समाप्त समीक्षाधीन सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में उछाल आने की वजह कुल मुद्रा भंडार का अहम हिस्सा माने जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों (एफसीए) तथा स्वर्ण आरक्षित भंडार में वृद्धि है। रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, सप्ताह के दौरान एफसीए 1.345 अरब डॉलर बढ़कर 570.737 अरब डॉलर हो गया। डॉलर में अभिव्यक्त किए जाने वाले विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे यूरो, पौंड और येन जैसे गैर-अमेरिकी मुद्रा के घट-बढ़ को भी शामिल किया जाता है। इस दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 27.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 39.77 अरब डॉलर हो गया। आलोच्य सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) के पास विशेष आहरण अधिकार 12.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 19.22 अरब डॉलर हो गया। अंतररराष्ट्रीय मुद्राकोष में देश का मुद्रा भंडार भी 3.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 5.238 अरब डॉलर हो गया।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में कोरोना वायरस इन दिनों अपनी पीक पर है। पिछले कुछ दिनों से लगातार नए मामले 3 लाख से भी ज्यादा सामने आ रहे हैं। वहीं देश में एक बार फिर से कोरोना ने स्पीड पकड़ ली है। पिछले 24 घंटे में 3.37 लाख केस सामने आए हैं। लगातार ये तीसरा दिन है, जब कोरोना के देश में तीन लाख से ज्यादा केस सामने आए हैं। देश में एक्टिव मामले बढ़कर 21 लाख हो गए हैं। पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना से 488 लोगों ने कोरोना से जान गंवाई। अब तक देश में कोरोना से 4,88,884 लोगों की मौत हो गई। देश में 5 सबसे संक्रमित राज्यों की बात करें तो महाराष्ट्र टॉप पर है। महाराष्ट्र में कोरोना के 48,270 केस सामने आए हैं। इसके बाद कर्नाटक में (48,049 केस), केरल में (41,668 केस), तमिलनाडु में 29,870 केस, गुजरात में 21,225 केस सामने आए हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। मुंबई में शनिवार को सुबह-सुबह बड़ा हादसा हो गया। यहां के तारदेव इलाके में भाटिया अस्पताल के पास एक इमारत में भीषण आग लग गई। बताया जा रहा है कि आग 20 मंजिला कमला बिल्डिंग नामक इमारत में लगी। इस घटना में अब तक दो लोगों की मौत की सूचना है। वहीं छह बुजुर्गों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुंबई की मेयर किशोरी पेडनेकर ने बताया कि छह लोगों को ऑक्सीजन सपोर्ट की जरूरत थी, जिन्हें पास के अस्पताल में भेजा गया है। उन्होंने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन धुएं के कारण लोगों को सांस लेने में समस्या हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि इमारत में लेवल थ्री की आग लगी थी। आग इतनी भीषण थी कि दमकल विभाग की 13 गाड़ियों की मदद से इसे काबू किया जा सका। हालांकि, इमारत में रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। अधिकारियों ने बताया कि इमारत के पास पांच एंबुलेंस को तैनात किया गया है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंडिया गेट पर नेता जी सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति लगाई जाएगी। इस बात की जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करके दी है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि ऐसे समय जब पूरा देश नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि ग्रेनाइट से बनी उनकी भव्य प्रतिमा इंडिया गेट पर स्थापित की जाएगी। यह उनके प्रति भारत के ऋणी होने का प्रतीक होगा। पीएम ने आगे कहा कि जब तक नेताजी बोस की भव्य प्रतिमा पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनकी होलोग्राम प्रतिमा उसी स्थान पर मौजूद रहेगी। मैं नेताजी की जयंती 23 जनवरी को होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण करूंगा।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse