एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूपी का चुनावी सफर अब अपने उत्तर काल में आ गया है। आज छठे चरण की वोटिंग है। आज की सियासी जंग में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ ही कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की किस्मत का फैसला भी होना है। मतदान शुरू हो गया है। हंडिया के एक बूथ पर दोबारा मतदान : प्रयागराज की हंडिया विधानसभा सीट के बूथ नंबर 311 मानिकपुर प्राथमिक विद्यालय पर आज दोबारा वोट डाले जाएंगे। यहां 27 फरवरी को मतदान हुआ था लेकिन मतदान संबंधी दस्तावेज गुम हो गए थे, जिसके चलते यहां दोबारा मतदान हो रहा है। बलिया में शुरू हुई वोटिंग बलिया में आज सात विधानसभा सीटों के लिए वोट डाले जा रहे हैं। इन सीटों पर कुल 82 प्रत्याशियों की किस्मत दांव पर लगी है। इनमें मंत्री उपेंद्र तिवारी, आनंद स्वरूप शुक्ला के अलावा सपा से नारद राय, राम गोविंद चौधरी, जियाउद्दीन रिजवी, उमाशंकर सिंह, सुरेंद्र सिंह जैसे नेताओं की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के प्रयास से यूक्रेन में फंसे 17 लोग आज देर शाम झारखंड पहुंच गए। राज्य सरकार अंतर्गत संचालित कंट्रोल रूम से प्राप्त जानकारी के अनुसार, यूक्रेन में फंसे झारखण्ड के लोगों से लगातार सम्पर्क स्थापित कर उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा रही है तथा केंद्र सरकार से लोगों को वापस लाने के लिए भी जानकारी साझा की जा रही है। कंट्रोल रूम में अब तक आये 134 फ़ोन कॉल्स के माध्यम से तकरीबन 181 लोगों की जानकारी मिली है, इनमें 67 महिला और 114 पुरुष हैं। यूक्रेन और रूस के युद्ध कारण बिगड़े हालात का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है। दिन-ब-दिन बिगड़ते कारण जंग की शुरुआत से अब तक भारी जान-माल का नुकसान हो चुका है। रूसी सेना के यूक्रेन पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं। इन सबके बीच हजारों भारतीय नागरिक व छात्र यूक्रेन में फंसे हुए थे, जिन्हें वापस देश लाने के लिए भारत सरकार ने ऑपरेशन गंगा चलाया, जिसके तहत हजारों छात्र और नागरिक अपने वतन और अपने परिवारजनों के पास वापिस पहुंचाए जा चुके हैं।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत में अमीरों की संख्या में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, देश में अल्ट्रा एचएनआई (3 करोड़ डॉलर या करीब 226 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति) वाले लोगों की संख्या में 2021 में 11 फीसदी का इजाफा दर्ज किया गया है। इस बढ़ोतरी के साथ ही विश्व स्तर पर भारत अरबपतियों की संख्या के मामले में दूसरे देशों से कहीं आगे निकल चुका है। अमेरिका-चीन के बाद भारत : संपत्ति सलाहकार फर्म नाइट फ्रैंक के अनुसार, भारत 2021 में विश्व स्तर पर अरबपतियों की आबादी में तीसरे स्थान पर है। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों पर नजर डालें तो अमेरिका 748 अरबपतियों के साथ नंबर एक मौजूद है। इसके बाद 554 अरबपतियों के साथ चीन दूसरे स्थान पर काबिज है। वहीं इस मामले में लंबी छलांग लगाते हुए अमेरिका और चीन के बाद अब 145 अरबपतियों के साथ भारत तीसरे पायदान पर काबिज हो गया है। वैश्विक स्तर पर भी बढ़ोतरी : द वेल्थ रिपोर्ट 2022 में कहा गया कि वैश्विक स्तर पर अल्ट्राएचएनआई की संख्या 2021 में 9.3 प्रतिशत बढ़कर 6,10,569 हो गई, जो पिछले साल समान अवधि में 5,58,828 से थी। नाइट फ्रैंक के मुताबिक, भारत में अरबपतियों की संख्या में लगातार तेजी आ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में इनकी संख्या 2021 में बढ़कर 13,637 हो गई, जो कि इससे पिछले वर्ष 2020 में 12,287 थी। बेंगलुरु में सबसे ज्यादा अमीर : रिपोर्ट के मुताबिक, अमीरों के मामले में प्रमुख भारतीय शहरों की बात करें तो इस पायदान में बेंगलुरु अव्वल है। 226 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति वाले अमीरों की संख्या वाले शहरों में सबसे अधिक 17.1 प्रतिशत के साथ बेंगलुरु, दूसरे नंबर पर दिल्ली 12.4 प्रतिशत और मुंबई 9 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर रहा। नाइट फ्रैंक ने ऐसे अमीरों की संख्या 2026 तक 39 प्रतिशत बढ़कर 19,006 होने का अनुमान लगाया है। 2016 में इनकी संख्या 7,401 थी। अमीरों की संपत्ति में आएगा उछाल : नाइट फ्रैंक इंडिया के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि इक्विटी बाजार और डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिलना भारत में यूएचएनडब्ल्यूआई की वृद्धि में प्रमुख कारक रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, भारत में लगभग 69 प्रतिशत अति धनी व्यक्तियों की संपत्ति में इस साल 10 प्रतिशत से अधिक के उछाल की संभावना है।
एबीएन डेस्क। बॉलीवुड सितारों ने अपने प्रशंसकों को महाशिवरात्रि की शुभकामनायें दी है। देशभर में आज महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। बॉलीवुड सितारों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर कर फैंस को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं दी हैं। बॉलीवुड की ड्रीम गर्ल हेमा मालिनी ने पोस्ट शेयर कर लिखा, आप सभी को महाशिवरात्रि की शुभकामनाएं। यह वार्षिक उत्सव भगवान शिव का आशीर्वाद पाने वाले सभी भक्तों द्वारा बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है, जिनमें से कुछ तो कुल निर्जल उपवास भी रखते हैं, जो अगले दिन शुभ घड़ी में ही टूटता है। प्रियंका चोपड़ा और उनके पति निक जोनस ने फैमिली मेंबर्स के साथ लॉस एंजेलिस स्थित अपने घर में महाशिवरात्रि पर पूजा की है। जिसकी फोटो प्रियंका ने सोशल मीडिया स्टोरी पर शेयर कर लिखा, महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं। हर हर महादेव। उन सभी लोगों को हैप्पी महाशिवरात्रि, जो सेलिब्रेट कर रहे हैं। ओम नम: शिवाय। अजय देवगन ने भगवान शिव का एक मोशन फोटो शेयर कर लिखा, ओम नम: शिवाय। अभिषेक बच्चन ने लिखा, हर हर महादेव। महाशिवरात्रि। मौनी रॉय ने अपनी फोटोज शेयर कर लिखा, करपूर गौरम करूणावतारम। संसार सारम भुजगेन्द्र हारम। सदा वसंतम हृदयारविंदे। भवम भवानी सहितं नमामि। आप सभी को महाशिवरात्री की हार्दिक शुभकामनाएं। कंगना रणौत भगवान शिव की बहुत बड़ी भक्त हैं। वह अक्सर शिव की पूजा-अर्चना करती हुई नजर आती हैं।कंगना ने अपनी इंस्टा स्टोरी पर एक वीडियो शेयर किया है, जिस पर शिवरात्रि की शुभकामनाएं लिखा हुआ है। आशुतोष राणा ने शिव तांडव स्रोत गाते हुए अपना एक वीडियो शेयर कर लिखा, शिव तांडव स्तोत्र का उसी लय और ताल में प्रिय आलोक के द्वारा हिन्दी में किया गया सरल भावानुवाद निश्चित ही करोड़ों-करोड़ शिवानुरागियों के आनंद का कारण बनेगा। महादेव से प्रार्थना है की वे संसार में व्याप्त विकृति का संहार कर प्रकृति का रक्षण एवं संवर्धन करें, हर हर महादेव।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। इंटर गवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (आईपीसीसी) ने सोमवार को जारी अपनी ताजा रिपोर्ट में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उत्सर्जन में कटौती नहीं की गई तो मानव की उत्तरजीविता, भोजन और पानी की कमी, समुद्र के ऊंचे स्तर से लेकर गंभीर आर्थिक क्षति तक भारत को गंभीर रूप से नुकसान होगा। आईपीसीसी वर्किंग ग्रुप की रिपोर्ट "जलवायु परिवर्तन 2022: प्रभाव, अनुकूलन और भेद्यता" पर दूसरी किस्त में कहा गया है कि अगर उत्सर्जन को तेजी से समाप्त नहीं किया गया वैश्विक स्तर पर गर्मी और आर्द्रता मानव सहनशीलता से परे स्थितियां पैदा करेंगी और भारत उन स्थानों में से है जो इन असहनीय हालात का अनुभव करेगा। जलवायु संबंधी जोखिम बढ़ेंगे : रिपोर्ट में आगाह किया गया है कि एशिया में कृषि और खाद्य प्रणालियों के लिए जलवायु संबंधी जोखिम पूरे क्षेत्र में अलग-अलग प्रभावों के साथ बदलती जलवायु के साथ बढ़ते जाएंगे। यह मानते हुए कि तापमान 1 डिग्री सेल्सियस से 4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ेगा, भारत में चावल का उत्पादन 10 से 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है, जबकि मक्के का उत्पादन 25 से 70 प्रतिशत तक घट सकता है। 31 डिग्री सेल्सियस का गीला-बल्ब तापमान घातक : गीले-बल्ब तापमान का जिक्र करते हुए, एक उपाय जो गर्मी और आर्द्रता को जोड़ता है, इस रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि यदि उत्सर्जन में वृद्धि जारी रहती है तो गीले-बल्ब का तापमान भारत के अधिकांश हिस्सों में 35 डिग्री सेल्सियस की अनुपयोगी सीमा तक पहुंच जाएगा या उससे अधिक हो जाएगा। 31 डिग्री सेल्सियस का गीला-बल्ब तापमान मनुष्यों के लिए बेहद खतरनाक है, जबकि 35 डिग्री सेल्सियस होने पर छाया में आराम करने वाले फिट और स्वस्थ वयस्क भी लगभग छह घंटे से अधिक समय तक जीवित नहीं रह सकते हैं। अभी भारत में वेट-बल्ब का तापमान शायद ही कभी 31 डिग्री सेल्सियस से अधिक होता है, देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम वेट-बल्ब तापमान 25-30 डिग्री सेल्सियस रहता है। रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों जलवायु और गैर-जलवायु वाहक जैसे कि सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों ने एशिया के सभी उप-क्षेत्रों में जल आपूर्ति और मांग दोनों में जल संकट की स्थिति पैदा कर दी है। 21वीं सदी के मध्य तक भारत में अमु दरिया, सिंधु, गंगा और अंतर-राज्यीय साबरमती-नदी बेसिन के अंतरराष्ट्रीय ट्रांसबाउंड्री नदी बेसिन गंभीर जल संकट चुनौतियों का सामना कर सकते हैं, क्योंकि जलवायु परिवर्तन एक चिंता बढ़ाने के कारक के रूप में कार्य कर रहा है। ग्लोबल वार्मिंग के कारण एशियाई देशों में इस सदी के अंत तक सूखे की स्थिति (5-20 प्रतिशत) में वृद्धि का अनुभव हो सकता है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। रूस-यूक्रेन संकट से द्विपक्षीय कारोबार के मामले में भारत पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन तेल के दाम में तेजी आने से अर्थव्यवस्था के समक्ष जोखिम पैदा हो सकता है। शुक्रवार को जारी बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) अर्थशास्त्रीय शोध रिपोर्ट में यह आशंका जताई गई। इसमें कहा गया है, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गये हैं। इससे बाह्य स्तर पर स्थिरता तथा रुपये की गतिविधियों को लेकर जोखिम है। रूस ने यूक्रेन पर सैन्य धावा बोला है। इससे जनजीवन प्रभावित होने के साथ क्षेत्र में विभिन्न समस्याएं बढ़ेंगी। पश्चिमी देश रूस के कदम के विरोध में उस पर वित्तीय पाबंदियां लगा रहे हैं। दुनिया के अन्य भागों में आर्थिक प्रभाव जिंसों के ऊंचे दाम, मुद्रास्फीति में तेजी और वृद्धि पर नकारात्मक प्रभाव यानी गतिहीन मुद्रास्फीति (स्टैगफ्लेशन) के रूप में देखने को मिल सकता है। इनवेस्को ने एक रिपोर्ट में कहा, अगर यह संकट बढ़ता है और ईरान की तरह रूस को पश्चिमी भुगतान और त्वरित संदेश प्रणाली (स्विफ्ट) से बेदखल किया जाता है तो ऊर्जा आपूर्ति में बाधा से गंभीर गतिहीन मुद्रास्फीति की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। रूस, यूरोप को 40 प्रतिशत गैस की आपूर्ति करता है जबकि कोयला समेत ठोस ईंधन की आपूर्ति में उसकी हिस्सेदारी आधी है। साथ ही एक तिहाई तेल की भी आपूर्ति करता है। अब तक अमेरिका ने रूस को वैश्विक भुगतान प्रणाली के उपयोग से प्रतिबंधित नहीं किया है। बीओबी आर्थिक शोध रिपोर्ट के अनुसार, रूस-यूक्रेन संकट से द्विपक्षीय कारोबार को लेकर भारत पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा लेकिन तेल के दाम में तेजी से अर्थव्यवस्था के लिये बड़ा जोखिम है। वित्त वर्ष 2022-23 के केंद्रीय बजट और आरबीआई की द्विमासिक मौद्रिक नीति दोनों इस संकट से पहले पेश की गयी और उसमें कच्चे तेल की ऊंची कीमत के प्रभाव को शामिल नहीं किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, बजट और आरबीआई की मौद्रिक नीति में कच्चे तेल की कीमत 75 डॉलर प्रति बैरल रहने का अनुमान रखा गया है। हालांकि यह कीमत स्तर आने वाले समय में चुनौतीपूर्ण हो सकता है। भारत अपनी तेल जरूरतों का 80 प्रतिशत आयात करता है। वित्त वर्ष 2020-21 में भारत ने 82.7 अरब डॉलर का तेल आयात किया था। जबकि चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जनवरी के दौरान 125.5 अरब डॉलर का तेल आयात किया गया है। हालांकि अब तेल की कीमत 8 साल के उच्च स्तर पर है, ऐसे में तेल आयात बिल ऊंचा रह सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 में तेल आयात 155.5 अरब डॉलर रह सकता है। आर्थिक गतिविधियों में सुधार के साथ अगले वित्त वर्ष में भी तेल आयात में सुधार की उम्मीद है। तेल मांग में 5 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद है। इसमें कहा गया है, हमारा अनुमान है कि तेल के दाम में स्थायी तौर पर 10 प्रतिशत की वृद्धि से तेल आयात में 15 अरब डॉलर या जीडीपी का 0.4 प्रतिशत का इजाफा हो सकता है। इससे चालू खाते का घाटा बढ़ेगा। तेल के दाम में तेजी से रुपये पर भी असर पड़ा है। इससे व्यापार घाटा बढ़ेगा और अंतत: अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मोर्चे पर स्थिरता प्रभावित होगी। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि कच्चे तेल के दाम में 10 प्रतिशत की तेजी से उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति में प्रत्यक्ष एवं परोक्ष 0.15 प्रतिशत प्रभाव पड़ेगा। जबकि थोक मुद्रास्फीति का कच्चा तेल संबंधित उत्पादों में भारांश 7.3 प्रतिशत है। ऐसे में 10 प्रतिशत की वृद्धि से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से थोक महंगाई दर में करीब एक प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। अमेरिका द्वारा भारत को 30 प्रीडेटर सशस्त्र ड्रोन बेचने पर बातचीत अंतिम चरण में है। इसकी अनुमानित लागत तीन अरब डॉलर है। कई सूत्रों ने यह पुष्टि की है। यह पहली बार है जब अमेरिका किसी गैर नाटो सहयोगी देश को ये ड्रोन बेच रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 2017 में अमेरिका की यात्रा के दौरान पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत इस प्रमुख रक्षा सौदे की घोषणा की गई थी। इसके बाद दोनों देशों ने इस पर बातचीत तेज कर दी और भारत को बेचे जाने वाले ऐसे ड्रोन की संख्या 10 से बढ़ाकर 30 कर दी। इनमें से प्रत्येक 10 ड्रोन नौसेना, वायु सेना और थल सेना को दिए जाएंगे। सरकारी सूत्रों ने बताया कि भारत और अमेरिका सरकार के बीच 30 विमानों के प्रीडेटर/एमक्यू9बी खरीद कार्यक्रम पर बाचतीत अंतिम चरण में है। सूत्रों ने बताया कि यह प्रमुख रक्षा साझेदार का दर्जा बनाए रखने की क्षमता है जिस पर विभिन्न मूलभूत समझौतों और एमटीसीआर में भारत के शामिल होने के जरिए कई वर्षों से काम किया गया है। भारत इस क्षमता को हासिल करने वाला पहला गैर-नाटो साझेदार होगा। रक्षा उद्योग में इन आधुनिक ड्रोन का कोई सानी नहीं है। इनका निर्माण जनरल एटॉमिक्स करेगा।
एबीएन सेंट्रल डेस्क। गौ, गंगा और ब्राह्मण धरती के प्रत्यक्ष देवता हैं। रघुवंश की उत्पत्ति भी गौमाता के आशीर्वाद से ही हुई है। गौ आधारित जैविक खेती अपनाकर किसान और कृषि जहरमुक्त, समृद्धशाली व स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी भागीदारी निभा सकते हैं। उक्त विचार भारतीय किसान के अखिल भारतीय अधिवेशन के शुभारंभ के अवसर पर महामंडलेश्वर श्रीश्री 1008 स्वामी पंचमानंद जी ने व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि किसान जैविक खाद और प्राकृतिक खेती को अपनायें व रासायनिक उर्वरक के स्थान पर गौमूत्र से निर्मित कीटनाशक का उपयोग करें। स्वागत उद्बोधन देते हुए राष्ट्रीय मंत्री मोहिनी मोहन मिश्र ने भारतीय किसान संघ के प्रतिवेदन को रखते हुए किसान संघ की संगठनात्मक गतिविधियों से अवगत कराया। श्री मिश्र ने कहा कि लागत के आधार पर लाभकारी मूल्य किसान का हक है। भारतीय किसान संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष आई एन बसवेगौड़ा ने कार्यक्रम में आभार व्यक्त करते हुये कहा कि कृषि व किसान को आत्मनिर्भर बनाने के लिये स्वाबलंबी व रोजगारयुक्त ग्राम की अवधारणा पर काम करना होगा। तभी खेती को लाभ का धंधा बनाया जा सकेगा। देश व दुनिया के सबसे बड़े किसान संगठन में शुमार भारतीय किसान संघ के 13वें अखिल भारतीय अधिवेशन का शुभारंभ भारत माता व कृषि देवता भगवान बलराम पूजन के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर पुरानी गल्ला मण्डी स्थित महादेवी परिसर में हुआ। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 स्वामी पंचमानंद जी व भारतीय किसान संघ के केन्द्रीय पदाधिकारीयों की मौजूदगी में ध्वजारोहण, गौ माता व फसल पूजन का कार्यक्रम संपन्न हुआ। इस अवसर पर मंच पर अखिल भारतीय अध्यक्ष श्री आई एन वसवेगौड़ा, उपाध्यक्ष भैयाराम जी मौर्य, उपाध्यक्ष श्रीमति विमला तिवारी, उपाध्यक्ष अम्बुभाई पटेल, राष्ट्रीय मंत्री मोहिनी मोहन मिश्र जी उपस्थित रहे। मौके पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख व भारतीय किसान संघ के संपर्क अधिकारी रामलाल जी, किसान संघ के राष्ट्रीय संगठन मंत्री दिनेश कुलकर्णी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री महेश चौधरी, प्रदेश अध्यक्ष कमल सिंह आंजना, मध्यभारत के प्रांत अध्यक्ष कैलाश सिंह ठाकुर, प्रांत महामंत्री पवन शर्मा, महाकौशल प्रांत अध्यक्ष गजराज सिंह, प्रांत महामंत्री प्रहलाद पटेल, मालवा के प्रांत अध्यक्ष रामप्रसाद सूर्या, प्रांत महामंत्री रमेश दांगी, प्रांत संगठन मंत्री मनीष शर्मा, भरत पटेल, अतुल माहेश्वरी सहित देशभर से आये किसान संघ के पदाधिकारियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। तीन दिवसीय अधिवेशन में देश भर के सभी प्रदेशों के किसान संघ के पदाधिकारी व 500 से अधिक जिलों के किसान प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। इस अधिवेशन में भारतीय किसान संघ दस सत्रों में कृषि व किसान के विभिन्न विषयों पर चर्चा करेगा। अधिवेशन के दूसरे दिन शोभायात्रा व किसान सभा का आयोजन होगा। जिसमें देश भर से आये हजारों किसान बन्धु सम्मिलित होंगे। प्लास्टिक मुक्त रखा गया है परिसर : अखिल भारतीय अधिवेशन स्थल को प्लास्टिक मुक्त रखा जा रहा है। किसान संघ के क्षेत्र संगठन मंत्री महेश चौधरी ने बताया कि अधिवेशन में भोजन व्यवस्था हो अन्य व्यवस्थाएं सभी जगह हम प्लाटस्टिक मुक्त व्यवस्थायें कर रहे हैं। जिससे प्लास्टिक मुक्त अभियान को बल मिलेगा और प्रकृति की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। भारतीय किसान संघ की शोभायात्रा और सभा सम्पन्न : भारतीय किसान संघ शोभायात्रा और किसान सभा ने 26 फरवरी को भोपाल में किसानों की शोभायात्रा की। इस रैली में देश के 500 जिलों के हजारों किसान शामिल होंगे। शोभायात्रा लाल परेड ग्राउंड के पास एम वी एम कॉलेज ग्राउंड से प्रारंभ होकर राजभवन मार्ग, रोशनपुरा चौराहा, रंगमहल टॉकीज, टी टी नगर थाना, अपैक्स बैंक, पत्रकार भवन, मालवीय नगर से होते हुए एम वी एम कॉलेज ग्राउंड पर समाप्त होगी, यहां पर एक विशाल किसानसभा आयोजित की जावेगी। उक्त जानकारी भारतीय किसान संघ मध्य प्रदेश के प्रदेश प्रचार प्रमुख, राघवेन्द्र सिंह पटेल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। बताते चलें कि दिनांक भारतीय किसान संघ झारखंड प्रदेश से जय सिंह, क्षेत्र संगठन मंत्री प्रकाश नारायण तिवारी, प्रशांत खाखा, मनधीरन महतो, मनोज साहू, प्रकाश नारायण, छत्रधारी महतो, दीपक उरांव, नकुल मुंडा, वीरेंद्र साहू, घूरन महतो, दिनेश सिंह, विजय कुमार एवं विभिन्न जिलों के पदाधिकारी शामिल हुए।
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