एबीएन सेंट्रल डेस्क। पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा शनिवार को पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ पर बरसे। उन्होंने आरोप लगाया कि धनखड़ राज्य में चयनित सरकार को सही से काम नहीं करने दे रहे हैं। झारखंड के हजारीबाग में एक प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पश्चिम बंगाल और केरल की तुलना नकारात्मक रूप में करने पर भी प्रतिक्रिया दी। सिन्हा ने कहा कि अगर उत्तर प्रदेश कश्मीर, केरल और बंगाल बनता है तो यह उसके लिए सौभाग्य की बात होगी। ये राज्य सामाजिक और आर्थिक मानकों पर कहीं अधिक आगे हैं। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों में चुनाव होने वाले हैं उनमें से अधिकतर में विपक्ष मजबूत स्थिति में है। यशवंत सिन्हा ने आरोप लगाया कि जगदीप धनखड़ बंगाल सरकार के हर कदम में अवरोध उत्रन्न कर रहे हैं जो पूरी तरह अलोकतांत्रिक और अस्वीकार्य है। अटल बिहारी वाजपेई की सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे सिन्हा ने यह आरोप भी लगाया कि धनखड़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार के इशारों पर काम कर रहे हैं। सिन्हा ने धनखड़ पर विपक्षी नेता की तरह काम करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह राज्य सरकार के सामने बाधाएं खड़ी कर रहे हैं। उन्होंने केरल, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों में राज्यपालों की भूमिका की भी आलोचना की। योगी आदित्यनाथ के बयान को लेकर सिन्हा ने कहा कि यह बयान निराशा में दिया गया है। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने यह महसूस किया है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा इस समय कठिन हालात से गुजर रही है। सिन्हा ने दावा किया कि भाजपा को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में पहले चरण के मतदान में 58 में से 20 सीटों से अधिक पर जीत नहीं मिलेगी। पिछले विधानसभा चुनाव में इस क्षेत्र में भगवा दल ने 58 सीटों पर जीत हासिल की थी।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। कर्नाटक में जारी हिजाब विवाद के बीच जहां राज्य भर में तनाव की स्थिति है, वहीं दक्षिण कन्नड़ जिले के कदबा तालुक के अंकथाडका के सरकारी प्राथमिक स्कूल की कक्षा के अंदर मुस्लिम समुदाय के कुछ छात्र कथित तौर पर नमाज अदा करते हुए एक वीडियो में देखे गए हैं। यह वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया है। खबरों के अनुसार यह वीडियो 4 फरवरी को शूट किया गया था और अब यह वायरल हो रहा है। इसको लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। वायरल वीडियो में कुछ युवा, कथित तौर पर स्कूल के छात्र नमाज पढ़ते हुए घुटने टेकते और अपना सिर जमीन पर झुकाते हुए देखे जा सकते हैं। स्थानीय लोगों ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत की है। कई शिकायतों के बाद अधिकारियों ने शुक्रवार को स्कूल का दौरा किया और मामले की जानकारी ली। इधर, स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि वीडियो की जानकारी मिलने के बाद सभी छात्रों को कक्षा के अंदर ऐसे धार्मिक गतिविधियों में शामिल नहीं होने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में खंड शिक्षक अधिकारी सी लोकेश ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि इस मामले में जांच करने को कहा गया है और संबंधित इस मामले में स्कूल का दौरा कर घटना पर एक रिपोर्ट जमा करेंगे। गौरतलब है कि कर्नाटक के उडुपी जिले के गवर्नमेंट गर्ल्स पीयू कॉलेज में कुछ मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर कक्षा में आने से मना करने के बाद इस विवाद ने तूल पकड़ा और यह पूरे राज्य में फैल गया। राज्य भर की मुस्लिम छात्राओं के साथ छात्र सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे और इस हंगामे में राजनीतिक दलों ने भी अपनी प्रतिक्रिया देकर इसे देश भर में पहुंचा दिया। वहीं, कई छात्रों को हिजाब के विरोध में भगवा शॉल पहनकर सड़कों पर घूमते देखा गया। इस मामले में कोर्ट की शरण ली गई है। वहीं यह देखते हुए कि धर्म की स्वतंत्रता का अधिकार उचित प्रतिबंधों के लिए अतिसंवेदनशील है, कर्नाटक उच्च न्यायालय ने ड्रेस कोड वाले शिक्षण संस्थान के सभी छात्रों को राज्य में अगले आदेश तक, कक्षा परिसर के भीतर किसी भी प्रकार के धार्मिक पोशाक पहनने से रोक दिया है, चाहे उनका धर्म या विश्वास कुछ भी हो। कोर्ट ने कहा है कि अंतहीन आंदोलन और शैक्षणिक संस्थानों को अनिश्चित काल के लिए बंद करना, ठीक बात नहीं है। हालांकि, देश के कुछ हिस्सों में हिजाब पर प्रतिबंध के खिलाफ विरोध बढ़ रहा है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव तो नहीं हैं लेकिन इस समय राज्य की सियासत में राजनीतिक पारा ऊपर चढ़ा हुआ है। सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी का भतीजे और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी के साथ तनाव बढ़ता जा रहा है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कयास लगाए जा रहे हैं अभिषेक अपने पद से इस्तीफा भी दे सकते हैं। बढ़ती दरार को देख सीएम ने शनिवार को मुख्यमंत्री आवास पर वरिष्ठ नेताओं की एक आपातकालीन बैठक बुलाई। पार्टी द्वारा यह बैठक मुख्यत: सांसद अभिषेक बनर्जी द्वारा वन मैन, वन पोस्ट की नीति को बढ़ावा देने के दबाव पर बढ़ते तनाव को दूर करने के लिए बुलाई गई। इससे पहले ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के बीच चल रहा संघर्ष और तेज हो गया जब अभिषेक बनर्जी को सपोर्ट करने वालों ने वन मैन, वन पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया में एक कैंपने शुरू कर दिया। पार्टी के कई राजनीतिक लोग अभिषेक बनर्जी के इस कदम को ममता बनर्जी के खिलाफ शुरूआती विद्रोह के रूप में देखते हैं। हालांकि पार्टी की तरफ से इस बैठक को लेकर कहा गया है कि निकाय चुनाव की रणनीति को लेकर बैठक है। लेकिन टीएमसी के सूत्रों की मानें तो यह बैठक एक व्यक्ति एक पोस्ट को लेकर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के समर्थकों के बीच बढ़ते टकराव को देखते हुए की जा रही है। जानकारी के अनुसार अभिषेक बनर्जी चाहते हैं कि पार्टी एक व्यक्ति एक पद की नीति को लागू करे, जबकि वहीं सीएम ममता बनर्जी के समर्थक जो कि पार्टी के पुराने नेता हैं, वे इस नीति का विरोध कर रहे हैं। खुद ममता बनर्जी इस पूरे प्रकरण अभिषेक बनर्जी से सीधे बात नहीं कर रही हैं। इसके विरोध में अभिषेक बनर्जी के समर्थकों ने सोशल मीडिया में अभियान भी चला रहे हैं जिसे लेकर मु्ख्यमंत्री और पार्टी महासचिव के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। इसी कलह को शांत करने के लिए ममता बनर्जी ने शनिवार को आपातकालीन बैठक बुलाई है।
एबीएन डेस्क। जाने-माने उद्योगपति एवं बजाज समूह के पूर्व अध्यक्ष राहुल बजाज का शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे में निधन हो गया। वह 83 वर्ष के थे और लंबे समय से कैंसर से पीड़ित थे। दस जून 1938 को कोलकाता में जन्मे राहुल बजाज ने 1965 में बजाज समूह की जिम्मेदारी संभाली थी और पिछले 50 सालों में अपने समूह को काफी ऊंचाईयों पर पहुंचाया था। भारत सरकार ने 2001 में उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था। वह 2006 से 2010 तक राज्यसभा के सदस्य भी रहे।
एबीएन डेस्क। राजमहल रेलवे स्टेशन पर बैक करने के दौरान शुक्रवार को बोल्डर लदी मालगाड़ी बेपटरी हो गई। गनीमत रही कि लोहे के ब्रेकर के चलते बड़ा हादसा टल गया। इधर अनुमंडल प्रशासन ने रेलवे को अविलंब रैक लोड कर जगह को खाली कराने का निर्देश दिया है। बता दें कि रेलवे द्वारा स्वीकृति के बाद लगभग 59 वैगन बोल्डर राजमहल से बांग्लादेश के दर्शना भेजा जा रहा था। इसके चलते बांग्लादेश के दर्शना भेजने के लिए गुरुवार को यहां एक रैक में बोल्डर लोड किया गया था। शुक्रवार को ट्रैक बदलने के लिए मालगाड़ी को बैक किया जा रहा था। इसी क्रम में सबसे पीछे का वैगन पटरी समाप्त होने के स्थान पर लगाए गए लोहे के ब्रेकर से टकरा कर बेपटरी हो गया। गनीमत रही कि चालक ने ब्रेक लगाकर गाड़ी को तुरंत रोक लिया। इधर, घटना की सूचना मिलने पर एसडीओ रोशन कुमार साह और एसडीपीओ अरविद कुमार भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अविलंब मेला क्षेत्र से सभी अवरोधकों को हटाने का निर्देश दिया। आसपास के लोगों ने बताया गया कि यदि ब्रेकर नहीं रहता तो निश्चय ही मालगाड़ी का पिछला हिस्सा मात्र आठ-दस फीट दूर स्थित मुख्य मार्ग एनएच 80 की ओर बनी चाहरदीवारी को तोड़ देता। इससे मार्ग में आवागमन कर रहे राहगीर या वाहन उसके चपेट में आ सकते थे। इधर, राजकीय माघी पूर्णिमा मेला के नजदीक होने और श्रद्धालुओं के भारी भीड़ के आगमन को देखते हुए अनुमंडल प्रशासन द्वारा अविलंब रैक लोड कर जगह को खाली कराने का निर्देश रेल प्रबंधन एवं स्टोन वेंडर को दिया है। स्टेशन अधीक्षक उत्तम कुमार ने बताया कि दुर्घटना की जानकारी वरीय पदाधिकारियों को दे दी गई है। बेपटरी हुई मालगाड़ी को पुन: पटरी पर ला दिया गया है तथा 24 घंटे में सभी स्टोन को वैगन में लोड कर डिस्पैच कर दिया जाएगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जम्मू-कश्मीर में आतंकी वारदतें थमने का नाम नहीं ले रहीं हैं। उत्तरी कश्मीर के बांदीपोरा जिले के निशात पार्क में आतंकवादियों ने सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड से हमला किया। इस हमले 4 जवानों के घायल होने की खबर हैं, जिन्हें इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी बीच खबर मिली है कि इस कायराना हरकत में जम्मू कश्मीर पुलिस के एसपीओ शहीद हो गए हैं। सुरक्षाबलों ने आतंकियों की तलाश में पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली है और उनके खिलाफ तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि, निशात पार्क के पास आतंकवादियों ने नाका पार्टी पर ग्रेनेड फेंका। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी को जवाबी कार्रवाई करते समय अपनी जान गंवानी पड़ी है। हमले में सेना के 4 जवान घायल हैं। घायलों में 1 सीमा सुरक्षाबल के जवान और 3 पुलिसकर्मी हैं। उल्लेखनीय है कि दिसंबर 2021 के बाद से बांदीपोरा शहर में पुलिस पर ऐसा यह दूसरा हमला है। गत 10 दिसंबर को बांदीपोरा के गुलशन चौक पर एक आतंकवादी हमले में सिलेक्शन ग्रेड कांस्टेबल मोहम्मद सुल्तान और कांस्टेबल फैयाज अहमद शहीद हो गए थे।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। सेना प्रमुख जनरल एम एम नरवणे ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारतीय सेना को साइबर क्षेत्र के खतरों का इल्म है और उसने इन खतरों से निपटने के लिए अपनी क्षमताओं में सुधार के वास्ते कई कदम उठाए हैं। जनरल नरवणे ने ऑनलाइन कार्यक्रम में हैकेथॉन के विजेताओं को सम्मानित करते हुए यह बात कही। सेना ने कहा कि उभरती प्रौद्योगिकियों के उपयोग में दक्षता और विशेषज्ञता को बढ़ावा देने के लिए महू में "मिलेट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग" (एमसीटीई) में अपने तरह का पहला हैकेथॉन आयोजित किया गया था। "सैन्य रणक्षेत्रम" नामक इस कार्यक्रम को एक अक्टूबर से 31 दिसंबर के बीच आयोजित किया गया, जिसमें 15,000 लोगों ने हिस्सा लिया। सेना ने एक बयान में कहा कि सेना प्रमुख ने कहा, देश के समक्ष आज जो अहम चुनौतियां हैं उनमें से एक है साइबर खतरा और इस बात को ध्यान में रखते हुए सेना इन खतरों के प्रति सजग है और उसने इनसे निपटने के लिए अपनी क्षमताओं में सुधार के वास्ते कई कदम उठाए हैं।
एबीएन डेस्क। कोरोना संक्रमण को लेकर अब राष्ट्रीय स्तर पर एक मिलीजुली तस्वीर देखने को मिल रही है। राष्ट्रीय स्तर पर जहां एक ओर कोरोना के नए मामलों में गिरावट आ रही है, वहीं देश के 141 जिलों में कोरोना संक्रमण की दर 10 फीसदी से अधिक है। इतना ही नहीं 39 जिलों में हर दिन संक्रमण बढ़ रहा है। केरल समेत कई जैसे राज्यों के हालात चिंताजनक हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव कुमार अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को बताया कि 141 जिलों में कोरोना की साप्ताहिक संक्रमण दर 10 फीसदी से अधिक दर्ज की गई है। वहीं 160 जिलों में संक्रमण अभी भी पांच से 10 फीसदी के बीच है। केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु और कर्नाटक में अभी भी सक्रिय मरीजों की संख्या सबसे अधिक है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मिजोरम, हिमाचल प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम के हालात भी चिंताजनक हैं। उन्होंने बताया कि देश में 96 फीसदी वयस्क आबादी को पहली खुराक दी गई है। इनमें से 78 फीसदी आबादी को टीके की दोनों खुराक दी जा चुकी है। इसके अलावा 15 से 18 वर्ष के 69 फीसदी किशोरों को पहली और 14 फीसदी को दोनों खुराक दी जा चुकी है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने एहतियाती खुराक को लेकर लोगों से अपील की है कि जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है और जिन्हें पहले से कोई न कोई बीमारी है उन्हें एहतियाती खुराक के लिए आगे आना चाहिए क्योंकि संक्रमण का जोखिम इस वर्ग के लिए अभी भी बना हुआ है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ २४ अपने सभी प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और स्नेह के लिए धन्यवाद।
© www.abnnews24.com. All Rights Reserved. Designed by Inhouse