एबीएन सेंट्रल डेस्क (नयी दिल्ली)। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल सहित विभिन्न नेताओं ने बुधवार हर घर तिरंगा अभियान के तहत अपने आवास पर तिरंगा फहराया।
श्री शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि आज हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत अपने आवास पर तिरंगा फहराया। मोदी जी के नेतृत्व में शुरू हुआ हर घर तिरंगा अभियान आज देश को एकता के सूत्र में पिरोने और राष्ट्रप्रेम की भावना को और भी प्रबल बनाने वाला जन-अभियान बन गया है।
यह अभियान दशार्ता है कि असंख्य स्वतंत्रता सेनानियों ने अपने त्याग, तप और समर्पण से जिस आजाद भारत का सपना साकार किया था, उसे विकसित और सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए 140 करोड़ देशवासी संकल्पित हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देश में नक्सली हिंसा से जुड़े मामलों में वर्ष 2010 के मुकाबले 2024 में 81 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गयी है। इसी दौरान नागरिकों और सुरक्षाबलों की मौतों में भी 85 फीसदी की कमी आयी है। गृह राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने मंगलवार को लोकसभा में यह जानकारी दी।
कांग्रेस सांसद कल्याण वैजिनाथराव काले के सवाल का जवाब देते हुए राय ने कहा, नक्सली हिंसा में गिरावट 2015 में शुरू की गयी राष्ट्रीय नीति व कार्य योजना के सख्त व सतत क्रियान्वयन का नतीजा है। नक्सली हिंसा कुछ चुनिंदा इलाकों तक सिमट गयी है।
नक्सल प्रभावित जिलों की संख्या भी 2013 के 126 से घटकर अप्रैल 2025 में 18 रह गयी है। नक्सली हिंसा का सबसे ज्यादा खामियाजा गरीब और हाशिये पर रह रहे तबकों, खासकर आदिवासियों को भुगतना पड़ा है। नक्सलियों के ज्यादातर शिकार आदिवासी होते हैं।
अक्सर उन्हें पुलिस मुखबिर बताकर प्रताड़ित किया जाता है और हत्या कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास न केवल नक्सली हिंसा को खत्म करना है, बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में विकास और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाकर वहां स्थायी शांति स्थापित करना भी है।
वाणिज्य और उद्योग राज्यमंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में बताया कि इस साल 30 जून तक 1,80,683 कंपनियों को आधिकारिक तौर पर स्टार्टअप का दर्जा दिया गया है। इन कंपनियों को आयकर में छूट से लेकर पूंजी सहायता तक कई लाभ स्टार्टअप इंडिया अभियान के तहत दिए जा रहे हैं।
केंद्र सरकार ने मंगलवार को बताया कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 16.78 लाख परिवार लाभान्वित हुए हैं। फरवरी, 2024 से पूरे देश में लागू इस योजना का लक्ष्य 2026-27 तक आवासीय क्षेत्रों में एक करोड़ घरों की छत पर सौर ऊर्जा स्थापित करना है।
भारत ने जाम्बिया के साथ सहकारी संस्थाओं के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत करने के लिए अहम समझौता किया है। सहकारिता मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में बताया कि 18 जुलाई को हुए एमओयू का उद्देश्य आपसी व्यापार में सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। शाह ने कहा कि केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय भारतीय मिशनों के जरिए विश्व स्तर पर सहकारी निर्यात तंत्र को मजबूत कर रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन आनुवंशिक विकार से निपटने से लेकर समानता और सम्मान सुनिश्चित करने तक जन स्वास्थ्य में एक नये युग का सूत्रपात करता है।
श्री मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल रोग मुक्त बनाने के लक्ष्य से जुड़ी ऐतिहासिक पहल पर मंगलवार को केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा का एक लेख सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा करते हुए यह बात कही।
दरअसल, श्री नड्डा ने सिकल सेल रोग के बारे में सोशल मीडिया पर अपना लेख पोस्ट किया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से पीएमओ इंडिया के हैंडल से इसकी प्रतिक्रिया में एक पोस्ट में कहा गया है। भारत का राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन आनुवंशिक विकार से निपटने से लेकर समानता और सम्मान सुनिश्चित करने तक जन स्वास्थ्य में एक नये युग का सूत्रपात करता है।
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 2047 तक सिकल सेल रोग मुक्त भारत के लक्ष्य से जुड़ी इस ऐतिहासिक पहल पर लेख लिखा है, उनके विचारों को अवश्य पढ़ा जाना चाहिए।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय रेलवे ने ग्रैंड कॉर्ड रेल सेक्शन पर माल ढुलाई की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए देश की अब तक की सबसे लंबी मालगाड़ी रुद्रास्त्र का सफल संचालन किया है। 354 वैगनों और 7 इंजनों से युक्त यह मालगाड़ी 4.5 किलोमीटर लंबी थी। इसका संचालन पूर्व मध्य रेल के डीडीयू मंडल के गंजख्वाजा स्टेशन से गढ़वा रोड स्टेशन तक किया गया।
रेलवे ने इसे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि करार दिया है। 354 वैगनों और 7 इंजनों से बनी रुद्रास्त्र गंजख्वाजा स्टेशन से चलकर लगभग 200 किलोमीटर दूर गढ़वा रोड तक पहुंची इस मालगाड़ी को रुद्रास्त्र नाम दिया गया। यह ट्रेन छह खाली बॉक्सन रेक को जोड़कर तैयार की गई थी। इसके संचालन के लिए विशेष तकनीकी समन्वय और नियंत्रण की आवश्यकता पड़ी, जिसे डीडीयू मंडल की टीम ने बखूबी निभाया।
रुद्रास्त्र मालगाड़ी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के जरिये सोननगर तक और फिर गढ़वा रोड तक सामान्य ट्रैक पर चली औसतन 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से इसने करीब 5 घंटे में यह दूरी तय की। इसकी लंबाई और भार को देखते हुए यह एक उत्कृष्ट प्रदर्शन माना जा रहा है।
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, अगर इन छह रेक को अलग-अलग चलाया जाता, तो चालक दल और मार्ग निर्धारण जैसी प्रक्रिया छह बार करनी पड़ती। रुद्रास्त्र के रूप में एक साथ संचालन से समय, श्रम और संसाधनों की उल्लेखनीय बचत हुई है। यह भविष्य में माल ढुलाई को और अधिक तेज और किफायती बनायेगा।
रुद्रास्त्र का सफल संचालन डीडीयू मंडल की कार्यकुशलता, समन्वय और नवाचार की मिसाल है। यहां मालगाड़ियों के डिब्बों की मरम्मत और तकनीकी जांच कर उन्हें फिर से जोड़ता है। यह प्रयास भारतीय रेलवे की आधुनिक सोच और नवाचार की दिशा में एक सशक्त कदम है।
जहां भारत ने रुद्रास्त्र के जरिये नया कीर्तिमान रचा है, वहीं विश्व में सबसे लंबी मालगाड़ी का रिकॉर्ड आॅस्ट्रेलिया की बीएचपी कंपनी के पास है। वह ट्रेन 7.3 किलोमीटर लंबी थी और उसमें 682 वैगन शामिल थे। हालांकि, भारतीय रेलवे की यह उपलब्धि भी वैश्विक मानकों की ओर अग्रसर है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। बचाव और अभियोजन के बीच की चौंकाने वाली खाई बच्चों के खिलाफ अपराधों से प्रभावी ढंग से निपटने में एक बड़ी बाधा बनी हुई है और अक्सर बच्चे इस खाई में फंस कर बाल श्रम, ट्रैफिकिंग, बाल विवाह तथा यौन शोषण जैसी स्थितियों में घिर जाते हैं। पटना में भारत में मानव दुर्व्यापार: समन्वय और रोकथाम तंत्र को मजबूत करना विषय पर राज्यस्तरीय परामर्श बैठक में बच्चों की ट्रैफिकिंग एवं अन्य बाल अपराधों से निपटने के लिए बेहतर समन्वय, जवाबदेही और रोकथाम रणनीतियों की तात्कालिक आवश्यकता पर जोर दिया गया। यह परामर्श जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन की ओर से बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित किया गया।
बाल अधिकारों की सुरक्षा व संरक्षण के लिए 250 से भी ज्यादा नागरिक संगठनों का देश का सबसे बड़ा नेटवर्क जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) 418 जिलों में काम कर कर रहा है। जेआरसी ने अपने सहयोगी संगठनों की मदद से देशभर में 1 अप्रैल 2024 से 30 अप्रैल 2025 के बीच 56,242 बच्चों को ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल से मुक्त कराया और ट्रैफिकर्स के खिलाफ 38,353 से अधिक मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की। बिहार में जेआरसी के 35 सहयोगी संगठन राज्य के सभी 38 जिलों में सक्रिय हैं। इन संगठनों ने 2023 से अब तक 4991 बच्चों को बाल श्रम व ट्रैफिकिंग गिरोहों के चंगुल से मुक्त कराया और 21,485 बाल विवाह रोके और रुकवाये। साथ ही, 6510 मामलों में कानूनी कार्रवाई शुरू की गयी।
राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य हुलेश मांझी ने बच्चों के विरुद्ध अपराधों से निपटने में सामुदायिक भागीदारी के महत्व पर बल देते हुए कहा, हमें एक समाज के रूप में बच्चों के खिलाफ हो रहे किसी भी प्रकार के अत्याचार की सूचना देनी चाहिए। बहुत से कमजोर और असुरक्षित बच्चे हमारे सामने शोषण का शिकार होते हैं, लेकिन हम इसे अनदेखा कर देते हैं। यह रवैया अब बदलना चाहिए, क्योंकि बच्चों को बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव शिल्पी सोनिराज ने परामर्श बैठक में कहा, हमें ह्यूमन ट्रैफिकिंग के मामलों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ देखने की आवश्यकता है। समय की मांग केवल न्याय ही नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण पुनर्वास भी है ताकि जिन बच्चों के साथ अन्याय हुआ है, उन्हें न्याय के साथ-साथ वह देखभाल और गरिमा मिल सके, जिसके वे वास्तव में हकदार हैं।
बिहार पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कमजोर वर्ग) डॉ. अमित कुमार जैन ने कहा, ह्यूमन ट्रैफिकिंग से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के बीच मजबूत समन्वय आवश्यक है। हम अभी भी सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने से बहुत पीछे हैं। अधिकांश अभियान नागरिक समाज संगठनों से मिली सूचनाओं पर ही आधारित होते हैं। यह सहयोग अमूल्य है, परंतु अब समय आ गया है कि इस पारिस्थितिकी तंत्र के सभी घटक सक्रिय हों और समयबद्ध तथा उपयोगी सूचनाओं के लेन-देन में अपनी भूमिका निभाएं।
जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन के राष्ट्रीय संयोजक रवि कांत ने भारत में ट्रैफिकिंग की रोकथाम के लिए कानूनी ढांचे की सराहना करते हुए कहा, भारत सरकार ने देश में ट्रैफिकिंग विरोधी कानूनों को सुदृढ़ किया है और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस)) के तहत कई महत्वपूर्ण प्रावधान और प्रक्रियाएं जोड़ी हैं। अब आवश्यकता इन कानूनों का प्रभावी तरीके से क्रियान्वयन की है जिसके लिए सभी स्तरों पर सभी पक्षों की समन्वित कार्रवाई जरूरी है। ट्रैफिकिंग एक संगठित अपराध है, और हमें इसे इसी दृष्टिकोण से देखना होगा। यदि हम बाल दुव्यार्पारियों यानी बच्चों की ट्रैफिकिंग करने वाले गिरोहों से आगे रहना चाहते हैं तो समयबद्ध सुनवाई, लापता बच्चों के मामलों में त्वरित कार्रवाई, सभी हितधारकों का क्षमता निर्माण और मजबूत अभियोजन तंत्र अनिवार्य हैं।
इस परामर्श में भाग लेने वाले अन्य प्रमुख अधिकारियों में बिहार सरकार के संयुक्त श्रम आयुक्त विजय कुमार, बिहार राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की पूर्व अध्यक्ष निशा झा, बीएसएलएसए की रजिस्ट्रार अनुपमा, वरिष्ठ अधिवक्ता केडी मिश्रा, समाजसेवी व पद्मश्री से सम्मानित सुधा वर्गीज, अंकिता कश्यप (राज्य कार्यक्रम प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार सरकार), पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता वत्सल वर्मा, बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के पूर्व सलाहकार सुनील झा, डीएसपी, आर्थिक अपराध शाखा एवं साइबर क्राइम धीरेंद्र और जेआरसी के सहयोगी संगठन मौजूद थे।
बैठक के दौरान अधिकारियों ने भारत में मानव दुर्व्यापार से जुड़े मौजूदा कानूनी और नीतिगत ढांचे की समीक्षा की और आह्वान किया कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों, न्यायपालिका, सरकारी विभागों और सिविल सोसाइटी के बीच ठोस समन्वय स्थापित हो ताकि कानून पर अमल, पीड़ितों की मदद और विभिन्न एजेंसियों के बीच सहयोग में आने वाली चुनौतियों से पार पाया जा सके। उन्होंने बच्चों की ट्रैफिकिंग के उन्मूलन की दिशा में समयबद्ध कार्ययोजना बनाए जाने की भी सिफारिश की।
ध्यान देने योग्य है कि नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के बाद ह्यूमन ट्रैफिकिंग दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा संगठित अपराध है। ट्रैफिकिंग गिरोह इन मासूम बच्चों को अपने जाल में फंसाते हैं और फिर उन्हें तमाम तरह के उन धंधों में धकेल देते हैं जहां उनका शारीरिक व मानसिक शोषण किया जाता है। इस खबर से संबंधित और जानकारी के लिए जितेंद्र परमार (85959 50825) से संपर्क करें।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। ललितपुर के झांसी रोड पर स्थित अमर पैलेस गार्डन में रविवार तारीख 3 अगस्त 2025 को तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज का एलसीडी के माध्यम से सत्संग कार्यक्रम हुआ। जिसमें हजारों की संख्या में सत्संग सुनते हुए श्रद्धालु नजर आये सत्संग में बताया गया। जो भक्ति मीराबाई ने की रविदास जी को कबीर साहब न आदेश दिया था।
दीक्षा देने का पहले कृष्ण जी की भक्ति करती थी लेकिन बाद में कबीर साहब का सत्संग सुनने के बाद कबीर साहब की भक्ति की। जिससे उसका मोक्ष हुआ। सत्संग में यह भी बताया गया कि आज पृथ्वी पर भगवान है और साक्षात कबीर साहब हैं, जो संत रामपाल जी महाराज जी का भेश में सभी लीला कर रहे हैं और अपने भक्तों के दुखों को दूर कर रहे।
कबीर परमेश्वर की हैं वाणी है -जो संत मम सत शब्द दृढ़ आवे, बाके संग सब राड बड़ाबे, ऐसे संत महंत की करनी धर्मदास में तो से बरनी, मीराबाई कीवाणी है- सत्संग में जाना मीरा ना छूटे अरे चाहे जल के मरो संसार।
संत जी के अनुयाई भगत राजपाल दास भगत श्री कृष्ण दास भगत प्रमोद दास भगत रामदास के साथ-साथ सभी श्रद्धालुओं ने सत्संग में यह दुनिया अनजान है धरती पर भगवान है कबीर साहेब भगवान है। क्यों फिरता दाने-दाने नू,हरी आये हरियाणे नू, सतलोक हमारा ठिकाना है, सत भक्ति करके जाना है... के नारे लगाये गये।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क (गुना)। राज्य शासन द्वारा संचालित युवा संगम कार्यक्रम के अंतर्गत जिले में रोजगार मेला, अप्रेंटिस मेला तथा स्वरोजगार योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन एवं आकांक्षी युवाओं को लाभान्वित करने के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए गुना जिले को राज्य स्तर पर लगातार चौथी बार सराहना मिली है।
इसी क्रम में जुलाई 2025 में आयोजित युवा संगम कार्यक्रम के लिए रोजगार आयुक्त द्वारा गुना जिले के कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और जिला रोजगार अधिकारी बी.एस. मीना क़ो प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया है। जिसमें कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आकांक्षी युवाओं अब युवा संगम कार्यक्रम में रोजगार और स्वरोजगार के साथ-साथ स्वास्थ्य शिविर, नशा मुक्ति अभियान और वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम की जानकारी भी दी जा रही हैं। इन गतिविधियों के आधार पर जिले की रैंक तैयार होती है। इन सभी दिशा में गुना में युवाओं क़ो प्रेरित करने के प्रयासों की सराहना की गई है।
उल्लेखनीय है कि युवा संगम कार्यक्रम के अंतर्गत माह नवम्बर 2024 से माह के चौथे बुधबार क़ो लगातार कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं। गुना जिले ने जून 2025 में राज्य स्तरीय रैंक में प्रथम स्थान प्राप्त किया था। इसी प्रकार जुलाई 2025 की राज्य स्तरीय रैंकिंग में भी प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इन निरंतर उपलब्धियों के लिए कलेक्टर कन्याल को रोजगार आयुक्त द्वारा लगातार चार माह से प्रशंसा पत्र प्रेषित किए जा रहे हैं।
कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल के नेतृत्व एवं सीईओ जिला पंचायत अभिषेक दुबे के मार्गदर्शन में जिले में युवाओं के लिए विभिन्न रोजगार व स्वरोजगार योजनाओं की उन्मुखी गतिविधियाँ प्रभावी ढंग से संचालित की गईं, जिनमें निजी क्षेत्र में प्लेसमेंट आधारित रोजगार मेले, अप्रेंटिसशिप शिविर तथा स्वरोजगार योजनाओं के लिए मार्गदर्शन और हितलाभ वितरण शिविर प्रमुख हैं। इन प्रयासों से बड़ी संख्या में युवाओं को लाभ मिला है और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रहे हैं।
ज्ञात है कि युवा संगम कार्यक्रम का आयोजन हर माह के चौथे बुधवार को होता है जिसमें कौशल विकास एवं रोजगार एमएसएमई, ग्रामीण आजीविका मिशन सहित आईटीआई का स्टाफ का विशेष सहयोग रहता है। कलेक्टर द्वारा सभी टीम क़ो बधाई देकर शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।
एबीएन सेन्ट्रल डेस्क। मोदी कैबिनेट ने किसानों और रेलवे से जुड़े छह बड़े फैसले लिए हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NCDC) के फंड में वृद्धि की गई है, जिससे 94 प्रतिशत किसान जुड़े हुए हैं। कैबिनेट ने इसके लिए 2025-26 से 2028-29 तक 2000 करोड़ रुपये की केंद्रीय योजना राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को अनुदान सहायता को मंजूरी दी है।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के तहत वित्तीय आवंटन 6520 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जिसमें लैब और ढांचागत सुधार के लिए 1000 करोड़ रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इस योजना के तहत फूड टेस्टिंग लैब और इरिडिएशन यूनिट स्थापित की जाएंगी। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 11 सालों में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर दोगुना हो चुका है।
रेलवे क्षेत्र में भी बड़ी प्रगति हुई है। कैबिनेट ने इटारसी से नागपुर के बीच चौथी रेल लाइन की मंजूरी दी है, जबकि तीसरी लाइन का काम पहले से चल रहा है। इसके अलावा, रेलवे की चार मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी मिली है, जो महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड के 13 जिलों को कवर करेंगी और रेलवे नेटवर्क में लगभग 574 किलोमीटर की वृद्धि करेंगी।
किसान संपदा योजना के बारे में मंत्री ने बताया कि 2021-22 से 2025-26 तक के लिए इस योजना का कुल बजट अब 6520 करोड़ रुपये हो गया है। इसमें एकीकृत शीत श्रृंखला और मूल्य संवर्धन अवसंरचना (ICCVAI) के तहत 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयों और खाद्य सुरक्षा एवं गुणवत्ता आश्वासन अवसंरचना (FSQAI) के तहत NABL मान्यता प्राप्त 100 खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिए 1000 करोड़ रुपये की मंजूरी शामिल है। इसके अलावा, विभिन्न घटक योजनाओं के लिए 920 करोड़ रुपये भी आवंटित किए गए हैं।
सरकार के ये फैसले किसानों के हित में सहकारी विकास को बढ़ावा देने और रेलवे नेटवर्क विस्तार के जरिए बेहतर अवसंरचना मुहैया कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
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